22 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
22 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत स्वास्थ्य क्षेत्र में दवा सुरक्षा व निगरानी को सुदृढ़ करने वाले राष्ट्रीय भेषज संहिता (NFI) 2026 और बायोविजिलेंस प्रोग्राम (मरीज सुरक्षा की ओर बड़ा कदम), प्रकृति संरक्षण और स्वदेशी समुदायों के अधिकारों के संतुलन पर केंद्रित WWF वैश्विक संरक्षण सम्मेलन 2026, द्विपक्षीय सामरिक संबंधों को मजबूत करने वाले अभ्यास नोमैडिक एलिफेंट 2026 (भारत-मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास), स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण हेतु आवश्यक खनिजों की आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए क्रिटिकल मिनरल्स रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी, कृषि व डेयरी उत्पाद निर्यात को बढ़ावा देने वाले भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 2026, उपभोक्ता कल्याण व बाजार स्थिरता हेतु चीनी स्टॉक सीमा नियमों में राहत और खुदरा मूल्य नियंत्रण, तथा शहरों को कचरा-मुक्त बनाने हेतु विरासत अपशिष्ट और डंपसाइट रीक्लेमेशन (कचरे से कंचन की ओर भारत) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रीय भेषज संहिता (NFI) 2026 और बायोविजिलेंस प्रोग्राम: मरीज सुरक्षा की ओर बड़ा कदम चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में छठे ‘राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह’ (17-23 सितंबर) के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राष्ट्रीय भेषज संहिता (National Formulary of India – NFI 2026) का 7वां संस्करण और NFI Online पोर्टल लॉन्च किया। इसी मंच से केंद्र सरकार ने भारत के नए बायोविजिलेंस प्रोग्राम को भी मंजूरी दी। मुख्य बिंदु: स्वास्थ्य क्षेत्र की नई पहलें और भारत की वैश्विक उपलब्धि 1. NFI 2026 और डिजिटल टूल्स का शुभारंभ 2. बायोविजिलेंस प्रोग्राम को मंजूरी 3. WHO रैंकिंग में भारत का ऐतिहासिक उछाल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक संस्था भारतीय भेषज संहिता आयोग (IPC), गाजियाबाद NFI 2026 का संस्करण 7वां संस्करण (34 अध्याय, 653 दवाएं) बायोविजिलेंस का उद्देश्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण में प्रतिकूल प्रभावों की ट्रैकिंग WHO डेटाबेस रैंकिंग भारत 8वें स्थान पर (पहले 123वें स्थान पर था) अंतरराष्ट्रीय पहुंच 25 देश भारतीय भेषज संहिता (IP) को स्वीकार करते हैं थीम (2026) “Promoting Rational Use of Medicines through Pharmacovigilance” WWF वैश्विक संरक्षण सम्मेलन 2026: जैव विविधता और स्थानीय समुदायों का सह-अस्तित्व चर्चा में क्यों? केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जयपुर (राजस्थान) में वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (WWF) के ‘वैश्विक संरक्षण सम्मेलन’ का उद्घाटन किया। 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी वाले इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों के सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर भारत के संवैधानिक व सांस्कृतिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए वनों, आर्द्रभूमियों और घास के मैदानों के एकीकृत संरक्षण तथा ‘ओरण’ जैसे पारंपरिक सामुदायिक प्रयासों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया। मुख्य बिंदु: भारत की संरक्षण यात्रा और रणनीतिक पहलें 1. भारत के संरक्षण प्रयासों की प्रमुख उपलब्धियां 2. सामुदायिक भागीदारी और सांस्कृतिक मूल्य 3. अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं और वैज्ञानिक निगरानी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य सम्मेलन का नाम WWF वैश्विक संरक्षण सम्मेलन 2026 आयोजन स्थल जयपुर, राजस्थान आयोजक संस्था वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (WWF-International & WWF-India) भारत में रामसर स्थल 24 से बढ़कर 101 हुए राजस्थान की विशेष पहल ‘ओरण’ (पवित्र उपवन) और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) प्रजनन कार्यक्रम अभ्यास नोमैडिक एलिफेंट 2026: भारत-मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास चर्चा में क्यों? भारत-मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलिफेंट’ का 18वां संस्करण उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास का आयोजन भारत और मंगोलिया में बारी-बारी से (Alternately) किया जाता है। इसका पिछला (17वां) संस्करण मई-जून 2025 में उलानबटार (मंगोलिया) में आयोजित हुआ था। मुख्य बिंदु: अभ्यास का दायरा और सामरिक महत्व 1. अभ्यास का मुख्य उद्देश्य 2. प्रमुख युद्ध अभ्यास और तकनीकी प्रशिक्षण प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अभ्यास का नाम नोमैडिक एलिफेंट (18वां संस्करण) प्रतिभागी देश भारत और मंगोलिया आयोजन स्थल फॉरेन ट्रेनिंग नोड, पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) आयोजन की प्रकृति वार्षिक (एक वर्ष भारत, एक वर्ष मंगोलिया) पिछला संस्करण (2025) उलानबटार, मंगोलिया क्रिटिकल मिनरल्स रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी: भारत की खनिज सुरक्षा चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में खान मंत्रालय (Ministry of Mines) ने मटेरियल्स रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (MRAI) के साथ मिलकर “भारत का क्रिटिकल मिनरल्स रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम और सर्कुलर इकोनॉमी” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया और ‘कांसेप्ट पेपर ऑन क्रिटिकल मिनरल रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम’ जारी किया। मुख्य बिंदु: रणनीतिक ढांचा और प्रमुख पहलें 1. क्रिटिकल मिनरल्स रीसाइक्लिंग का महत्व 2. नई तकनीकें और औद्योगिक रणनीति 3. नीतिगत ढांचा और जन भागीदारी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक मंत्रालय खान मंत्रालय (MRAI के सहयोग से) मुख्य जारी दस्तावेज Concept Paper on Critical Mineral Recycling Ecosystem ब्लैक मास (Black Mass) प्रयुक्त लिथियम-आयन बैटरियों के क्रशिंग से प्राप्त पाउडर (जिसमें लिथियम, निकल, कोबाल्ट होता है) माध्यमिक स्रोत (Secondary Sources) ई-अपशिष्ट, औद्योगिक अपशिष्ट और End-of-Life (EOL) उत्पाद संबंधित अभियान स्वच्छता ही सेवा और विशेष अभियान 6.0 भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 2026: आर्थिक संबंधों का नया अध्याय चर्चा में क्यों? केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने घोषणा की कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) से लागू होगा। यह समझौता 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हुआ था। न्यूजीलैंड की संसद ने 16 सितंबर 2026 को इससे संबंधित कानून पास कर दिया। जुलाई 2026 में भारतीय प्रधानमंत्री की चार दशकों में पहली न्यूजीलैंड यात्रा ने इस रणनीतिक साझेदारी को गति दी।दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर (~₹35,000 करोड़) तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। मुख्य बिंदु: व्यापार, निवेश और जन-गतिशीलता के प्रमुख लाभ 1. भारतीय माल और उद्योगों को लाभ 2. भारतीय कृषि और डेयरी हितों की पूर्ण सुरक्षा 3. $20 अरब का निवेश और सेवाओं में अवसर प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य लागू होने की तिथि 20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) हस्ताक्षर तिथि व स्थान 27 अप्रैल 2026, भारत मंडपम (नई दिल्ली) शुल्क छूट (Tariff Reduction) भारत के 100% निर्यात पर शून्य शुल्क संरक्षित क्षेत्र (Excluded) डेयरी, पशु मांस, चीनी, खाद्य तेल, प्याज, चना निवेश प्रतिबद्धता न्यूजीलैंड द्वारा भारत में $20 अरब (15 वर्षों