NCERT Notes Class 6 science Chapter 6: Materials Around Us के अंतर्गत । वस्तुओं के बिखरे हुए और अव्यवस्थित स्वरूप की समझ से मुक्त होकर, उनके विशिष्ट गुणों, बनावट और संरचना के व्यवस्थित वर्गीकरण (Classification) के संकल्प के साथ, इस व्यावहारिक विज्ञान ने प्रकृति को समझने की अपनी तार्किक क्षमता को प्राप्त किया। दिखावट, कठोरता, घुलनशीलता, पारदर्शिता और घनत्व (तैरना या डूबना) जैसे बुनियादी भौतिक गुणों के माध्यम से क्रमिक रूप से विकसित होता यह विषय, हमारी दैनिक उपयोग की छोटी वस्तुओं से लेकर विशाल औद्योगिक निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियों तक एक सुदृढ़ व्यावहारिक ताने-बाने में बंधा है।
हमारे चारों ओर की वस्तुओं का अवलोकन / Observing Objects Around Us
- पदार्थ (Material) की परिभाषा: विज्ञान के अनुसार किसी भी वस्तु (Object) का निर्माण करने के लिए उपयोग किए जाने वाले बुनियादी द्रव्य या तत्व को ‘मटेरियल’ या पदार्थ कहा जाता है।
- विविधता: हमारे दैनिक जीवन की सभी वस्तुएं अलग-अलग गुणों वाले विभिन्न पदार्थों जैसे कागज़, लकड़ी, कपड़ा, काँच, धातु, प्लास्टिक और मिट्टी से मिलकर बनती हैं।
प्राचीन भारतीय मृदभांड कला और तकनीकी विकास
| ऐतिहासिक काल/स्थल | समय काल | मृदभांड तकनीक और विशेषताएँ |
| लाहुरादेवा (गंगा मैदान) और मेहरगढ़ (बलूचिस्तान) | लगभग 7,000 से 8,000 वर्ष पूर्व | * भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीनतम मिट्टी के बर्तनों (Earliest Pottery) के साक्ष्य मिले। |
| सिंधु-सरस्वती क्षेत्र (शुरुआती चरण) | 4000 ईसा पूर्व (BCE) से आगे | * चाक से बने बर्तनों (Wheel-turned pottery) का उत्पादन शुरू हुआ। * बर्तनों पर पिगमेंटेशन (रंगद्रव्य) और बहु-रंगीन सुरक्षात्मक/सजावटी परतों (Slips) का प्रयोग आरंभ हुआ। |
| सिंधु-सरस्वती / हड़प्पा सभ्यता (परिपक्व चरण) | 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व | * चमकदार लाल सतह पर काले रंग से डिज़ाइन (Black-on-Red Ware)। * ज्यामितीय पैटर्न, जलीय और स्थलीय जीवों के चित्र। |
मिट्टी के बर्तनों की निर्माण प्रक्रिया
लेख के अनुसार, हड़प्पा काल की परिष्कृत मिट्टी की कला केवल कलात्मक नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित वैज्ञानिक प्रक्रिया थी:
- चयन व सफाई: विशिष्ट प्रकार की मिट्टी का सावधानीपूर्वक चयन, छनाई (Sieving) और गूंथना (Kneading)।
- आकार देना: चाक (Wheel) पर घुमाकर वांछित बर्तन या जार बनाना।
- पकाना (Baking): अंत में बर्तनों को भट्टियों (Kilns) में पकाया जाता था। पकी हुई मिट्टी को ही ‘टेराकोटा’ कहा जाता है।
- उपयोग: इन बर्तनों का उपयोग मुख्य रूप से खाना पकाने और अनाज, तेल व घी के दीर्घकालिक भंडारण (Storage jars) के लिए किया जाता था।
पदार्थों का समूहन कैसे करें? / How to Group Materials?
- वर्गीकरण (Classification) की परिभाषा: वस्तुओं या पदार्थों को उनकी किसी समान विशेषता या गुण के आधार पर व्यवस्थित समूहों में बांटने की पद्धति को वर्गीकरण कहा जाता है।
- वर्गीकरण के मुख्य आधार (Basis of Grouping): वस्तुओं को उनके आकार (Shape), रंग (Colour), कठोरता (Hardness), कोमलता (Softness), चमक (Shine/Lustre), धुंधलेपन (Dullness) या वे किस सामग्री से बने हैं, इसके आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है।
- पदार्थ और वस्तु का अंतर्संबंध:
- एक ही वस्तु को बनाने के लिए अलग-अलग पदार्थों का उपयोग किया जा सकता है (जैसे: एक टम्बलर/ग्लास का निर्माण काँच, प्लास्टिक, स्टील, या मिट्टी से हो सकता है)।
- एक ही पदार्थ का उपयोग कई अलग-अलग वस्तुओं को बनाने के लिए भी किया जा सकता है।
उद्देश्य और गुणों के आधार पर पदार्थों का चयन
| वस्तु (Object) | संभावित पदार्थ (Materials) | चयन का वैज्ञानिक कारण |
| जल पात्र / टम्बलर | काँच, धातु (स्टील, तांबा), प्लास्टिक, मिट्टी। | पदार्थ में जल धारण करने की क्षमता (Capable of holding water) होनी चाहिए। कपड़े या कागज का ग्लास पानी रोक नहीं सकता। |
| खाना पकाने के बर्तन | धातु (एल्युमिनियम, लोहा, तांबा), सिरेमिक। | इनमें उच्च ऊष्मा प्रतिरोध (Heat resistance) होना चाहिए। कागज या प्लास्टिक जैसे पदार्थ आग पर जल जाएंगे। |
| लेखन पेन | प्लास्टिक, धातु, स्याही (Ink) का मिश्रण। | वस्तु के विभिन्न भागों (जैसे बॉडी, निब, रीफिल) की अलग-अलग आवश्यकताओं के लिए मिश्रित पदार्थों का उपयोग होता है। |
खेल सामग्रियों में पदार्थों का अनुप्रयोग (Materials in Sports)
- तनाव और उछाल (Elasticity & Bounce): टेनिस बॉल, क्रिकेट बॉल, और हैंड एक्सरसाइज बॉल को एक ही ऊंचाई से गिराने पर उनका बाउंस लेवल (High, Medium, Low) अलग-अलग होता है।
- विशिष्ट चयन का कारण: खेल की आवश्यकता के अनुसार गेंदों का आकार, वजन, बनावट (Texture) और उछाल तय किया जाता है। यही कारण है कि क्रिकेट बॉल से टेनिस नहीं खेला जा सकता क्योंकि क्रिकेट बॉल अत्यधिक कठोर होती है और उसका आघात गंभीर चोट पहुंचा सकता है।
दैनिक जीवन में वर्गीकरण के व्यावहारिक लाभ
व्यवस्था और त्वरित पहचान के लिए समाज और व्यापार में वर्गीकरण का उपयोग व्यापक स्तर पर किया जाता है:
- रसोई घर (Kitchen): समान बर्तनों को एक साथ रखना।
- किराना दुकान (Grocer Shop): मसालों को एक कोने में, दालों और अनाजों को दूसरे कोने में व्यवस्थित करना।
- औषधि केंद्र (Chemist Shop): दवाइयों को वर्णानुक्रम (Alphabetical) या उनकी चिकित्सीय श्रेणी के अनुसार व्यवस्थित करना।
पदार्थों के विभिन्न गुण क्या हैं? / What are the different Properties of Materials?
पदार्थों को उनकी भौतिक और रासायनिक विशेषताओं के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया जाता है, जो उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों को निर्धारित करती हैं।
सामग्रियों के स्वरूप का अवलोकन करें और पहचान
- द्युति/चमक (Lustre): जिन पदार्थों की सतह चमकदार होती है, उन्हें द्युतिमान (Lustrous) कहते हैं। ये मुख्य रूप से धातुएं (Metals) होती हैं।
- उदाहरण: लोहा (Iron), तांबा (Copper), जस्ता (Zinc), एल्युमिनियम (Aluminium), सोना (Gold)।
- चमक का कम होना (Dullness): हवा और नमी (Air & Moisture) के प्रभाव (Oxidation/Corrosion) के कारण कुछ धातुओं की चमक फीकी पड़ जाती है। इसलिए उनकी चमक केवल उनकी ताजी कटी हुई सतहों (Freshly cut surfaces) पर ही स्पष्ट दिखाई देती है।
- द्युतिहीन पदार्थ (Non-lustrous): जिनकी सतह चमकदार नहीं होती। (जैसे: कागज, लकड़ी, रबर, जूट)।
- अपवाद/मेंटर नोट: “हर चमकने वाली चीज़ सोना (या धातु) नहीं होती।” पॉलिश या प्लास्टिक/मोम (Wax) की कोटिंग द्वारा गैर-धातुओं की सतह को भी चमकदार बनाया जा सकता है।
कठोरता और कोमलता
- कोमल पदार्थ (Soft): जिन्हें आसानी से दबाया (Compress) या खरोंचा (Scratch) जा सकता है। (जैसे: स्पंज, मोमबत्ती, चाक, इरेज़र)।
- कठोर पदार्थ (Hard): जिन्हें दबाना या चाबी/धातु से खरोंचना अत्यंत कठिन होता है। (जैसे: पत्थर, लोहा, ईंट)।

- सापेक्षिक प्रकृति (Relative Nature): कठोरता एक तुलनात्मक गुण है। उदाहरण के लिए, रबर स्पंज से कठोर है लेकिन लोहे से कोमल है।
प्रकाश की पारगम्यता
| श्रेणी (Category) | वैज्ञानिक परिभाषा (Definition) | प्रयोगात्मक उदाहरण (Examples) |
| पारदर्शी (Transparent) | जिनके आर-पार वस्तुओं को बिल्कुल स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। | काँच (Glass), जल, वायु, सेलोफेन पेपर (Cellophane paper)। |
| अपारदर्शी (Opaque) | जिनके आर-पार बिल्कुल भी देखा नहीं जा सकता। | लकड़ी (Wood), कार्डबोर्ड, धातुएं, दीवार। |
| पारभासी (Translucent) | जिनके आर-पार वस्तुएं दिखाई तो देती हैं, परंतु स्पष्ट नहीं (धुंधली/Hazy)। | बटर पेपर (Butter paper), घिसा हुआ या फ्रॉस्टेड काँच (Frosted glass)। |
जल में विलेयता
- विलेय (Soluble): जो पदार्थ जल में मिलाने और हिलाने पर पूरी तरह लुप्त (Disappear) हो जाते हैं, वे जल में घुलनशील कहलाते हैं। (जैसे: चीनी, नमक, नींबू का रस)।
- अविलेय (Insoluble): जो पदार्थ लंबे समय तक हिलाने पर भी पानी में नहीं घुलते और अपनी अलग परत बना लेते हैं। (जैसे: चाक पाउडर, रेत, लकड़ी का बुरादा/Sawdust, तेल)।

- महत्व: जल हमारे शरीर के कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बड़ी संख्या में पदार्थों को घोल सकता है। जल में घुली हुई ऑक्सीजन गैस (Oxygen) जलीय पौधों और जीवों के जीवन की उत्तरजीविता (Survival) के लिए अनिवार्य है।
ओआरएस (ORS – Oral Rehydration Solution)
- उपयोग: दस्त (Diarrhoea) या अन्य बीमारियों के कारण होने वाले निर्जलीकरण (Dehydration) के उपचार में।
- घरेलू निर्माण विधि: 1 लीटर उबले और ठंडे किए गए पानी में 6 छोटी चम्मच चीनी (Sugar) और आधा चम्मच साधारण नमक (Common Salt) मिलाकर इसे तैयार किया जाता है।
द्रव्यमान का सिद्धांत
- द्रव्यमान (Mass): कोई वस्तु कितनी भारी या हल्की है, इसे ‘द्रव्यमान’ नामक गुण से मापा जाता है। जिस वस्तु का वजन अधिक होता है, उसका द्रव्यमान अधिक होता है।
- नोट: सामान्य बोलचाल में द्रव्यमान के लिए ‘वजन’ (Weight) शब्द का प्रयोग किया जाता है, परंतु उच्च भौतिकी में ये दोनों भिन्न हैं (भार गुरुत्वाकर्षण पर निर्भर करता है, द्रव्यमान नियत रहता है)।
स्थान और आयतन
- आयतन (Volume): किसी भी वस्तु (ठोस, द्रव या गैस) द्वारा घेरा गया कुल स्थान (Space occupied) उसका आयतन कहलाता है।
- धारिता (Capacity): बर्तनों या बोतलों की क्षमता को दर्शाने के लिए व्यावसायिक रूप से लीटर (L) या मिलीलीटर (mL) का उपयोग किया जाता है (जैसे: 200 mL, 500 mL, 1 L)। यदि किसी पात्र का आयतन उसकी क्षमता से कम है, तो वह आंशिक रूप से खाली रहेगा।
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (GS-3: सामान्य विज्ञान – पदार्थ और मापन के मूल सिद्धांत) के दृष्टिकोण से दिए गए लेख के सभी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तथ्यों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के नोट्स नीचे दिए गए हैं:
पदार्थ क्या है? / What is Matter?
- पदार्थ की परिभाषा: ब्रह्मांड की कोई भी ऐसी वस्तु जो स्थान घेरती है (Occupies space) और जिसमें द्रव्यमान (Mass) होता है, उसे ‘पदार्थ’ (Matter) कहा जाता है।
- सार्वभौमिक गुण (Universal Properties): द्रव्यमान (Mass) और आयतन (Volume) दो ऐसे मूलभूत गुण हैं, जो दुनिया के सभी पदार्थों/सामग्रियों में अनिवार्य रूप से पाए जाते हैं।
- पदार्थ और सामग्री में अंतर: ‘सामग्री’ या ‘सामान’ (Material) वास्तव में पदार्थ के वे विशिष्ट प्रकार हैं जिनका उपयोग किसी वस्तु के निर्माण या निर्माण प्रक्रिया में किया जाता है।
- व्यावहारिक उदाहरण: जल, रेत, कंकड़, कप, और यहाँ तक कि वायु (Air) भी पदार्थ है, क्योंकि वायु अदृश्य होने के बावजूद स्थान घेरती है और उसका अपना द्रव्यमान होता है।
मापन की इकाइयाँ और अंतर्राष्ट्रीय मानक
| भौतिक राशि (Quantity) | एस.आई. इकाई (SI Unit) | व्यावहारिक इकाई (Practical Unit) | मानक लेखन नियम और संबंध |
| द्रव्यमान (Mass) | किलोग्राम (kg) | ग्राम (g) | अंग्रेजी के छोटे अक्षरों में kg लिखा जाता है (‘k’ और ‘g’ के बीच कोई स्पेस नहीं होता)।बहुवचन (जैसे kgs) लिखना सर्वथा गलत है। संख्या और इकाई के बीच हमेशा स्पेस होना चाहिए (जैसे: 7 kg)। |
| आयतन (Volume) | घन मीटर | लीटर (L), मिलीलीटर (mL) | लीटर को हमेशा कैपिटल L और मिलीलीटर को mL लिखा जाता है (m छोटा, L बड़ा)।संख्या और इकाई के बीच स्पेस आवश्यक है (जैसे: 500 mL, 2 m^3)। इकाई रूपांतरण सूत्र: 1m^3 = 1000 L |
वर्गीकरण का महत्व
- अध्ययन में सुगमता: पदार्थों को उनकी विशेषताओं में समानताओं या असमानताओं के आधार पर समूहों में बांटने से उनके गुणों के छिपे हुए पैटर्न को समझना और उनका व्यवस्थित अध्ययन करना आसान हो जाता है।
- ऐतिहासिक व वैज्ञानिक निरंतरता: मानव सभ्यता अनादि काल से न केवल मानव-निर्मित वस्तुओं का, बल्कि प्राकृतिक चट्टानों, पौधों और जीवों का भी वर्गीकरण करती आई है। जिस प्रकार सजीव जगत का वर्गीकरण (Classification of Living World) जैव-विविधता को समझने के लिए किया जाता है, ठीक उसी प्रकार निर्जीव जगत (Non-living world) का वर्गीकरण भी उनके भौतिक व रासायनिक गुणों के आधार पर किया जाता है।