27 & 28 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत यूनेस्को द्वारा बौद्ध विरासत सारनाथ को विश्व धरोहर स्थल घोषित किए जाने, अमेरिकी व्यापार नीति के सेक्शन 301 टैरिफ के तहत भारत, वर्ष 2014 से 2026 तक के 8 प्रमुख संविधान संशोधन, आंध्र प्रदेश में FCV तंबाकू बाजार की समीक्षा, खगोलविदों द्वारा सक्रिय रूप से बनते ‘ब्लू स्ट्रैग्लर स्टार’ की अभूतपूर्व खोज, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु म्यूजियम ग्रांट स्कीम, बिहार में सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण के लिए कोसी-मेची अंतःराज्यीय लिंक परियोजना, महाराष्ट्र के महान संत संत गजानन महाराज के 150वें प्रकट दिन पर राष्ट्रीय मान्यता की मांग, तथा पेरिस समझौते के तहत भारत के एनडीसी (NDC) लक्ष्यों की नवीनतम प्रगति का अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। सारनाथ बना यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल चर्चा में क्यों? उत्तर प्रदेश के प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को आधिकारिक तौर पर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची (UNESCO World Heritage List) में शामिल कर लिया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे भारत की सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। यह मान्यता भारत में बौद्ध पर्यटन (Buddhist Circuit) को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने और भगवान बुद्ध के ज्ञान, करुणा व शांति के संदेशों को दुनिया भर में फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्य बिंदु: सारनाथ का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य महत्व 1. धार्मिक एवं ऐतिहासिक प्रासंगिकता 2. मुख्य स्मारक एवं वास्तुकला 3. वैश्विक और आर्थिक प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य स्थल का नाम सारनाथ (वाराणसी के पास, उत्तर प्रदेश)। ऐतिहासिक घटना धर्मचक्रप्रवर्तन (बुद्ध का प्रथम उपदेश)। अंतरराष्ट्रीय दर्जा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (25 जुलाई 2026)। प्रमुख संरचनाएं धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप, मूलगंध कुटी विहार, अशोक स्तंभ। राष्ट्रीय प्रतीक सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष (Lion Capital)। प्राचीन नाम ऋषिपतन या मृगदाव। अमेरिका का सेक्शन 301 टैरिफ: भारत को 10% के निचले टैरिफ ब्रैकेट में मिली जगह चर्चा में क्यों? यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने अमेरिकी ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 301 के तहत अंतिम उपायों की घोषणा की। यह कार्रवाई बंधुआ श्रम से निर्मित वस्तुओं के आयात पर रोक से जुड़े नियमों की जांच के बाद की गई है। USTR ने इस जांच में भारत सहित 60 अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया था। भारत सरकार के कूटनीतिक प्रयासों के कारण प्रस्तावित 12.5% शुल्क को घटाकर अंतिम रूप से 10% अतिरिक्त शुल्क कर दिया गया है। इससे भारत को अन्य प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में निचले टैरिफ ब्रैकेट में जगह मिली है। मुख्य बिंदु: टैरिफ छूट, निर्यात प्रभाव और रणनीतिक कूटनीति 1. धारा 301 शुल्क में राहत 2. निर्यात पर प्रभाव और छूट 3. वस्त्र क्षेत्र और भावी द्विपक्षीय व्यापार प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अमेरिकी अधिनियम यू.एस. ट्रेड एक्ट, 1974 (सेक्शन 301 एवं सेक्शन 232)। जांच का आधार जबरन श्रम/बंधुआ श्रम (Forced Labour) से बनी वस्तुओं का आयात। अंतिम टैरिफ दर भारत पर 10% अतिरिक्त शुल्क (प्रारंभिक प्रस्ताव: 12.5%)। छूट प्राप्त निर्यात भारत के 45% निर्यात (जेनेरिक दवाएं, स्मार्टफोन, स्टील, ऑटो पार्ट्स) मुक्त। प्रभावित निर्यात भारत के 55% निर्यात पर 10% अतिरिक्त शुल्क लागू। जारी वार्ताएं भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता (Bilateral Trade Agreement)। संविधान संशोधन अधिनियम (2014-2026): पिछले 12 वर्षों के 8 प्रमुख संशोधन चर्चा में क्यों? केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में जानकारी दी कि पिछले 12 वर्षों (2014 से 2026) के दौरान भारतीय संविधान में कुल 8 संशोधन अधिनियम पारित किए गए हैं। ये संशोधन न्यायपालिका, कराधान, क्षेत्रीय सीमाओं, सामाजिक आरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं। मुख्य बिंदु: पिछले 12 वर्षों में पारित 8 संविधान संशोधन 1. 99वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2014 (NJAC) 2. 100वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2015 (भारत-बांग्लादेश भू-सीमा) 3. 101वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 (GST) 4. 102वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 (NCBC) 5. 103वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 (EWS आरक्षण) 6. 104वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 (SC/ST आरक्षण विस्तार) 7. 105वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2021 (OBC सूची अधिकार) 8. 106वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2023 (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य संशोधन अधिनियम वर्ष मुख्य विषय-वस्तु संबंधित प्रमुख अनुच्छेद 99वां 2014 NJAC गठन (सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द) Art 124A, 124B, 124C 100वां 2015 भारत-बांग्लादेश भू-सीमा समझौता प्रथम अनुसूची (First Schedule) 101वां 2016 जीएसटी (GST) लागू Art 246A, 269A, 279A 102वां 2018 NCBC को संवैधानिक दर्जा Art 338B, 342A 103वां 2019 EWS हेतु 10% आरक्षण Art 15(6), 16(6) 104वां 2019 SC/ST आरक्षण 2030 तक बढ़ा, एंग्लो-इंडियन खत्म Art 334 105वां 2021 राज्यों की OBC सूची बनाने की शक्ति बहाल Art 342A, 366(26C) 106वां 2023 महिलाओं को लोकसभा/विधानसभा में 33% आरक्षण Art 330A, 332A, वाणिज्य मंत्रालय द्वारा आंध्र प्रदेश में FCV तंबाकू बाजार की समीक्षा चर्चा में क्यों? भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल (अपर सचिव श्री नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में) ने आंध्र प्रदेश का दौरा कर फ़्लू-क्योर्ड वर्जीनिया (FCV) तंबाकू की बाजार स्थितियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान केंद्रीय टीम ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू, तंबाकू बोर्ड के अध्यक्ष और कार्यकारी निदेशक के साथ बैठक की। इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य FCV तंबाकू उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा करना, नीलामी प्रक्रिया की पारदर्शिता जांचना और बाजार में मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक उपाय खोजना है। मुख्य बिंदु: FCV तंबाकू बाजार समीक्षा और प्रशासनिक कदम 1. वेल्लामपल्ली ऑक्शन प्लेटफॉर्म का दौरा 2. केंद्र और राज्य सरकार का साझा रुख FCV तंबाकू क्या है और इसका क्या महत्व है? प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / पहलू महत्वपूर्ण तथ्य तंबाकू बोर्ड (Tobacco Board) वैधानिक निकाय (तंबाकू बोर्ड अधिनियम, 1975 के तहत 1976 में स्थापित)। नोडल मंत्रालय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry)। मुख्यालय गुंटूर, आंध्र प्रदेश। FCV तंबाकू में वैश्विक रैंक भारत FCV तंबाकू का दुनिया में 4वां सबसे बड़ा उत्पादक (चीन, ब्राजील और जिम्बाब्वे के बाद)। असंस्कृत तंबाकू निर्यात भारत मात्रा के आधार पर दुनिया का 2रा सबसे बड़ा निर्यातक (ब्राजील के बाद)। भारत में मुख्य उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश (सबसे बड़ा FCV उत्पादक, 45%+ हिस्सेदारी) और कर्नाटक। सक्रिय रूप से बनते ‘ब्लू स्ट्रैग्लर स्टार’ की खोज चर्चा में क्यों? भारतीय और