12 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
12 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत पारंपरिक चिकित्सा को डिजिटल पहचान देने वाले आयुष ग्रिड, भारतीय शिपिंग उद्योग को मजबूत करने के लिए कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग असिस्टेंस स्कीम (CMAS), तटीय सुरक्षा में मील का पत्थर बने Next Generation Offshore Patrol Vessel ‘श्रुति’ के जलावतरण, देश के 18 प्रमुख महानगरों को जलभराव से बचाने हेतु शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम (UFRMP), समुद्री क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने वाले सागरमाला स्टार्टअप एवं इनोवेशन इनिशिएटिव (S2I2), पूर्वोत्तर भारत के निर्यात को गति देने वाली अगरवुड तेल निर्यात रणनीति, भौगोलिक संकेतक (GI Tag) से समृद्ध ‘काला नमक चावल’ (बुद्ध का प्रसाद), तथा आयुर्वेद क्षेत्र में वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने के लिए CCRAS की ‘प्रयत्न’ पहल व डिजिटल डैशबोर्ड का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। आयुष ग्रिड: आयुष क्षेत्र का डिजिटल कायाकल्प चर्चा में क्यों? आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में आयुष ग्रिड परियोजना की प्रगति और इसके प्रमुख डिजिटल पोर्टलों की अद्यतन स्थिति साझा की। यह परियोजना आयुष क्षेत्र के डिजिटल रूपांतरण के लिए एक व्यापक आईटी बैकबोन के रूप में कार्य कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान, शिक्षा, औषधि प्रशासन और औषधीय पौधों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और सुशासन को बढ़ावा देना है। मुख्य बिंदु: आयुष ग्रिड का ढाँचा और प्रमुख डिजिटल पहलें 1. आयुष ग्रिड का मूल उद्देश्य और तकनीक 2. प्रमुख डिजिटल पोर्टल और सेवाएं 3. प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण आयुष ग्रिड और केंद्रीय आयुर्वेद विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS) के माध्यम से प्राचीन चिकित्सा ज्ञान को संरक्षित करने के लिए निम्नलिखित डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किए गए हैं: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य डिजिटल पोर्टल / पहल नोडल निकाय / मुख्य कार्य आयुष ग्रिड आयुष मंत्रालय की आईटी बैकबोन परियोजना। AHMIS ABDM-अनुपालन युक्त अस्पताल प्रबंधन प्रणाली। MAISP आयुष सेवाओं का मास्टर एकीकृत पोर्टल (maisp.ayush.gov.in)। e-Charak औषधीय पौधों का वर्चुअल मार्केटप्लेस (किसान-व्यापारी जुड़ाव)। AMAR / SAHI / E-Medha CCRAS द्वारा विकसित प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण प्लेटफॉर्म। कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग असिस्टेंस स्कीम (CMAS): भारत के समुद्री भविष्य का निर्माण चर्चा में क्यों? केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग असिस्टेंस स्कीम (CMAS) के माध्यम से भारत सरकार देश को वैश्विक समुद्री विनिर्माण (Maritime Manufacturing) का एक बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ₹10,000 करोड़ के कुल बजट वाली यह 5-वर्षीय योजना घरेलू स्तर पर शिपिंग कंटेनरों के विनिर्माण को प्रोत्साहन देगी, जिससे प्रतिवर्ष आयात होने वाले लगभग 20 लाख खाली कंटेनरों पर भारत की निर्भरता समाप्त हो सके। हाल ही में जुलाई 2026 में भारत ने Dadri (उत्तर प्रदेश) में अंतरराष्ट्रीय मानकों (ISO व CSC) के अनुरूप निर्मित पहले स्वदेशी EXIM कंटेनर का अनावरण कर इस क्षेत्र में व्यावसायिक सफलता का प्रमाण दिया है। मुख्य बिंदु: घरेलू विनिर्माण, आवश्यकता और समुद्री इकोसिस्टम 1. घरेलू कंटेनर निर्माण की आवश्यकता क्यों? 2. CMAS योजना की मुख्य विशेषताएं 3. एकीकृत समुद्री सुधार और पूरक पहलें प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग असिस्टेंस स्कीम (CMAS)। कुल आवंटन ₹10,000 करोड़ (5 वर्ष के लिए)। मापन इकाई TEU (Twenty-foot Equivalent Unit – 20 फीट का मानक कंटेनर)। वार्षिक उत्पादन लक्ष्य 7.5 लाख TEUs। BCSL बेड़ा 51 कंटेनर पोत (SCI, CONCOR आदि द्वारा संयुक्त पहल)। शिपबिल्डिंग पैकेज ₹70,000 करोड़। Next Generation Offshore Patrol Vessel: ‘श्रुति’ का जलावतरण चर्चा में क्यों? कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (M/s GRSE) में भारतीय नौसेना के Next Generation Offshore Patrol Vessel (NGOPV) श्रृंखला के यार्ड 3037 ‘श्रुति’ का जलावतरण किया गया। यह पोत भारतीय नौसेना के स्वदेशी पोत निर्माण अभियान की एक प्रमुख उपलब्धि है। यह पहल सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ विजन को और मजबूत करती है। मुख्य बिंदु: पोत की विशेषताएं, उद्देश्य और नामकरण 1. पोत की मुख्य भूमिका और संचालन 2. स्वदेशी निर्माण और निर्माण केंद्र 3. सांस्कृतिक जुड़ाव और प्रतीक चिन्ह प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पोत का नाम व यार्ड यार्ड 3037 ‘श्रुति’। श्रेणी Next Generation Offshore Patrol Vessel (NGOPV)। निर्माता संस्था GRSE, कोलकाता (तथा GSL, गोवा)। सांस्कृतिक संदर्भ ‘श्रुति’ शब्द चार वेदों को संदर्भित करता है। क्रेस्ट सिंबल सप्तर्षि तारामंडल (Ursa Major) और लाइटहाउस। शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम (UFRMP): 18 प्रमुख शहरों का कायाकल्प चर्चा में क्यों? गृह मंत्रालय (MHA) के राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में देश में शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम (UFRMP) के कार्यान्वयन और इसके वित्तीय आवंटन की विस्तृत स्थिति साझा की है। केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा शमन कोष (NDMF) के तहत इस कार्यक्रम को मंजूरी दी गई है, जिसका उद्देश्य शहरों में जलभराव रोकना और बुनियादी जल निकासी प्रणाली को मजबूत करना है। UFRMP के चरण-I के तहत 7 प्रमुख मेट्रो शहरों के लिए ₹3,075.65 करोड़ तथा चरण-II के अंतर्गत 11 अन्य महत्वपूर्ण शहरों के लिए ₹2,444.42 करोड़ का वित्तीय परिव्यय निर्धारित किया गया है। मुख्य बिंदु: UFRMP के चरण, कार्यान्वयन और निगरानी 1. योजना का दो-चरणीय ढांचा (Two Phases) 2. कार्यान्वयन और उद्देश्य 3. निगरानी और मूल्यांकन तंत्र (Monitoring & Evaluation) शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम (UFRMP) – वित्तीय आवंटन चरण कुल शहर मुख्य शहर कुल वित्तीय परिव्यय केंद्रीय सहायता (NDMF) चरण-I 07 अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई, पुणे ₹3075.65 करोड़ ₹2432.62 करोड़ चरण-II 11 भोपाल, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, जयपुर, कानपुर, पटना, रायपुर, तिरुवनंतपुरम, विशाखापट्टनम, इंदौर, लखनऊ ₹2444.42 करोड़ ₹2180.00 करोड़ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नोडल मंत्रालय गृह मंत्रालय (MHA)। तकनीकी निकाय राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA)। फंडिंग का स्रोत राष्ट्रीय आपदा शमन कोष (National Disaster Mitigation Fund – NDMF)। कुल आच्छादित शहर 18 शहर (7 मेट्रो + 11 Tier-2/राज्य राजधानी शहर)। सागरमाला स्टार्टअप एवं इनोवेशन इनिशिएटिव (S2I2) चर्चा में क्यों? केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में सागरमाला स्टार्टअप एवं इनोवेशन इनिशिएटिव (S2I2) की अद्यतन प्रगति साझा की। 19 मार्च 2025 को शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत के समुद्री क्षेत्र (Maritime Sector) में नवाचार और उद्यमिता का एक सशक्त इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके तहत देश के 36 स्टार्टअप्स को 40 वास्तविक समुद्री चुनौतियों के समाधान विकसित करने के लिए चुना गया है।