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27 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

27 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत हम परिवहन क्षेत्र में सहकारिता की नई क्रांति ‘भारत टैक्सी’, फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज में भारत की छलांग और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, ग्रामीण महिला उद्यमिता को वैश्विक मंच देने वाली सरस आजीविका पहल, सामाजिक न्याय के प्रणेता राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती और पर्यावरण संरक्षण के मोर्चे पर राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) द्वारा संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए जारी किए गए नए SOP का संपूर्ण विश्लेषण करेंगे। एससीओ महिला मंच 2026: ‘महिला-नीत विकास’ और भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता चर्चा में क्यों? (Why in News?) किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक (Bishkek) में आयोजित ‘एससीओ महिला मंच (SCO Women’s Forum) 2026’ में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। एक विशेष वीडियो संदेश के माध्यम से इस मंच को संबोधित करते हुए भारत ने शंघाई सहयोग संगठन के बुनियादी सिद्धांतों जैसे आपसी सम्मान, समानता और आम सहमति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया तथा आर्थिक विकास में महिलाओं की भूमिका पर विशेष बल दिया। मुख्य बिंदु: आर्थिक विकास में महिलाओं की भूमिका और भारतीय मॉडल (Key Notes) 1. ‘महिला-नीत विकास’ (Women-Led Development) का दृष्टिकोण 2. स्वयं सहायता समूह (SHGs) और ‘लखपति दीदी’ की सफलता 3. प्रमुख नीतिगत स्तंभ: मिशन शक्ति और मिशन पोषण 2.0 4. क्षेत्रीय सहयोग के लिए भारत की तत्परता 10वीं शीर्ष स्तरीय NCORD बैठक: ‘विज़न डॉक्यूमेंट ऑन ड्रग कंट्रोल (2026-2029)’ और नशामुक्त भारत का रोडमैप चर्चा में क्यों? (Why in News?) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में नार्को-समन्वय केंद्र (NCORD) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में नशीली दवाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए ‘विज़न डॉक्यूमेंट ऑन ड्रग कंट्रोल (2026-2029)’ और ‘एनसीबी वार्षिक रिपोर्ट-2025’ जारी की गई। साथ ही, ड्रग्स निपटान पाक्षिक अभियान’ (Online Drugs Disposal Fortnight Campaign) की शुरुआत की गई, जिसके तहत ₹6,000 करोड़ मूल्य के 2,09,500 किलोग्राम नशीले पदार्थों को नष्ट करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य बिंदु: भारत की नई नार्को-कंट्रोल रणनीति 1. उभरता हुआ नार्को-आतंकवाद इकोसिस्टम (Evolving Narco-Terrorism Ecosystem) 2. त्रि-स्तरीय रणनीति: ‘Detect, Disrupt, and Destroy’ 3. रोडमैप के 4 मुख्य स्तंभ (Four Pillars) यह रणनीति सरकार और समाज के सामूहिक प्रयास (Whole of Government & Whole of Society Approach) पर आधारित है: 4. प्रशासनिक और संस्थागत सुधार (Institutional Reforms) 10 वर्षों में मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की प्रगति (Comparative Data) मापदंड / अवधि 2004 – 2014 2014 – 2026 जब्त दवाओं का मूल्य ₹40,000 करोड़ (26 लाख किग्रा) ₹1,84,000 करोड़ (1.18 करोड़ किग्रा) नष्ट की गई दवाएं ₹8,000 करोड़ (3.26 लाख किग्रा) ₹89,896 करोड़ (42.47 लाख किग्रा) दर्ज किए गए मामले 1,73,000 मामले 8,75,000 मामले की गई गिरफ्तारियां 1,95,000 गिरफ्तारियां 10,97,000 गिरफ्तारियां अवैध अफीम खेती नष्ट की 10,000 एकड़ (2020 में) 42,282 एकड़ (2025 में) छत्रपति शाहू जी महाराज: सामाजिक न्याय और आधुनिक सुधारों के प्रणेता चर्चा में क्यों? (Why in News?) 26 जून 2026 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने महान सामाजिक सुधारक और कोल्हापुर रियासत के दूरदर्शी राजा, राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए उनके द्वारा किए गए जीवनपर्यंत संघर्ष और आदर्शों को याद करते हुए उन्हें देश का मार्गदर्शक बताया। मुख्य बिंदु: शाहू जी महाराज का योगदान और ऐतिहासिक महत्व (Key Historical Notes) शाहू जी महाराज (1874-1922) कोल्हापुर के छत्रपति भोंसले राजवंश के एक ऐसे राजा थे, जिन्होंने अपने राजपाट का उपयोग केवल सत्ता चलाने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति के लिए किया: 1. सामाजिक न्याय और आरक्षण के जनक 2. शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार 3. डॉ. बी.आर. आंबेडकर के संरक्षक और सहयोगी 4. उपाधि ‘राजर्षि’ (Rajarshi) का इतिहास ऐतिहासिक घटक (Component) परीक्षा उपयोगी त्वरित तथ्य (Exam Facts) नाम और जीवनकाल राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज (26 जून 1874 – 6 मई 1922)। संबद्ध रियासत कोल्हापुर रियासत (मराठा भोंसले राजवंश)। ऐतिहासिक कदम (1902) प्रशासन और नौकरियों में पिछड़े वर्गों के लिए 50% आरक्षण की घोषणा करने वाले पहले भारतीय शासक। ‘राजर्षि’ उपाधि वर्ष 1919 में कानपुर की कुर्मी क्षत्रिय सभा द्वारा प्रदान की गई। डॉ. आंबेडकर से जुड़ाव डॉ. आंबेडकर की शिक्षा और उनके समाचार पत्र ‘मूकनायक’ (1920) को वित्तीय सहायता दी। प्रमुख सुधार अंतर्जातीय और विधवा विवाह को कानूनी मान्यता दी, बंधुआ मजदूरी और अस्पृश्यता को प्रतिबंधित किया। फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज: भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और आर्थिक संवृद्धि का नया रोडमैप चर्चा में क्यों? (Why in News?) केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक प्रमुख मीडिया कॉन्क्लेव में घोषणा की कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), परमाणु (Nuclear), अंतरिक्ष (Space) और क्वांटम (Quantum) प्रौद्योगिकियां ही भारत के भविष्य की आर्थिक संवृद्धि और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को तय करेंगी। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि वर्ष 2023 में लॉन्च हुए भारत के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission) ने अपने शुरुआती तीन वर्षों के भीतर ही अपने निर्धारित लक्ष्यों में से आधे से अधिक परिणाम समय से पहले हासिल कर लिए हैं। मुख्य बिंदु: फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज और भारत का बढ़ता प्रभाव 1. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) की ऐतिहासिक प्रगति 2. नीतिगत सुधार और ट्रिपल-इंजन ग्रोथ (Space, Nuclear & AI) 3. अनुसंधान मॉडल में संरचनात्मक बदलाव (Structural Shift in R&D) 4. एनईपी 2020: नए इनोवेटर्स की नींव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / मिशन (Component) परीक्षा उपयोगी त्वरित तथ्य (Exam Facts) राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) वर्ष 2023 में लॉन्च किया गया था। (वर्तमान में इसे संचालित होते हुए 3 वर्ष हो चुके हैं)। मुख्य फोकस क्षेत्र क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम सेंसिंग और मौसम विज्ञान। प्राथमिक सफलता (2026) डिफेंस और रणनीतिक महत्व के लिए क्वांटम-सुरक्षित संचार लक्ष्यों की समय से पहले प्राप्ति। नवाचार का नया ढांचा सरकार-केंद्रित मॉडल से बदलकर “अकादमिक + उद्योग + स्टार्टअप” का पीपीपी मॉडल। लक्षित वर्ष वर्ष 2047 तक भारत को नवाचार-संचालित विकसित अर्थव्यवस्था बनाना। ‘भारत टैक्सी’: सहकारिता आधारित मोबिलिटी मॉडल और आर्थिक सशक्तिकरण चर्चा में क्यों? (Why in News?) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 27 जून 2026 को महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर, गांधीनगर (गुजरात) से देश की पहली सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा “भारत टैक्सी” (Bharat Taxi) को आधिकारिक तौर

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26 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

26 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के इस व्यापक सारांश में हम उत्तर बंगाल की समृद्ध भवाईया लोक संगीत परंपरा और कोच राजबंशी समुदाय के इतिहास पर चर्चा करेंगे, जो आपके मुख्य परीक्षा के कला एवं संस्कृति खंड के लिए बेहद प्रासंगिक है। इसके साथ ही, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) योजना का बजट विस्तार, भारतीय वायुसेना को स्वदेशी ‘नेत्र’ (Netra) AEW&C प्रणाली की अंतिम परिचालन मंजूरी (FOC), सामाजिक न्याय मंत्रालय का वृद्धजनों के लिए विशेष ‘शतायु’ (SHATAYU) डैशबोर्ड, वेनेजुएला में आया भीषण भूकंप और आपदा के समय अरुणाचल प्रदेश में चालू की गई इंट्रा-सर्किल रोमिंग (ICR) तकनीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का गहन विश्लेषण शामिल है। सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट योजना (REPM Scheme) चर्चा में क्यों? (Why in News?) भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries – MHI) ने REPM योजना के तहत जारी वैश्विक निविदा (Global Tender) की समय-सीमा को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब बोली जमा करने की अंतिम तिथि 29 जून 2026 से बढ़ाकर 29 जुलाई 2026 कर दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक वैश्विक कंपनियों को इस बोली प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर देना है। इस खबर का मुख्य बैकग्राउंड (Background) REPM योजना क्या है और यह क्यों जरूरी है? (The Core Scheme) यह भारत में अपनी तरह की पहली अनूठी पहल है। इसका सीधा लक्ष्य भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) क्या होते हैं? (Actionable Tech Knowledge) यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली चुंबकों में से होते हैं। इनका उपयोग निम्नलिखित आधुनिक और रणनीतिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर किया जाता है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) घटक / टर्म परीक्षा उपयोगी त्वरित तथ्य (Exam Facts) संबंधित मंत्रालय भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries – MHI) कुल बजट (Outlay) ₹7,280 करोड़ उत्पादन क्षमता का लक्ष्य 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) प्रमुख कच्चा माल NdPr ऑक्साइड (Neodymium-Praseodymium Oxide) मुख्य अनुप्रयोग (Uses) इलेक्ट्रिक वाहन (EV), विंड टर्बाइन, डिफेंस सिस्टम, एयरोस्पेस पोर्टल का नाम सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट (CPP) पोर्टल (जहाँ संशोधन जारी हुआ है भवाईया लोक परंपरा (Bhawaiya Folk Tradition) चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के उपराष्ट्रपति भवन में एक नई पुस्तक का विमोचन किया है। इस पुस्तक का नाम “संस्कृतिर रत्न भंडार: भवाईयार इतिब्रित्तो” (Sanskritir Ratna Bhandar: Bhaowaiyar Itibritto) है। यह पुस्तक भवाईया लोक परंपरा के इतिहास और उसकी यात्रा को रेखांकित करती है। मुख्य बिंदु: पुस्तक और उसके लेखक भवाईया संगीत क्या है? (What is Bhawaiya?) उपराष्ट्रपति के संबोधन के मुख्य विचार (Mains Perspective) “सांस्कृतिक आत्मविश्वास के बिना विकास अधूरा है।” — श्री सी. पी. राधाकृष्णन (उपराष्ट्रपति) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) घटक / टर्म विवरण / परीक्षा उपयोगी तथ्य भवाईया (Bhawaiya) उत्तरी बंगाल और असम का पारंपरिक लोक संगीत। कोच राजबंशी (Koch Rajbanshi) उत्तरी बंगाल और असम के क्षेत्रों से संबंधित समुदाय, जिसकी संस्कृति भवाईया संगीत से जुड़ी है। नाट्यशास्त्र (Natya Shastra) भरत मुनि द्वारा रचित ग्रंथ, जिसे कला और संगीत का प्राचीनतम प्रामाणिक स्रोत माना जाता है। सामवेद (Sama Veda) वह वेद जो मुख्य रूप से संगीत, मंत्रों और धुन से संबंधित है। महाकवि सुब्रमण्यम भारती तमिल भाषा के महान कवि और स्वतंत्रता सेनानी, जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक एकता पर बल दिया। मिशन LiFE (Lifestyle for Environment) भारत द्वारा शुरू की गई वैश्विक पर्यावरण पहल, जिसका उल्लेख उपराष्ट्रपति ने योग के साथ किया। वेनेजुएला में भूकंप और आपदा कूटनीति (Earthquake in Venezuela) चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप के कारण जान-माल की भारी तबाही हुई है। इस दुखद घटना पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने भारत के नागरिकों की ओर से वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की है। मुख्य बिंदु: भारत का रुख और वैश्विक एकजुटता Geographical & Strategic Perspective प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) घटक / टर्म परीक्षा उपयोगी त्वरित तथ्य (Exam Facts) वेनेजुएला (Venezuela) दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप का एक देश, जिसकी राजधानी काराकास (Caracas) है। भूकंप का कारण कैरेबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेट्स की आपसी हलचल। वैश्विक स्थिति यह देश ओपेक (OPEC) का संस्थापक सदस्य है और यहाँ दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है। भारत की नीति आपदा के समय त्वरित सहायता प्रदान करना (HADR – Humanitarian Assistance and Disaster Relief)। स्वदेशी ‘नेत्र’ AEW&C प्रणाली (Indigenous ‘Netra’ AEW&C System) चर्चा में क्यों? (Why in News?) 25 जून 2026 को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने भारतीय वायुसेना (IAF) को स्वदेशी ‘नेत्र’ (Netra) एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम का फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस (FOC) प्रमाण पत्र सौंप दिया है। यह कार्यक्रम बेंगलुरु (कर्नाटक) में वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। ‘नेत्र’ (Netra) प्रणाली क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है? इसे आसान भाषा में “आसमान में उड़ती आंख और कमांड सेंटर” कहा जा सकता है। यह रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में एक मील का पत्थर है। किन संस्थाओं ने मिलकर इसे बनाया? इस कार्यक्रम की सफलता तीन स्तंभों के आपसी तालमेल (Synergy) का परिणाम है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) घटक / टर्म परीक्षा उपयोगी त्वरित तथ्य (Exam Facts) नेत्र (NETRA) भारत का पहला स्वदेशी एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम। निर्माता संस्था DRDO (मुख्य रूप से सेंटर फॉर एयर बोर्न सिस्टम – CABS)। IOC और FOC वर्ष IOC (शुरुआती मंजूरी): 2017 | FOC (अंतिम परिचालन मंजूरी): 2026। महत्वपूर्ण ऑपरेशन्स बालाकोट स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर में इसका सफल उपयोग हुआ। रक्षा नेतृत्व (2026) केंद्रीय रक्षा मंत्री: श्री राजनाथ सिंह | रक्षा सचिव और DRDO अध्यक्ष: श्री राजेश कुमार सिंह। शतायु डैशबोर्ड (SHATAYU Dashboard) और वृद्धजन देखभाल चर्चा में क्यों? (Why in News?) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने हाल ही में ‘शतायु’ (SHATAYU) डैशबोर्ड शुरू किया है। इस डैशबोर्ड को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही कुछ भ्रामक सूचनाओं के बाद मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी

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25 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

आज का 25 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi यूपीएससी (UPSC) परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों को समेटे हुए है। इसमें सतत विकास के लिए क्लीन कोल टेक्नोलॉजी और अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (URMP), प्रशासन में सुधार हेतु ‘VIP कल्चर इन इंडिया’ पुस्तक विमोचन, आर्थिक संकेतकों में सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP), तथा युवाओं और कृषि को वैश्विक मंच देने वाले यूथ को:लैब चैलेंज व ‘भारती’ (BHARATI) कार्यक्रम शामिल हैं। VIP कल्चर इन इंडिया (पुस्तक विमोचन और नागरिक-केंद्रित शासन) चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में “VIP Culture in India: Power, Privilege and the Distance from Democracy” नामक पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक भारतीय लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन में ‘वीआईपी संस्कृति’ के प्रभावों की पड़ताल करती है। मुख्य बिंदु पुस्तक के बारे में और उसके संदर्भ लोकतंत्र बनाम वीआईपी संस्कृति (Vice-President’s Observations) नागरिक-प्रथम शासन (Citizen-First Governance) के उदाहरण उपराष्ट्रपति ने वर्तमान सरकार द्वारा वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने के लिए उठाए गए कदमों और उदाहरणों का उल्लेख किया: क्लीन कोल टेक्नोलॉजी और कोल गैसीफिकेशन (BRICS Side Event) चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में कोयला मंत्रालय (Ministry of Coal) ने ‘क्लीन कोल टेक्नोलॉजी’ (Clean Coal Technologies) पर एक BRICS साइड इवेंट का आयोजन किया, जिसका मुख्य फोकस कोल गैसीफिकेशन (Coal Gasification – कोयला गैसीकरण) पर था। इस कार्यक्रम में भारत सहित रूस, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया। मुख्य बिंदु व तकनीकी तथ्य कोल गैसीकरण क्या है और इसका महत्व? भारत सरकार का लक्ष्य और नीतिगत प्रयास चुनौतियाँ (Challenges in India) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (URMPs) और गंगा बेसिन शहर चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) के सहयोग से नदी-केंद्रित शहरी नियोजन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसके तहत पहले चरण में 13 शहरों के लिए अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (URMPs – शहरी नदी प्रबंधन योजना) पूरे कर लिए गए हैं। अब इसका विस्तार गंगा बेसिन के 63 शहरों (प्रथम चरण में 27 और द्वितीय चरण में 33 नए शहर) तक किया जा रहा है। मुख्य बिंदु पृष्ठभूमि और दृष्टिकोण URMP फ्रेमवर्क के तीन मुख्य स्तंभ और 10-सूत्रीय एजेंडा यह योजना तीन मुख्य स्तंभों—पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक पर टिकी है। इसके 10-सूत्रीय एजेंडे में निम्नलिखित शामिल हैं: राज्यों के अनुसार प्रमुख रणनीतियाँ और केस स्टडीज यह योजना उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार लागू की जा रही है: राज्य शामिल शहर (प्रमुख) मुख्य फोकस क्षेत्र व नवीन पहलें उत्तराखंड हल्द्वानी-काठगोदाम, रामनगर, ऋषिकेश • रामनगर: कोसी नदी को कॉर्बेट इको-टूरिज्म कॉरिडोर से जोड़ना (एवियन पार्क और वॉच टॉवर)।• ऋषिकेश: हिमालयी शहरों में पर्यावरण, सीवरेज अपग्रेड और अध्यात्म का सह-अस्तित्व। उत्तर प्रदेश गोरखपुर, शाहजाहनपुर, बिजनौर, प्रयागराज • गोरखपुर: बाढ़ से निपटने के लिए ‘ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर’ (स्पंज पार्क, बायोस्वैल्स)।• शाहजाहनपुर: “मेरी नदी, मेरा शहर” जन अभियान।• प्रयागराज: नदियों को “लिविंग हेरिटेज कॉरिडोर” के रूप में विकसित करना। बिहार बक्सर, छपरा, गया • छपरा: बाढ़ और नदी के बदलते मार्ग (Morphology) के लिए फ्लडप्लेन ज़ोनिंग।• गया: फाल्गु नदी के हाइड्रो-इकोलॉजी को बहाल करने के लिए भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge)। कानपुर पायलट प्रोजेक्ट और जमीनी क्रियान्वयन योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखकर जमीन पर उतारने के लिए प्रदर्शन परियोजनाएं (Demonstration Projects) शुरू की गई हैं: प्रोत्साहन प्रणाली (Incentive Mechanism) यूथ को:लैब नेशनल इनोवेशन चैलेंज 2026 (सतत युवा स्टार्टअप) चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में टी-हब (T-Hub), हैदराबाद में आयोजित एक समारोह में भारत के 6 युवा नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को ‘यूथ को:लैब’ नेशनल इनोवेशन चैलेंज 2026 (Youth Co:Lab National Innovation Challenge 2026) के आठवें संस्करण के विजेताओं के रूप में सम्मानित किया गया है। मुख्य बिंदु यूथ को:लैब (Youth Co:Lab) क्या है? इनोवेशन चैलेंज 2026 के प्रमुख विषय (Thematic Areas) इस वर्ष देश के 28 राज्यों से आए 350 से अधिक आवेदकों में से स्टार्टअप्स को मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण पर्यावरण-अनुकूल क्षेत्रों में उनके काम के लिए चुना गया: विजेता कड़े मूल्यांकन के बाद शीर्ष 6 स्टार्टअप्स को वित्तीय अनुदान (Seed Grant) और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान की गई। भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में असमानताएँ (Distribution Challenges) नीति आयोग (AIM) के अनुसार, वर्तमान में भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में ‘वितरण की समस्या’ (Distribution Problem) है, जिसे यूथ को:लैब जैसे कार्यक्रम ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं: प्रमुख संगठन 1. यूथ को:लैब (Youth Co:Lab) 2. अटल इनोवेशन मिशन (AIM) 3. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) 4. सिटी फाउंडेशन (Citi Foundation) 5. टी-हब (T-Hub) सेवा उत्पादन सूचकांक (Index of Services Production – ISP) चर्चा में क्यों? (Why in News?) सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) जुलाई 2026 में एक नया व्यापक आर्थिक संकेतक— सेवा उत्पादन सूचकांक (Index of Services Production – ISP) लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। यह सूचकांक सेवा क्षेत्र (Services Sector) में अल्पकालिक विकास और बदलावों को मापने का काम करेगा। मुख्य बिंदु व आर्थिक तथ्य ISP क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों है? संस्थागत ढांचा और क्रियान्वयन टाइमलाइन कवरेज और डेटा स्रोत (सकारात्मक व नकारात्मक सूची) ISP मुख्य रूप से तीन प्रमुख डेटा स्रोतों— प्रशासनिक डेटा, GST डेटा और ASISSE पर निर्भर करेगा। कार्यप्रणाली: संकेतक और डिफ्लेटर (Deflator) चूंकि सेवाएं अमूर्त (Intangible) होती हैं, इसलिए उनके उत्पादन को मापना जटिल होता है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) भारती (BHARATI) कार्यक्रम और कृषि-खाद्य निर्यात चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत संचालित कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने अपने प्रमुख निर्यात त्वरण कार्यक्रम ‘भारती’ (BHARATI) के पहले बैच (First Cohort) का सफलतापूर्वक समापन किया है। मुख्य बिंदु भारती (BHARATI) कार्यक्रम क्या है? पहले बैच (Inaugural Cohort) की विशेषताएं कार्यक्रम के तहत दर्ज की गई प्रमुख निर्यात सफलताएं (Case Studies) कार्यक्रम शुरू होने के मात्र 3 महीनों के भीतर भारतीय स्टार्टअप्स और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs/FPCs) ने वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं: प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims & Mains Facts) 24 June 2026 PIB

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24 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf 

24 June 2026 PIB Summary for UPSC प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विकास को समाहित करता है। आज के प्रमुख घटनाक्रमों में भारत के ‘क्रिटिकल मिनरल मिशन’ के तहत रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी, वस्त्र मंत्रालय द्वारा कपड़ा निर्यात को 2030 तक $100 बिलियन पहुंचाने का रोडमैप, और IEPFA द्वारा लावारिस वित्तीय संपत्तियों को अनलॉक करने की नई पहल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, INCOIS द्वारा जारी भारत का पहला विशेष ‘एल नीनो बुलेटिन’ हमारी ब्लू इकोनॉमी और तटीय सुरक्षा के लिए नए नीतिगत आयाम प्रस्तुत करता है। INCOIS द्वारा पहला एल नीनो बुलेटिन जारी: भारतीय समुद्री क्षेत्र पर प्रभाव चर्चा में क्यों? (Why in News?) 22 जून 2026 को संसद सदस्य श्री कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी द्वारा INCOIS का पहला विशेष एल नीनो बुलेटिन जारी किया गया। इस एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य चालू एल नीनो (El Niño) इवेंट के कारण भारत के समुद्री क्षेत्रों और तटीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों के प्रति सचेत करना है। मुख्य चेतावनी: वर्तमान एल नीनो नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच अपने चरम (Peak) पर होगा, जिसके प्रभावस्वरूप हिंद महासागर में समुद्र की सतह का तापमान (SST) अप्रैल/मई 2027 तक सामान्य से अधिक बना रहेगा। समुद्री क्षेत्रों पर एल नीनो का प्रभाव (Impacts of El Niño) बुलेटिन के अनुसार, उत्तर हिंद महासागर (अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों) का समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र आगामी महीनों में, विशेष रूप से मार्च-मई 2027 के दौरान, भारी थर्मल स्ट्रेस (तापीय तनाव) से गुजरेगा। 24 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf  क) मरीन इकोसिस्टम और मत्स्य पालन पर प्रभाव ख) तटीय और समुद्री स्थिति (Sea State Indicator) समुद्री परिस्थितियों को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका को देखें: क्षेत्र / तट संभावित समुद्री स्थिति (Sea State) आर्थिक और सुरक्षा प्रभाव बंगाल की खाड़ी / पूर्वी तट अत्यधिक अशांत (Rough) मानसून तटीय क्षरण (Coastal Erosion) और बाढ़/जलभराव का खतरा अधिक। अरब सागर / पश्चिमी तट सामान्य से अधिक शांत (Calmer) समुद्री ऑपरेटरों के लिए बेहतर वर्किंग विंडो; तटीय क्षरण का कम खतर INCOIS के बारे में (About INCOIS) VOC पोर्ट बना हरित समुद्री विकास का मॉडल: कार्बन उत्सर्जन में 45% की कमी चर्चा में क्यों? (Why in News?) 23 जून 2026 को केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी (VOCPA – तूतीकोरिन, तमिलनाडु) में हरित ऊर्जा, डिजिटल नवाचार और सामाजिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई दूरगामी परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर पोर्ट की पहली ‘सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट’ जारी की गई, जिसमें बताया गया कि बंदरगाह ने अपने नेट कार्बन उत्सर्जन में 45% की ऐतिहासिक कमी दर्ज की है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ ऊर्जा और कम कार्बन वाले ऑपरेशन्स को सफलतापूर्वक अपनाने के कारण इसे आधिकारिक तौर पर ‘स्कोप-2 एमिशन फ्री पोर्ट’ (Scope-2 Emission Free Port) के रूप में मान्यता दी गई है, जो भारतीय समुद्री क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर है। मुख्य आकर्षण और उपलब्धियां (Key Highlights & Achievements) VOC पोर्ट ने पिछले चार वर्षों के भीतर पर्यावरण, तकनीक और समाज के मोर्चे पर व्यापक बदलाव किए हैं, जिन्हें नीचे वर्गीकृत किया गया है: क) पर्यावरण और हरित ऊर्जा संक्रमण (Green Energy Transition) ख) डिजिटल और सामाजिक बुनियादी ढांचा (Digital & Social Infrastructure) 24 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf  VOC पोर्ट (VOCPA at a Glance) विशेषता विवरण अवस्थिति (Location) तूतीकोरिन (Thoothukudi), तमिलनाडु (पूर्वी तट)। प्रकृति (Nature) यह भारत के 12 प्रमुख बंदरगाहों (Major Ports) में से एक है और पूरी तरह एक कृत्रिम बंदरगाह (Artificial Port) है। रणनीतिक महत्व मन्नार की खाड़ी में स्थित होने के कारण यह पूर्व-पश्चिम अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों के अत्यंत निकट है। भारत का ‘क्रिटिकल मिनरल मिशन’ तेज: 56 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों और 11 अन्वेषण लाइसेंसों की सफल नीलामी चर्चा में क्यों? (Why in News?) 23 जून 2026 को खान मंत्रालय (Ministry of Mines) ने भारत की खनिज सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित सातवें दौर (Seventh Tranche) की नीलामी के तहत 10 नए क्रिटिकल और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों को सफलतापूर्वक नीलाम किया गया है। इसके साथ ही, देश में अब तक सफलतापूर्वक नीलाम किए जा चुके महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की कुल संख्या बढ़कर 56 हो गई है। इसके अलावा, अन्वेषण पारिस्थितिकी तंत्र (Exploration Ecosystem) को गति देने के लिए अन्वेषण लाइसेंस (Exploration Licence – EL) के दूसरे दौर के तहत 11 ब्लॉकों की नीलामी भी पूरी कर ली गई है। मुख्य विशेषताएं और भौगोलिक विस्तार (Key Highlights) खनिज क्षेत्र में किए गए इन हालिया सुधारों और नीलामियों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: क) महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक (Critical Mineral Blocks) ख) अन्वेषण लाइसेंस (EL) फ्रेमवर्क का विस्तार महत्वपूर्ण खनिज: रणनीतिक उपयोग (Critical Minerals & Strategic Sectors) महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) प्रमुख रणनीतिक अनुप्रयोग (Strategic Applications) दुर्लभ मृदा तत्व (REE) और वेनेडियम इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण, उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing)। ग्रेफाइट और टाइटेनियम इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरी, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियां, एयरोस्पेस। रॉक फॉस्फेट और ग्लौकोनाइट कृषि क्षेत्र (उर्वरक उत्पादन) और औद्योगिक रसायन। वस्त्र मंत्रालय द्वारा “ग्लोबल मार्केट्स के लिए टेक्सटाइल” पर विभागीय शिखर सम्मेलन का आयोजन चर्चा में क्यों? (Why in News?) 23 जून 2026 को वस्त्र मंत्रालय (Ministry of Textiles) ने नई दिल्ली में दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया, जिसका मुख्य विषय “Textiles for Global Markets: Strategy for Achieving USD 100 Billion Exports by 2030” है। यह सम्मेलन कैबिनेट सचिवालय की ‘विभागीय शिखर सम्मेलन’ पहल के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसका प्राथमिक उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत करके भारत के कपड़ा निर्यात को वर्तमान के लगभग 37 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 100 बिलियन डॉलर करना है। शिखर सम्मेलन के मुख्य बिंदु और रणनीतिक स्तंभ (Key Highlights & Strategies) यह शिखर सम्मेलन 36 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों और लगभग 200 जिला-स्तरीय परामर्शों के बाद आयोजित किया गया है, जिसके तहत 36 राज्य निर्यात कार्य योजना (SEAPs) और 200 जिला निर्यात कार्य योजना (DEAPs) तैयार की गई हैं। सम्मेलन की रणनीतियों को तीन मुख्य स्तंभों में विभाजित किया गया है: क) पीएम का ‘5F’ विजन (The 5F Vision) यह पूरा रोडमैप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5F दृष्टिकोण पर आधारित है:

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23 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

23 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के इस अंक में भारत की बहुआयामी उपलब्धियों का सार है। इसमें UNCTAD 2025 के अनुसार भारत का वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण (HKC) में शीर्ष स्थान, न्याय तक पहुँच के लिए ‘दिशा 2.0’ व अनुच्छेद 39A का विश्लेषण, राखीगढ़ी के मानव कंकालों पर AnSI का शोध और भारत के उभरते प्रौद्योगिकी (AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम) इकोसिस्टम के नवीनतम डेटा को शामिल किया गया है। भारत बना दुनिया का नंबर-1 शिप रीसाइक्लिंग देश: UNCTAD रिपोर्ट चर्चा में क्यों है? संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्ष 2025 में दुनिया का शीर्ष जहाज पुनर्चक्रण (Ship Recycling) देश बन गया है। भारत ने अपने ‘मैरिटाइम इंडिया विज़न (MIV) 2030’ के लक्ष्य को तय समय से 5 साल पहले ही हासिल कर लिया है। मुख्य आंकड़े पैरामीटर वर्ष 2024 वर्ष 2025 विकास / प्रभाव वैश्विक हिस्सेदारी 30.1% 35.4% दुनिया में सबसे ज्यादा रीसाइक्लिंग वॉल्यूम 1.86 मिलियन GT 2.99 मिलियन GT लगभग 60% की भारी वृद्धि भविष्य की संभावना (BIMCO) – – अगले दशक में भारत हर साल 500-600 जहाजों को रीसायकल करेगा। सरकार की 5 प्रमुख पहलें भारत को इस मुकाम तक पहुँचाने में सरकार की इन रणनीतिक पहलों का सबसे बड़ा हाथ रहा है: हांगकांग कन्वेंशन (HKC) हांगकांग कन्वेंशन (Hong Kong Convention – HKC) जहाजों को रीसायकल (यानी पुराने जहाजों को तोड़ने और उनके पार्ट्स का दोबारा इस्तेमाल करने) से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय समझौता (Global Treaty) है। इसे 2009 में इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) द्वारा अपनाया गया था, और यह 26 जून 2025 से पूरी दुनिया में कानूनी रूप से लागू हो चुका है। मुख्य उद्देश्य जहाजों को तोड़ना दुनिया के सबसे खतरनाक कामों में से एक है। पुराने जहाजों में एस्बेस्टस, भारी धातुएं (Heavy Metals) और कई तरह के जहरीले रसायन होते हैं। इसका उद्देश्य दो चीजों को सुरक्षित करना है: भारत दुनिया का सबसे बड़ा शिप रीसाइक्लिंग हब है (गुजरात का अलंग-सोसैया यार्ड दुनिया का सबसे बड़ा जहाज तोड़ने वाला यार्ड है)। भारत ने 2019 में इस कन्वेंशन की पुष्टि (Ratify) की थी। सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) और ब्लू इकोनॉमी: जहाजों को तोड़कर जो स्टील और अन्य कीमती धातुएं निकलती हैं, उन्हें रीसायकल करके दोबारा इस्तेमाल किया जाता है। इससे नए खनन (Mining) की जरूरत कम होती है, पर्यावरण बचता है, और तटीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होता है। आगे की राह (Way Forward) नंबर-1 बनने के बाद अब भारत के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं जिन पर काम करना होगा: दिशा 2.0 (DISHA 2.0): न्याय तक समग्र पहुँच के लिए केंद्रीय योजना को मंजूरी चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय ने केंद्रीय क्षेत्र की योजना ‘डिजाइनिंग इनोवेटिव सॉल्यूशंस फॉर होलिस्टिक एक्सेस टू जस्टिस (DISHA)’ के पुनर्गठित और अपग्रेड संस्करण ‘DISHA 2.0’ को अगले 5 वर्षों के लिए मंजूरी दे दी है। योजना के मुख्य तथ्य 23 June 2026 PIB Summary for UPSC DISHA 2.0 के 4 प्रमुख घटक (Four Core Components) पहले इस योजना में 3 घटक थे, लेकिन DISHA 2.0 में एक नया तकनीकी घटक जोड़ा गया है। घटक (Component) मुख्य कार्य और लक्ष्य तकनीक/पहुँच 1. टेली-लॉ (Tele-Law) मुकदमों से पहले मुफ्त कानूनी सलाह देना। देश के 36 राज्यों/UTs के 784 जिलों में 2,50,000 कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSCs) का नेटवर्क। आकांक्षी ब्लॉकों में ‘न्याय सहायक’ घर-घर जाकर मदद करेंगे। 2. न्याय बंधु (Nyaya Bandhu) वकीलों और लॉ स्टूडेंट्स में मुफ्त कानूनी सहायता (Pro-Bono) की संस्कृति को बढ़ावा देना। कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत पात्र लोगों को मुफ्त अदालती प्रतिनिधित्व देना और लॉ कॉलेजों में ‘प्रो-बोनो क्लब’ बनाना। 3. कानूनी साक्षरता और जागरूकता (LLLAP) मंत्रालयों, गैर-सरकारी संगठनों (CSOs) और लॉ यूनिवर्सिटीज के साथ मिलकर आम जनता में कानूनी जागरूकता फैलाना। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से देशव्यापी अभियान चलाना। 4. विधि-संजीवनी (VIDHI-Sanjeevani)(नया घटक) पूरे कार्यक्रम की निगरानी और डेटा-संचालित निर्णय लेने के लिए एक सेंट्रलाइज्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म। ‘भाषिणी’ (BHASHINI) के सहयोग से विकसित एआई-संचालित बहुभाषी ‘न्याय सेतु’ (Nyaya Setu) चैटबॉट को शामिल किया गया है, जो कानूनी सवालों के तुरंत जवाब देगा। संवैधानिक और वैश्विक जुड़ाव यह योजना केवल एक डिजिटल पोर्टल नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के बड़े विज़न्स को पूरा करती है: 1. संवैधानिक जनादेश (Constitutional Mandate): यह भारतीय संविधान की प्रस्तावना (सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय), अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता), अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) और विशेष रूप से अनुच्छेद 39A (सभी के लिए समान न्याय और मुफ्त कानूनी सहायता) को जमीन पर उतारती है। 2. ईज ऑफ जस्टिस (Ease of Justice): प्रधानमंत्री के विज़न के अनुसार, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ तब तक अधूरे हैं जब तक देश के गरीब से गरीब नागरिक को ‘ईज ऑफ जस्टिस’ (आसानी से न्याय) न मिले। 3. वैश्विक लक्ष्य (SDG-16): यह संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-16 (SDG-16: शांति, न्याय और मजबूत संस्थाएं) और भारत के ‘विकसित भारत @ 2047’ के संकल्प को सीधा समर्थन देती है। पुराना ट्रैक रिकॉर्ड (DISHA 1.0: 2021-26) अनुच्छेद 39A (Article 39A): समान न्याय और मुफ्त कानूनी सहायता यह अनुच्छेद राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) का हिस्सा है। इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था। नालसा (NALSA) की संगठनात्मक संरचना अनुच्छेद 39A के उद्देश्यों को कानूनी रूप देने के लिए संसद ने कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (Legal Services Authorities Act, 1987) पास किया। इसी एक्ट के तहत 1995 में NALSA (National Legal Services Authority – राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण) का गठन हुआ। इसकी संगठनात्मक संरचना शीर्ष से लेकर जमीनी स्तर तक एक पिरामिड की तरह काम करती है: प्रमुख पद (Composition): NALSA के मुख्य कार्य (Core Functions) 23 June 2026 PIB Summary for UPSC मुफ्त कानूनी सहायता के लिए कौन पात्र है? (Section 12 of the Act) हर कोई NALSA के तहत मुफ्त वकील का दावा नहीं कर सकता। अधिनियम की धारा 12 के तहत निम्नलिखित लोग इसके पात्र हैं: राखीगढ़ी से मिले मानव कंकाल: वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए AnSI को सौंपे गए चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हरियाणा के राखीगढ़ी पुरास्थलीय उत्खनन (2025-26 सीजन) से मिले मानव कंकालों को विस्तृत वैज्ञानिक

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21 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi 

21 June 2026 PIB Summary for UPSC में भारत की वैश्विक सॉफ्ट पावर और पर्यावरण नीतियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम शामिल हैं। मुख्य आकर्षणों में कोलकाता में आयोजित ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम पर आधारित 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, जैव विविधता अधिनियम के तहत स्थानीय समुदायों को लाभ पहुंचाने वाला सफल एबीएस (ABS) फ्रेमवर्क, और पश्चिम बंगा दिवस के अवसर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान का स्मरण प्रमुख हैं। ‘निर्भय चेतना’ अभियान (Nirbhay Chetna) यह टॉपिक UPSC Civil Services Examination के GS Paper II (Governance, Panchayati Raj Institutions) और GS Paper III (Issues Related to Women & Gender Equality) के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चर्चा में क्यों है? हाल ही में, पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) ने नई दिल्ली में 17-19 जून 2026 तक ‘निर्भय चेतना’ (Nirbhay Chetna) के तहत तीन दिवसीय ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ (ToT) कार्यक्रम का आयोजन किया। यह जमीनी स्तर पर लैंगिक समानता और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुरुषों को संवेदनशील बनाने की अपनी तरह की पहली वैश्विक पहल है। ‘निर्भय चेतना’ (Nirbhay Chetna) क्या है? यह निर्भया फंड (Nirbhaya Fund) के तहत पंचायती राज मंत्रालय की एक अनूठी राष्ट्रीय पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर शासन को जेंडर-रिस्पॉन्सिव (Gender-Responsive Governance) बनाना है। ‘निर्भय रहो’ (Nirbhay Raho) पहल के तीन स्तंभ ‘निर्भय चेतना’ वास्तव में पंचायती राज मंत्रालय द्वारा 11 मार्च 2026 को शुरू की गई ‘निर्भय रहो’ व्यापक योजना का एक हिस्सा है। इस योजना के तीन प्रमुख घटक (Components) हैं: घटक का नाम मुख्य फोकस / कार्य 1. निर्भय नेत्री (Nirbhay Netri) निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों (EWRs) की क्षमता निर्माण (Capacity Building) और उन्हें कानूनी रूप से जागरूक बनाना। 2. निर्भय चेतना (Nirbhay Chetna) निर्वाचित पुरुष प्रतिनिधियों को जेंडर इक्वलिटी और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर संवेदनशील बनाना। 3. निर्भय दृष्टि (Nirbhay Drishti) तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पंचायतों के रणनीतिक ग्रामीण स्थानों पर CCTV कैमरे लगाना। इस पहल के बड़े लक्ष्य (Data & Targets) मुख्य विषय और कार्यप्रणाली (Themes & Methodology) इस कार्यक्रम में केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया गया है: पश्चिम बंगा दिवस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यह टॉपिक UPSC Civil Services Examination के GS Paper I (Modern Indian History & Post-Independence Consolidation) और Prelims (Important Personalities) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। चर्चा में क्यों है? 20 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘पश्चिम बंगा दिवस’ (Paschimbanga Divas) के अवसर पर पश्चिम बंगाल के नागरिकों को बधाई दी। इसके साथ ही, उन्होंने भारत के एकीकरण में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अमूल्य योगदान को याद किया। आपको बता दें कि वर्ष 2026 डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती (125th Jayanti) का वर्ष भी है। पश्चिम बंगा दिवस (20 जून) का ऐतिहासिक महत्व UPSC प्रीलिम्स और मेन्स दोनों के लिए इस तारीख का बैकग्राउंड समझना जरूरी है: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और उनका योगदान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आधुनिक भारत के इतिहास में एक बेहद प्रभावशाली व्यक्तित्व रहे हैं। क्षेत्र महत्वपूर्ण तथ्य / योगदान जन्म एवं प्रारंभिक जीवन उनका जन्म 1901 में हुआ था (वर्ष 2026 उनकी 125वीं जयंती है)। वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति (Vice-Chancellor) बने थे। बंगाल विभाजन में भूमिका उन्होंने मुस्लिम लीग के पूरे बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने के प्लान का कड़ा विरोध किया और हिंदू बहुल क्षेत्रों के लिए पश्चिम बंगाल राज्य की स्थापना सुनिश्चित की। राजनीतिक करियर वे स्वतंत्र भारत की पहली कैबिनेट (1947) में उद्योग और आपूर्ति मंत्री (Minister for Industry and Supply) बने। इस्तीफा और नई पार्टी जवाहरलाल नेहरू के साथ ‘लियाकत-नेहरू समझौते’ (1950) पर वैचारिक मतभेद के कारण उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 1951 में उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की। जम्मू-कश्मीर मुद्दा उन्होंने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 का पुरजोर विरोध किया और ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का नारा दिया। पश्चिम बंगाल का भारत में योगदान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 (International Day of Yoga) यह टॉपिक UPSC Civil Services Examination के GS Paper I (Indian Culture – Ancient Knowledge Traditions), GS Paper II (Social Sector – Health & Governance) और Prelims के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चर्चा में क्यों है? 21 जून 2026 को दुनिया भर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY 2026) मनाया गया। इस वर्ष का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित किया गया। 2015 में अपनी शुरुआत के बाद से, यह आयोजन अब एक वार्षिक उत्सव से आगे बढ़कर प्रिवेंटिव हेल्थकेयर (बीमारियों से बचाव वाली स्वास्थ्य प्रणाली) का दुनिया का सबसे बड़ा जन-आंदोलन बन चुका है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम (Theme) थीम: ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ (Yoga for Healthy Ageing) योग का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सफर (Historical Legacy) कॉमन योग प्रोटोकॉल (Common Yoga Protocol – CYP) दुनिया भर के लोग एक साथ, एक ही लय में योग कर सकें, इसके लिए आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) ने शीर्ष योग गुरुओं के साथ मिलकर इसे तैयार किया है। योग दिवस 2026 से जुड़े प्रमुख मील के पत्थर (Key Highlights) इस वर्ष योग दिवस की तैयारियों को देश की संस्कृति और वैश्विक मंच से जोड़ने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए: आयोजन / अभियान मुख्य विशेषता / स्थान मुख्य राष्ट्रीय समारोह कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में आयोजित। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड 14 जून 2026 को एक विशेष लाइव सत्र में 4 लाख से अधिक लोगों ने एक साथ भाग लेकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। 100 दिवसीय काउंटडाउन इसकी शुरुआत विज्ञान भवन (नई दिल्ली) से हुई। इसके बाद 75वें दिन लोनार क्रेटर (महाराष्ट्र), 50वें दिन कान्हा शांति वनम (हैदराबाद) और 25वें दिन खजुराहो के स्मारकों में योग कार्यक्रम हुए। विशेष अभियान ‘100 दिन, 100 शहर, 100 संगठन’ अभियान के जरिए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। स्वस्थ उम्र बढ़ने (Healthy Ageing) में योग की भूमिका उम्र बढ़ने के साथ शरीर में होने वाले बदलावों को रोकने में योग विज्ञान बेहद व्यावहारिक भूमिका निभाता है: भारत का ABS फ्रेमवर्क और जैव विविधता संरक्षण यह टॉपिक UPSC Civil Services Examination के GS Paper III (Environment & Biodiversity – Conservation, Environmental Impact Assessment) और Prelims के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चर्चा में क्यों है? हाल ही

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22 june 2026 PIB Summary for upsc in hindi 

22 june 2026 PIB Summary for upsc in hindi : आज के व्यापक पीआईबी (PIB) विश्लेषण में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक, रक्षा और कूटनीतिक विकासों को कवर किया गया है। इसमें जीएस पेपर-3 (विज्ञान, प्रौद्योगिकी व रक्षा) के तहत भारतीय नौसेना में तीन स्वदेशी युद्धपोतों—अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट INS दूनागिरी, सबसे उन्नत हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण पोत INS संशोधक और एंटी-सबमरीन वारफेयर क्राफ्ट INS अग्रय के शामिल होने का रक्षा विश्लेषण प्रस्तुत है; साथ ही, ‘भारी जल बोर्ड बड़ौदा’ में नई परमाणु सुविधाओं का उद्घाटन भी शामिल है। जीएस पेपर-2 (अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्गत भारत की अध्यक्षता में गुरुग्राम में होने वाली 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक और आगरा में संपन्न हुए पहले ब्रिक्स एमएसएमई फोरम (BRICS MSME Forum) के मुख्य निष्कर्षों को रेखांकित किया गया है। अंत में, कला और संस्कृति के तहत मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF 2026) में प्रदर्शित भारतीय महिला नायिकाओं पर आधारित एनीमेशन श्रृंखला ‘भारती और बीबो’ का यूपीएससी-उन्मुख विश्लेषण शामिल है। भारती और बीबो (MIFF 2026) चर्चा में क्यों है? पाठ्यक्रम (UPSC Syllabus) श्रृंखला की विशेषताएं यह एडुटेनमेंट (शिक्षा और मनोरंजन) श्रृंखला युवा ‘भारती’ और उसके जादुई साथी ‘बीबो’ (जो भारत का स्त्री रूप है) के माध्यम से देश की चार महान महिला नायिकाओं की वास्तविक जीवन गाथाओं को प्रदर्शित करती है: विशेष दृष्टिकोण: यह श्रृंखला केवल एक मातृसत्तात्मक ढांचे के बजाय एक संतुलित नारीवादी दृष्टिकोण को अपनाती है। इसमें रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए महिलाओं को चालकों, किसानों, कलाकारों और वैज्ञानिकों के रूप में भी दिखाया गया है। Prelims current affairs based Question प्रश्न. हाल ही में चर्चा में रही एनिमेशन श्रृंखला ‘भारती और बीबो’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (A) केवल 1 और 2 (B) केवल 2 और 3 (C) केवल 1 और 3 (D) 1, 2 और 3 उत्तर: (C) केवल 1 और 3 व्याख्या: कथन 2 गलत है क्योंकि इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के अलावा पर्यावरणविद् (सालुमारदा थिम्मक्का) और मध्यकालीन व आधुनिक भारत की प्रशासनिक व सामाजिक सुधारक महिलाओं को भी शामिल किया गया है। INS दुनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय स्रोत: पीआईबी (PIB) सिलेबस: GS Paper 3: बुनियादी ढांचा, सुरक्षा, और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) तथा प्रारंभिक परीक्षा के लिए। चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून 2026 (अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस) को श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में भारतीय नौसेना के तीन स्वदेशी युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित किया। नव-कमीशन किए गए युद्धपोत और उनकी विशेषताएं भारतीय नौसेना की युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो (Warship Design Bureau) द्वारा डिजाइन किए गए और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता द्वारा निर्मित इन तीनों जहाजों में 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। युद्धपोत का नाम प्रकार/श्रेणी मुख्य भूमिका और सामरिक महत्व INS दुनागिरी (INS Dunagiri) एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट (Project 17A) दुश्मन के रडार से बचने की क्षमता, तटीय सुरक्षा और आक्रामक अभियानों में सहायक। INS संशोधक (INS Sanshodhak) सर्वे वेसल – लार्ज (SVL) गहरे समुद्र में हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण, महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा स्रोतों की खोज और मानचित्रण। INS अग्रय (INS Agray) एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW SWC) तटीय जल में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम। भारत की समुद्री और रक्षा क्षमता नौसैनिक और समुद्री क्षेत्र से जुड़े नीतिगत सुधार “शांति की रक्षा के लिए शक्ति आवश्यक है, समृद्धि की सुरक्षा के लिए सुरक्षा जरूरी है, और भविष्य के निर्माण के लिए आत्मनिर्भरता अनिवार्य है।” भारत वर्तमान में रक्षा क्षेत्र में ‘क्रेता’ (Buyer) से ‘निर्माता’ (Producer) बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। हाल ही में ख़बरों में रहे ‘INS दुनागिरी’, ‘INS संशोधक’ और ‘INS अग्रय’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 और 3 (c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3 उत्तर: (a) व्याख्या: कथन 1 और 2 बिल्कुल सही हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि INS संशोधक एक ‘सर्वे वेसल – लार्ज’ (जल सर्वेक्षण पोत) है, जबकि एंटी-सबमरीन वारफेयर क्राफ्ट ‘INS अग्रय’ है। GS Paper 3 – (बुनियादी ढांचा और सुरक्षा) भारत के बढ़ते रक्षा विनिर्माण और निर्यात ग्राफ को रेखांकित करते हुए समझाइए कि ‘सागरमाला परियोजना’ और ‘ब्लू इकोनॉमी’ (नीली अर्थव्यवस्था) नीतियां किस प्रकार देश को वैश्विक मंच पर एक निर्णायक विनिर्माण केंद्र (Manufacturing Hub) के रूप में स्थापित कर सकती हैं? (150 शब्द, 10 अंक) 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक: भारत करेगा मेजबानी 22 June 2026 PIB Notes for UPSC: भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Chairship 2026) के तहत 25-26 जून 2026 को गुरुग्राम, हरियाणा में 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करने जा रहा है। यह चौथा मौका है जब भारत ब्रिक्स की कमान संभाल रहा है। सिलेबस: अंतर्राष्ट्रीय संबंध (GS Paper 2) और बुनियादी ढांचा व ऊर्जा (GS Paper 3)। बैठक की थीम और मुख्य एजेंडा ब्रिक्स (BRICS) का नया स्वरूप और ताकत विस्तार के बाद ब्रिक्स में अब 11 सदस्य देश शामिल हैं: सदस्य देश: ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)। ये 11 देश मिलकर दुनिया की लगभग आधी आबादी और वैश्विक जीडीपी (GDP) का 40% हिस्सा संभालते हैं। इनमें प्रमुख तेल उत्पादक (जैसे सऊदी अरब, यूएई, ईरान) और सबसे बड़े उपभोक्ता (भारत, चीन) दोनों शामिल हैं, जो इस मंच को वैश्विक ऊर्जा नीतियों के लिए सबसे पावरफुल बनाते हैं। भारत का ‘ऊर्जा परिवर्तन’ इस बैठक में भारत वैश्विक मंच पर अपनी उन बड़ी उपलब्धियों को सामने रखेगा, जो विकसित भारत 2047 के विजन का आधार हैं: क्षेत्र/पहल भारत की उपलब्धि और लक्ष्य सौर ऊर्जा पिछले एक दशक में भारत ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता को 50 गुना से अधिक बढ़ाया है। स्मार्ट मीटर देश भर में अब तक 6 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। ऊर्जा भंडारण साल 2032 तक 410 GWh ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है। बायोफ्यूल्स भारत ने 20% एथेनॉल सम्मिश्रण का लक्ष्य पा लिया है और अब 80-85% एथेनॉल वाले E85 ईंधन को रोलआउट किया जा रहा है। वैश्विक नेतृत्व भारत इंटरनेशनल सोलर एलायंस (ISA) और ग्लोबल

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17 June 2026 PIB Notes for UPSC in Hindi

आज के 17 June 2026 PIB Notes for UPSC के इस विशेष अंक में हम केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कई दूरगामी कदमों का व्यापक विश्लेषण करेंगे। इनमें पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लॉन्च किया गया ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन पोर्टल, देश में रोजगार के औपचारिकरण को गति देने वाली प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY), और खाद्यान्नों की आधुनिक ट्रैकिंग के लिए शुरू किया गया स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, रक्षा उत्पादन में भारत द्वारा हासिल किए गए ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर और मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए बॉन चैलेंज के तहत भारत की शानदार प्रगति जैसे मुख्य विषयों को परीक्षा-उपयोगी डेटा बैंक, फ्लोचार्ट और अभ्यास प्रश्नों के साथ नीचे विस्तार से समझाया गया है। ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन पोर्टल (GHCI)   चर्चा में क्यों? केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) को मजबूत करने के लिए ‘ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन पोर्टल’ (GHCI) लॉन्च किया है। यह कदम भारत को वैश्विक हरित ऊर्जा का केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन पोर्टल (GHCI) राज्यों की भागीदारी और नीतियां मिशन की अब तक की प्रमुख उपलब्धियां केस स्टडी (Case Study): नवंबर 2025 में JSW द्वारा 3,600 MTPA क्षमता वाले ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र का सफल संचालन शुरू किया जा चुका है, जो इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के बारे में यह मिशन साल 2023 में ₹19,744 करोड़ के कुल परिव्यय (Outlay) के साथ शुरू किया गया था। लक्ष्य सूचकांक निर्धारित लक्ष्य उत्पादन क्षमता सालाना 5 MMT (Million Metric Tonne) हरित हाइड्रोजन बनाना। नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता इसके लिए 125 GW की समर्पित रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ना। कुल निवेश ₹8 लाख करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित करना। रोजगार सृजन 6 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा करना। पर्यावरण प्रभाव सालाना 50 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना। प्रीलिम्स के लिए संभावित प्रश्न (Prelims Practice Question) प्रश्न: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? A) केवल 1 B) केवल 2 C) 1 और 2 दोनों D) न तो 1 और न ही 2 राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (NSC) में नए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति   UPSC GS Paper 2 (महत्वपूर्ण संस्थाएं/वैधानिक निकाय) और GS Paper 3 (आर्थिक विकास और डेटा प्रबंधन) के लिए बेहद उपयोगी हैं। चर्चा में क्यों? हाल ही में कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (National Statistical Commission – NSC) के नए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) कोलकाता के पूर्व निदेशक डॉ. सैबल चट्टोपाध्याय को आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। नई नियुक्तियों का विवरण कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) द्वारा अनुमोदित नई नियुक्तियां इस प्रकार हैं: राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (NSC) के बारे में राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के मुख्य कार्य और शक्तियां प्रीलिम्स के लिए अभ्यास प्रश्न (Prelims Practice Question) प्रश्न: राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (NSC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? A) केवल 1 और 2 B) केवल 2 और 3 C) केवल 1 और 3 D) 1, 2 और 3 प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY)   UPSC GS Paper 3 (भारतीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और समावेशी विकास) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। चर्चा में क्यों? पीएम द्वारा 19 जून 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) क्या है? यह भारत सरकार की एक प्रमुख रोजगार-संबद्ध प्रोत्साहन (Employment-Linked Incentive) योजना है। इसे देश में औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। योजना के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ और प्रोत्साहन यह योजना अनूठी है क्योंकि यह कर्मचारियों और नियोक्ताओं (Employers) दोनों को वित्तीय प्रोत्साहन देती है: अब तक की प्रगति और आगामी लक्ष्य भारत में श्रम बल का एक बहुत बड़ा हिस्सा अनौपचारिक क्षेत्र (Informal Sector) में काम करता है, जहाँ सामाजिक सुरक्षा (जैसे- पीएफ, पेंशन, बीमा) नहीं मिलती। PM-VBRY जैसी योजनाएं सीधे तौर पर नियोक्ताओं की लागत कम करके और कर्मचारियों को वित्तीय लाभ देकर रोजगार के ‘औपचारिकरण’ को बढ़ावा देती हैं, जो ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है। प्रीलिम्स के लिए अभ्यास प्रश्न (Prelims Practice Question) प्रश्न: ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PM-VBRY) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? A) केवल 1 और 2 B) केवल 2 और 3 C) केवल 1 और 3 D) 1, 2 और 3 खाद्यान्न भंडारण के लिए ‘स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम’ और ‘डिपो दर्पण’   UPSC GS Paper 3 (मुख्य परीक्षा: खाद्य सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और बफर स्टॉक प्रबंधन) के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। हाल ही में, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली के भारत मंडपम में खाद्यान्न भंडारण के लिए ‘स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम’ (Smart Warehousing System) लॉन्च किया गया है। इसके साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले गोदामों को ‘डिपो दर्पण’ (Depot Darpan) फ्रेमवर्क के तहत सम्मानित भी किया गया। स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम (Smart Warehousing System) क्या है? यह देश के सार्वजनिक खाद्यान्न भंडारण बुनियादी ढांचे (Public Storage Infrastructure) को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) द्वारा शुरू किया गया एक एकीकृत समाधान है। डिपो दर्पण (Depot Darpan) मूल्यांकन ढांचा यह खाद्य भारतीय निगम (FCI), केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) और अन्य राज्य/निजी गोदामों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और उनके प्रदर्शन के मूल्यांकन के लिए पेश किया गया एक संरचित ढांचा (Performance-monitoring framework) है। राष्ट्रीय अभियानों के साथ जुड़ाव और महत्व यह पहल भारत सरकार की विभिन्न रणनीतिक दूरदृष्टि के अनुकूल है: प्रीलिम्स के लिए अभ्यास प्रश्न (Prelims Practice Question) प्रश्न: हाल ही में चर्चा में रहे ‘डिपो दर्पण’ (Depot Darpan) पोर्टल का मुख्य उद्देश्य क्या है? A) देश के सभी रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और सुरक्षा बढ़ाना। B) खाद्यान्न भंडारण डिपो/गोदामों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और उनका प्रदर्शन मूल्यांकन करना। C)

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Nirman ias Current Affairs 9 September 2025

Topic : जम्मू–कश्मीर की राज्यसभा सीटों का विवाद     चर्चा में क्यों : हाल ही में केंद्र के कानून और न्याय मंत्रालय ने चुनाव आयोग (EC) के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है जिसमें जम्मू-कश्मीर (J&K) की चार राज्यसभा सीटों की अवधि को क्रमबद्ध (staggered) करने के लिए राष्ट्रपति आदेश जारी करने की सिफारिश की गई थी।  इस फैसले के कारण 2021 से जम्मू-कश्मीर की कोई भी प्रतिनिधित्व राज्यसभा में नहीं है। UPSC पाठ्यक्रम:  प्रारंभिक परीक्षा: भारतीय राजनीति और शासन – संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति, अधिकार मुद्दे मुख्य परीक्षा: GS-II: संघ और राज्यों के कार्य और जिम्मेदारियाँ, संघीय ढांचे से संबंधित मुद्दे और चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर तक शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसमें चुनौतियाँ।      पृष्ठभूमि 1. अनुच्छेद 370 और राज्य का पुनर्गठन संविधान का अनुच्छेद 370 जम्मू–कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करता था।  इस प्रावधान के अंतर्गत राज्य की अपनी विधानसभा और संविधान था, जिसके आधार पर राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव किया जाता था। 5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने इस विशेष दर्जे को समाप्त कर दिया और जम्मू–कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 लागू किया। इसके परिणामस्वरूप राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किया गया: जम्मू–कश्मीर (विधानसभा सहित) लद्दाख (बिना विधानसभा) इस पुनर्गठन के बाद जम्मू–कश्मीर को राज्यसभा में चार सीटों का प्रतिनिधित्व मिला, जबकि लद्दाख को कोई सीट आवंटित नहीं हुई।  2. राज्यसभा सीटों का संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 80) भारतीय संविधान का अनुच्छेद 80 राज्यसभा की संरचना और सदस्यों की संख्या को परिभाषित करता है। राज्यसभा के सदस्य दो प्रकार से चुने जाते हैं: राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से निर्वाचित सदस्य – इनका चुनाव संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य करते हैं। राष्ट्रपति द्वारा नामित सदस्य – कला, साहित्य, विज्ञान और समाजसेवा जैसे क्षेत्रों से। संविधान के अनुसार प्रत्येक राज्य को जनसंख्या के आधार पर सीटें दी जाती हैं। पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के बाद जम्मू–कश्मीर को चार सीटें प्रदान की गईं। 3. जम्मू–कश्मीर के विशेष दर्जे के बाद सीटों की स्थिति अनुच्छेद 370 के हटने से पहले जम्मू–कश्मीर के राज्यसभा सांसद राज्य की विधान सभा द्वारा चुने जाते थे। 2019 में पुनर्गठन के बाद विधानसभा भंग कर दी गई और वहाँ राष्ट्रपति शासन लागू हुआ। इसी दौरान, 2021 में चारों राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो गया। चूँकि उस समय नई विधानसभा मौजूद नहीं थी, इसलिए नए सदस्यों का चुनाव संभव नहीं हुआ। यद्यपि सितंबर–अक्टूबर 2024 में विधानसभा चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं, फिर भी अब तक राज्यसभा चुनाव नहीं कराए गए हैं। इसके कारण जम्मू–कश्मीर पिछले चार वर्षों से राज्यसभा में पूरी तरह से प्रतिनिधित्व विहीन बना हुआ है।   जम्मू–कश्मीर की राज्यसभा सीटों पर हालिया विवाद और संवैधानिक पहलू हालिया विवाद (Recent Developments) 1. कानून मंत्रालय और चुनाव आयोग के बीच मतभेद चुनाव आयोग ने वर्ष 2025 में यह सुझाव दिया कि जम्मू–कश्मीर की चार राज्यसभा सीटों के कार्यकाल को क्रमबद्ध (staggered) करने के लिए राष्ट्रपति आदेश जारी किया जाए, ताकि सभी सीटें एक साथ रिक्त न हों।  लेकिन कानून और न्याय मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कहा कि वर्तमान कानून, विशेषकर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of People Act, 1951) में इस प्रकार के आदेश का कोई प्रावधान मौजूद नहीं है।  मंत्रालय का यह भी कहना था कि यदि ऐसा करना है तो संसद को विधायी संशोधन करना होगा और यह प्रावधान केवल जम्मू–कश्मीर के लिए नहीं बल्कि उन सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए लागू होना चाहिए जिनकी राज्यसभा सीटों का कार्यकाल एक साथ समाप्त होता है।  2. राज्यसभा चुनावों की प्रक्रिया और जम्मू–कश्मीर की विशेष परिस्थिति राज्यसभा के चुनाव अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation by means of Single Transferable Vote) के आधार पर होते हैं, जिसमें संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की विधान सभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं।  जम्मू–कश्मीर में वर्ष 2019 में पुनर्गठन अधिनियम लागू होने के बाद विधानसभा भंग कर दी गई और राष्ट्रपति शासन लागू हो गया।  इस अवधि में वर्ष 2021 में चारों राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो गया और नई विधानसभा के अभाव में चुनाव नहीं हो सका।  सितंबर–अक्टूबर 2024 में विधानसभा चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं, लेकिन अब तक राज्यसभा चुनाव नहीं कराए गए हैं।  इस कारण जम्मू–कश्मीर पिछले चार वर्षों से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व से वंचित है।  संवैधानिक और कानूनी पहलू   1. अनुच्छेद 324 – चुनाव आयोग की स्वतंत्रता भारतीय संविधान का अनुच्छेद 324 चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से चुनाव कराने की शक्ति प्रदान करता है।  इस अनुच्छेद में स्पष्ट किया गया है कि चुनाव आयोग संसद और राज्य विधानसभाओं के चुनावों की देखरेख, निर्देशन और नियंत्रण करेगा।  हालांकि, जब चुनावी प्रक्रिया किसी विशेष कानून, जैसे कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 द्वारा सीमित हो जाती है, तब चुनाव आयोग अपने अधिकार का उपयोग केवल उसी दायरे में कर सकता है। यही कारण है कि जम्मू–कश्मीर के मामले में चुनाव आयोग को राष्ट्रपति आदेश की आवश्यकता पड़ी, जिसे कानून मंत्रालय ने अस्वीकार कर दिया।  2. अनुच्छेद 80(4) और राज्यसभा चुनाव भारतीय संविधान का अनुच्छेद 80(4) यह प्रावधान करता है कि राज्यसभा के सदस्य राज्य की विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने जाएंगे।  इसका अर्थ यह है कि जब तक विधानसभा अस्तित्व में नहीं होगी, तब तक राज्यसभा चुनाव संभव नहीं हो सकते।  जम्मू–कश्मीर के मामले में यह स्थिति वर्ष 2019 से 2024 तक बनी रही, जिसके कारण राज्यसभा चुनाव टल गए और क्षेत्र राज्यसभा में प्रतिनिधित्व से वंचित हो गया।  3. सुप्रीम कोर्ट और संविधान पीठ के प्रासंगिक निर्णय केशवानंद भारती बनाम राज्य केरल (1973): इस निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व संविधान की मूल संरचना का हिस्सा है। एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994): इस फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति शासन केवल अस्थायी उपाय है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की बहाली शीघ्र की जानी चाहिए। जम्मू–कश्मीर पुनर्गठन से संबंधित याचिकाएँ (2020–2023): संविधान पीठ ने यह माना कि संसद के पास पुनर्गठन करने का अधिकार है, किंतु लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को लंबे समय तक बाधित करना संविधान की भावना के विपरीत है। जम्मू–कश्मीर की राज्यसभा सीटों पर विवाद के प्रमुख मुद्दे (Key Issues) 1. प्रतिनिधित्व का अभाव और लोकतांत्रिक घाटा जम्मू–कश्मीर की चार राज्यसभा सीटें 2021 से रिक्त हैं, जिसके कारण इस केंद्रशासित

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2 September 2025 Current Affairs

  Topic : भारत का कैंसर मैप: एक विश्लेषण     चर्चा में क्यों :  विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, “वर्तमान में 30% से 50% कैंसर को जोखिम कारकों से बचाव और प्रभावी रोकथाम रणनीतियों के माध्यम से रोका जा सकता है।” भारत में कैंसर की व्यापकता पर आधारित एक हालिया रिपोर्ट से यह सामने आया है कि कैंसर एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है, जिसमें क्षेत्रीय असमानताएं और सामाजिक-आर्थिक कारण प्रमुख भूमिका निभाते हैं। UPSC पाठ्यक्रम: प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ। मुख्य परीक्षा: सामान्य अध्ययन II, III: स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित मुद्दे- विकास और उनके अनुप्रयोग पृष्ठभूमि भारत में कैंसर की निगरानी के लिए ICMR–नेशनल सेंटर फॉर डिज़ीज़ इन्फ़ॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च (NCDIR) द्वारा कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम संचालित किया जाता है।  इस कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 1981 में की गई थी और इसका उद्देश्य कैंसर की घटनाओं, मृत्यु दर और उपचार की सफलता का आकलन करना है। संविधान के अनुसार जन स्वास्थ्य राज्य सूची का विषय है, किंतु अनुच्छेद 47 के अंतर्गत राज्य को पोषण और जनस्वास्थ्य सुधार की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।  अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार माना है।  इस प्रकार कैंसर नियंत्रण केंद्र और राज्यों के बीच सहयोगात्मक संघवाद (Cooperative Federalism) का विषय है। 1. भारत में कैंसर का मौजूदा परिदृश्य भारत में कैंसर के मामलों पर आधारित 43 कैंसर रजिस्ट्री के विश्लेषण से यह सामने आया है कि किसी व्यक्ति के जीवनकाल में कैंसर विकसित होने का जोखिम लगभग 11 प्रतिशत है।  वर्ष 2024 में अनुमानित 15.6 लाख नए कैंसर मामलों और लगभग 8.74 लाख मौतों की सूचना दर्ज की गई।  ये रजिस्ट्री देश की 10 से 18 प्रतिशत आबादी को कवर करती हैं और 23 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों में संचालित होती हैं। 2. 2015–2019 का कैंसर डेटा और रुझान साल 2015 से 2019 के बीच एकत्र किए गए आंकड़ों में लगभग 7.08 लाख कैंसर मामलों और 2.06 लाख मौतों को दर्ज किया गया।  इस अध्ययन को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली, टाटा मेमोरियल और अड्यार कैंसर संस्थान जैसे प्रमुख शोध संस्थानों के विशेषज्ञों ने पूरा किया।  कोविड-19 महामारी के प्रभाव के कारण वर्ष 2020 के आंकड़े इसमें शामिल नहीं किए गए। 3. लिंग आधारित असमानताएँ भारत में महिलाओं में कैंसर के 51.1 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए, लेकिन मौतों का प्रतिशत केवल 45 रहा।  इसका कारण यह है कि महिलाओं में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसर जैसे स्तन और गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर आसानी से पहचाने और इलाज किए जा सकते हैं।  इसके विपरीत पुरुषों में सामान्य कैंसर जैसे फेफड़े और पेट का कैंसर देर से पकड़ में आते हैं और इनका परिणाम अपेक्षाकृत अधिक घातक होता है। 4. पुरुषों में मुँह का कैंसर पुरुषों में अब मुँह का कैंसर सबसे सामान्य कैंसर बन चुका है।  यह फेफड़ों के कैंसर से भी अधिक पाया जा रहा है। तम्बाकू सेवन में कमी (2009–10 में 34.6% से घटकर 2016–17 में 28.6% तक) आने के बावजूद मुँह के कैंसर में वृद्धि देखी जा रही है।  इसका कारण तम्बाकू के प्रभाव का लंबी अवधि में सामने आना और शराब जैसे अन्य जोखिम कारक हैं। 5. पूर्वोत्तर भारत : कैंसर का हॉटस्पॉट पूर्वोत्तर भारत, विशेषकर मिज़ोरम, देश का कैंसर हॉटस्पॉट है।  यहाँ पुरुषों में जीवनकाल का जोखिम 21.1 प्रतिशत और महिलाओं में 18.9 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है।  इसके पीछे उच्च तम्बाकू सेवन, अस्वस्थ आहार (फर्मेंटेड मांस, धूम्रित भोजन, अत्यधिक मसाले और गर्म पेय) तथा मानव पैपिलोमा वायरस (HPV), Helicobacter pylori और हेपेटाइटिस जैसी संक्रामक बीमारियों की अधिकता जिम्मेदार है। 6. कैंसर का भौगोलिक वितरण कैंसर का वितरण भारत के विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न प्रकार से दिखाई देता है। हैदराबाद में स्तन कैंसर की दर सबसे अधिक 54 प्रति 1,00,000 है। ऐज़ॉल में गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर 27.1 प्रति 1,00,000 पर सबसे अधिक है। श्रीनगर में पुरुषों में फेफड़ों का कैंसर 39.5 प्रति 1,00,000 पाया गया जबकि महिलाओं में ऐज़ॉल में इसकी दर 33.7 है। अहमदाबाद में पुरुषों में मुँह का कैंसर सबसे अधिक 33.6 है, जबकि महिलाओं में ईस्ट खासी हिल्स में यह दर 13.6 पाई गई। श्रीनगर में प्रोस्टेट कैंसर की दर 12.7 प्रति 1,00,000 दर्ज की गई। कैंसर क्या है? कैंसर बीमारियों का एक व्यापक समूह है,जो शरीर में कोशिकाओं के अनियंत्रित विकास और विभाजन के कारण होने वाली बीमारी है।  यह तब होता है जब सामान्य कोशिकाओं के DNA में उत्परिवर्तन होता है, जिससे अनियंत्रित कोशिका विभाजन होता है।   कैंसर के 100 से अधिक प्रकार हैं, और वे शरीर के लगभग किसी भी भाग में हो सकते हैं। ट्यूमर: कैंसर कोशिकाओं का एक समूह ट्यूमर बना सकता है, जो सौम्य (गैर-कैंसरयुक्त) या घातक (कैंसरयुक्त) हो सकता है। मेटास्टेसिस: घातक ट्यूमर मूल स्थान से शरीर के अन्य क्षेत्रों में फैल सकता है। कैंसर के प्राथमिक कारण कैंसर के विकास में कई जोखिम कारक योगदान करते हैं, लेकिन सटीक कारण अक्सर अज्ञात रहता है। कुछ प्राथमिक कारणों में शामिल हैं: तम्बाकू का उपयोग: धूम्रपान सबसे महत्वपूर्ण जोखिम कारक है, विशेष रूप से फेफड़े, मुँह, गले और एसोफैजियल कैंसर के लिए। रेडिएशन एक्सपोजर:  एक्स-रे, रेडॉन गैस और पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आना शामिल है, जो DNA  को नुकसान पहुंचा सकते हैं। संक्रमण: मानव पेपिलोमावायरस (HPV) और हेपेटाइटिस B और C जैसे वायरस गर्भाशय ग्रीवा और यकृत कैंसर जैसे कैंसर का कारण बन सकते हैं। आनुवंशिकी: विरासत में मिली आनुवंशिक उत्परिवर्तन, जैसे कि BRCA1 और BRCA2 जीन, स्तन और डिम्बग्रंथि के कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं। पर्यावरणीय कारक: रसायनों (एस्बेस्टस, बेंजीन) और प्रदूषकों के संपर्क में आने से कैंसर हो सकता है। जीवनशैली कारक: खराब आहार, शारीरिक निष्क्रियता, शराब का सेवन और मोटापा कई प्रकार के कैंसर से जुड़े हैं। आयु: मस्तिष्क ट्यूमर वृद्ध वयस्कों में अधिक आम है, लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकता है। कुछ प्रकार, जैसे मेडुलोब्लास्टोमा, बच्चों में अधिक आम हैं। ब्रेन कैंसर के बारे में         ब्रेन कैंसर का मतलब है मस्तिष्क में असामान्य कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि, जिससे ट्यूमर का निर्माण होता है।  ये ट्यूमर या तो प्राथमिक (मस्तिष्क में उत्पन्न होने वाले) या द्वितीयक (मेटास्टेटिक, शरीर के अन्य भागों से फैलने वाले) हो सकते हैं।  प्राथमिक ब्रेन कैंसर मस्तिष्क की

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