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22 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

22 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत स्वास्थ्य क्षेत्र में दवा सुरक्षा व निगरानी को सुदृढ़ करने वाले राष्ट्रीय भेषज संहिता (NFI) 2026 और बायोविजिलेंस प्रोग्राम (मरीज सुरक्षा की ओर बड़ा कदम), प्रकृति संरक्षण और स्वदेशी समुदायों के अधिकारों के संतुलन पर केंद्रित WWF वैश्विक संरक्षण सम्मेलन 2026, द्विपक्षीय सामरिक संबंधों को मजबूत करने वाले अभ्यास नोमैडिक एलिफेंट 2026 (भारत-मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास), स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण हेतु आवश्यक खनिजों की आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए क्रिटिकल मिनरल्स रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी, कृषि व डेयरी उत्पाद निर्यात को बढ़ावा देने वाले भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 2026, उपभोक्ता कल्याण व बाजार स्थिरता हेतु चीनी स्टॉक सीमा नियमों में राहत और खुदरा मूल्य नियंत्रण, तथा शहरों को कचरा-मुक्त बनाने हेतु विरासत अपशिष्ट और डंपसाइट रीक्लेमेशन (कचरे से कंचन की ओर भारत) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रीय भेषज संहिता (NFI) 2026 और बायोविजिलेंस प्रोग्राम: मरीज सुरक्षा की ओर बड़ा कदम चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में छठे ‘राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह’ (17-23 सितंबर) के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राष्ट्रीय भेषज संहिता (National Formulary of India – NFI 2026) का 7वां संस्करण और NFI Online पोर्टल लॉन्च किया। इसी मंच से केंद्र सरकार ने भारत के नए बायोविजिलेंस प्रोग्राम को भी मंजूरी दी। मुख्य बिंदु: स्वास्थ्य क्षेत्र की नई पहलें और भारत की वैश्विक उपलब्धि 1. NFI 2026 और डिजिटल टूल्स का शुभारंभ 2. बायोविजिलेंस प्रोग्राम को मंजूरी 3. WHO रैंकिंग में भारत का ऐतिहासिक उछाल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक संस्था भारतीय भेषज संहिता आयोग (IPC), गाजियाबाद NFI 2026 का संस्करण 7वां संस्करण (34 अध्याय, 653 दवाएं) बायोविजिलेंस का उद्देश्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण में प्रतिकूल प्रभावों की ट्रैकिंग WHO डेटाबेस रैंकिंग भारत 8वें स्थान पर (पहले 123वें स्थान पर था) अंतरराष्ट्रीय पहुंच 25 देश भारतीय भेषज संहिता (IP) को स्वीकार करते हैं थीम (2026) “Promoting Rational Use of Medicines through Pharmacovigilance” WWF वैश्विक संरक्षण सम्मेलन 2026: जैव विविधता और स्थानीय समुदायों का सह-अस्तित्व चर्चा में क्यों? केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जयपुर (राजस्थान) में वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (WWF) के ‘वैश्विक संरक्षण सम्मेलन’ का उद्घाटन किया। 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी वाले इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों के सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर भारत के संवैधानिक व सांस्कृतिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए वनों, आर्द्रभूमियों और घास के मैदानों के एकीकृत संरक्षण तथा ‘ओरण’ जैसे पारंपरिक सामुदायिक प्रयासों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया। मुख्य बिंदु: भारत की संरक्षण यात्रा और रणनीतिक पहलें 1. भारत के संरक्षण प्रयासों की प्रमुख उपलब्धियां 2. सामुदायिक भागीदारी और सांस्कृतिक मूल्य 3. अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं और वैज्ञानिक निगरानी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य सम्मेलन का नाम WWF वैश्विक संरक्षण सम्मेलन 2026 आयोजन स्थल जयपुर, राजस्थान आयोजक संस्था वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (WWF-International & WWF-India) भारत में रामसर स्थल 24 से बढ़कर 101 हुए राजस्थान की विशेष पहल ‘ओरण’ (पवित्र उपवन) और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) प्रजनन कार्यक्रम अभ्यास नोमैडिक एलिफेंट 2026: भारत-मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास चर्चा में क्यों? भारत-मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलिफेंट’ का 18वां संस्करण उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास का आयोजन भारत और मंगोलिया में बारी-बारी से (Alternately) किया जाता है। इसका पिछला (17वां) संस्करण मई-जून 2025 में उलानबटार (मंगोलिया) में आयोजित हुआ था। मुख्य बिंदु: अभ्यास का दायरा और सामरिक महत्व 1. अभ्यास का मुख्य उद्देश्य 2. प्रमुख युद्ध अभ्यास और तकनीकी प्रशिक्षण प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अभ्यास का नाम नोमैडिक एलिफेंट (18वां संस्करण) प्रतिभागी देश भारत और मंगोलिया आयोजन स्थल फॉरेन ट्रेनिंग नोड, पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) आयोजन की प्रकृति वार्षिक (एक वर्ष भारत, एक वर्ष मंगोलिया) पिछला संस्करण (2025) उलानबटार, मंगोलिया क्रिटिकल मिनरल्स रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी: भारत की खनिज सुरक्षा चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में खान मंत्रालय (Ministry of Mines) ने मटेरियल्स रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (MRAI) के साथ मिलकर “भारत का क्रिटिकल मिनरल्स रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम और सर्कुलर इकोनॉमी” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया और ‘कांसेप्ट पेपर ऑन क्रिटिकल मिनरल रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम’ जारी किया। मुख्य बिंदु: रणनीतिक ढांचा और प्रमुख पहलें 1. क्रिटिकल मिनरल्स रीसाइक्लिंग का महत्व 2. नई तकनीकें और औद्योगिक रणनीति 3. नीतिगत ढांचा और जन भागीदारी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक मंत्रालय खान मंत्रालय (MRAI के सहयोग से) मुख्य जारी दस्तावेज Concept Paper on Critical Mineral Recycling Ecosystem ब्लैक मास (Black Mass) प्रयुक्त लिथियम-आयन बैटरियों के क्रशिंग से प्राप्त पाउडर (जिसमें लिथियम, निकल, कोबाल्ट होता है) माध्यमिक स्रोत (Secondary Sources) ई-अपशिष्ट, औद्योगिक अपशिष्ट और End-of-Life (EOL) उत्पाद संबंधित अभियान स्वच्छता ही सेवा और विशेष अभियान 6.0 भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 2026: आर्थिक संबंधों का नया अध्याय चर्चा में क्यों? केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने घोषणा की कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) से लागू होगा। यह समझौता 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हुआ था। न्यूजीलैंड की संसद ने 16 सितंबर 2026 को इससे संबंधित कानून पास कर दिया। जुलाई 2026 में भारतीय प्रधानमंत्री की चार दशकों में पहली न्यूजीलैंड यात्रा ने इस रणनीतिक साझेदारी को गति दी।दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर (~₹35,000 करोड़) तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। मुख्य बिंदु: व्यापार, निवेश और जन-गतिशीलता के प्रमुख लाभ 1. भारतीय माल और उद्योगों को लाभ 2. भारतीय कृषि और डेयरी हितों की पूर्ण सुरक्षा 3. $20 अरब का निवेश और सेवाओं में अवसर प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य लागू होने की तिथि 20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) हस्ताक्षर तिथि व स्थान 27 अप्रैल 2026, भारत मंडपम (नई दिल्ली) शुल्क छूट (Tariff Reduction) भारत के 100% निर्यात पर शून्य शुल्क संरक्षित क्षेत्र (Excluded) डेयरी, पशु मांस, चीनी, खाद्य तेल, प्याज, चना निवेश प्रतिबद्धता न्यूजीलैंड द्वारा भारत में $20 अरब (15 वर्षों

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21 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

21 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनाने वाले SEMICON India 2026 (वैश्विक सेमीकंडक्टर हब के रूप में भारत का उभरता स्वरूप), पारंपरिक चिकित्सा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आयुष क्षेत्र का डिजिटल कायाकल्प), अल्ट्रा-हाई परफॉर्मेंस कंक्रीट तकनीक से बने इंदोरा चौक-दिघोरी फ्लाईओवर (UHPFRC तकनीक से बना नागपुर का नया इंफ्रास्ट्रक्चर लैंडमार्क), पर्यावरण एवं जलवायु गतिशीलता पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, पीएम विश्वकर्मा योजना के 3 साल, हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी सुदृढ़ करने वाले SLINEX-26 (भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास), तथा ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम (“विकास भी, विरासत भी” और सुशासन का मॉडल) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।  SEMICON India 2026: वैश्विक सेमीकंडक्टर हब के रूप में भारत का उभरता स्वरूप चर्चा में क्यों? यशोभूमि, नई दिल्ली में SEMICON India 2026 के 5वें संस्करण का सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया और मोहाली (CDIL) तथा सूरत (Suchi Semicon) में वाणिज्यिक उत्पादन लाइनों का वर्चुअल उद्घाटन कर देश में सेमीकंडक्टर निर्माण के नए युग की शुरुआत की। मुख्य बिंदु: आयोजन के प्रमुख आयाम और ‘सेमीकंडक्टर 2.0’ 1. आयोजन का दायरा और मुख्य विशेषताएं 2. सेमीकंडक्टर 2.0 का विजन 3. स्टार्टअप्स, नवाचार और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन स्थल यशोभूमि, नई दिल्ली (17–19 सितंबर 2026) संस्करण 5वां संस्करण (थीम: Silicon to Systems) कुल प्रदर्शक व देश 600+ प्रदर्शक (300 अंतर्राष्ट्रीय) | 52 देश सेमीकंडक्टर 2.0 परिव्यय ₹1,27,500 करोड़ (6 मुख्य स्तंभों पर आधारित) चालू वाणिज्यिक इकाइयां 5 इकाइयां (CDIL मोहाली और Suchi Semicon सहित) महत्वपूर्ण प्रतियोगिता डिजिटल इंडिया RISC-V ग्रैंड चैलेंज पारंपरिक चिकित्सा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: आयुष क्षेत्र का डिजिटल कायाकल्प चर्चा में क्यों? आयुष मंत्रालय ने घोषणा की कि वह आयुष ग्रिड की डिजिटल नींव पर आगे बढ़ते हुए आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को नए स्तंभ के रूप में विकसित कर रहा है।भारत सरकार के इंडिया-एआई और भाषिणी अभियानों के सहयोग से इस दिशा में महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की गई हैं। मुख्य बिंदु: एआई-संचालित उपकरण, वैश्विक मान्यता और साझेदारी 1. प्रमुख एआई चैटबॉट्स और उनके उपयोग 2. अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय सहयोग 3. भविष्य के अनुप्रयोग (IndiaAI इनोवेशन चैलेंज) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य डिजिटल आधार आयुष ग्रिड तकनीकी दृष्टिकोण RAG (Retrieval-Augmented Generation) भाषा एकीकरण भाषिणी पोर्टल (22 अनुसूचित भाषाएं) व्यापारिक चैटबॉट e-CHARAK (औषधीय पौधों का व्यापार) वैश्विक केसबुक संस्थाएं आयुष मंत्रालय + WHO (IndiaAI Summit 2026) इंदोरा चौक-दिघोरी फ्लाईओवर: UHPFRC तकनीक से बना नागपुर का नया इंफ्रास्ट्रक्चर लैंडमार्क चर्चा में क्यों? केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 353D (NH-353D) पर बने लगभग 8.9 किलोमीटर लंबे इंदोरा चौक-दिघोरी फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर इस फ्लाईओवर का नाम संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के नाम पर रखा गया है। मुख्य बिंदु: निर्माण तकनीक, कनेक्टिविटी और भावी योजनाएं 1. UHPFRC तकनीक का उन्नत उपयोग 2. शहरी कनेक्टिविटी और यातायात में सुधार 3. नागपुर का भावी इंफ्रास्ट्रक्चर विजन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य परियोजना का नाम इंदोरा चौक-दिघोरी फ्लाईओवर नया आधिकारिक नाम डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार फ्लाईओवर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-353D (नागपुर, महाराष्ट्र) निर्माण तकनीक UHPFRC (Ultra High Performance Fibre Reinforced Concrete) कुल लंबाई एवं लागत 8.9 किलोमीटर | ₹1,000 करोड़ पर्यावरण एवं जलवायु गतिशीलता पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन: सतत विकास का भारतीय मॉडल चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में “पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य” (The Future of Environment and Climate Dynamics) विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन की आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना था। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने प्राचीन सांस्कृतिक दृष्टिकोण और आधुनिक प्रौद्योगिकियों का समन्वय प्रस्तुत करते हुए वैश्विक जलवायु न्याय और भारत की नवीकरणीय ऊर्जा उपलब्धियों पर जोर दिया। मुख्य बिंदु: विकास और पर्यावरण का संतुलन एवं प्रमुख उपलब्धियां 1. ऐतिहासिक न्याय और प्रति व्यक्ति उत्सर्जन 2. स्वच्छ ऊर्जा एवं हरित क्रांति 3. क्लीन मोबिलिटी एवं परिवहन ढांचा 4. कृषि, जल और प्राकृतिक संरक्षण प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन स्थल विज्ञान भवन, नई दिल्ली (19 सितंबर 2026) आयोजक संस्था नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) सौर क्षमता में छलांग 2 GW (2014) से 160+ GW (2026) हाइड्रोजन ट्रेन भारत की पहली एवं विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन घने वन क्षेत्र में वृद्धि पिछले 12 वर्षों में 22% से अधिक पीएम विश्वकर्मा योजना के 3 साल: पारंपरिक कारीगरों के लिए सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि चर्चा में क्यों? सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के धोनो धान्यो सभागार में पीएम विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ का आयोजन किया। मई 2026 में पश्चिम बंगाल के इस योजना में आधिकारिक रूप से शामिल होने के बाद यह राज्य में MSME मंत्रालय का पहला बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम था। इस अवसर पर योजना के तीन वर्षों की उपलब्धियों का जश्न मनाते हुए पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को प्रमाण पत्र, आधुनिक टूलकिट तथा ₹1 लाख तक के चेक वितरित किए गए। मुख्य बिंदु: योजना की 3 वर्षों की प्रगति और प्रभाव 1. राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां 2. पश्चिम बंगाल में विस्तार और क्षेत्रीय प्रभाव 3. तीन प्रमुख स्तंभ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना की शुरुआत 17 सितंबर 2023 मंत्रालय MSME मंत्रालय (कौशल विकास व वित्त मंत्रालय के सहयोग से) वित्तीय सहायता (क्रेडिट) प्रथम चरण में ₹1 लाख तक का ऋण (5% रियायती ब्याज दर पर) टूलकिट वितरण माध्यम इंडिया पोस्ट कुल पंजीकृत लाभार्थी 30 लाख (सितंबर 2026 तक) वार्षिकोत्सव स्थल कोलकाता, पश्चिम बंगाल (3rd Anniversary) SLINEX-26: भारत-श्रीलंका वार्षिक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास चर्चा में क्यों? विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान के तत्वावधान में भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास SLINEX-26 का 13वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है। दो चरणों (हार्बर और सी फेज) में आयोजित इस अभ्यास में भारतीय नौसेना से स्वदेशी एंटी-सबमरीन वॉरफेयर कार्वेट INS कवारत्ती व INS ज्योति तथा श्रीलंका

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18 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

18 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत मिट्टी में कार्बन संचयन से किसानों की आय बढ़ाने वाले सॉइल कार्बन पेमेंट्स (तिकाऊ खेती से बढ़ी कमाई), सेमीकंडक्टर, एआई, स्पेस व रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देने वाली भारत में डीप-टेक क्रांति, संस्थागत स्तर पर स्वच्छता और जन-भागीदारी को सुदृढ़ करने वाले स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग), इलेक्ट्रिक वाहन और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में कुशल कार्यबल तैयार करने हेतु EV एवं ग्रीन स्किल्स लैब (NSTI बेंगलुरु), तथा अपशिष्ट प्रबंधन में ग्रीनहाउस गैसों के सटीक मापन हेतु लाइफ साइकिल असेसमेंट (LCA) एवं GHG कैलकुलेटर का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। सॉइल कार्बन पेमेंट्स: टिकाऊ खेती से किसानों की बढ़ी कमाई चर्चा में क्यों? पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत का पहला सॉइल कार्बन पेमेंट जारी किया गया। DARE के सचिव और ICAR के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने पंजाब और हरियाणा के 2,550 से अधिक छोटे किसानों को ₹2.9 करोड़ से अधिक की राशि का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) शुरू किया। मुख्य बिंदु: एग्रोनॉमी, कार्बन क्रेडिट और किसानों का लाभ 1. ‘आदि’ कार्बन प्रोग्राम 2. पुनर्जनन कृषि पद्धतियां 3. पर्यावरणीय और आर्थिक प्रभाव (2019–2022 का आकलन) 4. अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: ब्रिक्स नेटवर्क प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पहल का नाम पहला सॉइल कार्बन पेमेंट (आदि कार्बन प्रोग्राम) प्रदाता और भागीदार ग्रो इंडिगो एवं ICAR प्रमाणन मानक Verra VM0042 मेथोडोलॉजी लाभांश प्राप्तकर्ता पंजाब और हरियाणा के 2,550+ किसान (₹2.9+ करोड़) पर्यावरणीय प्रभाव 45B लीटर जल बचत | 1,000 टन PM2.5 उत्सर्जन में कमी भारत में डीप-टेक क्रांति: सेमीकंडक्टर, एआई, स्पेस और रक्षा में स्वावलंबन चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ज़ोहो के मुख्य वैज्ञानिक श्री श्रीधर वेम्बू का एक लेख साझा किया। इस लेख में भारत की तेज़ी से उभरती डीप-टेक क्षमता और कठिन तकनीकों को स्वयं सीखकर विकसित करने के भारत के नए संकल्प को रेखांकित किया गया है। मुख्य बिंदु: डीप-टेक क्षमता और भारत के मुख्य स्तंभ 1. डीप-टेक क्षेत्र में भारत की नई दिशा 2. चार प्रमुख क्षेत्र प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य चर्चा में रहा विषय भारत की डीप-टेक क्षमता का विकास लेखक श्रीधर वेम्बू (मुख्य वैज्ञानिक, ज़ोहो) प्रमुख 4 क्षेत्र सेमीकंडक्टर, एआई, स्पेस और डिफेंस मूल रणनीति ‘Difficult Learning’ का स्वदेशीकरण स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की पहल चर्चा में क्यों? सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान 2026 की शुरुआत की। विभाग के सचिव श्री सुधांश पंत ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। यह अभियान 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) तक चलेगा। मुख्य बिंदु: अभियान के मुख्य संकल्प और नागरिक भागीदारी 1. स्वच्छता शपथ के मुख्य संकल्प 2. संस्थागत रणनीति प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अभियान का नाम स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 आयोजक विभाग सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग (MoSJE) सपथ दिलाने वाले अधिकारी श्री सुधांश पंत (सचिव, SJE) अभियान की अवधि 17 सितंबर 2026 से 2 अक्टूबर 2026 तक स्वच्छता दान का संकल्प 100 घंटे/वर्ष (2 घंटे/सप्ताह) समापन अवसर गांधी जयंती (2 अक्टूबर) EV एवं ग्रीन स्किल्स लैब: राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI) बेंगलुरु में नई शुरुआत चर्चा में क्यों? कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI), बेंगलुरु में ‘Skills4Future EV & Green Skills Lab’ का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक लैब शैल इंडिया, प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT – MSDE) और एजुनेट फाउंडेशन का एक संयुक्त प्रयास है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन (EV) प्रौद्योगिकियों, बैटरी प्रबंधन और आधुनिक हरित कौशलों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि उन्हें स्वच्छ ऊर्जा और ई-मोबिलिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। मुख्य बिंदु: लैब के उद्देश्य और ‘Skills4Future’ कार्यक्रम 1. लैब की प्रमुख विशेषताएं और व्यावहारिक प्रशिक्षण 2. Skills4Future कार्यक्रम के आंकड़े व प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रयोगशाला का नाम Skills4Future EV & Green Skills Lab उद्घाटनकर्ता श्रीमती देबाश्री मुखर्जी (सचिव, MSDE) स्थान NSTI बेंगलुरु, कर्नाटक सहयोगी संस्थाएं MSDE (DGT), Shell India, Edunet Foundation प्रोग्राम का नाम Skills4Future लाइफ साइकिल असेसमेंट (LCA) एवं GHG कैलकुलेटर: ठोस कचरा प्रबंधन में नया तकनीकी कदम चर्चा में क्यों? भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) प्रो. अजय कुमार सूद ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में ‘भारत में ठोस कचरा प्रबंधन (SWM) प्रौद्योगिकियों के लिए LCA फ्रेमवर्क का विकास’ परियोजना के परिणामों की समीक्षा की गई और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के लिए एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म GHG कैलकुलेटर वेब ऐप लॉन्च किया गया। मुख्य बिंदु: प्रोजेक्ट का स्वरूप, संस्थान और डिजिटल टूल 1. परियोजना की संरचना और सहयोगी निकाय 2. GHG कैलकुलेटर ऐप की प्रमुख विशेषताएं प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रोजेक्ट का नाम LCA Framework for Solid Waste Management डिजिटल टूल GHG Calculator Web Application नोडल एजेंसी ऑफिस ऑफ द प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर (PSA) प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद विकासकर्ता संस्थान IISc बेंगलुरु, IIT मद्रास, IIT (BHU) वाराणसी टारगेट यूजर शहरी स्थानीय निकाय (ULBs / नगर निगम) संबद्ध मिशन स्वच्छ भारत मिशन-शहरी एवं वेस्ट टू वेल्थ मिशन NCERT Class 7, Social Science Ch-8 यहाँ पढ़ें:-

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17 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

17 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत स्वच्छ परिवहन और ईवी क्रांति को मापने वाले नीति आयोग के भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सूचकांक (IEMI), समुद्री पर्यावरण और ओजोन परत के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले विश्व ओजोन दिवस 2026 (‘स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0’ – IITM पुणे), भारत के जलवायु लक्ष्यों और पेरिस समझौते की प्रगति की रीयल-टाइम निगरानी हेतु नेट ज़ीरो पोर्टल और NAPCC डैशबोर्ड, वंचित वर्गों के कल्याण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाले बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन (BJRNF), बहुभाषी स्वदेशी एआई प्रौद्योगिकियों के विकास हेतु भाषादिनी और ‘व्योम इनोवेशन चैलेंज’, तथा विशेष अभियान 6.0 (खान मंत्रालय की पहल) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। नीति आयोग का भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सूचकांक (IEMI): e-Mobility और विकसित भारत चर्चा में क्यों? नीति आयोग ने राज्य ई-वाहन नीतियों पर आयोजित कार्यशाला के दौरान ‘भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सूचकांक’ (India Electric Mobility Index – IEMI) का दूसरा संस्करण लॉन्च किया। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट सचिव श्री राजीव गौबा ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के लिए एक “रणनीतिक अनिवार्यता” (Strategic Imperative) बताया। मुख्य बिंदु: IEMI रिपोर्ट और भारत की EV क्रांति 1. वैश्विक परिदृश्य और भारत की चुनौतियां 2. सरकारी प्रोत्साहन और नीतियां 3. राज्यों का प्रदर्शन और IEMI स्कोर प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य सूचकांक का नाम भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सूचकांक (IEMI) – 2nd Edition जारीकर्ता संस्था नीति आयोग कच्चे तेल पर आयात निर्भरता ~89% ऑटो सेक्टर योगदान 7.1% (GDP में) | 1.9 करोड़ रोजगार सरकारी सहायता कोष ₹92,000 करोड़ से अधिक डिजिटल ऐप Unified Bharat e-Charge App विश्व ओजोन दिवस 2026: IITM पुणे का ‘स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0’ अभियान चर्चा में क्यों? विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM), पुणे ने नगांव बीच (अलीबाग, रायगढ़/मुंबई) पर एक बड़ा समुद्र तट सफाई और प्लास्टिक कचरा संग्रह अभियान आयोजित किया। यह कार्यक्रम पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर (SSSS) 5.0’ के तहत आयोजित किया गया। मुख्य बिंदु: अभियान के प्रमुख पहलू और तटीय संरक्षण 1. अभियान का उद्देश्य और समय सीमा 2. नगांव बीच पर प्रमुख गतिविधियां प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक संस्थान IITM पुणे (पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत) अभियान का नाम स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर (SSSS) 5.0 विश्व ओजोन दिवस 16 सितंबर अंतर्राष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस 19 सितंबर 2026 स्थान नगांव बीच, अलीबाग (रायगढ़ जिला, महाराष्ट्र) नेट ज़ीरो पोर्टल और NAPCC डैशबोर्ड: भारत का डिजिटल जलवायु रोडमैप चर्चा में क्यों? विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर मुंबई में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने भारत का नेट ज़ीरो पोर्टल और NAPCC डैशबोर्ड लॉन्च किया। ये दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म पारदर्शिता बढ़ाने, अंतर-मंत्रालयी समन्वय को मजबूत करने और साक्ष्य-आधारित जलवायु कार्रवाई को गति देने के लिए शुरू किए गए हैं। मुख्य बिंदु: डिजिटल प्लेटफॉर्म और उनकी कार्यप्रणाली 1. भारत का नेट ज़ीरो पोर्टल 2. NAPCC डैशबोर्ड महत्वपूर्ण शब्दावली: Scope 1, 2 और 3 उत्सर्जन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य लॉन्च की तिथि व अवसर 16 सितंबर 2026 (विश्व ओजोन दिवस) संबंधित मंत्रालय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) नेट ज़ीरो पोर्टल यूआरएल netzeroindia.moef.gov.in NAPCC डैशबोर्ड यूआरएल napccindia.moef.gov.in प्राथमिकता उत्सर्जन Scope 1 और Scope 2 (Scope 3 स्वैच्छिक है) भारत का नेट ज़ीरो लक्ष्य वर्ष 2070 तक (COP26 में घोषित) बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन (BJRNF): वर्गहीन और जातिविहीन समाज का रोडमैप चर्चा में क्यों? सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन (BJRNF) की प्रगति और पहलों की समीक्षा साझा की। यह स्वायत्त संस्था पूर्व उप-प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम के आदर्शों के अनुरूप जातिविहीन और वर्गहीन समाज के निर्माण की दिशा में काम कर रही है। मुख्य बिंदु: BJRNF के उद्देश्य, संरचना और रणनीतिक कार्य 1. फाउंडेशन का जनादेश और मुख्य उद्देश्य 2. संस्थागत संरचना और कानूनी ढांचा प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य संस्था का नाम बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन (BJRNF) मंत्रालय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) स्थापना तिथि 14 मार्च 2008 (सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860) संस्था के अध्यक्ष केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मुख्यालय 6, कृष्णा मेनन मार्ग, नई दिल्ली मूल दर्शन जातिविहीन और वर्गहीन समाज बाबू जगजीवन राम कौन थे? भारत के पूर्व उप-प्रधानमंत्री, स्वतंत्रता सेनानी और प्रसिद्ध समाज सुधारक। भाषादिनी और ‘व्योम इनोवेशन चैलेंज’: स्वदेशी व बहुभाषी AI का नया अध्याय चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD) ने ‘करंट एआई’ और ‘कलपा इंपैक्ट’ के साथ मिलकर IIIT-दिल्ली में व्योम इनोवेशन चैलेंज के फ़ाइनल का आयोजन किया। इस चैलेंज में ओपन-सोर्स एआई और बहुभाषी तकनीक पर आधारित 4 प्रमुख भारतीय नवाचारों को विजेता घोषित किया गया। मुख्य बिंदु: व्योम चैलेंज और ‘सुनो सूत्र’ तकनीक 1. सुनो सूत्र क्या है? 2. विजेता नवाचार (Top 4 Winning Innovations) चैलेंज के फ़ाइनल में 10 टीमों ने अपने प्रोटोटाइप दिखाए। इनमें से 4 मुख्य विजेता रहे: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य चैलेंज का नाम व्योम इनोवेशन चैलेंज आयोजक निकाय डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (MeitY), Current AI, Kalpa Impact आयोजन स्थल IIIT-दिल्ली मूल तकनीक सुनो सूत्र – ओपन-सोर्स बहुभाषी एआई डिवाइस मुख्य विजेता आशा सहायक, श्रवण, संग्रह-अपना साथी, सहायक मित्र (A.V.E.R.A.) विशेष अभियान 6.0: खान मंत्रालय की ई-कचरा प्रबंधन और स्वच्छता पहल चर्चा में क्यों? भारत सरकार 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6.0 (Special Campaign 6.0) चलाएगी। खान मंत्रालय ने ‘विशेष अभियान 5.0’ की सफलताओं के आधार पर इस बार “ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान” को अपना मुख्य फोकस क्षेत्र घोषित किया है। मुख्य बिंदु: विशेष अभियान 5.0 की उपलब्धियां और 6.0 का खाका 1. अभियान के दो चरण 2. विशेष अभियान 5.0 की प्रमुख उपलब्धियां (नवंबर 2025 – अगस्त 2026) 3. ई-कचरा संग्रह और नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अभियान की अवधि 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 (विशेष अभियान 6.0) मुख्य विषय (Theme) ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान संबंधित मिशन राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM) सहयोगी संस्थाएं JNARDDC और

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15 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

15 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति देने वाले भारत में डाटा सेंटर (डिजिटल युग का नया अवसंरचनात्मक आधार), लैटिन अमेरिका के साथ वाणिज्यिक संबंधों को सशक्त बनाने वाले भारत-मर्कोसुर PTA का विस्तार (दक्षिणी अमेरिका के साथ व्यापार को गति), स्वच्छता और जनभागीदारी को बढ़ावा देने वाली केरल की ‘इकोसेंस’ छात्रवृत्ति पहल, सीमा शुल्क व अवैध व्यापार नियंत्रण हेतु DRI का ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ (362 मीट्रिक टन पाकिस्तानी सूखे खजूर ज़ब्त), लुप्तप्राय प्रजातियों और तटीय सुचिता के लिए कचरा-मुक्त कच्छ पहल (GIB संरक्षण व तटीय पारिस्थितिकी), रक्षा में तकनीकी स्वावलंबन को दर्शाने वाले भारतीय वायु सेना ड्रोनाथॉन 2026 (‘वायु उत्तम’ और स्वदेशी ड्रोन क्षमताएं), वेस्ट हीट रिकवरी में क्रांतिकारी सफलता थैलियम कॉपर सेलेनाइड में असामान्य ऊष्मा परिवहन, तथा पड़ोसी देश के साथ ऊर्जा साझेदारी सुदृढ़ करने हेतु भारत द्वारा नेपाल को बिजली निर्यात की स्वीकृति का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारत में डाटा सेंटर: डिजिटल युग का नया अवसंरचनात्मक आधार चर्चा में क्यों? केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का डाटा सेंटर उद्योग अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज कर रहा है। वर्ष 2020 में भारत की डाटा सेंटर क्षमता 375 MW थी, जो अगस्त 2026 तक बढ़कर 1.57 GW हो गई है। वर्ष 2030 तक इसके 8 GW तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें लगभग 70 अरब डॉलर का निवेश जारी है और 90 अरब डॉलर की नई परियोजनाओं की घोषणा की जा चुकी है। मुख्य बिंदु: तकनीक, कार्यप्रणाली और नीतिगत ढांचा 1. डाटा सेंटर क्या है और यह कैसे काम करता है? 2. सरकार द्वारा उठाए गए नीतिगत कदम 3. ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य वर्तमान क्षमता (Aug 2026) 1.57 Gigawatt (GW) अनुमानित क्षमता (2030) ~8 GW बुनियादी ढांचे का दर्जा केंद्रीय बजट 2022-23 में प्रदान किया गया विदेशी क्लाउड कंपनियों को टैक्स छूट 2047 तक (बजट 2026-27 के तहत) SHANTI Act का संबंध डाटा सेंटर और AI के लिए न्यूक्लियर पावर (SMRs) का उपयोग भारत-मर्कोसुर PTA का विस्तार: दक्षिणी अमेरिका के साथ व्यापार को मिलेगी गति चर्चा में क्यों? भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और मर्कोसुर की वर्तमान अध्यक्ष (Pro Tempore Presidency) संभाल रहे उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेतकिन ने भारत-मर्कोसुर वरीयता व्यापार समझौते (PTA) के विस्तार के लिए औपचारिक वार्ता शुरू करने की घोषणा की। दोनों पक्षों ने नए संदर्भ शर्तों (Terms of Reference – ToR) को अंतिम रूप देने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण और कागज रहित व्यापार के लिए समझौते के पहले अतिरिक्त प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर किए गए। मुख्य बिंदु: सीमा विस्तार, इलेक्ट्रॉनिक सर्टिफिकेशन और रणनीतिक महत्व 1. वर्तमान PTA का ढांचा और विस्तार की आवश्यकता 2. पहला अतिरिक्त प्रोटोकॉल 3. भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक महत्व प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मूल समझौता (Original Pact) 2004 में हस्ताक्षर, 1 जून 2009 से लागू व्यापारिक ब्लॉक (Trade Bloc) MERCOSUR (स्थापना: 1991, असुनसियोन संधि) अध्यक्षता (2026) उरुग्वे (Pro Tempore Presidency) नया प्रोटोकॉल पहला अतिरिक्त प्रोटोकॉल (इलेक्ट्रॉनिक सर्टिफिकेशन/e-CoO के लिए) मौजूदा छूट दायरा भारत: 450 वस्तुएं; मर्कोसुर: 452 वस्तुएं शामिल गैर-सदस्यता वेनेजुएला (2016 से निलंबित) केरल की ‘इकोसेंस’ छात्रवृत्ति पहल: अपशिष्ट प्रबंधन में युवा भागीदारी चर्चा में क्यों? केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 (SBM-U 2.0) के तहत केरल की “इकोसेंस” पहल ने राज्य भर के 45,880 से अधिक छात्रों को अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक कर छात्रवृत्ति प्रदान की है। इस पहल ने स्कूली छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देने के बजाय उन्हें ग्रीन ब्रिगेड के रूप में व्यवहारिक कचरा प्रबंधन से जोड़ा है। मुख्य बिंदु: कार्यान्वयन, चयन और व्यवहारिक मॉडल 1. संस्थागत ढांचा और क्रियान्वयन 2. स्थानीय निकायों के अनुसार छात्र चयन और प्रोत्साहन 3. व्यवहारिक गतिविधियां और प्रत्यक्ष अनुभव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम इकोसेंस – स्टूडेंट ग्रीन ब्रिगेड स्कॉलरशिप मूल मिशन स्वच्छ भारत मिशन – शहरी 2.0 (SBM-U 2.0) संबंधित राज्य केरल छात्रवृत्ति राशि ₹1,500 प्रति छात्र (साथ में प्रमाण-पत्र) चयन अनुपात 50 (पंचायत), 75 (नगर पालिका), 100 (नगर निगम) मुख्य मंच स्कूलों में आयोजित ‘हरित सभाएं’ ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’: DRI ने ज़ब्त किए 362 मीट्रिक टन पाकिस्तानी सूखे खजूर चर्चा में क्यों? राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत मुंबई की एक फर्म द्वारा आयातित 362 मीट्रिक टन से अधिक पाकिस्तानी मूल के सूखे खजूर की खेप ज़ब्त की। यह कार्रवाई नासिक के CFS अंबाड (Inland Container Depot/CFS Ambad) पर की गई। इन सामानों को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के जेबेल अली पोर्ट के जरिए ट्रांसशिप करके भारत लाया गया था, ताकि पाकिस्तान पर लगे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष व्यापार प्रतिबंधों को दरकिनार किया जा सके। मुख्य बिंदु: ऑपरेशन, कार्यप्रणाली और व्यापार प्रतिबंध का उल्लंघन 1. क्या है ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’? 2. आयात प्रतिबंध की पृष्ठभूमि (DGFT अधिसूचना) 3. राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य विशेष अभियान ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट (DRI द्वारा संचालित) ज़ब्ती का स्थान CFS अंबाड, नासिक (महाराष्ट्र) आयातित सामग्री 362 मीट्रिक टन से अधिक सूखे खजूर (Dry Dates) प्रतिबंध आदेश DGFT अधिसूचना संख्या 06/2025-26 (2 मई 2025 से लागू) ट्रांजिट पोर्ट जेबेल अली पोर्ट, UAE (मूल स्रोत: कराची, पाकिस्तान) जांच एजेंसी राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI – वित्त मंत्रालय) कचरा-मुक्त कच्छ: ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) संरक्षण और तटीय पारिस्थितिकी पहल चर्चा में क्यों? केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुजरात के कच्छ जिले के नलिया में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) आवास का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने प्रजाति संरक्षण के लिए सॉफ्ट रिलीज सेंटर और सायारा वन कवच का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने तटीय सुरक्षा के लिए MISHTI योजना और मैंग्रोव पौधारोपण प्रयासों की समीक्षा की। मुख्य बिंदु: GIB संरक्षण, मियावाकी वन और तटीय पहल 1. ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) संरक्षण के प्रयास 2. सायारा वन कवच 3. तटीय पारिस्थितिकी: मैंग्रोव और MISHTI योजना प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य GIB की IUCN स्थिति अति संकटग्रस्त (Critically Endangered) सॉफ्ट रिलीज सेंटर नलिया,

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14 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

14 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत वैश्विक दक्षिण की आवाज को सशक्त बनाने वाले BRICS नई दिल्ली घोषणापत्र (2026), स्टील स्लैग रोड टेक्नोलॉजी (लागत में 40% कमी और 4 गुना अधिक मजबूती), जलवायु परिवर्तन व एल नीनो के प्रभावों का मुकाबला करने वाली मोंठ बीन की नई जलवायु-सहिष्णु प्रजातियां, उत्तराखंड की देशी पशु नस्लों के संरक्षण हेतु OPU-IVF तकनीक से बद्री गाय के बछड़े का जन्म, शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा व मृदा स्वास्थ्य सुदृढ़ करने हेतु ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 और ‘दिल्ली डिक्लेरेशन’, तथा बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधारों पर केंद्रित 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (वैश्विक शासन सुधार और भारत का दृष्टिकोण) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। BRICS नई दिल्ली घोषणापत्र (2026): मजबूती, नवाचार, सहयोग और सतत विकास चर्चा में क्यों? भारत की अध्यक्षता में 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (XVIII BRICS Summit) में सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को अपनाया। “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” विषय पर आधारित इस सम्मेलन में वैश्विक शासन और सुरक्षा सुधारों पर गहन चर्चा की गई। इस घोषणापत्र का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में बहुपक्षीय सुधारों को गति देना, एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों का विरोध करना तथा विकासशील देशों (Global South) की प्राथमिकताओं को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रस्तुत करना है। मुख्य बिंदु: वैश्विक शासन, बहुपक्षवाद और क्षेत्रीय शांति 1. बहुपक्षीय सुधार और वैश्विक शासन 2. अंतर्राष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और कूटनीति 3. विकासशील देशों की आवाज प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य शिखर सम्मेलन 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (2026) मेजबान शहर नई दिल्ली, भारत थीम (Theme) Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability अपनाया गया दस्तावेज नई दिल्ली घोषणापत्र UNSC समर्थन चीन व रूस द्वारा भारत और ब्राजील की दावेदारी का समर्थन वित्त/व्यापार सुधार IMF कोटा समीक्षा (17th GRQ) और WTO विवाद समाधान प्रणाली का पुनरुद्धार स्टील स्लैग रोड टेक्नोलॉजी: लागत में 40% कमी और 4 गुना अधिक मजबूती चर्चा में क्यों? केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने CSIR-CRRI और जिंदल स्टील लिमिटेड को “प्रोसेस्ड स्टील स्लैग एग्रीगेट्स से निर्मित दुनिया की सबसे लंबी सड़क” के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किए जाने के कार्यक्रम को संबोधित किया। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बनी यह 1.85 किमी लंबी सड़क स्वदेशी ‘स्टील स्लैग रोड टेक्नोलॉजी’ का एक सफल उदाहरण है। मुख्य बिंदु: तकनीक के लाभ, राष्ट्रीय विस्तार और भावी योजनाएं 1. स्टील स्लैग रोड तकनीक के प्रमुख लाभ 2. वेस्ट टू वेल्थ और चक्रीय अर्थव्यवस्था 3. परियोजना का विस्तार और मील के पत्थर 4. अंतर-मंत्रालयी और बहु-राज्यीय अपनाव का आह्वान प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य गिनीज रिकॉर्ड सड़क 1.85 किमी (रायगढ़, छत्तीसगढ़) प्रस्तावित अगली परियोजना 40 किमी (अनुगुल, ओडिशा) विकसित करने वाली संस्थाएं CSIR-CRRI और जिंदल स्टील लिमिटेड (JSL) निर्माणाधीन लागत बचत लगभग 40% तक कमी मोंठ बीन की नई प्रजातियां: एल नीनो और सूखे के खिलाफ कृषि-सहिष्णुता चर्चा में क्यों? ICAR-केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI), जोधपुर द्वारा विकसित मोंठ बीन की चार नई किस्मों—CAZRI Moth-4, 5, 6, और 7—ने पश्चिमी राजस्थान में एल नीनो वर्ष के दौरान खरीफ 2026 में 35 दिनों के लंबे सूखे (Dry Spell) के बावजूद बेहतरीन पैदावार और सहनशीलता का प्रदर्शन किया है। प्रमुख बिंदु: तकनीकी विशेषताएं, कृषि प्रबंधन और राष्ट्रीय महत्व 1. फसल की विशेषताएं और शुष्क क्षेत्र में चुनौतियां 2. काजरी की नई किस्मों की प्रमुख तकनीकी खूबियां 3. सर्वोत्तम कृषि-प्रबंध प्रणाली 4. बीज गुणन और आर्थिक प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नई मोंठ किस्में CAZRI Moth-4, CAZRI Moth-5, CAZRI Moth-6, CAZRI Moth-7 विकसित करने वाला संस्थान ICAR-केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI), जोधपुर सूखा सहनशीलता क्षमता खरीफ 2026 में 35 दिनों की लंबी शुष्क अवधि (Dry Spell) झेली अनुकूलन गुण विकासात्मक नमनीयता (Developmental Plasticity) – नमी के अनुसार वृद्धि चक्र बदलना डिजिटल बीज ट्रैकिंग साथी पोर्टल के माध्यम से बीजों की आपूर्ति व आवंटन ओवम पिक-अप और इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (OPU-IVF) तकनीक से बद्री गाय के बछड़े का जन्म: उत्तराखंड की देशी नस्ल के संरक्षण में मील का पत्थर चर्चा में क्यों? अकादमिक डेयरी फार्म में ओवम पिक-अप और इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (OPU-IVF) तकनीक के माध्यम से एक स्वस्थ ‘बद्री’ मादा बछड़े का जन्म हुआ। यह उपलब्धि ICAR-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (ICAR-NDRI), करनाल और गोविंद वल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के संयुक्त सहयोग से हासिल की गई है। इस प्रयोग में बद्री गाय के भ्रूण को एक साहीवाल सरोगेट गाय में स्थानांतरित किया गया था। मुख्य बिंदु: तकनीक, देशी नस्ल का महत्व और भविष्य की योजनाएं 1. बद्री गाय का महत्व 2. OPU-IVF तकनीक की प्रक्रिया 3. इस उपलब्धि का लाभ और दूरगामी प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य तकनीक का नाम OPU-IVF (Ovum Pick-Up & In Vitro Fertilization) मुख्य देशी नस्ल बद्री गाय (उत्तराखंड का राज्य पशु) प्राप्तकर्ता (सरोगेट) गाय साहीवाल (Sahiwal) सहयोगी संस्थान ICAR-NDRI (करनाल) और G.B. पंत विश्वविद्यालय (पंतनगर) वित्तपोषण एजेंसी उत्तराखंड बायोटेक्नोलॉजी काउंसिल, हल्दी ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 और ‘दिल्ली डिक्लेरेशन’: शुष्क कृषि का कायाकल्प चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में तीन दिवसीय ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 संपन्न हुई। इस सम्मेलन के समापन के अवसर पर ‘दिल्ली डिक्लेरेशन ऑन ड्राईलैंड्स (3D)’ को अपनाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य दक्षिण-दक्षिण और त्रिकोणीय सहयोग के माध्यम से वैश्विक स्तर पर शुष्क क्षेत्रों में कृषि का कायाकल्प करना है। मुख्य बिंदु: रणनीतिक घोषणाएं, भागीदार और वैश्विक पुरस्कार 1. दिल्ली डिक्लेरेशन ऑन ड्राईलैंड्स 2. नई साझेदारियां और समझौते (MoUs) 3. ISSCA ग्लोबल अवॉर्ड्स 2026 (प्रमुख कृषि नवाचार) दक्षिण-दक्षिण कृषि एकजुटता (ISSCA) के तहत 34 देशों के 170 नामांकनों में से प्रमुख श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन का नाम ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 (नई दिल्ली) मुख्य घोषणा पत्र दिल्ली डिक्लेरेशन ऑन ड्राईलैंड्स (3D) केंद्रीय विषय (Theme) दक्षिण-दक्षिण सहयोग से शुष्क कृषि का रूपांतरण पुरस्कृत भारतीय पारंपरिक जल प्रणाली आहर-पाइन (बिहार) कर्नाटक की पुरस्कृत कृषि योजना कृषि भाग्य ICRISAT का मुख्यालय पटानचेरू, हैदराबाद (तेलंगाना) 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: वैश्विक शासन सुधार और भारत का दृष्टिकोण चर्चा में क्यों? भारत की अध्यक्षता में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का

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12 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

12 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत डिजिटल वित्तीय रिकॉर्डों और कानूनी साक्ष्यों के आधुनिकीकरण हेतु बैंकर पुस्तक साक्ष्य अधिनियम, 2026, जलवायु-सक्षम शुष्क कृषि को बढ़ावा देने वाले ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 (ICAR और ICRISAT की 50 वर्षों की ऐतिहासिक साझेदारी), भारत के प्राचीन नौवहन और सिंधु घाटी सभ्यता के इतिहास को पुनर्जीवित करने वाले लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC), देश की ऊर्जा सुरक्षा और कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भरता को दर्शाने वाले कैप्टिव कोयला खदानों का प्रदर्शन और विकास (मानसून में भी उत्पादन में वृद्धि), तथा छोटे व सीमांत किसानों को वृद्धावस्था में वित्तीय संबल प्रदान करने वाली प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) के 7 वर्ष का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। बैंकर पुस्तक साक्ष्य अधिनियम, 2026: बैंकिंग रिकॉर्ड के कानूनी ढांचे का आधुनिकीकरण चर्चा में क्यों? भारत सरकार ने डिजिटल युग की जरूरतों को देखते हुए राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त बैंकर पुस्तक साक्ष्य अधिनियम, 2026 को लागू करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह नया कानून 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा और औपनिवेशिक काल के 135 साल पुराने ‘बैंकर पुस्तक साक्ष्य अधिनियम, 1891’ का स्थान लेगा। इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग रिकॉर्ड्स के इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्य को अदालती प्रक्रियाओं में आसान बनाना और देश में वित्तीय क्षेत्र के आधुनिकीकरण के साथ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना है। मुख्य बिंदु: नए कानून की विशेषताएं और प्रभाव 1. आधुनिक तकनीक और डिजिटल रिकॉर्ड को मान्यता 2. सरलीकृत प्रमाणन प्रक्रिया 3. बैंक अधिकारियों के लिए कानूनी राहत 4. वित्तीय क्षेत्र में विस्तार की गुंजाइश प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नया कानून बैंकर पुस्तक साक्ष्य अधिनियम, 2026 प्रतिस्थापित कानून बैंकर पुस्तक साक्ष्य अधिनियम, 1891 राष्ट्रपति की स्वीकृति 13 अगस्त 2026 लागू होने की तिथि 1 अक्टूबर 2026 प्रमाणन का तरीका मैनुअल, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर ड्राईलैंड कांग्रेस 2026: ICAR और ICRISAT की 50 वर्षों की साझेदारी चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में आयोजित ‘ड्राईलैंड कांग्रेस 2026’ के दूसरे दिन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT) के बीच 50 वर्षों की ऐतिहासिक साझेदारी का जश्न मनाया गया। इस विशेष सत्र में दोनों संस्थानों के पूर्व और वर्तमान वैज्ञानिकों ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ के तहत शुष्क भूमि कृषि (Dryland Farming) में क्रांति लाना है। मुख्य बिंदु: रणनीतिक रोडमैप, बीज प्रणाली और युवा-महिला सहभागिता 1. विकसित भारत 2047 के लिए रोडमैप 2. तीन प्रमुख विषयगत पैनल 3. एग्रोबायोडायवर्सिटी और स्केलेबल इनोवेशन ICAR और ICRISAT 1. ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) 2. ICRISAT (अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजित कार्यक्रम ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 (नई दिल्ली) साझेदारी का मील का पत्थर ICAR-ICRISAT साझेदारी के 50 वर्ष पूरे दृष्टिकोण और लक्ष्य विकसित भारत 2047 के तहत शुष्क कृषि सुधार ICRISAT का मुख्यालय पटानचेरु, हैदराबाद (भारत) ICAR की स्थापना 1929 (मुख्यालय: नई दिल्ली) लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC): समुद्री इतिहास का पुनरुद्धार चर्चा में क्यों? केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC) सोसायटी की दूसरी गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में गुजरात के लोथल में बन रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की गई। यह परियोजना भारत के 5,000 साल पुराने समृद्ध समुद्री इतिहास को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगी। मुख्य बिंदु: परियोजना की प्रगति, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और चरणबद्ध विकास 1. भौतिक प्रगति और वैधानिक मंजूरी 2. समुद्री कूटनीति और वैश्विक सहयोग 3. भविष्य के चरण और विशेष आकर्षण 4. बाहरी अवसंरचना और एएसआई का उत्खनन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रोजेक्ट का नाम राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC) स्थान लोथल, गुजरात संबंधित मंत्रालय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय फेज 1A पूरा होने की तिथि 31 अक्टूबर 2026 वैश्विक साझेदार देश 13 देश (35+ देशों का लक्ष्य) प्रस्तावित लाइटहाउस विश्व का सबसे ऊंचा लाइटहाउस संग्रहालय कैप्टिव कोयला खदानों का प्रदर्शन और विकास: मानसून में भी उत्पादन में बढ़त चर्चा में क्यों? कोयला मंत्रालय के अनुसार, मानसून के कठिन मौसम के बावजूद देश की कैप्टिव कोयला खदानों ने उत्पादन और प्रेषण (Dispatch) में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। 10 सितंबर 2026 तक चालू वित्त वर्ष में कैप्टिव खदानों का उत्पादन बढ़कर 68.98 मिलियन टन (MT) तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि से 5% अधिक है। मुख्य बिंदु: कोयला उत्पादन, डिस्पैच और नई क्षमताएं 1. उत्पादन और प्रेषण के आंकड़े 2. समग्र घरेलू कोयला क्षेत्र में योगदान 3. नई क्षमता जोड़ना (FY 2026-27 का लक्ष्य) कैप्टिव और कमर्शियल माइनिंग क्या हैं? प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कैप्टिव + कमर्शियल योगदान कुल घरेलू कोयला उत्पादन का ~21% FY 2025-26 में कुल कोयला उत्पादन 1,039 MT (1 बिलियन टन से अधिक) FY 2026-27 के लिए कैप्टिव लक्ष्य 190 MT से अधिक FY 2026-27 के लिए संयुक्त लक्ष्य 228 MT से अधिक नई खदानों की जोड़ने की योजना 9 खदानें (20.67 MT पिक क्षमता) प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) के 7 वर्ष: किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) ने अपनी साझेदारी और कार्यान्वयन के 7 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 12 सितंबर 2019 को शुरू की गई यह योजना छोटे और सीमांत किसानों (SMFs) को 60 वर्ष की आयु के बाद सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। फरवरी 2026 तक इस योजना के तहत देश भर में 24.96 लाख से अधिक किसानों का नामांकन हो चुका है, जिसके लिए सरकार ने ₹540.66 करोड़ का निवेश और आवंटन किया है। मुख्य बिंदु: योजना का ढांचा, पात्रता और कार्यान्वयन 1. योजना का स्वरूप और लाभ 2. अंशदान मॉडल 3. पात्रता और नामांकन 4. राज्यवार प्रदर्शन (फरवरी 2026 तक) अयोग्यता के मानदंड योजना का लाभ समाज के सबसे कमजोर वर्ग तक सीमित रखने के लिए निम्नलिखित श्रेणियों को बाहर रखा गया है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना की शुरुआत 12 सितंबर 2019 (केंद्रीय क्षेत्र की योजना) प्रशासनिक मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय पेंशन फंड मैनेजर LIC (भारतीय जीवन बीमा निगम) मासिक पेंशन

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11 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

11 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत मध्य गंगा के मैदानी इलाकों में प्राचीन जल चक्र और जलवायु परिवर्तन के अध्ययन हेतु बखीरा झील के तलछट (जल संसाधन प्रबंधन की कुंजी), भारत और मलेशिया के बीच समुद्री सुरक्षा व अंतर-संचालनशीलता को बढ़ावा देने वाले अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ का चौथा संस्करण, विकेंद्रीकृत ऊर्जा उत्पादन को गति देने वाले लघु जलविद्युत क्षेत्र (भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण का आधार), वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था और गगनयान विजन को साझा करने वाले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन 2026, तथा देश के अनौपचारिक क्षेत्र और रोजगार सृजन की वास्तविक स्थिति दर्शाने वाली असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र पर NSO की पहली जिला-स्तरीय रिपोर्ट (ASUSE 2025) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। बखीरा झील के तलछट: मध्य गंगा मैदान में जल संसाधन प्रबंधन की कुंजी चर्चा में क्यों? बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज (BSIP), लखनऊ के शोधकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश की बखीरा झील के तलछट (Sediments) का विश्लेषण किया है। Palaeogeography, Palaeoclimatology, Palaeoecology पत्रिका में प्रकाशित यह अध्ययन पिछले 25,000 वर्षों के दौरान भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून (ISM) के उतार-चढ़ाव और जलवायु घटनाओं का निरंतर रिकॉर्ड प्रस्तुत करता है। मुख्य बिंदु: तकनीक, पुराजलवायु घटनाक्रम और महत्व 1. अध्ययन पद्धति और तकनीक 2. चिह्नित प्रमुख ऐतिहासिक जलवायु घटनाएं 3. व्यावहारिक और रणनीतिक उपयोगिता प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अध्ययन संस्थान बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज (BSIP), लखनऊ (DST का स्वायत्त संस्थान) झील की स्थिति घाघरा-राप्ती जलोढ़ प्रणाली, संत कबीर नगर जिला (उत्तर प्रदेश) झील का प्रकार राप्ती नदी के मार्ग बदलने से बनी गोखुर/बाढ़ के मैदान की आर्द्रभूमि (Oxbow Wetland) रामसर स्थल दर्जा 2022 में अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि घोषित समय अवधि (Timeframe) 25,000 वर्ष (अंतिम हिमनद अधिकतम/LGM से वर्तमान तक) अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ का चौथा संस्करण: भारत और मलेशिया का नौसैनिक अभ्यास चर्चा में क्यों? भारतीय नौसेना का निर्देशित मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत ‘INS मैसूर’ मलेशिया के लुमुट बंदरगाह पहुंचा। यह पोत रॉयल मलेशियाई नौसेना के साथ द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ के चौथे संस्करण में भाग ले रहा है। इस अभ्यास में बंदरगाह और समुद्री दोनों चरणों के तहत क्रॉस-डेक विजिट, परिचालन बैठकें तथा खेलकूद गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जिसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता को बेहतर बनाना है। यह यात्रा भारत सरकार के ‘महासागर’ विज़न और ‘आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष 2026’ के रणनीतिक लक्ष्यों के सर्वथा अनुकूल है। मुख्य बिंदु: अभ्यास के घटक, रणनीतिक महत्व और भारत का दृष्टिकोण 1. अभ्यास के प्रमुख घटक और गतिविधियां 2. द्विपक्षीय संबंध और रक्षा सहयोग 3. वैश्विक एवं क्षेत्रीय विज़न प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अभ्यास का नाम ‘समुद्र लक्ष्मण’ – 4वां संस्करण भागीदार देश भारत और मलेशिया (नौसेना) आयोजन स्थल लुमुट, मलेशिया भारतीय नौसेना का पोत INS मैसूर संबद्ध रणनीतिक विज़न MAHASAGAR विज़न लघु जलविद्युत क्षेत्र: भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण का नया आधार चर्चा में क्यों? नई एवं नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत राज्य मंत्री श्री श्रीपाद येसो नाइक ने नई दिल्ली में आयोजित ‘भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026’ के लिए आयोजित कर्टेन रेज़र कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि 2 से 5 नवंबर 2026 तक भारत मंडपम में आयोजित होने वाले आगामी एक्सपो में लघु जलविद्युत (Small Hydro Power – SHP) क्षेत्र पर एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। मुख्य बिंदु: भारत की क्षमता, प्रस्तावित योजना और चुनौतियां 1. भारत में SHP की वर्तमान स्थिति और क्षमता 2. लघु जलविद्युत विकास योजना (2026-27 से 2030-31) 3. SHP के लाभ और रणनीतिक महत्व 4. प्रमुख चुनौतियां और समाधान प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य लघु जलविद्युत (SHP) सीमा भारत में 25 MW तक की जलविद्युत परियोजनाओं को SHP माना जाता है भारत में कुल आकलित क्षमता ~21 GW (7,100 से अधिक स्थल) वर्तमान में स्थापित क्षमता ~5.2 GW प्रस्तावित नई योजना परिव्यय ₹2,584.60 करोड़ (2026-27 से 2030-31) आगामी एक्सपो का आयोजन स्थल भारत मंडपम, नई दिल्ली (2-5 नवंबर 2026) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन 2026: वैश्विक अंतरिक्ष सहयोग और भारत का रोडमैप चर्चा में क्यों? पेरिस (फ्रांस) में आयोजित पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन (International Space Summit 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के निमंत्रण पर आयोजित इस सम्मेलन में भारत ने सुरक्षित, टिकाऊ और समावेशी अंतरिक्ष खोज के लिए वैश्विक सहयोग का आह्वान किया। मुख्य बिंदु: वैश्विक दृष्टिकोण, ISRO की उपलब्धियां और भविष्य का रोडमैप 1. वैश्विक अंतरिक्ष अभिशासन के लिए तीन प्रमुख सिद्धांत 2. ISRO का वैश्विक योगदान और भारत-फ्रांस साझेदारी 3. भारत के प्रमुख अंतरिक्ष मिशन और भविष्य के लक्ष्य प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन स्थल पेरिस, फ्रांस (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा संबोधन) मेजबान नेता इमैनुएल मैक्रॉन (राष्ट्रपति, फ्रांस) भारतीय प्रक्षेपण रिकॉर्ड 34 देशों के 430 से अधिक पेलोड भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की समयसीमा वर्ष 2035 तक मानवयुक्त चंद्रमा मिशन की समयसीमा वर्ष 2040 तक असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र पर NSO की पहली जिला-स्तरीय रिपोर्ट (ASUSE 2025) चर्चा में क्यों? सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने पहली बार असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र (Unincorporated Non-Agricultural Sector) के लिए जिला-स्तरीय आंकड़े जारी किए हैं। यह डेटा ‘वार्षिक असंगठित क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण 2025’ (ASUSE 2025) पर आधारित है। यह पहल भारत में स्थानीय नीति निर्माण को अधिक सटीक और डेटा-आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्य बिंदु: आर्थिक संकेंद्रण, उत्पादकता और महिला सहभागिता 1. आर्थिक संकेंद्रण 2. आर्थिक उत्पादकता (GVA per Worker) 3. महिला उद्यमिता और कार्यबल में भागीदारी प्रमुख राज्यों के शीर्ष योगदानकर्ता जिले राज्य / यूटी उच्चतम प्रतिष्ठानों वाला जिला राज्य के भीतर योगदान (%) उत्तर प्रदेश प्रयागराज 5.77% महाराष्ट्र पुणे 9.14% पश्चिम बंगाल उत्तर 24 परगना 15.99% गुजरात सूरत 19.43% कर्नाटक बेंगलुरु (शहरी) 12.83% बिहार पटना 8.23% दिल्ली डेटा उपलब्ध नहीं (अति-लघु ग्रामीण नमूने के कारण एकल स्ट्रैटम) — सर्वेक्षण पद्धति (ASUSE 2025) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य जारीकर्ता संस्था NSO (सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय – MoSPI) मूल सर्वेक्षण ASUSE 2025 (Annual Survey of Unincorporated Sector Enterprises) राष्ट्रीय औसत GVA प्रति कार्यकर्ता ₹1,56,539 शीर्ष 50 जिलों का योगदान कुल GVA, कार्यबल और प्रतिष्ठानों का ~33%

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10 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

10 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत मेक इन इंडिया और औद्योगिक गलियारों को बल देने वाले INNOPROM इंडिया 2026 (भारत-रूस औद्योगिक सहयोग और NICDC की भूमिका), ग्रामीण महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता हेतु ‘स्किल मंथन’ (महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका का निर्माण), समुद्री पारिस्थितिकी व संसाधनों के अध्ययन हेतु स्वदेशी ओशन रिसर्च वेसल ‘ORV सागर मंथन’, वित्तीय पारदर्शिता व एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग हेतु FIU-IND द्वारा 15 वर्चुअल डिजिटल एसेट संस्थाओं को नोटिस (PMLA का उल्लंघन), कम लागत में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन हेतु ऑर्गेनिक मॉलिक्यूल्स का सेल्फ-असेंबली (ग्रीन हाइड्रोजन की नई राह), तथा नीली अर्थव्यवस्था के तहत समुद्री जैव-विविधता वर्गीकरण के लिए इंटरनेशनल डीप-सी मैक्रोफ़ौना टैक्सोनॉमी स्कूल (कोच्चि) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। INNOPROM इंडिया 2026: भारत-रूस औद्योगिक सहयोग और NICDC की भूमिका चर्चा में क्यों? भारत मंडपम, नई दिल्ली में पहले INNOPROM इंडिया 2026 का आयोजन किया गया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के DPIIT के तहत कार्यरत NICDC (नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) ने इसमें भारत के अगली पीढ़ी के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदर्शित किया। इसका मुख्य उद्देश्य भारत-रूस विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को विनिर्माण और निवेश के क्षेत्र में मजबूत करना है। मुख्य बिंदु: भारत-रूस व्यापार लक्ष्य, NICDP और डिजिटल पहल 1. भारत-रूस आर्थिक सहयोग और द्विपक्षीय लक्ष्य 2. राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (NICDP) 3. NICDC की अन्य प्रमुख परियोजनाएं और डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन प्रथम INNOPROM इंडिया 2026 (नई दिल्ली) भारत-रूस व्यापार लक्ष्य 100 बिलियन (₹9.45 लाख करोड़) वर्ष 2030 तक नोडल संस्था NICDC (DPIIT, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय) NICDP दायरा 11 औद्योगिक गलियारे, 20 स्मार्ट सिटी, 13 राज्य विकसित 4 स्मार्ट सिटी धोलेरा (GJ), AURIC (MH), ग्रेटर नोएडा (UP), विक्रम उद्योगपुरी (MP) ‘स्किल मंथन’: महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका का निर्माण चर्चा में क्यों? कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने ‘स्किल मंथन’ की पहली बैठक का आयोजन किया। इस बैठक का मुख्य विषय “महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका का निर्माण” (Building Sustainable Livelihoods for Women) था। इसका उद्देश्य जिला-स्तरीय सफल मॉडलों को उजागर करना और देश भर में साझा करना है। मुख्य बिंदु: जिला-स्तरीय मॉडल, अति-स्थानीय कौशल और महिला सशक्तिकरण 1. जिला-संचालित योजनाएं और ‘हाइपरलोकल’ दृष्टिकोण 2. जिला स्तरीय तीन प्रमुख सफल मॉडल 3. राष्ट्रीय दृष्टिकोण और ‘विकसित भारत@2047’ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक मंत्रालय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) कार्यक्रम का नाम स्किल मंथन मुख्य विषय महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका का निर्माण मेरठ मॉडल खेल सामग्री (बैडमिंटन रैकेट व शटलकॉक) विनिर्माण विदुर प्रेरणा स्वदेशी बिजनौर (UP) – ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए ब्रांडिंग/मार्केट प्लेटफॉर्म ओशन रिसर्च वेसल ‘ORV सागर मंथन’: भारत का स्वदेशी समुद्री अनुसंधान जहाज चर्चा में क्यों? कोलकाता स्थित ऋषि बंकिम शिपयार्ड में भारत के सबसे उन्नत ओशन रिसर्च वेसल (Yard 3041) ‘ORV सागर मंथन’ का जलावतरण (Launch) किया गया। इसे रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने NCPOR (राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र) के लिए तैयार किया है। मुख्य बिंदु: तकनीकी क्षमताएं, दीप ओशन मिशन और रणनीतिक महत्व 1. दीप ओशन मिशन और ‘ORV सागर मंथन’ 2. प्रमुख तकनीकी विशेषताएं और उपकरण 3. वैज्ञानिक और रणनीतिक प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य जहाज का नाम ORV सागर मंथन (Yard 3041) निर्माता संस्था GRSE (गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, कोलकाता) उपयोगकर्ता एजेंसी NCPOR (गोवा) / पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) मूल योजना दीप ओशन मिशन (DOM) परियोजना लागत लगभग ₹840 करोड़ किसका स्थान लेगा? ORV सागर कन्या (1983, जर्मनी निर्मित) FIU-IND ने 15 वर्चुअल डिजिटल एसेट संस्थाओं को जारी किया नोटिस: PMLA का उल्लंघन चर्चा में क्यों? वित्तीय खुफिया इकाई-भारत (FIU-IND) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 13 के तहत गैर-अनुपालन के कारण 15 वर्चुअल डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स (VDA SPs) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के अंतर्गत इन गैर-पंजीकृत कंपनियों के मोबाइल ऐप्स और यूआरएल (URLs) को भारत में बंद करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्य बिंदु: FIU-IND की कार्रवाई, VDA विनियम और PMLA दायित्व 1. अवैध गतिविधियों और ऐप्स पर प्रतिबंध का आदेश 2. VDA सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए PMLA दायित्व 3. उपभोक्ताओं के लिए जोखिम चेतावनी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्रवाई करने वाली संस्था FIU-IND (वित्तीय खुफिया इकाई – भारत) मूल अधिनियम PMLA 2002 की धारा 13 और IT अधिनियम 2000 की धारा 79 VDA SPs को AML/CFT के तहत कब लाया गया? मार्च 2023 कुल प्रभावित संस्थाएं 15 VDA सर्विस प्रोवाइडर्स FIU-IND का प्रशासनिक ढांचा वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत नोडल एजेंसी मुख्यालय नई दिल्ली ऑर्गेनिक मॉलिक्यूल्स का सेल्फ-असेंबली: ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की नई राह चर्चा में क्यों? विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान CeNS (बेंगलुरु) के वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक एस्पार्टिक एसिड (अमीनो एसिड) को पेरिलीन डिइमाइड (PDI) नामक कार्बनिक अणु के साथ मिलाकर एक धातु-मुक्त (metal-free) उत्प्रेरक तैयार किया है। सुप्रामॉलिक्यूलर सेल्फ-असेंबली की प्रक्रिया द्वारा निर्मित यह उत्प्रेरक पानी में 2D नैनोशीट्स बनाता है, जिससे सौर जल-विभाजन में 18% अधिक फोटोकरंट उत्पन्न होता है। रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री के Journal of Materials Chemistry A में प्रकाशित यह अध्ययन हरित हाइड्रोजन उत्पादन, कृत्रिम प्रकाश संश्लेषण और सौर ईंधन उपकरणों के लिए एक सस्ता, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प प्रदान करता है। मुख्य बिंदु: तकनीक, क्रियाविधि और लाभ 1. नई तकनीक और इसकी कार्यप्रणाली 2. इस तकनीक के प्रमुख लाभ 3. भविष्य के अनुप्रयोग प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अनुसंधान संस्थान CeNS (सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज), बेंगलुरु मूल मंत्रालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) तकनीक का नाम सुप्रामॉलिक्यूलर सेल्फ-असेंबली उपयोग किए गए मुख्य तत्व एस्पार्टिक एसिड (अमीनो एसिड) + PDI (पेरिलीन डिइमाइड) मुख्य आउटपुट धातु-मुक्त 2D नैनोशीट्स फोटोकैटलिस्ट इंटरनेशनल डीप-सी मैक्रोफ़ौना टैक्सोनॉमी स्कूल: कोच्चि में वैश्विक वैज्ञानिक पहल चर्चा में क्यों? भारत के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन CMLRE (कोच्चि) में 5-दिवसीय “इंटरनेशनल डीप-सी मैक्रोफ़ौना टैक्सोनॉमी स्कूल” का आयोजन किया जा रहा है। यह अंतर्राष्ट्रीय क्षमता-निर्माण कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय सीबेड अथॉरिटी (ISA) के ‘सस्टेनेबल सीबेड नॉलेज इनिशिएटिव’ (SSKI) प्लेटफॉर्म के तहत आयोजित

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