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27 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

27 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत चीनी क्षेत्र के आर्थिक गतिशीलता को दर्शाने वाले भारतीय चीनी उद्योग: मूल्य श्रृंखला, एथेनॉल संलयन और हालिया मूल्य वृद्धि, वैश्विक मंच पर जल संरक्षण की सफलता प्रस्तुत करने वाले वर्ल्ड वॉटर वीक 2026 (ग्रामीण जल सुरक्षा में भारत का प्रदर्शन), एमएसएमई और ग्रामीण वित्तीय बुनियादी ढांचे को मजबूती देने वाली SIDBI-RRB सह-ऋण देने की व्यवस्था (Co-Lending Mechanism), अंतर्राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन व तटीय सुरक्षा से जुड़े नेपाल फ्लैश फ्लड संकट: सीमावर्ती भारतीय राज्यों पर प्रभाव और राहत उपाय, एयरोस्पेस क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को गति देने वाले CSIR-NAL स्वदेशी माइक्रो और स्मॉल गैस टर्बाइन इंजन, तथा भारतीय एनीमेशन, गेमिंग व फिल्म उद्योग को वैश्विक मंच प्रदान करने वाली IICT-नेटफ्लिक्स स्कॉलरशिप पहल और भारत की ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारतीय चीनी उद्योग: मूल्य श्रृंखला, एथेनॉल संलयन और हालिया मूल्य वृद्धि चर्चा में क्यों? सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में जुलाई से अगस्त 2026 के बीच चीनी की खुदरा कीमतों में 15.6% की अल्पकालिक बढ़ोतरी (₹48.18 से ₹55.70 प्रति किग्रा) दर्ज की गई है। सरकार ने जमाखोरी पर रोक लगाने, स्टॉक सीमा लागू करने और 10 लाख मीट्रिक टन कच्चे चीनी (Raw Sugar) के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देकर बाजार को नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाए हैं। चीनी क्षेत्र का परिदृश्य और उत्पादन आंकड़े 1. उत्पादन एवं क्षेत्रफल (2025-26) 2. उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) चीनी उद्योग और एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (EBP) हालिया मूल्य वृद्धि के कारण और भ्रम बनाम तथ्य मूल्य वृद्धि के 5 मुख्य कारण भ्रम बनाम तथ्य भ्रम तथ्य एथेनॉल डाइवर्जन से कीमतें बढ़ीं। एथेनॉल के लिए चीनी का डाइवर्जन 12% से घटकर 9% हो गया है। एथेनॉल उपभोक्ताओं का हक मार रहा है। 3/4 एथेनॉल का उत्पादन अब मक्के/अनाज से हो रहा है। देश में चीनी की भारी कमी है। नए पेराई सत्र तक घरेलू मांग पूरा करने के लिए पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है। कीमतें लगातार अनियंत्रित रूप से बढ़ रही हैं। दीर्घकालिक मूल्य वृद्धि अगस्त 2024 से जुलाई 2026 के बीच केवल ~3% वार्षिक रही। वर्ल्ड वॉटर वीक 2026: ग्रामीण जल सुरक्षा में भारत का वैश्विक प्रदर्शन चर्चा में क्यों? स्टॉकहोम (स्वीडन) में आयोजित वर्ल्ड वॉटर वीक 2026 में भारत के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भाग लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल (संयुक्त सचिव रोहिणी आर. भाजीभाकरे) ने ‘नेशनल इनिशिएटिव ऑन वॉटर सिक्योरिटी’ (NIWS) और ‘वाटर विजन @2047’ के तहत भारत की सामुदायिक जल सुरक्षा, तकनीक-संचालित योजना और सतत ग्रामीण विकास की उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर रखा। मुख्य बिंदु: वैश्विक मंच पर भारत का जल सुरक्षा मॉडल 1. अंतर्राष्ट्रीय सत्र और भारतीय नेतृत्व 2. प्रमुख राष्ट्रीय पहलें और जल सुरक्षा ढांचा 3. डिजिटल तकनीक और डेटा-संचालित नियोजन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन का नाम वर्ल्ड वॉटर वीक 2026 आयोजक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल वॉटर इंस्टीट्यूट (SIWI) आयोजन स्थल स्टॉकहोम, स्वीडन भारतीय प्रतिनिधि सुश्री रोहिणी आर. भाजीभाकरे (संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय) मुख्य डिजिटल उपकरण युक्तधारा (GIS), E-Jal App, E-Saksham, BhuGRAM, SECURE वैश्विक लक्ष्य संबंध SDG 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) तथा UN 2026 वाटर कॉन्फ्रेंस SIDBI-RRB सह-ऋण देने की व्यवस्था (Co-Lending Mechanism) चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) के अध्यक्षों के सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य SIDBI और RRBs के बीच MSME Co-Lending (सह-ऋण) व्यवस्था का विस्तार करना है। इसमें वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) के सचिव श्री संजय लोहिया, SIDBI के चेयरमैन मनोज मित्तल और देश के सभी 28 RRBs के अध्यक्ष शामिल हुए। मुख्य बिंदु: रणनीतिक जुड़ाव और डिजिटल प्लेटफॉर्म 1. SIDBI और RRBs का तालमेल 2. डिजिटल को-लेंडिंग ओरिजिनेशन प्लेटफॉर्म 3. एमएसएमई क्लस्टर और रोजगार प्रोत्साहन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन संस्था SIDBI (भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक) नोडल विभाग वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS), वित्त मंत्रालय भारत में कुल RRBs की संख्या 28 (सभी 28 अध्यक्ष सम्मेलन में उपस्थित) तकनीकी प्लेटफॉर्म Co-Lending Origination Platform (SIDBI द्वारा निर्मित) मुख्य लक्षित क्षेत्र ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के सूक्ष्म और लघु उद्योग (MSMEs) पायलट परीक्षण 3 RRBs में सफलतापूर्वक संपन्न नेपाल फ्लैश फ्लड संकट: सीमावर्ती भारतीय राज्यों पर प्रभाव और राहत उपाय चर्चा में क्यों? नेपाल-चीन सीमा के पास फ्लैश फ्लड / GLOF (Glacial Lake Outburst Flood) गतिविधि के कारण नेपाल की त्रिशूली नदी के जलस्तर में अचानक भारी वृद्धि दर्ज की गई है। इस घटना के बाद भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) ने बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है। मुख्य बिंदु: सीमापार आपदा और भारत की प्रतिक्रिया 1. घटना की उत्पत्ति और संभावित प्रभाव 2. केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उठाए गए कदम 3. फंसे हुए नागरिकों के लिए सहायता प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आपदा का प्रकार GLOF (ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड) / फ्लैश फ्लड प्रभावित नदियां त्रिशूली नदी (नेपाल) एवं गंडक नदी (भारत) मुख्य सीमावर्ती भारतीय राज्य बिहार और उत्तर प्रदेश केंद्रीय नोडल निकाय (जल निगरानी) केंद्रीय जल आयोग (Central Water Commission – CWC) CSIR-NAL स्वदेशी माइक्रो और स्मॉल गैस टर्बाइन इंजन चर्चा में क्यों? नई दिल्ली स्थित CSIR मुख्यालय में CSIR-राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाओं (CSIR-NAL) ने तीन स्वदेशी माइक्रो और स्मॉल गैस टर्बाइन इंजनों (NJ-05, NJ-50, NJ-100) का अनावरण किया। यह विकास भारत को उन्नत रक्षा और एयरोस्पेस प्रोपल्शन तकनीकों में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्य बिंदु: तकनीकी क्षमताएं और रक्षा अनुप्रयोग 1. इंजनों के वेरिएंट और थ्रस्ट क्षमता 2. मुख्य सामरिक अनुप्रयोग 3. स्वदेशी वैज्ञानिक प्रगति प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य विकासकर्ता संस्थान CSIR-राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाएं (CSIR-NAL), बेंगलुरु निर्मित इंजन श्रृंखला NJ-05 (5 kg), NJ-50 (50 kg), NJ-100 (100 kg) तकनीकी आधार High-RPM Turbomachinery & High-Temperature Combustion नोडल मंत्रालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (CSIR/DSIR) मुख्य लक्ष्य विदेशी जेट इंजनों पर निर्भरता घटाना व सैन्य आत्मनिर्भरता पाना IICT-नेटफ्लिक्स स्कॉलरशिप पहल और भारत की ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ चर्चा में क्यों? भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT), मुंबई और वैश्विक ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) ने 100 विद्यार्थियों और पेशेवरों के लिए संयुक्त छात्रवृत्ति कार्यक्रम की

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26 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

26 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत वैश्विक भूमि व जल संकट से निपटने के लिए UNCCD COP17 में भारत के ‘Drought Resilience’ विजन, देश में कैशलेस अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाले UPI के 10 सफल वर्षों के सफर, नौसेना की गहरे समुद्र में अभियानों की क्षमता बढ़ाने वाले स्वदेशी डाइंग सपोर्ट वेसल ‘निपुण’ (DSV), द्विपक्षीय आर्थिक व औद्योगिक संबंधों को सुदृढ़ करने वाली भारत-जापान निवेश साझेदारी (टोक्यो बैठक), संस्कृत साहित्य के महान ध्वजवाहक पर आधारित ‘कहो कालिदास!’ पुस्तक विमोचन व कालिदास के साहित्यिक योगदान, तथा अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र के मूल्य दबावों को मापने हेतु सेवा उत्पादक मूल्य सूचकांक (Service PPI) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। UNCCD COP17: सूखे के संकट से निपटने के लिए भारत का ‘Drought Resilience’ विजन चर्चा में क्यों? केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित UNCCD COP17 के मंत्रिस्तरीय संवाद को संबोधित किया। भारत ने वैश्विक समुदाय से सूखे के प्रबंधन के तरीके में बड़ा बदलाव लाने का आह्वान किया। भारत का मुख्य संदेश है: सूखे को हर बार आने वाली अचानक आपदा मानने के बजाय एक पूर्वानुमान योग्य और रोकने योग्य जोखिम (Predictable & Preventable Risk) माना जाए। मुख्य बिंदु: वैश्विक आह्वान एवं भारत का बहु-संस्थगत मॉडल 1. दृष्टिकोण में बदलाव: 3 मुख्य सिद्धांत भारत ने वैश्विक मंच पर तीन बुनियादी सिद्धांतों पर जोर दिया: 2. जल और भूमि का एकीकृत संबंध 3. त्रिस्तरीय रणनीति (3-Level Action Strategy) 4. तकनीक और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन एवं स्थल UNCCD COP17, उलानबटार (मंगोलिया) भारतीय प्रतिनिधि श्री भूपेंद्र यादव (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री) मंत्रिस्तरीय संवाद का विषय ‘Accelerating Drought Resilience’ भारत का प्रमुख नारा “Restore the forest, before the flow” डिजिटल वित्तीय क्रांति: UPI के 10 सफल वर्ष चर्चा में क्यों? महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के सफल 10 वर्ष पूरे होने पर देश की डिजिटल वित्तीय यात्रा की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि ‘यूपीआई ने भारतीय अर्थव्यवस्था और दैनिक जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया है, जिससे आज हर भारतीय का मोबाइल फोन ही उसका बटुआ (Wallet) बन चुका है।’ मुख्य बिंदु: डिजिटल भुगतान क्रांति और समाज पर प्रभाव 1. कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर बड़ा बदलाव 2. वित्तीय समावेशन और जमीनी प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रौद्योगिकी का नाम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) विकासकर्ता संस्था भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) नियमन निकाय भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मूल तकनीक आधार IMPS (Immediate Payment Service) इंफ्रास्ट्रक्चर शुरुआत / मील का पत्थर 10 वर्ष की सफल यात्रा पूरी मुख्य उद्देश्य 24×7 इंटरऑपरेबल और तत्काल डिजिटल भुगतान सुविधा स्वदेशी सुरक्षा ढांचा: नौसेना बेड़े में शामिल होगा ‘निपुण’ (DSV Nipun) चर्चा में क्यों? भारतीय नौसेना 31 अगस्त 2026 को मुंबई स्थित नवल डॉकयार्ड में अपने दूसरे स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) ‘निपुण’ को बेड़े में शामिल (Commission) करने जा रही है। यह निस्तार-क्लास का दूसरा जहाज़ है। इसे हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम ने डिजाइन और निर्मित किया है। 30 जुलाई 2026 को सभी समुद्री परीक्षणों के बाद इसे नौसेना को सौंपा गया था। मुख्य बिंदु: तकनीकी क्षमताएं और रणनीतिक महत्व 1. आधुनिक तकनीक और स्टेशन कीपिंग 2. पनडुब्बी बचाव में भूमिका 3. ‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशीकरण प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पोत का नाम DSV निपुण श्रेणी / क्लास निस्तार-क्लास का दूसरा DSV निर्माता संस्था हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम कमीशनिंग तिथि व स्थल 31 अगस्त 2026 (नवल डॉकयार्ड, मुंबई) प्राथमिक भूमिका गहरा समुद्री गोताखोरी (Deep-sea diving) और पनडुब्बी बचाव अभियान भारत-जापान निवेश साझेदारी: टोक्यो बैठक और रणनीतिक सहयोग चर्चा में क्यों? केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने टोक्यो में जापान के प्रमुख वित्तीय और निवेश संस्थानों के वरिष्ठ नेताओं के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत में दीर्घकालिक जापानी संस्थागत पूंजी (Institutional Capital) के प्रवाह को बढ़ाना, निवेश साझेदारी को गहरा करना और अगले दशक में भारत में 10 ट्रिलियन येन के जापानी निजी निवेश के लक्ष्य को गति देना है। मुख्य बिंदु: निवेश क्षेत्र, जापानी संस्थानों का विजन और सुधार 1. भारत के विकास आधार और प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्र 2. जापानी वित्तीय संस्थानों का भारत में विज़न 3. निवेशकों की मुख्य चिंताएं और सरकारी आश्वासन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य बैठक का स्थल टोक्यो, जापान मुख्य निवेश लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 10 ट्रिलियन येन का जापानी निजी निवेश जुटाना प्रतिभागी प्रमुख संस्थाएं MUFG, DBJ, Mizuho, Morgan Stanley, Nomura, Nippon Life अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र GIFT City (गुजरात) को मुख्य कैपिटल गेटवे के रूप में बढ़ावा लक्षित तकनीकी मिशन भारत सेमीकंडक्टर मिशन महाकवि कालिदास और उनका साहित्य: ‘कहो कालिदास!’ पुस्तक विमोचन चर्चा में क्यों? केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नई दिल्ली स्थित IGNCA में युगुल जोशी द्वारा लिखित पुस्तक ‘कहो कालिदास!’ का विमोचन किया। इस पुस्तक का प्रकाशन मंजुल पब्लिशिंग हाउस द्वारा किया गया है। यह रचना कालिदास के व्यक्तिगत जीवन, प्रेम, विरह, प्रकृति और विशेष रूप से उनकी कृतियों में नारी पात्रों की गरिमा पर प्रकाश डालती है। मुख्य बिंदु: कालिदास का साहित्यिक एवं सांस्कृतिक दृष्टिकोण 1. कालिदास की कृतियों में नारी चित्रण 2. राष्ट्रीय विरासत और सार्वभौमिकता कालिदास की प्रमुख रचनाएं वर्ग रचनाएं नाटक अभिज्ञानशाकुंतलम्, मालविकाग्निमित्रम्, विक्रमोर्वशीयम् महाकाव्य रघुवंशम्, कुमारसंभवम् खंडकाव्य / गीतिकाव्य मेघदूतम्, ऋतुसंहारम् प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य मापदंड / पहलू महत्वपूर्ण तथ्य नई पुस्तक का नाम ‘कहो कालिदास!’ लेखक एवं प्रकाशक लेखक: युगुल जोशी | प्रकाशक: मंजुल पब्लिशिंग हाउस आयोजन स्थल इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA), नई दिल्ली ऐतिहासिक काल गुप्त काल (चंद्रगुप्त द्वितीय ‘विक्रमादित्य’ के नवरत्नों में से एक) भाषा संस्कृत भारत में सेवा क्षेत्र की मुद्रास्फीति: सेवा उत्पादक मूल्य सूचकांक (Service PPI) चर्चा में क्यों? वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1: अप्रैल-जून 2026) के लिए सेवा उत्पादक मूल्य सूचकांक (Service PPI) के अनंतिम अनुमान (Provisional Estimates) जारी किए हैं। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के अंतिम आंकड़े भी

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25 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

25 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत देश की खाद्य सुरक्षा और बीज आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाले भारत के पहले स्वदेशी गैर-जीएमओ पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज, छोटे शहरों में नवाचार को गति देने वाले GENESIS Entrepreneur-in-Residence (EIR) Cohort-3 (टायर-II एवं III शहरों में स्टार्टअप क्रांति), असंगठित खाद्य उद्योग को मजबूत करने वाले PMFME कॉन्क्लेव 2026 और ‘PMFME बाजार’, ‘गर्भिणी मित्र’ पाठ्यक्रम, युवाओं में डिजिटल उत्तरदायित्व बढ़ाने वाली पहल The Fifth Space, मृदा स्वास्थ्य व जलवायु अनुकूलन के लिए पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture), तथा रणनीतिक क्षेत्रों में पूंजी प्रवाह को सुगम बनाने वाले संशोधित एफडीआई ढांचे (सीमावर्ती देशों से गैर-नियंत्रित निवेश में तेजी) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारत का पहला स्वदेशी गैर-जीएमओ पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज चर्चा में क्यों? उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसूनूरु में भारत के पहले गैर-जीएमओ (Non-GMO), उच्च-प्रसार (High-Expansion) पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। निजी उपक्रम ‘गुरमे पॉपकॉर्निका’ द्वारा विकसित यह बीज कृषि क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्य बिंदु: तकनीक, किसान साझेदारी और आयात प्रतिस्थापन 1. विदेशी निर्भरता में कमी 2. गैर-जीएमओ तकनीक (Non-GMO Hybrid) 3. व्यापक किसान-उद्यम साझेदारी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नया उत्पाद भारत का पहला Non-GMO High-Expansion Popcorn Maize Hybrid लॉन्च स्थल मुसूनूरु, एलुरु जिला (आंध्र प्रदेश) उद्घाटनकर्ता उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन संबद्ध संस्था/कंपनी गुरमे पॉपकॉर्निका प्रौद्योगिकी का प्रकार नॉन-जीएमओ (गैर-आनुवंशिक रूप से संशोधित हाइब्रिड) संबद्ध सरकारी योजनाएं PM-KISAN, PM फसल बीमा योजना, नमो ड्रोन दीदी GENESIS Entrepreneur-in-Residence (EIR) Cohort-3: टायर-II एवं III शहरों में स्टार्टअप क्रांति चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ‘MeitY Startup Hub’ (MSH) के माध्यम से GENESIS Entrepreneur-in-Residence (EIR) Cohort 3 लॉन्च किया। इसे ‘GENESIS NextGen Startup Summit’ के कोयंबटूर (तमिलनाडु) संस्करण के दौरान लॉन्च किया गया। इस योजना का उद्देश्य देश के छोटे शहरों (Tier-II और Tier-III) के नए उद्यमियों, शोधकर्ताओं और छात्रों को अपने विचारों को तकनीक-आधारित स्टार्टअप में बदलने के लिए शुरुआती वित्तीय सहायता देना है। मुख्य बिंदु: वित्तीय सहायता, ध्यान केंद्रित क्षेत्र और पात्रता 1. GENESIS योजना और वित्तीय सहायता 2. प्रमुख तकनीक क्षेत्र 3. पात्रता मानदंड प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम GENESIS EIR Cohort 3.0 संबंधित मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) कार्यान्वयन एजेंसी MeitY Startup Hub (MSH) कुल योजना बजट ₹490 करोड़ (GENESIS स्कीम हेतु) अधिकतम वित्तीय अनुदान ₹10 लाख प्रति स्टार्टअप PMFME कॉन्क्लेव 2026 और ‘PMFME बाजार’: सूक्ष्म खाद्य संस्करण क्षेत्र में नई क्रांति चर्चा में क्यों? खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) द्वारा 24-25 अगस्त 2026 को इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में PMFME कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया गया। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘PMFME बाजार’ प्रदर्शनी की भी शुरुआत की। इस बाजार में 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सूक्ष्म उद्यमियों ने अपने पारंपरिक व स्थानीय खाद्य उत्पादों का प्रदर्शन किया। मुख्य बिंदु: बाजार संपर्क, डिजिटल समझौते और PMFME 2.0 की राह 1. सूक्ष्म खाद्य उद्यमों का सशक्तिकरण 2. तीन प्रमुख समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर 3. प्रमुख प्रकाशन और नई पहलें प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजित कार्यक्रम PMFME कॉन्क्लेव 2026 एवं PMFME बाजार आयोजन स्थल इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली आयोजक मंत्रालय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) एमओयू साझेदार APEDA (निर्यात), ONDC (डिजिटल बाजार), NABKISAN (वित्त) ‘गर्भिणी मित्र’ पाठ्यक्रम: आयुर्वेद आधारित मातृ स्वास्थ्य सहायता की नई पहल चर्चा में क्यों? आयुष मंत्रालय के तहत नई दिल्ली स्थित स्वायत्त संस्थान ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) ने शैक्षणिक सत्र 2026–2027 के लिए ‘गर्भिणी मित्र’ पाठ्यक्रम शुरू किया है। यह एक कौशल विकास कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य गर्भावस्था और प्रसवोत्तर (postnatal) अवधि में महिलाओं को आयुर्वेद-आधारित स्वास्थ्य शिक्षा, जीवन शैली मार्गदर्शन और सामुदायिक सहायता प्रदान करना है। मुख्य बिंदु: आयुर्वेद सिद्धांत, कौशल विकास और सुरक्षा ढांचा 1. आयुर्वेद के पारंपरिक सिद्धांतों पर आधारित 2. व्यावहारिक प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम का दायरा 3. पात्रता और रोजगार के अवसर प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रोग्राम का नाम गर्भिणी मित्र पाठ्यक्रम नोडल संस्थान ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA), नई दिल्ली संबद्ध मंत्रालय आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) पाठ्यक्रम की अवधि 6 महीने (ऑफलाइन) मुख्य वैज्ञानिक आधार गर्भिणी परिचर्या, सूतिका परिचर्या और गर्भाधान विधि The Fifth Space: शिक्षा और डिजिटल जिम्मेदारी का संगम चर्चा में क्यों? डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC), नई दिल्ली में “द फिफ्थ स्पेस – व्हेयर एजुकेशन मीट्स रिस्पॉन्सिबिलिटी” (The Fifth Space – Where Education Meets Responsibility) नामक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने स्कूली छात्रों से सीधे बातचीत की और शिक्षा, डिजिटल जिम्मेदारी, तथा मानव गरिमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। मुख्य बिंदु: डिजिटल जिम्मेदारी, बाल अधिकार और ‘फिफ्थ स्पेस’ 1. ‘फिफ्थ स्पेस’ की अवधारणा 2. ‘दृष्टि से अंतर्दृष्टि की ओर’ 3. सहयोगात्मक पहल और प्रमुख मुद्दे प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम The Fifth Space – Where Education Meets Responsibility आयोजन स्थल डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC), नई दिल्ली आयोजक संस्थाएं NCW, DAIC, UNESCO नई दिल्ली, और माउंट आबू पब्लिक स्कूल फिफ्थ स्पेस का दायरा घर, स्कूल, समाज, नागरिकता, ज्ञान और डिजिटल जगत का एकीकरण प्रमुख सहभागी निकाय NCPCR (राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग) और NCW पुनर्योजी कृषि : समृद्ध और जलवायु-सक्षम भारतीय कृषि की ओर चर्चा में क्यों? भारत सरकार द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों (मार्च 2026 तक) के अनुसार, देश में पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture) और सतत तकनीकों को अपनाने की गति में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 8.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर हो चुका है, जबकि सूक्ष्म सिंचाई (PDMC) के तहत 109 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि लाई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, देश में 25.89 करोड़ से अधिक ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड’ (Soil Health Cards) भी जारी किए जा चुके हैं। मुख्य बिंदु: अवधारणा, अभ्यास, लाभ एवं सरकारी पहलें 1. पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture) क्या है? 2. पुनर्योजी

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24 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

24 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत युवाओं को डिजिटल तकनीकों से लैस करने वाली राष्ट्रव्यापी क्लाउड और एआई कौशल पहल (NSDC, Cultus और AWS), खेल कूटनीति को मजबूती देने वाली ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक और ‘संयुक्त घोषणापत्र’ (2026), वैज्ञानिक अनुसंधान में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने वाली 14वीं ब्रिक्स विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रिस्तरीय बैठक (‘चेन्नई घोषणापत्र’), पशुधन अर्थव्यवस्था को सुरक्षा प्रदान करने वाले राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP), नौसेना की तटीय रक्षा क्षमता में वृद्धि करने वाले स्वदेशी एंटी-सबमरीन वारफेयर क्राफ्ट ‘मांगरोल’, तथा भारत को ‘विश्व की प्रयोगशाला’ बनाने के संकल्प पर आधारित स्वास्थ्य सेवा में AI और भारतीय फार्मा क्षेत्र के अभूतपूर्व योगदान का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रव्यापी क्लाउड और एआई कौशल पहल (NSDC, Cultus और AWS) चर्चा में क्यों? कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के तत्वावधान में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और Cultus Education ने अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) के सहयोग से एक राष्ट्रव्यापी क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कौशल पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं को क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई में प्रशिक्षित कर ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को गति देना है। मुख्य बिंदु: प्रशिक्षण मॉडल, लाभार्थी और क्रियान्वयन 1. प्रशिक्षण का दो-स्तरीय ढांचा 2. AWS re/Start और Cultus का क्रियान्वयन 3. प्रमुख विशेषताएं और समापन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मुख्य नोडल एजेंसियां NSDC (MSDE के तहत) + Cultus Education प्रौद्योगिकी साझेदार अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) कुल लाभार्थी (लक्ष्य) 1,50,000 (बुनियादी साक्षरता) + 10,000 (गहन कौशल) प्रमुख कार्यक्रम AWS re/Start (निःशुल्क, कोहोर्ट-आधारित प्रशिक्षण) डिलीवरी का माध्यम 100% ऑनलाइन (टियर-2 और टियर-3 शहरों पर केंद्रित) समापन कार्यक्रम राष्ट्रीय हैकाथॉन ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक और ‘संयुक्त घोषणापत्र’ (2026) चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Chairship 2026) के तहत विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) में ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक का आयोजन हुआ। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ‘ब्रिक्स खेल संयुक्त घोषणापत्र’ (BRICS Sports Joint Declaration) को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। मुख्य बिंदु: खेल साझेदारी और 3 प्रमुख नई पहलें 1. भारत द्वारा शुरू की गई 3 प्रमुख पहलें 2. खेल अवसंरचना और ‘मेक इन इंडिया’ 3. BRICS फ्रेंडशिप साइकिलिंग इवेंट प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन स्थल विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश स्वीकृत दस्तावेज ब्रिक्स खेल संयुक्त घोषणापत्र अध्यक्षता करने वाला देश भारत (खेल मंत्री: डॉ. मनसुख मंडाविया) स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव उदयपुर, राजस्थान (नवंबर 2026) पारंपरिक व स्वदेशी खेल आयोजन अहमदाबाद, गुजरात (12-13 अक्टूबर 2026) संबद्ध स्वास्थ्य अभियान फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल (87वां संस्करण) 14वीं ब्रिक्स विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रिस्तरीय बैठक: ‘चेन्नई घोषणापत्र’ चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Chairship 2026) के तहत आयोजित 14वीं ब्रिक्स विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रिस्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से ‘चेन्नई घोषणापत्र’ को अपनाया गया। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई यह बैठक वर्ष 2026 की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण” पर केंद्रित थी। मुख्य बिंदु: चेन्नई घोषणापत्र की प्रमुख पहलें और सहयोग क्षेत्र 1. मानव-केंद्रित दृष्टिकोण 2. साझा अनुसंधान और अवसंरचना विकास 3. युवा नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र 4. भविष्य की रूपरेखा (2026-2027) राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP): एक सुदृढ़ पशुधन स्वास्थ्य ढांचा चर्चा में क्यों? वर्ष 2019 में शुरू किया गया राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP) भारत की सबसे बड़ी पशु स्वास्थ्य पहलों में से एक बनकर उभरा है। इस कार्यक्रम के तहत चलाए गए व्यापक टीकाकरण और निगरानी अभियानों के कारण देश में खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) और ब्रुसलोसिस के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, FMD के मामले 2019 के 132 से घटकर 2025 तक केवल 40 रह गए हैं। वहीं ब्रुसलोसिस के मामले भी 22 से घटकर 15 पर आ गए हैं। मुख्य बिंदु: रोग नियंत्रण, डिजिटल एकीकरण और वन हेल्थ मिशन 1. बीमारियों का प्रभाव और टीकाकरण मॉडल 2. उत्पादकता और आर्थिक लाभ 3. डिजिटल मॉनिटरिंग और अवसंरचना 4. वन हेल्थ मिशन और महामारी फंड प्रोजेक्ट एंटी-सबमरीन वारफेयर क्राफ्ट ‘मांगरोल’: तटीय सुरक्षा में स्वदेशी मील का पत्थर चर्चा में क्यों? कोचिंग शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि ने भारतीय नौसेना को ‘मांगरोल’। यह CSL द्वारा निर्मित किए जा रहे एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW SWC) श्रृंखला का तीसरा युद्धपोत है, जो भारत की तटीय और पनडुब्बी-रोधी युद्ध क्षमताओं को नई मजबूती देगा। मुख्य बिंदु: क्षमताएं, सामरिक महत्व और नामकरण 1. स्वदेशीकरण और निर्माण 2. तकनीकी विशेषताएं और मारक क्षमता 3. ऐतिहासिक नामकरण और विरासत प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पोत का नाम व प्रकार मांगरोल – 3rd ASW SWC निर्माता संस्था कोचिंग शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि स्वदेशी घटक 80% से अधिक प्रणोदन तकनीक वाटरजेट्स प्रमुख कार्य तटीय पनडुब्बी रोधी युद्ध, LIMO और माइन वारफेयर नाम का स्रोत मांगरोल बंदरगाह (जूनागढ़, गुजरात) व पूर्व INS मांगरोल स्वास्थ्य सेवा में एआई और भारतीय फार्मा क्षेत्र: ‘विश्व की प्रयोगशाला’ बनने की ओर भारत चर्चा में क्यों? भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद में IIMA हेल्थकेयर समिट 2026 का आयोजन किया गया। इस समिट की थीम “Advancing AI in Healthcare” रखी गई थी। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत को अब केवल ‘दुनिया की फार्मेसी’ (Pharmacy of the World) बनकर नहीं रहना है, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और एआई के बल पर ‘दुनिया की प्रयोगशाला’ (Laboratory of the World) बनना है। मुख्य बिंदु: एआई का अनुप्रयोग, सरकारी योजनाएं और चुनौतियां 1. स्वास्थ्य सेवा में AI का जिम्मेदार उपयोग 2. फार्मा एवं मेडटेक क्षेत्र के लिए प्रमुख सरकारी पहलें 3. स्टार्टअप्स और AI पारिस्थितिकी तंत्र 4. नए डिजिटल पहल व पुस्तकें जारी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य समिट का नाम व स्थल IIMA हेल्थकेयर समिट 2026, अहमदाबाद (गुजरात) आयोजन की थीम “Advancing AI in Healthcare” PRIP योजना ₹5,000 करोड़ (फार्मा-मेडटेक R&D और नवाचार हेतु) बायोफार्मा शक्ति मिशन ₹10,000 करोड़ (बायोलॉजिक्स व बायोसिमिलर हेतु) AI Center of Excellence AIIMS नई दिल्ली, PGIMER चंडीगढ़, AIIMS ऋषिकेश डिजिटल आर्काइव पहल इंडिया

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22 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

22 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत युवाओं और महिलाओं में उद्यमिता को गति देने के लिए राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान-II एवं ‘संकल्प शक्ति’ बुलेटिन, देश को मोबाइल असेंबली व विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने वाली मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS – ₹62,500 करोड़ परिव्यय), कॉर्पोरेट प्रशासन में पारदर्शिता लाने हेतु NFRA के 6वें आउटरीच कार्यक्रम (‘बेहतर वित्तीय रिपोर्टिंग पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण’), स्थायी व उत्तरदायी पर्यटन को बढ़ावा देने वाले ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक और ‘जयपुर घोषणापत्र’ (2026), सैन्य व राष्ट्रीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा समर्पित प्रादेशिक सेना के ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’ (TCQ 3.0), तथा जनजातीय समुदायों की वन-आधारित आजीविका और मूल्य संवर्धन को सुदृढ़ करने वाले प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान- II एवं ‘संकल्प शक्ति’ बुलेटिन चर्चा में क्यों? विश्व उद्यमी दिवस (21 अगस्त) के अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत ‘राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान- II’ (National Campaign on Entrepreneurship – II) का शुभारंभ किया। यह 3 महीने का विशेष अभियान (21 अगस्त से 21 नवंबर 2026) ग्रामीण महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने और 6 करोड़ लखपति दीदियां तैयार करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को गति देगा। इसी अवसर पर मंत्रालय ने ग्रामीण उद्यमिता पर अपना पहला मासिक तकनीकी बुलेटिन ‘संकल्प शक्ति’ भी जारी किया। मुख्य बिंदु: अभियान के लक्ष्य, रणनीति और मुख्य घटक 1. अभियान की रणनीति और दायरा 2. अभियान के 6 प्रमुख निर्धारित लक्ष्य 3. ‘संकल्प शक्ति’ बुलेटिन एवं डिजिटल एकीकरण प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक मंत्रालय ग्रामीण विकास मंत्रालय (DAY-NRLM के तहत) अभियान की अवधि 21 अगस्त से 21 नवंबर 2026 (3 महीने) विश्व उद्यमी दिवस 21 अगस्त नया तकनीकी बुलेटिन ‘संकल्प शक्ति’ (मासिक प्रकाशन) नया नामकरण CRP-EP एवं BDSP को अब ‘उद्यम सखी’ कहा जाएगा राष्ट्रीय लक्ष्य 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाना मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS): ₹62,500 करोड़ का परिव्यय चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ₹62,500 करोड़ के बजटीय परिव्यय के साथ मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS) अधिसूचित की है। यह योजना बड़े पैमाने के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए PLI योजना (PLI-LSEM) की जगह लेगी, जिसकी अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाना, स्वदेशी ब्रांडों को बढ़ावा देना और वर्ष 2027 के मध्य तक पहला मजबूत भारतीय मोबाइल ब्रांड स्थापित करना है। मुख्य बिंदु: योजना का दायरा, प्रोत्साहन और पात्रता शर्तें 1. योजना के दो लक्ष्य खंड 2. अतिरिक्त प्रोत्साहन और समयावधि 3. पात्रता मानदंड 4. अपेक्षित आर्थिक प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS) बजटीय परिव्यय ₹62,500 करोड़ योजना की अवधि 5 वर्ष (वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31) प्रोत्साहन दर (Incentive) TS1: 2.25% – 5% | TS2: 5% (ब्रांड) + 3% (R&D) घरेलू कंपोनेंट बोनस 1.5% अतिरिक्त इंसेंटिव (25% लोकलाइजेशन पर) NFRA का 6वां आउटरीच कार्यक्रम: ‘बेहतर वित्तीय रिपोर्टिंग पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण’ चर्चा में क्यों? राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) ने अहमदाबाद में अपना छठा आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया। “एक बेहतर वित्तीय रिपोर्टिंग पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण” (Creating a Better Financial Reporting Ecosystem) थीम पर आधारित यह कार्यक्रम छोटे और मध्यम आकार के ऑडिटरों (SMPs) की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) के सहयोग से आयोजित किया गया। मुख्य बिंदु: आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य और मुख्य सत्र 1. मुख्य उद्देश्य 2. प्रमुख चर्चाएं और तकनीकी सत्र 3. अब तक की प्रगति प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक निकाय राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) सहयोगी संस्थान भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) कार्यक्रम का स्थान अहमदाबाद, गुजरात (6वां संस्करण) विषय / थीम Creating a Better Financial Reporting Ecosystem लक्ष्य समूह छोटे और मध्यम आकार के ऑडिटर ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक और ‘जयपुर घोषणापत्र’ (2026) चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Chairship) के तहत जयपुर में आयोजित ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक सर्वसम्मति से ‘जयपुर घोषणापत्र’ को अपनाने के साथ संपन्न हुई। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में हुई यह बैठक वर्ष 2026 की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण” (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) पर केंद्रित थी। मुख्य बिंदु: प्राथमिकताएं, सहयोग और रणनीति 1. जयपुर घोषणापत्र की 4 मुख्य प्राथमिकताएं 2. आर्थिक और क्षेत्रीय प्रभाव 3. द्विपक्षीय वार्ताएं और सांस्कृतिक अनुभव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन स्थल जयपुर, राजस्थान अपनाया गया दस्तावेज जयपुर घोषणापत्र (2026) बैठक की थीम Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability अध्यक्षता करने वाला देश भारत (पर्यटन मंत्री: गजेंद्र सिंह शेखावत) सहभागी देश भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, UAE, इथियोपिया, इंडोनेशिया और रूस प्रादेशिक सेना का ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’ (TCQ 3.0) चर्चा में क्यों? भारतीय सेना की प्रादेशिक सेना (Territorial Army) ने साइबर सुरक्षा थिंक-टैंक CyberPeace के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’ (TCQ 3.0) का तीसरा संस्करण लॉन्च किया है। इसका मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सूचना क्षेत्र की उभरती रक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए स्वदेशी समाधान विकसित करना है। मुख्य बिंदु: प्रतियोगिता के 3 प्रमुख ट्रैक और समयसीमा 1. प्रतियोगिता के 3 मुख्य ट्रैक 2. प्रतिभागी और स्वदेशी सुरक्षा 3. महत्वपूर्ण तिथियां प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक निकाय प्रादेशिक सेना (Territorial Army) + साइबरपीस प्रोग्राम का नाम टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026 / TCQ 3.0 (तीसरा संस्करण) मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा और एआई में स्वदेशी रक्षा समाधान बग हंटिंग तकनीक कैप्चर-द-फ्लैग (CTF) क्वालीफायर एआई कवच का काम प्रेडिक्टिव थ्रेट इंटेलिजेंस और ऑटोमेटेड डिफेंस प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM): जनजातीय वन अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण चर्चा में क्यों? भारत की 10.4 करोड़ से अधिक जनजातीय आबादी की आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM) एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर रहा है। यह योजना जनजातीय संग्राहकों को केवल कच्चे माल के विक्रेता से बदलकर ‘मूल्य संवर्धन उद्यमी’ बना रही है। अब तक देश में 4,172 वन धन विकास केंद्र (VDVK) स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनसे

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21 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

21 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत महासागरीय पारिस्थितिकी और ध्रुवीय शोध को बढ़ावा देने वाली ब्रिक्स महासागर एवं ध्रुवीय विज्ञान-प्रौद्योगिकी कार्यसमूह की 8वीं बैठक, भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में नीली अर्थव्यवस्था के अवसरों को रेखांकित करने वाली भारत के गहरे समुद्र और सुदूर जल मत्स्य संसाधनों पर राष्ट्रीय रिपोर्ट, भारत-जापान संयुक्त रक्षा वक्तव्य (2026), तकनीकी नवाचार व स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने के लिए TDB द्वारा समर्थित एलायंस AI और स्वदेशी ‘Fixit’ प्लेटफॉर्म, ‘स्मार्ट’ कैंसर रोधी दवा RK-251, तथा डिजिटल अवसंरचना व सुशासन के वैश्विक मानकों को तय करने वाले वैश्विक डिजिटल क्षमता निर्माण गठबंधन (GDCBA) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। ब्रिक्स महासागर एवं ध्रुवीय विज्ञान-प्रौद्योगिकी कार्यसमूह की 8वीं बैठक चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Presidency) के तहत पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) ने 12-14 अगस्त 2026 तक गोवा में महासागर और ध्रुवीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर ब्रिक्स कार्यसमूह (BRICS OPST) की 8वीं बैठक का आयोजन किया। इस बैठक की मेजबानी राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र (NCPOR), गोवा ने की। मुख्य बिंदु: रणनीतिक सहयोग, प्राथमिकताएं एवं प्रमुख समझौते 1. संस्थागत ढांचा और सहभागी देश 2. प्रमुख चर्चा बिंदु और प्राथमिकताएं 3. प्रमुख समझौते और भविष्य का रोडमैप प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन स्थल NCPOR, गोवा (12-14 अगस्त 2026) नोडल मंत्रालय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) + DST मेजबान संस्थान राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र (NCPOR) सहयोगी ढांचा BRICS विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (STI) ढांचा प्रमुख वैश्विक पहल IPY-5 (5वां अंतर्राष्ट्रीय ध्रुवीय वर्ष) और GOOS प्रणाली भारत के गहरे समुद्र और सुदूर जल मत्स्य संसाधनों पर राष्ट्रीय रिपोर्ट चर्चा में क्यों? समुद्री जीव संसाधन एवं पारिस्थितिकी केंद्र (CMLRE) की रजत जयंती पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) ने “भारत के EEZ के गहरे समुद्र और सुदूर जल मत्स्य संसाधनों पर राष्ट्रीय रिपोर्ट” जारी की। यह ऐतिहासिक दस्तावेज पिछले 4 दशकों के महासागरीय अध्ययनों और 30 वर्षों के व्यवस्थित सर्वेक्षणों पर आधारित है। इसका लक्ष्य भारत के 2.37 मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैले विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के लिए एक स्थायी ‘ब्लू इकोनॉमी रोडमैप’ तैयार करना है। मुख्य बिंदु: सर्वेक्षण, ट्वाइलाइट ज़ोन एवं तकनीकी ढांचा 1. 40 वर्षों की खोज और FORV सागर संपदा 2. गहरे समुद्र के प्रमुख निष्कर्ष 3. संवेदनशील समुद्री पारिस्थितिकी क्षेत्र रिपोर्ट में जैव विविधता और नर्सरी संरक्षण के लिए कुछ प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है: 4. तकनीकी नवाचार और विज़न 2047 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य जारीकर्ता संस्था CMLRE (कोच्चि), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत भारत का EEZ दायरा 2.37 मिलियन वर्ग किलोमीटर प्रमुख शोध पोत FORV सागर संपदा (Fishery and Oceanographic Research Vessel) ट्वाइलाइट ज़ोन गहराई 200 से 1000 मीटर (मेसोपेलैजिक ज़ोन) पारिस्थितिक भूमिका जैविक कार्बन पंप के माध्यम से जलवायु नियंत्रण भारत-जापान संयुक्त रक्षा वक्तव्य (2026) चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में 20 अगस्त 2026 को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिनजिरो कोइजुमी के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई। इस दौरान दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए और रक्षा औद्योगिक साझेदारी को गहरा करने का संकल्प लिया। मुख्य बिंदु: रणनीतिक समझौते, अभ्यास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण 1. समुद्री सुरक्षा और नया MoA 2. द्विपक्षीय एवं त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास 3. रक्षा प्रौद्योगिकी एवं संयुक्त निर्माण 4. संस्थागत ढांचा और बहुपक्षीय पहल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य विशेष रक्षा साझेदार “विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी” पहला रक्षा हस्तांतरण UNICORN integrated communications antenna system प्रमुख संयुक्त अभ्यास धर्म गार्जियन (थल सेना), JIMEX (नौसेना), वीर गार्जियन 26 (वायु सेना) त्रिपक्षीय PASSEX भारत, जापान और इंडोनेशिया (फरवरी 2026) एलायंस AI और स्वदेशी तकनीक: TDB का Fixit प्लेटफॉर्म को समर्थन चर्चा में क्यों? भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB) ने नई दिल्ली के स्टार्ट-अप M/s One2X Tech Pvt. Ltd. के साथ एक समझौता किया है। इसका उद्देश्य स्वदेशी रूप से विकसित एजेंटिक एआई (Agentic AI) प्लेटफॉर्म Fixit के व्यावसायिक उपयोग (Commercialization) को वित्तीय समर्थन देना है। मुख्य बिंदु: एजेंटिक एआई, तकनीकी ढांचा और व्यावसायिक उपयोग 1. एजेंटिक एआई क्या है? 2. ‘Fixit’ प्लेटफॉर्म की तकनीकी विशेषताएं 3. अनुप्रयोग और ‘एआई कार्यबल’ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य सहायता प्रदानकर्ता संस्था टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) संबद्ध स्टार्ट-अप M/s One2X Tech Pvt. Ltd. (नई दिल्ली) प्लेटफ़ॉर्म का नाम Fixit प्रौद्योगिकी श्रेणी एजेंटिक एआई (Agentic AI – स्वायत्त निर्णय और निष्पादन प्रणाली) प्रथम व्यावसायिक क्षेत्र रियल एस्टेट एवं राजस्व संचालन (Revenue Operations) कैंसर इलाज में नई क्रांति: ‘स्मार्ट’ कैंसर रोधी दवा RK-251 चर्चा में क्यों? भारतीय वैज्ञानिकों ने RK-251 नाम की एक नई ‘स्मार्ट’ कैंसर दवा तैयार की है, जो शरीर के स्वस्थ हिस्सों को नुकसान पहुंचाए बिना केवल कैंसरग्रस्त कोशिकाओं पर हमला करती है। यह दवा शरीर में यात्रा करते समय निष्क्रिय रहती है और कैंसर कोशिकाओं में पहुंचते ही वहां मौजूद उच्च रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) के संपर्क में आकर खुद-ब-खुद सक्रिय हो जाती है। यह लक्षित थेरेपी कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए ‘NBDHEX’ यौगिक जारी करती है, जिससे बालों का झड़ना या कमज़ोरी जैसे पारंपरिक कीमोथेरेपी के घातक दुष्प्रभावों (Side Effects) से बचा जा सकता है। मुख्य बिंदु: RK-251 दवा, कार्यप्रणाली और परीक्षण 1. विकासकर्ता संस्थान 2. दवा की कार्यप्रणाली (How RK-251 Works) 3. प्री-क्लिनिकल परीक्षण के परिणाम प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य दवा का नाम RK-251 (Targeted Smart Cancer Drug) विकासकर्ता IASST गुवाहाटी (DST) एवं IIT-गुवाहाटी मुख्य यौगिक NBDHEX (कैंसर रोधी यौगिक) सक्रियण का आधार कैंसर कोशिकाओं में उपस्थित रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) परीक्षण मॉडल जेब्राफिश भ्रूण (Danio rerio) एवं ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर वैश्विक डिजिटल क्षमता निर्माण गठबंधन (GDCBA) चर्चा में क्यों? भारत सरकार के क्षमता निर्माण आयोग (CBC) की पहल ‘ग्लोबल डिजिटल कैपेसिटी बिल्डिंग एलायंस’ (GDCBA) ने अपने सफल 6 महीने पूरे कर लिए हैं। इस गठबंधन की शुरुआत 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र में क्षमता निर्माण और सुशासन के भारतीय मॉडल को वैश्विक स्तर पर साझा करना है। मुख्य

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20 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

20 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत बिहार के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाले मखाना क्षेत्र (पारंपरिक फसल से वैश्विक ‘सुपरफूड’ तक का सफर), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) द्वारा न्हावा शेवा बंदरगाह पर 56 किग्रा मेथामफेटामाइन ज़ब्ती के माध्यम से नशीली दवाओं के नेटवर्क पर कार्रवाई, सुशासन में AI, क्वांटम और साइबर सुरक्षा, सामाजिक सशक्तीकरण हेतु विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के लिए SEED योजना, संपर्क क्षमता व क्षेत्रीय व्यापार को गति देने के लिए बिहार में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड का 4-लेन में उन्नयन, सहकारिता के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने हेतु श्वेत क्रांति 2.0, तथा भारत के नारियल क्षेत्र (‘कल्पवृक्ष’ से वैश्विक पहचान तक) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। मखाना क्षेत्र: एक पारंपरिक फसल से वैश्विक ‘सुपरफूड’ तक का सफर चर्चा में क्यों? भारत सरकार ने मखाना (Fox Nut) को एक प्रमुख एग्री-सुपरफूड के रूप में स्थापित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा की, जिसे 15 सितंबर 2025 को बिहार में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। सरकार ने 2025-26 से 2030-31 तक की अवधि के लिए ₹476.03 करोड़ के बजट के साथ मखाना विकास के लिए एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) को मंजूरी दी है। मखाना: बुनियादी जानकारी एवं भारत में स्थिति उत्पादन, बाज़ार और मूल्य वृद्धि मापदंड / विवरण तथ्य एवं आंकड़े कुल उत्पादन (2025–26, 2nd Adv. Est.) 80,590 मीट्रिक टन (औसत उत्पादकता: 2.34 MT/हेक्टेयर) बिहार का योगदान (2025-26) 60,000 मीट्रिक टन बाज़ार आकार (2029-30 का अनुमान) ₹11,000 – ₹12,000 करोड़ कीमतों में उछाल ₹500/किग्रा (2020-22) से बढ़कर ₹1,250/किग्रा (2025) मासिक घरेलू खपत (पाप्ड मखाना) 3,000-3,500 MT (त्योहारों के दौरान 5,000 MT तक) आधुनिक खेती तकनीक/किस्में फील्ड-सिस्टम फार्मिंग, स्वर्ण वैदेही, सबौर मखाना-1 मखाना का निर्यात परिदृश्य वैज्ञानिक एवं पोषण संबंधी पहलू मखाना का मूल्य संवर्धन और तकनीक मूल्य संवर्धन के 3 चरण: राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र (NRCM): प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य तथ्य महत्वपूर्ण तथ्य फसल की प्रकृति Euryale ferox – उथले पानी में उगने वाली जलीय फसल वैश्विक शेयर भारत विश्व में नंबर-1; बिहार वैश्विक आपूर्ति का 80-85% उत्पादन करता है केंद्रीय योजना बजट ₹476.03 करोड़ (2025-26 से 2030-31 तक) राष्ट्रीय मखाना बोर्ड बजट 2025-26 में घोषित; 15 सितंबर 2025 को बिहार में लॉन्च निर्यात का नया कोड DGFT द्वारा 2025 में नया HSN कोड आवंटित प्रमुख निर्यातक देश अमेरिका (40%), कनाडा (20%), यूएई (17%) DRI ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर मक्का में छिपाई गई 56 किग्रा मेथामफेटामाइन जब्त की चर्चा में क्यों? राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने एक विशेष खुफिया अभियान में न्हावा शेवा बंदरगाह (नवी मुंबई) पर भारत से सऊदी अरब भेजी जा रही 56 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की एक बड़ी खेप जब्त की। तस्करों ने इस मादक पदार्थ को छिपाने के लिए एक नया तरीका (Modus Operandi) अपनाया था। उन्होंने पाउडर रूप में मौजूद मेथामफेटामाइन को मक्के (Maize) के 351 बैगों में से एक में मिला दिया था ताकि नियमित सीमा शुल्क जांच से बचा जा सके। मामले में निर्यातक और फ्रेट फॉरवर्डर को NDPS अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया है। मुख्य बिंदु: ऑपरेशन, छुपाने की तकनीक और जोखिम 1. तस्करी का अनूठा तरीका 2. मेथामफेटामाइन क्या है? (रसायन और स्वास्थ्य पर प्रभाव) 3. सुरक्षा और नेटवर्क संबंधी चिंताएं राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) का परिचय प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्रवाई करने वाली एजेंसी राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) नोडल मंत्रालय वित्त मंत्रालय (CBIC के तहत) ज़ब्त मादक पदार्थ मेथामफेटामाइन (56 किग्रा) कार्रवाई का स्थान न्हावा शेवा पोर्ट (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट – JNPT) प्रासंगिक कानून NDPS (स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ) अधिनियम, 1985 ड्रग की प्रकृति सिंथेटिक साइकोस्टिमुलेंट (कृत्रिम उत्तेजक) AI, क्वांटम और साइबर सुरक्षा से बदल रहा गवर्नेंस: डॉ. जितेंद्र सिंह चर्चा में क्यों? केंद्रीय राज्य मंत्री (PMO, कार्मिक एवं जन शिकायत) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लेटरल एंट्री के माध्यम से आए संयुक्त सचिवों, निदेशकों और उप सचिवों के लिए आयोजित 15-दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स के प्रतिभागियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने रेखांकित किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम तकनीक, साइबर सुरक्षा और डिजिटल उपकरण प्रशासनिक प्रक्रियाओं एवं सुशासन (Governance) को तेजी से बदल रहे हैं। मुख्य बिंदु: रिफ्रेशर कोर्स, तकनीक और प्रभावी संचार 1. शासन व्यवस्था में उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका 2. सरकारी संचार के 4 प्रमुख स्तर डॉ. जितेंद्र सिंह ने जोर दिया कि अधिकारियों के लिए केवल आंतरिक पत्राचार काफी नहीं है। सोशल मीडिया के युग में अधिकारियों में मजबूत संचार कौशल होना आवश्यक है: 3. लेटरल एंट्री और संस्थागत ढांचा 4. विजन @2047 में अधिकारियों की भूमिका प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम लेटरल एंट्री अधिकारियों हेतु 15-दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स आयोजक संस्थान भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) / कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग लेटरल एंट्री संख्या अब तक लगभग 63 अधिकारी नियुक्त किए गए प्रमुख पाठ्यक्रम विषय AI, साइबर सुरक्षा, नीति विश्लेषण, डिजिटल परिवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और संचार मुख्य दृष्टिकोण विकसित भारत @2047 में अधिकारियों की क्षमता निर्माण विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों का सशक्तिकरण: SEED योजना चर्चा में क्यों? सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू (DNT/NT/SNT) समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए SEED योजना (Scheme for Economic Empowerment of DNTs) के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रगति की समीक्षा की गई है। मुख्य बिंदु: DWBDNC बोर्ड, SEED योजना के घटक और प्रभाव 1. पृष्ठभूमि और संस्थागत ढांचा 2. SEED योजना के 4 मुख्य घटक DWBDNC द्वारा संचालित SEED योजना इन समुदायों के समग्र विकास के लिए 4 स्तंभों पर आधारित है: 3. सामाजिक और आर्थिक प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम SEED योजना (Scheme for Economic Empowerment of DNTs) नोडल मंत्रालय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय कार्यान्वयन एजेंसी DWBDNC बोर्ड (स्थापना: फरवरी 2019) 4 मुख्य घटक 1. मुफ्त कोचिंग 2. स्वास्थ्य बीमा 3. आजीविका 4. आवास सहायता लक्ष्य समूह विमुक्त (DNT), घुमंतू (NT) और अर्ध-घुमंतू (SNT) समुदाय बिहार में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड का 4-लेन में उन्नयन चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने बिहार में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को 4-लेन मानक में अपग्रेड करने की मंजूरी

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19 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

19 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत वैश्विक पर्यावरण संरक्षण पहलों को साझा करने हेतु 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक और 4 ज्ञान संकलनों (Knowledge Compendiums) का अनावरण, एनसीसी कैडेट्स के साहसिक अभियान NCC ऑल इंडिया गर्ल्स हाई एल्टीट्यूड ट्रेक (‘अपराजिता – पारांग ला 2026’), खेल जगत में उत्कृष्ट योगदान देने वाले खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने हेतु छत्तीसगढ़ में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम, देश में प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक शहरों के निर्माण के लिए NICDIT की तीसरी शीर्ष बैठक, तथा भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने वाली ECMS योजना के तहत 38 नए संयंत्रों के शुभारंभ का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक: 4 ज्ञान संकलनों का अनावरण चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता 2026 के तहत नई दिल्ली में आयोजित 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ 4 नए ज्ञान संकलन (Knowledge Compendiums) जारी किए। ये दस्तावेज सतत जीवन शैली (मिशन LiFE आधारित), एकीकृत दावानल प्रबंधन (Wildfire Management), लैंडस्केप-आधारित हरित पहलों और ईपीआर (EPR) व सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में ब्रिक्स देशों के सर्वश्रेष्ठ अनुभवों और तकनीकी समाधानों को साझा करते हैं। मुख्य बिंदु: लॉन्च किए गए 4 प्रमुख ज्ञान संकलन 1. सतत जीवन शैली पर संकलन 2. एकीकृत दावानल प्रबंधन 3. लैंडस्केप-आधारित हरित दृष्टिकोण 4. विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) और सर्कुलर इकोनॉमी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य बैठक का क्रम 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक (12th BRICS Environment Ministers Meeting) अध्यक्षता (2026) भारत (India) लॉन्च कुल संकलन 4 नॉलेज प्रोडक्ट्स (Knowledge Compendiums) भारत की प्रमुख पहलें मिशन LiFE, SAMBHAV अभियान, केंद्रीय डिजिटल EPR प्लेटफॉर्म सहभागी देश भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, यूएई NCC ऑल इंडिया गर्ल्स हाई एल्टीट्यूड ट्रेक: ‘अपराजिता – पारांग ला 2026’ चर्चा में क्यों? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के फ्लैगशिप अभियान ‘अपराजिता – पारांग ला 2026’ (All India Girls High Altitude Long Trek) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह 30 दिवसीय अभियान भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण और उच्च ऊंचाई वाले ट्रेकिंग मार्गों में से एक पर आयोजित किया जा रहा है। इसका नेतृत्व तीनों सेनाओं (थल, जल और नभ) की महिला अधिकारी कर रही हैं। मुख्य बिंदु: अभियान की प्रमुख विशेषताएं और सामरिक पहलू 1. अभियान का स्वरूप और मार्ग 2. अभियान के रणनीतिक और सामाजिक उद्देश्य प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अभियान का नाम अपराजिता – पारांग ला 2026 आयोजक संस्था राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) पारांग ला की ऊंचाई 5,578 मीटर (18,300 फीट) भौगोलिक जुड़ाव स्पीति घाटी (हिमाचल प्रदेश) – चांगथांग क्षेत्र (लद्दाख) दूरी व समय 250 किमी लंबा ट्रेक, 30 दिन की अवधि नेतृत्व तीनों सेनाओं की महिला अधिकारी + 28 बालिका कैडेट राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025: विजेताओं की घोषणा चर्चा में क्यों? युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने ‘राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025’ के विजेताओं की आधिकारिक घोषणा की। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने इन सम्मानों को अंतिम रूप दिया। इस बार विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट एथलीटों, प्रशिक्षकों और खेल विकास में योगदान देने वाले संगठनों को उनके निरंतर प्रदर्शन और खेल भावना के लिए चुना गया है। इन पुरस्कारों में अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार और राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार जैसे प्रमुख सम्मान शामिल हैं। मुख्य बिंदु: खेल पुरस्कारों का श्रेणीवार वर्गीकरण 1. उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार 2025 खेल नाम एथलेटिक्स तेजस्विन शंकर, मोहम्मद अजमल वी, प्रियंका गोस्वामी बैडमिंटन ट्रीसा जॉली, पुलेला गायत्री गोपीचंद शतरंज विदित संतोष गुजराती, दिव्या जितेंद्र देशमुख हॉकी लालरेमसियामी, राजकुमार पाल कबड्डी सुरजीत, पूजा पैरा-स्पोर्ट्स रुद्रांश खंडेलवाल (पैरा-शूटिंग), एकता भ्यान (पैरा-एथलेटिक्स) अन्य नरेंद्र (बॉक्सिंग), धनुष श्रीकांत (डेफ शूटिंग), अरविंद सिंह (रोइंग), अखिल शेवरान (शूटिंग) 2. अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम श्रेणी) 3. द्रोणाचार्य पुरस्कार 2025 (प्रशिक्षकों के लिए) अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करने वाले कोचों को यह पुरस्कार दिया जाता है: 4. राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार प्रदाता युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (MoYAS) चयन समिति अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा आवेदन प्रक्रिया समर्पित ऑनलाइन पोर्टल से स्व-आवेदन (Self-apply) अर्जुन पुरस्कार का आधार पिछले 4 वर्षों का निरंतर प्रदर्शन लाइफटाइम अर्जुन पुरस्कार आई. अरुमायनायगम (फुटबॉल) खेल प्रोत्साहन विजेता आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे छत्तीसगढ़ में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम: डिजिटल बुनियादी ढांचे का विस्तार चर्चा में क्यों? नई दिल्ली के संचार भवन में छत्तीसगढ़ में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Amended BharatNet Program – ABP) को लागू करने के लिए एक बहुपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता दूरसंचार विभाग (DoT) के तहत डिजिटल भारत निधि (DBN), छत्तीसगढ़ सरकार, छत्तीसगढ़ स्टेट भारतनेट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (CSBIL), BSNL और चिप्स (CHiPS) के बीच राज्य-नेतृत्व मॉडल (State-led Model) के तहत संपन्न हुआ। मुख्य बिंदु: परियोजना का दायरा, वित्तीय कवरेज और कार्यान्वयन 1. वित्तीय आवंटन और कवरेज 2. नेटवर्क अपग्रेडेशन और टोपोलॉजी 3. सामाजिक-आर्थिक प्रभाव डिजिटल भारत निधि (DBN) क्या है? प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (ABP) मंजूरी तिथि (कैबिनेट) 4 अगस्त 2023 छत्तीसगढ़ के लिए फंड ₹3,942 करोड़ ग्राम पंचायत कवरेज 11,682 ग्राम पंचायतें (4,048 रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड) DBN की उत्पत्ति दूरसंचार अधिनियम, 2023 द्वारा USOF का नया नाम राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास: NICDIT की तीसरी शीर्ष बैठक चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास और कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की तीसरी शीर्ष निगरानी प्राधिकरण (Apex Monitoring Authority) बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (NICDP) और ‘भव्य’ योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य ध्यान परियोजनाओं की केवल मंजूरी देने के बजाय बुनियादी ढांचे के तेजी से निर्माण, भूमि आवंटन और उत्पादन शुरू करने पर रहा। मुख्य बिंदु: बैठक के प्रमुख निर्णय और योजनाएं 1. FIRE कॉरिडोर्स और ‘टीम इंडिया’ दृष्टिकोण 2. ‘भव्य’ योजना 3. NICDP की वर्तमान प्रगति NICDIT और NICDC का संस्थागत ढांचा NICDIT (National Industrial Corridor Development

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18 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

18 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत सफाई कर्मचारियों के आर्थिक-सामाजिक सशक्तीकरण हेतु स्वच्छता उद्यमी योजना (SUY) व नमस्ते योजना, भारत और थाईलैंड के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-XV’, भारत की पहली घास के मैदान और खुला प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (ONEs) गाइडबुक, कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने वाले ‘शक्ति की सप्त धारा’ संकल्प, क्वांटम इंटरनेट व सुरक्षित संचार के क्षेत्र में क्रांतिकारी खोज ‘General Concurrence Percolation’ (GCP) प्रोटोकॉल, तथा पिछले 10 वर्षों में सामाजिक सुरक्षा के दायरे को 25 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ लाभार्थियों तक पहुँचाने की ऐतिहासिक उपलब्धि का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। स्वच्छता उद्यमी योजना (SUY): नमस्ते योजना से संवरती सफाई मित्रों की जिंदगी चर्चा में क्यों? सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नमस्ते योजना के तहत संचालित ‘स्वच्छता उद्यमी योजना’ (SUY) की सफलता का एक मामला प्रस्तुत किया। गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के 54 वर्षीय सतीश कुमार ने इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करके संविदा सफाई कर्मचारी (Contractual Worker) से खुद की सीवर सक्शन मशीन के मालिक बनने तक का सफर तय किया। मुख्य बिंदु: स्वच्छता उद्यमी योजना और नमस्ते योजना की भूमिका 1. यांत्रिक स्वच्छता और स्वरोजगार की ओर कदम 2. वित्तीय सहायता मॉडल (Financial Assistance Structure) 3. सामाजिक-आर्थिक प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मूल योजना NAMASTE (National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem) घटक योजना स्वच्छता उद्यमी योजना (SUY) नोडल एजेंसी NSKFDC (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय) मुख्य लक्ष्य सफाई कर्मचारियों को यांत्रिक उपकरण खरीदने हेतु रियायती ऋण व सब्सिडी देना उद्देश्य सीवर/सेप्टिक टैंक की शून्य-मानव संपर्क से सफाई अभ्यास ‘मैत्री-XV’: भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास चर्चा में क्यों? भारतीय सेना की 9 गोरखा राइफल्स की टुकड़ी ‘मैत्री-XV’ अभ्यास में भाग लेने के लिए थाईलैंड के लिए रवाना हुई। यह भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच आयोजित होने वाला 15वां संयुक्त सैन्य अभ्यास है। इसका आयोजन 18 से 31 अगस्त 2026 तक थाईलैंड के सूरत थानी स्थित ‘विभावदी रंगसित कैंप’ में किया जा रहा है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता (Interoperability) को बढ़ाना और जंगल व अर्ध-शहरी इलाकों में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आतंकवाद-रोधी अभियानों की क्षमताओं को मजबूत करना है। मुख्य बिंदु: अभ्यास ‘मैत्री’ और रणनीतिक महत्व 1. प्रतिभागी दल और सैन्य बल 2. मुख्य उद्देश्य और प्रशिक्षण का दायरा 3. इतिहास और द्विपक्षीय संबंध प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अभ्यास का नाम मैत्रि-XV, 2026 भाग लेने वाले देश भारत (भारतीय सेना) और थाईलैंड (रॉयल थाई आर्मी) संस्करण व स्थल 15वां संस्करण – सूरत थानी, थाईलैंड भारतीय सैन्य दल 9 गोरखा राइफल्स (85 सैनिक) संस्थापना वर्ष 2006 से निरंतर आयोजित भारत का पहला घास के मैदान और खुला प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (ONEs) गाइड गाइडबुक: UNCCD COP17 में लॉन्च चर्चा में क्यों? मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित UNCCD (संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय) के COP17 में भारत ने अपनी पहली ‘गाइड टू ग्रासलैंड्स एंड अदर ओपन नेचुरल इकोसिस्टम्स (ONEs) ऑफ इंडिया’ जारी की। यह दस्तावेज भारत के घास के मैदानों, सवाना, मरुस्थल और झाड़ियों वाले क्षेत्रों की पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक महत्ता को रेखांकित करता है। इसका मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों को केवल “बंजर भूमि” (Wastelands) के रूप में न देखकर इनके विज्ञान-आधारित संरक्षण को बढ़ावा देना है। मुख्य बिंदु: खुला प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (ONEs) और भारत की पहल 1. ‘ओपन नेचुरल इकोसिस्टम’ (ONEs) का महत्व 2. गाइडबुक के प्रमुख विषय व सहयोगी संस्थाएं 3. भूमि क्षरण तटस्थता (LDN) और वैश्विक प्रतिबद्धता प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य गाइड का नाम Guide to Grasslands and Other Open Natural Ecosystems (ONEs) of India लॉन्च का अवसर UNCCD COP17 (उलानबटार, मंगोलिया) मुख्य नोडल मंत्रालय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) सहयोगी संस्थाएं ATREE, IUCN, CoE-SLM, ICFRE, और SAC (ISRO) प्रमुख ONEs उदाहरण बन्नी (गुजरात), थार (राजस्थान), दक्कन सवाना, बीहड़ और तराई क्षेत्र ‘शक्ति की सप्त धारा’ संकल्प: कृषि एवं ग्रामीण विकास से विकसित भारत 2047 का रोडमैप चर्चा में क्यों? नई दिल्ली के पूसा परिसर में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘शक्ति की सप्त धारा’ संकल्प कार्यक्रम का नेतृत्व किया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री द्वारा 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस भाषण में घोषित ‘शक्ति की सप्त धारा’ के संकल्पों को ‘विकसित भारत 2047’ के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप में बदलने पर केंद्रित था। इसमें कृषि अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों, लखपति दीदियों और खाद्य प्रसंस्करण निर्यातकों ने भाग लिया। मुख्य बिंदु: कृषि और ग्रामीण विकास का रणनीतिक रोडमैप 1. लखपति दीदी योजना का नया लक्ष्य 2. बाजार पहुंच और ‘शी-मार्ट्स’ 3. कृषि सुरक्षा और खाद्य प्रसंस्करण का सुदृढ़ीकरण प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य संकल्प का नाम शक्ति की सप्त धारा आयोजन स्थल पूसा परिसर, नई दिल्ली संबंधित मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय + ग्रामीण विकास मंत्रालय लखपति दीदी नया लक्ष्य 3 करोड़ – 6 करोड़ ग्रामीण महिलाएं प्रमुख विपणन पहल She-Marts (महिला स्वयं सहायता समूहों हेतु बाजार केंद्र) लक्ष्य वर्ष विकसित भारत @2047 क्वांटम नेटवर्क के लिए ‘General Concurrence Percolation’ (GCP) प्रोटोकॉल चर्चा में क्यों? बोस इंस्टीट्यूट, कोलकाता (DST का स्वायत्त संस्थान) के वैज्ञानिकों ने क्वांटम नेटवर्क के लिए एक नया ‘General Concurrence Percolation’ (GCP) प्रोटोकॉल विकसित किया है। ‘Physical Review A’ पत्रिका में प्रकाशित यह शोध दूरस्थ क्वांटम स्टेशनों के बीच उलझे हुए कणों (Entangled States) के माध्यम से सुरक्षित और कुशल संचार का नया ढांचा प्रदान करता है। मुख्य बिंदु: क्वांटम एंटैंगलमेंट और GCP प्रोटोकॉल की क्रियाप्रणाली 1. पारंपरिक चुनौती (Existing Challenge) 2. GCP प्रोटोकॉल का समाधान (Geometric Routing) 3. भविष्य के क्वांटम इंटरनेट पर प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रोटोकॉल का नाम जनरल कन्करेंस परकोलेशन (GCP) शोध संस्थान बोस इंस्टीट्यूट, कोलकाता (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत) मूल सिद्धांत क्वांटम यांत्रिकी (Quantum Mechanics) + परकोलेशन थ्योरी (Statistical Physics) मुख्य लाभ बिना नोड्स/स्टेशनों को नष्ट किए कम थ्रेशोल्ड पर अधिकतम एंटैंगलमेंट प्राप्त करना शोध पत्रिका फिजिकल रिव्यू A 10 वर्षों में सामाजिक सुरक्षा: 25 करोड़ से 100 करोड़ का ऐतिहासिक विस्तार चर्चा

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17 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

17 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत साइबर खतरों और एआई-आधारित चुनौतियों से निपटने के लिए आयोजित ‘साइबर कुश्ती 2026’ (राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एवं AI हैकाथॉन), डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना के तहत निर्मित भारत की स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप ‘विहान’, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अनुभव का लाभ उठाने हेतु राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार 2026 व पेंशनधारक कल्याण पहलों, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीकों के हस्तांतरण को गति देने वाले RSVC-AMRIT प्लेटफॉर्म, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री की प्रमुख घोषणाओं (AI मिशन, ऊर्जा स्वतंत्रता और नागरिक सुरक्षा ढांचा), तथा भारत की वैश्विक सॉफ्ट पावर को दर्शाने वाले ‘सूर्यपथ तिरंगा’ (वैश्विक ध्वज रिले) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। साइबर कुश्ती 2026: राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एवं AI हैकाथॉन चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) ने ‘साइबर कुश्ती 2026’ राष्ट्रीय हैकाथॉन लॉन्च किया। यह राष्ट्रीय हैकाथॉन साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में केवल कमियां ढूंढने के बजाय प्रतिभागियों की निर्णय क्षमता (Human Judgment) और प्राथमिकताओं के सटीक मूल्यांकन पर केंद्रित है। इस प्रतियोगिता का आयोजन ISAC फाउंडेशन और CERT-In (नॉलेज पार्टनर) के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें ‘अखाड़ा’, ‘दंगल’ और ‘केसरी’ नाम से तीन प्रगतिशील चरण शामिल हैं। मुख्य बिंदु: हैकाथॉन का अनूठा प्रारूप, तीन चरण और पुरस्कार 1. निर्णय क्षमता पर फोकस 2. प्रतियोगिता के तीन प्रमुख चरण 3. सम्मान और पुरस्कार प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक निकाय NIELIT (MeitY के तहत डीम्ड यूनिवर्सिटी)। नॉलेज पार्टनर CERT-In (भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम)। सहयोगी संस्था ISAC Foundation (National Security Database के तहत)। आयोजन का मुख्य मंच 3rd NCCDFI 2026 (9-10 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली)। भाग लेने की पात्रता 3 छात्रों या शोधकर्ताओं की टीमें (मुफ्त पंजीकरण)। स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप ‘विहान’: DLI योजना के तहत बड़ी सफलता चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक महत्वपूर्ण सफलता की घोषणा की। ‘डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव’ (DLI) योजना से समर्थित चेन्नै की ‘अहीसा डिजिटल इनोवेशन’ ने अपनी ब्रॉडबैंड चिप ‘विहान’ का सफल परीक्षण किया। यह नेटवर्क सिस्टम-ऑन-चिप (SoC) स्वदेशी VEGA माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित है। इसने ‘फर्स्ट-पास सिलिकॉन सक्सेस’ हासिल कर ली है। अब यह वर्ष 2027 तक व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ेगी। मुख्य बिंदु: तकनीक, निवेश और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम 1. ‘विहान’ चिप और अहीसा की उपलब्धि 2. वित्तीय प्रोत्साहन और निवेशक विश्वास 3. सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में भारत की बढ़त 4. DLI और C2S योजना के अन्य प्रमुख परिणाम प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य विहान अहीसा द्वारा निर्मित स्वदेशी ब्रॉडबैंड SoC चिप। मूल प्रोसेसर VEGA (C-DAC द्वारा विकसित स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर)। DLI योजना सेमीकंडक्टर डिजाइन स्टार्टअप्स को वित्तीय व तकनीकी सहायता (MeitY)। C2S कार्यक्रम ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ – छात्रों/शोधकर्ताओं द्वारा चिप डिजाइनिंग हेतु। सेमीकॉन 2.0 ₹1.27 लाख करोड़ का बजट, जुलाई 2026 में स्वीकृत। राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार 2026 और पेंशनधारक कल्याण पहलें चर्चा में क्यों? नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 9वें ‘राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार 2026’ समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा इसका आयोजन किया जा रहा है। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस समारोह में 15 चयनित विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। इसी मंच से 60वीं सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श (Pre-Retirement Counselling) कार्यशाला भी आयोजित होगी। मुख्य बिंदु: ‘अनुभव’ पोर्टल, राष्ट्रीय पुरस्कार और पेंशन कल्याण पहलें 1. ‘अनुभव’ पोर्टल और पुरस्कार 2. सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श कार्यशाला 3. डिजिटल गवर्नेस एवं पेंशन सुधार प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक विभाग पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW), कार्मिक मंत्रालय। अनुभव पोर्टल सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों के कार्य अनुभवों का डिजिटल संग्रह। पुरस्कार विजेताओं की संख्या 15 (वर्ष 2026 के लिए)। DLC Campaign 5 डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण) जमा करने का राष्ट्रव्यापी अभियान। पार्टिसिपेटिंग एंटिटीज केंद्रीय कर्मचारी, CPSEs और 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक। RSVC-AMRIT प्लेटफॉर्म: ग्रामीण नवाचार और तकनीक हस्तांतरण चर्चा में क्यों? 80वें स्वतंत्रता दिवस पर भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) प्रो. अजय कुमार सूद ने RSVC-AMRIT प्लेटफॉर्म का आधिकारिक शुभारंभ किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय (OPSA) के सहयोग से तैयार किया है। यह ‘रूरागे स्मार्ट विलेज सेंटर’ (RSVC) का डिजिटल ढांचा है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक पहुंचाने का काम करेगा। मुख्य बिंदु: AMRIT प्लेटफॉर्म और RSVC इकोसिस्टम 1. AMRIT प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य 2. RuTAGe स्मार्ट विलेज सेंटर (RSVC) मॉडल 3. राष्ट्रीय ज्ञान कोष प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्लेटफॉर्म का नाम RSVC-AMRIT विकासकर्ता निकाय NABARD और OPSA (मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय) कार्यान्वयन एजेंसी NABFOUNDATION (नाबार्ड की सहायक संस्था) वित्तपोषण (Funding) नाबार्ड सहायता एवं कॉर्पोरेट CSR लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी पहुंच और ‘विकसित भारत 2047’ को गति देना 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की प्रमुख घोषणाएं: AI, ऊर्जा और नागरिक सुरक्षा चर्चा में क्यों? 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने देश के विकास और सुरक्षा से जुड़े कई दूरगामी राष्ट्रीय लक्ष्यों की घोषणा की। इनमें 1 करोड़ युवाओं को AI कौशल प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क और 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता जैसे बड़े लक्ष्य शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने, 5-15 वर्ष के बच्चों के लिए स्पोर्ट्स टैलेंट हंट और आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए वाइब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क के गठन का ऐलान भी किया। मुख्य बिंदु: 80वें स्वतंत्रता दिवस की प्रमुख राष्ट्रीय घोषणाएं 1. युवा कौशल, शिक्षा और खेल पहल 2. आंतरिक सुरक्षा: आधुनिक वाइब्रेंट सिविल डिफेंस 3. प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता 4. ऊर्जा सुरक्षा: परमाणु ऊर्जा 100 GW लक्ष्य 5. महिला सशक्तिकरण: 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य क्षेत्र / योजना महत्वपूर्ण तथ्य AI Skilling 1 वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण Sports Talent Hunt 5 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रीय अभियान परमाणु ऊर्जा क्षमता वर्ष 2047 तक 100 GW (इसी दशक में 5 नए रिएक्टर्स) लखपति दीदी योजना नया विस्तारित लक्ष्य: 6 करोड़ महिलाएं

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