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22 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

22 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत कपड़ा मंत्रालय की ‘ग्रेट’ योजना के तहत तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में स्टार्टअप्स और नवाचार को दिए जा रहे प्रोत्साहन, पश्चिमी घाट में खोजे गए ‘एलोग्राफा’ कवक की 5 नई प्रजातियों के पारिस्थितिकीय महत्व तथा स्थानीय शासन को पारदर्शी बनाने वाली ‘मेरी समिति मेरा पटल’ पहल, CDSCO द्वारा भारत की पहली डेंगू वैक्सीन ‘Qdenga®’ को मिली तकनीकी मंजूरी, तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2025 के ऑनलाइन नामांकन, ‘मिशन golden स्पाइस’ के अंतर्गत मेघालय की उच्च-करक्यूमिन लाकाडोंग हल्दी के कायाकल्प, अल्पसंख्यक समुदायों हेतु PM VIKAS योजना, बहुराष्ट्रीय वायुसेना युद्धाभ्यास ‘पिच ब्लैक 2026’ और वस्त्र उद्योग में परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाली ‘टैक्स-इको’ पहल का विस्तृत विश्लेष्ण किया गया है। ग्रेट योजना: तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में इनोवेशन और स्टार्टअप्स को बढ़ावा चर्चा में क्यों? वस्त्र राज्य मंत्री श्री पवित्र मार्गेरिटा ने लोकसभा में बताया कि वस्त्र मंत्रालय वर्ष 2023 से राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (NTTM) के तहत ‘ग्रेट’ योजना को सफलतापूर्वक लागू कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य युवा अन्वेषकों और वैज्ञानिकों को तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में अपने विचारों को व्यावसायिक उत्पादों में बदलने में मदद करना है। योजना की प्रमुख विशेषताएं और कार्यान्वयन रणनीति 1. ग्रेट योजना का परिचय और वित्तीय सहायता 2. राज्यवार स्टार्टअप प्रदर्शन 3. नवोन्मेष के प्रमुख तकनीक क्षेत्र 4. आउटरीच और क्षमता निर्माण प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम ग्रेट – GREAT (Grant for Research and Entrepreneurship across Aspiring Innovators in Technical Textiles)। मूल मिशन राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन – NTTM (वस्त्र मंत्रालय)। शुरुआत वर्ष 2023। वित्तीय मदद सीमा प्रति स्वीकृत स्टार्टअप अधिकतम 50 लाख रुपये। सब्सिडी का दायरा केवल तकनीकी वस्त्र क्षेत्र (स्मार्ट टेक्सटाइल, मेडिकल, डिफेंस व बायो-कंपोजिट)। पश्चिमी घाट में ‘एलोग्राफा’ कवक की 5 नई प्रजातियों की खोज चर्चा में क्यों? विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान, MACS आगरकर अनुसंधान संस्थान (पुणे) के वैज्ञानिकों ने भारत के जैव-विविधता समृद्ध क्षेत्र ‘पश्चिमी घाट’ से लाइकेन बनाने वाले कवक के ‘एलोग्राफा’ वंश की 5 नई प्रजातियों की खोज की घोषणा की है। खोज की प्रमुख विशेषताएं और पारिस्थितिक महत्व 1. एलोग्राफा क्या है और इसका महत्व 2. खोजी गई 5 नई प्रजातियां 3. शोध पद्धति और वैज्ञानिक तकनीक प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य खोज का नाम एलोग्राफा वंश की 5 नई कवक (Lichen) प्रजातियां। खोज का स्थान पश्चिमी घाट (उष्णकटिबंधीय वन आवास)। अनुसंधान संस्थान MACS आगरकर अनुसंधान संस्थान (ARI), पुणे (DST के अंतर्गत)। पारिस्थितिक कार्य वन स्वास्थ्य, प्रदूषण और पर्यावरण परिवर्तन के जैव-सूचक (Bio-indicators)। इस्तेमाल किए गए DNA मार्कर्स mtSSU, nrLSU, और RPB2। ‘मेरी समिति मेरा पटल’ पहल चर्चा में क्यों? केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर देते हुए ‘मेरी समिति मेरा पटल’ पहल की वर्तमान प्रगति रिपोर्ट पेश की। इस उत्तर के माध्यम से सरकार ने संसद के पटल पर यह स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सहकारिता प्रशिक्षण परिषद (NCCT) के तहत RICM चंडीगढ़ द्वारा शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल किस प्रकार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के सशक्तीकरण, प्रशिक्षण और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाने में प्रभावी भूमिका निभा रही है। पहल के मुख्य प्रावधान, उद्देश्य और लाभ 1. ‘मेरी समिति मेरा पटल’ पहल क्या है? 2. डिजिटल प्रोफाइलिंग और पारदर्शिता 3. कार्यान्वयन का क्षेत्र और भावी योजना प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पहल का नाम मेरी समिति मेरा पटल। शुरुआत करने वाली संस्था RICM चंडीगढ़ (NCCT के अंतर्गत)। लक्ष्य निकाय प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) और MPCS। कवर किए गए क्षेत्र पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, J&K, दिल्ली, चंडीगढ़, और लेह-लद्दाख। प्रमुख कार्य PACS का डिजिटल प्रोफाइलिंग, रियल-टाइम डेटा पारदर्शिता और शासन में सुधार। CDSCO ने भारत की पहली डेंगू वैक्सीन ‘Qdenga®’ को दी मंजूरी चर्चा में क्यों? स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने भारत की पहली डेंगू वैक्सीन ‘Qdenga®’ को देश में विपणन स्वीकृति दे दी है। इस मंजूरी से भारत में डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण संबंधी राष्ट्रीय प्रयासों को अत्यधिक मजबूती मिलेगी। जर्मनी की प्रसिद्ध कंपनी ‘टकेडा जीएमबीएच’ द्वारा विकसित और भारत में आयात की जाने वाली इस ‘लाइव एटेन्यूएटेड टेट्रावेलेंट’ वैक्सीन को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत कड़े वैज्ञानिक मूल्यांकन, गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता मानकों की पुष्टि के बाद अनुमोदित किया गया है। वैक्सीन के तकनीकी पहलू, प्रभावकारिता और महत्व 1. Qdenga® वैक्सीन की तकनीकी संरचना 2. खुराक और उपयोग की आयु-सीमा 3. वैश्विक साख और नैदानिक परीक्षण 4. राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में भूमिका प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य वैक्सीन का नाम Qdenga® (Dengue Tetravalent Vaccine – Live, Attenuated)। स्वीकृति देने वाली संस्था केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO)। निर्माता कंपनी टकेडा जीएमबीएच (Takeda GmbH), जर्मनी। तकनीक रीकॉम्बीनेंट डीएनए तकनीक (GMO आधारित)। उपयुक्त आयु सीमा 4 से 60 वर्ष। खुराक अनुसूची (Dosage Schedule) 2 खुराकें (3 महीने के अंतराल पर) – सबक्यूटेनियस इंजेक्शन। वैश्विक स्थिति WHO प्री-क्वालिफाइड; 42 देशों में स्वीकृत। तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2025: ऑनलाइन नामांकन शुरू चर्चा में क्यों? युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने ‘तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार (TNNAA) 2025’ के लिए ऑनलाइन नामांकन आमंत्रित किए हैं। यह भारत में साहसिक गतिविधियों और एडवेंचर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है। इसके लिए गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (awards.gov.in) पर 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं। मुख्य बिंदु: पुरस्कार के नियम, श्रेणियां और पात्रता 1. पुरस्कार की श्रेणियां और उद्देश्य 2. पुरस्कार की विशेषताएं और समकक्षता 3. पात्रता और आवेदन प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार का नाम तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2025। नोडल मंत्रालय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय। नामांकन पोर्टल गृह मंत्रालय का राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (awards.gov.in)। पुरस्कार की श्रेणियां 4 (स्थल, जल, वायु और लाइफटाइम अचीवमेंट)। पुरस्कार राशि व सम्मान ₹15 लाख, कांस्य प्रतिमा, प्रमाण पत्र और ब्लेज़र/साड़ी। समकक्षता अर्जुन पुरस्कार के समकक्ष। ‘मिशन गोल्डन स्पाइस’: मेघालय की लाकाडोंग हल्दी का कायाकल्प चर्चा में क्यों? केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने संयुक्त

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21 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

21 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ‘स्माइल’ योजना की समीक्षा, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व नीली अर्थव्यवस्था के तहत भारत द्वारा WTO मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते की स्वीकृति, ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग द्वारा गोवा में संचालित ‘नक्शा’ पायलट प्रोजेक्ट पर जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी कोर उद्योगों के सूचकांक (ICI) की नई श्रृंखला और भारत की समृद्ध अमूर्त विरासत के संरक्षण के लिए संस्कृति मंत्रालय के ‘नेशनल मिशन ऑन कल्चरल मैपिंग’ (NMCM) एवं ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ (MGMD) पोर्टल के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई है। स्माइल (SMILE) योजना: ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत’ की दिशा में कदम चर्चा में क्यों? 20 जुलाई 2026 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने ‘स्माइल’ (SMILE) योजना की प्रगति साझा की। मंत्रालय के अनुसार, यह योजना वर्तमान में देश के 216 शहरों में लागू है और अब तक 10,200 से अधिक व्यक्तियों का पुनर्वास किया जा चुका है। योजना की प्रमुख विशेषताएं और कार्यान्वयन रणनीति 1. स्माइल योजना का परिचय और उद्देश्य 2. योजना का विस्तार और भावी लक्ष्य (2026-31) 3. समग्र पुनर्वास रणनीति 4. डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता प्रारंभिक परीक्षा के लिए त्वरित तथ्य घटक / बिंदु त्वरित तथ्य योजना का नाम स्माइल – SMILE (Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise)। संबंधित मंत्रालय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय। योजना का स्वरूप केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme)। लक्ष्य (2030-31 तक) 295 शहरों को कवर करना और 35,000 व्यक्तियों का पुनर्वास। डिजिटल पोर्टल स्माइल-बेगरी नेशनल पोर्टल (SMILE-Beggary National Portal)। भारत ने डब्ल्यूटीओ (WTO) मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते को दी स्वीकृति चर्चा में क्यों? भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के ‘मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते‘ (Agreement on Fisheries Subsidies – AFS) की औपचारिक स्वीकृति का दस्तावेज (Instrument of Acceptance) जमा कर दिया है। वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने इसे WTO की महानिदेशक को सौंपा, जिसके साथ ही भारत आधिकारिक रूप से इस समझौते का पक्षकार बन गया है। मुख्य बिंदु: शोध के प्रमुख निष्कर्ष और वैज्ञानिक महत्व 1. डब्ल्यूटीओ मत्स्य पालन सब्सिडी समझौता क्या है? 2. समझौते का दायरा 3. पारंपरिक और छोटे मछुआरों की सुरक्षा व वैश्विक लाभ 4. भारत का घरेलू ढांचा और नीतिगत सुरक्षा प्रारंभिक परीक्षा के लिए त्वरित तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य समझौते का नाम WTO मत्स्य पालन सब्सिडी समझौता (Agreement on Fisheries Subsidies – AFS)। स्वीकृति की तिथि 20 जुलाई 2026 (भारत 123वां सदस्य बना)। समझौते का मुख्य उद्देश्य अवैध (IUU) और अत्यधिक मत्स्यन को मिलने वाली हानिकारक सब्सिडी को समाप्त करना। दायरे से बाहर (Exclusions) जलकृषि (Aquaculture/झींगा पालन) और अंतर्देशीय (Inland) मत्स्य पालन। सहायक राष्ट्रीय योजनाएं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) तथा EEZ/High Seas नियम 2025। गोवा में ‘नक्शा’ पायलट प्रोजेक्ट पर भूमि संसाधन विभाग का स्पष्टीकरण चर्चा में क्यों? ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत भूमि संसाधन विभाग (DoLR) ने गोवा के निपटान और भूमि रिकॉर्ड निदेशालय (DSLR) के साथ मिलकर ‘नक्शा’ पायलट प्रोजेक्ट के संबंध में फैली अफवाहों का आधिकारिक खंडन किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस सर्वेक्षण से मूल भूमि रिकॉर्ड, कानूनी स्वामित्व और संपत्ति की सीमाओं पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा और सभी मौजूदा रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। शोध के प्रमुख निष्कर्ष 1. नक्शा प्रोजेक्ट क्या है और इसका उद्देश्य क्या है? 2. अनिवासी (NRI) और अनुपस्थित भू-स्वामियों के अधिकारों की सुरक्षा 3. मैपिंग अभ्यास बनाम भूमि अधिग्रहण और कर 4. आगामी औपचारिक जांच प्रक्रिया और नागरिक मार्गदर्शन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रोजेक्ट का नाम नक्शा – NAKSHA (National Geospatial Knowledge-based Land Survey of Urban Habitations)। मूल योजना डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP)। संबंधित मंत्रालय व विभाग भूमि संसाधन विभाग (DoLR), ग्रामीण विकास मंत्रालय और गोवा सरकार का DSLR। प्रोजेक्ट की प्रकृति जीआईएस आधारित शहरी भूमि पार्सल मैपिंग पहल। जांच अवधि 16 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक (ISLR कार्यालय, मडगांव, गोवा)। कोर उद्योगों के सूचकांक (ICI) की नई श्रृंखला: आधार वर्ष 2022-23 जारी चर्चा में क्यों? उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के आर्थिक सलाहकार कार्यालय (OEA) ने कोर उद्योगों के सूचकांक (ICI) का नया आधार वर्ष 2022-23 घोषित किया है। यह नई श्रृंखला पुराने आधार वर्ष 2011-12 का स्थान लेगी। जून 2026 के लिए इस नई श्रृंखला के तहत पहला अनंतिम सूचकांक जारी किया गया है। योजना की प्रमुख विशेषताएं और कार्यान्वयन रणनीति 1. नई ICI श्रृंखला (आधार वर्ष 2022-23) के मुख्य बदलाव 2. जून 2026 में कोर उद्योगों का प्रदर्शन प्रारंभिक परीक्षा के लिए त्वरित तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य नया आधार वर्ष 2022-23 (पुराना: 2011-12)। जारीकर्ता संस्था आर्थिक सलाहकार कार्यालय (OEA), DPIIT, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय। कोर उद्योगों की संख्या 9 (नया जुड़ा उद्योग: लौह अयस्क)। सर्वाधिक भार वाले क्षेत्र 1. बिजली (30.93%), 2. रिफाइनरी उत्पाद (22.57%), 3. स्टील (17.58%)। न्यूनतम भार वाले क्षेत्र उर्वरक (2.731%), प्राकृतिक गैस (3.841%), सीमेंट (4.41%)। फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार और आरबीआई के प्रयास चर्चा में क्यों? वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में फिनटेक क्षेत्र, डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म और पेमेंट एग्रीगेटर्स को सुरक्षित व पारदर्शी बनाने के लिए कई नियामकीय कदम उठाए हैं। फिनटेक नियामक ढांचा एवं उपभोक्ता सुरक्षा उपाय 1. फिनटेक क्षेत्र के लिए नियामकीय ढांचा 2. डिजिटल भुगतान सुरक्षा और एआई का उपयोग 3. डेटा सुरक्षा और साइबर अपराध नियंत्रण 4. उपभोक्ता जागरूकता और शिकायत निवारण प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य SRO-FT ढांचा फिनटेक कंपनियों में स्व-नियमन और पारदर्शिता के लिए आरबीआई द्वारा मई 2024 में जारी। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 (नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल – गृह मंत्रालय द्वारा संचालित)। शिकायत निवारण पोर्टल सचेत (SACHET) – अवैध रूप से पैसे जुटाने वाली संस्थाओं की रिपोर्ट करने के लिए। डेटा संरक्षण ढांचा डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम 2023 (MeitY द्वारा अधिसूचित)। eBAAT कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक-बैंकिंग अवेयरनेस एंड ट्रेनिंग (आरबीआई का धोखाधड़ी जागरूकता कार्यक्रम)। नेशनल मिशन ऑन कल्चरल मैपिंग (NMCM) और ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ चर्चा में क्यों? केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने

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19 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

19 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों (2024) की आधिकारिक घोषणा और देश के निजी अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र (Private Space Sector) स्काईरूट एयरोस्पेस के ‘विक्रम-1’ (Vikram-1) रॉकेट के ‘मिशन आगमन’ और भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 के तहत किए गए बड़े संरचनात्मक व एफडीआई (FDI) सुधारों को प्रस्तुत किया गया है। श्वेत क्रांति 2.0 और ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को गति देते हुए कोलकाता (हावड़ा फूड पार्क) में स्थापित होने वाले विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र (अमुल बंगाल डेयरी परियोजना) के भूमि पूजन तथा e-RCS पोर्टल के लॉन्च का विश्लेषण है। सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) द्वारा ‘जीरो मैनुअल स्कैवेंजिंग’ और सीवर सफाई के पूर्ण यंत्रीकरण के प्रशासनिक निर्देशों की समीक्षा की गई है। विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण: भारतीय निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में ऐतिहासिक क्रांति चर्चा में क्यों? भारत की निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की अग्रणी स्टार्टअप कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपने बहुप्रतीक्षित रॉकेट विक्रम-1 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है। इस ऐतिहासिक तकनीकी मील के पत्थर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट की पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे भारतीय अंतरिक्ष यात्रा का एक ‘परिवर्तनकारी और निर्णायक क्षण’ (Defining Moment) करार दिया है, जो देश के अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में निजी क्षेत्र की बढ़ती और मजबूत होती भूमिका को रेखांकित करता है। विक्रम-1 का महत्व और निजी अंतरिक्ष क्षेत्र का भविष्य 1. विक्रम-1 रॉकेट क्या है? 2. इस प्रक्षेपण का रणनीतिक और व्यावहारिक महत्व प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य प्रक्षेपण यान का नाम विक्रम-1, जिसका नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। विकासकर्ता कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस – हैदराबाद स्थित एक भारतीय निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप। रॉकेट की श्रेणी यह एक लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (Small Satellite Launch Vehicle) है जो पेलोड को अंतरिक्ष में ले जाने में सक्षम है। सहयोगी नियामक संस्था इन-स्पेस – भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र, जो निजी कंपनियों को अंतरिक्ष गतिविधियों की अनुमति देता है। ऐतिहासिक संदर्भ इससे पहले स्काईरूट ने नवंबर 2022 में भारत का पहला निजी रॉकेट ‘विक्रम-एस’ उप-कक्षीय (Sub-orbital) मिशन के तहत लॉन्च किया था। कोलकाता में विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र का भूमि पूजन: ‘सहकार से समृद्धि’ की ओर कदम चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के दृष्टिकोण और श्वेत क्रांति 2.0 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह कोलकाता में ‘अमुल बंगाल डेयरी परियोजना’ के तहत विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र का भूमि पूजन करेंगे। यह कदम पश्चिम बंगाल के डेयरी क्षेत्र, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और डिजिटल सहकारी प्रशासन को मजबूत करने के लिए एक बड़े अभियान का हिस्सा है। मुख्य बिंदु: अमुल बंगाल डेयरी परियोजना और सहकारिता पहल 1. अमुल बंगाल डेयरी परियोजना 2. सामाजिक-आर्थिक प्रभाव और किसानों को लाभ 3. डिजिटल गवर्नेंस और अन्य महत्वपूर्ण पहल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य विश्व का सबसे बड़ा दही संयंत्र हावड़ा फूड पार्क, पश्चिम बंगाल में अमुल द्वारा स्थापित (दैनिक क्षमता: 10 लाख किलोग्राम दही)। श्वेत क्रांति 2.0 इसका उद्देश्य देश में दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करना, दूध उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण आय को दोगुना करना है। e-RCS पोर्टल सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार कार्यालय के डिजिटल संचालन और पारदर्शिता के लिए लॉन्च किया गया एक ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म। सहकार से समृद्धि विजन भारत सरकार द्वारा देश में सहकारिता आंदोलन को बढ़ावा देने और इसके लिए एक अलग सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation) के गठन का मूल मंत्र। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) द्वारा स्वच्छता और कल्याण सुविधाओं की समीक्षा चर्चा में क्यों? राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) ने सफाई कर्मचारियों की कार्य स्थितियों, सुरक्षा और समग्र कल्याण को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की है। NCSK के सदस्य श्री करम सिंह कर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ‘जीरो मैनुअल स्कैवेंजिंग’ (शून्य हाथ से मैला उठाना) के लक्ष्य को प्राप्त करने और सफाई कर्मियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण यंत्रीकरण अपनाने पर विशेष बल दिया गया। समीक्षा बैठक के प्रमुख निष्कर्ष और प्रशासनिक निर्देश 1. मुख्य प्राथमिकताएं: सुरक्षा और पूर्ण यंत्रीकरण 2. महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्देश और समय-सीमा प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य NCSK (राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग) यह 1993 में एक अधिनियम के तहत गठित एक वैधानिक निकाय के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन वर्तमान में यह सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत एक गैर-वैधानिक निकाय (Non-Statutory Body) के रूप में कार्य कर रहा है (जिसका कार्यकाल समय-समय पर बढ़ाया जाता है)। बैठक का मुख्य फोकस सीवर और नालों की सफाई का पूर्ण मशीनीकरण करना ताकि इंसानों को जानलेवा जोखिमों से बचाया जा सके। संबद्ध स्थानीय निकाय NDMC (नई दिल्ली नगरपालिका परिषद) – जिसने राजधानी को स्वच्छ रखने के साथ-साथ कार्यबल की सुरक्षा के लिए उच्च-स्तरीय तकनीकी निगरानी प्रणालियों को अपनाने की प्रतिबद्धता जताई है। संबंधित वैधानिक अधिकार सफाई कर्मचारियों को EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) और ESI (कर्मचारी राज्य बीमा) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं प्रदान करना कानूनन अनिवार्य है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (2024) चर्चा में क्यों? वर्ष 2024 के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की गई है। यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा में फीचर फिल्मों, गैर-फीचर फिल्मों और सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन की श्रेणियों में उत्कृष्ट कलात्मक प्रदर्शन को मान्यता देने के लिए दिए जाते हैं। मुख्य विजेता एवं पुरस्कार श्रेणियां भारतीय सिनेमा के इस सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार के अंतर्गत विभिन्न भाषाओं और शैलियों की फिल्मों को सम्मानित किया गया है। 1. फीचर फिल्म खंड 2. गैर-फीचर और वृत्तचित्र खंड प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य श्रेणी / पुरस्कार घटक महत्वपूर्ण तथ्य सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म ‘श्रीकांत’ – निर्देशक: तुषार हीराचंदानी। संविधान की 8वीं अनुसूची से बाहर की फिल्में गढ़वाली भाषा: फिल्म ‘धोली’ और तुलु भाषा: फिल्म ‘इम्बू‘ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला। सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ पुस्तक ‘नानिरुवुदे निमगागी नादिरुवुदे ननगागी: कन्नड़ सिनेमादा थथवा मथु राजकीया’ (कन्नड़) – लेखक: केंचनूरु प्रदीप कुमार शेट्टी। सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक संजीव श्रीवास्तव (हिंदी भाषा के लिए स्वर्ण कमल)। फीचर फिल्म जूरी के अध्यक्ष

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18 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

18 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) द्वारा स्पाइसजेट पर ‘डार्क पैटर्न्स’ (भ्रामक डिजिटल डिज़ाइन) के उपयोग के लिए लगाया गया ₹1 लाख का जुर्माना डिजिटल गवर्नेंस और उपभोक्ता अधिकारों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार कार्यालय (OEA) ने कोर उद्योगों के सूचकांक (ICI) में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए आधार वर्ष को 2022-23 कर दिया है और ‘लौह अयस्क‘ को 9वें मूल उद्योग के रूप में शामिल किया है। कौशल विकास मंत्रालय द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्र (NER) के लिए ‘पीएम-नैप्स’ योजना के तहत अतिरिक्त ₹1,500 मासिक प्रोत्साहन के साथ विस्तार किया गया है। नीति आयोग सूचकांक: इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI) चर्चा में क्यों? नीति आयोग ने आधिकारिक तौर पर “इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स” IFI रिपोर्ट जारी की है। यह सूचकांक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के स्तर पर व्यापार और निवेश के माहौल को बेहतर बनाने, सुधारों को गति देने तथा ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक डेटा-संचालित (Data-Driven) ढांचा प्रदान करता है। सूचकांक का ढांचा, कार्यप्रणाली और महत्व 1. पृष्ठभूमि और विकास 2. सूचकांक के 8 प्रमुख स्तंभ यह इंडेक्स कुल 84 संकेतकों पर आधारित है, जिसमें प्राथमिक निवेशक सर्वेक्षण और द्वितीयक डेटा दोनों को शामिल किया गया है। मूल्यांकन इन 8 स्तंभों के तहत होता है: 3. राज्यों का वर्गीकरण और रैंकिंग प्रदर्शन विविधता को ध्यान में रखते हुए राज्यों को तीन सहकर्मी समूहों (Peer Groups) में बांटा गया है: समूह प्रथम स्थान (Rank 1) द्वितीय स्थान (Rank 2) तृतीय स्थान (Rank 3) बड़े राज्य (Large States) गुजरात महाराष्ट्र तमिलनाडु पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी राज्य उत्तराखंड असम हिमाचल प्रदेश केंद्र शासित प्रदेश और सिटी स्टेट गोवा दिल्ली चंडीगढ़ 4. इस सूचकांक का वास्तविक महत्व और लाभ प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य जारीकर्ता संस्था नीति आयोग द्वारा तैयार और जारी। घोषणा वर्ष केंद्रीय बजट 2025-26 में इस इंडेक्स को विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया था। कुल संकेतक कुल 84 संकेतक और 8 स्तंभों के आधार पर राज्यों का मूल्यांकन किया जाता है। समग्र शीर्ष राज्य समग्र रैंकिंग में गुजरात पहले, महाराष्ट्र दूसरे और तमिलनाडु तीसरे स्थान पर है। पहाड़ी राज्यों में शीर्ष उत्तराखंड पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी राज्यों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य है। ईपीएफओ ‘विश्वास, 2026’ योजना: विवाद समाधान की नई पहल चर्चा में क्यों? श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत कार्यरत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं (Employers) के लिए एक बड़ी राहत देते हुए “विश्वास, 2026” नामक एकमुश्त विवाद समाधान योजना (One-time Dispute Resolution Initiative) की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य नियोक्ताओं पर लगाए गए हर्जाने/जुर्माने से जुड़े पुराने विवादों का सौहार्दपूर्ण और त्वरित निपटारा करना है। मुख्य बिंदु: योजना का ढांचा, रियायतें और संचालन प्रक्रिया 1. विधिक पृष्ठभूमि और कार्यान्वयन अवधि 2. शामिल होने वाले मामलों की 4 श्रेणियां 3. वित्तीय रियायतें 14 जून 2024 से पहले की चूक या डिफ़ॉल्ट अवधि के लिए हर्जाने की गणना अब बेहद कम और रियायती दरों पर की जाएगी: डिफ़ॉल्ट की अवधि संशोधित रियायती दर 2 महीने तक की देरी पर 0.25% प्रति माह 2 से 4 महीने तक की देरी पर 0.50% प्रति माह 4 महीने से अधिक की देरी पर 1.00% प्रति माह 4. लाभ उठाने की अनिवार्य शर्तें और अपवर्जन 5. पूर्णतः डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु त्वरित तथ्य नोडल संगठन व मंत्रालय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार। योजना की प्रकृति एकमुश्त विवाद समाधान योजना, जो कुल 6 महीने के लिए खुली है। कट-ऑफ तिथि 14 जून 2024 से पहले की डिफ़ॉल्ट अवधियों के लिए ही रियायती दरों पर हर्जाने की गणना का लाभ मिलेगा। धारा 14B और धारा 7Q धारा 14B ईपीएफओ को डिफ़ॉल्ट पर हर्जाना (Damages) लगाने का अधिकार देती है, जबकि धारा 7Q विलंबित भुगतान पर ब्याज (Interest) से संबंधित है। मुख्य उद्देश्य मुकदमों (Litigation) को कम करना, व्यापार सुगमता बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा प्रशासन को सुदृढ़ करना। सूर्य के वायुमंडल में ‘मैग्नेटिक ट्री’ और प्लाज्मा प्रवाह की खोज चर्चा में क्यों? विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES) के नेतृत्व में भारतीय और वैश्विक वैज्ञानिकों ने सूर्य की दृश्य सतह और उसकी ऊपरी परतों के बीच एक छिपे हुए जुड़ाव की खोज की है। इस शोध ने पहली बार सूर्य के ऊपरी वायुमंडल में मध्याह्न प्रवाह (Meridional Flow) की मौजूदगी के पुख्ता सबूत दिए हैं, जो पृथ्वी पर उपग्रहों, वैश्विक संचार प्रणालियों, जीपीएस नेविगेशन नेटवर्क और पावर ग्रिड को प्रभावित करने वाले अंतरिक्ष मौसम (Space Weather) की सटीक समझ विकसित करने में मदद करेगा। शोध के प्रमुख निष्कर्ष और वैज्ञानिक महत्व 1. मध्याह्न प्रवाह क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है? 2. अनुसंधान की अनोखी कार्यप्रणाली और डेटा 3. ‘मैग्नेटिक ट्री’ (चुंबकीय वृक्ष) परिकल्पना की वास्तविक पुष्टि 4. इस खोज का व्यावहारिक और रणनीतिक महत्व प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रमुख सहयोगी शोध संस्थान ARIES (नैनीताल) के नेतृत्व में फिजिकल रिसर्च लैबोरेटरी (PRL), IIT दिल्ली, IIST और नासा का गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर। ऊपरी क्रोमोस्फीयर यह सूर्य की दृश्य सतह (प्रकाशमंडल/Photosphere) से लगभग 3,000 किलोमीटर ऊपर स्थित वायुमंडलीय क्षेत्र है, जहाँ यह प्रवाह खोजा गया है। प्लाज्मा प्रवाह की गति ऊपरी क्रोमोस्फीयर में प्लाज्मा प्रवाह की गति 5 से 15 मीटर प्रति सेकंड दर्ज की गई है। मुख्य डेटा स्रोत जापान का नोबेयामा रेडियोहेलियोग्राफ। शोध का प्रकाशन यह ऐतिहासिक खगोलीय शोध प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका ‘The Astrophysical Journal’ में प्रकाशित हुआ है। समाधान पोर्टल 2.0 और डिजिटल श्रम प्रशासन चर्चा में क्यों? श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों के लिए ‘समाधान पोर्टल 2.0’ पर एक व्यापक जागरूकता सत्र का सफल आयोजन किया है। नई दिल्ली के ‘श्रमेव जयते भवन’ में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से श्रमिक संघों को सशक्त बनाना तथा औद्योगिक विवादों के त्वरित निवारण तंत्र को मजबूत करना है। समाधान पोर्टल 2.0, विशेषताएं और महत्व 1. समाधान पोर्टल क्या है? 2. पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं 3.

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17 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

17 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत राष्ट्रीय समय संप्रभुता को रेखांकित करता ‘वन नेशन, वन टाइम’ विज़न (व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी), CSIR-NIScPR और CGPDTM का ऐतिहासिक समझौता (NKRC), तथा जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का प्रमाण देती स्पिरुलिना आधारित ‘सी-फाइकोसायनिन’ उत्पादन तकनीक, वैश्विक व्यापार को गति देता भारत-यूके CETA व सामाजिक सुरक्षा समझौता, कपड़ा उद्योग में चक्रीयता को रेखांकित करता भारत टेक्स 2026 (तीसरा दिन: टिकाऊ वस्त्र और चक्रीय अर्थव्यवस्था), दिल्ली-NCR में पर्यावरण सुधार हेतु वायु प्रदूषण नियंत्रण की नई शमन कार्ययोजना, और कृषि-लचीलेपन व जल सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से REWARD कार्यक्रम के तहत सैटेलाइट और ड्रोन आधारित जलागम प्रबंधन की दूरगामी तकनीकी पहल शामिल हैं। भारत टेक्स 2026-तीसरा दिन: टिकाऊ वस्त्र, चक्रीय अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार चर्चा में क्यों? भारत के सबसे बड़े वैश्विक कपड़ा महाकुंभ ‘भारत टेक्स 2026’ का तीसरा दिन संपन्न हुआ। इस दिन का मुख्य फोकस भारतीय वस्त्र उद्योग में सस्टेनेबिलिटी (सस्टेनेबल विकास), सर्कुलरिटी (चक्रीयता), भविष्य के कौशल, टिकाऊ सोर्सिंग और वैश्विक व्यापार एकीकरण पर केंद्रित रहा। इसमें विभिन्न नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों, निवेशकों और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्य बिंदु और रणनीतिक घोषणाएं 1. विजननेक्स्ट ट्रेंड पब्लिकेशन का अनावरण 2. सर्कुलरिटी और हरित नवाचार 3. जैविक कपास मूल्य श्रृंखला और निष्पक्ष मूल्य निर्धारण 4. डिजिटल और वैश्विक निर्यात बाजार 5. मध्य प्रदेश राज्य सत्र प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य घटक / पहल मुख्य बिंदु भारत टेक्स 2026 भारत का सबसे बड़ा एकीकृत वैश्विक कपड़ा व्यापार और सांस्कृतिक कार्यक्रम। इसका उद्देश्य संपूर्ण मूल्य श्रृंखला – ‘फाइबर से फैशन’ का प्रदर्शन करना है। VisionNxt NIFT द्वारा संचालित देश का पहला द्विभाषी (हिंदी-अंग्रेजी) फैशन ट्रेंड फोरकास्टिंग पोर्टल/प्रकाशन। चक्रीय अर्थव्यवस्था ऐसा मॉडल जिसमें संसाधनों के उपयोग को कम से कम किया जाता है तथा कचरे को रिसाइकिल कर पुनः उपयोग योग्य बनाया जाता है। इंडिया सस्टेनेबल टेक्सटाइल मार्क UNDP और भारत सरकार की संयुक्त पहल, जिसका उद्देश्य भारतीय वस्त्रों को वैश्विक पर्यावरणीय मानदंडों के अनुकूल प्रमाणित करना है। परिवर्तन योजना: दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण की नई पहल चर्चा में क्यों? केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने परिवर्तन योजना के परिचालन दिशानिर्देशों (Guidelines) को मंजूरी दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में चलने वाली पुरानी, अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाली बसों और ट्रकों को हटाकर उनके स्थान पर नए BS-VI मानकों वाले या इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा देना है। योजना की मुख्य बातें लाभार्थियों को मिलने वाले प्रमुख प्रोत्साहन पुरानी गाड़ियों को कबाड़ (Scrap) में देकर नई गाड़ी खरीदने वालों को सरकार ये बड़े फायदे दे रही है: प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य तथ्य विवरण नोडल मंत्रालय मंजूरी: आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) द्वारा।कार्यान्वयन: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा। लक्षित क्षेत्र संपूर्ण दिल्ली-NCR क्षेत्र (शामिल राज्य: दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के NCR जिले)। लक्षित वाहन केवल वाणिज्यिक वाहन (Commercial Vehicles) जैसे ट्रक और बसें। NCRPB राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (यह MoHUA के तहत एक वैधानिक निकाय है)। REWARD कार्यक्रम: सैटेलाइट और ड्रोन तकनीक से जलागम प्रबंधन चर्चा में क्यों? राष्ट्रीय वर्षासिंचित क्षेत्र प्राधिकरण (NRAA) ने भूमि संसाधन विभाग (DoLR) के ज्ञान भागीदार (Knowledge Partner) के रूप में जयपुर, राजस्थान में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। विश्व बैंक की सहायता से चल रहे REWARD कार्यक्रम के तहत आयोजित इस कार्यशाला का विषय “वाटरशेड योजना और निगरानी के लिए सैटेलाइट और ड्रोन-आधारित सर्वेक्षण” था। कार्यशाला के मुख्य बिंदु और रणनीतिक निर्णय प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य पहल / संस्था मुख्य बिंदु REWARD कार्यक्रम पूरा नाम: Rejuvenating Watersheds for Agricultural Resilience through Innovative Development.वित्तपोषण: यह विश्व बैंक (World Bank) द्वारा सहायता प्राप्त परियोजना है।लक्ष्य: वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों में जल सुरक्षा और लचीलापन (Resilience) बढ़ाना। NRAA राष्ट्रीय वर्षासिंचित क्षेत्र प्राधिकरण: यह भारत के वर्षासिंचित क्षेत्रों में स्थायी कृषि पद्धतियों के लिए नीतियां बनाने वाला नोडल निकाय है। तकनीक का लाभ ड्रोन और सैटेलाइट से जलभराव, मृदा क्षरण, और वनस्पतियों के घनत्व की रीयल-टाइम सटीक मैपिंग संभव होती है, जिससे वाटरशेड का बेहतर नियोजन (Planning) होता है। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: हरित रेल गतिशीलता की दिशा में ऐतिहासिक कदम चर्चा में क्यों? भारतीय रेलवे देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन सेल (Hydrogen Fuel Cell) आधारित ट्रेन का परिचालन शुरू करने जा रही है। इस ट्रेन का उद्घाटन हरियाणा के जींद-सोनीपत खंड (Northern Railway) पर किया जाएगा। ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ के दृष्टिकोण के तहत विकसित यह परियोजना भारत को उन चुनिंदा वैश्विक देशों की श्रेणी में खड़ा करती है जो शून्य-कार्बन रेल परिवहन प्रणाली पर काम कर रहे हैं। मुख्य बिंदु: तकनीक, अवसंरचना और सुरक्षात्मक पहलू 1. ट्रेन की तकनीकी विशिष्टताएँ 2. ईंधन सेल कार्यप्रणाली 3. सुदृढ़ हाइड्रोजन इंफ्रास्ट्रक्चर 4. व्यापक सुरक्षा तंत्र प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य PEMFC प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन फ्यूल सेल — वह तकनीक जो परफ्लूरोसल्फोनिक एसिड (PFSA) झिल्ली का उपयोग कर शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ बिजली बनाती है। RDSO अनुसंधान, अभिकल्प और मानक संगठन — भारतीय रेलवे की वह तकनीकी संस्था जिसने इस स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन के डिजाइन और विशिष्टताओं को मंजूरी दी है। PESO पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन — भारत में विस्फोटक, संपीड़ित गैसों और पेट्रोलियम पदार्थों की सुरक्षा को विनियमित करने वाला नोडल निकाय, जिसने जींद स्टेशन को मंजूरी दी। TUV SUD जर्मनी की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय तकनीकी निरीक्षण एजेंसी जिसने भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना का स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन (Safety Assessment) किया है। जींद-सोनीपत खंड भारत का पहला रेल खंड जहां 17 जुलाई 2026 से देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन सेल ट्रेन का व्यावसायिक परिचालन शुरू किया जा रहा है। पैमाना डैशबोर्ड: भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र की त्रैमासिक रिपोर्ट चर्चा में क्यों? हाल ही में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने बुनियादी ढांचा क्षेत्र की निगरानी को मजबूत करने के लिए PAIMANA (Project Assessment, Infrastructure Monitoring & Analytics for Nation-building) परफॉर्मेंस डैशबोर्ड का नवीनतम त्रैमासिक अपडेट जारी किया है। आपको बता दें कि इस डिजिटल डैशबोर्ड को पहली बार 16 अप्रैल 2026 को लॉन्च किया गया था, जिसका उद्देश्य ‘वन नेशन, वन टाइम’ की तर्ज पर साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (Evidence-based policymaking) को बढ़ावा

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16 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

16 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत इसमें घरेलू तकनीकी संप्रभुता को मजबूत करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत ₹1,27,500 करोड़ का सेमीकॉन 2.0 मिशन, देश के वैज्ञानिक कार्यबल को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए शुरू किया गया ₹1,500 करोड़ का बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम (BRCP) चरण-III, और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के वैज्ञानिकों द्वारा असम में खोजा गया 2.4 करोड़ वर्ष पुराना केवड़ा का जीवाश्म, भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का केंद्र बनाने वाली नई रणनीति मोबाइल फोन निर्माण योजना (MPMS) की प्रशासनिक रूपरेखा और इसके वैश्विक लक्ष्यों को समझेंगे, जो देश में उच्च मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक्स घटकों के स्वदेशी उत्पादन को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगी। मोबाइल फोन निर्माण योजना (MPMS): भारत को ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने की नई रणनीति चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹62,500 करोड़ के कुल बजटीय परिव्यय के साथ मोबाइल फोन निर्माण योजना (Mobile Phone Manufacturing Scheme – MPMS) को मंजूरी दे दी है। यह नई योजना 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई ‘बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन’ (PLI-LSEM) योजना का स्थान लेगी, जिसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को और अधिक मजबूत करना है। MPMS योजना की प्रमुख विशेषताएं यह योजना भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र को पूरी तरह बदलने के लिए डिज़ाइन की गई है: योजना से अपेक्षित परिणाम 5 वर्षों के कार्यकाल के दौरान इस योजना से भारतीय अर्थव्यवस्था को निम्नलिखित बड़े लाभ मिलने की उम्मीद है: भारत में मोबाइल विनिर्माण का परिदृश्य ‘मेक इन इंडिया’ विजन के तहत पिछले एक दशक में भारत ने इस क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है: प्रारंभिक परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य योजना / शब्दावली महत्वपूर्ण तथ्य PLI-LSEM योजना बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना, जिसने वैश्विक कंपनियों को भारत की ओर आकर्षित किया। इसका कार्यकाल 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गया है। घरेलू मूल्य संवर्धन इसका अर्थ है कि किसी उत्पाद को बनाने में विदेशों से आयातित पुर्जों के बजाय देश के भीतर बने कच्चे माल और पुर्जों का अधिक से अधिक उपयोग करना। तकनीकी संप्रभुता किसी देश की विदेशी प्रौद्योगिकियों या सॉफ्टवेयर पर निर्भरता को कम करके अपनी स्वदेशी तकनीक, पेटेंट और आरएंडडी (R&D) क्षमताओं को विकसित करना। सिंचन 2026: प्रयोगशाला अनुसंधान को व्यावहारिक चिकित्सा में बदलने की नई पहल चर्चा में क्यों? जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और नवाचार परिषद (BRIC) के एक प्रमुख संस्थान ‘ट्रांसलेशनल स्वास्थ्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान’ (THSTI) ने फरीदाबाद स्थित एनसीआर बायोटेक साइंस क्लस्टर परिसर में अपने तीसरे वार्षिक उद्योग-व्यवसाय सम्मेलन ‘ सिंचन 2026‘ (Synergistic Collaboration in Healthcare Innovation) का सफल आयोजन किया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य जगत के नेताओं, जैव प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, उद्यम पूंजीपतियों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाना है ताकि प्रयोगशाला के वैज्ञानिक अनुसंधानों (Lab-bench science) को वाणिज्यिक स्तर पर मरीजों के इलाज के व्यावहारिक समाधानों में बदला जा सके। सिंचन 2026 की मुख्य विशेषताएं और प्रगति यह मंच भारत के स्वास्थ्य सेवा और जैव प्रौद्योगिकी नवाचारों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है: THSTI की अनुसंधान क्षमताएं और ढांचागत तंत्र संस्थान ने प्रयोगशाला के शोध और बाजार के बीच के अंतर (घाटी) को पाटने के लिए कई अत्याधुनिक प्रणालियां विकसित की हैं: मुख्य पैनल सत्र और उनके निष्कर्ष सम्मेलन के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए तीन प्रमुख नीतिगत स्तंभों पर गहन चर्चा की गई: पैनल / सत्र मुख्य निष्कर्ष और रणनीतिक बिंदु ग्लोबल हेल्थ: विज्ञान, विनिर्माण और साझेदारी वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग, प्रतिस्पर्धी विनिर्माण क्षमता, सुदृढ़ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और लचीले अनुसंधान तंत्र का विकास करना। प्रारंभिक नैदानिक ​​अनुवाद में तेजी लाना शैक्षणिक अनुसंधानों को इंसानों पर होने वाले पहले चरण के परीक्षणों में तेजी से बदलने के लिए एकीकृत नैदानिक अनुसंधान प्लेटफार्मों का उपयोग करना। व्यावसायिक अनुवाद मंचों की दक्षता बढ़ाना नए नवोन्मेषकों, निवेशकों और नीतिगत एक्सीलेटरों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना ताकि जैव प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स को वाणिज्यिक स्तर पर बड़े उद्योगों में बदला जा सके। आत्मनिर्भर भारत के लिए राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 (NIPU-2026): उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का नया अध्याय चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल (CCEA) ने उर्वरक विभाग के एक बड़े सुधार प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए ‘आत्मनिर्भर भारत के लिए राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026’ (National Investment Policy for Urea-2026 for Atmanirbhar Bharat – NIPU-2026) को हरी झंडी दे दी है। यह नई नीति देश में गैस आधारित नई यूरिया विनिर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए निजी और सार्वजनिक निवेश को आकर्षित करेगी, जिससे भारत यूरिया उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो सके। नीति की आवश्यकता: पृष्ठभूमि और वर्तमान परिदृश्य NIPU-2026 की प्रमुख विशेषताएं और NIP-2012 से तुलना नई नीति (NIPU-2026) को पुरानी नीति (NIP-2012) की तुलना में अधिक पारदर्शी, व्यावहारिक और निवेशकों के अनुकूल बनाया गया है: बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम (BRCP) का चरण-III: भारत की जैव-अर्थव्यवस्था को 300 बिलियन डॉलर बनाने की राह चर्चा में क्यों? केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम (BRCP) के चरण-III का औपचारिक शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम को भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) और लंदन स्थित परोपकारी संस्था वेलकम ट्रस्ट (UK) द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित किया जा रहा है। इस तीसरे चरण के लिए ₹1,500 करोड़ का कुल बजटीय परिव्यय स्वीकृत किया गया है, जो देश में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बायोमेडिकल अनुसंधान कार्यबल तैयार करने में मदद करेगा। BRCP चरण-III की मुख्य विशेषताएं यह कार्यक्रम भारत को जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक वैश्विक लीडर के रूप में स्थापित करने के लिए रणनीतिक रूप से तैयार किया गया है: भारत का बढ़ता जैव प्रौद्योगिकी परिदृश्य केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान भारत की जैव-अर्थव्यवस्था में पिछले एक दशक में आए क्रांतिकारी बदलावों के आधिकारिक आंकड़े साझा किए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य घटक / आयाम मुख्य बिंदु कार्यक्रम का नाम बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम (BRCP) – चरण-III। नोडल विभाग / मंत्रालय जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार। अंतर्राष्ट्रीय भागीदार वेलकम ट्रस्ट, लंदन (ब्रिटेन) स्थित एक वैश्विक परोपकारी संस्था। कुल बजटीय आवंटन ₹1,500 करोड़ (साझा वित्तीय पोषण: ₹1,000 करोड़ DBT

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15 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

15 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत पूर्वोत्तर भारत में सीमा सुरक्षा और विकास को धार देने वाला नेसाक (NESAC) का स्पेस-बेस्ड मिशन, देश के पहले ‘त्रिभुवन’ सहकारी विश्वविद्यालय का ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह, पंचायतों को वित्तीय रूप से सक्षम बनाने वाला ‘आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम’, भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को यूरेनियम की सुरक्षा देने वाला ‘भारत-ऑस्ट्रेलिया नागरिक परमाणु सहयोग’ और औद्योगिक दुर्घटनाओं से मानव जीवन की रक्षा करने वाला CeNS बेंगलुरु का अल्ट्रा-सेंसिटिव अमोनिया सेंसर शामिल हैं। कैपासीटीज कार्यक्रम: शहरी जलवायु लचीलापन और नेट-जीरो कार्य योजना Why in News? (चर्चा में क्यों?) 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में भारतीय शहरों को कम कार्बन उत्सर्जन और जलवायु-अनुकूल बनाने वाले ‘कैपासीटीज’ कार्यक्रम के शानदार 10 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। ‘स्केलिंग अर्बन क्लाइमेट रेजिलिएंस: द कैपासीटीज लेगेसी एंड वे फॉरवर्ड’ नामक इस कार्यक्रम का आयोजन ‘इक्ली साउथ एशिया’ और राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान (NIUA) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर भारतीय शहरों को नेट-जीरो की राह पर ले जाने के लिए तीन महत्वपूर्ण ‘नॉलेज प्रोडक्ट्स’ (दस्तावेज) भी लॉन्च किए गए। ‘कैपासीटीज’ परियोजना क्या है? इस परियोजना का मूल उद्देश्य भारतीय शहरों को ऐसे उपकरणों और क्षमता से लैस करना है ताकि वे अपने विकास नियोजन में जलवायु चिंताओं को शामिल कर सकें: पिछले एक दशक में कार्यक्रम के महत्वपूर्ण प्रभाव इस कार्यक्रम ने देश के 8 प्रमुख शहरों (कोयंबटूर, तिरुचिरापल्ली, तिरुनेलवेली, अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा, उदयपुर और सिलीगुड़ी) में व्यावहारिक जमीनी बदलाव दिखाए हैं: 1. नेट-जीरो क्लाइमेट रेजिलिएंट सिटी एक्शन प्लान (CRCAPs) 2. संस्थागत बदलाव 3. सफल जमीनी परियोजनाएं शहर (State) लागू किया गया सफल मॉडल अहमदाबाद (गुजरात) सौर-ऊर्जा संचालित ई-बस चार्जिंग स्टेशन की स्थापना। कोयंबटूर (तमिलनाडु) 154 kWp क्षमता वाले देश के अभिनव तैरते हुए सौर संयंत्र (Floating Solar Plant) का विकास। राजकोट (गुजरात) 100 रियायती ई-ऑटो के साथ ‘ग्रीन मोबिलिटी जोन’ की शुरुआत। तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु) शहरी जल निकायों और झीलों का पारिस्थितिक पुनरुद्धार। तिरुनेलवेली (तमिलनाडु) संभावित बाढ़ से सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक ‘अर्ली फ्लड वार्निंग सिस्टम’। वडोदरा (गुजरात) तेजी से घने वन विकसित करने के लिए ‘मियावाकी शहरी वानिकी’ मॉडल। नए लॉन्च किए गए तीन ‘नॉलेज प्रोडक्ट्स’ शहरी नीति निर्माताओं और इंजीनियरों की मदद के लिए निम्नलिखित मार्गदर्शिकाएं जारी की गई हैं: प्रारंभिक परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य संस्था / कार्यक्रम महत्वपूर्ण बिंदु NIUA राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान; यह केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत शहरी क्षेत्र के अनुसंधान और क्षमता निर्माण के लिए एक शीर्ष स्वायत्त निकाय है। ICLEI South Asia पर्यावरण और सतत विकास के लिए काम करने वाला स्थानीय सरकारों का एक वैश्विक नेटवर्क (International Council for Local Environmental Initiatives)। मियावाकी तकनीक जापानी वनस्पति वैज्ञानिक अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित पद्धति, जिसमें बहुत कम जगह में देशी प्रजातियों के पौधे लगाकर कम समय में घने वन बनाए जाते हैं। CAC49 में भारत की ऐतिहासिक सफलता: वैश्विक खाद्य मानकों में बढ़ी धाक Why in News? (चर्चा में क्यों?) 6 से 10 जुलाई 2026 तक जेनेवा (स्विट्जरलैंड) में आयोजित कोडेक्स एलीमेंटेरियस कमीशन के 49वें सत्र (CAC49) में भारत ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा मानकों के निर्धारण में एक बड़ी कूटनीतिक और तकनीकी सफलता हासिल की है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री रजित पुन्हानी ने किया। इस सत्र में भारत की अध्यक्षता में तैयार किए गए सात महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मानकों को मंजूरी दी गई और भारतीय काजू के लिए वैश्विक मानक विकसित करने के भारत के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। भारत की अगुआई में अपनाए गए 7 कोडेक्स मानक इस सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता और सह-अध्यक्षता में विकसित निम्नलिखित अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाया गया, जो वैश्विक व्यापार में भारतीय कृषि उत्पादों को नई पहचान दिलाएंगे: 1. भारत की अध्यक्षता में अपनाए गए मानक: 2. भारत की सह-अध्यक्षता में अपनाए गए मानक: ‘काजू की गुठली’ के लिए नया मानक सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक भारत के उस प्रस्ताव को मंजूरी मिलना था, जिसके तहत अब काजू की गुठली के लिए एक समर्पित कोडेक्स मानक विकसित किया जाएगा: कोडेक्स एलीमेंटेरियस कमीशन (CAC) क्या है? प्रारंभिक परीक्षा हेतु मुख्य तथ्य संस्था / पहल मुख्य तथ्य FSSAI खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत स्थापित एक वैधानिक स्वायत्त निकाय; यह केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। Spices Board वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत कार्य करने वाला वैधानिक निकाय, जो भारतीय मसालों के विकास और निर्यात संवर्धन के लिए जिम्मेदार है। CCPFV Codex Committee on Processed Fruits and Vegetables; यह प्रसंस्कृत फलों और सब्जियों के वैश्विक मानकों का निर्धारण करने वाली विशिष्ट कोडेक्स समिति है। नेसाक: पूर्वोत्तर में सीमा प्रबंधन और विकास को रफ्तार दे रही अंतरिक्ष तकनीक Why in News? (चर्चा में क्यों?) 14 जुलाई 2026 को केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष मंत्रालय, डॉ. जितेंद्र सिंह ने मेघालय के उमियम (Umiam) में उत्तर पूर्वी अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (NESAC) का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास और देश की रणनीतिक प्राथमिकताओं (जैसे सीमा प्रबंधन) को मजबूत करने में ‘नेसाक’ की बढ़ती भूमिका की सराहना की। वर्तमान में नेसाक पूर्वोत्तर के 8 राज्यों में लगभग 130 अंतरिक्ष अनुप्रयोग परियोजनाओं (Space Application Projects) पर काम कर रहा है। नेसाक की प्रमुख परियोजनाएं और उनके अनुप्रयोग 1. सीमा प्रबंधन और सुरक्षा (Border Management) 2. आपदा प्रबंधन (Disaster Management) 3. कृषि और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन 4. पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा उत्तर पूर्वी अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (NESAC) क्या है? पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए उपग्रह आधारित विकास के प्रमुख क्षेत्र क्षेत्र (Sector) उपयोग की जाने वाली तकनीक दूरसंचार दुर्गम पहाड़ी इलाकों में उपग्रह संचार SatCom के जरिए शिक्षा EduSat और टेली-मेडिसिन नेटवर्क का विस्तार। शहरी विकास भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) का उपयोग करके स्मार्ट शहरों का नियोजन और वन आवरण की निगरानी। ड्रोन तकनीक कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में ड्रोन (UAV) का उपयोग करके सटीक कृषि और आपातकालीन चिकित्सा आपूर्ति। प्रारंभिक परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य संस्था / शब्दावली महत्वपूर्ण तथ्य उत्तर पूर्वी परिषद (NEC) गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत कार्य करने वाला एक वैधानिक निकाय, जिसे उत्तर पूर्वी परिषद अधिनियम, 1971

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14 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

14 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत वित्तीय क्षेत्र के लिए जारी ‘डिजिटल थ्रेट रिपोर्ट 2025-26’, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए आयोजित ‘एआई चैंपियन्स फॉर डिजिटल गवर्नेंस समिट’ तथा शिलॉन्ग में आयोजित ‘नेक्स्ट-जेन ई-गवर्नेंस प्रशासनिक सुधार सम्मेलन’ की प्रमुख नीतिगत चर्चाओं को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, शहरी जल सुरक्षा के लिए ‘कैच द रेन’ (AMRUT 2.0) अभियान, ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भरता बढ़ाने वाली ‘NIDAR 2.0’ (SwaYaan पहल) तथा भारत-जापान रक्षा नीति संवाद के 8वें संस्करण सहित सुरक्षा और संगठित अपराधों पर प्रहार करने वाले ‘ऑपरेशन वज्र’ (CBN) का संपूर्ण विश्लेषण किया गया है। RBI की फॉरेक्स स्वैप योजनाएं: FCNR(B), ECB और OFCB के जरिए विदेशी मुद्रा प्रवाह को मजबूती Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 13 जुलाई 2026 को केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों (MDs & CEOs) के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जून 2026 में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा घोषित FCNR(B) जमा, ECB (बाह्य वाणिज्यिक उधार) और OFCB (विदेशी मुद्रा उधार) के लिए विशेष फॉरेक्स स्वैप पहलों की प्रगति की समीक्षा करना और विदेशी मुद्रा प्रवाह को और गति देना है। फॉरेक्स स्वैप योजनाएं क्या हैं और इनका उद्देश्य? वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को मजबूत करने और भुगतान संतुलन (BoP) को अनुकूल बनाए रखने के लिए यह योजनाएं एक महत्वपूर्ण रक्षा कवच हैं: समीक्षा बैठक के मुख्य निष्कर्ष और रणनीतियाँ प्रारंभिक परीक्षा हेतु मुख्य तथ्य शब्दावली / घटक मुख्य तथ्य FCNR(B) खाता Foreign Currency Non-Resident (Bank) जमा खाता।इसे अनिवासी भारतीय (NRIs) भारत में विदेशी मुद्रा (जैसे डॉलर, पाउंड) में ही खोलते हैं। इसमें जमाकर्ता को विनिमय दर का जोखिम (Exchange Rate Risk) नहीं होता। ECB External Commercial Borrowings (बाह्य वाणिज्यिक उधार)।भारतीय कॉरपोरेट्स और बैंक व्यावसायिक गतिविधियों के लिए विदेशी स्रोतों से जो वाणिज्यिक ऋण लेते हैं, उसे ECB कहा जाता है। फॉरेक्स स्वैप यह एक ऐसी वित्तीय प्रक्रिया है जिसमें आरबीआई बैंकों से डॉलर खरीदता है और उसके बदले रुपये देता है, साथ ही भविष्य की एक निश्चित तारीख पर इसे वापस करने का समझौता होता है। यह बाजार में तरलता (Liquidity) और विनिमय दर को स्थिर रखता है। BFSI क्षेत्र के लिए डिजिटल थ्रेट रिपोर्ट 2025-26: साइबर सुरक्षा और AI असंतुलन Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 13 जुलाई 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने CERT-In, CSIRT-Fin और साइबर सुरक्षा फर्म SISA के सहयोग से भारत के बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (BFSI) तथा भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के लिए ‘डिजिटल थ्रेट रिपोर्ट 2025-26’ का दूसरा संस्करण जारी किया है। यह रिपोर्ट वित्तीय संस्थानों और नियामकों को डिजिटल भुगतान क्षेत्र में उभरते साइबर खतरों से निपटने का रोडमैप प्रदान करती है। रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष यह रिपोर्ट दर्शाती है कि तकनीकी नवाचार (Innovation) और उसके दुरुपयोग (Exploitation) के बीच का समय अब वर्षों से घटकर कुछ हफ्तों का रह गया है: साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रमुख संस्थान 1. CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) 2. CSIRT-Fin (कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम इन फाइनेंस) 3. SISA प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य विशिष्ट शब्द / निकाय मुख्य विशेषताएं CSIRT-Fin वित्तीय क्षेत्र के लिए विशिष्ट नोडल एजेंसी, जो बैंकिंग, शेयर बाजार, बीमा और पेंशन फंड के साइबर सुरक्षा प्रयासों का समन्वय करती है। AI Asymmetry वह स्थिति जहाँ साइबर अपराधियों के पास सुरक्षा नियामकों की तुलना में AI तकनीकों का उपयोग करके तेजी से और सस्ते में हमला करने की अधिक क्षमता होती है। 4-Layer Gap Archetype साइबर सुरक्षा में किसी प्रणालीगत विफलता के पीछे क्रमिक और आपस में जुड़ी कमजोरियों की पहचान करने वाला विश्लेषण ढांचा। ‘एआई चैंपियन्स फॉर डिजिटल गवर्नेंस’ शिखर सम्मेलन: लोक प्रशासन में एआई और डेटा-आधारित निर्णय क्षमता Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 13 से 15 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली के होटल सम्राट में तीन दिवसीय ‘एआई चैंपियन्स फॉर डिजिटल गवर्नेंस’ शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन भारत पर्यटन विकास निगम (ITDC), स्टैंडिंग कॉन्फ्रेंस ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेस (SCOPE) और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जो भारत सरकार के ‘इंडियाएआई मिशन’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिखर सम्मेलन के मुख्य और रणनीतिक बिंदु यह तीन दिवसीय कार्यक्रम सार्वजनिक क्षेत्र के नेतृत्व और प्रशासनिक अधिकारियों में व्यावहारिक एआई क्षमताओं के विकास पर केंद्रित है: आयोजक और सहयोगी संस्थान इस राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने में शामिल प्रमुख निकायों की प्रशासनिक भूमिका निम्नलिखित है: 1. लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) 2. क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission – CBC) 3. SCOPE (स्टैंडिंग कॉन्फ्रेंस ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेस) 4. ITDC (भारत पर्यटन विकास निगम) प्रारंभिक परीक्षा हेतु मुख्य तथ्य विशिष्ट घटक / पहल मुख्य तथ्य इंडियाएआई मिशन भारत सरकार की एक व्यापक राष्ट्रीय पहल जिसका उद्देश्य देश में एआई के नवाचार, कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे, स्टार्टअप्स और जिम्मेदार एआई उपयोग को बढ़ावा देना है। मिशन कर्मयोगी / CBC सिविल सेवा में ‘नियम-आधारित’ (Rule-based) व्यवस्था से ‘भूमिका-आधारित’ (Role-based) व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए क्षमता निर्माण आयोग (CBC) नोडल एजेंसी है। विकसित भारत @2047 भारत को अपनी स्वतंत्रता के 100वें वर्ष (2047) तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का विजन, जिसमें डिजिटल गवर्नेंस और एआई सक्षम प्रशासन एक मुख्य आधार स्तंभ है। नेक्स्ट-जेन प्रशासनिक और ई-गवर्नेंस सुधार: शिलॉन्ग राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 Why in News? (चर्चा में क्यों?) 13 जुलाई 2026 को केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शिलॉन्ग (मेघालय) में प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) तथा मेघालय सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘नेक्स्ट जनरेशन प्रशासनिक और ई-गवर्नेंस सुधार’ पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। पीएम मोदी के “रिफॉर्म एक्सप्रेस” के आह्वान के तहत, यह सम्मेलन विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एआई और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) आधारित भविष्य के सुधारों का खाका तैयार करता है। प्रमुख प्रशासनिक सुधार और डिजिटल पहल 1. अप्रचलित नियमों की समाप्ति (Repeal of Obsolete Rules) 2. CPGRAMS का कायाकल्प (Grievance Redressal) 3. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की सफलता 4. अन्य महत्वपूर्ण शासन नवाचार विशेष राष्ट्रव्यापी

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13 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

13 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत संपन्न हुई ‘तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक’ और नागपुर घोषणापत्र, भारतीय कपड़ा उद्योग को सस्टेनेबल बनाने के लिए ‘चक्रीय वस्त्र अर्थव्यवस्था रोडमैप’, केरल के महान समाज सुधारक मन्नत पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण व नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) का ऐतिहासिक योगदान, तटीय सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगामी ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ अभियान 2026, तथा देश में वनीकरण को जन-आंदोलन बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘वृक्ष मित्र अभियान’ और मिशनLiFE जैसे परीक्षा-उपयोगी विषयों का व्यावहारिक व नीतिगत विश्लेषण। तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक: नागपुर घोषणापत्र और लॉजिस्टिक्स कूटनीति Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत महाराष्ट्र के नागपुर में तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक (3rd BRICS Transport Ministers’ Meeting) सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में सदस्य देशों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और परिवहन क्षेत्र को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सर्वसम्मति से एक ऐतिहासिक मंत्रिस्तरीय घोषणापत्र (Nagpur Ministerial Declaration) को अपनाया है। घोषणापत्र के प्रमुख स्तंभ और सहयोग के क्षेत्र इस रणनीतिक बैठक में ब्रिक्स देशों के बीच परिवहन कूटनीति को नया आयाम देने के लिए छह मुख्य प्राथमिकताओं पर सहमति बनी है: 1. परिवहन डीकार्बोनाइजेशन 2. सतत विमानन ईंधन (Sustainable Aviation Fuel – SAF) 3. बुनियादी ढांचे में चक्रीयता 4. शहरी गतिशीलता हब 5. लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग 6. ब्रिक्स रेलवे अनुसंधान नेटवर्क प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य विशिष्ट घटक / तथ्य महत्वपूर्ण तथ्य बैठक का स्थल तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक नागपुर, महाराष्ट्र में आयोजित की गई। ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 वर्ष 2026 के लिए ब्रिक्स (BRICS) समूह की अध्यक्षता भारत के पास है। अडॉप्टेड फ्रेमवर्क परिवहन मंत्रियों की बैठक से ठीक पहले 9-10 जुलाई को परिवहन कार्य समूह (Transport Working Group – TWG) के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरे एजेंडे को अंतिम रूप दिया था। सतत विमानन ईंधन (SAF) यह कृषि अपशिष्ट, प्रयुक्त खाना पकाने के तेल और ठोस कचरे से बनने वाला ईंधन है, जो विमानन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को 80% तक कम कर सकता है। भारत के कपड़ा क्षेत्र में चक्रीय अर्थव्यवस्था Why in News? (चर्चा में क्यों?) वैश्विक स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल (Sustainable) उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच भारत सरकार ने कपड़ा मूल्य श्रृंखला (Textile Value Chain) में चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया है। राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी 2025 के अनुसार, कपड़ा क्षेत्र भारत के जीडीपी में लगभग 2% और विनिर्माण जीवीए (Manufacturing GVA) में 11% का योगदान देता है। भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक है। 4.5 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देने वाले इस क्षेत्र को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए अब कच्चे माल से लेकर कचरा प्रबंधन (Waste Management) तक पूरी श्रृंखला को सस्टेनेबल बनाया जा रहा है। कपड़ा क्षेत्र में चक्रीयता के मुख्य आंकड़े भारत की पारंपरिक संसाधन-सचेत संस्कृति के कारण देश के कपड़ा क्षेत्र में रीसाइक्लिंग और पुनरुत्पादन का एक मजबूत ढांचा पहले से मौजूद है: स्थानीय कपड़ा कचरा रिकवरी के तीन सफल मॉडल 1. नवी मुंबई मॉडल 2. पानीपत हब (डाउनस्ट्रीम रीसाइक्लिंग) 3. मंगोलपुरी का कतरन बाजार उत्पादन के विभिन्न चरणों में सरकारी पहल उत्पादन का चरण प्रमुख सरकारी योजना/पहल मुख्य उद्देश्य एवं तथ्य इनपुट चरण (कच्चा माल) राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) इसके तहत जैविक कपास फाइबर (Organic Cotton) के प्रमाणीकरण मानकों को विनियमित किया जाता है, जिसे यूरोपीय आयोग द्वारा भी मान्यता प्राप्त है। जूट-ICARE (लॉन्च: 2015) जूट की उन्नत और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना। वर्ष 2024-25 तक इसका कवरेज बढ़कर 10 राज्यों के 2.15 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। न्यू एज फाइबर मिशन (MM-III) सिंथेटिक फाइबर के विकल्प के रूप में रामी, सिसाल और फ्लैक्स जैसे नए जमाने के प्राकृतिक फाइबर के उत्पादन को बढ़ावा देना। विनिर्माण चरण (उत्पादन) पीएम मित्रा (PM MITRA) पार्क इसके तहत ₹4,445 करोड़ के परिव्यय से 7 मेगा टेक्सटाइल पार्क (तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, मप्र, यूपी, महाराष्ट्र) स्वीकृत किए गए हैं, जहाँ वेस्ट-वाटर रीसाइक्लिंग अनिवार्य है। दिसंबर 2025 तक ₹27,434 करोड़ के निवेश समझौते हो चुके हैं। MSE-GIFT और MSE-SPICE (2023) कपड़ा क्षेत्र के MSMEs को हरित प्रौद्योगिकियां अपनाने के लिए 2% ब्याज सबवेन्शन (GIFT) तथा चक्रीय समाधानों के लिए 25% पूंजीगत सब्सिडी (SPICE) प्रदान करना। भारतीय कार्बन बाजार (ICM) कपड़ा क्षेत्र को कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS) के तहत अनिवार्य अनुपालन तंत्र में शामिल किया गया है, जिसके तहत कंपनियों को अपने स्कोप-1 और स्कोप-2 ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का खुलासा करना होगा। पोस्ट-प्रोडक्शन (कचरा प्रबंधन) ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी इन नियमों के तहत औद्योगिक इकाइयों (जैसे सीमेंट प्लांट) के लिए अपने ईंधन में कपड़ा कचरे से बने रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (RDF) का उपयोग 6 वर्षों में 5% से बढ़ाकर 15% करना अनिवार्य है। बाजार और प्रचार चरण इको-मार्क योजना, 2024 पर्यावरणीय मानदंडों को पूरा करने वाले कपड़ा उत्पादों के लिए 13 भारतीय मानक श्रेणियों के तहत ‘इको मार्क’ प्रमाणीकरण प्रदान करना। प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य मन्नाथु पद्मनाभन प्रतिमा अनावरण और मन्नम स्मृति मंडपम का उद्घाटन Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के द्वारका स्थित मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में महान समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी मन्नाथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण किया और ‘मन्नम स्मृति मंडपम’ का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन नायर सर्विस सोसाइटी (NSS), दिल्ली द्वारा किया गया था। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत एक पौधा भी लगाया। मन्नाथु पद्मनाभन: जीवन और सामाजिक योगदान केरल की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण इस आयोजन के दौरान उपराष्ट्रपति ने दिल्ली-एनसीआर में केरल की समृद्ध सांस्कृतिक और पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करने में नायर सर्विस सोसाइटी के प्रयासों की सराहना की। इसमें तीन प्रमुख कला रूप शामिल हैं: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य विशिष्ट घटक / शब्दावली महत्वपूर्ण तथ्य मन्नाथु पद्मनाभन केरल के महान समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और नायर सर्विस सोसाइटी (1914) के संस्थापक। श्री सी. पी. राधाकृष्णन वर्तमान

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11&12 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

11&12 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत TReDSप्लेटफॉर्म की अनिवार्यता, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हस्ताक्षरित ऐतिहासिक ‘खेल सहयोग रोडमैप’, भारत-न्यूजीलैंड द्विपक्षीय वार्ता के तहत रणनीतिक साझेदारी व 2030 व्यापार लक्ष्य, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में PMFME योजना का 2 लाखवां मील का पत्थर, तथा देश की तटीय और डिजिटल सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए नवगठित ‘ब्यूरो ऑफ पोर्ट सिक्योरिटी’BoPS की उच्च स्तरीय समीक्षा जैसे गेम-चेंजर विषयों का व्यावहारिक व परीक्षा-उपयोगी विश्लेषण हैं। IND को वैश्विक सम्मान: एगमोंट ग्रुप प्लेनरी में मिली बड़ी कामयाबी Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में अज़रबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित ‘एगमोंट ग्रुप प्लेनरी’ के दौरान, भारत की वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) द्वारा सुलझाए गए एक बड़े पैमाने के साइबर धोखाधड़ी मामले को वैश्विक स्तर पर मान्यता देते हुए प्रतिष्ठित ‘बेस्ट एगमोंट केस अवार्ड’ (BECA) 2026 का रनर-अप (द्वितीय स्थान) घोषित किया गया है। निदेशक श्री अमित मोहन गोविल के नेतृत्व में FIU-IND द्वारा प्रस्तुत इस मामले को दुनिया भर के 182 सदस्य देशों के बीच शीर्ष दो फाइनलिस्टों में चुना गया, जो वित्तीय खुफिया और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ लड़ाई में भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व को दर्शाता है। क्रिप्टो और साइबर फ्रॉड का बड़ा नेटवर्क यह पूरा ऑपरेशन भारत के भीतर विभिन्न एजेंसियों के बीच मजबूत घरेलू समन्वय और वैश्विक स्तर पर त्वरित खुफिया जानकारी साझा करने का एक बेहतरीन उदाहरण है: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई और कानूनी परिणाम FIU-IND की परिचालन विश्लेषण रिपोर्ट के आधार पर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तुरंत देश भर में व्यापक कानूनी और खोजी कार्रवाई शुरू की: प्रारम्भिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य विशिष्ट संस्था / प्रणाली / पुरस्कार महत्वपूर्ण तथ्य FIU-IND (वित्तीय खुफिया इकाई-भारत) यह वित्त मंत्रालय के तहत वर्ष 2004 में स्थापित एक केंद्रीय राष्ट्रीय एजेंसी है, जो संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (STRs) से संबंधित सूचनाएं प्राप्त करने, उनका विश्लेषण करने और उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसियों को भेजने के लिए जिम्मेदार है। एगमोंट ग्रुप यह दुनिया भर के 182 देशों की वित्तीय खुफिया इकाइयों (FIUs) का एक अंतरराष्ट्रीय अनौपचारिक नेटवर्क है, जो मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग से निपटने के लिए खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है। BECA (बेस्ट एगमोंट केस अवार्ड) एगमोंट ग्रुप द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाने वाला यह पुरस्कार उन असाधारण परिचालन मामलों को मान्यता देता है जो वित्तीय खुफिया, जटिल जांच और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। एगमोंट सिक्योर वेब (ESW) यह एक अत्यंत सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड और निजी डिजिटल नेटवर्क है जिसके माध्यम से दुनिया भर की वित्तीय खुफिया इकाइयाँ संवेदनशील वित्तीय डेटा और मनी लॉन्ड्रिंग ट्रेल को आपस में साझा करती हैं। I4C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) यह केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के तहत संचालित एक नोडल निकाय है, जो देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से निपटने के लिए विभिन्न राज्यों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को एक एकीकृत मंच प्रदान करता है। मानव-वन्यजीव संघर्ष (HWC) पर उत्कृष्टता केंद्र और राष्ट्रीय पोर्टल का शुभारंभ Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित WII-SACON परिसर में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence on Human–Wildlife Conflict) का आधिकारिक उद्घाटन किया। इसके साथ ही देश भर में इस संकट की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए ‘राष्ट्रीय मानव-वन्यजीव संघर्ष पोर्टल’ (National Human-Wildlife Conflict Portal) भी लॉन्च किया गया। इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में “संघर्ष के बजाय सह-अस्तित्व और सद्भाव (Coexistence and Harmony)” को पारिस्थितिक स्थिरता का मूलमंत्र घोषित किया गया। सरकार की नई पहल और उसके रणनीतिक उद्देश्य बढ़ते आवास विखंडन (Habitat Fragmentation) और बदलते भूमि उपयोग पैटर्न के कारण मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव भारत की सबसे बड़ी संरक्षण चुनौती बन गया है। इससे निपटने के लिए सरकार ने त्रि-आयामी रणनीति अपनाई है: 1. उत्कृष्टता केंद्र (CoE) की स्थापना 2. राष्ट्रीय मानव-वन्यजीव संघर्ष पोर्टल (National HWC Portal) 3. महत्वपूर्ण वैज्ञानिक रिपोर्ट का विमोचन मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन के लिए व्यावहारिक रणनीतियाँ राष्ट्रीय कार्यशाला के तकनीकी सत्रों के दौरान तीन मुख्य स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया गया: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य विशिष्ट पहल / संस्थान महत्वपूर्ण तथ्य CoE on HWC मानव-वन्यजीव संघर्ष पर भारत का पहला केंद्रीय उत्कृष्टता केंद्र, जिसे कोयंबटूर (तमिलनाडु) में स्थापित किया गया है। WII-SACON Wildlife Institute of India – Salim Ali Centre for Ornithology and Natural History। साकन को अब भारतीय वन्यजीव संस्थान (Dehradun) के साथ एकीकृत कर उन्नत अनुसंधान केंद्र बनाया गया है। राष्ट्रीय HWC पोर्टल संघर्ष की घटनाओं की मैपिंग, डेटा संग्रह और नीतिगत निर्णयों के लिए लॉन्च किया गया देश का पहला एकीकृत राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल। प्रजाति सुधार कार्यक्रम इसके तहत संकटग्रस्त प्रजातियों के आवासों को बहाल करके भी मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्राकृतिक रूप से कम करने का प्रयास किया जाता है। TReDS अनिवार्य मैंडेट: एमएसएमई को वित्तीय सुरक्षा और त्वरित भुगतान Why in News? (चर्चा में क्यों?) केंद्रीय बजट 2026–27 में की गई एक बड़ी घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of MSME) ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इसके तहत अब सभी कार्यरत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) के लिए अपने MSME आपूर्तिकर्ताओं से खरीदे गए सामान और सेवाओं के सभी इनवॉइस (Invoices/विधेयकों) का निपटान अनिवार्य रूप से TReDS प्लेटफॉर्म के माध्यम से करना होगा। यह ऐतिहासिक निर्णय देश के लाखों छोटे उद्यमों को बिना किसी गारंटी (Collateral-free) के तत्काल कार्यशील पूंजी (Working Capital) सुनिश्चित करेगा। TReDS मैंडेट की प्रमुख विशेषताएं और रणनीतिक स्तंभ Delayed Payments के संकट को जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार ने इस अधिसूचना में तीन कड़े और दूरदर्शी प्रावधान किए हैं: 1. अनिवार्य निपटान और पारदर्शिता 2. भारत के लिए MSME क्षेत्र का महत्व 3. MSMEs के लिए इसके क्या मायने हैं? (What This Means for MSMEs) TReDS के बारे में (About TReDS) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य विशिष्ट प्रणाली / पोर्टल / नियम महत्वपूर्ण तथ्य TReDS (ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम) वर्ष 2017 में लॉन्च हुआ, RBI द्वारा विनियमित एक इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म, जो MSMEs के बिलों को भुनाने (Discounting) का काम करता है। उद्यम पोर्टल MSMEs के स्व-घोषणा आधारित मुफ्त ऑनलाइन पंजीकरण के लिए कपड़ा/MSME मंत्रालय का केंद्रीय पोर्टल। कोलेटरल-फ्री लोन TReDS पर मिलने वाले

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