Give The Best…..Take The Best

Author name: Nirmanias

NCERT

NCERT Notes Class 7 Social science (Geography) Chapter 9: From the Rulers to the Ruled: Types of Goverments

NCERT Notes Class 7 Social science (Geography) Chapter 9: From the Rulers to the Ruled: Types of Goverments के अंतर्गत सरकार के विभिन्न रूपों—जैसे राजतंत्र (Monarchy), तानाशाही (Dictatorship), अल्पतंत्र (Oligarchy) और लोकतंत्र (Democracy)—की मूलभूत विशेषताओं, उनकी कार्यप्रणाली और उनके बीच के अंतर को स्पष्ट करता है। इसके साथ ही, यह लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के आधारभूत स्तंभों, जैसे प्रतिनिधि चुनने का अधिकार (सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार), कानून का शासन (Rule of Law), उत्तरदायित्व, और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा में संविधान की भूमिका पर गहराई से प्रकाश डालता है। सरकार क्या है? इसके कार्य क्या हैं? सरकार के प्रमुख कार्य शासन के स्वरूप सरकार के कार्यों का त्वरित अवलोकन कार्य का क्षेत्र मुख्य उद्देश्य व्यावहारिक उदाहरण सुरक्षा व रक्षा बाह्य व आंतरिक खतरों से सुरक्षा सेना, पुलिस, सीमा सुरक्षा सामाजिक-आर्थिक विकास बुनियादी सुविधाओं का निर्माण स्कूल, अस्पताल, सड़कें, आर्थिक नीतियां अंतर्राष्ट्रीय संबंध वैश्वीकरण और कूटनीति द्विपक्षीय संधियाँ, विदेश नीति लोकतंत्र क्या है? (What is Democracy?) स्कूल का उदाहरण (प्रतिनिधित्व की समझ) समिति गठन के 3 विकल्प स्कूल प्रतिनिधि बनाम विधायक/सांसद विशेषता स्कूल छात्र प्रतिनिधि सांसद (MP) / विधायक (MLA) निर्वाचन क्षेत्र एक कक्षा या वर्ग विशाल भौगोलिक क्षेत्र (संसदीय/विधानसभा क्षेत्र) संवैधानिक शक्तियाँ सीमित (स्कूल गतिविधियों तक) व्यापक (कानून निर्माण, बजट और कार्यपालिका पर नियंत्रण) जवाबदेही सहपाठियों और प्रधानाध्यापक के प्रति संपूर्ण जनता और संविधान के प्रति सरकार के कार्य (Functions of Government) सरकार के तीन प्राथमिक कार्य लोकतंत्रीय प्रतिनिधित्व (Democratic Representation) अब्राहम लिंकन की परिभाषा सरकार के अंगों का संक्षिप्त विवरण सरकार का अंग मुख्य दायित्व संविधान विधायिका (Legislature) कानून बनाना संसद एवं राज्य विधानमंडल कार्यपालिका (Executive) कानून लागू करना राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद व नौकरशाही न्यायपालिका (Judiciary) कानून की व्याख्या व न्याय सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय व अधीनस्थ अदालतें सरकारें किस प्रकार एक-दुसरे से भिन्न होती है? (What Makes Governments Different?) सरकारों के बीच मुख्य अंतर शासन प्रणालियों का तुलनात्मक ढांचा अंतर का आधार लोकतंत्र (Democracy) धर्मतंत्र (Theocracy) राजतंत्र (Monarchy) सत्ता का स्रोत देश की जनता धार्मिक ग्रंथ व धर्मगुरु वंशानुगत अधिकार गठन का तरीका निष्पक्ष चुनाव धार्मिक नेतृत्व का चयन उत्तराधिकार नियमों का आधार लिखित संविधान धार्मिक नियम राजा/रानी के आदेश मुख्य उद्देश्य जन-कल्याण व समानता धार्मिक नियमों का पालन राजवंश या विशिष्ट वर्ग का हित विश्व में लोकतांत्रिक सरकारें (Democratic Governments around the World) लोकतंत्र के मौलिक सिद्धांत लोकतांत्रिक सरकारों के विभिन्न रूप 1. प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct democracy) 2. प्रतिनिधि लोकतंत्र (Representative democracy) लोकतंत्र का विकासक्रम लोकतंत्र स्थापना वर्ष प्रतिनिधि लोकतंत्र के दो मुख्य रूप a. संसदात्मक लोकतंत्र (Parliamentary democracy) b. अध्यक्षात्मक लोकतंत्र (Presidential democracy) विभिन्‍न लोकतांत्रिक देशों की तुलना देश कार्यपालिका (Executive) विधायिका (Legislature) न्यायपालिका (Judiciary) भारत प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद निचला सदन (लोकसभा) निचले सदन से अधिक शक्तिशाली स्वतंत्र (शक्तियों का पृथक्करण) USA राष्ट्रपति दोनों सदनों (सिनेट व प्रतिनिधि सभा) को समान शक्ति स्वतंत्र (शक्तियों का पृथक्करण) दक्षिण कोरिया राष्ट्रपति एकसदनीय (नेशनल असेंबली) स्वतंत्र (शक्तियों का पृथक्करण) ऑस्ट्रेलिया प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद दोनों सदनों (सिनेट व प्रतिनिधि सभा) को समान शक्ति स्वतंत्र (शक्तियों का पृथक्करण) इतिहास की एक झलक (A Peek into History) प्राचीन गणराज्य (Early republics) शासन के अन्य रूप (Other Forms of Government) 1. राजतंत्र (Monarchy) 2. वर्तमान राजतंत्र 3. धर्मतंत्र (Theocracy) 4. तानाशाही (Dictatorship) 5. अल्पतंत्र (Oligarchy) शासन प्रणालियों का तुलनात्मक ढांचा शासन प्रणाली शक्ति का केंद्र निर्णय लेने का आधार प्रमुख उदाहरण गणतंत्र (Republic) निर्वाचित प्रतिनिधि संविधान व जनप्रतिनिधि भारत, प्राचीन वज्जि निरंकुश राजतंत्र राजा/सम्राट राजा का आदेश/धार्मिक नियम सऊदी अरब संवैधानिक राजतंत्र निर्वाचित संसद (नाममात्र का राजा) लिखित संविधान यूनाइटेड किंगडम (UK) धर्मतंत्र (Theocracy) धार्मिक नेता / सर्वोच्च धार्मिक पद धार्मिक ग्रंथ व नियम ईरान, वेटिकन सिटी तानाशाही (Dictatorship) एक व्यक्ति या सैन्य समूह शासक की स्वेच्छाचारिता हिटलर (जर्मनी), उत्तर कोरिया अल्पतंत्र (Oligarchy) धनी व प्रभावशाली समूह विशिष्ट समूह का हित प्राचीन ग्रीस के कुछ क्षे लोकतंत्र क्यों महत्वपूर्ण है? (Why Democracy Matters) विभिन्‍न शासन प्रणालियों की तुलना विशेषताएँ (Characteristics) लोकतंत्र (Democracy) तानाशाही (Dictatorship) निरंकुश राजतंत्र (Absolute Monarchy) अल्पतंत्र (Oligarchy) सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार हाँ (Yes) नहीं (No) नहीं (No) नहीं (No) नागरिकों में समानता हाँ (Yes) नहीं (No) नहीं (No) नहीं (No) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हाँ (Yes) नहीं (No) नहीं (No) नहीं (No) शक्तियों का पृथक्करण हाँ (Yes) नहीं (No) नहीं (No) नहीं (No) सभी नागरिकों का कल्याण व समृद्धि हाँ (Yes) नहीं (No) नहीं (No) नहीं (No) NCERT Class 7, Social Science Ch-8 यहाँ पढ़ें:-

करेंट अफेयर्स

7 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

7 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग व वंचित वर्गों के शैक्षणिक सशक्तिकरण हेतु PM-YASASVI योजना, भारत की सामरिक शक्ति को बढ़ाने वाले Agni-4 बैलिस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण, मुंबई में वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नया मंच देने वाले BRICS WAVES बाज़ार, ग्रामीण समृद्धि व स्वच्छ ऊर्जा हेतु गोबर्धन योजना, दिल्ली-एनसीआर में सुगम क्षेत्रीय आवागमन के लिए नमो भारत RRTS, जल सुरक्षा व अनुसंधान समर्पित MAHA वॉटर मिशन, वन गुर्जर जनजातीय समुदाय के अधिकारों व चुनौतियों , डिजिटल सुरक्षा हेतु एआई-जनरेटेड डीपफेक पर कसते नए नियामक ढांचे और जयपुर में भारत की अध्यक्षता में संपन्न 10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। PM-YASASVI योजना: OBC, EBC और DNT छात्रों के लिए शीर्ष श्रेणी शिक्षा का माध्यम चर्चा में क्यों? सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने PM-YASASVI योजना (टॉप क्लास एजुकेशन घटक) के सफल प्रभाव को रेखांकित किया। कैट (CAT) परीक्षा में 99.5 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले एक होनहार छात्र राजन कुमार को इस योजना के तहत ₹15.51 लाख की वित्तीय सहायता दी गई। इसके बल पर उन्होंने बिना किसी वित्तीय दबाव के एक शीर्ष बिजनेस स्कूल से अपना एमबीए (2024–2026) पूरा किया। यह केस स्टडी दर्शाती है कि कैसे यह योजना वंचित वर्गों के मेधावी छात्रों के लिए उच्च शिक्षा की राह आसान बना रही है। मुख्य बिंदु: योजना की संरचना, उद्देश्य और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव 1. PM-YASASVI योजना का परिचय 2. ‘टॉप क्लास एजुकेशन’ घटक का दायरा 3. कौशल विकास और करियर पर प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम PM-YASASVI। संबंधित घटक Top Class Education Scheme for OBC, EBC and DNT Students। मंत्रालय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय। लक्षित लाभार्थी OBC, EBC और DNT समुदायों के मेधावी छात्र। मुख्य प्रावधान अधिसूचित संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण वित्तीय सहायता/छात्रवृत्ति। Agni-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण चर्चा में क्यों? भारत ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज ((Integrated Test Range – ITR) से अपनी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘Agni-4’ का एक और सफल परीक्षण संपन्न किया। यह परीक्षण देश की सेना के स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) के तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसने मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मानकों को सटीकता से सत्यापित किया। यह नियमित यूज़र ट्रायल भारत की रणनीतिक तैयारियों और विश्वसनीय न्यूनतम निवारण की क्षमता को और अधिक मजबूत करता है। मुख्य बिंदु: परीक्षण विवरण, Agni-4 की विशेषताएं और सामरिक महत्व 1. सफल परीक्षण का दायरा 2. Agni-4 मिसाइल की प्रमुख तकनीकी विशेषताएं 3. सामरिक महत्व (Strategic Significance) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मिसाइल का नाम Agni-4। प्रकार मध्यम दूरी की सतह-से-सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM)। परीक्षण स्थल ITR चांदीपुर, ओडिशा। मारक क्षमता ~4,000 किलोमीटर। संचालन निकाय स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC)। विकासकर्ता रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)। BRICS WAVES बाज़ार: मुंबई में वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था का नया मंच चर्चा में क्यों? मुंबई में दो दिवसीय ‘BRICS WAVES बाज़ार’ का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन भारत की अध्यक्षता में संचालित BRICS की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability” के तहत आयोजित किया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य BRICS देशों के बीच ऑडियो-विजुअल, सिनेमा और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में व्यापार और सहयोग को बढ़ाना है। इसमें 21 सदस्य व साझेदार देशों के 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मुख्य बिंदु: ऑरेंज इकोनॉमी, वैश्विक जीडीपी और तकनीकी सहयोग 1. ऑरेंज इकोनॉमी और वैश्विक जीडीपी में योगदान 2. WAVES बाज़ार के प्रमुख घटक एवं क्षेत्र 3. भारतीय पहल एवं संस्थागत ढांचा प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम BRICS WAVES बाज़ार 2026। आयोजन स्थल मुंबई (महाराष्ट्र)। आयोजक मंत्रालय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B) तथा विदेश मंत्रालय (MEA)। कार्यान्वयन एजेंसी राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC)। थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability”। सहभागी देश BRICS सदस्य और 21 साझेदार देश। गोबर्धन योजना: स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण समृद्धि की ओर भारत का बड़ा कदम चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘गोबर्धन’ योजना को मंजूरी दी है। इसे ₹23,731 करोड़ के बजट के साथ FY 2026-27 से FY 2035-36 तक लागू किया जाएगा। इस राष्ट्रीय योजना का मुख्य उद्देश्य देश के कृषि अवशेषों, गोबर और जैविक कचरे को कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और जैविक खाद में बदलना है। यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। गोबर्धन योजना के 6 मुख्य स्तंभ 1. निश्चित खरीद (Assured Offtake): 2. स्थिर मूल्य ढांचा (Pricing Framework): 3. पूंजीगत सहायता (Capital Assistance): 4. पाइपलाइन अवसंरचना का विकास: 5. क्रेडिट गारंटी सहायता: 6. इकोसिस्टम चैलेंज फंड: योजना के प्रमुख लाभ और प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम गोबर्धन (National Circular Bioenergy Scheme)। कुल बजट ₹23,731 करोड़। कार्यान्वयन अवधि 10 वर्ष (FY 2026-27 से FY 2035-36)। नोडल मंत्रालय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय। निश्चित सीबीजी दर ₹2,110 प्रति MMBTU (न्यूनतम 10 वर्ष हेतु)। सीबीजी मिश्रण लक्ष्य 2026-27 (3%), 2027-28 (4%), 2028-29 onwards (5%)। नमो भारत RRTS: दिल्ली-एनसीआर में क्षेत्रीय आवागमन का नया युग चर्चा में क्यों? आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने लोकसभा में भारत के पहले ‘नमो भारत’ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के क्रियान्वयन और उसकी प्रगति पर लिखित उत्तर दिया। फरवरी 2026 से पूरी तरह चालू हुआ 82.15 किमी लंबा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ RRTS कॉरिडोर अब तक 3.8 करोड़ से अधिक यात्रियों को सेवा दे चुका है। इसकी समयबद्धता 99% से अधिक रही है। संसद में दी गई जानकारी से इस परियोजना के विस्तार, किराए में छूट, सौर ऊर्जा उपयोग और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीतियों पर कई नए तथ्य सामने आए हैं। मुख्य बिंदु: बहु-स्तरीय एकीकरण, चरण-1 विस्तार और शहरी विकास नीतियां 1. परिचालन क्षमता और मल्टी-मॉडल एकीकरण 2. चरण-1 के प्राथमिकता वाले कॉरिडोर और नए DPRs 3. ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) और हरित पहल 4. यात्री-अनुकूल किराया संरचना प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य परियोजना का नाम नमो भारत RRTS (दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ)। कुल

NCERT

NCERT Notes Class 7 Social science (Geography) Chapter 8: How the Land Becomes Sacred

NCERT Notes Class 7 Social science (Geography) Chapter 8: How the Land Becomes Sacred के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक परंपराओं (जैसे हिंदू, बौद्ध, जैन, सूफी और अन्य लोक पंथों) ने प्रकृति के विशिष्ट घटकों और ऐतिहासिक स्थलों को अपने विश्वासों के साथ जोड़कर ‘सांस्कृतिक परिदृश्य’ का निर्माण किया। इसमें तीर्थाटन की अवधारणा, पवित्र नदियों और पर्वत शिखरों के महत्व, संतों व ऋषियों के निवास स्थलों से जुड़े इतिहास और मंदिरों, स्तूपों, दरगाहों तथा मठों की स्थापना से भूमि के पवित्र बनने के कारणों को गहराई से समझाया गया है।और यह भी रेखांकित करता है कि कैसे ये पवित्र स्थल विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को आपस में जोड़कर राष्ट्रीय और सांस्कृतिक एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘पावनता’ क्या है? (What is ‘Sacredness’?) बाहर से आए धर्मों के पवित्र स्थल (Religions of Foreign Origin) भारत में जन्मे धर्मों के पवित्र स्थल (Indigenously Originated Religions) 1. बौद्ध धर्म 2. सिख धर्म पंडित जवाहरलाल नेहरू का कथन (1961) प्रमुख शब्दावली एवं अवधारणाएं शब्द शाब्दिक अर्थ आध्यात्मिक / व्यावहारिक महत्व श्राइन पवित्र स्थल ईश्वर, पवित्र अवशेष या संत से जुड़ा पूजा स्थल अवशेष अस्ति-धातु / अवशेष संत या आध्यात्मिक पुरुष के शरीर/वस्तु के भाग तीर्थ नदी पार करने का स्थान संसार रूपी सागर को पार करने का माध्यम तख्त सिंहासन / सत्ता केंद्र सिख धर्म में आध्यात्मिक शासन व मार्गदर्शन का केंद्र तीर्थयात्राएं (Pilgrimages) जैन परंपरा में तीर्थ प्रमुख क्षेत्रीय एवं पर्वतीय तीर्थ (Regional & Mountain Pilgrimages) अन्य पवित्र स्थल जनजातीय एवं पारिस्थितिक पवित्र स्थल जनजाति / क्षेत्र स्थान धार्मिक व सांस्कृतिक मान्यता डोंगरिया कोंध जनजाति नियम डोंगर पहाड़ी (नियमगिरि श्रेणी, ओडिशा) यह पहाड़ी उनके सर्वोच्च देवता ‘नियम राजा’ का निवास स्थान है। यहाँ पेड़ काटना सख्त मना है। सिक्किम सरकार (2000 का दशक) राज्य की पवित्र चोटियाँ, गुफाएँ, झीलें व गर्म चश्मे इन्हें किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाने के लिए ‘पवित्र स्थल’ के रूप में अधिसूचित किया गया। टोडा जनजाति नीलगिरी पहाड़ियाँ (तमिलनाडु) पर्वतीय चोटियों, शोला वनों, आर्द्रभूमियों, विशिष्ट पत्थरों व पौधों को पवित्र मानती है। पावन भू-भाग से अवगत होना (Becoming Aware of Sacred Geography) यात्राओं का उद्देश्य एवं सांस्कृतिक एकीकरण भारत के प्रमुख पवित्र नेटवर्क नेटवर्क कुल संख्या भौगोलिक विस्तार सांस्कृतिक व आध्यात्मिक महत्व चार धाम 4 उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम भारत भारत के चारों कोनों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ना ज्योतिर्लिंग 12 संपूर्ण भारत भगवान शिव के विशेष स्वरूपों की पूजा शक्ति पीठ 51 भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान आदि संपूर्ण उपमहाद्वीप की भूमि को देवी स्वरूप मानना पावन पारिस्थितिकी (Sacred Ecology) नदियाँ और संगम प्रयागराज और यूनेस्को विरासत कुंभ मेला नदियों और कुंभ का संक्षिप्त विवरण स्थान संबंधित नदी पौराणिक व सांस्कृतिक महत्व हरिद्वार गंगा अमृत की बूंद गिरने का स्थान, कुंभ स्थल प्रयागराज त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना, सरस्वती) यूनेस्को अमूर्त विरासत, कुंभ मेला नाशिक गोदावरी दक्षिण भारत का प्रमुख कुंभ स्थल उज्जैन शिप्रा कुंभ स्थल, धार्मिक व ज्योतिषीय महत्व पर्वत और वन (Mountains and Forests) वृक्ष, वन और पवित्र उपवन भारत में पवित्र उपवनों के क्षेत्रीय नाम राज्य / भाषा पवित्र उपवन का स्थानीय नाम मलयलम (केरल) कावु तमिलनाडु कोविल काडु कन्नड़ (कर्नाटक) देवरे काडु मराठी (महाराष्ट्र) देवराई खासी (मेघालय) ख्लाव क्यंतंग हिमाचल प्रदेश (हिंदी) देव वन झारखंड सरना छत्तीसगढ़ देवगुड़ी राजस्थान ओरण तंजावुर का पारिस्थितिक उदाहरण तीर्थयात्रा से व्यापार तक भारत से बाहर के पावन भू-भाग (Sacred Geography beyond India) पवित्र स्थलों का पुनरुद्धार और संरक्षण वैश्विक पवित्र भूगोल व कानूनी अधिकार देश / समुदाय स्थान / प्राकृतिक संसाधन सांस्कृतिक मान्यता एवं कानूनी स्थिति न्यूजीलैंड (माओरी) तारानाकी मौंगा पर्वत पर्वत को पूर्वज माना; कानूनन ‘जीवित मनुष्य’ का दर्जा मिला प्राचीन ग्रीस पर्वत व पवित्र उपवन प्राचीन धार्मिक व सांस्कृतिक आस्था के केंद्र नेटिव अमेरिकन संपूर्ण प्रकृति प्रकृति के साथ पवित्र व अटूट आत्मिक संबंध भारत पवित्र नदियाँ (यमुना, कावेरी आदि) धार्मिक महत्व, लेकिन वर्तमान में अत्यधिक प्रदूषण का शिकार NCERT Class 7, Social Science Ch-7

करेंट अफेयर्स

6 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

6 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत जनजातीय समूह (PVTG) हेतु इरुला जनजाति और पीएम-जनमन योजना के तहत आजीविका के नए अवसरों, जम्मू-कश्मीर की पाकल दुल जलविद्युत परियोजना में 210 श्रमिकों के औद्योगिक विवाद के सफल समाधान, कैंसर उपचार के क्षेत्र में लाइट-एक्टिवेटेड नैनो-रोबोट्स द्वारा ब्रेस्ट कैंसर थेरेपी, देश के अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को गति देने वाले अंतरीक्ष वेंचर कैपिटल फंड, गुजरात व राजस्थान में चांदीपुरा वायरस आउटब्रेक पर केंद्र सरकार की त्वरित कार्रवाई, अंतर्राष्ट्रीय क्लाउडेड लेपर्ड दिवस के अवसर पर भारत द्वारा जारी समर्पित संरक्षण कार्य योजना (CAP), तथा वन संरक्षण योजनाओं व भारत में वन आवरण की नवीनतम स्थिति का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। इरुला जनजाति और पीएम-जनमन योजना: आजीविका के अवसर चर्चा में क्यों? केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने राज्य सभा में इरुला जनजाति की आजीविका स्थिति की जानकारी दी। सरकार ‘पीएम-जनमन’ योजना के जरिए तमिलनाडु की इरुला जनजाति समेत अन्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) की सामाजिक और आर्थिक स्थिति सुधार रही है। इस दिशा में ट्राईफेड (TRIFED) के जरिए वन धन विकास केंद्रों (VDVKs) की स्थापना की गई है। इनसे इरुला समुदाय को स्थानीय लघु वन उपज (MFP) के मूल्य संवर्धन और विपणन में सीधी मदद मिल रही है। मुख्य बिंदु: ट्राईफेड, वन धन विकास केंद्र और इरुला समुदाय का आर्थिक प्रदर्शन 1. PM-JANMAN के तहत TRIFED की पहल 2. लघु वन उपज (MFP) का मूल्य संवर्धन और बिक्री 3. तमिलनाडु में इरुला जनजाति का जिलावार ब्योरा (34 VDVKs) जिला स्वीकृत VDVK लाभार्थी संख्या स्वीकृत निधि (₹ लाख) जारी निधि (₹ लाख) प्रमुख उत्पाद कुल बिक्री (₹ लाख) नीलगिरी 3 360 18.00 9.00 शहद और मसाले 61.79 अरियालूर 5 261 13.05 6.53 कच्चा काजू 11.31 चंलगपट्टू 2 107 5.35 2.67 जड़ी-बूटियां 1.46 कोयंबटूर 10 584 29.20 14.60 झाड़ू, शहद, रीठा, इमली 0.47 नमक्कल 4 240 12.00 6.00 ताड़ के पत्ते 0.36 तिरुप्पत्तूर 2 134 6.70 3.35 शहद और इमली 0.29 तिरुवन्नामलाई 8 449 22.45 11.22 शहद, वन रतालू, इमली 0.21 कुल योग 34 2,135 106.75 53.38 — 75.89 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य इरुला जनजाति तमिलनाडु और केरल में पाई जाने वाली एक PVTG (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह)। पारंपरिक कौशल सांप और कीड़े पकड़ने व शहद इकट्ठा करने में निपुणता। मूल योजना पीएम-जनमन (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान)। कार्यान्वयन एजेंसी TRIFED (भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ)। मुख्य तंत्र वन धन विकास केंद्र (VDVKs – लघु वन उपज के मूल्य संवर्धन हेतु)। पाकल दुल जलविद्युत परियोजना: 210 श्रमिकों के औद्योगिक विवाद का सफल समाधान चर्चा में क्यों? जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में स्थित पाकल दुल जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे 210 श्रमिकों के एक बड़े औद्योगिक विवाद को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के कार्यालय के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), जम्मू के मध्यस्थता प्रयासों से यह समझौता संभव हुआ है। किसान मजदूर यूनियन, नागसेनी द्वारा की जा रही हड़ताल के बाद हुए इस समझौते से एलएंडटी (L&T) कंस्ट्रक्शन के उप-ठेकेदारों के माध्यम से लगे 210 श्रमिकों को ₹1.12 करोड़ से अधिक (₹1,12,70,560) का अंतिम सेवा लाभ प्राप्त हुआ है। मुख्य बिंदु: मध्यस्थता प्रयास, वैधानिक लाभ और परियोजना का महत्व 1. औद्योगिक शांति और समझौता 2. मध्यस्थता की भूमिका (Role of RLC Central) 3. पाकल दुल जलविद्युत परियोजना प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य परियोजना का नाम पाकल दुल जलविद्युत परियोजना। अवस्थिति किश्तवाड़ जिला, जम्मू और कश्मीर। संबंधित नदी मरुसूदर नदी (चिनाब नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी)। मध्यस्थता संस्था क्षेत्रीय श्रम आयुक्त – RLC (Central), जम्मू। संबंधित मंत्रालय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour & Employment)। लाइट-एक्टिवेटेड नैनो-रोबोट्स: ब्रेस्ट कैंसर थेरेपी में नया तकनीकी चर्चा में क्यों? इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी (INST), मोहाली के वैज्ञानिकों ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), मुंबई के साथ मिलकर प्रकाश-संचालित मल्टीफंक्शनल नैनोबोट्स विकसित किए हैं। यह तकनीक ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में लक्षित थेरेपी को संभव बनाएगी। ‘एसीएस एप्लाइड मटेरियल्स एंड इंटरफेसेस’ जर्नल में प्रकाशित यह शोध बिना किसी ईंधन (fuel-free) के काम करता है। यह तकनीक नियर-इन्फ्रारेड (NIR) प्रकाश से संचालित होकर कैंसर कोशिकाओं को सटीक रूप से नष्ट करती है। मुख्य बिंदु: नैनोबोट्स की कार्यप्रणाली, वैज्ञानिक विशेषताएं और परीक्षण 1. पारंपरिक कीमोथेरेपी की तुलना में लाभ 2. तकनीकी कार्यप्रणाली और फोटोटैक्सिस (Phototaxis) 3. दोहरी मार: photothermal और photodynamic थेरेपी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य विकासकर्ता संस्थान INST मोहाली (DST का स्वायत्त संस्थान) और BARC मुंबई। मुख्य तकनीक Upconversion Nanoparticles (UCNP) और Phototaxis। प्रकाश तरंगदैर्घ्य 980 nm नियर-इन्फ्रारेड (NIR) लेजर। लक्षित रिसेप्टर कैंसर कोशिकाओं पर मौजूद फोलेट रिसेप्टर्स । शोध पत्रिका ACS Applied Materials & Interfaces। अंतरीक्ष वेंचर कैपिटल फंड: भारत के स्पेस-टेक स्टार्टअप्स के लिए बड़ा कदम चर्चा में क्यों? केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में ‘अंतरीक्ष वेंचर कैपिटल फंड’ (AVCF) की प्रगति पर जानकारी दी। 31 अक्टूबर 2025 को सेबी (SEBI) से मंजूरी मिलने के बाद यह फंड पूरी तरह से चालू हो गया है। IN-SPACe द्वारा इस फंड में अब तक ₹188.93 करोड़ का योगदान दिया जा चुका है, जिसमें चालू वित्त वर्ष (2026-27) का ₹182.87 करोड़ शामिल है। फंड की निवेश समिति ने फंडिंग के लिए पहले ही तीन शुरुआती स्पेस-टेक स्टार्टअप्स का चयन कर लिया है। मुख्य बिंदु: फंड की संरचना, निवेश रणनीति और आर्थिक प्रभाव 1. SEBI-निबंधित श्रेणी II वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) 2. निवेश रणनीति (Investment Strategy) 3. अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था पर प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य फंड का नाम अंतरीक्ष वेंचर कैपिटल फंड (AVCF)। SEBI पंजीकरण Category II Alternative Investment Fund (AIF)। नोडल एजेंसी / प्रमोटर IN-SPACe (भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र)। स्वीकृति तिथि 31 अक्टूबर 2025 (SEBI द्वारा)। कुल योगदान ₹188.93 करोड़ (24 जुलाई 2026 तक)। चांदीपुरा वायरस आउटब्रेक: गुजरात और राजस्थान में केंद्र की बड़ी कार्रवाई चर्चा में क्यों? गुजरात और राजस्थान में चांदीपुरा वायरस (CHPV) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया टीम (NJORT)

NCERT

NCERT Notes Class 7 Social science (Geography) Chapter 7: The Gupta Era: An Age of Tireless Creativity

NCERT Notes Class 7 Social science (Geography) Chapter 7: The Gupta Era: An Age of Tireless Creativity के अंतर्गत गुप्त काल के दौरान पनपी सांस्कृतिक और बौद्धिक क्रांति को विस्तार से समजाता है।तथा कालिदास जैसे महान साहित्यकारों की संस्कृत कृतियों, आर्यभट्ट और वराहमिहिर जैसे विद्वानों के गणित व खगोलशास्त्र में क्रांतिकारी योगदान, तथा अजंता की गुफा चित्रकारी व देवगढ़ के दशावतार मंदिर जैसी स्थापत्य कला की उत्कृष्ट कृतियों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। और धातु विज्ञान (जैसे मेहरौली का लौह स्तंभ), चिकित्सा विज्ञान (चरक और सुश्रुत की परंपरा) और नालंदा जैसे महान अंतरराष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों के विकास के पीछे छिपे वैज्ञानिक दृष्टिकोण और राजकीय संरक्षण के महत्व को भी स्पष्ट करता है। गुप्त काल: अथक सृजनशीलता का युग समकालीन राज्य और साम्राज्य (3rd to 6th Century CE) मेहरौली का लौह स्तंभ (Delhi) प्राचीन भारतीय धातु विज्ञान एक नई शक्ति का उदय (A New Power Emerges) चंद्रगुप्त प्रथम एवं गुप्त साम्राज्य की नींव योद्धा शासक (समुद्रगुप्त) अश्वमेध यज्ञ और साहित्यिक साक्ष्य मुख्य गुप्त शासक एवं उनके साक्ष्य शासक प्रमुख उपलब्धि / उपाधि मुख्य ऐतिहासिक स्रोत चंद्रगुप्त प्रथम गुप्त साम्राज्य की नींव, वैवाहिक नीतियां कुमारदेवी प्रकार के स्वर्ण सिक्के (लक्ष्मी अंकन) समुद्रगुप्त ‘धरणिवंध’ (पृथ्वी विजेता), कला प्रेमी प्रयाग प्रशस्ति (हरिषेण), वीणा वादक सिक्के, अश्वमेध सिक्के चंद्रगुप्त द्वितीय ‘विक्रमादित्य’, कला व विज्ञान का स्वर्णकाल दिल्ली का मेहरौली लौह स्तंभ, गरुड़ अभिलेख गुप्तकालीन भारतीय समाज: एक यात्री का विवरण फ़ाहियान के अनुसार गुप्तकालीन समाज एवं शासन चंडालों की स्थिति और सामाजिक विषमता फ़ाहियान का यात्रा वृत्तांत: विषय फ़ाहियान द्वारा दर्ज मुख्य तथ्य भ्रमण काल 399–414 CE (चंद्रगुप्त द्वितीय का काल) प्रशासनिक कर केवल राजकीय भूमि की उपज पर हिस्सा सामाजिक कल्याण वैश्यों द्वारा मुफ्त अस्पताल, अनाथालय व भोजन वितरण सामाजिक अंधकार चंडालों का नगर से बाहर निष्कासन व कठोर सामाजिक स्थिति गुप्त साम्राज्य की झलकियाँ (Glimpses of the Gupta Empire) शासन एवं प्रशासन (Governance and administration) नए राजा … नई उपाधियाँ समृद्ध व्यापार गुप्त प्रशासन व व्यापार: क्षेत्र मुख्य विवरण / साक्ष्य प्रशासनिक दस्तावेज़ ताम्रपत्र पर दर्ज भूमि अनुदान कूटनीतिक संबंध प्रभावती गुप्त का वाकाटक राजवंश में विवाह शाही उपाधियाँ महाराजाधिराज, सम्राट, चक्रवर्ती अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र सोकोत्रा द्वीप (अरब सागर) – ब्राह्मी अभिलेख व बौद्ध साक्ष्य नवीन विचारों और उपलब्धियों का युग (New Ideas and Wonders: The Classical Age) आर्यभट्ट वराहमिहिर कालिदास आयुर्वेद का संकलन गुप्तकालीन महान विभूतियाँ: विद्वान क्षेत्र प्रमुख ग्रंथ / उपलब्धि आर्यभट्ट गणित व खगोलशास्त्र आर्यभटीय, पृथ्वी का घूर्णन, ग्रहण का वैज्ञानिक कारण वराहमिहिर खगोलशास्त्र व ज्ञान-विज्ञान बृहत्संहिता (मौसम, कृषि, वास्तुकला) कालिदास संस्कृत साहित्य मेघदूतम् (काव्य सौंदर्य व भौगोलिक विवरण) चरक/सुश्रुत आयुर्वेद व शल्य चिकित्सा चरक संहिता एवं सुश्रुत संहिता का अंतिम संकलन सौंदर्य की खोज (The Quest for Beauty) गुप्त साम्राज्य का पतन (The Decline of the Guptas) इसी बीच दक्षिण और उत्तर-पूर्व में 1. दक्षिण भारत: पल्लव राजवंश 2. उत्तर-पूर्व भारत: कामरूप राज्य समुद्रगुप्त की दक्षिण व उत्तर-पूर्व नीति प्रमुख गुप्तकालीन कला केंद्र एवं साक्ष्य स्थान राज्य प्रमुख कला / ऐतिहासिक साक्ष्य सारनाथ उत्तर प्रदेश बुद्ध की धातु व पत्थर की मूर्तियाँ अजंता महाराष्ट्र बोधिसत्व पद्मपाणि का चित्र, गुप्त-वाकाटक कला अहिच्छत्र उत्तर प्रदेश गंगा (मकर) और यमुना (कछुआ) की टेराकोटा मूर्तियाँ देवगढ़ उत्तर प्रदेश दशावतार मंदिर (शेषनाग पर विष्णु) कांचीपुरम तमिलनाडु पल्लवों की राजधानी, घटिका (शिक्षा केंद्र) NCERT Class 7, Social Science Ch-6 यहाँ पढ़ें:-

करेंट अफेयर्स

5 August 2026 The Hindu Notes In Hindi Pdf

5 August 2026 The Hindu Notes In Hindi Pdf के इस अंक में हमने दैनिक समाचार पत्र ‘द हिंदू’ के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों का विश्लेषण शामिल किया है। इनमें अरुणाचल की ग्लाव झील का 101वां रामसर स्थल बनना, ESIC वेतन सीमा पर ट्रेड यूनियनों की माँग, सुप्रीम कोर्ट का थर्ड-पार्टी मोटर बीमा पर बड़ा आदेश, J&K में अनुच्छेद 370 निरसन के 7 वर्ष, कराधान संशोधन विधेयक 2026 और ग्लोबल वॉर्मिंग में तेज़ी जैसे ज्वलंत विषय शामिल हैं। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC)    वेतन सीमा में वृद्धि की माँग (Wage Ceiling Increase) 2. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) के साथ समझौते पर विवाद करने का प्रस्ताव रखा था। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय है। यह कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) अधिनियम, 1948 द्वारा शासित होता है और असंगठित व संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा व चिकित्सा लाभ प्रदान करता है।   मुख्य विशेषताएं और वित्तपोषण (Funding) प्रमुख लाभ (Benefits) थर्ड-पार्टी मोटर बीमा पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा अवधि में विस्तार रियल-टाइम इंफोर्समेंट के लिए डेटा इंटीग्रेशन अदालत ने बिना बीमा चल रहे वाहनों की पहचान करने और चालान काटने के लिए डेटा एकीकरण का निर्देश दिया: पेट्रोल पंपों पर ईंधन न देने का प्रस्ताव ग्लोबल वॉर्मिंग में तेज़ी (Global Warming Acceleration) अध्ययन का निष्कर्ष अनुसंधान पद्धति (Methodology) प्रमुख परिणाम और भविष्य की चेतावनी तापमान वृद्धि में तेज़ी के मुख्य कारण  जम्मू और कश्मीर (J&K) में अनुच्छेद 370 के निरसन के 7 वर्ष पृष्ठभूमि और सुरक्षा उपाय सुरक्षा और हिंसा की स्थिति आर्थिक और सामाजिक स्थिति प्रशासनिक ढाँचा और शक्तियाँ संवैधानिक और न्यायिक पहलू आगे की राह (Way Forward) नाटो बदलाव के एक नए रणनीतिक दौर में प्रवेश कर रहा है। संदर्भ (Context): 1949 में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) की स्थापना के बाद पहली बार अमेरिका (वाशिंगटन) यूरोप से न केवल रक्षा खर्च बढ़ाने बल्कि अपनी सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी स्वयं उठाने की मांग कर रहा है। यह ट्रांसअटलांटिक गठबंधन (Transatlantic Compact) में एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है। अमेरिकी नीति में बदलाव (America’s Strategic Rebalancing) NATO के विकास के तीन चरण (Three Phases of NATO’s Evolution) 1. NATO 1.0 (1949–1991) 2. NATO 2.0 (1991–2022) 3. NATO 3.0 (2022 से वर्तमान) लॉर्ड इस्मे (NATO के प्रथम महासचिव) का कथन बनाम आज की स्थिति: यूरोप के सामने प्रमुख चुनौतियाँ (Europe’s Core Dilemmas) भारत के लिए रणनीतिक आयाम (Strategic Implications for India) मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न (Mains Practice Question) “NATO का ‘3.0 चरण’ केवल यूरोपीय सुरक्षा ढाँचे का पुनर्संतुलन नहीं है, बल्कि यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिकी रणनीतिक ध्यान के पुनर्गठन का संकेत भी है।” इस कथन का परीक्षण कीजिए और बताइए कि यह बदलाव भारत के लिए किस प्रकार रणनीतिक अवसर उत्पन्न करता है? (250 शब्द, 15 अंक) भारत में युवा असंतोष: बेरोजगारी, शिक्षा संकट और प्रशासनिक चुनौतियाँ संदर्भ (Context): जंतर-मंतर पर युवाओं और छात्रों का हालिया आंदोलन भारत में बढ़ते युवा असंतोष, उच्च शिक्षित बेरोजगारी, शिक्षा बजट में कटौती और केंद्रीय प्रवेश परीक्षाओं (NTA/CUET) की संरचनात्मक कमियों को उजागर करता है। जनसांख्यिकी लाभांश का संकट (Crisis of Demographic Dividend) शिक्षा क्षेत्र में बजटीय और संरचनात्मक संकट (Education Sector Crisis) केंद्रीकृत परीक्षाओं का प्रभाव: Common University Entrance Test (CUET) और NTA (Impact of Centralised Testing) आगे की राह (Way Forward) मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न (Mains Practice Question) “भारत का जनसांख्यिकी लाभांश (Demographic Dividend) केवल जनसांख्यिकी के बल पर स्वतः प्राप्त नहीं हो सकता, इसके लिए मजबूत शिक्षा प्रणाली और पर्याप्त रोजगार सृजन की आवश्यकता है।” हालिया शिक्षा संकट और उच्च शिक्षित बेरोजगारी के संदर्भ में इस कथन का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक) कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 विधेयक का परिचय और उद्देश्य डेटा केंद्रों (Data Centres) के लिए कर छूट विदेशी फंड मैनेजरों (Fund Managers) के लिए नए नियम REITs और InvITs के लाभांश (Dividends) पर कर छूट ग्लाव झील (Glaw Lake) भारत का 101वां रामसर स्थल ग्लाव झील की भौगोलिक और पारिस्थितिक विशेषताएँ भारत में रामसर स्थलों का विस्तार कमलांग टाइगर रिजर्व (Kamlang Tiger Reserve) यह अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में स्थित पूर्वी हिमालय का एक अत्यंत समृद्ध पारिस्थितिक क्षेत्र है। यह भारत का 50वां टाइगर रिजर्व है, जो अपनी विविध स्थलाकृति और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। भौगोलिक विशेषताएं (Geographical Features) पारिस्थितिक और वनस्पति विशेषताएं (Ecological & Floral Features) वन्यजीव एवं जैव विविधता (Faunal Diversity) श्रेणी प्रमुख प्रजातियाँ बड़ी बिल्लियाँ (Big Cats) बाघ (Bengal Tiger), तेंदुआ (Leopard), क्लाउडेड तेंदुआ (Clouded Leopard), और हिम तेंदुआ (Snow Leopard – ऊपरी क्षेत्रों में)। स्तनधारी (Mammals) मिशमी तकिन (Mishmi Takin – राज्य पशु), हूलॉक गिब्बन (Hoolock Gibbon – भारत का एकमात्र कपि), स्लो लोरिस, कस्तूरी मृग (Musk Deer)। पक्षी (Avifauna) ग्रेट इंडियन हॉर्नबिल, व्हाइट-विंग्ड वुड डक (White-winged Wood Duck), और विभिन्न दुर्लभ हिमालयी पक्षी। 4. रणनीतिक एवं संरक्षण महत्व (Conservation Significance)

करेंट अफेयर्स

5 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

5 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत पशुधन क्षेत्र की सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली स्वदेशी अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन, सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए मृदा क्षरण की रोकथाम एवं टिकाऊ कृषि पहलों, भारतीय समुद्री नाविकों के कल्याण व अधिकारों की रक्षा हेतु ‘सीफेयरर-फर्स्ट’ पहल, वस्त्र एवं कृषि क्षेत्र को गति देने वाले कपास उत्पादकता मिशन (कपास क्रांति), विनिर्माण क्षमता में वृद्धि हेतु भारतीय कैपिटल गुड्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता संवर्धन योजना (चरण-II), देश भर में उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने वाली ‘एक राष्ट्र, एक उर्वरक’ (One Nation, One Fertilizer) पहल, तथा ICAR द्वारा अरहर/तूर दाल के T2T (Telomere-to-Telomere) जीनोम सीक्वेंसिंग की ऐतिहासिक वैज्ञानिक सफलता का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। स्वदेशी अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन: भारत की जैव-सुरक्षा को मजबूती चर्चा में क्यों? केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह की उपस्थिति में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के स्थापना दिवस पर भारत की पहली स्वदेशी अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन राष्ट्र को समर्पित की गई। ICAR-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (ICAR-NIHSAD), भोपाल के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित यह वैक्सीन भारत को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत वैश्विक स्तर पर एक सस्ती ASF वैक्सीन आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करेगी। मुख्य बिंदु: बीमारी, स्वदेशी तकनीक और आर्थिक प्रभाव 1. अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) क्या है? 2. टीकों का विकास और तकनीकी नवाचार 3. आर्थिक प्रभाव और क्षति प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य रोगजनक (Pathogen) अफ्रीकी स्वाइन फीवर वायरस (ASFV – जीनोटाइप II)। विकासकर्ता संस्थान ICAR-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (NIHSAD), भोपाल। प्रयुक्त तकनीक MA-104 सेल लाइन आधारित ‘लाइव एटिन्यूएटेड’ वैक्सीन। वैक्सीन खुराक 1 mL (मांसपेशियों में), प्राथमिक खुराक के 14 दिन बाद बूस्टर। भारत में पहला मामला वर्ष 2020 (असम में)। संबंधित मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय + मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय। मृदा क्षरण की रोकथाम एवं सतत कृषि पहलें चर्चा में क्यों? कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में मृदा क्षरण को रोकने तथा उर्वरकों, खाद और शाकनाशियों (Herbicides) के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। सरकार ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड’, ‘राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन’, और ‘समेकित कीट प्रबंधन’ (IPM) जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सतत कृषि को प्रोत्साहित कर रही है। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना, खेती की लागत घटाना और जैविक व प्राकृतिक तकनीकों के ज़रिए पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है। मुख्य बिंदु: सरकारी योजनाएं, आंकड़े और रणनीतिक पहलें 1. मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना (Soil Health & Fertility Scheme) 2. प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लिए प्रमुख मिशन 3. समेकित कीट प्रबंधन (IPM) और खरपतवार नियंत्रण (IWM) 4. जैविक खाद और विशेष अभियान प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य योजना / पहल शुरुआत / स्वीकृति वर्ष मुख्य उपलब्धि मृदा स्वास्थ्य कार्ड (SHC) 2014-15 26.09 करोड़ कार्ड जारी राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) 25 नवंबर 2024 11.44 लाख हेक्टेयर कवरेज परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) 2015-16 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र MOVCDNER (पूर्वोत्तर क्षेत्र) 2015-16 2.36 लाख हेक्टेयर क्षेत्र CIPMC केंद्र (IPM हेतु) 1985 से प्रभावी 48 केंद्र (28 राज्य, 2 UTs) IWM अनुसंधान केंद्र – ICAR-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर ‘सीफेयरर-फर्स्ट’ पहल: भारतीय नाविकों की सुरक्षा का ढांचा चर्चा में क्यों? केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्य सभा में ‘सीफेयरर-फर्स्ट’ पहल की जानकारी दी। ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में सुरक्षा चिंताओं के कारण समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (DGMA) ने यह कदम उठाया है। इसका उद्देश्य संवेदनशील जलक्षेत्रों में तैनात भारतीय नाविकों की सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करना है। मुख्य बिंदु: सुरक्षा ढांचा, डिजिटल पोर्टल और निकासी उपाय 1. वास्तविक समय निगरानी और ‘eNavik Portal’ 2. नाविकों के लिए प्रमुख सलाह और नियमन 3. सहायता और पुनर्वासन आंकड़े प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य संचालक निकाय समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (DGMA), पोत परिवहन मंत्रालय। डिजिटल पोर्टल eNavik Portal (1 जुलाई 2026 से चालू)। सुरक्षा कोड ISPS Code (अंतर्राष्ट्रीय पोत और बंदरगाह सुविधा सुरक्षा कोड)। समन्वय संस्थाएं भारतीय नौसेना, IFC-IOR, UKMTO, MICA सेंटर। हेल्पलाइन समर्थन 24×7 टोल-फ्री नंबर (1800-889-7768) और ई-नेविग पोर्टल। कपास उत्पादकता मिशन (कपास क्रांति) चर्चा में क्यों? केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने लोकसभा में ‘कपास उत्पादकता मिशन’ (कपास क्रांति) के बारे में विस्तृत विवरण साझा किया। केंद्र सरकार ने इस मिशन को 5 मई 2026 को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य देश में कपास उत्पादन, उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार करना है। यह 5 वर्षों की अवधि (2026-27 से 2030-31) के लिए ₹5,659.22 करोड़ के बजट के साथ लागू किया जा रहा है। मुख्य बिंदु: घटकों का आवंटन, रणनीतियाँ और राज्यवार लक्ष्य 1. वित्तीय आवंटन और चार मुख्य घटक 2. जिला कवरेज और कार्यान्वयन रणनीति 3. प्रसंस्करण और गुणवत्ता सुधार (PPP मोड) 4. कर्नाटक राज्य के विशेष लक्ष्य (केस स्टडी) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मिशन का नाम कपास उत्पादकता मिशन (कपास क्रांति)। स्वीकृति तिथि 5 मई 2026। अवधि और कुल परिव्यय 5 वर्ष (2026-27 से 2030-31), ₹5,659.22 करोड़। आरंभिक कवरेज 14 राज्यों के 140 जिले। परीक्षण प्रयोगशालाएं PPP मोड के तहत 50 कपास परीक्षण प्रयोगशालाएं। गुणवत्ता ब्रांड कस्तूरी कॉटन भारत। कार्यान्वयन एजेंसियां DARE, DA&FW, CCI और राष्ट्रीय जूट बोर्ड। भारतीय कैपिटल गुड्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता संवर्धन योजना (चरण-II) चर्चा में क्यों? भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries – MHI) ने लोकसभा में “भारतीय कैपिटल गुड्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता के संवर्धन की योजना – चरण II” के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के राज्यवार वितरण और वित्तीय प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में इंडस्ट्री 4.0, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर भारत के कैपिटल गुड्स (पूंजीगत वस्तु) क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। मुख्य बिंदु: समर्थ केंद्र, स्वीकृत परियोजनाएं और वित्तीय आवंटन 1. समर्थ केंद्र और इंडस्ट्री 4.0 2. योजना के प्रमुख घटक और राज्यवार वितरण (चरण-II) 3. वित्तीय विवरण (पिछले तीन वित्तीय वर्ष) वित्तीय वर्ष संशोधित अनुमान जारी/उपयोग की गई राशि 2023-24 ₹187.20 करोड़ ₹83.34 करोड़ 2024-25 ₹184.00 करोड़ ₹171.63 करोड़ 2025-26 ₹120.00 करोड़ ₹116.09 करोड़ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक

NCERT

NCERT Notes Class 7 Social science (Geography) Chapter 6: The Age of Reorganisation

NCERT Notes Class 7 Social science (Geography) Chapter 6: The Age of Reorganisation के अंतर्गत उत्तर-गुप्त काल से लेकर शुरुआती मध्यकालीन भारत में उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के प्रमुख राजवंशों के उत्थान को विस्तार से स्पष्ट करता है। तथा दक्षिण भारत के महान चोल साम्राज्य की अद्वितीय नौसेना, उनकी सुदृढ़ स्थानीय स्वशासन प्रणाली (ग्राम सभाएं), तथा पल्लव और चालुक्य राजवंशों के दौरान कला एवं द्रविड़ स्थापत्य कला (मंदिर निर्माण) के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास का विश्लेषण और सामंतवाद (Feudalism) के विस्तार, भूमि अनुदान प्रथा और व्यापारिक श्रेणियों (Guilds) के पुनर्गठन से समाज और अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभावों पर भी प्रकाश डालता है। शुंगों का उत्कर्ष (Surge of the Shungas) अश्वमेध यज्ञ शुंगकालीन कला एवं वास्तुकला में योगदान शुंगकालीन योगदान क्षेत्र प्रमुख तथ्य धर्म व अनुष्ठान वैदिक पुनरुद्धार और अश्वमेध यज्ञ साहित्य व भाषा संस्कृत का प्रयोग और पतंजलि का ‘योगसूत्र’ स्थापत्य कला भरहुत स्तूप का पाषाण विस्तार (Railings) हस्तशिल्प हाथीदांत नक्काशी, टेराकोटा कला व स्वर्ण-लेपित कांस्य आभूषण सातवाहन राजवंश (The Satavahanas) व्यापार, अर्थव्यवस्था एवं नौकायन प्रौद्योगिकी सातवाहन काल में जीवन व समाज सातवाहन साम्राज्य का पतन सातवाहन राजवंश: एक नजर में पहलू मुख्य विवरण प्रमुख राजधानियाँ अमरावती और प्रतिष्ठान (पैठन) प्रसिद्ध शासक गौतमीपुत्र सातकर्णी प्रमुख अभिलेख नासिक अभिलेख (गौतमी बालश्री), नानेघाट अभिलेख (विधवा रानी) प्रमुख गुफा स्थापत्य कार्ला गुफाएं (बौद्ध), नानेघाट (व्यापारिक कर/विश्राम), पीतलखोरा (यक्ष प्रतिमा) विशेषता सिक्कों पर जहाजों के चित्र, मातृ-नाम परंपरा, कर-मुक्त भूमि दान की शुरुआत चेदियों का आगमन (Coming of the Chedis) उदयगिरि-खंडगिरि गुफाएं हाथीगुम्फा अभिलेख चेदि राजवंश व खारवेल: मुख्य बिंदु क्षेत्र मुख्य विवरण राजवंश व क्षेत्र चेदि राजवंश, कलिंग (ओडिशा) प्रसिद्ध शासक खारवेल (उपाधि: भिक्षु-राज) प्रमुख अभिलेख हाथीगुम्फा अभिलेख (ब्राह्मी लिपि) स्थापत्य उदयगिरि-खंडगिरि की शैलकृत गुफाएं (जैन धर्म) मूल विचार सर्वधर्म समभाव और सर्व-संप्रदाय संरक्षण दक्षिण में साम्राज्य और जन-जीवन (Kingdoms and Life in the South) संगम साहित्य (Sangam literature) चोल राजवंश (The Cholas) सिलप्पदिकारम: पायस की कथा कल्लणै बांध चेर राजवंश (The Cheras) पांड्य राजवंश (The Pandyas) सुदूर दक्षिण के तीन राजवंश: राजवंश राजधानी प्रमुख क्षेत्र प्रमुख पहचान / योगदान चोल पुहार / उरैयूर कावेरी डेल्टा (तमिलनाडु) राजा करिकाल, कल्लणै बांध (Grand Anicut) चेर वंजी (करूर) केरल व पश्चिमी तमिलनाडु रोमन व्यापार, मसाले व लकड़ी का निर्यात पांड्य मदुरै सुदूर दक्षिण (तमिलनाडु) मोती व्यापार, नौसेना, सिलप्पदिकारम इंडो-ग्रीक आक्रमण (Invasions of the Indo-Greeks) हेलियोडोरस स्तंभ शक वंश और शक संवत इंडो-ग्रीक और शक: मुख्य बिंदु पहलू इंडो-ग्रीक शक (Indo-Scythians) मूल स्रोत सिकंदर के यूनानी क्षत्रप मध्य एशियाई जनजाति मुख्य साक्ष्य द्विभाषी सिक्के (वासुदेव व लक्ष्मी चित्र), हेलियोडोरस स्तंभ शक संवत, शिलालेख सांस्कृतिक योगदान यूनानी-भारतीय कला व सिक्के भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर (78 CE) कुषाणों का उदय (The Emergence of the Kushanas) राजा कनिष्क कला की शैलियाँ: गांधार एवं मथुरा (Gandhara & Mathura Schools of Art) 1. गांधार कला शैली 2. मथुरा कला शैली सांस्कृतिक एवं साहित्यिक पुनर्जागरण गांधार और मथुरा कला: आधार गांधार कला मथुरा कला क्षेत्र उत्तर-पश्चिम भारत (पंजाब/अफगानिस्तान) मथुरा (उत्तर प्रदेश) मुख्य पत्थर स्लेटी शिस्ट लाल बलुआ पत्थर (Red Sandstone) शिल्प प्रभाव यूनानी-रोमन (Greco-Roman) पूर्णतः स्वदेशी (Indian) मुख्य विषय बुद्ध व बोधिसत्व की यथार्थवादी मूर्तियां बुद्ध, हिंदू देवी-देवता, यक्ष-यक्षिणी NCERT Class 7, Social Science Ch-5 यहाँ पढ़ें:-

करेंट अफेयर्स

4 August 2026 The Hindu Notes In Hindi Pdf

4 August 2026 The Hindu Notes In Hindi Pdf के प्रमुख संपादकीय व प्रासंगिक विषयों जैसे MSME विकास (संशोधन) विधेयक 2026, AI व साइबर सुरक्षा के दोहरे खतरों और जन्म व मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक पर विश्लेषणात्मक सामग्री दी गई है। इसके अलावा क्रिटिकल मिनरल्स व भारत की रणनीतिक सुरक्षा, भारत की व्यापार कूटनीति व FTAs का समालोचनात्मक मूल्यांकन, ONGC की मंगलुरु SPR परियोजना तथा LIC में सरकार द्वारा 6.5% हिस्सेदारी बिक्री (OFS) जैसे आर्थिक एवं सामरिक मुद्दों के परीक्षा-उपयोगी नोट्स शामिल हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026  संदर्भ (Context): संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। यह नया कानून MSME विकास अधिनियम, 2006 का स्थान लेगा। प्रमुख प्रावधान एवं विशेषताएँ (Key Provisions) भारतीय अर्थव्यवस्था में MSME क्षेत्र का योगदान (Economic Significance) AI और साइबर: आज के सुरक्षा खतरों का दोहरा हेलिक्स संदर्भ (Context): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का त्वरित विकास सामान्य परिचालन तंत्र से आगे बढ़कर एक ‘अनिवार्य अवसंरचना’ (Infrastructure Mandate) बन गया है। AI और साइबर खतरों के संयोजन ने वैश्विक सुरक्षा, आधुनिक युद्ध रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के सामने अभूतपूर्व चुनौतियाँ पैदा कर दी हैं। उभरती तकनीकी चुनौतियाँ (Key Emerging Threats) आधुनिक रक्षा और युद्ध प्रणाली में AI का प्रयोग (AI in Modern Warfare) AI और साइबर सुरक्षा के प्रमुख जोखिम      भू-राजनीतिक आयाम (Geopolitical Dimensions & Tech-Cold War) आगे की राह (Way Forward) मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न (Mains Practice Question) “एजेंटिक AI (Agentic AI) और साइबर खतरों के संगम ने पारंपरिक ‘ज़ीरो ट्रस्ट’ सुरक्षा ढाँचे को अप्रासंगिक बनाने का जोखिम पैदा कर दिया है।” इस कथन के आलोक में आधुनिक सैन्य रणनीतियों और आंतरिक सुरक्षा पर AI के प्रभावों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक) महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) और भारत की रणनीतिक सुरक्षा संदर्भ (Context): ऊर्जा संक्रमण, डिजिटलीकरण, EV, सेमीकंडक्टर और रक्षा उद्योग के विस्तार के साथ ‘खनिज सुरक्षा’ (Mineral Security) अब तेल सुरक्षा (Oil Security) जितनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। वैश्विक स्तर पर इन खनिजों का प्रसंस्करण (Processing) अत्यधिक केंद्रित है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पर गंभीर भू-राजनीतिक जोखिम मंडरा रहा है। वैश्विक स्थिति एवं भू-राजनीतिक जोखिम (Global Landscape & Geopolitical Risks) भारतीय संदर्भ: मांग, क्षमता और कमियाँ (India’s Scenario) भारत की नीतिगत पहल (Key Policy Initiatives): भारत की महत्वपूर्ण खनिज रणनीति      आगे की राह (Way Forward) मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न (Mains Practice Question) प्रश्न: “महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) 21वीं सदी के ‘नया तेल’ (New Oil) बनते जा रहे हैं।” इस संदर्भ में भू-राजनीतिक संकेंद्रण से उत्पन्न जोखिमों का विश्लेषण कीजिए तथा भारत की ‘राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन’ के सफल कार्यान्वयन हेतु रणनीतिक उपायों का सुझाव दीजिए। (250 शब्द, 15 अंक) जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026  संदर्भ (Context): लोक सभा ने ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित किया है, जो 1969 के मूल अधिनियम की धारा 13(3) में संशोधन करता है। यह विधेयक जन्म प्रमाण पत्र की बढ़ती प्रशासनिक महत्ता और धोखाधड़ी (Fraudulent Registrations) के जोखिम को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लाया गया है। प्रमुख प्रावधान एवं त्रि-स्तरीय ढांचा (Key Provisions) संशोधित विधेयक में पंजीकरण में होने वाली देरी के आधार पर एक त्रि-स्तरीय मंजूरी ढांचा पेश किया गया है: देरी की अवधि   आवश्यक प्राधिकरण / प्राधिकारी (Required Authority) नियत समय के भीतर सामान्य रजिस्ट्रार प्रक्रिया (प्रशासनिक)। 2 वर्ष तक की देरी जिला, उप-विभागीय या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) का आदेश। 2 वर्ष से अधिक की देरी न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate) द्वारा घटना का सत्यापन और आदेश पारित करना अनिवार्य। पृष्ठभूमि   विधेयक से जुड़ी प्रमुख चिंताएँ एवं विश्लेषण (Critical Analysis & Concerns) 1. 2026 संशोधन से जुड़े प्रमुख मुद्दे 2. नीतिगत एवं प्रशासनिक विश्लेषण आगे की राह (Way Forward) भारत की व्यापार कूटनीति और मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) पृष्ठभूमि और उभरता रुझान एशियाई देशों के साथ FTAs का अनुभव: बढ़ता व्यापार घाटा निर्यात प्रतिस्पर्द्धात्मकता में गिरावट (Export Underperformance) FTAs के बावजूद प्रमुख साझेदार देशों के कुल आयात बास्केट (Import Basket) में भारत की हिस्सेदारी या तो ठप्प हो गई है या घटी है (2012 से 2025 का डेटा): वैश्विक मूल्य श्रृंखला (GVC) एकीकरण पर असर हिस्सेदारी बढ़ेगी, लेकिन कुल व्यापार के प्रतिशत के रूप में भारत का वैश्विक मूल्य श्रृंखला (GVC) व्यापार 37.13% से घटकर 34.38% हो गया। मुख्य चुनौतियाँ एवं नीतिगत सबक आगे की राह (Way Forward) ONGC की मंगलुरु रणनीतिक पेट्रोलियम रिज़र्व (SPR) परियोजना मंगलुरु भंडारण सुविधा का आवंटन भारत की वर्तमान कच्चे तेल भंडारण स्थिति आगामी विस्तार योजनाएँ (6.5 MMT) सरकार द्वारा LIC में 6.5% हिस्सेदारी की बिक्री (OFS) ऑफ़र फॉर सेल (OFS)( प्रमोटर):      न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (SEBI MPS Mandate) वर्तमान स्थिति और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

करेंट अफेयर्स

4 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

4 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर में सिंचाई व जल सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली उझ बहुउद्देश्यीय परियोजना, देश के स्वच्छ ऊर्जा परिदृश्य को नई दिशा देने वाली प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY), GI & Beyond 2.0 समिट, पर्यावरण संरक्षण के तहत ग्लो लेक के रूप में अरुणाचल प्रदेश को मिले पहले रामसर स्थल, जलवायु अनुकूल शहरों और शहरी लू से निपटने के नीतिगत ढाँचे, ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय महिला एथलीटों के ऐतिहासिक प्रदर्शन, सड़क सुरक्षा को आधुनिक बनाने वाली वाहन-से-वाहन (V2V) संचार प्रणाली व केंद्रीय मोटर वाहन नियमों, तथा देश के सुदूर क्षेत्रों तक सार्वभौमिक बैंकिंग कवरेज और वित्तीय समावेशन के विस्तार का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। उझ बहुउद्देश्यीय परियोजना चर्चा में क्यों? केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में स्थित उझ बहुउद्देश्यीय परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय के उपक्रम WAPCOS लिमिटेड के अधिकारियों के साथ परियोजना की चरणबद्ध कार्यान्वयन रणनीति पर चर्चा की। दशकों से लंबित इस राष्ट्रीय परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य एक साथ चलाए जाएंगे। शाहपुरकंडी परियोजना के बाद उझ परियोजना का पुनरुद्धार रावी नदी के जल का भारत के हित में पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्य बिंदु: परियोजना का दायरा, सुरक्षा पहलू और जल संसाधन उपयोग 1. परियोजना का स्थान और बिजली उत्पादन 2. सिंचाई और पेयजल लाभ 3. रावी नदी जल का पूर्ण दोहन 4. सीमा सुरक्षा और घुसपैठ पर रोक प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य परियोजना का नाम उझ बहुउद्देश्यीय परियोजना। संबंधित नदी उझ नदी (रावी नदी की प्रमुख सहायक नदी)। मुख्य स्थान कठुआ जिला, जम्मू-कश्मीर। बिजली उत्पादन क्षमता 186 MW से 212 MW। सिंचाई क्षमता ~90,000 हेक्टेयर (J&K के कठुआ, सांबा + पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर)। कार्यान्वयन एजेंसी WAPCOS लिमिटेड (जल शक्ति मंत्रालय का सार्वजनिक उपक्रम)। प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) एवं भारत का सौर ऊर्जा परिदृश्य चर्चा में क्यों? केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 31 जुलाई 2026 को ₹5,070 करोड़ के कुल बजटीय आवंटन के साथ ‘प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना’ (PM-SSY) को मंजूरी दे दी है। वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू की जाने वाली यह योजना देश में 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर क्षमता विकसित करने पर केंद्रित है। इसमें न्यूनतम 2 घंटे की बैकअप क्षमता वाले ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (ESS) को जोड़ा जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भूमि संसाधनों पर दबाव डाले बिना जलाशयों का उपयोग करना और राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता को मजबूत करना है। मुख्य बिंदु: रणनीतिक स्तंभ, नीतिगत ढांचा और वैश्विक प्रभाव 1. प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) के प्रमुख घटक 2. भारत का सौर ऊर्जा विस्तार (अद्यतन आंकड़े) 3. प्रमुख सरकारी योजनाएं एवं नीतियां 4. वैश्विक नेतृत्व एवं सहयोग प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY)। लक्ष्य व बजट 5,000 MW फ्लोटिंग सोलर + 10,000 MWh ESS (बजट: ₹5,070 करोड़)। CFA (वित्तीय सहायता) ₹1 करोड़ प्रति MW (सफल कमीशनिंग पर) + ₹50 लाख तक सम्भाव्यता अध्ययन हेतु। कुल गैर-जीवाश्म क्षमता 283.46 GW (जून 2026 तक)। RPO लक्ष्य (2026-27) 35.95% (नवीकरणीय खरीद बाध्यता)। विश्व का सबसे बड़ा सोलर कॉम्प्लेक्स भादला सोलर पार्क, राजस्थान (2,245 MW)। GI & Beyond 2.0 समिट: भारतीय हथकरघा और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान चर्चा में क्यों? कपड़ा मंत्रालय का विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय और ‘हथकरघा निर्यात संवर्धन परिषद’ (HEPC) मिलकर 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में “GI & Beyond 2.0 Summit” का आयोजन कर रहे हैं। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत के भौगोलिक संकेत (GI) प्राप्त हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ावा देना तथा हितधारकों के बीच सहयोग को मजबूत करना है। मुख्य बिंदु: डिजिटल एटलस, तकनीक और वैश्विक बाजार रणनीति 1. सम्मेलन के मुख्य आकर्षण और लॉन्च 2. 100+ GI उत्पादों की प्रदर्शनी और लाइव प्रदर्शन 3. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और तकनीकी सत्र प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम GI & Beyond 2.0 Summit (5 अगस्त 2026, नई दिल्ली)। आयोजक संस्थाएं विकास आयुक्त (हथकरघा), कपड़ा मंत्रालय + HEPC (हथकरघा निर्यात संवर्धन परिषद)। मुख्य डिजिटल पहल डिजिटल हैंडलूम एटलस (“One Platform. Endless Markets”)। तकनीकी भागीदार IIT मद्रास (GI इकोसिस्टम में AI का उपयोग)। GI के नियामक अधिकारी एकस्व, अभिकल्प और व्यापार चिन्ह महानियंत्रक (CGPDTM)। HEPC की उपलब्धि 60 वर्ष पूरे (डायमंड जुबली लोगो का अनावरण)। ग्लो लेक: अरुणाचल प्रदेश को मिला पहला रामसर स्थल चर्चा में क्यों? केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अरुणाचल प्रदेश की ग्लो लेक को भारत का 101वां रामसर स्थल घोषित किया है। यह उपलब्धि राज्य के जैव विविधता संरक्षण प्रयासों में एक नया मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि ग्लो लेक अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि का दर्जा प्राप्त करने वाला अरुणाचल प्रदेश का पहला रामसर स्थल बन गया है। इसके साथ ही भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 101 हो गई है, जो 2014 के 26 स्थलों की तुलना में देश की सतत जल सुरक्षा और आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुख्य बिंदु: भौगोलिक स्थिति, जैव विविधता और पारिस्थितिक महत्व 1. भौगोलिक स्थिति और अवस्थिति 2. समृद्ध वनस्पति और जैव विविधता 3. भारत का रामसर नेटवर्क: 2014 से 2026 तक की यात्रा प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नया रामसर स्थल ग्लो लेक (Glaw Lake)। राज्य अरुणाचल प्रदेश (राज्य का पहला रामसर स्थल)। संबंधित संरक्षित क्षेत्र कमलांग टाइगर रिजर्व एवं वन्यजीव अभ्यारण्य। भारत में कुल रामसर स्थल 101 (अगस्त 2026 तक)। प्रकृति ताजे पानी की पहाड़ी झील (Freshwater Lake)। प्रमुख वनस्पति 150+ वृक्ष प्रजातियां, 49 आर्किड प्रजातियां। जलवायु अनुकूल शहर एवं शहरी लू चर्चा में क्यों? आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्य सभा में जलवायु-अनुकूल शहरों के निर्माण और शहरी हीटवेव से निपटने की रणनीतियों पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान की 12वीं अनुसूची के तहत शहरी नियोजन राज्य सरकारों और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के अधिकार क्षेत्र में आता है। केंद्र सरकार दिशा-निर्देशों, तकनीकी सलाह और वित्तीय सहायता के माध्यम से

Scroll to Top