[{"Value":"","Discard":false,"Expires":9999999999}] करेंट अफेयर्स - Nirmanias

Give The Best…..Take The Best

करेंट अफेयर्स

करेंट अफेयर्स

14 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

14 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत वित्तीय क्षेत्र के लिए जारी ‘डिजिटल थ्रेट रिपोर्ट 2025-26’, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए आयोजित ‘एआई चैंपियन्स फॉर डिजिटल गवर्नेंस समिट’ तथा शिलॉन्ग में आयोजित ‘नेक्स्ट-जेन ई-गवर्नेंस प्रशासनिक सुधार सम्मेलन’ की प्रमुख नीतिगत चर्चाओं को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, शहरी जल सुरक्षा के लिए ‘कैच द रेन’ (AMRUT 2.0) अभियान, ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भरता बढ़ाने वाली ‘NIDAR 2.0’ (SwaYaan पहल) तथा भारत-जापान रक्षा नीति संवाद के 8वें संस्करण सहित सुरक्षा और संगठित अपराधों पर प्रहार करने वाले ‘ऑपरेशन वज्र’ (CBN) का संपूर्ण विश्लेषण किया गया है। RBI की फॉरेक्स स्वैप योजनाएं: FCNR(B), ECB और OFCB के जरिए विदेशी मुद्रा प्रवाह को मजबूती Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 13 जुलाई 2026 को केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों (MDs & CEOs) के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जून 2026 में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा घोषित FCNR(B) जमा, ECB (बाह्य वाणिज्यिक उधार) और OFCB (विदेशी मुद्रा उधार) के लिए विशेष फॉरेक्स स्वैप पहलों की प्रगति की समीक्षा करना और विदेशी मुद्रा प्रवाह को और गति देना है। फॉरेक्स स्वैप योजनाएं क्या हैं और इनका उद्देश्य? वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को मजबूत करने और भुगतान संतुलन (BoP) को अनुकूल बनाए रखने के लिए यह योजनाएं एक महत्वपूर्ण रक्षा कवच हैं: समीक्षा बैठक के मुख्य निष्कर्ष और रणनीतियाँ प्रारंभिक परीक्षा हेतु मुख्य तथ्य शब्दावली / घटक मुख्य तथ्य FCNR(B) खाता Foreign Currency Non-Resident (Bank) जमा खाता।इसे अनिवासी भारतीय (NRIs) भारत में विदेशी मुद्रा (जैसे डॉलर, पाउंड) में ही खोलते हैं। इसमें जमाकर्ता को विनिमय दर का जोखिम (Exchange Rate Risk) नहीं होता। ECB External Commercial Borrowings (बाह्य वाणिज्यिक उधार)।भारतीय कॉरपोरेट्स और बैंक व्यावसायिक गतिविधियों के लिए विदेशी स्रोतों से जो वाणिज्यिक ऋण लेते हैं, उसे ECB कहा जाता है। फॉरेक्स स्वैप यह एक ऐसी वित्तीय प्रक्रिया है जिसमें आरबीआई बैंकों से डॉलर खरीदता है और उसके बदले रुपये देता है, साथ ही भविष्य की एक निश्चित तारीख पर इसे वापस करने का समझौता होता है। यह बाजार में तरलता (Liquidity) और विनिमय दर को स्थिर रखता है। BFSI क्षेत्र के लिए डिजिटल थ्रेट रिपोर्ट 2025-26: साइबर सुरक्षा और AI असंतुलन Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 13 जुलाई 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने CERT-In, CSIRT-Fin और साइबर सुरक्षा फर्म SISA के सहयोग से भारत के बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (BFSI) तथा भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के लिए ‘डिजिटल थ्रेट रिपोर्ट 2025-26’ का दूसरा संस्करण जारी किया है। यह रिपोर्ट वित्तीय संस्थानों और नियामकों को डिजिटल भुगतान क्षेत्र में उभरते साइबर खतरों से निपटने का रोडमैप प्रदान करती है। रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष यह रिपोर्ट दर्शाती है कि तकनीकी नवाचार (Innovation) और उसके दुरुपयोग (Exploitation) के बीच का समय अब वर्षों से घटकर कुछ हफ्तों का रह गया है: साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रमुख संस्थान 1. CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) 2. CSIRT-Fin (कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम इन फाइनेंस) 3. SISA प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य विशिष्ट शब्द / निकाय मुख्य विशेषताएं CSIRT-Fin वित्तीय क्षेत्र के लिए विशिष्ट नोडल एजेंसी, जो बैंकिंग, शेयर बाजार, बीमा और पेंशन फंड के साइबर सुरक्षा प्रयासों का समन्वय करती है। AI Asymmetry वह स्थिति जहाँ साइबर अपराधियों के पास सुरक्षा नियामकों की तुलना में AI तकनीकों का उपयोग करके तेजी से और सस्ते में हमला करने की अधिक क्षमता होती है। 4-Layer Gap Archetype साइबर सुरक्षा में किसी प्रणालीगत विफलता के पीछे क्रमिक और आपस में जुड़ी कमजोरियों की पहचान करने वाला विश्लेषण ढांचा। ‘एआई चैंपियन्स फॉर डिजिटल गवर्नेंस’ शिखर सम्मेलन: लोक प्रशासन में एआई और डेटा-आधारित निर्णय क्षमता Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 13 से 15 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली के होटल सम्राट में तीन दिवसीय ‘एआई चैंपियन्स फॉर डिजिटल गवर्नेंस’ शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन भारत पर्यटन विकास निगम (ITDC), स्टैंडिंग कॉन्फ्रेंस ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेस (SCOPE) और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जो भारत सरकार के ‘इंडियाएआई मिशन’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिखर सम्मेलन के मुख्य और रणनीतिक बिंदु यह तीन दिवसीय कार्यक्रम सार्वजनिक क्षेत्र के नेतृत्व और प्रशासनिक अधिकारियों में व्यावहारिक एआई क्षमताओं के विकास पर केंद्रित है: आयोजक और सहयोगी संस्थान इस राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने में शामिल प्रमुख निकायों की प्रशासनिक भूमिका निम्नलिखित है: 1. लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) 2. क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission – CBC) 3. SCOPE (स्टैंडिंग कॉन्फ्रेंस ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेस) 4. ITDC (भारत पर्यटन विकास निगम) प्रारंभिक परीक्षा हेतु मुख्य तथ्य विशिष्ट घटक / पहल मुख्य तथ्य इंडियाएआई मिशन भारत सरकार की एक व्यापक राष्ट्रीय पहल जिसका उद्देश्य देश में एआई के नवाचार, कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे, स्टार्टअप्स और जिम्मेदार एआई उपयोग को बढ़ावा देना है। मिशन कर्मयोगी / CBC सिविल सेवा में ‘नियम-आधारित’ (Rule-based) व्यवस्था से ‘भूमिका-आधारित’ (Role-based) व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए क्षमता निर्माण आयोग (CBC) नोडल एजेंसी है। विकसित भारत @2047 भारत को अपनी स्वतंत्रता के 100वें वर्ष (2047) तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का विजन, जिसमें डिजिटल गवर्नेंस और एआई सक्षम प्रशासन एक मुख्य आधार स्तंभ है। नेक्स्ट-जेन प्रशासनिक और ई-गवर्नेंस सुधार: शिलॉन्ग राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 Why in News? (चर्चा में क्यों?) 13 जुलाई 2026 को केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शिलॉन्ग (मेघालय) में प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) तथा मेघालय सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘नेक्स्ट जनरेशन प्रशासनिक और ई-गवर्नेंस सुधार’ पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। पीएम मोदी के “रिफॉर्म एक्सप्रेस” के आह्वान के तहत, यह सम्मेलन विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एआई और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) आधारित भविष्य के सुधारों का खाका तैयार करता है। प्रमुख प्रशासनिक सुधार और डिजिटल पहल 1. अप्रचलित नियमों की समाप्ति (Repeal of Obsolete Rules) 2. CPGRAMS का कायाकल्प (Grievance Redressal) 3. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की सफलता 4. अन्य महत्वपूर्ण शासन नवाचार विशेष राष्ट्रव्यापी

करेंट अफेयर्स

13 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

13 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत संपन्न हुई ‘तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक’ और नागपुर घोषणापत्र, भारतीय कपड़ा उद्योग को सस्टेनेबल बनाने के लिए ‘चक्रीय वस्त्र अर्थव्यवस्था रोडमैप’, केरल के महान समाज सुधारक मन्नत पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण व नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) का ऐतिहासिक योगदान, तटीय सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगामी ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ अभियान 2026, तथा देश में वनीकरण को जन-आंदोलन बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘वृक्ष मित्र अभियान’ और मिशनLiFE जैसे परीक्षा-उपयोगी विषयों का व्यावहारिक व नीतिगत विश्लेषण। तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक: नागपुर घोषणापत्र और लॉजिस्टिक्स कूटनीति Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत महाराष्ट्र के नागपुर में तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक (3rd BRICS Transport Ministers’ Meeting) सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में सदस्य देशों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और परिवहन क्षेत्र को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सर्वसम्मति से एक ऐतिहासिक मंत्रिस्तरीय घोषणापत्र (Nagpur Ministerial Declaration) को अपनाया है। घोषणापत्र के प्रमुख स्तंभ और सहयोग के क्षेत्र इस रणनीतिक बैठक में ब्रिक्स देशों के बीच परिवहन कूटनीति को नया आयाम देने के लिए छह मुख्य प्राथमिकताओं पर सहमति बनी है: 1. परिवहन डीकार्बोनाइजेशन 2. सतत विमानन ईंधन (Sustainable Aviation Fuel – SAF) 3. बुनियादी ढांचे में चक्रीयता 4. शहरी गतिशीलता हब 5. लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग 6. ब्रिक्स रेलवे अनुसंधान नेटवर्क प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य विशिष्ट घटक / तथ्य महत्वपूर्ण तथ्य बैठक का स्थल तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक नागपुर, महाराष्ट्र में आयोजित की गई। ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 वर्ष 2026 के लिए ब्रिक्स (BRICS) समूह की अध्यक्षता भारत के पास है। अडॉप्टेड फ्रेमवर्क परिवहन मंत्रियों की बैठक से ठीक पहले 9-10 जुलाई को परिवहन कार्य समूह (Transport Working Group – TWG) के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरे एजेंडे को अंतिम रूप दिया था। सतत विमानन ईंधन (SAF) यह कृषि अपशिष्ट, प्रयुक्त खाना पकाने के तेल और ठोस कचरे से बनने वाला ईंधन है, जो विमानन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को 80% तक कम कर सकता है। भारत के कपड़ा क्षेत्र में चक्रीय अर्थव्यवस्था Why in News? (चर्चा में क्यों?) वैश्विक स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल (Sustainable) उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच भारत सरकार ने कपड़ा मूल्य श्रृंखला (Textile Value Chain) में चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया है। राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी 2025 के अनुसार, कपड़ा क्षेत्र भारत के जीडीपी में लगभग 2% और विनिर्माण जीवीए (Manufacturing GVA) में 11% का योगदान देता है। भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक है। 4.5 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देने वाले इस क्षेत्र को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए अब कच्चे माल से लेकर कचरा प्रबंधन (Waste Management) तक पूरी श्रृंखला को सस्टेनेबल बनाया जा रहा है। कपड़ा क्षेत्र में चक्रीयता के मुख्य आंकड़े भारत की पारंपरिक संसाधन-सचेत संस्कृति के कारण देश के कपड़ा क्षेत्र में रीसाइक्लिंग और पुनरुत्पादन का एक मजबूत ढांचा पहले से मौजूद है: स्थानीय कपड़ा कचरा रिकवरी के तीन सफल मॉडल 1. नवी मुंबई मॉडल 2. पानीपत हब (डाउनस्ट्रीम रीसाइक्लिंग) 3. मंगोलपुरी का कतरन बाजार उत्पादन के विभिन्न चरणों में सरकारी पहल उत्पादन का चरण प्रमुख सरकारी योजना/पहल मुख्य उद्देश्य एवं तथ्य इनपुट चरण (कच्चा माल) राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) इसके तहत जैविक कपास फाइबर (Organic Cotton) के प्रमाणीकरण मानकों को विनियमित किया जाता है, जिसे यूरोपीय आयोग द्वारा भी मान्यता प्राप्त है। जूट-ICARE (लॉन्च: 2015) जूट की उन्नत और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना। वर्ष 2024-25 तक इसका कवरेज बढ़कर 10 राज्यों के 2.15 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। न्यू एज फाइबर मिशन (MM-III) सिंथेटिक फाइबर के विकल्प के रूप में रामी, सिसाल और फ्लैक्स जैसे नए जमाने के प्राकृतिक फाइबर के उत्पादन को बढ़ावा देना। विनिर्माण चरण (उत्पादन) पीएम मित्रा (PM MITRA) पार्क इसके तहत ₹4,445 करोड़ के परिव्यय से 7 मेगा टेक्सटाइल पार्क (तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, मप्र, यूपी, महाराष्ट्र) स्वीकृत किए गए हैं, जहाँ वेस्ट-वाटर रीसाइक्लिंग अनिवार्य है। दिसंबर 2025 तक ₹27,434 करोड़ के निवेश समझौते हो चुके हैं। MSE-GIFT और MSE-SPICE (2023) कपड़ा क्षेत्र के MSMEs को हरित प्रौद्योगिकियां अपनाने के लिए 2% ब्याज सबवेन्शन (GIFT) तथा चक्रीय समाधानों के लिए 25% पूंजीगत सब्सिडी (SPICE) प्रदान करना। भारतीय कार्बन बाजार (ICM) कपड़ा क्षेत्र को कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS) के तहत अनिवार्य अनुपालन तंत्र में शामिल किया गया है, जिसके तहत कंपनियों को अपने स्कोप-1 और स्कोप-2 ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का खुलासा करना होगा। पोस्ट-प्रोडक्शन (कचरा प्रबंधन) ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी इन नियमों के तहत औद्योगिक इकाइयों (जैसे सीमेंट प्लांट) के लिए अपने ईंधन में कपड़ा कचरे से बने रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (RDF) का उपयोग 6 वर्षों में 5% से बढ़ाकर 15% करना अनिवार्य है। बाजार और प्रचार चरण इको-मार्क योजना, 2024 पर्यावरणीय मानदंडों को पूरा करने वाले कपड़ा उत्पादों के लिए 13 भारतीय मानक श्रेणियों के तहत ‘इको मार्क’ प्रमाणीकरण प्रदान करना। प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य मन्नाथु पद्मनाभन प्रतिमा अनावरण और मन्नम स्मृति मंडपम का उद्घाटन Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के द्वारका स्थित मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में महान समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी मन्नाथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण किया और ‘मन्नम स्मृति मंडपम’ का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन नायर सर्विस सोसाइटी (NSS), दिल्ली द्वारा किया गया था। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत एक पौधा भी लगाया। मन्नाथु पद्मनाभन: जीवन और सामाजिक योगदान केरल की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण इस आयोजन के दौरान उपराष्ट्रपति ने दिल्ली-एनसीआर में केरल की समृद्ध सांस्कृतिक और पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करने में नायर सर्विस सोसाइटी के प्रयासों की सराहना की। इसमें तीन प्रमुख कला रूप शामिल हैं: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य विशिष्ट घटक / शब्दावली महत्वपूर्ण तथ्य मन्नाथु पद्मनाभन केरल के महान समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और नायर सर्विस सोसाइटी (1914) के संस्थापक। श्री सी. पी. राधाकृष्णन वर्तमान

करेंट अफेयर्स

11&12 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

11&12 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत TReDSप्लेटफॉर्म की अनिवार्यता, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हस्ताक्षरित ऐतिहासिक ‘खेल सहयोग रोडमैप’, भारत-न्यूजीलैंड द्विपक्षीय वार्ता के तहत रणनीतिक साझेदारी व 2030 व्यापार लक्ष्य, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में PMFME योजना का 2 लाखवां मील का पत्थर, तथा देश की तटीय और डिजिटल सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए नवगठित ‘ब्यूरो ऑफ पोर्ट सिक्योरिटी’BoPS की उच्च स्तरीय समीक्षा जैसे गेम-चेंजर विषयों का व्यावहारिक व परीक्षा-उपयोगी विश्लेषण हैं। IND को वैश्विक सम्मान: एगमोंट ग्रुप प्लेनरी में मिली बड़ी कामयाबी Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में अज़रबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित ‘एगमोंट ग्रुप प्लेनरी’ के दौरान, भारत की वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) द्वारा सुलझाए गए एक बड़े पैमाने के साइबर धोखाधड़ी मामले को वैश्विक स्तर पर मान्यता देते हुए प्रतिष्ठित ‘बेस्ट एगमोंट केस अवार्ड’ (BECA) 2026 का रनर-अप (द्वितीय स्थान) घोषित किया गया है। निदेशक श्री अमित मोहन गोविल के नेतृत्व में FIU-IND द्वारा प्रस्तुत इस मामले को दुनिया भर के 182 सदस्य देशों के बीच शीर्ष दो फाइनलिस्टों में चुना गया, जो वित्तीय खुफिया और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ लड़ाई में भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व को दर्शाता है। क्रिप्टो और साइबर फ्रॉड का बड़ा नेटवर्क यह पूरा ऑपरेशन भारत के भीतर विभिन्न एजेंसियों के बीच मजबूत घरेलू समन्वय और वैश्विक स्तर पर त्वरित खुफिया जानकारी साझा करने का एक बेहतरीन उदाहरण है: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई और कानूनी परिणाम FIU-IND की परिचालन विश्लेषण रिपोर्ट के आधार पर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तुरंत देश भर में व्यापक कानूनी और खोजी कार्रवाई शुरू की: प्रारम्भिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य विशिष्ट संस्था / प्रणाली / पुरस्कार महत्वपूर्ण तथ्य FIU-IND (वित्तीय खुफिया इकाई-भारत) यह वित्त मंत्रालय के तहत वर्ष 2004 में स्थापित एक केंद्रीय राष्ट्रीय एजेंसी है, जो संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (STRs) से संबंधित सूचनाएं प्राप्त करने, उनका विश्लेषण करने और उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसियों को भेजने के लिए जिम्मेदार है। एगमोंट ग्रुप यह दुनिया भर के 182 देशों की वित्तीय खुफिया इकाइयों (FIUs) का एक अंतरराष्ट्रीय अनौपचारिक नेटवर्क है, जो मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग से निपटने के लिए खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है। BECA (बेस्ट एगमोंट केस अवार्ड) एगमोंट ग्रुप द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाने वाला यह पुरस्कार उन असाधारण परिचालन मामलों को मान्यता देता है जो वित्तीय खुफिया, जटिल जांच और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। एगमोंट सिक्योर वेब (ESW) यह एक अत्यंत सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड और निजी डिजिटल नेटवर्क है जिसके माध्यम से दुनिया भर की वित्तीय खुफिया इकाइयाँ संवेदनशील वित्तीय डेटा और मनी लॉन्ड्रिंग ट्रेल को आपस में साझा करती हैं। I4C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) यह केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के तहत संचालित एक नोडल निकाय है, जो देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से निपटने के लिए विभिन्न राज्यों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को एक एकीकृत मंच प्रदान करता है। मानव-वन्यजीव संघर्ष (HWC) पर उत्कृष्टता केंद्र और राष्ट्रीय पोर्टल का शुभारंभ Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित WII-SACON परिसर में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence on Human–Wildlife Conflict) का आधिकारिक उद्घाटन किया। इसके साथ ही देश भर में इस संकट की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए ‘राष्ट्रीय मानव-वन्यजीव संघर्ष पोर्टल’ (National Human-Wildlife Conflict Portal) भी लॉन्च किया गया। इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में “संघर्ष के बजाय सह-अस्तित्व और सद्भाव (Coexistence and Harmony)” को पारिस्थितिक स्थिरता का मूलमंत्र घोषित किया गया। सरकार की नई पहल और उसके रणनीतिक उद्देश्य बढ़ते आवास विखंडन (Habitat Fragmentation) और बदलते भूमि उपयोग पैटर्न के कारण मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव भारत की सबसे बड़ी संरक्षण चुनौती बन गया है। इससे निपटने के लिए सरकार ने त्रि-आयामी रणनीति अपनाई है: 1. उत्कृष्टता केंद्र (CoE) की स्थापना 2. राष्ट्रीय मानव-वन्यजीव संघर्ष पोर्टल (National HWC Portal) 3. महत्वपूर्ण वैज्ञानिक रिपोर्ट का विमोचन मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन के लिए व्यावहारिक रणनीतियाँ राष्ट्रीय कार्यशाला के तकनीकी सत्रों के दौरान तीन मुख्य स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया गया: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य विशिष्ट पहल / संस्थान महत्वपूर्ण तथ्य CoE on HWC मानव-वन्यजीव संघर्ष पर भारत का पहला केंद्रीय उत्कृष्टता केंद्र, जिसे कोयंबटूर (तमिलनाडु) में स्थापित किया गया है। WII-SACON Wildlife Institute of India – Salim Ali Centre for Ornithology and Natural History। साकन को अब भारतीय वन्यजीव संस्थान (Dehradun) के साथ एकीकृत कर उन्नत अनुसंधान केंद्र बनाया गया है। राष्ट्रीय HWC पोर्टल संघर्ष की घटनाओं की मैपिंग, डेटा संग्रह और नीतिगत निर्णयों के लिए लॉन्च किया गया देश का पहला एकीकृत राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल। प्रजाति सुधार कार्यक्रम इसके तहत संकटग्रस्त प्रजातियों के आवासों को बहाल करके भी मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्राकृतिक रूप से कम करने का प्रयास किया जाता है। TReDS अनिवार्य मैंडेट: एमएसएमई को वित्तीय सुरक्षा और त्वरित भुगतान Why in News? (चर्चा में क्यों?) केंद्रीय बजट 2026–27 में की गई एक बड़ी घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of MSME) ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इसके तहत अब सभी कार्यरत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) के लिए अपने MSME आपूर्तिकर्ताओं से खरीदे गए सामान और सेवाओं के सभी इनवॉइस (Invoices/विधेयकों) का निपटान अनिवार्य रूप से TReDS प्लेटफॉर्म के माध्यम से करना होगा। यह ऐतिहासिक निर्णय देश के लाखों छोटे उद्यमों को बिना किसी गारंटी (Collateral-free) के तत्काल कार्यशील पूंजी (Working Capital) सुनिश्चित करेगा। TReDS मैंडेट की प्रमुख विशेषताएं और रणनीतिक स्तंभ Delayed Payments के संकट को जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार ने इस अधिसूचना में तीन कड़े और दूरदर्शी प्रावधान किए हैं: 1. अनिवार्य निपटान और पारदर्शिता 2. भारत के लिए MSME क्षेत्र का महत्व 3. MSMEs के लिए इसके क्या मायने हैं? (What This Means for MSMEs) TReDS के बारे में (About TReDS) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य विशिष्ट प्रणाली / पोर्टल / नियम महत्वपूर्ण तथ्य TReDS (ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम) वर्ष 2017 में लॉन्च हुआ, RBI द्वारा विनियमित एक इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म, जो MSMEs के बिलों को भुनाने (Discounting) का काम करता है। उद्यम पोर्टल MSMEs के स्व-घोषणा आधारित मुफ्त ऑनलाइन पंजीकरण के लिए कपड़ा/MSME मंत्रालय का केंद्रीय पोर्टल। कोलेटरल-फ्री लोन TReDS पर मिलने वाले

करेंट अफेयर्स

10 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

10 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत-ऑस्ट्रेलिया PACTS साझेदारी, तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन 2026 की बड़ी उपलब्धियां, और कपड़ा क्षेत्र में MSMEs के विकास के लिए ITADCs व ATUFS योजना की विस्तृत। आंतरिक आर्थिक सुधारों के मोर्चे पर, यह बुलेटिन केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय द्वारा ग्रामीण और लघु उद्योगों के विकास के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत करता है, जिसके अंतर्गत पुराने पावरलूम सेंटर्स को अत्याधुनिक ‘एकीकृत कपड़ा और परिधान विकास केंद्रों’ (ITADCs) के रूप में बदलने और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने वाली ATUFS योजना के स्वतंत्र प्रभाव आकलन के शानदार आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है, SC-NBWL की 91वीं बैठक: विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन Why in News? (चर्चा में क्यों?) केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में तमिलनाडु के कोयंबटूर में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (SC-NBWL) की 91वीं बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जहां एक ओर 100 से अधिक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचागत विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई, वहीं दूसरी ओर देश की सबसे संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण के लिए कई बड़े नीतिगत निर्णय लिए गए। बैठक के प्रमुख नीतिगत निर्णय और रणनीतिक स्तंभ 1. समाधान-आधारित नीतिगत हस्तक्षेप बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव संरक्षण केवल कानूनी दायरा नहीं बल्कि वैज्ञानिक नियोजन का हिस्सा होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने तीन प्रमुख स्तंभों को एकीकृत करने की बात कही: 2. 100 से अधिक विकास परियोजनाओं की समीक्षा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत समिति ने देश भर के 100 से अधिक विकास प्रस्तावों का मूल्यांकन किया। 3. संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए दीर्घकालिक रणनीतियाँ बैठक के दौरान भारत की तीन सबसे महत्वपूर्ण और खतरे में पड़ी प्रजातियों के संरक्षण के लिए विशिष्ट रोडमैप पर चर्चा की गई और वैज्ञानिक प्रकाशन जारी किए गए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य विशिष्ट संस्था / प्रजाति / प्रणाली महत्वपूर्ण तथ्य राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) यह वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) है। भारत के प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं। NBWL की स्थायी समिति (SC-NBWL) इसकी अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री करते हैं। यही समिति व्यावहारिक रूप से वन्यजीव अभ्यारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास विकास परियोजनाओं को मंजूरी देती है। राइनो डीएनए इंडेक्सिंग (RhinoDGIS) यह गैंडों के डीएनए का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने की तकनीक है, जिससे शिकार किए गए सींगों की फोरेंसिक जांच कर अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलती है। पिग्मी हॉग वैज्ञानिक नाम: Porcula salvania। यह दुनिया का सबसे छोटा जंगली सुअर है जो मुख्य रूप से असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान के ऊंचे घास के मैदानों (Terai Grasslands) में पाया जाता है। IUCN स्थिति: Critically Endangered। ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) यह राजस्थान का राज्य पक्षी है और मुख्य रूप से डेजर्ट नेशनल पार्क में पाया जाता है। IUCN स्थिति: Critically Endangered। यह भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे भारी उड़ने वाले पक्षियों में से एक है। प्रजाति सुधार कार्यक्रम (Species Recovery Programme) यह एकीकृत वन्यजीव आवास विकास (IDWH) योजना के तहत एक केंद्रीय घटक है, जिसके तहत अत्यधिक संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाने के लिए विशेष वित्तीय सहायता दी जाती है। भारत PACTS साझेदारी: साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन Why in News? (चर्चा में क्यों?) 9 जुलाई 2026 को भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को आगे बढ़ाते हुए ‘ऑस्ट्रेलिया-भारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन साझेदारी’ (PACTS) की घोषणा की है। यह नया समझौता वर्ष 2020 के पुराने फ्रेमवर्क व्यवस्था का स्थान लेगा और हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में दोनों देशों की तकनीकी प्राथमिकताओं को एक नया रणनीतिक आयाम देगा। PACTS के तहत सहयोग के 5 प्रमुख स्तंभ यह साझेदारी सरकार, निजी क्षेत्र, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए निम्नलिखित पांच स्तंभों पर केंद्रित है: 1. आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन और विविधीकरण 2. क्रिटिकल टेक्नोलॉजी 3. साइबर सुरक्षा 4. डिजिटल लचीलापन 5. रक्षा अनुसंधान सहयोग गवर्नेंस और प्रशासनिक ढांचा इस साझेदारी की प्रभावी निगरानी के लिए एक मजबूत द्विपक्षीय संरचना तैयार की गई है: विभागीय नेतृत्व: स्तंभ भारतीय नेतृत्व ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व 1. सप्लाई चेन लचीलापन राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) साइबर मामलों और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के राजदूत का कार्यालय 2. क्रिटिकल टेक्नोलॉजी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) साइबर मामलों और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के राजदूत का कार्यालय 3. साइबर सुरक्षा साइबर कूटनीति प्रभाग, विदेश मंत्रालय (MEA) साइबर मामलों और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के राजदूत का कार्यालय 4. डिजिटल लचीलापन ओशिनिया प्रभाग, विदेश मंत्रालय (MEA) साइबर मामलों और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के राजदूत का कार्यालय 5. रक्षा अनुसंधान रक्षा मंत्रालय (MoD) रक्षा विभाग (Department of Defence) प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष प्रमुख तथ्य महत्वपूर्ण शब्दावली प्रमुख तथ्य PACTS इसका पूरा नाम Australia-India Partnership on Cyber, Critical Technologies and Supply Chains है, जिसने 2020 के पुराने फ्रेमवर्क का स्थान लिया है। DPI (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर) यह डिजिटल पहचान, भुगतान प्रणाली और डेटा विनिमय के खुले, इंटरऑपरेबल नेटवर्क को संदर्भित करता है। भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में इसके विस्तार के लिए अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अंडरसी केबल्स महासागरों के तल पर बिछाई गई फाइबर-ऑप्टिक केबल जो दुनिया का 95% से अधिक इंटरनेट डेटा ट्रांसफर करती हैं। रणनीतिक रूप से यह बेहद संवेदनशील बुनियादी ढांचा है। क्रिटिकल मिनरल्स ऐसे खनिज (जैसे कोबाल्ट, लिथियम, रेयर अर्थ एलिमेंट्स) जो आधुनिक तकनीक, ग्रीन एनर्जी और रक्षा उपकरणों के लिए अनिवार्य हैं, और जिनकी सप्लाई चेन पर चीन का दबदबा है। तीसरा भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन: रणनीतिक संबंधों को मिली नई ऊंचाई Why in News? (चर्चा में क्यों?) प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज द्वारा आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। यह बैठक दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के सफल 6 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की और सुरक्षा से लेकर संस्कृति तक कई ऐतिहासिक समझौतों पर मुहर लगाई। शिखर सम्मेलन के प्रमुख बिंदु और द्विपक्षीय कूटनीति 1. आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी (CECA की दिशा में कदम) 2. रणनीतिक एवं बहुपक्षीय सहयोग 3. सांस्कृतिक पुरावशेषों की वापसी ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों द्वारा भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े

करेंट अफेयर्स

9 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

9 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत-ऑस्ट्रेलिया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEOs) फोरम, हाई-सीज़ (High Seas) मत्स्यपालन के लिए प्राधिकरण पत्र (LoA), भुवनेश्वर घोषणापत्र (TRIs का कायाकल्प), उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE रिपोर्ट), ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक और रक्षा क्षेत्र में पिनाका रॉकेट प्रणाली के नए मील के पत्थर जैसे महत्वपूर्ण विषयों को यूपीएससी पाठ्यक्रम (UPSC Syllabus) के अनुसार विश्लेषित किया गया है। वर्षा सिंचित क्षेत्रों के लिए डेटा सृजन और सुलभता को मजबूत करना Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 8 जुलाई 2026 को केंद्रीय कृषि मंत्रालय के तहत कार्यरत राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण (NRAA) ने नई दिल्ली के पूसा (PUSA) परिसर में एक दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक का आयोजन किया है। इस परामर्श का मुख्य विषय “भारत के वर्षा सिंचित क्षेत्रों में कुशल परियोजना योजना और कार्यान्वयन के लिए गुणवत्तापूर्ण डेटा सृजन और प्रसार: बाधाओं को दूर करने की चुनौतियों का समाधान” था। इस बैठक का प्राथमिक उद्देश्य राज्यों के कृषि विभागों की वास्तविक डेटा आवश्यकताओं को समझना और गुणवत्तापूर्ण डेटा की कमी से पैदा होने वाली जमीनी बाधाओं को दूर करना है। भारत का लगभग 50% से अधिक कृषि क्षेत्र वर्षा पर निर्भर है, जहाँ बिना सटीक डेटा के किसी भी कल्याणकारी योजना का सफल होना असंभव है: वर्षा सिंचित क्षेत्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण डेटा की आवश्यकता क्यों? डेटा सृजन और साझाकरण की संस्थागत व्यवस्था इस राष्ट्रीय परामर्श के दौरान दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिसमें देश के प्रमुख अनुसंधान संगठनों ने अपने डेटाबेस और चुनौतियों को प्रस्तुत किया: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य संगठन / संस्थान महत्वपूर्ण तथ्य NRAA (राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण) यह केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत एक विशेषज्ञ निकाय है, जो देश के शुष्क और वर्षा आधारित क्षेत्रों के सतत विकास के लिए नीतियां बनाता है। क्रिडा केंद्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, जो हैदराबाद में स्थित है और बारानी (Dryland) खेती पर शोध करता है। NBSSLUP राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण और भूमि उपयोग योजना ब्यूरो, जो भारत की मृदा आनुवंशिकी और भूमि क्षमता का मानचित्रण करता है। MNCFC महालनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र, जो कृषि में रिमोट सेंसिंग और उपग्रह डेटा के उपयोग को बढ़ावा देता है। भुवनेश्वर घोषणापत्र — जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (TRIs) का कायाकल्प Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7-8 जुलाई 2026 को जनजातीय मामलों के मंत्रालय और ओडिशा सरकार द्वारा भुवनेश्वर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन ऐतिहासिक ‘भुवनेश्वर घोषणापत्र’ को अपनाने के साथ हुआ। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य देश के जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (Tribal Research Institutes – TRIs) की संस्थागत क्षमता को मजबूत करना और उन्हें ‘विकसित भारत @2047’ के विजन के अनुरूप साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (Evidence-based policymaking) के केंद्रों के रूप में विकसित करना है। भुवनेश्वर घोषणापत्र के प्रमुख बिंदु कार्यशाला के रणनीतिक सत्र सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले संस्थान कार्यशाला में जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और उत्कृष्ट शोध के लिए देश के 7 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले TRIs को सम्मानित किया गया: राज्य पुरस्कृत जनजातीय अनुसंधान संस्थान (TRI) छत्तीसगढ़ जनजातीय अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) ओडिशा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (SCSTRTI) त्रिपुरा जनजातीय अनुसंधान और सांस्कृतिक संस्थान (TRCI) महाराष्ट्र जनजातीय अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) केरल किर्टाड्स (KIRTADS – केरल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति जनजातीय अनुसंधान संस्थान) तेलंगाना जनजातीय सांस्कृतिक अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (TCRTI) झारखंड डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण अनुसंधान संस्थान माउंटेन ख्याम त्सो मैसिफ पर सफल पर्वतारोहण अभियान Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 8 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्रालय के तहत कार्यरत जवाहर पर्वतारोहण और शीतकालीन खेल संस्थान (JIM & WS), पहलगाम के 22 सदस्यीय दल ने लद्दाख के सुदूर रुमत्से फू क्षेत्र में स्थित माउंट ख्याम त्सो मैसिफ पर सफलतापूर्वक फतह हासिल की है। कर्नल हेम चंद्र सिंह के नेतृत्व में 26 जून 2026 को शुरू हुए इस अभियान ने न केवल दुर्गम चोटियों को फतह किया, बल्कि इस क्षेत्र में साहसिक खेलों के मामले में कुछ नए रिकॉर्ड भी स्थापित किए हैं। अभियान की मुख्य उपलब्धियां और भौगोलिक तथ्य अत्यंत प्रतिकूल मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करते हुए इस दल ने एक ही श्रृंखला (Massif) की कई चोटियों पर तिरंगा फहराया: मैसिफ क्या होता है?: भूगोल में ‘मैसिफ’ पहाड़ों के उस समूह या ब्लॉक को कहा जाता है, जो अपनी ही श्रृंखला में आसपास की चोटियों से बहुत अधिक स्पष्ट और ऊंचा होता है। यह आपस में जुड़ी कई चोटियों का एक दुर्गम समूह होता है। संस्थान की पृष्ठभूमि: JIM & WS प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य भौगोलिक स्थल / शब्दावली महत्वपूर्ण तथ्य ख्याम त्सो मैसिफ यह लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश के रुमत्से फू क्षेत्र में स्थित एक अत्यंत दुर्गम और अल्प-अन्वेषित (Unexplored) पर्वत श्रृंखला है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड लद्दाख की किसी चोटी पर 5600 मीटर की ऊंचाई से पहली बार पैराग्लाइडिंग की सफल लॉन्चिंग की गई। JIM & WS रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत कार्य करने वाला शीतकालीन खेल और पर्वतारोहण संस्थान (पहलगाम)। ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक 2026 — वैश्विक मंच पर महिला-नेतृत्व वाला पंचायती राज Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 8 जुलाई 2026 को भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत केरल के कोच्चि में ‘ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक’ का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान पंचायती राज मंत्रालय ने “जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाना” विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया। इसमें भारत ने दुनिया के सामने अपने ‘महिला-नेतृत्व वाले पंचायती राज’ को समावेशी और लोकतांत्रिक शासन के एक वैश्विक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। भारतीय स्थानीय स्वशासन में महिला सशक्तिकरण के प्रमुख स्तंभ मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत ने जमीनी स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई नीतिगत सुधार किए हैं: 1. वास्तविक नेतृत्व और राष्ट्रीय पुरस्कारों में पहचान 2. सशक्त पंचायत नेत्री अभियान 3. मॉडल वीमेन-फ्रेंडली ग्राम पंचायत 4. सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) का स्थानीयकरण और PAI प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य योजना / सूचकांक / बैठक महत्वपूर्ण तथ्य BRICS महिला मंत्रिस्तरीय बैठक 2026 इसका आयोजन भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत केरल के कोच्चि में किया गया। सशक्त पंचायत नेत्री अभियान मार्च

करेंट अफेयर्स

8 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

8 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत की डिजिटल कूटनीति की बड़ी सफलता के रूप में भारत के ONDC मॉडल पर आधारित इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) की शुरुआत, प्रधानमंत्री को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतंग अदिपूर्णा’, शिक्षा मंत्रालय की ऐतिहासिक UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट, राज्यों व जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI 2.0 और PGI-D) का विमोचन, तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में पूर्वोत्तर भारत को वैश्विक पहचान दिलाने वाली मिजोरम के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम को भारत का 21वां नामित रिपोजिटरी घोषित किए जाने की अधिसूचना। कामराजार पोर्ट बना 18-मीटर ड्राफ्ट क्षमता वाला देश का दूसरा प्रमुख बंदरगाह Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7 जुलाई 2026 को पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, कामराजार पोर्ट लिमिटेड (KPL) ने अपने ‘कैपिटल ड्रेजिंग चरण-VI’ (Capital Dredging Phase VI) प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इस विकास के साथ ही यह बंदरगाह अब 18.0 मीटर के परिचालन ड्राफ्ट (Operational Draft) की क्षमता हासिल करने वाला विशाखापत्तनम पोर्ट के बाद देश का दूसरा ‘मेजर पोर्ट’ बन गया है। प्रोजेक्ट के मुख्य वित्तीय और तकनीकी घटक बंदरगाह की परिचालन क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं: रणनीतिक और आर्थिक महत्व (Economic & Strategic Impacts) यह परियोजना ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ और ‘मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य बंदरगाह / घटक महत्वपूर्ण तथ्य कामराजार पोर्ट यह तमिलनाडु के चेन्नई (एन्नोर) में स्थित है. यह भारत का पहला कॉरपोरेटाइज्ड मेजर पोर्ट (कंपनी के रूप में पंजीकृत सरकारी बंदरगाह) है। 18-मीटर ड्राफ्ट वाले भारत के मेजर पोर्ट पहला: विशाखापत्तनम पोर्ट (आंध्र प्रदेश), दूसरा: कामराजार पोर्ट (तमिलनाडु)। Capesize Vessels ये वे बहुत बड़े मालवाहक जहाज होते हैं जो स्वेज या पनामा नहरों से नहीं गुजर सकते और उन्हें ‘केप ऑफ गुड होप’ या ‘केप हॉर्न’ से होकर जाना पड़ता है. इनके लिए गहरा ड्राफ्ट (कम से कम 18 मीटर) अनिवार्य होता है। डेडवेट टनेज (DWT) यह किसी जहाज की कुल सुरक्षित वजन उठाने की क्षमता (कार्गो, ईंधन, चालक दल आदि सहित) का माप है। कपास उत्पादकता मिशन (कपास कांति) — भारतीय कपड़ा क्षेत्र में नई क्रांति Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7 जुलाई 2026 को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन को कपास उत्पादकता मिशन (कपास कांति) की प्रगति और रूपरेखा के बारे में विस्तृत जानकारी दी. उपराष्ट्रपति ने इस मिशन के समग्र दृष्टिकोण की सराहना करते हुए नई तकनीकों को तेजी से अपनाने और वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया। मिशन के तीन सबसे महत्वपूर्ण घटक मिशन की रणनीतिक आवश्यकता और मुख्य एजेंडा प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य संगठन / पहल महत्वपूर्ण तथ्य मिशन का नाम कपास उत्पादकता मिशन (कपास कांति)। संबंधित मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त पहल। कस्तूरी कॉटन भारतीय कपास की ब्रांडिंग, ट्रेसेबिलिटी और प्रीमियम गुणवत्ता प्रमाणन के लिए भारत सरकार की फ्लैगशिप पहल। किसान कपास ऐप कपास किसानों की बाजार तक पहुंच और डिजिटल सहायता सुनिश्चित करने वाला ऐप। राज्यों और जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI 2.0 और PGI-D) रिपोर्ट 2025-26 Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2.0 (PGI-S) और जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI-D) की संयुक्त रिपोर्ट (वर्ष 2025-26) जारी की है. भारत की विशाल स्कूली शिक्षा प्रणाली (14.67 लाख से अधिक स्कूल, 1.03 करोड़ शिक्षक और लगभग 24.72 करोड़ छात्र) की गुणवत्ता और प्रशासनिक कमियों को ट्रैक करने के लिए यह रिपोर्ट एक मार्गदर्शक का काम करती है। परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI-S 2.0): राज्यों की ग्रेडिंग PGI-S का मुख्य उद्देश्य राज्यों को रैंक देने के बजाय उन्हें ‘समान प्रदर्शन बैंड’ या ग्रेड में रखकर एक स्वस्थ और रचनात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI-D) राज्यों के बाद शासन की सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई यानी जिला स्तर पर शिक्षा की वास्तविक स्थिति को मापने के लिए शिक्षा मंत्रालय PGI-D सूचकांक जारी करता है. इसका मुख्य फोकस शैक्षिक नीतियों के परिणाम आधारित मापन (Outcome Measurement) पर है। प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य सूचकांक / घटक महत्वपूर्ण तथ्य नोडल मंत्रालय केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग)। PGI-S 2.0 (राज्यों के लिए) कुल 1000 अंक, 2 मुख्य श्रेणियां और 6 डोमेन पर आधारित। PGI-D (जिलों के लिए) कुल 600 अंक, 6 श्रेणियां और 11 डोमेन पर आधारित। मुख्य डेटा प्रदाता UDISE+ (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस) और परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024। मिजोरम का नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम बना भारत का 21वां नामित रिपोजिटरी Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7 जुलाई 2026 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, मिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम (NHM) को जैव विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 39 के तहत ‘नामित रिपोजिटरी’ (Designated Repository) घोषित किया गया है. 19 जून 2026 को जारी इस आधिकारिक अधिसूचना के बाद यह म्यूजियम भारत का 21वां नामित रिपोजिटरी बन गया है, जो उत्तर-पूर्वी भारत की समृद्ध जैविक संपदा के संरक्षण में एक बड़ा मील का पत्थर है। नामित रिपोजिटरी (Designated Repository) क्या है और इसका महत्व? भारत के जैव विविधता शासन ढांचे (Biodiversity Governance Framework) में इनका स्थान बेहद महत्वपूर्ण होता है: मिजोरम नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम (NHM) की विशेषताएं वैश्विक और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / शब्दावली महत्वपूर्ण तथ्य 21वां नामित रिपोजिटरी नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम (NHM), मिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल। वैधानिक प्रावधान जैव विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 39 के तहत केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित (राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण – NBA की सिफारिश पर)। Leptobrachella tamdil मिजोरम में खोजी गई एक स्थानिक उभयचर (Amphibian) प्रजाति। बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट मिजोरम भारत के इंडो-बर्मा हॉटस्पॉट का हिस्सा है। Ex-situ Conservation जीवों या वनस्पतियों को उनके प्राकृतिक आवास से दूर (जैसे म्यूजियम, जीन बैंक,

करेंट अफेयर्स

7 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

7 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत ग्रामीण और स्वदेशी शिल्पकारों को वैश्विक मंच प्रदान करने वाला वस्त्र मंत्रालय का ‘इंडियाहैंडमेड’ पोर्टल, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए गठित वैधानिक निकाय CAQM की हालिया दंडात्मक एवं नियामक कार्रवाइयाँ, देश के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूती देने वाली NHLML की मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचा परियोजनाएं, भारत-EFTA व्यापार समझौते (TEPA) के तहत भारतीय समुद्री खाद्य (Seafood) क्षेत्र के लिए खुले नए वैश्विक द्वार, सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूरे होने पर लॉन्च की गई e-PACS, सहकार सहयोगी AI प्लेटफॉर्म व ‘भारत टैक्सी’ जैसी डिजिटल क्रांतियां, तथा जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (TRIs) को भविष्य के लिए तैयार करने हेतु अपनाई जाने वाली ‘भुवनेश्वर घोषणा’ और ‘TribeX’ प्लेटफॉर्म जैसे अति-महत्वपूर्ण अध्यायों को समाहित किया गया है। इंडियाहैंडमेड पोर्टल — हस्तशिल्प विरासत का डिजिटल सेतु Why in News? (चर्चा में क्यों?) हैंडलूम और हस्तशिल्प क्षेत्र को सीधे डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए वस्त्र मंत्रालय (Ministry of Textiles) के तहत डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित ‘इंडियाहैंडमेड’ पोर्टल ग्रामीण कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण का एक बड़ा माध्यम बनकर उभरा है. वर्ष 2023 में लॉन्च किया गया यह समर्पित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बिचौलियों को समाप्त कर बुनकरों और शिल्पकारों को सीधे वैश्विक खरीदारों से जोड़ रहा है। हस्तशिल्प क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और महिला भागीदारी भारत का हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र देश की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार का एक बड़ा आधार है: ‘इंडियाहैंडमेड’ पोर्टल की अनूठी विशेषताएं और कार्यप्रणाली प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / टर्म महत्वपूर्ण तथ्य इंडियाहैंडमेड पोर्टल वर्ष 2023 में लॉन्च किया गया एक नो-कमीशन डिजिटल मार्केटप्लेस। नोडल मंत्रालय वस्त्र मंत्रालय (तकनीकी विकास: डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन)। वर्कफोर्स डेटा देश के कुल हथकरघा बुनकरों में 71% महिला कार्यबल शामिल है। GST छूट विकल्प बिना जीएसटी वाले छोटे शिल्पी Enrolment ID से सिर्फ अपने राज्य में व्यापार कर सकते हैं। CAQM द्वारा एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण नियमों की समीक्षा Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 6 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की प्रवर्तन कार्यबल (Enforcement Task Force – ETF) की 134वीं बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में दिल्ली-एनसीआर (NCR) में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में की गई कानूनी कार्रवाइयों, औचक निरीक्षणों और नियमों के अनुपालन की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। कार्रवाई और निरीक्षण रिपोर्ट: मुख्य आंकड़े संचयी (cumulative) प्रवर्तन स्थिति 6 जुलाई 2026 तक के संचयी आंकड़ों के अनुसार, CAQM के फ्लाइंग स्क्वॉड ने अब तक कुल 27,750 इकाइयों/परियोजनाओं का निरीक्षण किया है. इन निरीक्षणों के आधार पर: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य निकाय / घटक महत्वपूर्ण तथ्य CAQM यह एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है, जिसे संसद के अधिनियम द्वारा दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की निगरानी और सुधार के लिए गठित किया गया है। ETF और फ्लाइंग स्क्वॉड यह CAQM के तहत प्रवर्तन विंग है, जिसके पास प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद करने, सील करने और जुर्माना लगाने का अधिकार है। प्रदूषण के तीन प्राथमिक स्रोत औद्योगिक उत्सर्जन (Industrial Emissions), निर्माण गतिविधियां (C&D) और अवैध डीजल जनरेटर (DG Sets)। भारत में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 6 जुलाई 2026 को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (NHLML) की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में देश भर में विकसित किए जा रहे मल्टी मोडल लॉजिस्टिक्स पार्कों (MMLPs), रोपवे (Ropeways), इंटरमॉडल स्टेशनों और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे वे-साइड एमेनिटीज की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया गया। परियोजनाओं की रणनीतिक प्रासंगिकता और मुख्य उद्देश्य NHLML के तहत विकसित हो रहे प्रमुख घटक प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य संगठन / परियोजना महत्वपूर्ण तथ्य NHLML National Highways Logistics Management Limited — यह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की पूर्ण स्वामित्व वाली विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) कंपनी है। नोडल मंत्रालय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार। MMLP का उद्देश्य माल ढुलाई की लागत को कम करना, जो वर्तमान में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अनुपात में वैश्विक मानकों से अधिक है। मुख्य फोकस क्षेत्र MMLPs, रोपवे, इंटरमॉडल स्टेशन और वे-साइड एमेनिटीज। भारत-EFTA TEPA के तहत समुद्री खाद्य क्षेत्र के लिए अवसर Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में वाणिज्य विभाग (Department of Commerce), भारत सरकार द्वारा 3 जुलाई 2026 को चेन्नई ट्रेड सेंटर में “भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के तहत समुद्री खाद्य क्षेत्र के लिए अवसर” विषय पर एक ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन किया गया. इस उच्च स्तरीय विचार-विमर्श सत्र का आयोजन ‘सीफूड एक्सपो भारत 2026’ के इतर किया गया था। भारत-ईएफटीए टेपा: प्रमुख आर्थिक और रणनीतिक बिंदु समुद्री खाद्य निर्यातकों के लिए विशिष्ट टैरिफ रियायतें TEPA के तहत भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय बाजारों में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण सीमा शुल्क लाभ दिए गए हैं: चिंतन शिविर के मुख्य एजेंडे प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / संगठन महत्वपूर्ण तथ्य EFTA देश आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड। TEPA समझौता लक्ष्य $100 बिलियन का निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन। शून्य आयात शुल्क लाभ आइसलैंड और नॉर्वे द्वारा फिश/श्रिंप फीड पर तथा स्विट्जरलैंड द्वारा फिश ऑयल पर सीमा शुल्क शून्य। नोडल हितधारक वाणिज्य विभाग, इन्वेस्ट इंडिया, DGFT, EIC, और FIEO। सहकार से समृद्धि — भारत के सहकारी आंदोलन के सुदृढ़ीकरण के 5 वर्ष Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 6 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation) का पांचवां स्थापना दिवस मनाया गया. 6 जुलाई 2021 को स्थापित इस मंत्रालय ने ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के साथ पिछले 5 वर्षों में 152 से अधिक ऐतिहासिक और नीतिगत सुधारों को लागू कर भारतीय सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र का पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया है। स्थापना दिवस की मुख्य डिजिटल और अवसंरचनात्मक पहलें मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस के अवसर पर ग्रामीण और बैंकिंग सहकारी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए: ढांचागत सुधार और प्रगति (Scale & Structural Reforms) 1. PACS का बहु-सेवा केंद्रों (Multi-Service Centres)

करेंट अफेयर्स

6 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

6 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार विजेता ICMR-MINDS प्लेटफॉर्म, ग्रामीण भारत के डिजिटल सुशासन का आधार स्तंभ लोकोसऔर SHE-LEAPS ऐप, भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में साणंद में स्थापित CG Semi OSAT सुविधा, ₹29,000 करोड़ की लागत वाली संशोधित उड़ान योजना, ईंधन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का प्रमाण E20 इथेनॉल कार्यक्रम, तथा भारत-इजरायल द्विपक्षीय निवेश समझौता (BIA) जैसे अति-महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। ICMR-MINDS को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार 2026 Why in News? (चर्चा में क्यों?) 1-2 जुलाई 2026 को जयपुर (राजस्थान) में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (NCeG) के दौरान भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की प्रमुख पहल ICMR-MINDS को प्रतिष्ठित स्वर्ण पुरस्कार (Gold Award) से सम्मानित किया गया है। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा यह पुरस्कार “नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए एआई (AI) और अन्य नई तकनीकों के उपयोग में नवाचार” श्रेणी के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा प्रदान किया गया। ICMR-MINDS क्या है और यह कैसे काम करता है? यह मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार के माध्यम से जमीनी स्तर पर बड़े सुधार लाने वाली एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान प्राथमिकता परियोजना है। परियोजना का भौगोलिक विस्तार और कार्यान्वयन यह महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल वर्तमान में देश के 7 राज्यों में संबंधित राज्य स्वास्थ्य विभागों और 7 प्रमुख भागीदार संस्थानों के सहयोग से चलाई जा रही है: राज्य सहयोगी संस्थान (Collaborating Institutions) असम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), गुवाहाटी गुजरात गुजरात मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (GIMH), अहमदाबाद हरियाणा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली कर्नाटक सेंट जॉन्स मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु मध्य प्रदेश अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), भोपाल ओडिशा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), भुवनेश्वर पंजाब पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य लोकोस प्लेटफॉर्म — ग्रामीण आजीविका का डिजिटल आधार स्तंभ Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत लोकोस डिजिटल प्लेटफॉर्म ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन, पारदर्शिता और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के नेटवर्क के भीतर सालाना ₹2 लाख करोड़ के वित्तीय लेनदेन को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जा रहा है। LokOS प्लेटफॉर्म क्या है और इसके मुख्य कार्य? लोकोस (Lok = लोग, OS = ऑपरेटिंग सिस्टम) एक व्यापक वेब और मोबाइल एप्लिकेशन प्लेटफॉर्म है, जो स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और उनके संघों (Federations) के व्यापक एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण के लिए काम करता है। शी-लीप्स: ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा हाल ही में 29 जून 2026 को लोकोस प्लेटफॉर्म के ही एक हिस्से के रूप में SHE-LEAPS (Self-Help Entrepreneur-Livelihoods and Enterprise Application for Prosperity and Sustainability) को लॉन्च किया गया है। लोकोस प्लेटफॉर्म की व्यापक पहुंच यह प्लेटफॉर्म भारत के 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 762 जिलों, 7,241 ब्लॉकों और लगभग 5.92 लाख गांवों तक फैल चुका है: 1. शामिल संस्थागत ढांचा 2. गतिमान की गई वित्तीय सहायता यह प्लेटफॉर्म विभिन्न फंडों के कुशल प्रबंधन और ट्रैकिंग को सुनिश्चित करता है: 3. ‘लखपति दीदी’ पहल को सशक्त बनाना लोकोस प्लेटफॉर्म सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी’ योजना के क्रियान्वयन की डिजिटल रीढ़ है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / टर्म तथ्य LokOS प्लेटफॉर्म DAY-NRLM के तहत ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के डिजिटलीकरण का राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म। SHE-LEAPS 29 जून 2026 को लॉन्च, ग्रामीण महिला उद्यमियों के व्यावसायिक प्रबंधन के लिए समर्पित डिजिटल ऐप। डिजिटल आजीविका रजिस्टर (DAR) ग्रामीण परिवारों की आजीविका गतिविधियों और योजना की निगरानी के लिए लोकोस पर बना डिजिटल डेटाबेस। DAY-NRLM ग्रामीण विकास मंत्रालय का गरीबी उन्मूलन और स्वरोजगार संवर्धन का प्रमुख मिशन। साणंद में CG Semi OSAT सुविधा का उद्घाटन Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में CG Semi OSAT (आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) सुविधा का उद्घाटन किया। भारत को एक वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने के विजन के साथ, यह देश का तीसरा सेमीकंडक्टर संयंत्र है जहां चिप पैकेजिंग और वाणिज्यिक उत्पादन (Commercial Production) की शुरुआत हो चुकी है। CG Semi OSAT सुविधा के मुख्य बिंदु भारत में सेमीकंडक्टर क्लस्टर का उदय दुनिया के बड़े औद्योगिक केंद्र हमेशा एकल फैक्ट्रियों के बजाय ‘क्लस्टर्स’ के रूप में विकसित हुए हैं (जैसे अमेरिका की सिलिकॉन वैली, ताइवान का सिंचू साइंस पार्क)। भारत भी अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / शब्द महत्वपूर्ण तथ्य संयंत्र का स्थान साणंद, गुजरात। OSAT का अर्थ Outsourced Semiconductor Assembly and Test (चिप निर्माण के बाद उसकी पैकेजिंग और टेस्टिंग करने वाली इकाई)। सेमिकॉन इंडिया प्रोग्राम भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन, फैब्रिकेशन और पैकेजिंग का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए शुरू किया गया राष्ट्रीय कार्यक्रम। साझेदार देश भारत, जापान और थाईलैंड। लक्षित उत्पादन भविष्य में सालाना 5 अरब चिप्स का उत्पादन करना। E20 ईंधन कार्यक्रम — भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र का ‘विश्वास वक्तव्य’ Why in News? (चर्चा में क्यों?) 4 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें देश के शीर्ष ऊर्जा और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों ने E20 (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) कार्यक्रम की सफलता और सुरक्षा पर एक ‘विश्वास वक्तव्य’ जारी किया। विशेषज्ञों ने आश्वस्त किया कि वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद यह साबित हो चुका है कि E20 ईंधन से पुराने वाहनों को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है। E20 ईंधन और वाहन क्षमता: मुख्य वैज्ञानिक निष्कर्ष इथेनॉल सम्मिश्रण की भावी दिशा और बुनियादी ढांचा भारत का इथेनॉल कार्यक्रम केवल E20 तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के स्वच्छ ईंधन ईकोसिस्टम की नींव रख रहा है। प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य बिंदु / घटक महत्वपूर्ण तथ्य E20 ईंधन 80% गैसोलीन (पेट्रोल) और 20% इथेनॉल का मिश्रण। नियामक मानक यह ईंधन BIS (Bureau of Indian Standards) और BS-VI मानदंडों के अनुरूप है। UNECE जुड़ाव भारत United Nations Economic Commission for Europe के वाहन नियमों का पालन करता है, जिससे इसके परीक्षण मानक वैश्विक स्तर के हैं। E85 ईंधन उच्च इथेनॉल

करेंट अफेयर्स

4 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

4 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत बिहार के मुंगेर में मिला वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित देश का सबसे पुराना 700 वर्ष प्राचीन बरगद वृक्ष; भारतीय सशस्त्र बलों की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) द्वारा ₹52,000 करोड़ के अत्याधुनिक प्रस्तावों को मंजूरी; और मिशन कर्मयोगी के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के लिए शुरू किया गया ‘दक्ष’ (DAKSH) नेतृत्व कार्यक्रम। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में लिए गए इस निर्णय के तहत थल सेना के लिए ‘आकाश तरंग’ एंटी-ड्रोन सिस्टम, नौसेना के लिए अत्याधुनिक समुद्री बारूदी सुरंगें, तथा वायु सेना के लिए ‘हाई एल्टीट्यूड सूडो सैटेलाइट’ (FW-HAPS) जैसे फिफ्थ-जनरेशन सैन्य उपकरणों को शामिल किया गया है, पशुजन्य युद्ध अभ्यास (PYA) 2026 — ज़ूनोटिक रोगों के खिलाफ भारत का ‘वन हेल्थ’ सुरक्षा कवच Why in News? (चर्चा में क्यों?) 3 जुलाई 2026 को केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के खारी गांव में ‘पशुजन्य युद्ध अभ्यास’ (PYA) नामक 5-दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक संपन्न किया। 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक चला यह अभ्यास भारत के ‘राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन’ के तहत तीसरा आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यास था, जिसका उद्देश्य पशुधन से इंसानों में फैलने वाली महामारियों (Zoonotic Diseases) से निपटने के लिए भारत की जमीनी तैयारियों को परखना था। क्या है पशुजन्य युद्ध अभ्यास (PYA) और ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण? सरल शब्दों में कहें तो, कोविड-19 या बर्ड फ्लू जैसी बीमारियों ने हमें सिखाया है कि जानवरों, इंसानों और पर्यावरण का स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। इसी को ‘वन हेल्थ’ कहा जाता है। पशुजन्य युद्ध अभ्यास (PYA) कोई सैन्य अभ्यास नहीं है, बल्कि यह एक स्वास्थ्य रक्षा अभ्यास (Health Mock Drill) है जिसमें इंसानों, पशुओं और वन्यजीवों के डॉक्टरों के साथ-साथ जिला प्रशासन ने मिलकर महामारी को रोकने का अभ्यास किया। मॉक ड्रिल की कार्यप्रणाली और सिमुलेशन अभ्यास में शामिल प्रमुख हितधारक और एजेंसियां यह अभ्यास नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम (NJORT) के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें भारत के शीर्ष वैज्ञानिक और प्रशासनिक संस्थानों ने एक साथ काम किया: CCRAS की 5वीं कार्यकारी समिति की बैठक — आयुर्वेद अनुसंधान में तीन नई पहलें Why in News? (चर्चा में क्यों?) 3 जुलाई 2026 को आयुष मंत्रालय के तहत शीर्ष अनुसंधान निकाय केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) की 5वीं कार्यकारी समिति (Executive Committee) की बैठक आयोजित की गई। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भारत के ‘साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद अनुसंधान’ (Evidence-based Ayurveda Research) पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए तीन बड़े राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक पहलों की शुरुआत की गई। लॉन्च की गई तीन ऐतिहासिक पहलें (Three Landmark Initiatives) बैठक के दौरान आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान, वैज्ञानिक संचार और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित तीन पहलों को लॉन्च किया गया: 1. रिसर्च मेथोडोलॉजी टेक्स्टबुक (आयुर्वेद प्रबोधिनी ग्रंथमाला) 2. CCRAS प्रयत्न 2026-27 3. CCRAS डिजिटल इकोसिस्टम डैशबोर्ड CCRAS की अन्य हालिया उपलब्धियां प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य संस्था का नाम केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) — आयुष मंत्रालय के तहत शीर्ष निकाय। प्रयत्न (PRAYATNA) 2026-27 आयुर्वेद शोधार्थियों के लिए वैज्ञानिक लेखन और प्रकाशन कौशल सुधारने की पहल। आयुर्वेद प्रबोधिनी ग्रंथमाला NCISM के नए पाठ्यक्रम के अनुसार MD/MS/PhD हेतु तैयार रिसर्च मेथोडोलॉजी पुस्तक श्रृंखला। डिजिटल डैशबोर्ड dashboard.ccras.org.in (अनुसंधान डेटा को पारदर्शी और सुलभ बनाने हेतु)। नियामक ढांचा NCISM (National Commission for Indian System of Medicine) — आयुष शिक्षा का नियामक। फिक्की मर्सिडीज-बेंज भारत इनोवेशन चैलेंज — स्टार्टअप्स के लिए नया संबल Why in News? (चर्चा में क्यों?) 3 जुलाई 2026 को उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने ‘फिक्की मर्सिडीज-बेंज भारत इनोवेशन एंड बिजनेस आइडियाज चैलेंज प्रोग्राम’ (FICCI Mercedes-Benz Bharat Innovation & Business Ideas Challenge) के तहत चयनित स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल संवाद में भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और विनिर्माण, संधारणीयता (Sustainability) एवं ऑटोमोटिव जैसे उभरते क्षेत्रों में काम कर रहे उच्च क्षमता वाले भारतीय स्टार्टअप्स को सीधे कॉर्पोरेट और सरकारी सहयोग प्रदान करना है। चैलेंज कार्यक्रम के मुख्य बिंदु और सहायता तंत्र यह कार्यक्रम निजी क्षेत्र (मर्सिडीज-बेंज), उद्योग निकाय (FICCI) और भारत सरकार (DPIIT) के बीच एक उत्कृष्ट त्रिपक्षीय सहयोग का उदाहरण है, जो स्टार्टअप्स को केवल वित्तीय मदद ही नहीं बल्कि एक संपूर्ण व्यावसायिक सुरक्षा तंत्र प्रदान करता है। 1. प्रमुख फोकस क्षेत्र इस चैलेंज के तहत उन स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी गई है जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप निम्नलिखित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं: 2. वित्तीय और रणनीतिक सहायता 3. पोस्ट-फंडिंग मेंटरिंग ढांचा (Mentoring Framework) फंडिंग प्राप्त करने के बाद स्टार्टअप्स अक्सर तकनीकी या विनियामक बाधाओं के कारण विफल हो जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए चयनित स्टार्टअप्स को एक ‘स्ट्रक्चर्ड पोस्ट-फंडिंग मेंटरिंग और हैंडहोल्डिंग सपोर्ट’ दिया जाएगा, जिसके तहत निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलेगा: 4. ‘साउंडिंग बोर्ड’ और ‘डेमो डेज़’ (Innovative Platforms) मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड (MIF) पर उद्योग परामर्श — नीली अर्थव्यवस्था को वित्तीय संबल Why in News? (चर्चा में क्यों?) 3 जुलाई 2026 को पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) ने सागरमाला फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (SMFCL) और SBI वेंचर्स लिमिटेड (SVL) के सहयोग से मुंबई में मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड (MIF) पर एक महत्वपूर्ण ‘उद्योग परामर्श’ (Industry Consultation) बैठक बुलाई। मंत्रालय के सचिव श्री विजय कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए इस महत्वाकांक्षी फंड के डिजाइन, रणनीति और कार्यान्वयन के तौर-तरीकों पर चर्चा करना था। मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड (MIF): संरचना और महत्व यह फंड भारत सरकार के व्यापक मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड (MDF) के तहत स्थापित एक प्रमुख स्तंभ है, जो भारतीय जहाजरानी (Shipping) और बंदरगाह (Port) क्षेत्र में दीर्घकालिक पूंजी की भारी कमी को दूर करने का काम करेगा। 1. वित्तीय संरचना और कोष (Fund Structure & Corpus) 2. ‘पेशेंट कैपिटल’ और इक्विटी फाइनेंसिंग गैप समुद्री बुनियादी ढांचा (जैसे नए बंदरगाह बनाना या शिपयार्ड का आधुनिकीकरण) बहुत अधिक समय लेने वाली और जोखिम भरी परियोजनाएं होती हैं। पारंपरिक बैंक इसके लिए आसानी से लोन नहीं देते। 3. भविष्य

करेंट अफेयर्स

3 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

3 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक न्याय को मजबूत करने वाले ‘मानस’ (MANAS) डिजिटल कवच, बुनियादी ढांचे को गति देने वाले कोयला ब्लॉक आवंटन (संशोधन) नियम 2026, सुशासन को ‘ह्यूमन-लेड AI’ से जोड़ने वाले 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (जयपुर घोषणा पत्र), पर्यावरण संरक्षण को समर्पित 3रे वैश्विक प्लास्टिक रीसाइक्लिंग कॉन्क्लेव (GCPRS), कृषि-जैव विविधता के मील का पत्थर बोरजुली जैव विविधता विरासत स्थल (BHS) और युवा नीति-निर्माण से जुड़ी सांसद लीड फेलोशिप को व्यापक रूप से शामिल किया गया है। कला संस्कृति विकास योजना (KSVY) — अनुदान वर्ष 2026-27 Why in News? (चर्चा में क्यों?) 2 जुलाई 2026 को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने ‘कला संस्कृति विकास योजना (KSVY)’ के विभिन्न प्रमुख घटकों के तहत अनुदान वर्ष 2026-27 के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पहल के तहत देश भर के पात्र सांस्कृतिक संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), कलाकारों, शोधकर्ताओं और प्रतिष्ठित संस्थानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने प्रस्ताव जमा करने को कहा गया है ताकि कला के विभिन्न रूपों को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा सके। योजना के मुख्य उद्देश्य और विभिन्न घटक 1. प्रमुख घटक और उनकी विधाएं (Scheme Components) 2. आवेदन और कार्यान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य योजना का नाम कला संस्कृति विकास योजना (KSVY) नोडल मंत्रालय संस्कृति मंत्रालय (Ministry of Culture), भारत सरकार। योजना की प्रकृति यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) है जो वित्तीय सहायता/अनुदान पर आधारित है। लक्षित समूह कलाकार, सांस्कृतिक NGO, शोधकर्ता, और राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक संस्थान। प्रमुख विशेष फैलोशिप टैगोर राष्ट्रीय फैलोशिप (TNFCR) — यह विशेष रूप से सांस्कृतिक अनुसंधान के लिए दी जाती है। कार्यान्वयन वर्ष वर्तमान आवेदन चक्र अनुदान वर्ष 2026-27 के लिए शुरू किया गया है। एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग द्वारा सुपरअलॉय बाई-मेटालिक संरचनाओं में ऐतिहासिक सफलता Why in News? (चर्चा में क्यों?) 2 जुलाई 2026 को जारी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शोधकर्ताओं ने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3D प्रिंटिंग) तकनीक का उपयोग करके एक दरार-मुक्त (Crack-free) ‘बाई-मेटालिक संरचना’ विकसित करने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। हैदराबाद स्थित ARCI के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित यह स्वदेशी तकनीक महंगे सुपरअलॉय के समग्र उपयोग को कम करके भारत की आयात निर्भरता को काफी हद तक कम कर सकती है। क्या है यह तकनीक और क्यों है यह एक ‘ब्रेकथ्रू’? एयरोस्पेस, परमाणु रिएक्टर और थर्मल पावर प्लांट के कुछ हिस्से (जैसे गैस टर्बाइन) 2000°C जैसे अत्यधिक तापमान का सामना करते हैं, जबकि उनके ठीक बगल वाले हिस्से कम तापमान पर काम करते हैं। ऐसे में एक ही घटक (Component) में दो अलग-अलग धातुओं को जोड़ना तकनीकी रूप से बेहद फायदेमंद होता है—जैसे स्टेनलेस स्टील (जो मजबूत और संक्षारण प्रतिरोधी है) और निकल-आधारित सुपरअलॉय (जो उच्च तापमान और तनाव झेल सकता है)। पारंपरिक विनिर्माण बनाम नई तकनीक यांत्रिक गुण और सफलता के प्रमाण महत्वपूर्ण औद्योगिक अनुप्रयोग 16वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन (संयुक्त वक्तव्य) Why in News? (चर्चा में क्यों?) जापान की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री महामहिम सुश्री ताकाइची सानाए 1-3 जुलाई 2026 तक भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर रहीं। इस दौरान नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री के बीच 16वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। दोनों नेताओं ने भारत-जापान ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ (Special Strategic and Global Partnership) को मजबूत करने के लिए तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों—रक्षा और सुरक्षा; आर्थिक साझेदारी (आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा लचीलापन, प्रौद्योगिकी); और पीपल-टू-पीपल एक्सचेंज—पर विस्तृत संयुक्त वक्तव्य जारी किया। शिखर सम्मेलन के मुख्य रणनीतिक और नीतिगत निर्णय 1. रक्षा और सुरक्षा सहयोग (Defence & Security) 2. आर्थिक सुरक्षा और उच्च तकनीक (Economic Security & High Tech) 3. ऊर्जा सुरक्षा और लचीलापन (Energy Security) 4. कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा (Connectivity & Infrastructure) 5. अंतरिक्ष और विज्ञान-प्रौद्योगिकी (Space & Sci-Tech) 6. क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे (Regional & Global Issues) प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य बैठक का नाम 16वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन, नई दिल्ली (जुलाई 2026)। जापानी प्रधानमंत्री सुश्री ताकाइची सानाए (भारत की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा)। नया द्विपक्षीय विजन ‘साझा क्षितिज का भारत-जापान वर्ष’ (India-Japan Year of Shared Horizons) — राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में। लॉन्च की गई प्रमुख पहल भारत-जापान सहकारी बायोगैस विकास पहल (CBG Initiative)। साझेदारी दस्तावेज आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर भारत-जापान संयुक्त घोषणा। संयुक्त चंद्र मिशन LUPEX (ISRO और JAXA का संयुक्त चंद्र ध्रुवीय अन्वेषण मिशन)। बुलेट ट्रेन का लक्ष्य मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल के प्राथमिकता वाले खंड का वाणिज्यिक संचालन 2027 में शुरू होगा (ट्रेन श्रृंखला: E10)। पारस्परिक UNSC समर्थन वर्ष गैर-स्थायी सीट हेतु वर्ष 2028-29 और 2033-34 के लिए आपसी समर्थन। मानस (MANAS) — ड्रग्स के खिलाफ एक डिजिटल सुरक्षा कवच Why in News? (चर्चा में क्यों?) 2 जुलाई 2026 को जारी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार की राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस’ नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी से निपटने में देश का एक प्रभावी डिजिटल कवच बनकर उभरी है। यह सुरक्षित, तकनीक-संचालित मंच नागरिकों को ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों की गोपनीय रिपोर्ट करने और पुनर्वास सहायता प्राप्त करने की शक्ति देकर ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार कर रहा है। MANAS क्या है और इसका ढांचा कैसा है? सरल और सीधे शब्दों में कहें तो, भारत सरकार नशीली दवाओं के दुरुपयोग को केवल एक कानूनी समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट मानती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नागरिकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच की दूरी को पाटने के लिए MANAS (Madak Padarth Nishedh Asoochna Kendra) को लॉन्च किया गया था। भारत में मादक पदार्थों के दुरुपयोग का पैमाना (Magnitude of the Problem) MANAS की प्रमुख विशेषताएं और कार्यप्रणाली यह डिजिटल प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से तीन स्तंभों—रिपोर्टिंग, परामर्श (Counselling) और जागरूकता—पर काम करता है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य MANAS का पूरा नाम मादक पदार्थ निषेध आसूचना केंद्र केंद्रीय नोडल मंत्रालय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) — नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB)। तकनीकी भागीदार डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (DIC)। समर्पित हेल्पलाइन नंबर 1933 (परामर्श ट्रांसफर हेतु सामाजिक न्याय मंत्रालय का नंबर: 14446)। डिजिटल पहुंच वेब पोर्टल, ईमेल और

Scroll to Top