7 August 2025 Current Affairs
Topic : प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना 2025 चर्चा में क्यों : प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PM Internship Scheme) के दूसरे पायलट राउंड में महिला आवेदकों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पहले राउंड में कुल आवेदकों में महिलाओं की हिस्सेदारी 31% थी, वहीं दूसरे राउंड में यह बढ़कर 41% हो गई है। UPSC पाठ्यक्रम: प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ। मुख्य परीक्षा: सामान्य अध्ययन II: विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप तथा उनके डिजाइन और कार्यान्वयन से उत्पन्न होने वाले मुद्दे। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना 2025 के बारे में : प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना 2025 भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को देश की शीर्ष 500 कंपनियों में व्यावहारिक प्रशिक्षण (इंटर्नशिप) का अवसर देना है। इस योजना के माध्यम से सरकार युवाओं को उद्योग की जरूरत के अनुसार तैयार करना चाहती है, जिससे वे भविष्य में रोजगार के लिए अधिक सक्षम बन सकें। संचालित मंत्रालय: कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) योजना की शुरुआत कब हुई? यह योजना वित्त वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में घोषित की गई थी। पायलट चरण की शुरुआत अक्टूबर 2024 में की गई थी, जिसमें देश भर के युवाओं को इंटर्नशिप के लिए आवेदन का अवसर दिया गया। योजना का दूसरा राउंड जनवरी 2025 में शुरू किया गया हैं , इस राउंड की पंजीकरण प्रक्रिया अगस्त 2025 से प्रारंभ की गई है। योजना का उद्देश्य युवाओं को कॉर्पोरेट सेक्टर की मांग के अनुसार तैयार करना। देश के नवोदित प्रतिभाओं को व्यावहारिक (practical) अनुभव देना। कौशल निर्माण और रोजगार क्षमता बढ़ाना। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना 2025 की प्रमुख विशेषताएँ पात्रता (Eligibility) इस योजना के लिए केवल भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने वाले उम्मीदवार की आयु 21 से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा 10वीं या 12वीं, डिप्लोमा या किसी भी विषय में स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। यदि अभ्यर्थी किसी प्रमुख संस्थान (जैसे IIT, IIM, NLU, CA, MBA, MBBS, PhD) से उच्च डिग्री प्राप्त कर चुके हैं तो वे पात्र नहीं माने जाएंगे। जिन परिवारों की वार्षिक आय ₹8 लाख से अधिक है या घर में कोई नियमित सरकारी कर्मचारी है, वे योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। इंटर्नशिप की अवधि और लाभ इंटर्नशिप की अवधि अधिकतम 12 महीने (1 वर्ष) की होगी। प्रत्येक इंटर्न को प्रतिमाह ₹4,500 सरकार द्वारा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दिए जाएंगे। कंपनी की सीएसआर निधि से प्रत्येक इंटर्न को अतिरिक्त ₹500 प्रतिमाह मिलेंगे। प्रत्येक चयनित इंटर्न को एक बार में ₹6,000 अतिरिक्त अनुदान (incidentals) के रूप में दिया जाएगा। इंटर्नशिप के दौरान सभी इंटर्न को बीमा सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी। इंटर्नशिप पूर्ण होने पर प्रमाण-पत्र (Certificate) भी मिलेगा, जो आगे रोजगार में मददगार होगा। आवेदन की प्रक्रिया इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक पोर्टल pminternship.mca.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए अभ्यर्थी को आधार नंबर, शैक्षिक विवरण, पारिवारिक आय और अन्य आवश्यक जानकारी भरनी होती है। चयन प्रक्रिया के दौरान, उम्मीदवार अपनी पसंद के अनुसार कंपनियों, स्थान और कार्यक्षेत्र का चयन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को कंपनियों का नाम, प्रोफाइल और जियो-टैग्ड लोकेशन की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। बजट और आंकड़े वित्त वर्ष 2024-25 में योजना के लिए ₹2,000 करोड़ का बजट प्रस्तावित था, जो संशोधित होकर ₹380 करोड़ रह गया और वास्तविक खर्च फरवरी 2025 तक मात्र ₹21.10 करोड़ था। 2025-26 में योजना के बजट को बढ़ाकर ₹10,831.07 करोड़ कर दिया गया है। दूसरे राउंड में 4.55 लाख से अधिक आवेदन आए, 71,000 से अधिक ऑफर किए गए, जिसमें 22,500 से अधिक अभ्यर्थियों ने ऑफर स्वीकार किए और चयन प्रक्रिया जारी है। पहले राउंड में 6.21 लाख आवेदन आए थे, 82,000 ऑफर दिए गए, लेकिन केवल 8,700 अभ्यर्थियों ने जॉइनिंग की थी। भाग लेने वाली कंपनियाँ प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना 2025 में कई नामी कॉर्पोरेट कंपनियाँ भाग ले रही हैं, जैसे: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (TCS) एचडीएफसी बैंक लिमिटेड ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ONGC) इन्फोसिस लिमिटेड एनटीपीसी लिमिटेड टाटा स्टील लिमिटेड आईटीसी लिमिटेड इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड विप्रो लिमिटेड एचसीएल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड जूबिलेंट फूडवर्क्स, ईचर मोटर्स, लार्सन एंड टुब्रो, टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस आदि पीएम इंटर्नशिप योजना 2025: महिला आवेदकों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि पहले राउंड की स्थिति योजना के पहले पायलट राउंड में केवल 31% महिला आवेदकों ने आवेदन किया था। चयनित इंटर्न में महिलाओं का प्रतिशत मात्र 28% था। पुरुष और महिला इंटर्न का अनुपात 72:28 रहा, जिसे संसद की स्थायी वित्त समिति ने एक बड़ी चिंता के रूप में चिन्हित किया। दूसरे राउंड की स्थिति योजना के दूसरे पायलट राउंड में महिला आवेदकों की हिस्सेदारी बढ़कर 41% हो गई है, जो पिछले राउंड के मुकाबले 10% अधिक है। चयन प्रक्रिया अभी जारी है, लेकिन उम्मीद है कि इंटर्न के रूप में चयनित महिलाओं का प्रतिशत भी बढ़ेगा। यह बढ़ोतरी मुख्यतः कंपनियों के नाम, प्रोफाइल और भौगोलिक स्थान की पूर्व जानकारी साझा करने की वजह से संभव हुई है। योजना की चुनौतियाँ और सरकार द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदम प्रमुख चुनौतियाँ (A) लैंगिक असंतुलन योजना के पहले चरण में महिला इंटर्न की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही। कुल आवेदकों में महिलाओं की भागीदारी केवल 31% और चयनित इंटर्न में मात्र 28% थी। इससे पुरुष और महिला इंटर्न का अनुपात 72:28 हो गया, जिसे संसद की स्थायी वित्त समिति ने प्रमुख चिंता के रूप में रेखांकित किया। (B) इंटर्नशिप अवसर और भागीदारी में अंतर कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए इंटर्नशिप अवसरों की तुलना में बहुत कम युवाओं ने वास्तव में जॉइनिंग की। उदाहरण के लिए, पहले राउंड में 82,000 ऑफर दिए गए थे, लेकिन केवल 8,700 युवाओं ने जॉइनिंग की थी। इसका मुख्य कारण जानकारी की कमी, इंटर्नशिप की अवधि और स्थान से जुड़ी पारदर्शिता की कमी भी रही। (C) फंड्स का कम उपयोग वित्त वर्ष 2024-25 के लिए योजना का बजट ₹2,000 करोड़ था, लेकिन संशोधित अनुमान घटकर ₹380 करोड़ रह गया और फरवरी 2025 तक वास्तविक व्यय मात्र ₹21.10 करोड़ हुआ। यह बताता है कि योजना के तहत उपलब्ध फंड्स का अपेक्षाकृत कम उपयोग हुआ है, जिससे युवाओं को मिलने वाले लाभ सीमित हो गए। (D) रोजगार में रूपांतरण दर कम योजना के तहत इंटर्नशिप पूर्ण करने के बाद भी स्थायी
