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Author name: Nirmanias

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24 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

24 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत युवाओं को डिजिटल तकनीकों से लैस करने वाली राष्ट्रव्यापी क्लाउड और एआई कौशल पहल (NSDC, Cultus और AWS), खेल कूटनीति को मजबूती देने वाली ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक और ‘संयुक्त घोषणापत्र’ (2026), वैज्ञानिक अनुसंधान में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने वाली 14वीं ब्रिक्स विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रिस्तरीय बैठक (‘चेन्नई घोषणापत्र’), पशुधन अर्थव्यवस्था को सुरक्षा प्रदान करने वाले राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP), नौसेना की तटीय रक्षा क्षमता में वृद्धि करने वाले स्वदेशी एंटी-सबमरीन वारफेयर क्राफ्ट ‘मांगरोल’, तथा भारत को ‘विश्व की प्रयोगशाला’ बनाने के संकल्प पर आधारित स्वास्थ्य सेवा में AI और भारतीय फार्मा क्षेत्र के अभूतपूर्व योगदान का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रव्यापी क्लाउड और एआई कौशल पहल (NSDC, Cultus और AWS) चर्चा में क्यों? कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के तत्वावधान में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और Cultus Education ने अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) के सहयोग से एक राष्ट्रव्यापी क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कौशल पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं को क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई में प्रशिक्षित कर ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को गति देना है। मुख्य बिंदु: प्रशिक्षण मॉडल, लाभार्थी और क्रियान्वयन 1. प्रशिक्षण का दो-स्तरीय ढांचा 2. AWS re/Start और Cultus का क्रियान्वयन 3. प्रमुख विशेषताएं और समापन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मुख्य नोडल एजेंसियां NSDC (MSDE के तहत) + Cultus Education प्रौद्योगिकी साझेदार अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) कुल लाभार्थी (लक्ष्य) 1,50,000 (बुनियादी साक्षरता) + 10,000 (गहन कौशल) प्रमुख कार्यक्रम AWS re/Start (निःशुल्क, कोहोर्ट-आधारित प्रशिक्षण) डिलीवरी का माध्यम 100% ऑनलाइन (टियर-2 और टियर-3 शहरों पर केंद्रित) समापन कार्यक्रम राष्ट्रीय हैकाथॉन ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक और ‘संयुक्त घोषणापत्र’ (2026) चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Chairship 2026) के तहत विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) में ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक का आयोजन हुआ। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ‘ब्रिक्स खेल संयुक्त घोषणापत्र’ (BRICS Sports Joint Declaration) को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। मुख्य बिंदु: खेल साझेदारी और 3 प्रमुख नई पहलें 1. भारत द्वारा शुरू की गई 3 प्रमुख पहलें 2. खेल अवसंरचना और ‘मेक इन इंडिया’ 3. BRICS फ्रेंडशिप साइकिलिंग इवेंट प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन स्थल विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश स्वीकृत दस्तावेज ब्रिक्स खेल संयुक्त घोषणापत्र अध्यक्षता करने वाला देश भारत (खेल मंत्री: डॉ. मनसुख मंडाविया) स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव उदयपुर, राजस्थान (नवंबर 2026) पारंपरिक व स्वदेशी खेल आयोजन अहमदाबाद, गुजरात (12-13 अक्टूबर 2026) संबद्ध स्वास्थ्य अभियान फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल (87वां संस्करण) 14वीं ब्रिक्स विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रिस्तरीय बैठक: ‘चेन्नई घोषणापत्र’ चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Chairship 2026) के तहत आयोजित 14वीं ब्रिक्स विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रिस्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से ‘चेन्नई घोषणापत्र’ को अपनाया गया। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई यह बैठक वर्ष 2026 की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण” पर केंद्रित थी। मुख्य बिंदु: चेन्नई घोषणापत्र की प्रमुख पहलें और सहयोग क्षेत्र 1. मानव-केंद्रित दृष्टिकोण 2. साझा अनुसंधान और अवसंरचना विकास 3. युवा नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र 4. भविष्य की रूपरेखा (2026-2027) राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP): एक सुदृढ़ पशुधन स्वास्थ्य ढांचा चर्चा में क्यों? वर्ष 2019 में शुरू किया गया राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP) भारत की सबसे बड़ी पशु स्वास्थ्य पहलों में से एक बनकर उभरा है। इस कार्यक्रम के तहत चलाए गए व्यापक टीकाकरण और निगरानी अभियानों के कारण देश में खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) और ब्रुसलोसिस के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, FMD के मामले 2019 के 132 से घटकर 2025 तक केवल 40 रह गए हैं। वहीं ब्रुसलोसिस के मामले भी 22 से घटकर 15 पर आ गए हैं। मुख्य बिंदु: रोग नियंत्रण, डिजिटल एकीकरण और वन हेल्थ मिशन 1. बीमारियों का प्रभाव और टीकाकरण मॉडल 2. उत्पादकता और आर्थिक लाभ 3. डिजिटल मॉनिटरिंग और अवसंरचना 4. वन हेल्थ मिशन और महामारी फंड प्रोजेक्ट एंटी-सबमरीन वारफेयर क्राफ्ट ‘मांगरोल’: तटीय सुरक्षा में स्वदेशी मील का पत्थर चर्चा में क्यों? कोचिंग शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि ने भारतीय नौसेना को ‘मांगरोल’। यह CSL द्वारा निर्मित किए जा रहे एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW SWC) श्रृंखला का तीसरा युद्धपोत है, जो भारत की तटीय और पनडुब्बी-रोधी युद्ध क्षमताओं को नई मजबूती देगा। मुख्य बिंदु: क्षमताएं, सामरिक महत्व और नामकरण 1. स्वदेशीकरण और निर्माण 2. तकनीकी विशेषताएं और मारक क्षमता 3. ऐतिहासिक नामकरण और विरासत प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पोत का नाम व प्रकार मांगरोल – 3rd ASW SWC निर्माता संस्था कोचिंग शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि स्वदेशी घटक 80% से अधिक प्रणोदन तकनीक वाटरजेट्स प्रमुख कार्य तटीय पनडुब्बी रोधी युद्ध, LIMO और माइन वारफेयर नाम का स्रोत मांगरोल बंदरगाह (जूनागढ़, गुजरात) व पूर्व INS मांगरोल स्वास्थ्य सेवा में एआई और भारतीय फार्मा क्षेत्र: ‘विश्व की प्रयोगशाला’ बनने की ओर भारत चर्चा में क्यों? भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद में IIMA हेल्थकेयर समिट 2026 का आयोजन किया गया। इस समिट की थीम “Advancing AI in Healthcare” रखी गई थी। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत को अब केवल ‘दुनिया की फार्मेसी’ (Pharmacy of the World) बनकर नहीं रहना है, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और एआई के बल पर ‘दुनिया की प्रयोगशाला’ (Laboratory of the World) बनना है। मुख्य बिंदु: एआई का अनुप्रयोग, सरकारी योजनाएं और चुनौतियां 1. स्वास्थ्य सेवा में AI का जिम्मेदार उपयोग 2. फार्मा एवं मेडटेक क्षेत्र के लिए प्रमुख सरकारी पहलें 3. स्टार्टअप्स और AI पारिस्थितिकी तंत्र 4. नए डिजिटल पहल व पुस्तकें जारी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य समिट का नाम व स्थल IIMA हेल्थकेयर समिट 2026, अहमदाबाद (गुजरात) आयोजन की थीम “Advancing AI in Healthcare” PRIP योजना ₹5,000 करोड़ (फार्मा-मेडटेक R&D और नवाचार हेतु) बायोफार्मा शक्ति मिशन ₹10,000 करोड़ (बायोलॉजिक्स व बायोसिमिलर हेतु) AI Center of Excellence AIIMS नई दिल्ली, PGIMER चंडीगढ़, AIIMS ऋषिकेश डिजिटल आर्काइव पहल इंडिया

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22 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

22 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत युवाओं और महिलाओं में उद्यमिता को गति देने के लिए राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान-II एवं ‘संकल्प शक्ति’ बुलेटिन, देश को मोबाइल असेंबली व विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने वाली मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS – ₹62,500 करोड़ परिव्यय), कॉर्पोरेट प्रशासन में पारदर्शिता लाने हेतु NFRA के 6वें आउटरीच कार्यक्रम (‘बेहतर वित्तीय रिपोर्टिंग पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण’), स्थायी व उत्तरदायी पर्यटन को बढ़ावा देने वाले ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक और ‘जयपुर घोषणापत्र’ (2026), सैन्य व राष्ट्रीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा समर्पित प्रादेशिक सेना के ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’ (TCQ 3.0), तथा जनजातीय समुदायों की वन-आधारित आजीविका और मूल्य संवर्धन को सुदृढ़ करने वाले प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान- II एवं ‘संकल्प शक्ति’ बुलेटिन चर्चा में क्यों? विश्व उद्यमी दिवस (21 अगस्त) के अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत ‘राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान- II’ (National Campaign on Entrepreneurship – II) का शुभारंभ किया। यह 3 महीने का विशेष अभियान (21 अगस्त से 21 नवंबर 2026) ग्रामीण महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने और 6 करोड़ लखपति दीदियां तैयार करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को गति देगा। इसी अवसर पर मंत्रालय ने ग्रामीण उद्यमिता पर अपना पहला मासिक तकनीकी बुलेटिन ‘संकल्प शक्ति’ भी जारी किया। मुख्य बिंदु: अभियान के लक्ष्य, रणनीति और मुख्य घटक 1. अभियान की रणनीति और दायरा 2. अभियान के 6 प्रमुख निर्धारित लक्ष्य 3. ‘संकल्प शक्ति’ बुलेटिन एवं डिजिटल एकीकरण प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक मंत्रालय ग्रामीण विकास मंत्रालय (DAY-NRLM के तहत) अभियान की अवधि 21 अगस्त से 21 नवंबर 2026 (3 महीने) विश्व उद्यमी दिवस 21 अगस्त नया तकनीकी बुलेटिन ‘संकल्प शक्ति’ (मासिक प्रकाशन) नया नामकरण CRP-EP एवं BDSP को अब ‘उद्यम सखी’ कहा जाएगा राष्ट्रीय लक्ष्य 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाना मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS): ₹62,500 करोड़ का परिव्यय चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ₹62,500 करोड़ के बजटीय परिव्यय के साथ मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS) अधिसूचित की है। यह योजना बड़े पैमाने के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए PLI योजना (PLI-LSEM) की जगह लेगी, जिसकी अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाना, स्वदेशी ब्रांडों को बढ़ावा देना और वर्ष 2027 के मध्य तक पहला मजबूत भारतीय मोबाइल ब्रांड स्थापित करना है। मुख्य बिंदु: योजना का दायरा, प्रोत्साहन और पात्रता शर्तें 1. योजना के दो लक्ष्य खंड 2. अतिरिक्त प्रोत्साहन और समयावधि 3. पात्रता मानदंड 4. अपेक्षित आर्थिक प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS) बजटीय परिव्यय ₹62,500 करोड़ योजना की अवधि 5 वर्ष (वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31) प्रोत्साहन दर (Incentive) TS1: 2.25% – 5% | TS2: 5% (ब्रांड) + 3% (R&D) घरेलू कंपोनेंट बोनस 1.5% अतिरिक्त इंसेंटिव (25% लोकलाइजेशन पर) NFRA का 6वां आउटरीच कार्यक्रम: ‘बेहतर वित्तीय रिपोर्टिंग पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण’ चर्चा में क्यों? राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) ने अहमदाबाद में अपना छठा आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया। “एक बेहतर वित्तीय रिपोर्टिंग पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण” (Creating a Better Financial Reporting Ecosystem) थीम पर आधारित यह कार्यक्रम छोटे और मध्यम आकार के ऑडिटरों (SMPs) की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) के सहयोग से आयोजित किया गया। मुख्य बिंदु: आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य और मुख्य सत्र 1. मुख्य उद्देश्य 2. प्रमुख चर्चाएं और तकनीकी सत्र 3. अब तक की प्रगति प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक निकाय राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) सहयोगी संस्थान भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) कार्यक्रम का स्थान अहमदाबाद, गुजरात (6वां संस्करण) विषय / थीम Creating a Better Financial Reporting Ecosystem लक्ष्य समूह छोटे और मध्यम आकार के ऑडिटर ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक और ‘जयपुर घोषणापत्र’ (2026) चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Chairship) के तहत जयपुर में आयोजित ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक सर्वसम्मति से ‘जयपुर घोषणापत्र’ को अपनाने के साथ संपन्न हुई। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में हुई यह बैठक वर्ष 2026 की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण” (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) पर केंद्रित थी। मुख्य बिंदु: प्राथमिकताएं, सहयोग और रणनीति 1. जयपुर घोषणापत्र की 4 मुख्य प्राथमिकताएं 2. आर्थिक और क्षेत्रीय प्रभाव 3. द्विपक्षीय वार्ताएं और सांस्कृतिक अनुभव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन स्थल जयपुर, राजस्थान अपनाया गया दस्तावेज जयपुर घोषणापत्र (2026) बैठक की थीम Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability अध्यक्षता करने वाला देश भारत (पर्यटन मंत्री: गजेंद्र सिंह शेखावत) सहभागी देश भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, UAE, इथियोपिया, इंडोनेशिया और रूस प्रादेशिक सेना का ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’ (TCQ 3.0) चर्चा में क्यों? भारतीय सेना की प्रादेशिक सेना (Territorial Army) ने साइबर सुरक्षा थिंक-टैंक CyberPeace के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’ (TCQ 3.0) का तीसरा संस्करण लॉन्च किया है। इसका मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सूचना क्षेत्र की उभरती रक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए स्वदेशी समाधान विकसित करना है। मुख्य बिंदु: प्रतियोगिता के 3 प्रमुख ट्रैक और समयसीमा 1. प्रतियोगिता के 3 मुख्य ट्रैक 2. प्रतिभागी और स्वदेशी सुरक्षा 3. महत्वपूर्ण तिथियां प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक निकाय प्रादेशिक सेना (Territorial Army) + साइबरपीस प्रोग्राम का नाम टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026 / TCQ 3.0 (तीसरा संस्करण) मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा और एआई में स्वदेशी रक्षा समाधान बग हंटिंग तकनीक कैप्चर-द-फ्लैग (CTF) क्वालीफायर एआई कवच का काम प्रेडिक्टिव थ्रेट इंटेलिजेंस और ऑटोमेटेड डिफेंस प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM): जनजातीय वन अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण चर्चा में क्यों? भारत की 10.4 करोड़ से अधिक जनजातीय आबादी की आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM) एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर रहा है। यह योजना जनजातीय संग्राहकों को केवल कच्चे माल के विक्रेता से बदलकर ‘मूल्य संवर्धन उद्यमी’ बना रही है। अब तक देश में 4,172 वन धन विकास केंद्र (VDVK) स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनसे

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21 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

21 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत महासागरीय पारिस्थितिकी और ध्रुवीय शोध को बढ़ावा देने वाली ब्रिक्स महासागर एवं ध्रुवीय विज्ञान-प्रौद्योगिकी कार्यसमूह की 8वीं बैठक, भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में नीली अर्थव्यवस्था के अवसरों को रेखांकित करने वाली भारत के गहरे समुद्र और सुदूर जल मत्स्य संसाधनों पर राष्ट्रीय रिपोर्ट, भारत-जापान संयुक्त रक्षा वक्तव्य (2026), तकनीकी नवाचार व स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने के लिए TDB द्वारा समर्थित एलायंस AI और स्वदेशी ‘Fixit’ प्लेटफॉर्म, ‘स्मार्ट’ कैंसर रोधी दवा RK-251, तथा डिजिटल अवसंरचना व सुशासन के वैश्विक मानकों को तय करने वाले वैश्विक डिजिटल क्षमता निर्माण गठबंधन (GDCBA) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। ब्रिक्स महासागर एवं ध्रुवीय विज्ञान-प्रौद्योगिकी कार्यसमूह की 8वीं बैठक चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Presidency) के तहत पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) ने 12-14 अगस्त 2026 तक गोवा में महासागर और ध्रुवीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर ब्रिक्स कार्यसमूह (BRICS OPST) की 8वीं बैठक का आयोजन किया। इस बैठक की मेजबानी राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र (NCPOR), गोवा ने की। मुख्य बिंदु: रणनीतिक सहयोग, प्राथमिकताएं एवं प्रमुख समझौते 1. संस्थागत ढांचा और सहभागी देश 2. प्रमुख चर्चा बिंदु और प्राथमिकताएं 3. प्रमुख समझौते और भविष्य का रोडमैप प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन स्थल NCPOR, गोवा (12-14 अगस्त 2026) नोडल मंत्रालय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) + DST मेजबान संस्थान राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र (NCPOR) सहयोगी ढांचा BRICS विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (STI) ढांचा प्रमुख वैश्विक पहल IPY-5 (5वां अंतर्राष्ट्रीय ध्रुवीय वर्ष) और GOOS प्रणाली भारत के गहरे समुद्र और सुदूर जल मत्स्य संसाधनों पर राष्ट्रीय रिपोर्ट चर्चा में क्यों? समुद्री जीव संसाधन एवं पारिस्थितिकी केंद्र (CMLRE) की रजत जयंती पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) ने “भारत के EEZ के गहरे समुद्र और सुदूर जल मत्स्य संसाधनों पर राष्ट्रीय रिपोर्ट” जारी की। यह ऐतिहासिक दस्तावेज पिछले 4 दशकों के महासागरीय अध्ययनों और 30 वर्षों के व्यवस्थित सर्वेक्षणों पर आधारित है। इसका लक्ष्य भारत के 2.37 मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैले विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के लिए एक स्थायी ‘ब्लू इकोनॉमी रोडमैप’ तैयार करना है। मुख्य बिंदु: सर्वेक्षण, ट्वाइलाइट ज़ोन एवं तकनीकी ढांचा 1. 40 वर्षों की खोज और FORV सागर संपदा 2. गहरे समुद्र के प्रमुख निष्कर्ष 3. संवेदनशील समुद्री पारिस्थितिकी क्षेत्र रिपोर्ट में जैव विविधता और नर्सरी संरक्षण के लिए कुछ प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है: 4. तकनीकी नवाचार और विज़न 2047 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य जारीकर्ता संस्था CMLRE (कोच्चि), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत भारत का EEZ दायरा 2.37 मिलियन वर्ग किलोमीटर प्रमुख शोध पोत FORV सागर संपदा (Fishery and Oceanographic Research Vessel) ट्वाइलाइट ज़ोन गहराई 200 से 1000 मीटर (मेसोपेलैजिक ज़ोन) पारिस्थितिक भूमिका जैविक कार्बन पंप के माध्यम से जलवायु नियंत्रण भारत-जापान संयुक्त रक्षा वक्तव्य (2026) चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में 20 अगस्त 2026 को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिनजिरो कोइजुमी के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई। इस दौरान दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए और रक्षा औद्योगिक साझेदारी को गहरा करने का संकल्प लिया। मुख्य बिंदु: रणनीतिक समझौते, अभ्यास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण 1. समुद्री सुरक्षा और नया MoA 2. द्विपक्षीय एवं त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास 3. रक्षा प्रौद्योगिकी एवं संयुक्त निर्माण 4. संस्थागत ढांचा और बहुपक्षीय पहल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य विशेष रक्षा साझेदार “विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी” पहला रक्षा हस्तांतरण UNICORN integrated communications antenna system प्रमुख संयुक्त अभ्यास धर्म गार्जियन (थल सेना), JIMEX (नौसेना), वीर गार्जियन 26 (वायु सेना) त्रिपक्षीय PASSEX भारत, जापान और इंडोनेशिया (फरवरी 2026) एलायंस AI और स्वदेशी तकनीक: TDB का Fixit प्लेटफॉर्म को समर्थन चर्चा में क्यों? भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB) ने नई दिल्ली के स्टार्ट-अप M/s One2X Tech Pvt. Ltd. के साथ एक समझौता किया है। इसका उद्देश्य स्वदेशी रूप से विकसित एजेंटिक एआई (Agentic AI) प्लेटफॉर्म Fixit के व्यावसायिक उपयोग (Commercialization) को वित्तीय समर्थन देना है। मुख्य बिंदु: एजेंटिक एआई, तकनीकी ढांचा और व्यावसायिक उपयोग 1. एजेंटिक एआई क्या है? 2. ‘Fixit’ प्लेटफॉर्म की तकनीकी विशेषताएं 3. अनुप्रयोग और ‘एआई कार्यबल’ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य सहायता प्रदानकर्ता संस्था टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) संबद्ध स्टार्ट-अप M/s One2X Tech Pvt. Ltd. (नई दिल्ली) प्लेटफ़ॉर्म का नाम Fixit प्रौद्योगिकी श्रेणी एजेंटिक एआई (Agentic AI – स्वायत्त निर्णय और निष्पादन प्रणाली) प्रथम व्यावसायिक क्षेत्र रियल एस्टेट एवं राजस्व संचालन (Revenue Operations) कैंसर इलाज में नई क्रांति: ‘स्मार्ट’ कैंसर रोधी दवा RK-251 चर्चा में क्यों? भारतीय वैज्ञानिकों ने RK-251 नाम की एक नई ‘स्मार्ट’ कैंसर दवा तैयार की है, जो शरीर के स्वस्थ हिस्सों को नुकसान पहुंचाए बिना केवल कैंसरग्रस्त कोशिकाओं पर हमला करती है। यह दवा शरीर में यात्रा करते समय निष्क्रिय रहती है और कैंसर कोशिकाओं में पहुंचते ही वहां मौजूद उच्च रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) के संपर्क में आकर खुद-ब-खुद सक्रिय हो जाती है। यह लक्षित थेरेपी कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए ‘NBDHEX’ यौगिक जारी करती है, जिससे बालों का झड़ना या कमज़ोरी जैसे पारंपरिक कीमोथेरेपी के घातक दुष्प्रभावों (Side Effects) से बचा जा सकता है। मुख्य बिंदु: RK-251 दवा, कार्यप्रणाली और परीक्षण 1. विकासकर्ता संस्थान 2. दवा की कार्यप्रणाली (How RK-251 Works) 3. प्री-क्लिनिकल परीक्षण के परिणाम प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य दवा का नाम RK-251 (Targeted Smart Cancer Drug) विकासकर्ता IASST गुवाहाटी (DST) एवं IIT-गुवाहाटी मुख्य यौगिक NBDHEX (कैंसर रोधी यौगिक) सक्रियण का आधार कैंसर कोशिकाओं में उपस्थित रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) परीक्षण मॉडल जेब्राफिश भ्रूण (Danio rerio) एवं ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर वैश्विक डिजिटल क्षमता निर्माण गठबंधन (GDCBA) चर्चा में क्यों? भारत सरकार के क्षमता निर्माण आयोग (CBC) की पहल ‘ग्लोबल डिजिटल कैपेसिटी बिल्डिंग एलायंस’ (GDCBA) ने अपने सफल 6 महीने पूरे कर लिए हैं। इस गठबंधन की शुरुआत 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र में क्षमता निर्माण और सुशासन के भारतीय मॉडल को वैश्विक स्तर पर साझा करना है। मुख्य

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20 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

20 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत बिहार के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाले मखाना क्षेत्र (पारंपरिक फसल से वैश्विक ‘सुपरफूड’ तक का सफर), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) द्वारा न्हावा शेवा बंदरगाह पर 56 किग्रा मेथामफेटामाइन ज़ब्ती के माध्यम से नशीली दवाओं के नेटवर्क पर कार्रवाई, सुशासन में AI, क्वांटम और साइबर सुरक्षा, सामाजिक सशक्तीकरण हेतु विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के लिए SEED योजना, संपर्क क्षमता व क्षेत्रीय व्यापार को गति देने के लिए बिहार में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड का 4-लेन में उन्नयन, सहकारिता के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने हेतु श्वेत क्रांति 2.0, तथा भारत के नारियल क्षेत्र (‘कल्पवृक्ष’ से वैश्विक पहचान तक) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। मखाना क्षेत्र: एक पारंपरिक फसल से वैश्विक ‘सुपरफूड’ तक का सफर चर्चा में क्यों? भारत सरकार ने मखाना (Fox Nut) को एक प्रमुख एग्री-सुपरफूड के रूप में स्थापित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा की, जिसे 15 सितंबर 2025 को बिहार में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। सरकार ने 2025-26 से 2030-31 तक की अवधि के लिए ₹476.03 करोड़ के बजट के साथ मखाना विकास के लिए एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) को मंजूरी दी है। मखाना: बुनियादी जानकारी एवं भारत में स्थिति उत्पादन, बाज़ार और मूल्य वृद्धि मापदंड / विवरण तथ्य एवं आंकड़े कुल उत्पादन (2025–26, 2nd Adv. Est.) 80,590 मीट्रिक टन (औसत उत्पादकता: 2.34 MT/हेक्टेयर) बिहार का योगदान (2025-26) 60,000 मीट्रिक टन बाज़ार आकार (2029-30 का अनुमान) ₹11,000 – ₹12,000 करोड़ कीमतों में उछाल ₹500/किग्रा (2020-22) से बढ़कर ₹1,250/किग्रा (2025) मासिक घरेलू खपत (पाप्ड मखाना) 3,000-3,500 MT (त्योहारों के दौरान 5,000 MT तक) आधुनिक खेती तकनीक/किस्में फील्ड-सिस्टम फार्मिंग, स्वर्ण वैदेही, सबौर मखाना-1 मखाना का निर्यात परिदृश्य वैज्ञानिक एवं पोषण संबंधी पहलू मखाना का मूल्य संवर्धन और तकनीक मूल्य संवर्धन के 3 चरण: राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र (NRCM): प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य तथ्य महत्वपूर्ण तथ्य फसल की प्रकृति Euryale ferox – उथले पानी में उगने वाली जलीय फसल वैश्विक शेयर भारत विश्व में नंबर-1; बिहार वैश्विक आपूर्ति का 80-85% उत्पादन करता है केंद्रीय योजना बजट ₹476.03 करोड़ (2025-26 से 2030-31 तक) राष्ट्रीय मखाना बोर्ड बजट 2025-26 में घोषित; 15 सितंबर 2025 को बिहार में लॉन्च निर्यात का नया कोड DGFT द्वारा 2025 में नया HSN कोड आवंटित प्रमुख निर्यातक देश अमेरिका (40%), कनाडा (20%), यूएई (17%) DRI ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर मक्का में छिपाई गई 56 किग्रा मेथामफेटामाइन जब्त की चर्चा में क्यों? राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने एक विशेष खुफिया अभियान में न्हावा शेवा बंदरगाह (नवी मुंबई) पर भारत से सऊदी अरब भेजी जा रही 56 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की एक बड़ी खेप जब्त की। तस्करों ने इस मादक पदार्थ को छिपाने के लिए एक नया तरीका (Modus Operandi) अपनाया था। उन्होंने पाउडर रूप में मौजूद मेथामफेटामाइन को मक्के (Maize) के 351 बैगों में से एक में मिला दिया था ताकि नियमित सीमा शुल्क जांच से बचा जा सके। मामले में निर्यातक और फ्रेट फॉरवर्डर को NDPS अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया है। मुख्य बिंदु: ऑपरेशन, छुपाने की तकनीक और जोखिम 1. तस्करी का अनूठा तरीका 2. मेथामफेटामाइन क्या है? (रसायन और स्वास्थ्य पर प्रभाव) 3. सुरक्षा और नेटवर्क संबंधी चिंताएं राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) का परिचय प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्रवाई करने वाली एजेंसी राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) नोडल मंत्रालय वित्त मंत्रालय (CBIC के तहत) ज़ब्त मादक पदार्थ मेथामफेटामाइन (56 किग्रा) कार्रवाई का स्थान न्हावा शेवा पोर्ट (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट – JNPT) प्रासंगिक कानून NDPS (स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ) अधिनियम, 1985 ड्रग की प्रकृति सिंथेटिक साइकोस्टिमुलेंट (कृत्रिम उत्तेजक) AI, क्वांटम और साइबर सुरक्षा से बदल रहा गवर्नेंस: डॉ. जितेंद्र सिंह चर्चा में क्यों? केंद्रीय राज्य मंत्री (PMO, कार्मिक एवं जन शिकायत) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लेटरल एंट्री के माध्यम से आए संयुक्त सचिवों, निदेशकों और उप सचिवों के लिए आयोजित 15-दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स के प्रतिभागियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने रेखांकित किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम तकनीक, साइबर सुरक्षा और डिजिटल उपकरण प्रशासनिक प्रक्रियाओं एवं सुशासन (Governance) को तेजी से बदल रहे हैं। मुख्य बिंदु: रिफ्रेशर कोर्स, तकनीक और प्रभावी संचार 1. शासन व्यवस्था में उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका 2. सरकारी संचार के 4 प्रमुख स्तर डॉ. जितेंद्र सिंह ने जोर दिया कि अधिकारियों के लिए केवल आंतरिक पत्राचार काफी नहीं है। सोशल मीडिया के युग में अधिकारियों में मजबूत संचार कौशल होना आवश्यक है: 3. लेटरल एंट्री और संस्थागत ढांचा 4. विजन @2047 में अधिकारियों की भूमिका प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम लेटरल एंट्री अधिकारियों हेतु 15-दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स आयोजक संस्थान भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) / कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग लेटरल एंट्री संख्या अब तक लगभग 63 अधिकारी नियुक्त किए गए प्रमुख पाठ्यक्रम विषय AI, साइबर सुरक्षा, नीति विश्लेषण, डिजिटल परिवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और संचार मुख्य दृष्टिकोण विकसित भारत @2047 में अधिकारियों की क्षमता निर्माण विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों का सशक्तिकरण: SEED योजना चर्चा में क्यों? सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू (DNT/NT/SNT) समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए SEED योजना (Scheme for Economic Empowerment of DNTs) के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रगति की समीक्षा की गई है। मुख्य बिंदु: DWBDNC बोर्ड, SEED योजना के घटक और प्रभाव 1. पृष्ठभूमि और संस्थागत ढांचा 2. SEED योजना के 4 मुख्य घटक DWBDNC द्वारा संचालित SEED योजना इन समुदायों के समग्र विकास के लिए 4 स्तंभों पर आधारित है: 3. सामाजिक और आर्थिक प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम SEED योजना (Scheme for Economic Empowerment of DNTs) नोडल मंत्रालय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय कार्यान्वयन एजेंसी DWBDNC बोर्ड (स्थापना: फरवरी 2019) 4 मुख्य घटक 1. मुफ्त कोचिंग 2. स्वास्थ्य बीमा 3. आजीविका 4. आवास सहायता लक्ष्य समूह विमुक्त (DNT), घुमंतू (NT) और अर्ध-घुमंतू (SNT) समुदाय बिहार में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड का 4-लेन में उन्नयन चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने बिहार में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को 4-लेन मानक में अपग्रेड करने की मंजूरी

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19 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

19 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत वैश्विक पर्यावरण संरक्षण पहलों को साझा करने हेतु 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक और 4 ज्ञान संकलनों (Knowledge Compendiums) का अनावरण, एनसीसी कैडेट्स के साहसिक अभियान NCC ऑल इंडिया गर्ल्स हाई एल्टीट्यूड ट्रेक (‘अपराजिता – पारांग ला 2026’), खेल जगत में उत्कृष्ट योगदान देने वाले खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने हेतु छत्तीसगढ़ में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम, देश में प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक शहरों के निर्माण के लिए NICDIT की तीसरी शीर्ष बैठक, तथा भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने वाली ECMS योजना के तहत 38 नए संयंत्रों के शुभारंभ का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक: 4 ज्ञान संकलनों का अनावरण चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता 2026 के तहत नई दिल्ली में आयोजित 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ 4 नए ज्ञान संकलन (Knowledge Compendiums) जारी किए। ये दस्तावेज सतत जीवन शैली (मिशन LiFE आधारित), एकीकृत दावानल प्रबंधन (Wildfire Management), लैंडस्केप-आधारित हरित पहलों और ईपीआर (EPR) व सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में ब्रिक्स देशों के सर्वश्रेष्ठ अनुभवों और तकनीकी समाधानों को साझा करते हैं। मुख्य बिंदु: लॉन्च किए गए 4 प्रमुख ज्ञान संकलन 1. सतत जीवन शैली पर संकलन 2. एकीकृत दावानल प्रबंधन 3. लैंडस्केप-आधारित हरित दृष्टिकोण 4. विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) और सर्कुलर इकोनॉमी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य बैठक का क्रम 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक (12th BRICS Environment Ministers Meeting) अध्यक्षता (2026) भारत (India) लॉन्च कुल संकलन 4 नॉलेज प्रोडक्ट्स (Knowledge Compendiums) भारत की प्रमुख पहलें मिशन LiFE, SAMBHAV अभियान, केंद्रीय डिजिटल EPR प्लेटफॉर्म सहभागी देश भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, यूएई NCC ऑल इंडिया गर्ल्स हाई एल्टीट्यूड ट्रेक: ‘अपराजिता – पारांग ला 2026’ चर्चा में क्यों? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के फ्लैगशिप अभियान ‘अपराजिता – पारांग ला 2026’ (All India Girls High Altitude Long Trek) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह 30 दिवसीय अभियान भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण और उच्च ऊंचाई वाले ट्रेकिंग मार्गों में से एक पर आयोजित किया जा रहा है। इसका नेतृत्व तीनों सेनाओं (थल, जल और नभ) की महिला अधिकारी कर रही हैं। मुख्य बिंदु: अभियान की प्रमुख विशेषताएं और सामरिक पहलू 1. अभियान का स्वरूप और मार्ग 2. अभियान के रणनीतिक और सामाजिक उद्देश्य प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अभियान का नाम अपराजिता – पारांग ला 2026 आयोजक संस्था राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) पारांग ला की ऊंचाई 5,578 मीटर (18,300 फीट) भौगोलिक जुड़ाव स्पीति घाटी (हिमाचल प्रदेश) – चांगथांग क्षेत्र (लद्दाख) दूरी व समय 250 किमी लंबा ट्रेक, 30 दिन की अवधि नेतृत्व तीनों सेनाओं की महिला अधिकारी + 28 बालिका कैडेट राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025: विजेताओं की घोषणा चर्चा में क्यों? युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने ‘राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025’ के विजेताओं की आधिकारिक घोषणा की। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने इन सम्मानों को अंतिम रूप दिया। इस बार विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट एथलीटों, प्रशिक्षकों और खेल विकास में योगदान देने वाले संगठनों को उनके निरंतर प्रदर्शन और खेल भावना के लिए चुना गया है। इन पुरस्कारों में अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार और राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार जैसे प्रमुख सम्मान शामिल हैं। मुख्य बिंदु: खेल पुरस्कारों का श्रेणीवार वर्गीकरण 1. उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार 2025 खेल नाम एथलेटिक्स तेजस्विन शंकर, मोहम्मद अजमल वी, प्रियंका गोस्वामी बैडमिंटन ट्रीसा जॉली, पुलेला गायत्री गोपीचंद शतरंज विदित संतोष गुजराती, दिव्या जितेंद्र देशमुख हॉकी लालरेमसियामी, राजकुमार पाल कबड्डी सुरजीत, पूजा पैरा-स्पोर्ट्स रुद्रांश खंडेलवाल (पैरा-शूटिंग), एकता भ्यान (पैरा-एथलेटिक्स) अन्य नरेंद्र (बॉक्सिंग), धनुष श्रीकांत (डेफ शूटिंग), अरविंद सिंह (रोइंग), अखिल शेवरान (शूटिंग) 2. अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम श्रेणी) 3. द्रोणाचार्य पुरस्कार 2025 (प्रशिक्षकों के लिए) अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करने वाले कोचों को यह पुरस्कार दिया जाता है: 4. राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार प्रदाता युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (MoYAS) चयन समिति अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा आवेदन प्रक्रिया समर्पित ऑनलाइन पोर्टल से स्व-आवेदन (Self-apply) अर्जुन पुरस्कार का आधार पिछले 4 वर्षों का निरंतर प्रदर्शन लाइफटाइम अर्जुन पुरस्कार आई. अरुमायनायगम (फुटबॉल) खेल प्रोत्साहन विजेता आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे छत्तीसगढ़ में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम: डिजिटल बुनियादी ढांचे का विस्तार चर्चा में क्यों? नई दिल्ली के संचार भवन में छत्तीसगढ़ में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Amended BharatNet Program – ABP) को लागू करने के लिए एक बहुपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता दूरसंचार विभाग (DoT) के तहत डिजिटल भारत निधि (DBN), छत्तीसगढ़ सरकार, छत्तीसगढ़ स्टेट भारतनेट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (CSBIL), BSNL और चिप्स (CHiPS) के बीच राज्य-नेतृत्व मॉडल (State-led Model) के तहत संपन्न हुआ। मुख्य बिंदु: परियोजना का दायरा, वित्तीय कवरेज और कार्यान्वयन 1. वित्तीय आवंटन और कवरेज 2. नेटवर्क अपग्रेडेशन और टोपोलॉजी 3. सामाजिक-आर्थिक प्रभाव डिजिटल भारत निधि (DBN) क्या है? प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (ABP) मंजूरी तिथि (कैबिनेट) 4 अगस्त 2023 छत्तीसगढ़ के लिए फंड ₹3,942 करोड़ ग्राम पंचायत कवरेज 11,682 ग्राम पंचायतें (4,048 रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड) DBN की उत्पत्ति दूरसंचार अधिनियम, 2023 द्वारा USOF का नया नाम राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास: NICDIT की तीसरी शीर्ष बैठक चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास और कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की तीसरी शीर्ष निगरानी प्राधिकरण (Apex Monitoring Authority) बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (NICDP) और ‘भव्य’ योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य ध्यान परियोजनाओं की केवल मंजूरी देने के बजाय बुनियादी ढांचे के तेजी से निर्माण, भूमि आवंटन और उत्पादन शुरू करने पर रहा। मुख्य बिंदु: बैठक के प्रमुख निर्णय और योजनाएं 1. FIRE कॉरिडोर्स और ‘टीम इंडिया’ दृष्टिकोण 2. ‘भव्य’ योजना 3. NICDP की वर्तमान प्रगति NICDIT और NICDC का संस्थागत ढांचा NICDIT (National Industrial Corridor Development

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18 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

18 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत सफाई कर्मचारियों के आर्थिक-सामाजिक सशक्तीकरण हेतु स्वच्छता उद्यमी योजना (SUY) व नमस्ते योजना, भारत और थाईलैंड के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-XV’, भारत की पहली घास के मैदान और खुला प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (ONEs) गाइडबुक, कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने वाले ‘शक्ति की सप्त धारा’ संकल्प, क्वांटम इंटरनेट व सुरक्षित संचार के क्षेत्र में क्रांतिकारी खोज ‘General Concurrence Percolation’ (GCP) प्रोटोकॉल, तथा पिछले 10 वर्षों में सामाजिक सुरक्षा के दायरे को 25 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ लाभार्थियों तक पहुँचाने की ऐतिहासिक उपलब्धि का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। स्वच्छता उद्यमी योजना (SUY): नमस्ते योजना से संवरती सफाई मित्रों की जिंदगी चर्चा में क्यों? सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नमस्ते योजना के तहत संचालित ‘स्वच्छता उद्यमी योजना’ (SUY) की सफलता का एक मामला प्रस्तुत किया। गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के 54 वर्षीय सतीश कुमार ने इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करके संविदा सफाई कर्मचारी (Contractual Worker) से खुद की सीवर सक्शन मशीन के मालिक बनने तक का सफर तय किया। मुख्य बिंदु: स्वच्छता उद्यमी योजना और नमस्ते योजना की भूमिका 1. यांत्रिक स्वच्छता और स्वरोजगार की ओर कदम 2. वित्तीय सहायता मॉडल (Financial Assistance Structure) 3. सामाजिक-आर्थिक प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मूल योजना NAMASTE (National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem) घटक योजना स्वच्छता उद्यमी योजना (SUY) नोडल एजेंसी NSKFDC (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय) मुख्य लक्ष्य सफाई कर्मचारियों को यांत्रिक उपकरण खरीदने हेतु रियायती ऋण व सब्सिडी देना उद्देश्य सीवर/सेप्टिक टैंक की शून्य-मानव संपर्क से सफाई अभ्यास ‘मैत्री-XV’: भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास चर्चा में क्यों? भारतीय सेना की 9 गोरखा राइफल्स की टुकड़ी ‘मैत्री-XV’ अभ्यास में भाग लेने के लिए थाईलैंड के लिए रवाना हुई। यह भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच आयोजित होने वाला 15वां संयुक्त सैन्य अभ्यास है। इसका आयोजन 18 से 31 अगस्त 2026 तक थाईलैंड के सूरत थानी स्थित ‘विभावदी रंगसित कैंप’ में किया जा रहा है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता (Interoperability) को बढ़ाना और जंगल व अर्ध-शहरी इलाकों में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आतंकवाद-रोधी अभियानों की क्षमताओं को मजबूत करना है। मुख्य बिंदु: अभ्यास ‘मैत्री’ और रणनीतिक महत्व 1. प्रतिभागी दल और सैन्य बल 2. मुख्य उद्देश्य और प्रशिक्षण का दायरा 3. इतिहास और द्विपक्षीय संबंध प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अभ्यास का नाम मैत्रि-XV, 2026 भाग लेने वाले देश भारत (भारतीय सेना) और थाईलैंड (रॉयल थाई आर्मी) संस्करण व स्थल 15वां संस्करण – सूरत थानी, थाईलैंड भारतीय सैन्य दल 9 गोरखा राइफल्स (85 सैनिक) संस्थापना वर्ष 2006 से निरंतर आयोजित भारत का पहला घास के मैदान और खुला प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (ONEs) गाइड गाइडबुक: UNCCD COP17 में लॉन्च चर्चा में क्यों? मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित UNCCD (संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय) के COP17 में भारत ने अपनी पहली ‘गाइड टू ग्रासलैंड्स एंड अदर ओपन नेचुरल इकोसिस्टम्स (ONEs) ऑफ इंडिया’ जारी की। यह दस्तावेज भारत के घास के मैदानों, सवाना, मरुस्थल और झाड़ियों वाले क्षेत्रों की पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक महत्ता को रेखांकित करता है। इसका मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों को केवल “बंजर भूमि” (Wastelands) के रूप में न देखकर इनके विज्ञान-आधारित संरक्षण को बढ़ावा देना है। मुख्य बिंदु: खुला प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (ONEs) और भारत की पहल 1. ‘ओपन नेचुरल इकोसिस्टम’ (ONEs) का महत्व 2. गाइडबुक के प्रमुख विषय व सहयोगी संस्थाएं 3. भूमि क्षरण तटस्थता (LDN) और वैश्विक प्रतिबद्धता प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य गाइड का नाम Guide to Grasslands and Other Open Natural Ecosystems (ONEs) of India लॉन्च का अवसर UNCCD COP17 (उलानबटार, मंगोलिया) मुख्य नोडल मंत्रालय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) सहयोगी संस्थाएं ATREE, IUCN, CoE-SLM, ICFRE, और SAC (ISRO) प्रमुख ONEs उदाहरण बन्नी (गुजरात), थार (राजस्थान), दक्कन सवाना, बीहड़ और तराई क्षेत्र ‘शक्ति की सप्त धारा’ संकल्प: कृषि एवं ग्रामीण विकास से विकसित भारत 2047 का रोडमैप चर्चा में क्यों? नई दिल्ली के पूसा परिसर में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘शक्ति की सप्त धारा’ संकल्प कार्यक्रम का नेतृत्व किया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री द्वारा 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस भाषण में घोषित ‘शक्ति की सप्त धारा’ के संकल्पों को ‘विकसित भारत 2047’ के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप में बदलने पर केंद्रित था। इसमें कृषि अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों, लखपति दीदियों और खाद्य प्रसंस्करण निर्यातकों ने भाग लिया। मुख्य बिंदु: कृषि और ग्रामीण विकास का रणनीतिक रोडमैप 1. लखपति दीदी योजना का नया लक्ष्य 2. बाजार पहुंच और ‘शी-मार्ट्स’ 3. कृषि सुरक्षा और खाद्य प्रसंस्करण का सुदृढ़ीकरण प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य संकल्प का नाम शक्ति की सप्त धारा आयोजन स्थल पूसा परिसर, नई दिल्ली संबंधित मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय + ग्रामीण विकास मंत्रालय लखपति दीदी नया लक्ष्य 3 करोड़ – 6 करोड़ ग्रामीण महिलाएं प्रमुख विपणन पहल She-Marts (महिला स्वयं सहायता समूहों हेतु बाजार केंद्र) लक्ष्य वर्ष विकसित भारत @2047 क्वांटम नेटवर्क के लिए ‘General Concurrence Percolation’ (GCP) प्रोटोकॉल चर्चा में क्यों? बोस इंस्टीट्यूट, कोलकाता (DST का स्वायत्त संस्थान) के वैज्ञानिकों ने क्वांटम नेटवर्क के लिए एक नया ‘General Concurrence Percolation’ (GCP) प्रोटोकॉल विकसित किया है। ‘Physical Review A’ पत्रिका में प्रकाशित यह शोध दूरस्थ क्वांटम स्टेशनों के बीच उलझे हुए कणों (Entangled States) के माध्यम से सुरक्षित और कुशल संचार का नया ढांचा प्रदान करता है। मुख्य बिंदु: क्वांटम एंटैंगलमेंट और GCP प्रोटोकॉल की क्रियाप्रणाली 1. पारंपरिक चुनौती (Existing Challenge) 2. GCP प्रोटोकॉल का समाधान (Geometric Routing) 3. भविष्य के क्वांटम इंटरनेट पर प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रोटोकॉल का नाम जनरल कन्करेंस परकोलेशन (GCP) शोध संस्थान बोस इंस्टीट्यूट, कोलकाता (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत) मूल सिद्धांत क्वांटम यांत्रिकी (Quantum Mechanics) + परकोलेशन थ्योरी (Statistical Physics) मुख्य लाभ बिना नोड्स/स्टेशनों को नष्ट किए कम थ्रेशोल्ड पर अधिकतम एंटैंगलमेंट प्राप्त करना शोध पत्रिका फिजिकल रिव्यू A 10 वर्षों में सामाजिक सुरक्षा: 25 करोड़ से 100 करोड़ का ऐतिहासिक विस्तार चर्चा

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17 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

17 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत साइबर खतरों और एआई-आधारित चुनौतियों से निपटने के लिए आयोजित ‘साइबर कुश्ती 2026’ (राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एवं AI हैकाथॉन), डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना के तहत निर्मित भारत की स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप ‘विहान’, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अनुभव का लाभ उठाने हेतु राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार 2026 व पेंशनधारक कल्याण पहलों, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीकों के हस्तांतरण को गति देने वाले RSVC-AMRIT प्लेटफॉर्म, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री की प्रमुख घोषणाओं (AI मिशन, ऊर्जा स्वतंत्रता और नागरिक सुरक्षा ढांचा), तथा भारत की वैश्विक सॉफ्ट पावर को दर्शाने वाले ‘सूर्यपथ तिरंगा’ (वैश्विक ध्वज रिले) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। साइबर कुश्ती 2026: राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एवं AI हैकाथॉन चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) ने ‘साइबर कुश्ती 2026’ राष्ट्रीय हैकाथॉन लॉन्च किया। यह राष्ट्रीय हैकाथॉन साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में केवल कमियां ढूंढने के बजाय प्रतिभागियों की निर्णय क्षमता (Human Judgment) और प्राथमिकताओं के सटीक मूल्यांकन पर केंद्रित है। इस प्रतियोगिता का आयोजन ISAC फाउंडेशन और CERT-In (नॉलेज पार्टनर) के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें ‘अखाड़ा’, ‘दंगल’ और ‘केसरी’ नाम से तीन प्रगतिशील चरण शामिल हैं। मुख्य बिंदु: हैकाथॉन का अनूठा प्रारूप, तीन चरण और पुरस्कार 1. निर्णय क्षमता पर फोकस 2. प्रतियोगिता के तीन प्रमुख चरण 3. सम्मान और पुरस्कार प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक निकाय NIELIT (MeitY के तहत डीम्ड यूनिवर्सिटी)। नॉलेज पार्टनर CERT-In (भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम)। सहयोगी संस्था ISAC Foundation (National Security Database के तहत)। आयोजन का मुख्य मंच 3rd NCCDFI 2026 (9-10 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली)। भाग लेने की पात्रता 3 छात्रों या शोधकर्ताओं की टीमें (मुफ्त पंजीकरण)। स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप ‘विहान’: DLI योजना के तहत बड़ी सफलता चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक महत्वपूर्ण सफलता की घोषणा की। ‘डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव’ (DLI) योजना से समर्थित चेन्नै की ‘अहीसा डिजिटल इनोवेशन’ ने अपनी ब्रॉडबैंड चिप ‘विहान’ का सफल परीक्षण किया। यह नेटवर्क सिस्टम-ऑन-चिप (SoC) स्वदेशी VEGA माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित है। इसने ‘फर्स्ट-पास सिलिकॉन सक्सेस’ हासिल कर ली है। अब यह वर्ष 2027 तक व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ेगी। मुख्य बिंदु: तकनीक, निवेश और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम 1. ‘विहान’ चिप और अहीसा की उपलब्धि 2. वित्तीय प्रोत्साहन और निवेशक विश्वास 3. सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में भारत की बढ़त 4. DLI और C2S योजना के अन्य प्रमुख परिणाम प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य विहान अहीसा द्वारा निर्मित स्वदेशी ब्रॉडबैंड SoC चिप। मूल प्रोसेसर VEGA (C-DAC द्वारा विकसित स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर)। DLI योजना सेमीकंडक्टर डिजाइन स्टार्टअप्स को वित्तीय व तकनीकी सहायता (MeitY)। C2S कार्यक्रम ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ – छात्रों/शोधकर्ताओं द्वारा चिप डिजाइनिंग हेतु। सेमीकॉन 2.0 ₹1.27 लाख करोड़ का बजट, जुलाई 2026 में स्वीकृत। राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार 2026 और पेंशनधारक कल्याण पहलें चर्चा में क्यों? नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 9वें ‘राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार 2026’ समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा इसका आयोजन किया जा रहा है। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस समारोह में 15 चयनित विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। इसी मंच से 60वीं सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श (Pre-Retirement Counselling) कार्यशाला भी आयोजित होगी। मुख्य बिंदु: ‘अनुभव’ पोर्टल, राष्ट्रीय पुरस्कार और पेंशन कल्याण पहलें 1. ‘अनुभव’ पोर्टल और पुरस्कार 2. सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श कार्यशाला 3. डिजिटल गवर्नेस एवं पेंशन सुधार प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक विभाग पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW), कार्मिक मंत्रालय। अनुभव पोर्टल सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों के कार्य अनुभवों का डिजिटल संग्रह। पुरस्कार विजेताओं की संख्या 15 (वर्ष 2026 के लिए)। DLC Campaign 5 डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण) जमा करने का राष्ट्रव्यापी अभियान। पार्टिसिपेटिंग एंटिटीज केंद्रीय कर्मचारी, CPSEs और 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक। RSVC-AMRIT प्लेटफॉर्म: ग्रामीण नवाचार और तकनीक हस्तांतरण चर्चा में क्यों? 80वें स्वतंत्रता दिवस पर भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) प्रो. अजय कुमार सूद ने RSVC-AMRIT प्लेटफॉर्म का आधिकारिक शुभारंभ किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय (OPSA) के सहयोग से तैयार किया है। यह ‘रूरागे स्मार्ट विलेज सेंटर’ (RSVC) का डिजिटल ढांचा है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक पहुंचाने का काम करेगा। मुख्य बिंदु: AMRIT प्लेटफॉर्म और RSVC इकोसिस्टम 1. AMRIT प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य 2. RuTAGe स्मार्ट विलेज सेंटर (RSVC) मॉडल 3. राष्ट्रीय ज्ञान कोष प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्लेटफॉर्म का नाम RSVC-AMRIT विकासकर्ता निकाय NABARD और OPSA (मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय) कार्यान्वयन एजेंसी NABFOUNDATION (नाबार्ड की सहायक संस्था) वित्तपोषण (Funding) नाबार्ड सहायता एवं कॉर्पोरेट CSR लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी पहुंच और ‘विकसित भारत 2047’ को गति देना 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की प्रमुख घोषणाएं: AI, ऊर्जा और नागरिक सुरक्षा चर्चा में क्यों? 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने देश के विकास और सुरक्षा से जुड़े कई दूरगामी राष्ट्रीय लक्ष्यों की घोषणा की। इनमें 1 करोड़ युवाओं को AI कौशल प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क और 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता जैसे बड़े लक्ष्य शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने, 5-15 वर्ष के बच्चों के लिए स्पोर्ट्स टैलेंट हंट और आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए वाइब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क के गठन का ऐलान भी किया। मुख्य बिंदु: 80वें स्वतंत्रता दिवस की प्रमुख राष्ट्रीय घोषणाएं 1. युवा कौशल, शिक्षा और खेल पहल 2. आंतरिक सुरक्षा: आधुनिक वाइब्रेंट सिविल डिफेंस 3. प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता 4. ऊर्जा सुरक्षा: परमाणु ऊर्जा 100 GW लक्ष्य 5. महिला सशक्तिकरण: 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य क्षेत्र / योजना महत्वपूर्ण तथ्य AI Skilling 1 वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण Sports Talent Hunt 5 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रीय अभियान परमाणु ऊर्जा क्षमता वर्ष 2047 तक 100 GW (इसी दशक में 5 नए रिएक्टर्स) लखपति दीदी योजना नया विस्तारित लक्ष्य: 6 करोड़ महिलाएं

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15 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

15 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत देशभक्ति और जनभागीदारी को समर्पित हर घर तिरंगा अभियान (रसायन और पेट्रोरसायन विभाग), उभरती प्रौद्योगिकियों में युवाओं को सक्षम बनाने हेतु फ्यूचरस्किल्स प्राइम पहल, तथा देश में चिप डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र को गति देने वाले चिप्स टू स्टार्ट-अप्स (C2S) कार्यक्रम, कृषि उत्पादन में दक्षता लाने हेतु प्रौद्योगिकी-संचालित फसल निगरानी प्रणाली (AI, ड्रोन और रिमोट सेंसिंग का एकीकरण), रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में ‘कवच 4.0’ प्रणाली को मंजूरी, तथा ऐतिहासिक सीख, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय सुरक्षा के परिदृश्य पर केंद्रित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। हर घर तिरंगा अभियान: रसायन और पेट्रोरसायन विभाग द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह चर्चा में क्यों? स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रसायन और उर्वरक मंत्रालय के रसायन और पेट्रोरसायन विभाग (DCPC) ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का आयोजन किया। विभाग के सचिव तेजवीर सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस वर्ष का यह समारोह ऐतिहासिक दृष्टिकोण से बेहद खास रहा, क्योंकि देश हमारे राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने का गौरवशाली उत्सव मना रहा है। इस दौरान अधिकारियों ने नागरिकों से अपने घरों पर तिरंगा फहराने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। मुख्य बिंदु: राष्ट्र निर्माण, वंदे मातरम का 150वाँ वर्ष और संस्थागत भागीदारी 1. ‘वंदे मातरम’ का 150वाँ वर्ष और राष्ट्रीय प्रतीक 2. CIPET और अधीनस्थ संस्थानों की सक्रिय भूमिका प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक विभाग रसायन और पेट्रोरसायन विभाग (DCPC), रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय। विशेष ऐतिहासिक अवसर ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होना। शामिल प्रमुख संस्थान CIPET (Central Institute of Petrochemicals Engineering & Technology)। आयोजन स्थल कर्तव्य भवन, नई दिल्ली तथा CIPET के देशव्यापी परिसर। फ्यूचरस्किल्स प्राइम: उभरती प्रौद्योगिकियों में डिजिटल कार्यबल का सशक्तीकरण चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ‘फ्यूचरस्किल्स प्राइम’ कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट जारी की। यह पहल MeitY और NASSCOM का एक संयुक्त प्रयास है, जो युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बिग डेटा, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर डिजाइन जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में री-स्किल और अप-स्किल कर रही है। अब तक इस पोर्टल पर 34 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 13 लाख से अधिक को सफलतापूर्वक प्रमाणित किया जा चुका है। मुख्य बिंदु: डिजिटल कौशल, कार्यबल की स्थिति और पूर्वोत्तर भारत 1. भारत का वैश्विक डिजिटल परिदृश्य 2. फ्यूचरस्किल्स प्राइम की प्रमुख विशेषताएं 3. राज्यवार आंकड़े (शीर्ष प्रदर्शनकर्ता) 4. पूर्वोत्तर और हिमालयी क्षेत्रों के लिए विशेष पहल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पहल का नाम फ्यूचरस्किल्स प्राइम कार्यान्वयन मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) + NASSCOM योजना का प्रकार केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) सफलता का स्तर 34 लाख+ पंजीकृत, 23 लाख+ प्रशिक्षित, 13 लाख+ प्रमाणित। समावेशिता 41% महिला भागीदारी, 86% टियर-2/3 शहरों से। संबंधित संस्थान C-DAC, NIELIT, NASSCOM, IndiaAI Mission। चिप्स टू स्टार्ट-अप्स (C2S) कार्यक्रम: भारत के सेमीकंडक्टर डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र का सुदृढ़ीकरण चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ‘चिप्स टू स्टार्ट-अप्स’ (C2S) कार्यक्रम की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट साझा की। भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन का वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस कार्यक्रम के तहत अब तक 68,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, देश के विभिन्न संस्थानों में 254 चिप डिजाइन का सफल टेप-आउट किया गया है। मुख्य बिंदु: C2S कार्यक्रम, उपलब्धियां और आंध्र प्रदेश का प्रदर्शन 1. C2S कार्यक्रम का मूल उद्देश्य 2. राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख उपलब्धियां 3. आंध्र प्रदेश राज्य की स्थिति और विशेष शोध परियोजनाएं प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम चिप्स टू स्टार्ट-अप्स (C2S) नोडल मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) कुल कार्यबल लक्ष्य 85,000 विशेषज्ञ (B.Tech, M.Tech, PhD स्तर) प्रशिक्षित छात्र 68,000+ छात्र EDA टूल्स प्राप्त संस्थान 332 शैक्षणिक संस्थान कुल टेप-आउट चिप्स 254 (175 स्वदेशी SCL मोहाली में, 79 विदेशी फाउंड्रीज में) प्रमुख स्वदेशी फाउंड्री सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला (SCL), मोहाली (180 nm) प्रौद्योगिकी-संचालित फसल निगरानी प्रणाली: कृषि में AI, ड्रोन और रिमोट सेंसिंग का एकीकरण चर्चा में क्यों? कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में प्रौद्योगिकी-संचालित फसल निगरानी प्रणालियों (Technology-driven Crop Monitoring Systems) के क्रियान्वयन की अद्यतन जानकारी साझा की। भारत सरकार उपग्रह (Satellites), ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रिमोट सेंसिंग, GIS और IoT का उपयोग कर कृषि क्षेत्र को डिजिटल और सटीक (Precision Farming) बना रही है। इस विस्तृत रिपोर्ट में प्रमुख डिजिटल पहलों और उनके प्रत्यक्ष लाभों को रेखांकित किया गया है। मुख्य बिंदु: रिमोट सेंसिंग, AI, ड्रोन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का एकीकरण 1. रिमोट सेंसिंग और GIS आधारित प्रमुख पहलें 2. कृषि में ड्रोन तकनीक का उपयोग 3. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल पहलों का विस्तार 4. AgriStack और डिजिटल एग्री मिशन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य पहल / प्रणाली नोडल एजेंसी / मंत्रालय मुख्य कार्य / विशेषता FASAL कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय 20 राज्यों में 11 फसलों के लिए उपग्रह आधारित पूर्व-कटाई पूर्वानुमान। YESTECH PMFBY के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर उपग्रह से उपज का अनुमान। WINDS PMFBY के अंतर्गत ब्लॉक (AWS) और पंचायत स्तर (ARG) पर मौसम स्टेशन नेटवर्क। NPSS कृषि मंत्रालय AI-आधारित कीट पहचान प्रणाली (73 फसलें, 436 कीट)। Namo Drone Didi केंद्रीय क्षेत्र की योजना SHG महिलाओं को ड्रोन पायलट प्रशिक्षण व 1,094 ड्रोन वितरित। BharatVistaar कृषि हेतु DPI AI-संचालित बहुभाषी किसान परामर्श मंच। Krishi MApper राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन प्राकृतिक कृषि क्लस्टरों का जियो-टैगिंग ऐप। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में ‘कवच 4.0’ प्रणाली को मंजूरी चर्चा में क्यों? भारतीय रेल ने पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के इज्जतनगर मंडल में 660 मार्ग किलोमीटर (Route Km) पर कवच संस्करण 4.0 लागू करने की मंजूरी दी। ₹295 करोड़ की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना “भारतीय रेलवे के शेष खंडों पर LTE संचार बैकबोन के साथ कवच का प्रावधान” अम्रेला कार्य के तहत स्वीकृत की गई है। मुख्य बिंदु: तकनीक, कार्यप्रणाली और परिचालन लाभ 1. प्रोजेक्ट का दायरा और बैकबोन 2. कवच प्रणाली

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14 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

14 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत पारंपरिक सोवा-रिग्पा चिकित्सा प्रणाली में उत्कृष्ट योगदान हेतु डॉ. पदमा गुरमेत को प्राप्त यूटी लद्दाख राज्य पुरस्कार, भारत के पहले रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) मैन्युफैक्चरिंग मिशन, अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर पर्यटन स्थलों के एकीकृत विकास हेतु SASCI योजना, अंतरिक्ष सततता को बढ़ावा देने वाले ISRO के ‘डेब्रिस फ्री स्पेस मिशन’, महिला पुलिस व सुरक्षा अधिकारियों हेतु ‘साइबरशक्ति’ क्षमता निर्माण कार्यक्रम, SMILE-Beggary पुनर्वास योजना, आयुष व पारंपरिक औषधियों के वैश्विक मानकीकरण हेतु “One Herb, One Standard” पहल, तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक शुद्ध खाद्य सुनिश्चित करने वाली मोबाइल फूड टेस्टिंग प्रयोगशालाओं के लिए भारत की पहली प्रत्यायन योजना (Accreditation Scheme) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। डॉ. पदमा गुरमेत को सोवा-रिग्पा चिकित्सा में उत्कृष्ट सेवा के लिए यूटी लद्दाख राज्य पुरस्कार चर्चा में क्यों? लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोवा-रिग्पा, लेह के निदेशक डॉ. पदमा गुरमेत को वर्ष 2025 के ‘यूटी लद्दाख राज्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया। यह पुरस्कार उन्हें लद्दाख की पारंपरिक ‘सोवा-रिग्पा’ चिकित्सा प्रणाली के संरक्षण, प्रचार और विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया है। इस राज्य पुरस्कार समारोह में वर्ष 2022 से 2025 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अनुकरणीय सेवा देने वाली 36 हस्तियों को सम्मानित किया गया। मुख्य बिंदु: सोवा-रिग्पा प्रणाली और राष्ट्रीय संस्थान का योगदान 1. पुरस्कार का महत्व और दृष्टिकोण 2. सोवा-रिग्पा चिकित्सा प्रणाली क्या है? 3. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोवा-रिग्पा (NISR), लेह प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार प्राप्तीकर्ता डॉ. पदमा गुरमेत (निदेशक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोवा-रिग्पा)। सम्मानित संस्था/संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोवा-रिग्पा (NISR), लेह। नोडल मंत्रालय आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush)। सोवा-रिग्पा का अर्थ ‘आरोग्य का विज्ञान’ (Science of Healing)। अन्य नाम इसे आमतौर पर ‘अमची चिकित्सा प्रणाली’ (Amchi System) भी कहा जाता है। भारत का पहला रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) मैन्युफैक्चरिंग मिशन चर्चा में क्यों? भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) ने ‘सिनटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) योजना’ के तहत ग्लोबल टेंडर में 20 दिग्गज कंपनियों की बोलियां प्राप्त कीं। इस योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नवंबर 2025 में मंजूरी दी थी। इसके माध्यम से भारत में एकीकृत ‘NdFeB REPM’ निर्माण सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। यह कदम देश को क्रिटिकल मिनरल्स और आधुनिक तकनीक में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। मुख्य बिंदु: योजना की संरचना, उद्देश्य और रणनीतिक महत्व 1. योजना का वित्तीय ढांचा और लक्ष्य 2. प्रमुख बोलीदाता और निजी क्षेत्र की भागीदारी 3. REPM का उपयोग और भारत के लिए महत्व प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नोडल मंत्रालय भारी उद्योग मंत्रालय (MHI)। कुल योजना बजट ₹7,280 करोड़। लक्ष्य क्षमता 6,000 MTPA (5 लाभार्थी, प्रत्येक 1,200 MTPA)। योजना की कुल अवधि 7 वर्ष (2 वर्ष सेटअप + 5 वर्ष इंसेंटिव)। मुख्य प्रयुक्त सामग्री NdFeB (नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन)। SASCI योजना: वैश्विक स्तर के प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों का विकास चर्चा में क्यों? केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में SASCI योजना के क्रियान्वयन की जानकारी दी। भारत सरकार ने देश के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर के आइकॉनिक केंद्रों में बदलने के लिए वित्त वर्ष 2024-25 में 23 राज्यों की 40 परियोजनाओं के लिए ₹3,295.76 करोड़ की शत-प्रतिशत (100%) केंद्रीय वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। इसके अतिरिक्त, संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत नागालैंड, मिजोरम और हिमाचल प्रदेश को ₹250-250 करोड़ की विशेष सहायता जारी की गई है। मुख्य बिंदु: योजना की संरचना, मानदंड और डिजिटल निगरानी 1. वित्तपोषण और नया नीतिगत बदलाव 2. परियोजनाओं के चयन के प्रमुख मानदंड पर्यटन मंत्रालय ने राज्यों द्वारा सौंपी गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) का मूल्यांकन इन मानकों पर किया: 3. अंतर-मंत्रालयी समन्वय और ‘PMIS’ डिजिटल प्लेटफॉर्म 4. देश की प्रमुख स्वीकृत पर्यटन परियोजनाएं (राज्यवार झलक) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का पूरा नाम राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता (SASCI)। नोडल मंत्रालय पर्यटन मंत्रालय (वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सहयोग से)। 2024-25 कुल बजट ₹3,295.76 करोड़ (23 राज्यों में 40 प्रोजेक्ट्स)। डिजिटल ट्रैकिंग टूल PMIS (प्रोग्राम मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम)। पहला पूर्ण प्रोजेक्ट धोर्डो (गुजरात) टेंटेड सिटी और कन्वेंशन सेंटर। अंतरिक्ष कचरा प्रबंधन एवं ISRO का ‘डेब्रिस फ्री स्पेस मिशन’ चर्चा में क्यों? केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में जानकारी दी कि ISRO लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क (जैसे स्टारलिंक, वनवेब) के कारण तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष कचरे (Space Debris) से निपटने के लिए ठोस कदम उठा रहा है। ISRO का फ्लैगशिप ‘डेब्रिस फ्री स्पेस मिशन’ (DFSM) और एक्टिव डेब्रिस रिमूवल (ADR) जैसी तकनीकें भारत की अंतरिक्ष संपत्तियों को सुरक्षित करने और अंतरिक्ष के सतत उपयोग में अहम भूमिका निभा रही हैं। मुख्य बिंदु: अंतरिक्ष कचरा, चुनौतियां और भारत का सुरक्षा ढांचा 1. LEO उपग्रहों की बढ़ती संख्या से उपजी चुनौतियां 2. ISRO की पहल: डेब्रिस फ्री स्पेस मिशन (DFSM) 3. अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत की भागीदारी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य IADC सदस्यता ISRO वर्ष 1996 से IADC का सदस्य है (IADC की स्थापना 1993 में हुई थी)। IS4OM ISRO का ‘सिस्टम फॉर सेफ एंड सस्टेनेबल स्पेस ऑपरेशन्स मैनेजमेंट’ (स्पेस डेब्रिस ट्रैकिंग सेंटर)। ADR एक्टिव डेब्रिस रिमूवल। भारतीय अंतरिक्ष नीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत ‘एंड-ऑफ-लाइफ’ निपटान नियमों का पालन अनिवार्य बनाती है। IN-SPACe NGP 2024 निजी अंतरिक्ष कंपनियों के लिए पोस्ट-मिशन डिस्पोजल नियम लागू करता है। महिला अधिकारियों की साइबर सुरक्षा क्षमता निर्माण हेतु साइबरशक्ति कार्यक्रम चर्चा में क्यों? सरकार ने महिला सशक्तिकरण पर संसदीय स्थायी समिति (2026) की सिफारिशों पर संज्ञान लेते हुए ‘साइबरशक्ति’ कार्यक्रम के विस्तार को हरी झंडी दी है। अक्टूबर 2024 में दो साल के लिए शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों और सरकारी महिला अधिकारियों को साइबर सुरक्षा में दक्ष बनाना है। मई 2026 में साइबर सुरक्षा वर्किंग ग्रुप द्वारा इसके दूसरे चरण की सिफारिश के बाद, अब इस पहल को व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी है। इसके तहत ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से महिला अधिकारियों का कौशल विकास किया जा रहा है, ताकि वे साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपट सकें। मुख्य बिंदु: कार्यक्रम का दायरा, तालिम का

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NCERT Notes Class 7 Social science (Geography) Chapter 12: Understanding Markets

NCERT Notes Class 7 Social science (Geography) Chapter 12: Understanding Markets के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के बाजारों—जैसे साप्ताहिक बाजार (Weekly Markets), मोहल्ले की दुकानें, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स/मॉल और ऑनलाइन बाजार—की कार्यप्रणाली और उनकी विशिष्टताओं को स्पष्ट करता है। और यह खेतों या कारखानों में बनने वाले सामान के उपभोक्ता तक पहुँचने के सफर यानी ‘बाजार की श्रृंखला’ (Chain of Markets) को समझाता है।तथा थोक व्यापारियों (Wholesalers), खुदरा व्यापारियों (Retailers) और मध्यस्थों (Intermediaries) की भूमिका के साथ-साथ यह भी उजागर किया गया है कि किस प्रकार इस पूरी व्यवस्था में बड़े व्यापारियों और किसानों/कारीगरों के बीच अवसरों और मुनाफे की भारी असमानता (Inequality in Markets) पाई जाती है। बाजार क्या है? (What is a Market?) बाजार वह स्थान है जहाँ वस्तुओं और सेवाओं का क्रय-विक्रय (खरीद और बिक्री) होता है। शब्दावली विजयनगर साम्राज्य का प्रसिद्ध हम्पी बाजार हम्पी बाजार विजयनगर साम्राज्य का एक अत्यंत समृद्ध और फलता-फूलता व्यापारिक केंद्र था। विदेशी यात्रियों के विवरण विजयनगर साम्राज्य के बाजारों की समृद्धि का वर्णन पुर्तगाली यात्रियों ने अपने यात्रा वृत्तांतों में किया है: बाजार के अनिवार्य तत्व तत्व विवरण क्रेता और विक्रेता (Buyer & Seller) लेन-देन प्रक्रिया के दो मुख्य पक्ष। वस्तुएँ/सेवाएँ (Goods & Services) विनिमय की जाने वाली सामग्रियाँ। मूल्य (Price) वह राशि जिस पर दोनों पक्ष सहमत होते हैं। मोलभाव (Bargaining) अंतिम मूल्य तय करने की वार्ता प्रक्रिया। कीमतें और बाजार (Prices and Markets) बाजार में कीमत का निर्धारण केवल विक्रेता नहीं करता। यह खरीदार और विक्रेता के बीच की बातचीत और आपसी सहमति से तय होता है। मूल्य निर्धारण के तीन परिदृश्य माँग और पूर्ति का नियम हमारे आस-पास के बाजार भौतिक और ऑनलाइन बाजार शब्दावली घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार भारत का वैश्विक व्यापार क्षेत्र/महाद्वीप भारत के प्रमुख निर्यात (India’s Exports) भारत के प्रमुख आयात (India’s Imports) उत्तरी अमेरिका आउटसोर्स्ड सेवाएँ (उदा. सॉफ्टवेयर) हवाई जहाज और उनके उपकरण दक्षिण अमेरिका रासायनिक उत्पाद (Chemical products) खनिज अयस्क (उदा. ताँबा/Copper) अफ्रीका दवाइयाँ (Pharmaceuticals) हीरे (Diamonds) यूरोप इंजीनियरिंग उत्पाद (खाद्य प्रसंस्करण मशीनरी, बॉयलर्स) इलेक्ट्रिकल उपकरण पश्चिम एशिया परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पाद (Refined Petroleum) कच्चा तेल (Crude Petroleum), उर्वरक (Fertilizers) दक्षिण-पूर्व एशिया — वनस्पति तेल (Vegetable Oils) थोक और खुदरा बाजार (Wholesale and Retail Markets) बाजारों में भौतिक वस्तुओं का प्रवाह भौतिक बाजारों में वस्तुओं का प्रवाह एक निश्चित श्रृंखला में होता है: कच्चा माल / इनपुट – उत्पादक / निर्माता – गोदाम / डिस्ट्रीब्यूटर्स – मंडियाँ / थोक बाजार – थोक विक्रेता (Wholesalers) – खुदरा विक्रेता (Retailers) – अंतिम उपभोक्ता (Consumers) थोक बाजार (Wholesale Markets) खुदरा विक्रेता, वितरक और एग्रीगेटर (Retailers, Distributors & Aggregators) शब्दावली सूरत टेक्सटाइल मार्केट: आपूर्ति श्रृंखला सूरत (गुजरात) एशिया का सबसे पुराना कपड़ा बाजार और भारत का प्रमुख टेक्सटाइल हब है। सूरत: हीरा और कपड़ा उद्योग लोगों के जीवन में बाजारों की भूमिका (The Role of Markets in People’s Lives) बाजार केवल व्यापार का माध्यम नहीं हैं। यह हमारी अर्थव्यवस्था और समाज दोनों की रीढ़ हैं। बाजार समाज को कैसे लाभ पहुँचाते हैं इमा कैथल और सामाजिक परंपराएँ बाजार के दोहरे आयाम पहलू आर्थिक भूमिका (Economic Role) सामाजिक व सांस्कृतिक भूमिका (Social Role) मुख्य कार्य वस्तु व सेवा का क्रय-विक्रय सामाजिक संबंध व विश्वास का निर्माण प्रभाव रोजगार सृजन, आय व आपूर्ति श्रृंखला सांस्कृतिक आदान-प्रदान, महिला सशक्तिकरण उदाहरण उत्पादकों को माँग का संकेत मिलना इमा कैथल (मणिपुर), स्थानीय उधारी खाता system बाजार में सरकार की भूमिका (Government’s Role in the Market) खरीदारों और विक्रेताओं की सुरक्षा हेतु मूल्य नियंत्रण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना बाजार के बाहरी दुष्प्रभावों को कम करना सार्वजनिक वस्तुओं की प्रावधान-व्यवस्था उपभोक्ता गुणवत्ता का आकलन कैसे करें? प्रमुख सरकारी प्रमाणन चिह्न मार्क / मानक पूर्ण रूप / जारीकर्ता संबंधित उत्पाद मुख्य उद्देश्य FSSAI भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (Food Packets) खाद्य सुरक्षा और उपभोग हेतु परीक्षण ISI Mark भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) इलेक्ट्रिकल उपकरण, निर्माण सामग्री, टायर, कागज सुरक्षा और न्यूनतम गुणवत्ता की गारंटी AGMARK कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय कृषि उत्पाद (फल, सब्जियाँ, दालें, मसाले, शहद) कृषि उत्पादों की श्रेणी व शुद्धता BEE Star Rating ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (Bureau of Energy Efficiency) इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (TV, AC, लैपटॉप) ऊर्जा दक्षता; अधिक स्टार = कम बिजली खप NCERT Class 7, Social Science Ch-10 यहाँ पढ़ें:-

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