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9 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

9 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा को मजबूत करने वाले फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (FRI), सामाजिक न्याय और जनसेवा पुरस्कारों से जुड़े राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम पुरस्कार 2026, वानिकी व सतत वन प्रबंधन हेतु भारत-जापान वन संयुक्त कार्य समूह की 7वीं बैठक, मानव रहित हवाई प्रणालियों में आत्मनिर्भरता दर्शाने वाले IAF ड्रोनॉथॉन 2026, डॉ. भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती पर विशेष श्रद्धांजलि, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने वाले 7वें ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026, सामरिक रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ करने वाले भारत-जापान संयुक्त वायु सेना अभ्यास ‘वीर गार्जियन-2026’, तथा ICAR द्वारा AI से ‘पहाड़ों की गाय’ (मिथुन) की निगरानी का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। साइबर फ्रॉड पर नकेल: फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (FRI) का प्रभाव चर्चा में क्यों? संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा लॉन्च किए गए फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (FRI) ने अपनी शुरुआत के 15 महीनों के भीतर (अगस्त 2026 तक) देश के नागरिकों के ₹5,000 करोड़ से अधिक की धनराशि को साइबर धोखाधड़ी में डूबने से बचाया है। यह तकनीक नागरिकों के पैसे को धोखाधड़ी वाले खातों में स्थानांतरित होने से पहले ही रोक देती है। इससे जांच, FIR दर्ज करने और बैंक खातों को फ्रीज करने जैसी लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। मुख्य बिंदु: तकनीक, तंत्र और अंतर-मंत्रालयी सहयोग 1. FRI क्या है और यह कैसे काम करता है? 2. रीएक्टिव मॉडल से प्रिवेंटिव मॉडल की ओर बदलाव 3. जन-भागीदारी और DoT के अन्य प्रमुख टूल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नोडल विभाग दूरसंचार विभाग (DoT), संचार मंत्रालय मूल प्लेटफॉर्म डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP – 2024 में लॉन्च) FRI लॉन्च तिथि 22 मई 2025 प्रमुख नोडल पोर्टल संचार साथी और चक्षु जोखिम श्रेणियां 3 श्रेणियां: मध्यम, उच्च, अत्यधिक उच्च साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार 2026 चर्चा में क्यों? राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना को “डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार 2026” से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। यह सम्मान आयोग के सामाजिक न्याय और अनुसूचित जाति के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा में दिए गए उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जा रहा है। 9 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 16वें संसद रत्न पुरस्कार समारोह के दौरान नागरिक समाज द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। मुख्य बिंदु: पुरस्कार का महत्व, संस्थागत भूमिका और NCSC का संवैधानिक ढांचा 1. पुरस्कार और आयोजक संस्था 2. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) का संवैधानिक ढांचा 3. NCSC की शक्तियां और कार्य प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार का नाम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार 2026 पुरस्कार प्राप्तकर्ता श्री किशोर मकवाना (अध्यक्ष, NCSC) समारोह 16वां संसद रत्न पुरस्कार समारोह 2026 संवैधानिक अनुच्छेद अनुच्छेद 338 (Article 338) संबंधित संशोधन 89वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 भारत-जापान वन संयुक्त कार्य समूह की 7वीं बैठक: मुख्य बिंदु चर्चा में क्यों? बेंगलुरु में भारत और जापान के बीच वन क्षेत्र में सहयोग पर 7वीं संयुक्त कार्य समूह (JWG) बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों देशों ने 2015 के समझौता ज्ञापन (MoC) के तहत वर्ष 2027–2031 के लिए एक रोडमैप को अंतिम रूप दिया और इसे मंजूरी दी। मुख्य बिंदु: सहयोग के तीन प्रमुख स्तंभ और अध्ययन दौरा 1. सहयोग के मुख्य विषय 2. प्रतिनिधिमंडल और प्रमुख संस्थागत दौरे प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य बैठक का नाम भारत-जापान वन संयुक्त कार्य समूह (7वीं बैठक) आयोजन स्थल बेंगलुरु, कर्नाटक (8 सितंबर 2026) मूल समझौता 2015 का समझौता ज्ञापन (MoC) स्वीकृत रोडमैप 2027–2031 की अवधि के लिए प्रमुख शोध संस्थान काष्ठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (IWST), बेंगलुरु भारतीय वायु सेना (IAF) ड्रोनॉथॉन 2026: स्वदेशी ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन चर्चा में क्यों? भारतीय वायु सेना (IAF) 14 से 16 सितंबर 2026 तक जैसलमेर के पोखरन रेंज में ‘ड्रोनॉथॉन 2026’ आयोजन कर रही है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य घरेलू निर्माताओं को मानव रहित हवाई प्रणालियों (UAS) और काउंटर मानव रहित हवाई प्रणालियों (CUAS) में अपनी तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन करने का अवसर देना है। मुख्य बिंदु: रणनीतिक उद्देश्य, तकनीक और ‘आत्मनिर्भर भारत’ 1. आयोजन का मुख्य उद्देश्य 2. फोकस वाले प्रमुख तकनीकी क्षेत्र 3. ‘आत्मनिर्भर भारत’ और रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक संस्था भारतीय वायु सेना (IAF) आयोजन स्थल पोखरन रेंज, जैसलमेर (राजस्थान) आयोजन की तिथियां 14 से 16 सितंबर 2026 मुख्य तकनीकें UAS, CUAS, Swarm Drones, Electronic Warfare संबंधित राष्ट्रीय पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान डॉ. भूपेन हजारिका: 100वीं जयंती पर विशेष श्रद्धांजलि चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान गायक, संगीतकार और गीतकार डॉ. भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती (100th Birth Anniversary) पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भूपेन दा की आवाज ने असम की आत्मा और पूर्वोत्तर की भावना को पूरे देश तक पहुंचाया। उनके शताब्दी समारोह की शुरुआत पिछले साल गुवाहाटी में हुई थी। मुख्य बिंदु: बहुमुखी प्रतिभा, योगदान और राष्ट्रीय सम्मान 1. पूर्वोत्तर की आवाज और सांस्कृतिक दूत 2. कलात्मक यात्रा और जन-सामाजिक सरोकार प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नाम / उपाधि डॉ. भूपेन हजारिका (‘ब्रह्मपुत्र का बार्ड’) जन्म / जयंती 8 सितंबर 1926 (वर्ष 2026 में 100वीं जयंती) जन्म स्थान सादिया, असम सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न (2019 में मरणोपरांत) अन्य प्रमुख पुरस्कार पद्म विभूषण (2012), दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (1992), संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1987) प्रसिद्ध रचनाएं ‘दिल हूम हूम करे’ (फिल्म: रुदाली), ‘ओ गंगा बहती हो क्यों’ 7वां ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026: भारत का डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय भविष्य चर्चा में क्यों? मुंबई में 7वें ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF 2026) का आयोजन किया जा रहा है। वर्ष 2020 में अपनी शुरुआत के बाद से, GFF दुनिया के सबसे बड़े फिनटेक सम्मेलनों में से एक बन गया है। यह आयोजन डिजिटल फाइनेंस और फिनटेक इनोवेशन में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभुत्व को दर्शाता है। मुख्य बिंदु: थीम, तकनीक, वित्तीय समावेशन और नियामक ढांचा 1. GFF 2026 की मुख्य थीम और

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8 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

8 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन घटाने हेतु नीति आयोग द्वारा PACT और ZET मार्केटप्लेस का शुभारंभ (भारत में माल ढुलाई क्षेत्र का विद्युतीकरण), देश के प्रमुख पारंपरिक उद्योग और इसके आर्थिक लाभों पर आधारित जूट: भारत का ‘गोल्डन फाइबर’ और इसका आर्थिक महत्व, मत्स्य पालन में जल दक्षता बढ़ाने वाली अगली पीढ़ी की एक्वाकल्चर तकनीकें (RAS और बायो-फ्लॉक), नवाचार व एआई क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूती देने वाले भारत-स्वीडन AI और डिजिटल सहयोग (SITAC संवाद), वायु गुणवत्ता प्रबंधन की प्रगति दर्शाने वाले स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार 2026 और NCAP की समीक्षा, तथा नगर निकायों और जन-भागीदारी का नया रोडमैप का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारत में माल ढुलाई क्षेत्र का विद्युतीकरण: नीति आयोग द्वारा PACT और ZET मार्केटप्लेस का शुभारंभ चर्चा में क्यों? नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने 5वें e-FAST India Summit 2026 के दौरान दो ऐतिहासिक प्लेटफॉर्म लॉन्च किए: PACT (Platform for Aggregating Clean Transport) और ZET Marketplace (Zero Emission Truck Marketplace)। इसका प्राथमिक लक्ष्य भारत के फ्रेट सेक्टर (माल ढुलाई) को तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर स्थानांतरित करना और राष्ट्रीय नेट ज़ीरो 2070 लक्ष्य को गति देना है। मुख्य बिंदु: रणनीतिक महत्व, बाजार की चुनौतियां और निवारक समाधान 1. माल ढुलाई क्षेत्र की स्थिति और चुनौतियां 2. नई पहलों की भूमिका (PACT और ZET Marketplace) 3. समर्थित राष्ट्रीय योजनाएं प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन मंच 5वां e-FAST India Summit 2026 आयोजक संस्था नीति आयोग (NITI Aayog) लॉन्च की गई पहलें PACT और ZET Marketplace e-FAST का पूर्ण रूप Electric Freight Accelerator for Sustainable Transport जूट: भारत का ‘गोल्डन फाइबर’ और इसका आर्थिक महत्व चर्चा में क्यों? भारत दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा जूट (Raw Jute) और जूट उत्पादों का उत्पादक देश बन गया है। वर्ष 2025-26 में भारत ने 94.03 लाख गांठ (Bales) कच्चे जूट का उत्पादन किया। जूट उद्योग देश के लगभग 40 लाख किसान परिवारों और 3.70 लाख मिल श्रमिकों की आजीविका को सहारा देता है। मुख्य बिंदु: जूट क्षेत्र का महत्व, नीतियां और नई तकनीकें 1. फसल की भौगोलिक आवश्यकताएं और इतिहास 2. जूट के बहुआयामी उपयोग 3. प्रमुख सरकारी नीतियां और योजनाएं 4. डिजिटल और तकनीकी पहलें प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य वैश्विक स्थिति भारत दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा जूट और जूट सामान उत्पादक है (वैश्विक उत्पादन का 75%) शीर्ष उत्पादक राज्य पश्चिम बंगाल (कुल 120 में से 89 जूट मिलें यहीं हैं) कच्चे जूट का MSP (2026-27) ₹5,925 प्रति क्विंटल MSP नोडल एजेंसी भारतीय जूट निगम (JCI) डिजिटल निगरानी उपकरण BHUVAN JUMP ऐप और PATSAN वेब पोर्टल (ISRO द्वारा निर्मित) अनिवार्य पैकेजिंग नियम 100% खाद्यान्न और 20% चीनी भारत में अगली पीढ़ी की एक्वाकल्चर: RAS और बायो-फ्लॉक तकनीक का विकास चर्चा में क्यों? भारत के मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर क्षेत्र ने रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत आधुनिक तकनीकों जैसे रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) और बायो-फ्लॉक टेक्नोलॉजी (Bio-floc) के बड़े पैमाने पर अपनाए जाने से भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन गया है। मुख्य बिंदु: वैश्विक स्थिति, उन्नत तकनीकें और रणनीतिक लाभ 1. भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति 2. अगली पीढ़ी की तकनीकें: RAS और बायो-फ्लॉक 3. क्षेत्रीय विस्तार और निर्यात रणनीति प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य वैश्विक रैंकिंग दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक (8% वैश्विक हिस्सेदारी) झींगा उत्पादन भारत दुनिया का सबसे बड़ा झींगा उत्पादक और निर्यातक है मुख्य योजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) सार्वजनिक निवेश 2015 से अब तक ₹39,272 करोड़ से अधिक का कुल आवंटन RAS की मुख्य विशेषता 90-95% पानी का पुनर्चक्रण (Recycle) स्वीकृत आधुनिक यूनिट्स 9,467 RAS और 4,573 बायो-फ्लॉक यूनिट्स सीफूड निर्यात (2025-26) ₹73,890 करोड़ का रिकॉर्ड स्तर भारत-स्वीडन AI और डिजिटल सहयोग: SITAC संवाद चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत ‘इंडिया-AI मिशन’ ने नई दिल्ली में स्वीडन के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की। यह बैठक स्वीडन-इंडिया टेक्नोलॉजी एंड AI कॉरिडोर (SITAC) के तहत आयोजित की गई थी। मुख्य बिंदु: रणनीतिक साझेदारी और AI पारिस्थितिकी तंत्र 1. दोनों देशों के मुख्य योगदान 2. इंडिया-AI मिशन के मुख्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र 3. प्रमुख भाग लेने वाली स्वीडिश व भारतीय कंपनियां 4. सहयोग के संभावित क्षेत्र प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मुख्य मंच स्वीडन-इंडिया टेक्नोलॉजी एंड AI कॉरिडोर (SITAC) आयोजक मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) कार्यान्वयन एजेंसी इंडिया-AI मिशन स्वीडिश प्रतिनिधि संस्था बिजनेस स्वीडन और स्वीडिश दूतावास प्राथमिकता विषय इंडस्ट्रियल AI, सेफ AI, कम्प्यूट कैपेसिटी और डेटा गवर्नेंस स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार 2026 और NCAP की समीक्षा चर्चा में क्यों? ‘अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस’ पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा आयोजित ‘स्वच्छ वायु दिवस 2026‘ कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत 5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर देश के 130 NCAP शहरों में सड़क की धूल, कचरा प्रबंधन, वाहन और औद्योगिक उत्सर्जन नियंत्रण जैसे 8 प्रमुख मापदंडों पर जमीनी प्रयासों का मूल्यांकन कर 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में लखनऊ को प्रथम, इंदौर को द्वितीय तथा जबलपुर को तृतीय स्थान दिया गया। मुख्य बिंदु: सर्वेक्षण मानदंड, प्रगति और प्रमुख दिशा-निर्देश 1. स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार 2026 की मुख्य बातें 2. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) की उपलब्धियां (2025-26) 3. NGT और MoEFCC के प्रमुख दिशा-निर्देश प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य विशेष दिवस स्वच्छ वायु दिवस (7 सितंबर 2026) आयोजक मंत्रालय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) अवार्ड का नाम 5वां स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार ट्रैकिंग पोर्टल PRANA पोर्टल (Portal for Regulation of Air-pollution in Non-Attainment cities) NCR में वायु प्रदूषण पर नकेल: नगर निकायों और जन-भागीदारी का नया रोडमैप चर्चा में क्यों? ‘अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस’ पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में एक विशेष संवाद आयोजित हुआ। इसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के 63 शहरों के मेयरों और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस ऐतिहासिक

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7 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

7 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत छोटे शहरों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले 6वें RISE सम्मेलन 2026 (कोलकाता में भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्टार्टअप्स पर जोर), पर्यावरणीय शासन और सतत विकास को सुदृढ़ करने वाले राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों के 16वें राष्ट्रीय सम्मेलन, अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस 2026 (संकट से पुनरुद्धार की दिशा में भारत), उद्योग 4.0, रोबोटिक्स और एआई में तकनीकी आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने वाले साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (CPS), तथा पर्वतीय क्षेत्रों में जलवायु जोखिमों से निपटने के लिए हिमालयी राज्यों में GLOF और हिमस्खलन जोखिम प्रबंधन (केंद्रीय गृह सचिव द्वारा समीक्षा) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। 6वां RISE सम्मेलन 2026: कोलकाता में भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्टार्टअप्स पर जोर चर्चा में क्यों? कोलकाता में 6ठे RISE सम्मेलन 2026 का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा किया गया । इस सम्मेलन का उद्देश्य लैब-टू-मार्केट यात्रा को गति देना और छोटे शहरों के स्टार्टअप्स को उद्योग व विज्ञान से जोड़ना है। मुख्य बिंदु: स्टार्टअप इकोसिस्टम, अनुसंधान विकास और नवाचार पहल 1. टियर-2 और टियर-3 शहरों का स्टार्टअप पावरहाउस 2. ‘Whole-of-Science’ दृष्टिकोण और संस्थागत ढांचा 3. 4M फ्रेमवर्क और सम्मेलन के प्रमुख परिणाम प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन का नाम 6वां RISE सम्मेलन 2026 (Kolkata Edition) मुख्य थीम Driving Innovation & Entrepreneurship for Viksit Bharat 2047 आयोजक प्रयोगशालाएं CSIR-CGCRI, CSIR-IICB, CSIR-CMERI और CSIR-IMMT मुख्य ढांचा (Framework) 4M (Minerals, Medicine, Materials, Machines) स्थान व तिथि 6-7 सितंबर 2026, CSIR-IICB साल्ट लेक, कोलकाता पूर्ववर्ती संस्करण मुंबई, लखनऊ, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों का 16वां राष्ट्रीय सम्मेलन चर्चा में क्यों? चंडीगढ़ में राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों का 16वां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य और स्थानीय स्तर पर जैव विविधता प्रशासन को मजबूत करना है। मुख्य बिंदु: जैव विविधता प्रशासन, वैधानिक सुधार और स्थानीय भागीदारी 1. कानूनी ढाँचा और संस्थागत सुधार 2. एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग (ABS) फंड 3. अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं और वैश्विक लक्ष्य प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन का नाम राज्य जैव विविधता बोर्डों और UT जैव विविधता परिषदों का 16वां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजक संस्था राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) आयोजन तिथि व स्थान 6–7 सितंबर 2026, चंडीगढ़ कुल BMCs की संख्या 2.76 लाख से अधिक विपरीत लाभ साझाकरण (ABS) कोष ₹200 करोड़ से अधिक का वितरण अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस 2026: संकट से पुनरुद्धार की दिशा में भारत चर्चा में क्यों? पंचकुला (हरियाणा) में ‘अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस’ पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ‘संकट से पुनरुद्धार – भारत के गिद्धों का संरक्षण’ थीम पर इसका उद्घाटन किया। इस दौरान देश में ‘सुरक्षित गिद्ध क्षेत्र’ (Vulture Safe Zones) के निर्माण और तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। मुख्य बिंदु: गिद्धों का पारिस्थितिक महत्व, संकट और संरक्षण रणनीतियाँ 1. पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका और संकट के कारण 2. जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र (JCBC), पिंजौर 3. प्रमुख घोषणाएं एवं भावी रणनीति प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन का स्थान पंचकुला, हरियाणा कार्यशाला की थीम संकट से पुनरुद्धार – भारत के गिद्धों का संरक्षण मुख्य भागीदार संस्थाएं केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय (MoEFCC), CZA, हरियाणा वन विभाग, BNHS, JCBC प्रमुख प्रजनन केंद्र जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र (JCBC), पिंजौर विमोचित पुस्तक ‘स्टोरी ऑफ जटायु: सेविंग इंडियाज वल्चर’ साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (CPS): भारत के तकनीकी और आत्मनिर्भर भविष्य का आधार चर्चा में क्यों? विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा संचालित राष्ट्रीय अंतरविषय साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन (NM-ICPS) ने देश में स्वदेशी तकनीक, अनुसंधान और स्टार्टअप्स के माध्यम से एक मजबूत डिजिटल-भौतिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया है। अगस्त 2026 तक इस मिशन ने 1,100 से अधिक तकनीकों, 1,300 से अधिक उत्पादों और भारत जन जैसे स्वदेशी एआई मॉडल को विकसित करने में सफलता प्राप्त की है। मुख्य बिंदु: साइबर-फिजिकल सिस्टम, मिशन की संरचना और वास्तविक अनुप्रयोग 1. साइबर-फिजिकल सिस्टम (CPS) क्या है? 2. राष्ट्रीय अंतरविषय साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन (NM-ICPS) 3. भारत जन पहल 4. विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुप्रयोग प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मिशन का नाम राष्ट्रीय अंतरविषय साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन (NM-ICPS) मंत्रालय / विभाग विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (DST) प्रौद्योगिकी नवाचार हब (TIHs) 25 हब (शीर्ष अकादमिक संस्थानों में स्थापित) रिसर्च पार्क्स (TTRPs) 4 (IIT कानपुर, IISc बेंगलुरु, IIT धनबाद, IIT इंदौर) हिमालयी राज्यों में GLOF और हिमस्खलन जोखिम प्रबंधन: केंद्रीय गृह सचिव द्वारा समीक्षा चर्चा में क्यों? केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) और हिमस्खलन (Snow Avalanches) से निपटने की तैयारियों का मूल्यांकन करना था। मुख्य बिंदु: जोखिम समीक्षा, संस्थागत समन्वय और निवारक रणनीतियाँ 1. शामिल राज्य और प्रमुख तकनीकी संस्थाएं 2. समीक्षा के प्रमुख क्षेत्र और जोखिम प्रबंधन 3. मुख्य दिशा-निर्देश और भविष्य की रणनीति प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मुख्य आपदाएं ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) और हिमस्खलन बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव (गोविंद मोहन) प्रमुख भागीदार राज्य/UTs उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर मुख्य वैज्ञानिक संस्थाएं NDMA, CWC, IMD, और DGRE रणनीतिक ध्यान 2024 की GLOF शमन परियोजना की समीक्षा और अंतिम स्तर तक पूर्व चेतावनी NCERT Class 7, Science Ch-3 यहाँ पढ़ें:-

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4 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

4 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत वैश्विक रक्षा साझेदारी को दिशा देने वाले ‘रक्षा’ कूटनीति दस्तावेज (अगले 10 वर्षों का विजन), भारत के बंदरगाहों को हरित बनाने हेतु भारत का ग्रीन शिपिंग विजन (शून्य-उत्सर्जन गलियारे और हरित बंदरगाह), नेशनल लीडरशिप डायलॉग और एजेंटिक एआई स्किलिंग प्रोग्राम, भारतीय संगीत जगत की महान हस्ती प्रसिद्ध गुजराती संगीतकार गौरांग व्यास का निधन, जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देने वाले BIO-NIVESH (बायोटेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स के लिए निवेश मंच), भारत का एफटीए उपयोग अभियान (वैश्विक व्यापार में नई छलांग), तथा रीसाइक्लिंग तकनीक से टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण हेतु NH-716 पर 60% RAP तकनीक का सफल प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। ‘रक्षा’ कूटनीति दस्तावेज: अगले 10 वर्षों का विजन चर्चा में क्यों? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में ‘रक्षा’ (RAKSHA – Strategic Roadmap for Defence Diplomacy) नाम से एक व्यापक दस्तावेज जारी किया। यह दस्तावेज अगले 10 वर्षों (2026-2036) के लिए भारत की रक्षा कूटनीति, वैश्विक रणनीतिक साझेदारियों और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करता है। मुख्य बिंदु: रणनीतिक रोडमैप के 4 मुख्य स्तंभ 1. रणनीतिक साझेदारियों का विस्तार 2. क्षमता निर्माण और संयुक्त अभ्यास 3. स्वदेशी रक्षा निर्यात 4. समुद्री सुरक्षा (Maritime Security in IOR) ‘RAKSHA’ दस्तावेज के प्रमुख स्तंभ स्तंभ मुख्य उद्देश्य 1. रणनीतिक साझेदारियां सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना और वैश्विक नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखना। 2. क्षमता निर्माण प्रशिक्षण, संयुक्त सैन्य अभ्यास और ज्ञान साझाकरण। 3. स्वदेशी निर्यात भारत को विश्वसनीय रक्षा निर्यात हब बनाना (‘मेक इन इंडिया’)। 4. समुद्री सुरक्षा हिंद महासागर क्षेत्र में ‘Net Security Provider’ और ‘First Responder’ बनना। प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य दस्तावेज का नाम RAKSHA (Defence Diplomacy Document) जारीकर्ता रक्षा मंत्रालय (रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह) समय अवधि अगले 10 वर्ष (2026 से 2036) मुख्य लक्ष्य रणनीतिक स्वायत्तता, रक्षा निर्यात और समुद्री सुरक्षा भारत का ग्रीन शिपिंग विजन: शून्य-उत्सर्जन गलियारे और हरित बंदरगाह चर्चा में क्यों? केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने टेरी के ग्वाल पहाड़ी परिसर (गुरुग्राम) का दौरा किया। उन्होंने भारत के बंदरगाहों को हरित ईंधन (Green Fuel) के लिए तैयार करने, शून्य-उत्सर्जन नौवहन गलियारों (Zero-Emission Shipping Corridors) के निर्माण और समुद्री डीकार्बोनाइजेशन की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य बिंदु: ग्रीन शिपिंग और बंदरगाहों की तैयारी 1. NCoEGPS और अनुसंधान साझेदार 2. प्रमुख बंदरगाहों की हरित पहल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मंत्रालय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) NCoEGPS केंद्र TERI ग्वाल पहाड़ी कैंपस (गुरुग्राम, हरियाणा) ग्रीन बैंकरिंग हब वाले पोर्ट्स दीनदयाल (गुजरात), पारादीप (ओडिशा), V.O. चिदंबरनार (तमिलनाडु) शोर पावर तकनीक कामरजार पोर्ट (तमिलनाडु) के कोयला टर्मिनलों पर लागू वैश्विक लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों के अनुरूप नेशनल लीडरशिप डायलॉग और एजेंटिक एआई स्किलिंग प्रोग्राम चर्चा में क्यों? नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में NIELIT (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) और Intel India ने “Preparing the Future Workforce for the Agentic AI Era” विषय पर नेशनल लीडरशिप डायलॉग का आयोजन किया। इसी अवसर पर देश भर के युवाओं को AI के अगले चरण के लिए कुशल बनाने हेतु एजेंटिक एआई स्किलिंग प्रोग्राम लॉन्च किया गया। मुख्य बिंदु: एजेंटिक एआई और नया स्किलिंग फ्रेमवर्क 1. एजेंटिक एआई क्या है? 2. लॉन्च किए गए 2 प्रमुख कौशल कार्यक्रम NIELIT और इंटेल इंडिया ने संयुक्त रूप से दो स्तरों पर ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए हैं: 3. इंडिया एआई मिशन और विज़न प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम Agentic AI Skilling Initiative आयोजक NIELIT (MeitY) एवं Intel India मुख्य विषय Preparing the Future Workforce for the Agentic AI Era शुरू किए गए कोर्स 1. Agentic AI for Everyone2. Engineering Agentic AI Systems प्रसिद्ध गुजराती संगीतकार गौरांग व्यास का निधन चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजराती संगीत जगत के दिग्गज और जाने-माने संगीतकार श्री गौरांग व्यास के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने गुजराती सुगम संगीत और क्षेत्रीय सिनेमा में अपने अद्वितीय योगदान से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया। मुख्य बिंदु: गौरांग व्यास का संगीत क्षेत्र में योगदान 1. सांस्कृतिक संगीत विरासत को आगे बढ़ाना 2. गुजराती सिनेमा और संगीत में योगदान प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नाम गौरांग व्यास क्षेत्र संगीत रचना एवं निर्देशन (गुजराती संगीत) संबद्ध राज्य गुजरात पिता का योगदान अविनाश व्यास (गुजरात के प्रसिद्ध संगीतकार, पद्म श्री प्राप्तकर्ता) परीक्षा हेतु प्रासंगिकता भारतीय कला एवं संस्कृति (क्षेत्रीय संगीत रूप और व्यक्तित्व) BIO-NIVESH: बायोटेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स के लिए निवेश मंच चर्चा में क्यों? केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में ‘BIO-NIVESH’ नाम के एक रणनीतिक प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। यह पहल जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) क्षेत्र के इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स और प्राइवेट इन्वेस्टर्स को एक मंच पर लाती है। इसका मुख्य उद्देश्य लैब में तैयार नई खोजों को बाजार और बड़े पैमाने पर उत्पादन (Scale-up) तक पहुँचाने के लिए निजी पूंजी जुटाना है। मुख्य बिंदु: BIO-NIVESH और भारत का बायोटेक विजन 1. “Big Five in Five Years” का दृष्टिकोण 2. औद्योगिक क्रांति 4.0 से देर से न जुड़ने की सीख 3. ₹1 लाख करोड़ का RDI फंड और BIRAC की भूमिका प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पहल का नाम BIO-NIVESH नोडल मंत्रालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MoST) कार्यान्वयन एजेंसी BIRAC (Biotechnology Industry Research Assistance Council) रणनीतिक लक्ष्य ‘Big Five in Five Years’ (बायोटेक में 5 बड़ी एंकर कंपनियाँ बनाना) संबंधित राष्ट्रीय फंड ₹1 लाख करोड़ का RDI फंड भारत का एफटीए उपयोग अभियान: वैश्विक व्यापार में नई छलांग चर्चा में क्यों? वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में आयोजित “Leveraging FTAs: An Outreach Programme” राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत के सभी 780 जिलों में मुक्त व्यापार समझौतों (Free Trade Agreements – FTAs) के अधिकतम उपयोग के लिए एक राष्ट्रव्यापी आउटरीच अभियान का आह्वान किया। मुख्य बिंदु: वैश्विक व्यापार नेटवर्क और भारत का विजन 1. वैश्विक व्यापार तक पहुंच और टैरिफ लाभ 2. निर्यात लक्ष्य और आर्थिक प्रदर्शन 3. प्रमुख नीतियां और संस्थागत तंत्र प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम National Workshop

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3 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

3 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत के मजबूत आर्थिक संकेतकों को दर्शाने वाले भारत की सॉवरन क्रेडिट रेटिंग में सुधार (जापानी रेटिंग एजेंसी JCR द्वारा ‘A-‘ दर्जा), बाघ परिदृश्यों व जैव-अर्थव्यवस्था के संरक्षण हेतु अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला एवं IBCA-ADB समझौता, युवाओं को साहसिक गतिविधियों में प्रेरित करने वाले तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 की घोषणा, जैव प्रौद्योगिकी और क्वांटम तकनीक के एकीकरण हेतु क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी पर राष्ट्रीय सम्मेलन, कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा अधिकारों को सुदृढ़ करने वाली EPFO एमनेस्टी योजना 2026 (पीएफ ट्रस्टों का नियमितीकरण), तथा भू-राजनीतिक स्थिरता व ऊर्जा परिवर्तन पर आधारित 6ठें अंतर्राष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन 2026 का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारत की सॉवरन क्रेडिट रेटिंग में सुधार: जापानी रेटिंग एजेंसी JCR ने दिया ‘A-‘ का दर्जा चर्चा में क्यों? जापान की प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Japan Credit Rating Agency (JCR) ने भारत की फॉरेन करेंसी और लोकल करेंसी लॉन्ग-टर्म इश्यूअर रेटिंग्स को ‘BBB+’ से बढ़ाकर ‘A-’ कर दिया है। इसके साथ ही JCR ने भारत के आउटलुक को ‘स्थिर’ (Stable) रखा है और कंट्री सीलिंग को भी बढ़ाकर ‘A’ कर दिया है। यह सुधार वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद को दर्शाता है। मुख्य बिंदु: रेटिंग में सुधार के मुख्य कारण और आर्थिक आधार 1. मजबूत और लचीली जीडीपी वृद्धि (GDP Growth) 2. राजकोषीय घाटे में कमी और गुणवत्तापूर्ण व्यय 3. वित्तीय प्रणाली और बैंकिंग क्षेत्र में सुधार 4. मजबूत बाह्य क्षेत्र भारत की रेटिंग अपग्रेड का इतिहास क्रेडिट रेटिंग एजेंसी रेटिंग अपग्रेड का समय Morningstar DBRS मई 2025 S&P Global Ratings अगस्त 2025 Rating and Investment Information, Inc. (R&I), जापान सितंबर 2025 Japan Credit Rating Agency (JCR) सितंबर 2026 अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला: ‘टाइगर लैंडस्केप, बायोइकोनॉमी और इकोटूरिज्म’ एवं IBCA-ADB समझौता चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में ‘टाइगर लैंडस्केप: संरक्षण, बायोइकोनॉमी और इकोटूरिज्म’ विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA), एशियाई विकास बैंक (ADB) और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसी अवसर पर IBCA और ADB के बीच प्राकृतिक परिदृश्य संरक्षण और वित्तपोषण के लिए एक MoU पर भी हस्ताक्षर किए गए। मुख्य बिंदु: कार्यशाला के प्रमुख पहलू और भारत का दृष्टिकोण 1. पारिस्थितिक संरक्षण का मूल आधार: ‘सामंजस्य एवं मानव-प्रकृति सह-अस्तित्व’ 2. पारंपरिक ज्ञान का नीतियों में समावेश 3. IBCA और ADB के बीच ऐतिहासिक समझौता (MoU) सहभागी अंतर्राष्ट्रीय निकाय एवं संस्थागत ढांचा प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यशाला का विषय Tiger Landscapes: Conservation, Bioeconomy and Ecotourism आयोजक संस्थाएँ IBCA, ADB एवं NTCA (MoEFCC) नया द्विपक्षीय समझौता IBCA और ADB के बीच प्रकृति-अनुकूल वित्तपोषण हेतु MoU भागीदार रेंज देश बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, मलेशिया, नेपाल और वियतनाम ADB-भारत साझेदारी वर्ष 2026 (40 वर्ष पूरे) IBCA द्वारा संरक्षित 7 प्रजातियाँ बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024: विजेताओं की घोषणा चर्चा में क्यों? युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (MoYA&S) ने वर्ष 2024 के लिए तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार (TNNAA) की घोषणा की। ये पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के साथ राष्ट्रपति भवन में प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक कांस्य प्रतिमा, एक प्रमाण पत्र और 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। मुख्य बिंदु: पुरस्कार का उद्देश्य और 2024 के विजेता 1. पुरस्कार का उद्देश्य और महत्व 2. तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 के विजेता क्र. सं. विजेता का नाम श्रेणी (Category) 1. सुश्री बलजीत कौर थल साहस (Land Adventure) 2. श्री स्कालज़ांग रिग्ज़िन थल साहस (Land Adventure) 3. श्री रिमो साहा जल साहस (Water Adventure) 4. श्री शिव प्रसाद चमोली जीवन पर्यंत उपलब्धि (Life Time Achievement) नोट: इस वर्ष ‘वायु साहस’ (Air Adventure) श्रेणी में कोई पुरस्कार घोषित नहीं किया गया है। संस्थागत ढांचा एवं चयन प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार का नाम तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार (TNNAA) 2024 मंत्रालय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (MoYA&S) पुरस्कार राशि 15 लाख रुपये (प्रति विजेता) पुरस्कार की श्रेणियां (4) Land, Water, Air, and Life Time Achievement प्रदानकर्ता भारत के राष्ट्रपति (राष्ट्रपति भवन) ऐतिहासिक पृष्ठभूमि तेनज़िंग नोर्गे (एडमंड हिलेरी के साथ 1953 में एवरेस्ट फतह करने वाले प्रथम व्यक्ति) के सम्मान में नामित। क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी पर राष्ट्रीय सम्मेलन: भारत का रोडमैप चर्चा में क्यों? IIT बॉम्बे परिसर में क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी पर राष्ट्रीय सम्मेलन (National Conference on Quantum Biotechnology) का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन Qmet Tech Foundation द्वारा किया गया, जो राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत IIT बॉम्बे में स्थापित क्वांटम सेंसिंग एंड मेट्रोलॉजी का थीमेटिक हब (T-Hub) है। इसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) का समर्थन प्राप्त है। मुख्य बिंदु: क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी और इसके अनुप्रयोग 1. क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी क्या है? 2. मुख्य अनुप्रयोग क्षेत्र 3. उद्योग और अकादमिक क्षेत्र का एकीकरण संस्थागत ढांचा एवं हितधारक संस्था / निकाय भूमिका और योगदान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) नोडल मंत्रालय और नीतिगत दिशा-निर्देश Qmet Tech Foundation (IIT Bombay) क्वांटम सेंसिंग एवं मेट्रोलॉजी के लिए NQM का T-Hub जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) जीवन विज्ञान क्षेत्र के अनुप्रयोगों में तकनीकी सहयोग प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य सम्मेलन का नाम National Conference on Quantum Biotechnology आयोजन स्थल IIT बॉम्बे (PC Saxena Auditorium) आयोजक हब Qmet Tech Foundation (T-Hub for Quantum Sensing & Metrology) संबद्ध राष्ट्रीय मिशन राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission – NQM) सहयोगी विभाग DST (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) एवं DBT NQM का दायरा 2023 से 2031 तक संचालित 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का राष्ट्रीय मिशन EPFO एमनेस्टी योजना 2026: पीएफ ट्रस्टों की छूट स्थिति का नियमितीकरण चर्चा में क्यों? अधिसूचित कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना 2026 के तहत एक संक्रमणकालीन उपाय के रूप में एमनेस्टी प्रावधान पेश किए गए हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने संभावित पात्र भविष्य निधि (PF) ट्रस्टों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह योजना 29 जून 2026 से छह महीने की अवधि के लिए लागू है और इसकी अंतिम तिथि 28 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। मुख्य बिंदु: एमनेस्टी योजना की आवश्यकता, लाभ और क्रियान्वयन 1. योजना का मुख्य उद्देश्य 2. पीएफ ट्रस्टों को

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2 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

2 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत वैश्विक परमाणु जोखिम को कम करने वाली सेमीपलाटिंस्क संधि (अंतर्राष्ट्रीय परमाणु परीक्षण विरोधी दिवस और CANWFZ), क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाले 26वें SCO शिखर सम्मेलन 2026 (बिश्केक घोषणापत्र एवं भारत का दृष्टिकोण), जलवायु कार्रवाई को गति प्रदान करने वाले चतुर्थ भारत-जर्मनी पर्यावरण मंच 2026 (द्विपक्षीय जलवायु सहयोग एवं आर्द्रभूमि समझौता, कृषि उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने हेतु प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) की प्रगति समीक्षा, सार्वजनिक प्रशासन में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने हेतु राजधर्म और सुशासन (EPFO अधिकारियों के लिए नैतिक ढांचा), तथा वरिष्ठ नागरिकों व युवाओं के बीच सामाजिक समरसता के लिए सामाजिक न्याय मंत्रालय और रामकृष्ण मिशन के बीच MoU का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। सेमीपलाटिंस्क संधि: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु परीक्षण विरोधी दिवस और CANWFZ चर्चा में क्यों? 29 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय परमाणु परीक्षण विरोधी दिवस’ (International Day Against Nuclear Tests) के अवसर पर सेमीपलाटिंस्क संधि चर्चा में रही। वर्ष 2026 में 8 सितंबर को इस ऐतिहासिक संधि के हस्ताक्षर की 20वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। सेमीपलाटिंस्क संधि (CANWFZ) के मुख्य पहलू 1. क्या है यह संधि? 2. संधि का मुख्य उद्देश्य 3. संधि की अनोखी संरचनात्मक विशेषताएं 29 अगस्त: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु परीक्षण विरोधी दिवस पहलू विवरण प्रारंभकर्ता कज़ाकिस्तान के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा 2009 में घोषित। महत्व 29 अगस्त 1991 को कज़ाकिस्तान में सोवियत संघ के सेमीपलाटिंस्क परमाणु परीक्षण स्थल को आधिकारिक रूप से बंद किया गया था। उद्देश्य परमाणु हथियारों के परीक्षणों के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और वैश्विक निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देना। प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य संधि का स्थान सेमे (पूर्व नाम- सेमीपलाटिंस्क), कज़ाकिस्तान सदस्य देश 5 मध्य एशियाई देश (C5: कज़ाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज़्बेकिस्तान) 2026 अध्यक्षता कज़ाकिस्तान (CANWFZ की घूर्णी अध्यक्षता) वैश्विक स्थिति उत्तरी गोलार्द्ध का पहला परमाणु-मुक्त क्षेत्र संबंधित अन्य संधि CTBT (व्यापक परमाणु-परीक्षण-प्रतिबंध संधि – 1996) 26वां SCO शिखर सम्मेलन 2026: बिश्केक घोषणापत्र एवं भारत का दृष्टिकोण चर्चा में क्यों? भारतीय प्रधानमंत्री ने 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के दौरान बिश्केक (किर्गिज़ गणराज्य) में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 26वीं बैठक में भाग लिया। वर्ष 2026 में SCO की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस अवसर पर सदस्य देशों ने अगले 25 वर्षों के लिए क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि का रोडमैप तैयार किया। मुख्य बिंदु: सम्मेलन के प्रमुख पहलू और भारत का पक्ष 1. सुरक्षा और आतंकवाद पर सख्त रुख 2. संप्रभुता-आधारित कनेक्टिविटी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर 3. सांस्कृतिक विनिमय और भारत की प्रमुख पहलें सम्मेलन के प्रमुख परिणाम प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन तिथि एवं स्थान 31 अगस्त – 1 सितंबर 2026, बिश्केक (किर्गिज़स्तान) आयोजन की विशेषता SCO स्थापना की 25वीं वर्षगांठ SCO का मुख्य अंग काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट (सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था) मुख्यालय / सचिवालय बीजिंग (चीन) आतंकवाद विरोधी संस्था RATS (Regional Anti-Terrorist Structure) – ताशकंद (उज़्बेकिस्तान) चतुर्थ भारत-जर्मनी पर्यावरण मंच 2026: द्विपक्षीय जलवायु सहयोग एवं आर्द्रभूमि समझौता चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में चौथे भारत-जर्मनी पर्यावरण मंच (4th Indo-German Environment Forum – IGEF) का आयोजन किया गया। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और जर्मनी के पर्यावरण मंत्री कार्सटन श्नाइडर ने की। इस मंच का मुख्य विषय “Together For More Resilience” (अधिक लचीलेपन के लिए एक साथ) था। इस वर्ष भारत और जर्मनी अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष भी पूरे कर रहे हैं। मुख्य बिंदु: मंच के प्रमुख पहलू और महत्वपूर्ण समझौते 1. आर्द्रभूमि संरक्षण पर संयुक्त घोषणा पत्र (JDI on Wetlands) 2. सर्कुलर इकोनॉमी और आर्थिक क्षमता 3. भारी उद्योगों का डीकार्बोनाइजेशन 4. हरित संक्रमण में व्यापारिक सहयोग मंच की संरचना एवं कार्य समूह प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मंच का नाम 4th Indo-German Environment Forum (IGEF) 2026 आयोजन का विषय (Theme) Together For More Resilience नया द्विपक्षीय समझौता JDI on Conservation and Wise Use of Wetlands सर्कुलर इकोनॉमी लक्ष्य 2050 तक 2 Trillion बाज़ार मूल्य एवं 10 Million नए जॉब्स द्विपक्षीय संबंधों का मील का पत्थर भारत-जर्मनी रणनीतिक एवं राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष IGEF की शुरुआत वर्ष 2008 प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY): प्रगति समीक्षा एवं प्रमुख निष्कर्ष चर्चा में क्यों? केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली के कृषि भवन में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) की प्रगति की समीक्षा की। अक्टूबर 2026 में यह योजना अपने क्रियान्वयन का 1 वर्ष पूरा करने जा रही है। समीक्षा में देखा गया कि चिन्हित 100 जिलों का औसत प्रदर्शन स्कोर अप्रैल 2026 के 22.54 से बढ़कर जुलाई 2026 में 38.85 हो गया है। मुख्य बिंदु: योजना का क्रियान्वयन और प्रगति 1. योजना का उद्देश्य और आधार 2. 36 योजनाओं का अभिसरण 3. डेटा-आधारित निगरानी ढांचा 4. क्षमता निर्माण एवं विस्तार सेवाएँ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय कैबिनेट स्वीकृति एवं लॉन्च स्वीकृति: 16 जुलाई 2025 | औपचारिक शुभारंभ: 11 अक्टूबर 2025 कवरेज देश के 100 कृषि-पिछड़े जिले अभिसरण (Convergence) 11 मंत्रालयों की 36 योजनाएँ निगरानी मानक 121 इंडिकेटर्स (74 आउटपुट + 47 आउटकम) राजधर्म और सुशासन: EPFO अधिकारियों के लिए मार्गदर्शन एवं नैतिक ढांचा चर्चा में क्यों? कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (PDUNASS) के तत्त्वावधान में “Reimagining Governance: Discourse for Excellence (RGDE)” सत्र आयोजित किया गया। इस व्याख्यान में केरल के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने सार्वजनिक पदों पर आसीन अधिकारियों के लिए ‘राजधर्म’ को एक निरंतर चलने वाली नैतिक जिम्मेदारी बताया। मुख्य बिंदु: राजधर्म, सामाजिक सुरक्षा और समकालीन शासन 1. राजधर्म की अवधारणा और लोक सेवक का आचरण 2. प्रौद्योगिकी और मानवीय मूल्यों में संतुलन 3. सामाजिक सुरक्षा के संदर्भ में राजधर्म 4. सभ्यतागत ज्ञान और आधुनिक प्रशासन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम Reimagining Governance: Discourse for Excellence (RGDE) आयोजक संस्था EPFO एवं PDUNASS PDUNASS का पूर्ण रूप पंडित दीनदयाल उपाध्याय

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1 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

1 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत स्थायी कृषि और जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले ‘ग्रीन फोर्ज’ परिसर और BioE3 नीति, सेवा क्षेत्र की वास्तविक वृद्धि दरों को मापने हेतु सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP – जून 2026), अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता के क्षेत्र में मिसाल बने ‘मिशन ज़ीरो’ (देपालपुर मॉडल), काकेशस क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक पकड़ मजबूत करने वाली भारत-आर्मेनिया द्विपक्षीय बैठक, सोन नदी जल बंटवारा समझौता (बिहार और झारखंड), लक्षद्वीप क्षेत्र में आजीविका व समुद्री पारिस्थितिकी को गति देने वाले अगत्ती मत्स्य आउटरीच कार्यक्रम और मिशन रंगीन मछली 2031, UPI के उज़्बेकिस्तान में विस्तार (NIPL व NIPC समझौता) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। ‘ग्रीन फोर्ज’ परिसर और BioE3 नीति: कृषि-बायोटेक में भारत की नई क्रांति चर्चा में क्यों? केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पंजाब के मोहाली में ‘राष्ट्रीय कृषि-खाद्य और जैव-विनिर्माणी संस्थान’ (BRIC-NABI) में अपनी तरह के पहले ‘ग्रीन फोर्ज’ परिसर का उद्घाटन किया। यह सुविधा BioE3 (Biotechnology for Economy, Environment and Employment) राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान शुरू की गई। इसे जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फसलों के अनुसंधान और जलवायु-लचीली कृषि के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। मुख्य बिंदु: ग्रीन फोर्ज, BioE3 नीति और बायो-इकोनॉमी 1. ‘ग्रीन फोर्ज’ परिसर क्या है? 2. BioE3 नीति और बायोफैंड्री नेटवर्क 3. भारत की बायो-इकोनॉमी और कृषि अपशिष्ट प्रबंधन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य सुविधा का नाम ग्रीन फोर्ज परिसर स्थान BRIC-NABI, मोहाली (पंजाब) मूल नीति/पहल BioE3 नीति (Biotechnology for Economy, Environment and Employment) तकनीकी विशेषताएं नियंत्रित पर्यावरण सिमुलेशन, AI इंटीग्रेशन, GM फसल परीक्षण भारत की बायो-इकोनॉमी 200 बिलियन डॉलर सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) जून 2026: आर्थिक वृद्धि का नया पैमाना चर्चा में क्यों? सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने जून 2026 के लिए 19 उप-क्षेत्रों (Sub-sectors) का उप-क्षेत्रीय प्रायोगिक सेवा उत्पादन सूचकांक (Sub-Sectoral Trial Index of Services Production – ISP) जारी किया है। इस सूचकांक का आधार वर्ष (Base Year) 2024–25 तय किया गया है। यह डेटा भारत के सेवा क्षेत्र की मासिक प्रगति को ट्रैक करने में मदद करता है। मुख्य बिंदु: ISP जून 2026 के प्रमुख निष्कर्ष और संरचना 1. विकास दर के प्रमुख आँकड़े 2. सबसे तेज़ बढ़ने वाले शीर्ष उप-क्षेत्र 3. प्रयोग के आधार पर प्रकाशन सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP): प्रदर्शन तालिका (जून 2026) उप-क्षेत्र (Broad Sub-Sector) ISP जून 2026 वार्षिक वृद्धि (%) रियल एस्टेट 119.0 24.7% खुदरा व्यापार 138.0 18.0% थोक व्यापार 122.8 15.1% प्रशासनिक व सहायता सेवाएँ 121.7 14.4% IT एवं कंप्यूटर सेवाएँ 130.8 13.5% भंडारण (Warehousing) 128.3 11.8% बैंकिंग 121.3 11.4% आवास एवं भोजन (Accommodation & Food) 141.2 10.2% हवाई परिवहन (Air Transport) 91.2 -6.0% ‘मिशन ज़ीरो’: देपालपुर ने लिगेसी वेस्ट से पाई मुक्ति चर्चा में क्यों? मध्य प्रदेश का देपालपुर नगर परिषद ‘स्वच्छ शहर जोड़ी’ (Swachh Shehar Jodi) पहल के तहत “ज़ीरो लिगेसी वेस्ट” का लक्ष्य हासिल करने वाला देश का पहला शहर बन गया है। इंदौर नगर निगम की देखरेख और मार्गदर्शन में देपालपुर ने 5 वर्षों से जमा 1,250 मीट्रिक टन पुराने कचरे (Legacy Waste) का 100% वैज्ञानिक उपचार किया। मुख्य बिंदु: स्वच्छ शहर जोड़ी और देपालपुर मॉडल 1. स्वच्छ शहर जोड़ी (Swachh Shehar Jodi) पहल क्या है? 2. अपशिष्ट प्रबंधन और लिगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग 3. अन्य संबद्ध पहलें प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पहला ज़ीरो लिगेसी वेस्ट शहर देपालपुर (मध्य प्रदेश) प्रमुख पहल स्वच्छ शहर जोड़ी (Swachh Shehar Jodi) मूल योजना स्वच्छ भारत मिशन – शहरी 2.0 (SBM-U 2.0) मेंटरशिप मॉडल ‘ईच वन टीच वन’ (72 मेंटर + 200 मेंटी शहर) मंत्रालय आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय (MoHUA) RDF का उपयोग सीमेंट कारखानों में ईंधन (Co-processing) के रूप में भारत-आर्मेनिया द्विपक्षीय बैठक: मध्य एशिया और काकेशस क्षेत्र में नई साझेदारी चर्चा में क्यों? किर्गिज़ गणराज्य के बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के इतर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। जून में आर्मेनिया में हुए आम चुनावों के बाद प्रधानमंत्री पाशिनयान के पुनर्नियुक्त होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी। मुख्य बिंदु: बैठक के प्रमुख आयाम और सहयोग के क्षेत्र 1. द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार 2. क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दे भारत-आर्मेनिया संबंध: सहयोग क्षेत्र मुख्य तथ्य / विवरण रणनीतिक स्थान दक्षिण काकेशस क्षेत्र (भू-राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्त्वपूर्ण) रक्षा निर्यात भारत आर्मेनिया को पिनाका रॉकेट सिस्टम और आकाश एयर डिफेंस सप्लाई करता है कनेक्टिविटी अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) का संभावित मार्ग कूटनीतिक रुख आर्मेनिया ने कश्मीर मुद्दे पर हमेशा भारत के रुख का समर्थन किया है सोन नदी जल बंटवारा समझौता: बिहार और झारखंड के बीच अंतर-राज्यीय जल विवाद का समाधान चर्चा में क्यों? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते ने दोनों राज्यों के बीच लगभग 25 वर्ष पुराने जल विवाद को समाप्त कर दिया है। यह इस वर्ष (2026 में) अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) की पहल पर सुलझाया गया चौथा बड़ा जल विवाद है। मुख्य बिंदु: सोन नदी जल समझौते और हालिया अंतर-राज्यीय जल विवादों का विश्लेषण 1. बिहार-झारखंड सोन जल समझौता 2. वर्ष 2026 में सुलझे अन्य 3 ऐतिहासिक जल विवाद वर्ष 2026 के प्रमुख अंतर-राज्यीय जल समझौते समझौता / परियोजना सहभागी राज्य मुख्य उद्देश्य / समाधान सोन नदी जल समझौता बिहार और झारखंड 25 साल पुराने विवाद का अंत; सिंचाई व पेयजल आपूर्ति नर्मदा अवॉर्ड settlement महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, MP सरदार सरोवर परियोजना बकाया लागत का एकमुश्त समाधान यमुना जल परियोजना राजस्थान और हरियाणा 580 MCM पानी भूमिगत पाइपलाइन से राजस्थान भेजना किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना HP, UK, दिल्ली, UP, HR, राजस्थान 90:10 केंद्र-राज्य फंडिंग पैटर्न पर जल व ऊर्जा बंटवारा ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा: अगत्ती में मत्स्य आउटरीच कार्यक्रम और मिशन रंगीन मछली 2031 चर्चा में क्यों? भारत के उपराष्ट्रपति ने लक्षद्वीप के अगत्ती (Agatti) द्वीप में आयोजित राष्ट्रीय ‘मत्स्य आउटरीच कार्यक्रम’ में शिरकत की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लक्षद्वीप के समृद्ध समुद्री संसाधनों, विशेषकर टुना मछली और सीवीड के सतत दोहन के माध्यम से नीली अर्थव्यवस्था (Blue

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31 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

31 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतगर्त सजावटी मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर तटीय आजीविका को सशक्त बनाने वाले मिशन रंगीन मछली 2031 (सजावटी मत्स्य पालन और ‘ब्लू इकोनॉमी’ की नई दिशा), ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प को दर्शाने वाले आारणमुला उथ्रिटाथी वल्लमकली, एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (iFMS – डेटा-संचालित उर्वरक प्रबंधन), मध्य एशियाई क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक पहुंच को मजबूत करने वाले ‘ओलीय दरजाली दोस्ती’ पुरस्कार और भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त वक्तव्य 2026 (द्विपक्षीय संबंधों का नया अध्याय), तथा सूक्ष्म सिंचाई के माध्यम से कृषि जल दक्षता बढ़ाने वाले प्रति बूंद अधिक फसल (PDMC – Per Drop More Crop) कार्यक्रम का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। मिशन रंगीन मछली 2031: सजावटी मत्स्य पालन और ‘ब्लू इकोनॉमी’ की नई दिशा चर्चा में क्यों? केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा अगाती (लक्षद्वीप) में एक विशेष आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति ने सजावटी मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत और वैज्ञानिक विकास के लिए “मिशन रंगीन मछली 2031” रणनीतिक कार्य योजना का शुभारंभ किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत के विशाल समुद्री व द्वीप संसाधनों का उपयोग कर सजावटी मत्स्य पालन में मानकीकृत SOPs, जैव-सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण लागू करना है। मुख्य बिंदु: मिशन रंगीन मछली 2031 और नीली अर्थव्यवस्था 1. मिशन रंगीन मछली 2031 की मुख्य विशेषताएं 2. लक्षद्वीप का रणनीतिक महत्त्व और क्लस्टर मॉडल 3. भारत का समुद्री मत्स्य परिदृश्य प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नया मिशन मिशन रंगीन मछली 2031 (सजावटी मत्स्य क्षेत्र हेतु) शुभारंभ स्थल अगाती (Agatti), लक्षद्वीप भारत की तटरेखा ~11,099 किमी भारत का कुल EEZ ~2.2 से 2.4 मिलियन वर्ग किमी लक्षद्वीप का EEZ व लैगून क्षेत्र EEZ: ~4 लाख वर्ग किमी (भारत के कुल EEZ का 17%) | लैगून: 4,200 वर्ग किमी सीवीड क्लस्टर लक्षद्वीप को समर्पित सीवीड क्लस्टर घोषित किया गया है प्रमुख मछली प्रजातियां (लक्षद्वीप) येलोफिन ट्यूना, स्किपजैक ट्यूना सीफूड निर्यात (FY 2025-26) ₹73,890 करोड़ आारणमुला उथ्रिटाथी वल्लमकली: केरल की सांस्कृतिक विरासत और ‘विकास भी, विरासत भी’ की भावना चर्चा में क्यों? भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने केरल में पम्पा नदी के तट पर आयोजित ऐतिहासिक आरणमुला उथ्रिटाथी वल्लमकली नौका दौड़ का आधिकारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह उत्सव केरल की जीवंत परंपराओं, समर्पण, सामूहिक भावना और देश के ‘विकास भी, विरासत भी’ के दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। मुख्य बिंदु: सांस्कृतिक महत्त्व और प्रमुख परंपराएं 1. आरणमुला वल्लमकली (नौका दौड़) का महत्त्व 2. पम्पा नदी और श्री पार्थसारथी मंदिर 3. आरणमुला कन्नडी (Aranmula Kannadi – GI Tag) 4. राज्य का नामकरण और सांस्कृतिक एकता प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य उत्सव का नाम आरणमुला उथ्रिटाथी वल्लमकली (नौका दौड़) स्थान व नदी आरणमुला, पम्पा नदी (केरल) पारंपरिक नौकाएं पल्लीयोडम (स्नेक बोट्स) संबद्ध मंदिर श्री पार्थसारथी मंदिर (भगवान कृष्ण) प्रसिद्ध हस्तशिल्प आरणमुला कन्नडी (धातु का दर्पण – GI Tag प्राप्त) राष्ट्रीय दृष्टिकोण ‘विकास भी, विरासत भी’ (PM का विज़न) एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (iFMS): डेटा-संचालित उर्वरक प्रबंधन का नया चरण Why in News? (चर्चा में क्यों? रासायनिक एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग ने एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (iFMS) को अधिक पारदर्शी और डेटा-संचालित बनाने के लिए नई डिजिटल पहलों की शुरुआत की है। iFMS का हरियाणा के ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ (MFMB) और राष्ट्रीय स्तर के ‘AgriStack’ प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य नकली मांग को रोकना और किसानों को उनकी भूमि व फसल की आवश्यकता के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराना है। मुख्य बिंदु: iFMS का नया स्वरूप और प्रमुख डिजिटल पहलें 1. iFMS का व्यापक विस्तार और क्षमता 2. उर्वरक बिक्री ढांचा (Framework for Fertilizer Sale – FFS) 3. वाहन स्थान ट्रैकिंग प्रणाली (VLTS) 4. इलेक्ट्रॉनिक सब्सिडी प्रसंस्करण (e-Bill & PFMS) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रणाली का नाम एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (iFMS) तकनीकी भागीदार राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) वार्षिक सब्सिडी कवरेज लगभग ₹2 लाख करोड़ वार्षिक बिक्री मात्रा लगभग 7 करोड़ मीट्रिक टन प्रमुख डिजिटल एकीकरण Meri Fasal Mera Byora (हरियाणा), AgriStack, PFMS/e-Bill ‘ओलीय दरजाली दोस्ती’ पुरस्कार: भारत-उज्बेकिस्तान संबंध और रणनीतिक साझेदारी चर्चा में क्यों? उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ओलीय दरजाली दोस्ती’ ऑर्डर से सम्मानित किया। यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, रणनीतिक साझेदारी और ऐतिहासिक दोस्ती को मजबूत करने में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया है। मुख्य बिंदु: भारत-उज्बेकिस्तान संबंध और पुरस्कार का महत्त्व 1. पुरस्कार का महत्त्व 2. द्विपक्षीय और रणनीतिक जुड़ाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार का नाम ‘ओलीय दरजाली दोस्ती’ ऑर्डर प्रदान करने वाला देश उज्बेकिस्तान (राष्ट्रपति: शौकत मिर्ज़ियोयेव) प्राप्तकर्ता भारत के प्रधानमंत्री पुरस्कार की श्रेणी विदेशी नेताओं हेतु उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान साझेदारी का प्रकार व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त वक्तव्य 2026: द्विपक्षीय संबंधों का नया अध्याय चर्चा में क्यों? भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान की आधिकारिक राजकीय यात्रा (State Visit) की। इस दौरान राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों देशों ने अपने संबंधों को मजबूत करते हुए एक विस्तृत संयुक्त वक्तव्य (Joint Statement) जारी किया और रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम देने पर सहमति व्यक्त की। मुख्य बिंदु: भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त वक्तव्य के प्रमुख स्तंभ 1. राजनीतिक व सुरक्षा सहयोग 2. व्यापार, निवेश व संपर्क (Trade & Connectivity) 3. ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स व डिजिटल तकनीक 4. स्वास्थ्य, पर्यावरण व सांस्कृतिक संबंध प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य संयुक्त सैन्य अभ्यास दस्तलिक – भारत और उज्बेकिस्तान ताशकंद IT Park मॉडल Software Technology Parks of India (STPI) के सहयोग से विकसित अरल सागर पुनर्वास सहायता भारत द्वारा 1 मिलियन डॉलर (Grant-in-Aid) संरक्षित बौद्ध स्थल फायाज तेपा और कराटेपा उज्बेकिस्तान का संसद नाम ओलीय मज्लिस प्रति बूंद अधिक फसल (PDMC): जल-कुशल कृषि और सूक्ष्म सिंचाई क्रांति चर्चा में क्यों? ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ (Per Drop More Crop – PDMC) योजना के तहत भारत में 115 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सूक्ष्म सिंचाई (Micro-Irrigation) के दायरे में लाया जा चुका है। सरकार

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29 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

29 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत ऊर्जा सुरक्षा और हरित परिवर्तन को गति देने वाले भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम (अनुप्रयोग, सुरक्षा ढांचा और भविष्य का खाका), केरल के सामाजिक पुनर्जागरण में युगांतरकारी योगदान देने वाले श्री नारायण गुरु और महात्मा अय्यंकाली का दर्शन व कार्य, संक्रामक रोगों पर नियंत्रण हेतु भारत में मलेरिया उन्मूलन लक्ष्य 2030 (समीक्षा और प्रगति रिपोर्ट), देश को एआई के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने वाले स्वदेशी AI स्टैक ‘ज्ञाना अर्थ’ तथा सामाजिक न्याय, शिक्षा के अधिकार और दलित सशक्तीकरण के लिए समर्पित महात्मा अय्यंकाली के ऐतिहासिक योगदान का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारत का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम: अनुप्रयोग, सुरक्षा और भविष्य का खाका चर्चा में क्यों? विकसित भारत के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन’ के तहत वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रिपोर्ट में परमाणु तकनीक के बहु-क्षेत्रीय अनुप्रयोगों जैसे कैंसर उपचार, उन्नत कृषि किस्मों, खाद्य संरक्षण, सेमीकंडक्टर सामग्री और ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन में भारत की प्रगति को प्रमुखता से दर्शाया गया है। देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की उपलब्धियों, बहु-क्षेत्रीय अनुप्रयोगों, उन्नत सुरक्षा उपायों और ‘विकसित भारत के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन’ के रोडमैप का खाका प्रस्तुत किया गया है। मुख्य बिंदु: क्षमता विस्तार, अनुप्रयोग और सुरक्षा मानक 1. वर्तमान क्षमता और लक्षित मील के पत्थर (Capacity & Vision) 2. बिजली से इतर परमाणु तकनीक के प्रमुख अनुप्रयोग 3. सुरक्षा ढांचा और आपदा तैयारी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कुल वर्तमान क्षमता 8.78 GW (24 संचालित रिएक्टर) 2047 का लक्ष्य 100 GW (विकसित भारत मिशन) 2070 का लक्ष्य शुद्ध शून्य उत्सर्जन (Net Zero Emission) SMR हेतु बजट (2025-26) ₹20,000 करोड़ पहला न्यूक्लियर-हाइड्रोजन प्लांट कल्पक्कम (तमिलनाडु), 2026 बोरॉन-11 संवर्धन केंद्र तालचर (ओडिशा) – सेमीकंडक्टर हेतु श्री नारायण गुरु और महात्मा अय्यंकाली: केरल के महान समाज सुधारक चर्चा में क्यों? केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने केरल के दो महान समाज सुधारकों—श्री नारायण गुरु और महात्मा अय्यंकाली—को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इन दोनों विचारकों ने शिक्षा, आध्यात्मिकता और सामाजिक न्याय के माध्यम से केरल में दलित एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान तथा जातिगत भेदभाव के उन्मूलन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। मुख्य बिंदु: जीवन दर्शन और प्रमुख योगदान 1. श्री नारायण गुरु (1856 – 1928) 2. महात्मा अय्यंकाली (1863 – 1941) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु श्री नारायण गुरु महात्मा अय्यंकाली मुख्य क्षेत्र केरल (सामाजिक-धार्मिक सुधार) केरल (दलित उत्थान व शिक्षा) प्रसिद्ध संस्था SNDP योगम (1903) साधु जन परिपालन संगम् (1907) ऐतिहासिक घटना अरुविप्पुरम आंदोलन (1888) विल्लुवंडी (बैलगाड़ी) आंदोलन (1893) मुख्य दर्शन/आह्वान “एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर” दलितों की शिक्षा व श्रम अधिकार संबद्ध सत्याग्रह वैकोम सत्याग्रह समर्थन स्कूल प्रवेश आंदोलन भारत में मलेरिया उन्मूलन लक्ष्य 2030: समीक्षा और प्रगति रिपोर्ट चर्चा में क्यों? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की मिशन निदेशक की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में 2030 तक भारत से मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य की प्रगति की समीक्षा की गई। पिछले एक दशक (2015–2025) में भारत में मलेरिया के मामलों और मौतों में लगभग 80% की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है। समीक्षा में देश के 33 उच्च-भार वाले जिलों में क्षेत्र-विशिष्ट रणनीतियों, ‘टेस्ट, ट्रीट और ट्रैक’ दृष्टिकोण को मजबूत करने तथा पंचायती राज व स्थानीय निकायों के साथ अंतर-विभागीय समन्वय पर विशेष बल दिया गया। मुख्य बिंदु: 2015-2025 की उपलब्धियां और रणनीतिक कदम 1. 10 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां (2015–2025) 2. 33 उच्च-भार वाले जिले और राज्य 3. प्रमुख रणनीतिक निर्देश प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य राष्ट्रीय उन्मूलन लक्ष्य 2030 (सतत विकास लक्ष्य 3.3 के अनुरूप) मामलों व मौतों में कमी (2015-25) लगभग 80% की गिरावट उच्च-भार वाले जिले 155 से घटकर 33 (9 राज्यों/UTs में) मलेरिया-मुक्त जिले (2022-25) 160 जिले (शून्य स्थानीय मामले) मुख्य नोडल संस्था NCVBDC (नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल) स्वदेशी AI स्टैक ‘ज्ञाना अर्थ’: भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता का नया अध्याय चर्चा में क्यों? भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में स्वदेशी AI स्टैक ‘ज्ञाना अर्थ’ का आधिकारिक शुभारंभ किया। GNANI AI द्वारा विकसित इस स्टैक में ‘Evon 3.3’ नामक लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) और एआई को व्यावहारिक कार्यों से जोड़ने वाला ‘Plexus’ प्लेटफॉर्म शामिल है। यह पहल भारत की डिजिटल संप्रभुता को सुदृढ़ करने और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ‘उपभोक्ता’ के बजाय ‘निर्माता’ बनने के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को गति प्रदान करती है। मुख्य बिंदु: स्वदेशी AI, संप्रभुता और तकनीकी क्षमता 1. ‘ज्ञाना अर्थ’ के दो मुख्य घटक 2. संप्रभु AI (Sovereign AI) और आत्मनिर्भरता का महत्त्व 3. प्रशासनिक एवं सार्वजनिक क्षेत्र में AI का उपयोग 4. राष्ट्रीय AI पारिस्थितिकी तंत्र प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य उत्पाद नाम ‘ज्ञाना अर्थ’ – स्वदेशी AI स्टैक डेवलपर संस्था GNANI AI (CEO: गणेश गोपालन, CTO: अनंत नागराज) घटक 1: Evon 3.3 स्वदेशी लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) घटक 2: Plexus एआई को वास्तविक संस्थागत कार्यों से जोड़ने वाला प्लेटफॉर्म संसद में प्रयोग 8 भाषाओं में रीयल-टाइम AI अनुवाद (लक्ष्य: सभी 22 भाषाएं) महात्मा अय्यंकाली: केरल में सामाजिक न्याय और दलित सशक्तीकरण के अग्रदूत चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के महान समाज सुधारक महात्मा अय्यंकाली की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने सामाजिक न्याय, वंचित वर्गों के लिए शिक्षा की व्यवस्था, और कृषि मजदूरों के कल्याण के लिए उनके द्वारा किए गए ऐतिहासिक संघर्षों को याद किया। मुख्य बिंदु: समाज सुधार और ऐतिहासिक आंदोलन 1. पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन (1863 – 1941) 2. विल्लुवंडी आंदोलन (Bullock Cart Race – 1893) 3. साधु जन परिपालन संगम् (SJPS – 1907) 4. कृषि श्रम आंदोलन और पहली संगठित हड़ताल 5. महात्मा गांधी द्वारा प्रशंसा प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नाम एवं कार्यक्षेत्र महात्मा अय्यंकाली (केरल) जन्म एवं समुदाय 28 अगस्त 1863 (पुलाया समुदाय) प्रमुख संस्था साधु जन परिपालन संगम् (SJPS, 1907) प्रसिद्ध आंदोलन विल्लुवंडी आंदोलन (1893) – सार्वजनिक सड़क अधिकार ऐतिहासिक योगदान भारत की पहली संगठित दलित कृषि श्रम हड़ताल गांधी जी द्वारा उपाधि ‘भारत का महान पुत्र’ (Great Son of India) NCERT

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28 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

28 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत आवश्यक वस्तुओं की मूल्य स्थिरता और बाज़ार संतुलन के लिए मूल्य स्थिरता और प्याज की निर्बाध आपूर्ति हेतु सरकारी हस्तक्षेप, भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण में भारत की वैश्विक भूमिका को दर्शाते हुए भूमि शासन में भारत का DPI और अफ़्रीकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा, उच्च हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए हिम तेंदुए (Snow Leopard) के संरक्षण पर भारत-रूस गोलमेज बैठक, नौसेना की रसद और सहायता क्षमताओं को सशक्त बनाने वाले पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत (MPV) ‘समर्थक’, तथा देश के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधा पहुँचाने वाली प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के 12 वर्ष (वित्तीय समावेशन की महाक्रांति) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। मूल्य स्थिरता और प्याज की निर्बाध आपूर्ति हेतु सरकारी हस्तक्षेप चर्चा में क्यों? उपभोक्ता मामले विभाग (DoCA) ने आम जनता को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया। सरकार ने बाजार हस्तक्षेप नीति के तहत दिल्ली-NCR में बफर स्टॉक से 35 रुपये प्रति किग्रा की रियायती दर पर प्याज की खुदरा बिक्री शुरू की है। मुख्य बिंदु: बफर स्टॉक और लॉजिस्टिक्स तंत्र 1. मूल्य स्थिरता और खुदरा बिक्री 2. ‘कांदा एक्सप्रेस’ पहल और आपूर्ति विस्तार 3. वैज्ञानिक भंडारण और बहु-मॉडल परिवहन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नोडल विभाग उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs – DoCA) कार्यान्वयन एजेंसियां NCCF, NAFED और CWC कांदा एक्सप्रेस बफर प्याज के त्वरित रेल परिवहन हेतु लॉजिस्टिक्स पहल बफर प्याज दर ₹35 प्रति किग्रा (दिल्ली-NCR) भंडारण भागीदार केंद्रीय भंडारण निगम (Central Warehousing Corporation – CWC) भूमि शासन में भारत का DPI और अफ़्रीकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा चर्चा में क्यों? अफ़्रीकी संघ आयोग, 6 अफ़्रीकी देशों (इथियोपिया, मलावी, रवांडा, सिएरा लियोन, जाम्बिया) और UNDP के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भूमि संसाधन विभाग (DoLR) का दौरा किया। इस अध्ययन दौरे का मुख्य उद्देश्य भूमि शासन में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), ‘भारत लैंड स्टैक’ और भू-आधार मॉडल का अध्ययन करना था। मुख्य बिंदु: भूमि शासन में भारत की क्रांति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग 1. ‘भारत लैंड स्टैक’ और भू-आधार (ULPIN) 2. DILRMP की प्रमुख राष्ट्रीय उपलब्धियां 3. ‘नक्शा’ कार्यक्रम और शहरी मैपिंग प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नोडल विभाग भूमि संसाधन विभाग (DoLR), ग्रामीण विकास मंत्रालय भू-आधार (ULPIN) 14-अंकों की यूनिक आईडी (40.58 करोड़+ जारी) मुख्य कार्यक्रम DILRMP (डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम) शहरी योजना NAKSHA (ड्रोन एवं LiDAR आधारित शहरी मैपिंग) पंजीकरण प्रणाली NGDRS (राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली) हिम तेंदुए (Snow Leopard) के संरक्षण पर भारत-रूस गोलमेज बैठक चर्चा में क्यों? मास्को (रूस) स्थित सेवर्टसोव इंस्टीट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन में ‘हिम तेंदुए के अध्ययन और संरक्षण पर भारत-रूस गोलमेज बैठक’ आयोजित की गई। इस बैठक में भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया और भारत की वैज्ञानिक तकनीकों को साझा किया। मुख्य बिंदु: वैज्ञानिक तकनीकें और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग 1. अंतर्राष्ट्रीय सहयोग ढांचा 2. भारत द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक पहलें प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन स्थल मास्को (रूस) – सेवर्टसोव इंस्टीट्यूट (RAS) मुख्य भागीदार संस्थाएं MoEFCC, WII, IBCA और एसोसिएशन ‘Irbis’ IBCA की शुरुआत भारत द्वारा अप्रैल 2023 में (7 बिग कैट्स के संरक्षण हेतु) हिम तेंदुए की स्थिति (IUCN) संवेदनशील (Vulnerable भारतीय नौसेना को मिला ‘समर्थक’: पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत (MPV) चर्चा में क्यों? लार्सन एंड टुब्रो (L&T) कट्टुपल्ली शिपयार्ड ने भारतीय नौसेना को पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत (Multi-Purpose Vessel – MPV) सौंपा। इस पोत का नाम ‘समर्थक’ रखा गया है, जो भारत के रक्षा निर्माण क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्य बिंदु: विशेषताएं और सामरिक भूमिका 1. स्वदेशीकरण और निर्माण 2. प्रमुख परिचालन कार्य प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पोत का नाम ‘समर्थक’ श्रेणी बहुउद्देश्यीय पोत (Multi-Purpose Vessel – MPV) निर्माता शिपयार्ड L&T कट्टुपल्ली (तमिलनाडु) स्वदेशी सामग्री प्रतिशत 75% से अधिक प्राथमिक भूमिका परीक्षण/मूल्यांकन, समुद्री गश्त और HADR प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के 12 वर्ष: वित्तीय समावेशन की महाक्रांति चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) ने 28 अगस्त 2026 को अपने सफल 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह विश्व का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन कार्यक्रम बन चुका है, जिसने देश के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की है। इस योजना ने देश भर में 59 करोड़ से अधिक बुनियादी बचत बैंक खाते खोलकर वंचित और ग्रामीण वर्गों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है। जन धन-आधार-मोबाइल (JAM) ट्रिनिटी के माध्यम से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिये के सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाना संभव हुआ है। मुख्य बिंदु: 12 वर्षों की उपलब्धियां और मुख्य विशेषताएं 1. योजना की मुख्य विशेषताएं 2. 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां (19 अगस्त 2026 तक के आंकड़े) 3. JAM ट्रिनिटी और डिजिटल परिवर्तन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना की शुरुआत 28 अगस्त 2014 नोडल मंत्रालय वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवाएं विभाग – DFS) कुल खोले गए खाते 59.09 करोड़ महिला खाताधारक 56% (32.92 करोड़) ग्रामीण/अर्ध-शहरी खाते 78% (45.95 करोड़) दुर्घटना बीमा (RuPay) ₹2 लाख ओवरड्राफ्ट (OD) सीमा ₹10,000 तक NCERT Class 7, Social Science Ch-12 यहाँ पढ़ें:-

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