13 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
13 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा के माध्यम से राशन सब्सिडी वितरण को सुव्यवस्थित करने वाले CBDC-आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम, जैविक आपात स्थितियों से निपटने के लिए जारी जैविक खतरों और जैव-सुरक्षा हेतु NDMA के राष्ट्रीय तैयारी ढांचे, देश के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दक्ष बनाने वाली राष्ट्रीय AI कौशल पहल, आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने वाली भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति एवं रणनीति ‘प्रहार’, विश्व हाथी दिवस पर एशियाई हाथियों के संरक्षण व मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन के प्रयासों, तथा कैंसर निदान में क्रांति लाने वाले AI फ्रेमवर्क (ACSCeND & OncoMark) द्वारा कैंसर स्टेम सेल की पहचान का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। CBDC-आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT): राशन सब्सिडी में डिजिटल क्रांति चर्चा में क्यों? भारत सरकार दो केंद्र शासित प्रदेशों—चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत CBDC-आधारित DBT की शुरुआत करने जा रही है। इस पहल का शुभारंभ केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी तथा पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया की गरिमामयी उपस्थिति में होगा। यह पहला अवसर है जब किसी केंद्रीय कल्याणकारी योजना में पूर्ण स्तर पर डिजिटल रुपये का उपयोग सब्सिडी बांटने के लिए किया जा रहा है। मुख्य बिंदु: CBDC-DBT मॉडल, कार्यप्रणाली और लाभ 1. यह मॉडल कैसे काम करेगा? 2. योजना का दायरा और पूर्व अनुभव 3. प्रमुख प्रशासनिक व आर्थिक लाभ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु विवरण / तथ्य प्रारंभ की तिथि 14 अगस्त 2026। प्रथम राज्य/UTs चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली। संबंधित योजना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY)। तकनीकी माध्यम CBDC (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) / ई-रुपया वॉलेट। जारीकर्ता संस्था भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI – CBDC का नियामक)। नोडल मंत्रालय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय। आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम चर्चा में क्यों? केंद्रीय पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने राज्यसभा में ‘आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम’ की प्रगति पर एक लिखित उत्तर प्रस्तुत किया। यह 4-वर्षीय पहल पंचायतों को वित्तीय रूप से स्वायत्त बनाने और उन्हें केवल सरकारी अनुदानों पर निर्भर रहने के बजाय अपने स्वयं के राजस्व स्रोतों (OSR – Own Source Revenue) को बढ़ाने में सक्षम बनाने के लिए शुरू की गई है। 4 अगस्त 2026 तक इस कार्यक्रम के डिजिटल पोर्टल पर 28 पंचायतों से 30 प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्य बिंदु: कार्यक्रम का ढांचा, पात्रता और कार्यान्वयन 1. योजना का ढांचा और चयन प्रक्रिया 2. पात्रता मापदंड 3. कार्यान्वयन, फंडिंग और तकनीकी सहायता 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों से जुड़ाव यह कार्यक्रम 16वें वित्त आयोग की प्राथमिकताओं के सीधे अनुकूल है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम। अवधि 4 वर्ष (कुल 350 परियोजनाएं)। नोडल मंत्रालय पंचायती राज मंत्रालय (MoPR)। न्यूनतम OSR शर्त ग्राम पंचायत (₹50 लाख), ब्लॉक पंचायत (₹1 करोड़)। फंडिंग मॉडल PPP, CSR, बैंक क्रेडिट (सीधा अनुदान नहीं)। वित्तीय सलाहकार NABARD, HUDCO आदि। जैविक खतरों और जैव-सुरक्षा के लिए NDMA का राष्ट्रीय तैयारी ढांचा चर्चा में क्यों? गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में जैविक आपदाओं और जैव-सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए भारत की राष्ट्रीय तैयारियों का ब्योरा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश किसी भी जैविक हमले या महामारी से निपटने के लिए NDMA के 2008 के दिशा-निर्देशों और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP) 2019 के बहु-स्तरीय ढांचे के साथ पूरी तरह तैयार है। इसके तहत स्वास्थ्य मंत्रालय नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है, जिसे ICMR के 150 से अधिक VRDLs और 2 मोबाइल BSL-3 प्रयोगशालाओं का मजबूत नेटवर्क प्राप्त है। मुख्य बिंदु: नीतिगत ढांचा, नोडल तंत्र और तैयारियां 1. नीतिगत और संस्थागत ढांचा 2. निगरानी, त्वरित अनुक्रिया और प्रयोगशाला नेटवर्क 3. दीर्घकालिक अवसंरचना और NDRF की भूमिका प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य जैविक आपदा हेतु नोडल मंत्रालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW)। CBRN ट्रेनिंग NDRF बटालियनों को जैविक/परमाणु/रासायनिक हमलों के लिए विशेष प्रशिक्षण। मोबाइल BSL-3 लैब्स ICMR द्वारा ऑन-साइट जांच हेतु निर्मित 2 मोबाइल लैब। निगरानी प्रणाली एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP)। स्वास्थ्य अवसंरचना योजना PM-ABHIM (भविष्य की महामारियों से निपटने हेतु समर्पित)। राष्ट्रीय AI कौशल पहल (National AI Skilling Initiative) चर्चा में क्यों? सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में राष्ट्रीय AI कौशल पहल की प्रगति का ब्योरा दिया। इस पहल के तहत पहले चरण (Phase-I) में अब तक कुल 60,253 अभ्यर्थियों ने अपना नामांकन कराया है। 33 घंटे की अवधि वाले इस चरण के 4 प्रमुख मॉड्यूल में से 4,620 प्रतिभागियों ने शुरुआती 2 मॉड्यूल और 552 ने सभी चारों मॉड्यूल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। भारतीय सृजनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) और निजी क्षेत्र के साझेदारों के सहयोग से संचालित यह कार्यक्रम देश में युवाओं को उद्योग-अनुकूल AI कौशल से सशक्त बना रहा है। मुख्य बिंदु: कार्यक्रम का ढांचा, मॉड्यूल और कार्यान्वयन मॉडल 1. पाठ्यक्रम संरचना और वितरण 2. संस्थागत ढांचा और पीपीपी मॉडल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नोडल मंत्रालय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB)। मुख्य कार्यान्वयन संस्था भारतीय सृजनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT)। निजी भागीदार उद्योग विशेषज्ञ, गूगल और यूट्यूब। चरण-I की अवधि कुल 33 घंटे (4 मॉड्यूल दो लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म पर)। मुख्य उद्देश्य मीडिया, मनोरंजन और तकनीकी क्षेत्रों में AI साक्षरता बढ़ाना। प्रहार: भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति एवं रणनीति चर्चा में क्यों? गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में ‘प्रहार’ नीति के कार्यान्वयन की जानकारी दी। गृह मंत्रालय ने 23 फरवरी 2026 को भारत की पहली व्यापक ‘राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति और रणनीति’ (PRAHAAR) का अनावरण किया था। यह नीति भारत के सुरक्षा ढांचे को केवल प्रतिक्रियात्मक (Reactive) के बजाय एक अग्रसक्रिय (Proactive) दृष्टिकोण में बदलती है। इसका मुख्य उद्देश्य ‘समग्र सरकार’ (Whole of Government) और ‘समग्र समाज’ (Whole of Society) मॉडल के तहत आतंकवाद और कट्टरपंथ को जड़ से खत्म करना है। मुख्य बिंदु: 7 प्रमुख स्तंभ, रणनीतिक बदलाव और कार्यान्वयन 1. ‘प्रहार’ के 7 रणनीतिक स्तंभ यह नीति 7 मुख्य स्तंभों पर आधारित है, जो भारत के आतंकवाद विरोधी उद्देश्यों को पूरा