NCERT Notes Class 7 Social science (Geography) Chapter 5: The Rise of Empires
NCERT Notes Class 7 Social science (Geography) Chapter 5: The Rise of Empires के अंतर्गत मौर्य साम्राज्य और उसके बाद के गुप्त साम्राज्य जैसे महान राजवंशों के उत्थान और उनकी प्रशासनिक प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करता है। और चंद्रगुप्त मौर्य के नेतृत्व में विशाल साम्राज्य की स्थापना, कौटिल्य (चाणक्य) के ‘अर्थशास्त्र’ पर आधारित सुदृढ़ प्रशासनिक व गुप्तचर ढाँचे, और महान सम्राट अशोक की युद्ध नीति से ‘धम्म’ नीति की ओर परिवर्तन की ऐतिहासिक घटनाओं को विस्तार से समझाया गया है। तथा गुप्त काल के दौरान हुए कला, साहित्य, विज्ञान, खगोलशास्त्र और स्थापत्य कला के अभूतपूर्व विकास के कारणों को उजागर करते हुए यह स्पष्ट करता है कि क्यों इस युग को प्राचीन भारत का ‘स्वर्ण काल’ माना जाता है। साम्राज्य क्या होता है? (What is an Empire?) जागीरदार राज्य साम्राज्य की मुख्य विशेषताएँ (Features of an Empire) साम्राज्य बनाम राज्य आधार राज्य / राज्यक्षेत्र साम्राज्य (Empire) भौगोलिक आकार सीमित व स्थानीय क्षेत्र विशाल भूभाग (जिसमें कई छोटे राज्य शामिल हों) शासन प्रणाली एक राजा का सीधा नियंत्रण सम्राट के अधीन कई करद या अधीनस्थ राजा संसाधन आवश्यकता सीमित सैन्य व प्रशासनिक बल विशाल स्थायी सेना व जटिल नौकरशाही सांस्कृतिक विविधता मुख्यतः एकरूप संस्कृति विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों का समावेश व्यापार, व्यापार मार्ग और श्रेणियाँ (Trade, trade routes and guilds) श्रेणी (Guilds) प्रमुख व्यापारिक शहर और मार्ग (500 BCE के बाद) प्राचीन व्यापारिक मार्गों (उत्तरापथ और दक्षिणापथ) पर स्थित प्रमुख नगर: क्षेत्र प्रमुख शहर / व्यापारिक केंद्र उत्तर व उत्तर-पश्चिम तक्षशिला, शिबिपुर, हस्तिनापुर मध्य व मध्य-पूर्व मथुरा, श्रावस्ती, वैशाली, काशी, पाटलिपुत्र, कौशाम्बी, राजगृह, चंपा पूर्वी तट ताम्रलिप्ति, कलिंगनगर, प्राग्ज्योतिषपुर पश्चिमी तट व मध्य भारत भरुकच्छ, सोपारा, उज्जैनी, द्वारका, प्रतिष्ठान दक्षिण भारत सुवर्णगिरि, मुचिरि, कांचीपुरम, कावेरीपट्टिनम, मदुरै मगध का उदय (The Rise of Magadha) धार्मिक एवं साहित्यिक समकालीन मगध के उत्कर्ष के भौगोलिक व तकनीकी कारक नंद वंश (Nanda Dynasty) यूनानियों का आगमन (The Arrival of the Greeks) यूनानी आक्रमण का कालक्रम वर्ष ऐतिहासिक घटना 334–331 BCE सिकंदर का फारस अभियान: मैसेडोनिया के सिकंदर ने फारसी साम्राज्य को जीता। यूनानी संस्कृति का प्रसार तीन महाद्वीपों में हुआ। 327–325 BCE भारत अभियान: सिकंदर ने पंजाब में पोरस को हराया (झेलम/हाइडैस्पीज का युद्ध)। स्थानीय जनजातियों के उग्र प्रतिरोध का सामना किया। यूनानी अभिलेखों के अनुसार ‘महिलाओं ने पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर युद्ध लड़ा’। सिकंदर घायल हुआ। 325 BCE वापसी: व्यास नदी पर थक चुकी सेना के इनकार के बाद सिकंदर ने दक्षिण के तटीय मार्ग और ईरान के मरुस्थल से वापसी की। प्यास, भूख और बीमारी से सेना को भारी क्षति हुई। 324–323 BCE सिकंदर की मृत्यु: बेबीलोन में 32 वर्ष की आयु में मृत्यु। साम्राज्य उसके जनरलों और क्षत्रपों में विभाजित हो गया। शक्तिशाली मौर्य साम्राज्य (The Mighty Mauryas) कौटिल्य की कहानी (The story of Kauṭilya) चंद्रगुप्त मौर्य का उदय (The rise of Chandragupta Maurya) कौटिल्य की राज्य सम्बन्धित अवधारणा (Kauṭilya’s concept of a kingdom) कौटिल्य का सप्तांग सिद्धांत (Kauṭilya’s Saptanga) राज्य के 7 अनिवार्य अंग: नंद साम्राज्य बनाम मौर्य साम्राज्य आधार नंद साम्राज्य (Nanda Empire) मौर्य साम्राज्य (Maurya Empire) संस्थापक महापद्म नंद चंद्रगुप्त मौर्य (कौटिल्य के सहयोग से) भौगोलिक विस्तार मुख्यतः पूर्वी व उत्तरी भारत उत्तर-पश्चिम (तक्षशिला/कंधार) से दक्कन तक प्रशासनिक आधार दमनकारी कर व जनता में असंतोष कौटिल्य का अर्थशास्त्र व कल्याणकारी राज्य अवधारणा विदेश संबंध सीमित (यूनानी स्रोतों में सेना का उल्लेख) यूनानियों के साथ प्रत्यक्ष कूटनीति (मेगस्थनीज) सम्राट अशोक: शांति का मार्ग अशोक के अभिलेख जन-कल्याण, पर्यावरण संरक्षण एवं सहिष्णुता धम्म की अवधारणा) मौर्य साम्राज्य का पतन मुख्य अशोककालीन स्थल स्थल वर्तमान स्थिति पुरातात्विक महत्व गिरनार गुजरात प्रसिद्ध शिलालेख टोपरा दिल्ली (फिरोजशाह कोटला में स्थापित) स्तंभ लेख धौली ओडिशा कलिंग युद्ध से संबंधित शिलालेख कंधार अफगानिस्तान उत्तर-पश्चिम का सीमावर्ती अभिलेख मास्की कर्नाटक अशोक के नाम का प्रत्यक्ष उल्लेख मौर्य काल में जीवन (Life in the Mauryan period) सोहगौरा ताम्रपत्र अभिलेख मौर्यों के प्रमुख योगदान कला और वास्तुकला (Art and Architecture) साम्राज्यों की भंगुरता साम्राज्य एक तरफ राजनीतिक एकता और समृद्धि लाते हैं, तो दूसरी तरफ युद्ध और सैन्य बल पर टिके होने के कारण आंतरिक रूप से कमजोर भी होते हैं। पतन के मुख्य कारण: मौर्यकालीन समय-रेखा समय काल ऐतिहासिक घटना / शासक 600–500 BCE महाजनपदों का उदय और अजातशत्रु द्वारा मगध का सुदृढ़ीकरण। 400 BCE महापद्म नंद द्वारा नंद वंश की स्थापना और साम्राज्य विस्तार। 321 BCE चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा मौर्य साम्राज्य की स्थापना। 268–232 BCE सम्राट अशोक का शासनकाल (धम्म और अभिलेखों का युग)। 185 BCE मौर्य साम्राज्य का अंतिम रूप से पतन। NCERT Class 7, Social Science Ch-3 यहाँ पढ़ें:-