15 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
15 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत देशभक्ति और जनभागीदारी को समर्पित हर घर तिरंगा अभियान (रसायन और पेट्रोरसायन विभाग), उभरती प्रौद्योगिकियों में युवाओं को सक्षम बनाने हेतु फ्यूचरस्किल्स प्राइम पहल, तथा देश में चिप डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र को गति देने वाले चिप्स टू स्टार्ट-अप्स (C2S) कार्यक्रम, कृषि उत्पादन में दक्षता लाने हेतु प्रौद्योगिकी-संचालित फसल निगरानी प्रणाली (AI, ड्रोन और रिमोट सेंसिंग का एकीकरण), रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में ‘कवच 4.0’ प्रणाली को मंजूरी, तथा ऐतिहासिक सीख, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय सुरक्षा के परिदृश्य पर केंद्रित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। हर घर तिरंगा अभियान: रसायन और पेट्रोरसायन विभाग द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह चर्चा में क्यों? स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रसायन और उर्वरक मंत्रालय के रसायन और पेट्रोरसायन विभाग (DCPC) ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का आयोजन किया। विभाग के सचिव तेजवीर सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस वर्ष का यह समारोह ऐतिहासिक दृष्टिकोण से बेहद खास रहा, क्योंकि देश हमारे राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने का गौरवशाली उत्सव मना रहा है। इस दौरान अधिकारियों ने नागरिकों से अपने घरों पर तिरंगा फहराने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। मुख्य बिंदु: राष्ट्र निर्माण, वंदे मातरम का 150वाँ वर्ष और संस्थागत भागीदारी 1. ‘वंदे मातरम’ का 150वाँ वर्ष और राष्ट्रीय प्रतीक 2. CIPET और अधीनस्थ संस्थानों की सक्रिय भूमिका प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक विभाग रसायन और पेट्रोरसायन विभाग (DCPC), रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय। विशेष ऐतिहासिक अवसर ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होना। शामिल प्रमुख संस्थान CIPET (Central Institute of Petrochemicals Engineering & Technology)। आयोजन स्थल कर्तव्य भवन, नई दिल्ली तथा CIPET के देशव्यापी परिसर। फ्यूचरस्किल्स प्राइम: उभरती प्रौद्योगिकियों में डिजिटल कार्यबल का सशक्तीकरण चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ‘फ्यूचरस्किल्स प्राइम’ कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट जारी की। यह पहल MeitY और NASSCOM का एक संयुक्त प्रयास है, जो युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बिग डेटा, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर डिजाइन जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में री-स्किल और अप-स्किल कर रही है। अब तक इस पोर्टल पर 34 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 13 लाख से अधिक को सफलतापूर्वक प्रमाणित किया जा चुका है। मुख्य बिंदु: डिजिटल कौशल, कार्यबल की स्थिति और पूर्वोत्तर भारत 1. भारत का वैश्विक डिजिटल परिदृश्य 2. फ्यूचरस्किल्स प्राइम की प्रमुख विशेषताएं 3. राज्यवार आंकड़े (शीर्ष प्रदर्शनकर्ता) 4. पूर्वोत्तर और हिमालयी क्षेत्रों के लिए विशेष पहल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पहल का नाम फ्यूचरस्किल्स प्राइम कार्यान्वयन मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) + NASSCOM योजना का प्रकार केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) सफलता का स्तर 34 लाख+ पंजीकृत, 23 लाख+ प्रशिक्षित, 13 लाख+ प्रमाणित। समावेशिता 41% महिला भागीदारी, 86% टियर-2/3 शहरों से। संबंधित संस्थान C-DAC, NIELIT, NASSCOM, IndiaAI Mission। चिप्स टू स्टार्ट-अप्स (C2S) कार्यक्रम: भारत के सेमीकंडक्टर डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र का सुदृढ़ीकरण चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ‘चिप्स टू स्टार्ट-अप्स’ (C2S) कार्यक्रम की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट साझा की। भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन का वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस कार्यक्रम के तहत अब तक 68,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, देश के विभिन्न संस्थानों में 254 चिप डिजाइन का सफल टेप-आउट किया गया है। मुख्य बिंदु: C2S कार्यक्रम, उपलब्धियां और आंध्र प्रदेश का प्रदर्शन 1. C2S कार्यक्रम का मूल उद्देश्य 2. राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख उपलब्धियां 3. आंध्र प्रदेश राज्य की स्थिति और विशेष शोध परियोजनाएं प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम चिप्स टू स्टार्ट-अप्स (C2S) नोडल मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) कुल कार्यबल लक्ष्य 85,000 विशेषज्ञ (B.Tech, M.Tech, PhD स्तर) प्रशिक्षित छात्र 68,000+ छात्र EDA टूल्स प्राप्त संस्थान 332 शैक्षणिक संस्थान कुल टेप-आउट चिप्स 254 (175 स्वदेशी SCL मोहाली में, 79 विदेशी फाउंड्रीज में) प्रमुख स्वदेशी फाउंड्री सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला (SCL), मोहाली (180 nm) प्रौद्योगिकी-संचालित फसल निगरानी प्रणाली: कृषि में AI, ड्रोन और रिमोट सेंसिंग का एकीकरण चर्चा में क्यों? कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में प्रौद्योगिकी-संचालित फसल निगरानी प्रणालियों (Technology-driven Crop Monitoring Systems) के क्रियान्वयन की अद्यतन जानकारी साझा की। भारत सरकार उपग्रह (Satellites), ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रिमोट सेंसिंग, GIS और IoT का उपयोग कर कृषि क्षेत्र को डिजिटल और सटीक (Precision Farming) बना रही है। इस विस्तृत रिपोर्ट में प्रमुख डिजिटल पहलों और उनके प्रत्यक्ष लाभों को रेखांकित किया गया है। मुख्य बिंदु: रिमोट सेंसिंग, AI, ड्रोन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का एकीकरण 1. रिमोट सेंसिंग और GIS आधारित प्रमुख पहलें 2. कृषि में ड्रोन तकनीक का उपयोग 3. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल पहलों का विस्तार 4. AgriStack और डिजिटल एग्री मिशन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य पहल / प्रणाली नोडल एजेंसी / मंत्रालय मुख्य कार्य / विशेषता FASAL कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय 20 राज्यों में 11 फसलों के लिए उपग्रह आधारित पूर्व-कटाई पूर्वानुमान। YESTECH PMFBY के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर उपग्रह से उपज का अनुमान। WINDS PMFBY के अंतर्गत ब्लॉक (AWS) और पंचायत स्तर (ARG) पर मौसम स्टेशन नेटवर्क। NPSS कृषि मंत्रालय AI-आधारित कीट पहचान प्रणाली (73 फसलें, 436 कीट)। Namo Drone Didi केंद्रीय क्षेत्र की योजना SHG महिलाओं को ड्रोन पायलट प्रशिक्षण व 1,094 ड्रोन वितरित। BharatVistaar कृषि हेतु DPI AI-संचालित बहुभाषी किसान परामर्श मंच। Krishi MApper राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन प्राकृतिक कृषि क्लस्टरों का जियो-टैगिंग ऐप। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में ‘कवच 4.0’ प्रणाली को मंजूरी चर्चा में क्यों? भारतीय रेल ने पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के इज्जतनगर मंडल में 660 मार्ग किलोमीटर (Route Km) पर कवच संस्करण 4.0 लागू करने की मंजूरी दी। ₹295 करोड़ की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना “भारतीय रेलवे के शेष खंडों पर LTE संचार बैकबोन के साथ कवच का प्रावधान” अम्रेला कार्य के तहत स्वीकृत की गई है। मुख्य बिंदु: तकनीक, कार्यप्रणाली और परिचालन लाभ 1. प्रोजेक्ट का दायरा और बैकबोन 2. कवच प्रणाली