5 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
5 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत पशुधन क्षेत्र की सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली स्वदेशी अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन, सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए मृदा क्षरण की रोकथाम एवं टिकाऊ कृषि पहलों, भारतीय समुद्री नाविकों के कल्याण व अधिकारों की रक्षा हेतु ‘सीफेयरर-फर्स्ट’ पहल, वस्त्र एवं कृषि क्षेत्र को गति देने वाले कपास उत्पादकता मिशन (कपास क्रांति), विनिर्माण क्षमता में वृद्धि हेतु भारतीय कैपिटल गुड्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता संवर्धन योजना (चरण-II), देश भर में उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने वाली ‘एक राष्ट्र, एक उर्वरक’ (One Nation, One Fertilizer) पहल, तथा ICAR द्वारा अरहर/तूर दाल के T2T (Telomere-to-Telomere) जीनोम सीक्वेंसिंग की ऐतिहासिक वैज्ञानिक सफलता का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। स्वदेशी अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन: भारत की जैव-सुरक्षा को मजबूती चर्चा में क्यों? केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह की उपस्थिति में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के स्थापना दिवस पर भारत की पहली स्वदेशी अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन राष्ट्र को समर्पित की गई। ICAR-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (ICAR-NIHSAD), भोपाल के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित यह वैक्सीन भारत को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत वैश्विक स्तर पर एक सस्ती ASF वैक्सीन आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करेगी। मुख्य बिंदु: बीमारी, स्वदेशी तकनीक और आर्थिक प्रभाव 1. अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) क्या है? 2. टीकों का विकास और तकनीकी नवाचार 3. आर्थिक प्रभाव और क्षति प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य रोगजनक (Pathogen) अफ्रीकी स्वाइन फीवर वायरस (ASFV – जीनोटाइप II)। विकासकर्ता संस्थान ICAR-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (NIHSAD), भोपाल। प्रयुक्त तकनीक MA-104 सेल लाइन आधारित ‘लाइव एटिन्यूएटेड’ वैक्सीन। वैक्सीन खुराक 1 mL (मांसपेशियों में), प्राथमिक खुराक के 14 दिन बाद बूस्टर। भारत में पहला मामला वर्ष 2020 (असम में)। संबंधित मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय + मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय। मृदा क्षरण की रोकथाम एवं सतत कृषि पहलें चर्चा में क्यों? कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में मृदा क्षरण को रोकने तथा उर्वरकों, खाद और शाकनाशियों (Herbicides) के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। सरकार ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड’, ‘राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन’, और ‘समेकित कीट प्रबंधन’ (IPM) जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सतत कृषि को प्रोत्साहित कर रही है। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना, खेती की लागत घटाना और जैविक व प्राकृतिक तकनीकों के ज़रिए पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है। मुख्य बिंदु: सरकारी योजनाएं, आंकड़े और रणनीतिक पहलें 1. मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना (Soil Health & Fertility Scheme) 2. प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लिए प्रमुख मिशन 3. समेकित कीट प्रबंधन (IPM) और खरपतवार नियंत्रण (IWM) 4. जैविक खाद और विशेष अभियान प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य योजना / पहल शुरुआत / स्वीकृति वर्ष मुख्य उपलब्धि मृदा स्वास्थ्य कार्ड (SHC) 2014-15 26.09 करोड़ कार्ड जारी राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) 25 नवंबर 2024 11.44 लाख हेक्टेयर कवरेज परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) 2015-16 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र MOVCDNER (पूर्वोत्तर क्षेत्र) 2015-16 2.36 लाख हेक्टेयर क्षेत्र CIPMC केंद्र (IPM हेतु) 1985 से प्रभावी 48 केंद्र (28 राज्य, 2 UTs) IWM अनुसंधान केंद्र – ICAR-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर ‘सीफेयरर-फर्स्ट’ पहल: भारतीय नाविकों की सुरक्षा का ढांचा चर्चा में क्यों? केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्य सभा में ‘सीफेयरर-फर्स्ट’ पहल की जानकारी दी। ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में सुरक्षा चिंताओं के कारण समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (DGMA) ने यह कदम उठाया है। इसका उद्देश्य संवेदनशील जलक्षेत्रों में तैनात भारतीय नाविकों की सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करना है। मुख्य बिंदु: सुरक्षा ढांचा, डिजिटल पोर्टल और निकासी उपाय 1. वास्तविक समय निगरानी और ‘eNavik Portal’ 2. नाविकों के लिए प्रमुख सलाह और नियमन 3. सहायता और पुनर्वासन आंकड़े प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य संचालक निकाय समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (DGMA), पोत परिवहन मंत्रालय। डिजिटल पोर्टल eNavik Portal (1 जुलाई 2026 से चालू)। सुरक्षा कोड ISPS Code (अंतर्राष्ट्रीय पोत और बंदरगाह सुविधा सुरक्षा कोड)। समन्वय संस्थाएं भारतीय नौसेना, IFC-IOR, UKMTO, MICA सेंटर। हेल्पलाइन समर्थन 24×7 टोल-फ्री नंबर (1800-889-7768) और ई-नेविग पोर्टल। कपास उत्पादकता मिशन (कपास क्रांति) चर्चा में क्यों? केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने लोकसभा में ‘कपास उत्पादकता मिशन’ (कपास क्रांति) के बारे में विस्तृत विवरण साझा किया। केंद्र सरकार ने इस मिशन को 5 मई 2026 को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य देश में कपास उत्पादन, उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार करना है। यह 5 वर्षों की अवधि (2026-27 से 2030-31) के लिए ₹5,659.22 करोड़ के बजट के साथ लागू किया जा रहा है। मुख्य बिंदु: घटकों का आवंटन, रणनीतियाँ और राज्यवार लक्ष्य 1. वित्तीय आवंटन और चार मुख्य घटक 2. जिला कवरेज और कार्यान्वयन रणनीति 3. प्रसंस्करण और गुणवत्ता सुधार (PPP मोड) 4. कर्नाटक राज्य के विशेष लक्ष्य (केस स्टडी) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मिशन का नाम कपास उत्पादकता मिशन (कपास क्रांति)। स्वीकृति तिथि 5 मई 2026। अवधि और कुल परिव्यय 5 वर्ष (2026-27 से 2030-31), ₹5,659.22 करोड़। आरंभिक कवरेज 14 राज्यों के 140 जिले। परीक्षण प्रयोगशालाएं PPP मोड के तहत 50 कपास परीक्षण प्रयोगशालाएं। गुणवत्ता ब्रांड कस्तूरी कॉटन भारत। कार्यान्वयन एजेंसियां DARE, DA&FW, CCI और राष्ट्रीय जूट बोर्ड। भारतीय कैपिटल गुड्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता संवर्धन योजना (चरण-II) चर्चा में क्यों? भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries – MHI) ने लोकसभा में “भारतीय कैपिटल गुड्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता के संवर्धन की योजना – चरण II” के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के राज्यवार वितरण और वित्तीय प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में इंडस्ट्री 4.0, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर भारत के कैपिटल गुड्स (पूंजीगत वस्तु) क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। मुख्य बिंदु: समर्थ केंद्र, स्वीकृत परियोजनाएं और वित्तीय आवंटन 1. समर्थ केंद्र और इंडस्ट्री 4.0 2. योजना के प्रमुख घटक और राज्यवार वितरण (चरण-II) 3. वित्तीय विवरण (पिछले तीन वित्तीय वर्ष) वित्तीय वर्ष संशोधित अनुमान जारी/उपयोग की गई राशि 2023-24 ₹187.20 करोड़ ₹83.34 करोड़ 2024-25 ₹184.00 करोड़ ₹171.63 करोड़ 2025-26 ₹120.00 करोड़ ₹116.09 करोड़ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक