24 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
24 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत युवाओं को डिजिटल तकनीकों से लैस करने वाली राष्ट्रव्यापी क्लाउड और एआई कौशल पहल (NSDC, Cultus और AWS), खेल कूटनीति को मजबूती देने वाली ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक और ‘संयुक्त घोषणापत्र’ (2026), वैज्ञानिक अनुसंधान में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने वाली 14वीं ब्रिक्स विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रिस्तरीय बैठक (‘चेन्नई घोषणापत्र’), पशुधन अर्थव्यवस्था को सुरक्षा प्रदान करने वाले राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP), नौसेना की तटीय रक्षा क्षमता में वृद्धि करने वाले स्वदेशी एंटी-सबमरीन वारफेयर क्राफ्ट ‘मांगरोल’, तथा भारत को ‘विश्व की प्रयोगशाला’ बनाने के संकल्प पर आधारित स्वास्थ्य सेवा में AI और भारतीय फार्मा क्षेत्र के अभूतपूर्व योगदान का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रव्यापी क्लाउड और एआई कौशल पहल (NSDC, Cultus और AWS) चर्चा में क्यों? कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के तत्वावधान में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और Cultus Education ने अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) के सहयोग से एक राष्ट्रव्यापी क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कौशल पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं को क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई में प्रशिक्षित कर ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को गति देना है। मुख्य बिंदु: प्रशिक्षण मॉडल, लाभार्थी और क्रियान्वयन 1. प्रशिक्षण का दो-स्तरीय ढांचा 2. AWS re/Start और Cultus का क्रियान्वयन 3. प्रमुख विशेषताएं और समापन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मुख्य नोडल एजेंसियां NSDC (MSDE के तहत) + Cultus Education प्रौद्योगिकी साझेदार अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) कुल लाभार्थी (लक्ष्य) 1,50,000 (बुनियादी साक्षरता) + 10,000 (गहन कौशल) प्रमुख कार्यक्रम AWS re/Start (निःशुल्क, कोहोर्ट-आधारित प्रशिक्षण) डिलीवरी का माध्यम 100% ऑनलाइन (टियर-2 और टियर-3 शहरों पर केंद्रित) समापन कार्यक्रम राष्ट्रीय हैकाथॉन ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक और ‘संयुक्त घोषणापत्र’ (2026) चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Chairship 2026) के तहत विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) में ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक का आयोजन हुआ। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ‘ब्रिक्स खेल संयुक्त घोषणापत्र’ (BRICS Sports Joint Declaration) को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। मुख्य बिंदु: खेल साझेदारी और 3 प्रमुख नई पहलें 1. भारत द्वारा शुरू की गई 3 प्रमुख पहलें 2. खेल अवसंरचना और ‘मेक इन इंडिया’ 3. BRICS फ्रेंडशिप साइकिलिंग इवेंट प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन स्थल विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश स्वीकृत दस्तावेज ब्रिक्स खेल संयुक्त घोषणापत्र अध्यक्षता करने वाला देश भारत (खेल मंत्री: डॉ. मनसुख मंडाविया) स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव उदयपुर, राजस्थान (नवंबर 2026) पारंपरिक व स्वदेशी खेल आयोजन अहमदाबाद, गुजरात (12-13 अक्टूबर 2026) संबद्ध स्वास्थ्य अभियान फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल (87वां संस्करण) 14वीं ब्रिक्स विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रिस्तरीय बैठक: ‘चेन्नई घोषणापत्र’ चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Chairship 2026) के तहत आयोजित 14वीं ब्रिक्स विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रिस्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से ‘चेन्नई घोषणापत्र’ को अपनाया गया। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई यह बैठक वर्ष 2026 की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण” पर केंद्रित थी। मुख्य बिंदु: चेन्नई घोषणापत्र की प्रमुख पहलें और सहयोग क्षेत्र 1. मानव-केंद्रित दृष्टिकोण 2. साझा अनुसंधान और अवसंरचना विकास 3. युवा नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र 4. भविष्य की रूपरेखा (2026-2027) राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP): एक सुदृढ़ पशुधन स्वास्थ्य ढांचा चर्चा में क्यों? वर्ष 2019 में शुरू किया गया राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP) भारत की सबसे बड़ी पशु स्वास्थ्य पहलों में से एक बनकर उभरा है। इस कार्यक्रम के तहत चलाए गए व्यापक टीकाकरण और निगरानी अभियानों के कारण देश में खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) और ब्रुसलोसिस के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, FMD के मामले 2019 के 132 से घटकर 2025 तक केवल 40 रह गए हैं। वहीं ब्रुसलोसिस के मामले भी 22 से घटकर 15 पर आ गए हैं। मुख्य बिंदु: रोग नियंत्रण, डिजिटल एकीकरण और वन हेल्थ मिशन 1. बीमारियों का प्रभाव और टीकाकरण मॉडल 2. उत्पादकता और आर्थिक लाभ 3. डिजिटल मॉनिटरिंग और अवसंरचना 4. वन हेल्थ मिशन और महामारी फंड प्रोजेक्ट एंटी-सबमरीन वारफेयर क्राफ्ट ‘मांगरोल’: तटीय सुरक्षा में स्वदेशी मील का पत्थर चर्चा में क्यों? कोचिंग शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि ने भारतीय नौसेना को ‘मांगरोल’। यह CSL द्वारा निर्मित किए जा रहे एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW SWC) श्रृंखला का तीसरा युद्धपोत है, जो भारत की तटीय और पनडुब्बी-रोधी युद्ध क्षमताओं को नई मजबूती देगा। मुख्य बिंदु: क्षमताएं, सामरिक महत्व और नामकरण 1. स्वदेशीकरण और निर्माण 2. तकनीकी विशेषताएं और मारक क्षमता 3. ऐतिहासिक नामकरण और विरासत प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पोत का नाम व प्रकार मांगरोल – 3rd ASW SWC निर्माता संस्था कोचिंग शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि स्वदेशी घटक 80% से अधिक प्रणोदन तकनीक वाटरजेट्स प्रमुख कार्य तटीय पनडुब्बी रोधी युद्ध, LIMO और माइन वारफेयर नाम का स्रोत मांगरोल बंदरगाह (जूनागढ़, गुजरात) व पूर्व INS मांगरोल स्वास्थ्य सेवा में एआई और भारतीय फार्मा क्षेत्र: ‘विश्व की प्रयोगशाला’ बनने की ओर भारत चर्चा में क्यों? भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद में IIMA हेल्थकेयर समिट 2026 का आयोजन किया गया। इस समिट की थीम “Advancing AI in Healthcare” रखी गई थी। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत को अब केवल ‘दुनिया की फार्मेसी’ (Pharmacy of the World) बनकर नहीं रहना है, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और एआई के बल पर ‘दुनिया की प्रयोगशाला’ (Laboratory of the World) बनना है। मुख्य बिंदु: एआई का अनुप्रयोग, सरकारी योजनाएं और चुनौतियां 1. स्वास्थ्य सेवा में AI का जिम्मेदार उपयोग 2. फार्मा एवं मेडटेक क्षेत्र के लिए प्रमुख सरकारी पहलें 3. स्टार्टअप्स और AI पारिस्थितिकी तंत्र 4. नए डिजिटल पहल व पुस्तकें जारी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य समिट का नाम व स्थल IIMA हेल्थकेयर समिट 2026, अहमदाबाद (गुजरात) आयोजन की थीम “Advancing AI in Healthcare” PRIP योजना ₹5,000 करोड़ (फार्मा-मेडटेक R&D और नवाचार हेतु) बायोफार्मा शक्ति मिशन ₹10,000 करोड़ (बायोलॉजिक्स व बायोसिमिलर हेतु) AI Center of Excellence AIIMS नई दिल्ली, PGIMER चंडीगढ़, AIIMS ऋषिकेश डिजिटल आर्काइव पहल इंडिया