28 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत आवश्यक वस्तुओं की मूल्य स्थिरता और बाज़ार संतुलन के लिए मूल्य स्थिरता और प्याज की निर्बाध आपूर्ति हेतु सरकारी हस्तक्षेप, भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण में भारत की वैश्विक भूमिका को दर्शाते हुए भूमि शासन में भारत का DPI और अफ़्रीकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा, उच्च हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए हिम तेंदुए (Snow Leopard) के संरक्षण पर भारत-रूस गोलमेज बैठक, नौसेना की रसद और सहायता क्षमताओं को सशक्त बनाने वाले पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत (MPV) ‘समर्थक’, तथा देश के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधा पहुँचाने वाली प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के 12 वर्ष (वित्तीय समावेशन की महाक्रांति) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
मूल्य स्थिरता और प्याज की निर्बाध आपूर्ति हेतु सरकारी हस्तक्षेप
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, बफर स्टॉक, NAFED, NCCF, CWC।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): भारतीय अर्थव्यवस्था – कृषि उत्पाद विपणन, मूल्य स्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा और बफर स्टॉक।
चर्चा में क्यों?
उपभोक्ता मामले विभाग (DoCA) ने आम जनता को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया। सरकार ने बाजार हस्तक्षेप नीति के तहत दिल्ली-NCR में बफर स्टॉक से 35 रुपये प्रति किग्रा की रियायती दर पर प्याज की खुदरा बिक्री शुरू की है।
मुख्य बिंदु: बफर स्टॉक और लॉजिस्टिक्स तंत्र
1. मूल्य स्थिरता और खुदरा बिक्री
- बिक्री दर: उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कृषि भवन से एनसीसीएफ और नेफेड की मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
- उद्देश्य: कीमतों में उछाल को रोकना और उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर प्याज उपलब्ध कराना।
- वितरण माध्यम: एनसीसीएफ और नेफेड के खुदरा आउटलेट तथा मोबाइल वैन।
2. ‘कांदा एक्सप्रेस’ पहल और आपूर्ति विस्तार
- लॉजिस्टिक्स मजबूती: ‘कांदा एक्सप्रेस’ ट्रेन पहल के माध्यम से उत्पादक क्षेत्रों (जैसे महाराष्ट्र) से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक प्याज की तेजी से आपूर्ति की जा रही है।
- आपूर्ति में उछाल: वर्ष 2024-25 में 14 रेलवे रैक के जरिए 12,000 मीट्रिक टन प्याज 5 शहरों में भेजा गया था। वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 86 रेलवे रैक और 88,000 मीट्रिक टन प्याज हो गया, जिसे देश के 16 शहरों तक पहुंचाया गया।
3. वैज्ञानिक भंडारण और बहु-मॉडल परिवहन
- परिवहन: रेल और सड़क मार्ग दोनों का उपयोग किया जा रहा है।
- सीडब्ल्यूसी (CWC) की भूमिका: वैज्ञानिक भंडारण (Scientific Storage) और बफर स्टॉक के कुशल वितरण के लिए केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को इस व्यवस्था में शामिल किया गया है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| नोडल विभाग | उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs – DoCA) |
| कार्यान्वयन एजेंसियां | NCCF, NAFED और CWC |
| कांदा एक्सप्रेस | बफर प्याज के त्वरित रेल परिवहन हेतु लॉजिस्टिक्स पहल |
| बफर प्याज दर | ₹35 प्रति किग्रा (दिल्ली-NCR) |
| भंडारण भागीदार | केंद्रीय भंडारण निगम (Central Warehousing Corporation – CWC) |
भूमि शासन में भारत का DPI और अफ़्रीकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), DILRMP, भू-आधार (ULPIN), NAKSHA कार्यक्रम।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2 & 3): ई-गवर्नेंस, दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South Cooperation), समावेशी विकास, भूमि सुधार और अवसंरचना विकास।
चर्चा में क्यों?
अफ़्रीकी संघ आयोग, 6 अफ़्रीकी देशों (इथियोपिया, मलावी, रवांडा, सिएरा लियोन, जाम्बिया) और UNDP के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भूमि संसाधन विभाग (DoLR) का दौरा किया। इस अध्ययन दौरे का मुख्य उद्देश्य भूमि शासन में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), ‘भारत लैंड स्टैक’ और भू-आधार मॉडल का अध्ययन करना था।
मुख्य बिंदु: भूमि शासन में भारत की क्रांति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग
1. ‘भारत लैंड स्टैक’ और भू-आधार (ULPIN)
- भू-आधार (ULPIN): यह 14-अंकों का एक अल्फान्यूमेरिक यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर है। देश में अब तक 40.58 करोड़ से अधिक भूमि पार्सल को भू-आधार आवंटित किया जा चुका है।
- मृत पूंजी का उबार (Unlocking Dead Capital): डिजिटल और जीआईएस-आधारित भूमि रिकॉर्ड से ग्रामीण भू-स्वामियों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से लोन और बंधक (Mortgage) की सुविधा आसानी से मिल रही है।
- डिजिटल विश्वास: भू-संदर्भित मानचित्र, सर्किल दर, पंजीकरण और मुकदमों के रिकॉर्ड को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़कर पारदर्शिता बढ़ाई गई है।
2. DILRMP की प्रमुख राष्ट्रीय उपलब्धियां
- अधिकार अभिलेख (RoRs): देश भर में 99.90% पाठ्य रिकॉर्ड का संगणकीकरण (Computerisation) पूरा।
- कैडस्ट्रल मानचित्र: 97.43% मानचित्र डिजिटल हो चुके हैं और 76.16% भू-खंडों का जीयो-रेफरेंसिंग कार्य संपन्न हो गया है।
- उप-पंजीयक कार्यालय: 98.96% कार्यालयों का डिजिटलीकरण किया गया है। 17 राज्य/UTs केंद्रीय NGDRS (राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली) का उपयोग कर रहे हैं।
- राजस्व अदालतें: 94.11% राजस्व अदालतों को RCCMS से जोड़ा गया है, जिससे भूमि विवादों की रियल-टाइम प्रविष्टि संभव हुई है।
3. ‘नक्शा’ कार्यक्रम और शहरी मैपिंग
- उद्देश्य: शहरी बस्तियों का सटीक भू-स्थानिक सर्वेक्षण करना।
- तकनीक: ड्रोन, ऑब्लिक कैमरा, लिडार सेंसर और RTK-GNSS रोवर तकनीक का उपयोग।
- प्रगति: 150 में से 145 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में हवाई सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जिसके बाद प्रामाणिक ‘अर्बन प्रॉपर्टी कार्ड’ जारी किए जा रहे हैं।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| नोडल विभाग | भूमि संसाधन विभाग (DoLR), ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| भू-आधार (ULPIN) | 14-अंकों की यूनिक आईडी (40.58 करोड़+ जारी) |
| मुख्य कार्यक्रम | DILRMP (डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम) |
| शहरी योजना | NAKSHA (ड्रोन एवं LiDAR आधारित शहरी मैपिंग) |
| पंजीकरण प्रणाली | NGDRS (राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली) |
हिम तेंदुए (Snow Leopard) के संरक्षण पर भारत-रूस गोलमेज बैठक
- प्रारंभिक परीक्षा: पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी – जैव विविधता, हिम तेंदुआ (Snow Leopard) और संरक्षण पहलें, अंतर्राष्ट्रीय समझौते (IBCA)।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): पर्यावरण एवं संरक्षण – जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीवों के लिए वैज्ञानिक पहलें, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और IBCA।
चर्चा में क्यों?
मास्को (रूस) स्थित सेवर्टसोव इंस्टीट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन में ‘हिम तेंदुए के अध्ययन और संरक्षण पर भारत-रूस गोलमेज बैठक’ आयोजित की गई। इस बैठक में भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया और भारत की वैज्ञानिक तकनीकों को साझा किया।
मुख्य बिंदु: वैज्ञानिक तकनीकें और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग
1. अंतर्राष्ट्रीय सहयोग ढांचा
- साझेदारी: यह बैठक ‘इर्बिस’ (Irbis – अंतर-क्षेत्रीय संघ) और इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) के बीच दिसंबर 2025 में हुए समझौते के तहत आयोजित की गई।
- उद्देश्य: वैश्विक स्तर पर हिम तेंदुए के संरक्षण, शोध और निगरानी (Monitoring) के लिए भारत और रूस के बीच वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत करना।
2. भारत द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक पहलें
- जनसंख्या आकलन (SPAI): भारत ने अपने पहले राष्ट्रीय हिम तेंदुआ जनसंख्या आकलन (Snow Leopard Population Assessment in India – SPAI) की कार्यप्रणाली साझा की।

- रेडियो टेलीमेट्री: हिम तेंदुओं की आवाजाही और उनके प्राकृतिक आवास के व्यवहार को समझने के लिए आधुनिक जीपीएस कॉलर तकनीक का उपयोग।
- आनुवंशिक विश्लेषण (Genetic Analysis): डीएनए आधारित गैर-आक्रामक परीक्षणों के माध्यम से हिम तेंदुओं की सटीक गणना और स्वास्थ्य निगरानी।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| आयोजन स्थल | मास्को (रूस) – सेवर्टसोव इंस्टीट्यूट (RAS) |
| मुख्य भागीदार संस्थाएं | MoEFCC, WII, IBCA और एसोसिएशन ‘Irbis’ |
| IBCA की शुरुआत | भारत द्वारा अप्रैल 2023 में (7 बिग कैट्स के संरक्षण हेतु) |
| हिम तेंदुए की स्थिति (IUCN) | संवेदनशील (Vulnerable |
भारतीय नौसेना को मिला ‘समर्थक’: पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत (MPV)
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की रक्षा और सुरक्षा संबंधी घटनाएं, ‘समर्थक’ पोत (Samarthak MPV), L&T कट्टुपल्ली।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण और ‘आत्मनिर्भर भारत’, रक्षा प्रौद्योगिकी, समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन (HADR)।
चर्चा में क्यों?
लार्सन एंड टुब्रो (L&T) कट्टुपल्ली शिपयार्ड ने भारतीय नौसेना को पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत (Multi-Purpose Vessel – MPV) सौंपा। इस पोत का नाम ‘समर्थक’ रखा गया है, जो भारत के रक्षा निर्माण क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्य बिंदु: विशेषताएं और सामरिक भूमिका
1. स्वदेशीकरण और निर्माण
- स्वदेशी सामग्री: इस पोत के निर्माण में 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री (Indigenous Content) का उपयोग किया गया है।
- निर्माता संस्था: लार्सन एंड टुब्रो (L&T) लिमिटेड, कट्टुपल्ली शिपयार्ड (तमिलनाडु)।
- नाम का अर्थ: ‘समर्थक’ शब्द का अर्थ है ‘प्रस्तावक’ या ‘सशक्त बनाने वाला’ (The Proponent)। यह पोत कई प्रकार के मिशनों को पूरा करने में सक्षम है।
2. प्रमुख परिचालन कार्य
- परीक्षण एवं मूल्यांकन मंच: यह नया पोत नौसेना के हथियारों, सेंसरों और नौसैनिक प्रणालियों के समुद्री परीक्षणों (Trial & Evaluation Platform) के लिए काम करेगा।
- समुद्री निगरानी (Maritime Surveillance): तटीय और समुद्री क्षेत्रों की निरंतर निगरानी तथा टोह लेने में पूरी तरह सक्षम है।

- अपतटीय गश्त (Offshore Patrolling): भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सुरक्षा के लिए गश्त लगाना।
- मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR): प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित राहत और बचाव कार्यों का संचालन करना।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| पोत का नाम | ‘समर्थक’ |
| श्रेणी | बहुउद्देश्यीय पोत (Multi-Purpose Vessel – MPV) |
| निर्माता शिपयार्ड | L&T कट्टुपल्ली (तमिलनाडु) |
| स्वदेशी सामग्री प्रतिशत | 75% से अधिक |
| प्राथमिक भूमिका | परीक्षण/मूल्यांकन, समुद्री गश्त और HADR |
प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के 12 वर्ष: वित्तीय समावेशन की महाक्रांति
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की सरकारी योजनाएं, वित्तीय समावेशन, JAM ट्रिनिटी, RuPay कार्ड, PMJDY के 12 वर्ष।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): भारतीय अर्थव्यवस्था – समावेशी विकास, सरकारी योजनाएं, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और वित्तीय समावेशन।
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) ने 28 अगस्त 2026 को अपने सफल 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह विश्व का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन कार्यक्रम बन चुका है, जिसने देश के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की है। इस योजना ने देश भर में 59 करोड़ से अधिक बुनियादी बचत बैंक खाते खोलकर वंचित और ग्रामीण वर्गों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है। जन धन-आधार-मोबाइल (JAM) ट्रिनिटी के माध्यम से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिये के सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाना संभव हुआ है।
मुख्य बिंदु: 12 वर्षों की उपलब्धियां और मुख्य विशेषताएं
1. योजना की मुख्य विशेषताएं
- शून्य शेष खाता: बिना किसी न्यूनतम बैलेंस या रखरखाव शुल्क के बेसिक बचत बैंक जमा (BSBD) खाता।
- निःशुल्क RuPay कार्ड: खाताधारकों को मुफ़्त RuPay डेबिट कार्ड दिया जाता है, जिसमें ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा शामिल है।
- ओवरड्राफ्ट सुविधा: पात्र खाताधारकों को आपात स्थिति के लिए ₹10,000 तक की ओवरड्राफ्ट (OD) सुविधा।
- जन सुरक्षा योजनाओं से जुड़ाव: PMJDY खातों के माध्यम से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) का लाभ उठाना आसान हुआ है।
2. 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां (19 अगस्त 2026 तक के आंकड़े)
- कुल खाते: 59.09 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं।
- जमा राशि (Deposits): इन खातों में कुल जमा राशि ₹3.17 लाख करोड़ (₹3,16,514 करोड़) पहुंच गई है। पिछले 12 वर्षों में कुल जमा राशि में 12.8 गुना वृद्धि हुई है।
- औसत जमा राशि: प्रति खाता औसत जमा राशि बढ़कर ₹5,356 हो गई है (2015 की तुलना में 3.4 गुना वृद्धि)। यह आम जनता में बचत की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।
- महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों की भागीदारी:
- लगभग 56% (32.92 करोड़) खाताधारक महिलाएं हैं।
- 78% (45.95 करोड़) खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं।
- RuPay कार्ड वितरण: 41.29 करोड़ से अधिक RuPay डेबिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
3. JAM ट्रिनिटी और डिजिटल परिवर्तन
- JAM ट्रिनिटी (जन धन – बायोमेट्रिक पहचान – मोबाइल): जन धन खातों, बायोमेट्रिक-आधारित पहचान और मोबाइल कनेक्टिविटी के संयोजन ने मध्यस्थों और भ्रष्टाचार को समाप्त कर दिया है।
- पारदर्शी लाभ हस्तांतरण (DBT): सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर हो रहा है।
- क्रेडिट पहुंच: औपचारिक बचत रिकॉर्ड बनने से खाताधारक अब मुद्रा (MUDRA) ऋण और अन्य बैंकिंग ऋण सुविधाओं के पात्र बन रहे हैं।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| योजना की शुरुआत | 28 अगस्त 2014 |
| नोडल मंत्रालय | वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवाएं विभाग – DFS) |
| कुल खोले गए खाते | 59.09 करोड़ |
| महिला खाताधारक | 56% (32.92 करोड़) |
| ग्रामीण/अर्ध-शहरी खाते | 78% (45.95 करोड़) |
| दुर्घटना बीमा (RuPay) | ₹2 लाख |
| ओवरड्राफ्ट (OD) सीमा | ₹10,000 तक |