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10 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

10 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत-ऑस्ट्रेलिया PACTS साझेदारी, तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन 2026 की बड़ी उपलब्धियां, और कपड़ा क्षेत्र में MSMEs के विकास के लिए ITADCs व ATUFS योजना की विस्तृत। आंतरिक आर्थिक सुधारों के मोर्चे पर, यह बुलेटिन केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय द्वारा ग्रामीण और लघु उद्योगों के विकास के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत करता है, जिसके अंतर्गत पुराने पावरलूम सेंटर्स को अत्याधुनिक ‘एकीकृत कपड़ा और परिधान विकास केंद्रों’ (ITADCs) के रूप में बदलने और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने वाली ATUFS योजना के स्वतंत्र प्रभाव आकलन के शानदार आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है, SC-NBWL की 91वीं बैठक: विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन Why in News? (चर्चा में क्यों?) केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में तमिलनाडु के कोयंबटूर में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (SC-NBWL) की 91वीं बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जहां एक ओर 100 से अधिक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचागत विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई, वहीं दूसरी ओर देश की सबसे संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण के लिए कई बड़े नीतिगत निर्णय लिए गए। बैठक के प्रमुख नीतिगत निर्णय और रणनीतिक स्तंभ 1. समाधान-आधारित नीतिगत हस्तक्षेप बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव संरक्षण केवल कानूनी दायरा नहीं बल्कि वैज्ञानिक नियोजन का हिस्सा होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने तीन प्रमुख स्तंभों को एकीकृत करने की बात कही: 2. 100 से अधिक विकास परियोजनाओं की समीक्षा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत समिति ने देश भर के 100 से अधिक विकास प्रस्तावों का मूल्यांकन किया। 3. संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए दीर्घकालिक रणनीतियाँ बैठक के दौरान भारत की तीन सबसे महत्वपूर्ण और खतरे में पड़ी प्रजातियों के संरक्षण के लिए विशिष्ट रोडमैप पर चर्चा की गई और वैज्ञानिक प्रकाशन जारी किए गए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य विशिष्ट संस्था / प्रजाति / प्रणाली महत्वपूर्ण तथ्य राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) यह वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) है। भारत के प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं। NBWL की स्थायी समिति (SC-NBWL) इसकी अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री करते हैं। यही समिति व्यावहारिक रूप से वन्यजीव अभ्यारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास विकास परियोजनाओं को मंजूरी देती है। राइनो डीएनए इंडेक्सिंग (RhinoDGIS) यह गैंडों के डीएनए का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने की तकनीक है, जिससे शिकार किए गए सींगों की फोरेंसिक जांच कर अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलती है। पिग्मी हॉग वैज्ञानिक नाम: Porcula salvania। यह दुनिया का सबसे छोटा जंगली सुअर है जो मुख्य रूप से असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान के ऊंचे घास के मैदानों (Terai Grasslands) में पाया जाता है। IUCN स्थिति: Critically Endangered। ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) यह राजस्थान का राज्य पक्षी है और मुख्य रूप से डेजर्ट नेशनल पार्क में पाया जाता है। IUCN स्थिति: Critically Endangered। यह भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे भारी उड़ने वाले पक्षियों में से एक है। प्रजाति सुधार कार्यक्रम (Species Recovery Programme) यह एकीकृत वन्यजीव आवास विकास (IDWH) योजना के तहत एक केंद्रीय घटक है, जिसके तहत अत्यधिक संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाने के लिए विशेष वित्तीय सहायता दी जाती है। भारत PACTS साझेदारी: साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन Why in News? (चर्चा में क्यों?) 9 जुलाई 2026 को भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को आगे बढ़ाते हुए ‘ऑस्ट्रेलिया-भारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन साझेदारी’ (PACTS) की घोषणा की है। यह नया समझौता वर्ष 2020 के पुराने फ्रेमवर्क व्यवस्था का स्थान लेगा और हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में दोनों देशों की तकनीकी प्राथमिकताओं को एक नया रणनीतिक आयाम देगा। PACTS के तहत सहयोग के 5 प्रमुख स्तंभ यह साझेदारी सरकार, निजी क्षेत्र, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए निम्नलिखित पांच स्तंभों पर केंद्रित है: 1. आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन और विविधीकरण 2. क्रिटिकल टेक्नोलॉजी 3. साइबर सुरक्षा 4. डिजिटल लचीलापन 5. रक्षा अनुसंधान सहयोग गवर्नेंस और प्रशासनिक ढांचा इस साझेदारी की प्रभावी निगरानी के लिए एक मजबूत द्विपक्षीय संरचना तैयार की गई है: विभागीय नेतृत्व: स्तंभ भारतीय नेतृत्व ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व 1. सप्लाई चेन लचीलापन राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) साइबर मामलों और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के राजदूत का कार्यालय 2. क्रिटिकल टेक्नोलॉजी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) साइबर मामलों और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के राजदूत का कार्यालय 3. साइबर सुरक्षा साइबर कूटनीति प्रभाग, विदेश मंत्रालय (MEA) साइबर मामलों और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के राजदूत का कार्यालय 4. डिजिटल लचीलापन ओशिनिया प्रभाग, विदेश मंत्रालय (MEA) साइबर मामलों और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के राजदूत का कार्यालय 5. रक्षा अनुसंधान रक्षा मंत्रालय (MoD) रक्षा विभाग (Department of Defence) प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष प्रमुख तथ्य महत्वपूर्ण शब्दावली प्रमुख तथ्य PACTS इसका पूरा नाम Australia-India Partnership on Cyber, Critical Technologies and Supply Chains है, जिसने 2020 के पुराने फ्रेमवर्क का स्थान लिया है। DPI (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर) यह डिजिटल पहचान, भुगतान प्रणाली और डेटा विनिमय के खुले, इंटरऑपरेबल नेटवर्क को संदर्भित करता है। भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में इसके विस्तार के लिए अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अंडरसी केबल्स महासागरों के तल पर बिछाई गई फाइबर-ऑप्टिक केबल जो दुनिया का 95% से अधिक इंटरनेट डेटा ट्रांसफर करती हैं। रणनीतिक रूप से यह बेहद संवेदनशील बुनियादी ढांचा है। क्रिटिकल मिनरल्स ऐसे खनिज (जैसे कोबाल्ट, लिथियम, रेयर अर्थ एलिमेंट्स) जो आधुनिक तकनीक, ग्रीन एनर्जी और रक्षा उपकरणों के लिए अनिवार्य हैं, और जिनकी सप्लाई चेन पर चीन का दबदबा है। तीसरा भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन: रणनीतिक संबंधों को मिली नई ऊंचाई Why in News? (चर्चा में क्यों?) प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज द्वारा आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। यह बैठक दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के सफल 6 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की और सुरक्षा से लेकर संस्कृति तक कई ऐतिहासिक समझौतों पर मुहर लगाई। शिखर सम्मेलन के प्रमुख बिंदु और द्विपक्षीय कूटनीति 1. आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी (CECA की दिशा में कदम) 2. रणनीतिक एवं बहुपक्षीय सहयोग 3. सांस्कृतिक पुरावशेषों की वापसी ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों द्वारा भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े

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9 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

9 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत-ऑस्ट्रेलिया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEOs) फोरम, हाई-सीज़ (High Seas) मत्स्यपालन के लिए प्राधिकरण पत्र (LoA), भुवनेश्वर घोषणापत्र (TRIs का कायाकल्प), उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE रिपोर्ट), ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक और रक्षा क्षेत्र में पिनाका रॉकेट प्रणाली के नए मील के पत्थर जैसे महत्वपूर्ण विषयों को यूपीएससी पाठ्यक्रम (UPSC Syllabus) के अनुसार विश्लेषित किया गया है। वर्षा सिंचित क्षेत्रों के लिए डेटा सृजन और सुलभता को मजबूत करना Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 8 जुलाई 2026 को केंद्रीय कृषि मंत्रालय के तहत कार्यरत राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण (NRAA) ने नई दिल्ली के पूसा (PUSA) परिसर में एक दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक का आयोजन किया है। इस परामर्श का मुख्य विषय “भारत के वर्षा सिंचित क्षेत्रों में कुशल परियोजना योजना और कार्यान्वयन के लिए गुणवत्तापूर्ण डेटा सृजन और प्रसार: बाधाओं को दूर करने की चुनौतियों का समाधान” था। इस बैठक का प्राथमिक उद्देश्य राज्यों के कृषि विभागों की वास्तविक डेटा आवश्यकताओं को समझना और गुणवत्तापूर्ण डेटा की कमी से पैदा होने वाली जमीनी बाधाओं को दूर करना है। भारत का लगभग 50% से अधिक कृषि क्षेत्र वर्षा पर निर्भर है, जहाँ बिना सटीक डेटा के किसी भी कल्याणकारी योजना का सफल होना असंभव है: वर्षा सिंचित क्षेत्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण डेटा की आवश्यकता क्यों? डेटा सृजन और साझाकरण की संस्थागत व्यवस्था इस राष्ट्रीय परामर्श के दौरान दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिसमें देश के प्रमुख अनुसंधान संगठनों ने अपने डेटाबेस और चुनौतियों को प्रस्तुत किया: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य संगठन / संस्थान महत्वपूर्ण तथ्य NRAA (राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण) यह केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत एक विशेषज्ञ निकाय है, जो देश के शुष्क और वर्षा आधारित क्षेत्रों के सतत विकास के लिए नीतियां बनाता है। क्रिडा केंद्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, जो हैदराबाद में स्थित है और बारानी (Dryland) खेती पर शोध करता है। NBSSLUP राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण और भूमि उपयोग योजना ब्यूरो, जो भारत की मृदा आनुवंशिकी और भूमि क्षमता का मानचित्रण करता है। MNCFC महालनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र, जो कृषि में रिमोट सेंसिंग और उपग्रह डेटा के उपयोग को बढ़ावा देता है। भुवनेश्वर घोषणापत्र — जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (TRIs) का कायाकल्प Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7-8 जुलाई 2026 को जनजातीय मामलों के मंत्रालय और ओडिशा सरकार द्वारा भुवनेश्वर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन ऐतिहासिक ‘भुवनेश्वर घोषणापत्र’ को अपनाने के साथ हुआ। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य देश के जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (Tribal Research Institutes – TRIs) की संस्थागत क्षमता को मजबूत करना और उन्हें ‘विकसित भारत @2047’ के विजन के अनुरूप साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (Evidence-based policymaking) के केंद्रों के रूप में विकसित करना है। भुवनेश्वर घोषणापत्र के प्रमुख बिंदु कार्यशाला के रणनीतिक सत्र सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले संस्थान कार्यशाला में जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और उत्कृष्ट शोध के लिए देश के 7 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले TRIs को सम्मानित किया गया: राज्य पुरस्कृत जनजातीय अनुसंधान संस्थान (TRI) छत्तीसगढ़ जनजातीय अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) ओडिशा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (SCSTRTI) त्रिपुरा जनजातीय अनुसंधान और सांस्कृतिक संस्थान (TRCI) महाराष्ट्र जनजातीय अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) केरल किर्टाड्स (KIRTADS – केरल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति जनजातीय अनुसंधान संस्थान) तेलंगाना जनजातीय सांस्कृतिक अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (TCRTI) झारखंड डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण अनुसंधान संस्थान माउंटेन ख्याम त्सो मैसिफ पर सफल पर्वतारोहण अभियान Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 8 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्रालय के तहत कार्यरत जवाहर पर्वतारोहण और शीतकालीन खेल संस्थान (JIM & WS), पहलगाम के 22 सदस्यीय दल ने लद्दाख के सुदूर रुमत्से फू क्षेत्र में स्थित माउंट ख्याम त्सो मैसिफ पर सफलतापूर्वक फतह हासिल की है। कर्नल हेम चंद्र सिंह के नेतृत्व में 26 जून 2026 को शुरू हुए इस अभियान ने न केवल दुर्गम चोटियों को फतह किया, बल्कि इस क्षेत्र में साहसिक खेलों के मामले में कुछ नए रिकॉर्ड भी स्थापित किए हैं। अभियान की मुख्य उपलब्धियां और भौगोलिक तथ्य अत्यंत प्रतिकूल मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करते हुए इस दल ने एक ही श्रृंखला (Massif) की कई चोटियों पर तिरंगा फहराया: मैसिफ क्या होता है?: भूगोल में ‘मैसिफ’ पहाड़ों के उस समूह या ब्लॉक को कहा जाता है, जो अपनी ही श्रृंखला में आसपास की चोटियों से बहुत अधिक स्पष्ट और ऊंचा होता है। यह आपस में जुड़ी कई चोटियों का एक दुर्गम समूह होता है। संस्थान की पृष्ठभूमि: JIM & WS प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य भौगोलिक स्थल / शब्दावली महत्वपूर्ण तथ्य ख्याम त्सो मैसिफ यह लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश के रुमत्से फू क्षेत्र में स्थित एक अत्यंत दुर्गम और अल्प-अन्वेषित (Unexplored) पर्वत श्रृंखला है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड लद्दाख की किसी चोटी पर 5600 मीटर की ऊंचाई से पहली बार पैराग्लाइडिंग की सफल लॉन्चिंग की गई। JIM & WS रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत कार्य करने वाला शीतकालीन खेल और पर्वतारोहण संस्थान (पहलगाम)। ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक 2026 — वैश्विक मंच पर महिला-नेतृत्व वाला पंचायती राज Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 8 जुलाई 2026 को भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत केरल के कोच्चि में ‘ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक’ का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान पंचायती राज मंत्रालय ने “जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाना” विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया। इसमें भारत ने दुनिया के सामने अपने ‘महिला-नेतृत्व वाले पंचायती राज’ को समावेशी और लोकतांत्रिक शासन के एक वैश्विक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। भारतीय स्थानीय स्वशासन में महिला सशक्तिकरण के प्रमुख स्तंभ मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत ने जमीनी स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई नीतिगत सुधार किए हैं: 1. वास्तविक नेतृत्व और राष्ट्रीय पुरस्कारों में पहचान 2. सशक्त पंचायत नेत्री अभियान 3. मॉडल वीमेन-फ्रेंडली ग्राम पंचायत 4. सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) का स्थानीयकरण और PAI प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य योजना / सूचकांक / बैठक महत्वपूर्ण तथ्य BRICS महिला मंत्रिस्तरीय बैठक 2026 इसका आयोजन भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत केरल के कोच्चि में किया गया। सशक्त पंचायत नेत्री अभियान मार्च

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8 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

8 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत की डिजिटल कूटनीति की बड़ी सफलता के रूप में भारत के ONDC मॉडल पर आधारित इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) की शुरुआत, प्रधानमंत्री को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतंग अदिपूर्णा’, शिक्षा मंत्रालय की ऐतिहासिक UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट, राज्यों व जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI 2.0 और PGI-D) का विमोचन, तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में पूर्वोत्तर भारत को वैश्विक पहचान दिलाने वाली मिजोरम के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम को भारत का 21वां नामित रिपोजिटरी घोषित किए जाने की अधिसूचना। कामराजार पोर्ट बना 18-मीटर ड्राफ्ट क्षमता वाला देश का दूसरा प्रमुख बंदरगाह Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7 जुलाई 2026 को पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, कामराजार पोर्ट लिमिटेड (KPL) ने अपने ‘कैपिटल ड्रेजिंग चरण-VI’ (Capital Dredging Phase VI) प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इस विकास के साथ ही यह बंदरगाह अब 18.0 मीटर के परिचालन ड्राफ्ट (Operational Draft) की क्षमता हासिल करने वाला विशाखापत्तनम पोर्ट के बाद देश का दूसरा ‘मेजर पोर्ट’ बन गया है। प्रोजेक्ट के मुख्य वित्तीय और तकनीकी घटक बंदरगाह की परिचालन क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं: रणनीतिक और आर्थिक महत्व (Economic & Strategic Impacts) यह परियोजना ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ और ‘मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य बंदरगाह / घटक महत्वपूर्ण तथ्य कामराजार पोर्ट यह तमिलनाडु के चेन्नई (एन्नोर) में स्थित है. यह भारत का पहला कॉरपोरेटाइज्ड मेजर पोर्ट (कंपनी के रूप में पंजीकृत सरकारी बंदरगाह) है। 18-मीटर ड्राफ्ट वाले भारत के मेजर पोर्ट पहला: विशाखापत्तनम पोर्ट (आंध्र प्रदेश), दूसरा: कामराजार पोर्ट (तमिलनाडु)। Capesize Vessels ये वे बहुत बड़े मालवाहक जहाज होते हैं जो स्वेज या पनामा नहरों से नहीं गुजर सकते और उन्हें ‘केप ऑफ गुड होप’ या ‘केप हॉर्न’ से होकर जाना पड़ता है. इनके लिए गहरा ड्राफ्ट (कम से कम 18 मीटर) अनिवार्य होता है। डेडवेट टनेज (DWT) यह किसी जहाज की कुल सुरक्षित वजन उठाने की क्षमता (कार्गो, ईंधन, चालक दल आदि सहित) का माप है। कपास उत्पादकता मिशन (कपास कांति) — भारतीय कपड़ा क्षेत्र में नई क्रांति Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7 जुलाई 2026 को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन को कपास उत्पादकता मिशन (कपास कांति) की प्रगति और रूपरेखा के बारे में विस्तृत जानकारी दी. उपराष्ट्रपति ने इस मिशन के समग्र दृष्टिकोण की सराहना करते हुए नई तकनीकों को तेजी से अपनाने और वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया। मिशन के तीन सबसे महत्वपूर्ण घटक मिशन की रणनीतिक आवश्यकता और मुख्य एजेंडा प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य संगठन / पहल महत्वपूर्ण तथ्य मिशन का नाम कपास उत्पादकता मिशन (कपास कांति)। संबंधित मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त पहल। कस्तूरी कॉटन भारतीय कपास की ब्रांडिंग, ट्रेसेबिलिटी और प्रीमियम गुणवत्ता प्रमाणन के लिए भारत सरकार की फ्लैगशिप पहल। किसान कपास ऐप कपास किसानों की बाजार तक पहुंच और डिजिटल सहायता सुनिश्चित करने वाला ऐप। राज्यों और जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI 2.0 और PGI-D) रिपोर्ट 2025-26 Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2.0 (PGI-S) और जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI-D) की संयुक्त रिपोर्ट (वर्ष 2025-26) जारी की है. भारत की विशाल स्कूली शिक्षा प्रणाली (14.67 लाख से अधिक स्कूल, 1.03 करोड़ शिक्षक और लगभग 24.72 करोड़ छात्र) की गुणवत्ता और प्रशासनिक कमियों को ट्रैक करने के लिए यह रिपोर्ट एक मार्गदर्शक का काम करती है। परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI-S 2.0): राज्यों की ग्रेडिंग PGI-S का मुख्य उद्देश्य राज्यों को रैंक देने के बजाय उन्हें ‘समान प्रदर्शन बैंड’ या ग्रेड में रखकर एक स्वस्थ और रचनात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI-D) राज्यों के बाद शासन की सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई यानी जिला स्तर पर शिक्षा की वास्तविक स्थिति को मापने के लिए शिक्षा मंत्रालय PGI-D सूचकांक जारी करता है. इसका मुख्य फोकस शैक्षिक नीतियों के परिणाम आधारित मापन (Outcome Measurement) पर है। प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य सूचकांक / घटक महत्वपूर्ण तथ्य नोडल मंत्रालय केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग)। PGI-S 2.0 (राज्यों के लिए) कुल 1000 अंक, 2 मुख्य श्रेणियां और 6 डोमेन पर आधारित। PGI-D (जिलों के लिए) कुल 600 अंक, 6 श्रेणियां और 11 डोमेन पर आधारित। मुख्य डेटा प्रदाता UDISE+ (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस) और परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024। मिजोरम का नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम बना भारत का 21वां नामित रिपोजिटरी Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7 जुलाई 2026 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, मिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम (NHM) को जैव विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 39 के तहत ‘नामित रिपोजिटरी’ (Designated Repository) घोषित किया गया है. 19 जून 2026 को जारी इस आधिकारिक अधिसूचना के बाद यह म्यूजियम भारत का 21वां नामित रिपोजिटरी बन गया है, जो उत्तर-पूर्वी भारत की समृद्ध जैविक संपदा के संरक्षण में एक बड़ा मील का पत्थर है। नामित रिपोजिटरी (Designated Repository) क्या है और इसका महत्व? भारत के जैव विविधता शासन ढांचे (Biodiversity Governance Framework) में इनका स्थान बेहद महत्वपूर्ण होता है: मिजोरम नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम (NHM) की विशेषताएं वैश्विक और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / शब्दावली महत्वपूर्ण तथ्य 21वां नामित रिपोजिटरी नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम (NHM), मिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल। वैधानिक प्रावधान जैव विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 39 के तहत केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित (राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण – NBA की सिफारिश पर)। Leptobrachella tamdil मिजोरम में खोजी गई एक स्थानिक उभयचर (Amphibian) प्रजाति। बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट मिजोरम भारत के इंडो-बर्मा हॉटस्पॉट का हिस्सा है। Ex-situ Conservation जीवों या वनस्पतियों को उनके प्राकृतिक आवास से दूर (जैसे म्यूजियम, जीन बैंक,

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7 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

7 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत ग्रामीण और स्वदेशी शिल्पकारों को वैश्विक मंच प्रदान करने वाला वस्त्र मंत्रालय का ‘इंडियाहैंडमेड’ पोर्टल, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए गठित वैधानिक निकाय CAQM की हालिया दंडात्मक एवं नियामक कार्रवाइयाँ, देश के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूती देने वाली NHLML की मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचा परियोजनाएं, भारत-EFTA व्यापार समझौते (TEPA) के तहत भारतीय समुद्री खाद्य (Seafood) क्षेत्र के लिए खुले नए वैश्विक द्वार, सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूरे होने पर लॉन्च की गई e-PACS, सहकार सहयोगी AI प्लेटफॉर्म व ‘भारत टैक्सी’ जैसी डिजिटल क्रांतियां, तथा जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (TRIs) को भविष्य के लिए तैयार करने हेतु अपनाई जाने वाली ‘भुवनेश्वर घोषणा’ और ‘TribeX’ प्लेटफॉर्म जैसे अति-महत्वपूर्ण अध्यायों को समाहित किया गया है। इंडियाहैंडमेड पोर्टल — हस्तशिल्प विरासत का डिजिटल सेतु Why in News? (चर्चा में क्यों?) हैंडलूम और हस्तशिल्प क्षेत्र को सीधे डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए वस्त्र मंत्रालय (Ministry of Textiles) के तहत डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित ‘इंडियाहैंडमेड’ पोर्टल ग्रामीण कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण का एक बड़ा माध्यम बनकर उभरा है. वर्ष 2023 में लॉन्च किया गया यह समर्पित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बिचौलियों को समाप्त कर बुनकरों और शिल्पकारों को सीधे वैश्विक खरीदारों से जोड़ रहा है। हस्तशिल्प क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और महिला भागीदारी भारत का हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र देश की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार का एक बड़ा आधार है: ‘इंडियाहैंडमेड’ पोर्टल की अनूठी विशेषताएं और कार्यप्रणाली प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / टर्म महत्वपूर्ण तथ्य इंडियाहैंडमेड पोर्टल वर्ष 2023 में लॉन्च किया गया एक नो-कमीशन डिजिटल मार्केटप्लेस। नोडल मंत्रालय वस्त्र मंत्रालय (तकनीकी विकास: डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन)। वर्कफोर्स डेटा देश के कुल हथकरघा बुनकरों में 71% महिला कार्यबल शामिल है। GST छूट विकल्प बिना जीएसटी वाले छोटे शिल्पी Enrolment ID से सिर्फ अपने राज्य में व्यापार कर सकते हैं। CAQM द्वारा एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण नियमों की समीक्षा Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 6 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की प्रवर्तन कार्यबल (Enforcement Task Force – ETF) की 134वीं बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में दिल्ली-एनसीआर (NCR) में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में की गई कानूनी कार्रवाइयों, औचक निरीक्षणों और नियमों के अनुपालन की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। कार्रवाई और निरीक्षण रिपोर्ट: मुख्य आंकड़े संचयी (cumulative) प्रवर्तन स्थिति 6 जुलाई 2026 तक के संचयी आंकड़ों के अनुसार, CAQM के फ्लाइंग स्क्वॉड ने अब तक कुल 27,750 इकाइयों/परियोजनाओं का निरीक्षण किया है. इन निरीक्षणों के आधार पर: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य निकाय / घटक महत्वपूर्ण तथ्य CAQM यह एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है, जिसे संसद के अधिनियम द्वारा दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की निगरानी और सुधार के लिए गठित किया गया है। ETF और फ्लाइंग स्क्वॉड यह CAQM के तहत प्रवर्तन विंग है, जिसके पास प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद करने, सील करने और जुर्माना लगाने का अधिकार है। प्रदूषण के तीन प्राथमिक स्रोत औद्योगिक उत्सर्जन (Industrial Emissions), निर्माण गतिविधियां (C&D) और अवैध डीजल जनरेटर (DG Sets)। भारत में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 6 जुलाई 2026 को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (NHLML) की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में देश भर में विकसित किए जा रहे मल्टी मोडल लॉजिस्टिक्स पार्कों (MMLPs), रोपवे (Ropeways), इंटरमॉडल स्टेशनों और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे वे-साइड एमेनिटीज की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया गया। परियोजनाओं की रणनीतिक प्रासंगिकता और मुख्य उद्देश्य NHLML के तहत विकसित हो रहे प्रमुख घटक प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य संगठन / परियोजना महत्वपूर्ण तथ्य NHLML National Highways Logistics Management Limited — यह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की पूर्ण स्वामित्व वाली विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) कंपनी है। नोडल मंत्रालय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार। MMLP का उद्देश्य माल ढुलाई की लागत को कम करना, जो वर्तमान में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अनुपात में वैश्विक मानकों से अधिक है। मुख्य फोकस क्षेत्र MMLPs, रोपवे, इंटरमॉडल स्टेशन और वे-साइड एमेनिटीज। भारत-EFTA TEPA के तहत समुद्री खाद्य क्षेत्र के लिए अवसर Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में वाणिज्य विभाग (Department of Commerce), भारत सरकार द्वारा 3 जुलाई 2026 को चेन्नई ट्रेड सेंटर में “भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के तहत समुद्री खाद्य क्षेत्र के लिए अवसर” विषय पर एक ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन किया गया. इस उच्च स्तरीय विचार-विमर्श सत्र का आयोजन ‘सीफूड एक्सपो भारत 2026’ के इतर किया गया था। भारत-ईएफटीए टेपा: प्रमुख आर्थिक और रणनीतिक बिंदु समुद्री खाद्य निर्यातकों के लिए विशिष्ट टैरिफ रियायतें TEPA के तहत भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय बाजारों में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण सीमा शुल्क लाभ दिए गए हैं: चिंतन शिविर के मुख्य एजेंडे प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / संगठन महत्वपूर्ण तथ्य EFTA देश आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड। TEPA समझौता लक्ष्य $100 बिलियन का निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन। शून्य आयात शुल्क लाभ आइसलैंड और नॉर्वे द्वारा फिश/श्रिंप फीड पर तथा स्विट्जरलैंड द्वारा फिश ऑयल पर सीमा शुल्क शून्य। नोडल हितधारक वाणिज्य विभाग, इन्वेस्ट इंडिया, DGFT, EIC, और FIEO। सहकार से समृद्धि — भारत के सहकारी आंदोलन के सुदृढ़ीकरण के 5 वर्ष Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 6 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation) का पांचवां स्थापना दिवस मनाया गया. 6 जुलाई 2021 को स्थापित इस मंत्रालय ने ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के साथ पिछले 5 वर्षों में 152 से अधिक ऐतिहासिक और नीतिगत सुधारों को लागू कर भारतीय सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र का पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया है। स्थापना दिवस की मुख्य डिजिटल और अवसंरचनात्मक पहलें मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस के अवसर पर ग्रामीण और बैंकिंग सहकारी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए: ढांचागत सुधार और प्रगति (Scale & Structural Reforms) 1. PACS का बहु-सेवा केंद्रों (Multi-Service Centres)

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6 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

6 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार विजेता ICMR-MINDS प्लेटफॉर्म, ग्रामीण भारत के डिजिटल सुशासन का आधार स्तंभ लोकोसऔर SHE-LEAPS ऐप, भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में साणंद में स्थापित CG Semi OSAT सुविधा, ₹29,000 करोड़ की लागत वाली संशोधित उड़ान योजना, ईंधन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का प्रमाण E20 इथेनॉल कार्यक्रम, तथा भारत-इजरायल द्विपक्षीय निवेश समझौता (BIA) जैसे अति-महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। ICMR-MINDS को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार 2026 Why in News? (चर्चा में क्यों?) 1-2 जुलाई 2026 को जयपुर (राजस्थान) में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (NCeG) के दौरान भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की प्रमुख पहल ICMR-MINDS को प्रतिष्ठित स्वर्ण पुरस्कार (Gold Award) से सम्मानित किया गया है। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा यह पुरस्कार “नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए एआई (AI) और अन्य नई तकनीकों के उपयोग में नवाचार” श्रेणी के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा प्रदान किया गया। ICMR-MINDS क्या है और यह कैसे काम करता है? यह मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार के माध्यम से जमीनी स्तर पर बड़े सुधार लाने वाली एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान प्राथमिकता परियोजना है। परियोजना का भौगोलिक विस्तार और कार्यान्वयन यह महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल वर्तमान में देश के 7 राज्यों में संबंधित राज्य स्वास्थ्य विभागों और 7 प्रमुख भागीदार संस्थानों के सहयोग से चलाई जा रही है: राज्य सहयोगी संस्थान (Collaborating Institutions) असम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), गुवाहाटी गुजरात गुजरात मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (GIMH), अहमदाबाद हरियाणा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली कर्नाटक सेंट जॉन्स मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु मध्य प्रदेश अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), भोपाल ओडिशा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), भुवनेश्वर पंजाब पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य लोकोस प्लेटफॉर्म — ग्रामीण आजीविका का डिजिटल आधार स्तंभ Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत लोकोस डिजिटल प्लेटफॉर्म ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन, पारदर्शिता और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के नेटवर्क के भीतर सालाना ₹2 लाख करोड़ के वित्तीय लेनदेन को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जा रहा है। LokOS प्लेटफॉर्म क्या है और इसके मुख्य कार्य? लोकोस (Lok = लोग, OS = ऑपरेटिंग सिस्टम) एक व्यापक वेब और मोबाइल एप्लिकेशन प्लेटफॉर्म है, जो स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और उनके संघों (Federations) के व्यापक एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण के लिए काम करता है। शी-लीप्स: ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा हाल ही में 29 जून 2026 को लोकोस प्लेटफॉर्म के ही एक हिस्से के रूप में SHE-LEAPS (Self-Help Entrepreneur-Livelihoods and Enterprise Application for Prosperity and Sustainability) को लॉन्च किया गया है। लोकोस प्लेटफॉर्म की व्यापक पहुंच यह प्लेटफॉर्म भारत के 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 762 जिलों, 7,241 ब्लॉकों और लगभग 5.92 लाख गांवों तक फैल चुका है: 1. शामिल संस्थागत ढांचा 2. गतिमान की गई वित्तीय सहायता यह प्लेटफॉर्म विभिन्न फंडों के कुशल प्रबंधन और ट्रैकिंग को सुनिश्चित करता है: 3. ‘लखपति दीदी’ पहल को सशक्त बनाना लोकोस प्लेटफॉर्म सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी’ योजना के क्रियान्वयन की डिजिटल रीढ़ है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / टर्म तथ्य LokOS प्लेटफॉर्म DAY-NRLM के तहत ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के डिजिटलीकरण का राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म। SHE-LEAPS 29 जून 2026 को लॉन्च, ग्रामीण महिला उद्यमियों के व्यावसायिक प्रबंधन के लिए समर्पित डिजिटल ऐप। डिजिटल आजीविका रजिस्टर (DAR) ग्रामीण परिवारों की आजीविका गतिविधियों और योजना की निगरानी के लिए लोकोस पर बना डिजिटल डेटाबेस। DAY-NRLM ग्रामीण विकास मंत्रालय का गरीबी उन्मूलन और स्वरोजगार संवर्धन का प्रमुख मिशन। साणंद में CG Semi OSAT सुविधा का उद्घाटन Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में CG Semi OSAT (आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) सुविधा का उद्घाटन किया। भारत को एक वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने के विजन के साथ, यह देश का तीसरा सेमीकंडक्टर संयंत्र है जहां चिप पैकेजिंग और वाणिज्यिक उत्पादन (Commercial Production) की शुरुआत हो चुकी है। CG Semi OSAT सुविधा के मुख्य बिंदु भारत में सेमीकंडक्टर क्लस्टर का उदय दुनिया के बड़े औद्योगिक केंद्र हमेशा एकल फैक्ट्रियों के बजाय ‘क्लस्टर्स’ के रूप में विकसित हुए हैं (जैसे अमेरिका की सिलिकॉन वैली, ताइवान का सिंचू साइंस पार्क)। भारत भी अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / शब्द महत्वपूर्ण तथ्य संयंत्र का स्थान साणंद, गुजरात। OSAT का अर्थ Outsourced Semiconductor Assembly and Test (चिप निर्माण के बाद उसकी पैकेजिंग और टेस्टिंग करने वाली इकाई)। सेमिकॉन इंडिया प्रोग्राम भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन, फैब्रिकेशन और पैकेजिंग का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए शुरू किया गया राष्ट्रीय कार्यक्रम। साझेदार देश भारत, जापान और थाईलैंड। लक्षित उत्पादन भविष्य में सालाना 5 अरब चिप्स का उत्पादन करना। E20 ईंधन कार्यक्रम — भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र का ‘विश्वास वक्तव्य’ Why in News? (चर्चा में क्यों?) 4 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें देश के शीर्ष ऊर्जा और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों ने E20 (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) कार्यक्रम की सफलता और सुरक्षा पर एक ‘विश्वास वक्तव्य’ जारी किया। विशेषज्ञों ने आश्वस्त किया कि वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद यह साबित हो चुका है कि E20 ईंधन से पुराने वाहनों को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है। E20 ईंधन और वाहन क्षमता: मुख्य वैज्ञानिक निष्कर्ष इथेनॉल सम्मिश्रण की भावी दिशा और बुनियादी ढांचा भारत का इथेनॉल कार्यक्रम केवल E20 तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के स्वच्छ ईंधन ईकोसिस्टम की नींव रख रहा है। प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य बिंदु / घटक महत्वपूर्ण तथ्य E20 ईंधन 80% गैसोलीन (पेट्रोल) और 20% इथेनॉल का मिश्रण। नियामक मानक यह ईंधन BIS (Bureau of Indian Standards) और BS-VI मानदंडों के अनुरूप है। UNECE जुड़ाव भारत United Nations Economic Commission for Europe के वाहन नियमों का पालन करता है, जिससे इसके परीक्षण मानक वैश्विक स्तर के हैं। E85 ईंधन उच्च इथेनॉल

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4 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

4 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत बिहार के मुंगेर में मिला वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित देश का सबसे पुराना 700 वर्ष प्राचीन बरगद वृक्ष; भारतीय सशस्त्र बलों की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) द्वारा ₹52,000 करोड़ के अत्याधुनिक प्रस्तावों को मंजूरी; और मिशन कर्मयोगी के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के लिए शुरू किया गया ‘दक्ष’ (DAKSH) नेतृत्व कार्यक्रम। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में लिए गए इस निर्णय के तहत थल सेना के लिए ‘आकाश तरंग’ एंटी-ड्रोन सिस्टम, नौसेना के लिए अत्याधुनिक समुद्री बारूदी सुरंगें, तथा वायु सेना के लिए ‘हाई एल्टीट्यूड सूडो सैटेलाइट’ (FW-HAPS) जैसे फिफ्थ-जनरेशन सैन्य उपकरणों को शामिल किया गया है, पशुजन्य युद्ध अभ्यास (PYA) 2026 — ज़ूनोटिक रोगों के खिलाफ भारत का ‘वन हेल्थ’ सुरक्षा कवच Why in News? (चर्चा में क्यों?) 3 जुलाई 2026 को केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के खारी गांव में ‘पशुजन्य युद्ध अभ्यास’ (PYA) नामक 5-दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक संपन्न किया। 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक चला यह अभ्यास भारत के ‘राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन’ के तहत तीसरा आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यास था, जिसका उद्देश्य पशुधन से इंसानों में फैलने वाली महामारियों (Zoonotic Diseases) से निपटने के लिए भारत की जमीनी तैयारियों को परखना था। क्या है पशुजन्य युद्ध अभ्यास (PYA) और ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण? सरल शब्दों में कहें तो, कोविड-19 या बर्ड फ्लू जैसी बीमारियों ने हमें सिखाया है कि जानवरों, इंसानों और पर्यावरण का स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। इसी को ‘वन हेल्थ’ कहा जाता है। पशुजन्य युद्ध अभ्यास (PYA) कोई सैन्य अभ्यास नहीं है, बल्कि यह एक स्वास्थ्य रक्षा अभ्यास (Health Mock Drill) है जिसमें इंसानों, पशुओं और वन्यजीवों के डॉक्टरों के साथ-साथ जिला प्रशासन ने मिलकर महामारी को रोकने का अभ्यास किया। मॉक ड्रिल की कार्यप्रणाली और सिमुलेशन अभ्यास में शामिल प्रमुख हितधारक और एजेंसियां यह अभ्यास नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम (NJORT) के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें भारत के शीर्ष वैज्ञानिक और प्रशासनिक संस्थानों ने एक साथ काम किया: CCRAS की 5वीं कार्यकारी समिति की बैठक — आयुर्वेद अनुसंधान में तीन नई पहलें Why in News? (चर्चा में क्यों?) 3 जुलाई 2026 को आयुष मंत्रालय के तहत शीर्ष अनुसंधान निकाय केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) की 5वीं कार्यकारी समिति (Executive Committee) की बैठक आयोजित की गई। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भारत के ‘साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद अनुसंधान’ (Evidence-based Ayurveda Research) पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए तीन बड़े राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक पहलों की शुरुआत की गई। लॉन्च की गई तीन ऐतिहासिक पहलें (Three Landmark Initiatives) बैठक के दौरान आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान, वैज्ञानिक संचार और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित तीन पहलों को लॉन्च किया गया: 1. रिसर्च मेथोडोलॉजी टेक्स्टबुक (आयुर्वेद प्रबोधिनी ग्रंथमाला) 2. CCRAS प्रयत्न 2026-27 3. CCRAS डिजिटल इकोसिस्टम डैशबोर्ड CCRAS की अन्य हालिया उपलब्धियां प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य संस्था का नाम केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) — आयुष मंत्रालय के तहत शीर्ष निकाय। प्रयत्न (PRAYATNA) 2026-27 आयुर्वेद शोधार्थियों के लिए वैज्ञानिक लेखन और प्रकाशन कौशल सुधारने की पहल। आयुर्वेद प्रबोधिनी ग्रंथमाला NCISM के नए पाठ्यक्रम के अनुसार MD/MS/PhD हेतु तैयार रिसर्च मेथोडोलॉजी पुस्तक श्रृंखला। डिजिटल डैशबोर्ड dashboard.ccras.org.in (अनुसंधान डेटा को पारदर्शी और सुलभ बनाने हेतु)। नियामक ढांचा NCISM (National Commission for Indian System of Medicine) — आयुष शिक्षा का नियामक। फिक्की मर्सिडीज-बेंज भारत इनोवेशन चैलेंज — स्टार्टअप्स के लिए नया संबल Why in News? (चर्चा में क्यों?) 3 जुलाई 2026 को उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने ‘फिक्की मर्सिडीज-बेंज भारत इनोवेशन एंड बिजनेस आइडियाज चैलेंज प्रोग्राम’ (FICCI Mercedes-Benz Bharat Innovation & Business Ideas Challenge) के तहत चयनित स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल संवाद में भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और विनिर्माण, संधारणीयता (Sustainability) एवं ऑटोमोटिव जैसे उभरते क्षेत्रों में काम कर रहे उच्च क्षमता वाले भारतीय स्टार्टअप्स को सीधे कॉर्पोरेट और सरकारी सहयोग प्रदान करना है। चैलेंज कार्यक्रम के मुख्य बिंदु और सहायता तंत्र यह कार्यक्रम निजी क्षेत्र (मर्सिडीज-बेंज), उद्योग निकाय (FICCI) और भारत सरकार (DPIIT) के बीच एक उत्कृष्ट त्रिपक्षीय सहयोग का उदाहरण है, जो स्टार्टअप्स को केवल वित्तीय मदद ही नहीं बल्कि एक संपूर्ण व्यावसायिक सुरक्षा तंत्र प्रदान करता है। 1. प्रमुख फोकस क्षेत्र इस चैलेंज के तहत उन स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी गई है जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप निम्नलिखित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं: 2. वित्तीय और रणनीतिक सहायता 3. पोस्ट-फंडिंग मेंटरिंग ढांचा (Mentoring Framework) फंडिंग प्राप्त करने के बाद स्टार्टअप्स अक्सर तकनीकी या विनियामक बाधाओं के कारण विफल हो जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए चयनित स्टार्टअप्स को एक ‘स्ट्रक्चर्ड पोस्ट-फंडिंग मेंटरिंग और हैंडहोल्डिंग सपोर्ट’ दिया जाएगा, जिसके तहत निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलेगा: 4. ‘साउंडिंग बोर्ड’ और ‘डेमो डेज़’ (Innovative Platforms) मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड (MIF) पर उद्योग परामर्श — नीली अर्थव्यवस्था को वित्तीय संबल Why in News? (चर्चा में क्यों?) 3 जुलाई 2026 को पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) ने सागरमाला फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (SMFCL) और SBI वेंचर्स लिमिटेड (SVL) के सहयोग से मुंबई में मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड (MIF) पर एक महत्वपूर्ण ‘उद्योग परामर्श’ (Industry Consultation) बैठक बुलाई। मंत्रालय के सचिव श्री विजय कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए इस महत्वाकांक्षी फंड के डिजाइन, रणनीति और कार्यान्वयन के तौर-तरीकों पर चर्चा करना था। मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड (MIF): संरचना और महत्व यह फंड भारत सरकार के व्यापक मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड (MDF) के तहत स्थापित एक प्रमुख स्तंभ है, जो भारतीय जहाजरानी (Shipping) और बंदरगाह (Port) क्षेत्र में दीर्घकालिक पूंजी की भारी कमी को दूर करने का काम करेगा। 1. वित्तीय संरचना और कोष (Fund Structure & Corpus) 2. ‘पेशेंट कैपिटल’ और इक्विटी फाइनेंसिंग गैप समुद्री बुनियादी ढांचा (जैसे नए बंदरगाह बनाना या शिपयार्ड का आधुनिकीकरण) बहुत अधिक समय लेने वाली और जोखिम भरी परियोजनाएं होती हैं। पारंपरिक बैंक इसके लिए आसानी से लोन नहीं देते। 3. भविष्य

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3 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

3 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक न्याय को मजबूत करने वाले ‘मानस’ (MANAS) डिजिटल कवच, बुनियादी ढांचे को गति देने वाले कोयला ब्लॉक आवंटन (संशोधन) नियम 2026, सुशासन को ‘ह्यूमन-लेड AI’ से जोड़ने वाले 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (जयपुर घोषणा पत्र), पर्यावरण संरक्षण को समर्पित 3रे वैश्विक प्लास्टिक रीसाइक्लिंग कॉन्क्लेव (GCPRS), कृषि-जैव विविधता के मील का पत्थर बोरजुली जैव विविधता विरासत स्थल (BHS) और युवा नीति-निर्माण से जुड़ी सांसद लीड फेलोशिप को व्यापक रूप से शामिल किया गया है। कला संस्कृति विकास योजना (KSVY) — अनुदान वर्ष 2026-27 Why in News? (चर्चा में क्यों?) 2 जुलाई 2026 को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने ‘कला संस्कृति विकास योजना (KSVY)’ के विभिन्न प्रमुख घटकों के तहत अनुदान वर्ष 2026-27 के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पहल के तहत देश भर के पात्र सांस्कृतिक संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), कलाकारों, शोधकर्ताओं और प्रतिष्ठित संस्थानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने प्रस्ताव जमा करने को कहा गया है ताकि कला के विभिन्न रूपों को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा सके। योजना के मुख्य उद्देश्य और विभिन्न घटक 1. प्रमुख घटक और उनकी विधाएं (Scheme Components) 2. आवेदन और कार्यान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य योजना का नाम कला संस्कृति विकास योजना (KSVY) नोडल मंत्रालय संस्कृति मंत्रालय (Ministry of Culture), भारत सरकार। योजना की प्रकृति यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) है जो वित्तीय सहायता/अनुदान पर आधारित है। लक्षित समूह कलाकार, सांस्कृतिक NGO, शोधकर्ता, और राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक संस्थान। प्रमुख विशेष फैलोशिप टैगोर राष्ट्रीय फैलोशिप (TNFCR) — यह विशेष रूप से सांस्कृतिक अनुसंधान के लिए दी जाती है। कार्यान्वयन वर्ष वर्तमान आवेदन चक्र अनुदान वर्ष 2026-27 के लिए शुरू किया गया है। एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग द्वारा सुपरअलॉय बाई-मेटालिक संरचनाओं में ऐतिहासिक सफलता Why in News? (चर्चा में क्यों?) 2 जुलाई 2026 को जारी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शोधकर्ताओं ने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3D प्रिंटिंग) तकनीक का उपयोग करके एक दरार-मुक्त (Crack-free) ‘बाई-मेटालिक संरचना’ विकसित करने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। हैदराबाद स्थित ARCI के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित यह स्वदेशी तकनीक महंगे सुपरअलॉय के समग्र उपयोग को कम करके भारत की आयात निर्भरता को काफी हद तक कम कर सकती है। क्या है यह तकनीक और क्यों है यह एक ‘ब्रेकथ्रू’? एयरोस्पेस, परमाणु रिएक्टर और थर्मल पावर प्लांट के कुछ हिस्से (जैसे गैस टर्बाइन) 2000°C जैसे अत्यधिक तापमान का सामना करते हैं, जबकि उनके ठीक बगल वाले हिस्से कम तापमान पर काम करते हैं। ऐसे में एक ही घटक (Component) में दो अलग-अलग धातुओं को जोड़ना तकनीकी रूप से बेहद फायदेमंद होता है—जैसे स्टेनलेस स्टील (जो मजबूत और संक्षारण प्रतिरोधी है) और निकल-आधारित सुपरअलॉय (जो उच्च तापमान और तनाव झेल सकता है)। पारंपरिक विनिर्माण बनाम नई तकनीक यांत्रिक गुण और सफलता के प्रमाण महत्वपूर्ण औद्योगिक अनुप्रयोग 16वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन (संयुक्त वक्तव्य) Why in News? (चर्चा में क्यों?) जापान की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री महामहिम सुश्री ताकाइची सानाए 1-3 जुलाई 2026 तक भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर रहीं। इस दौरान नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री के बीच 16वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। दोनों नेताओं ने भारत-जापान ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ (Special Strategic and Global Partnership) को मजबूत करने के लिए तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों—रक्षा और सुरक्षा; आर्थिक साझेदारी (आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा लचीलापन, प्रौद्योगिकी); और पीपल-टू-पीपल एक्सचेंज—पर विस्तृत संयुक्त वक्तव्य जारी किया। शिखर सम्मेलन के मुख्य रणनीतिक और नीतिगत निर्णय 1. रक्षा और सुरक्षा सहयोग (Defence & Security) 2. आर्थिक सुरक्षा और उच्च तकनीक (Economic Security & High Tech) 3. ऊर्जा सुरक्षा और लचीलापन (Energy Security) 4. कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा (Connectivity & Infrastructure) 5. अंतरिक्ष और विज्ञान-प्रौद्योगिकी (Space & Sci-Tech) 6. क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे (Regional & Global Issues) प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य बैठक का नाम 16वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन, नई दिल्ली (जुलाई 2026)। जापानी प्रधानमंत्री सुश्री ताकाइची सानाए (भारत की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा)। नया द्विपक्षीय विजन ‘साझा क्षितिज का भारत-जापान वर्ष’ (India-Japan Year of Shared Horizons) — राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में। लॉन्च की गई प्रमुख पहल भारत-जापान सहकारी बायोगैस विकास पहल (CBG Initiative)। साझेदारी दस्तावेज आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर भारत-जापान संयुक्त घोषणा। संयुक्त चंद्र मिशन LUPEX (ISRO और JAXA का संयुक्त चंद्र ध्रुवीय अन्वेषण मिशन)। बुलेट ट्रेन का लक्ष्य मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल के प्राथमिकता वाले खंड का वाणिज्यिक संचालन 2027 में शुरू होगा (ट्रेन श्रृंखला: E10)। पारस्परिक UNSC समर्थन वर्ष गैर-स्थायी सीट हेतु वर्ष 2028-29 और 2033-34 के लिए आपसी समर्थन। मानस (MANAS) — ड्रग्स के खिलाफ एक डिजिटल सुरक्षा कवच Why in News? (चर्चा में क्यों?) 2 जुलाई 2026 को जारी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार की राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस’ नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी से निपटने में देश का एक प्रभावी डिजिटल कवच बनकर उभरी है। यह सुरक्षित, तकनीक-संचालित मंच नागरिकों को ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों की गोपनीय रिपोर्ट करने और पुनर्वास सहायता प्राप्त करने की शक्ति देकर ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार कर रहा है। MANAS क्या है और इसका ढांचा कैसा है? सरल और सीधे शब्दों में कहें तो, भारत सरकार नशीली दवाओं के दुरुपयोग को केवल एक कानूनी समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट मानती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नागरिकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच की दूरी को पाटने के लिए MANAS (Madak Padarth Nishedh Asoochna Kendra) को लॉन्च किया गया था। भारत में मादक पदार्थों के दुरुपयोग का पैमाना (Magnitude of the Problem) MANAS की प्रमुख विशेषताएं और कार्यप्रणाली यह डिजिटल प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से तीन स्तंभों—रिपोर्टिंग, परामर्श (Counselling) और जागरूकता—पर काम करता है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य MANAS का पूरा नाम मादक पदार्थ निषेध आसूचना केंद्र केंद्रीय नोडल मंत्रालय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) — नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB)। तकनीकी भागीदार डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (DIC)। समर्पित हेल्पलाइन नंबर 1933 (परामर्श ट्रांसफर हेतु सामाजिक न्याय मंत्रालय का नंबर: 14446)। डिजिटल पहुंच वेब पोर्टल, ईमेल और

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2 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

2 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग (NPC) विधेयक, 2026 का नया संशोधित मसौदा पेश किया गया है, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से ‘गगन’ (GAGAN) प्रणाली, पूर्वोत्तर भारत के कृषि विकास से ‘अरोमा मिशन और नागालैंड’, तथा देश की आंतरिक सुरक्षा व जनसांख्यिकी से ‘जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर उच्च स्तरीय समिति’ को शामिल किया गया है। यह लेख पूरी तरह से आपकी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के प्रासंगिक सिलेबस के अनुरूप, बिना किसी अतिरिक्त जटिलता के, सीधे मेंटर-प्रारूप में तैयार किया गया है राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग विधेयक, 2026 (संशोधित मसौदा) Why in News? (चर्चा में क्यों?) 1 जुलाई 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया के दौरान प्राप्त सुझावों की गहन समीक्षा करने के बाद ‘राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग (NPC) विधेयक, 2026′ का एक नया संशोधित मसौदा आधिकारिक तौर पर जारी किया है। सरकार ने इस प्रस्तावित कानून को अधिक समावेशी और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से 31 जुलाई 2026 तक देश के आम नागरिकों और सभी संबंधित हितधारकों (Stakeholders) से ईमेल या पोस्ट के माध्यम से उनके अंतिम विचार और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। विधेयक के मुख्य उद्देश्य और संरचनात्मक सुधार प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य विधेयक का नाम राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग (NPC) विधेयक, 2026 (संशोधित मसौदा) प्रस्तावक मंत्रालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार। किस कानून को बदलेगा? यह फार्मेसी अधिनियम, 1948 को पूरी तरह निरस्त कर देगा। नई नियामक संस्था भारतीय फार्मेसी परिषद (PCI) के स्थान पर राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग (NPC) बनेगा। सुझाव भेजने की अंतिम तिथि आम जनता और हितधारक 31 जुलाई 2026 तक अपनी टिप्पणियां भेज सकते हैं। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम Why in News? (चर्चा में क्यों?) 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में ऐतिहासिक ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G अधिनियम, 2025 आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को चिह्नित करने के लिए 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावारीपल्ले गांव (ओबुलावारिपल्ले मंडल) में एक राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उप-मुख्यमंत्री श्री कोनिडेला पवन कल्याण शामिल होंगे। अधिनियम के प्रमुख प्रावधान और नई मजदूरी दरें राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण (2 जुलाई 2026) प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु वैधानिक और व्यावहारिक तथ्य अधिनियम का नाम विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025 लागू होने की तिथि 1 जुलाई 2026 से देशव्यापी रोलआउट रोजगार की कानूनी सीमा प्रति पात्र ग्रामीण परिवार 125 दिन का वैधानिक रोजगार राष्ट्रीय औसत मजदूरी ₹327.4 प्रति दिन (पहले ₹298.8 थी) देश में न्यूनतम बेस रेट किसी भी अधिसूचित क्षेत्र में दैनिक मजदूरी ₹300 से कम नहीं होगी राष्ट्रीय लॉन्च स्थल मुक्कावारीपल्ले गांव, तिरुपति जिला, आंध्र प्रदेश (2 जुलाई 2026) ‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ और भारत की संगीत विरासत Why in News? (चर्चा में क्यों?) 1 जुलाई 2026 को आकाशवाणी ने अपनी स्थापना के 90 वर्ष पूरे होने और 2027 में भारत में रेडियो प्रसारण के शताब्दी वर्ष (100 साल) के उपलक्ष्य में नई दिल्ली में एक विशेष फोटो गैलरी ‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ का उद्घाटन किया है। इस दीर्घा का उद्घाटन प्रसिद्ध बांसुरी वादक पद्म विभूषण पं. हरिप्रसाद चौरसिया द्वारा आकाशवाणी रंग भवन ऑडिटोरियम में किया गया। इसका उद्देश्य आकाशवाणी से जुड़े रहे देश के महान संगीतकारों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करना और उसे संजोना है। ‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ के मुख्य बिंदु और सांस्कृतिक महत्व 1. आकाशवाणी की सांस्कृतिक विरासत 2. गैलरी में शामिल प्रमुख संगीतज्ञ और उनकी विधा 3. मैहर घराना चर्चा में क्यों? इस उद्घाटन समारोह के दौरान पं. हरिप्रसाद चौरसिया के शिष्य पंडित रूपक कुलकर्णी ने बांसुरी वादन की प्रस्तुति दी। पं. कुलकर्णी मैहर घराने के एक अग्रणी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित प्रतिपादक (Exponent) हैं, जो परीक्षा के दृष्टिकोण से इस घराने को प्रासंगिक बनाता है। 4. आकाशवाणी के समर्पित डिजिटल चैनल प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी के अनुसार, पारंपरिक संगीत को बढ़ावा देने के लिए आकाशवाणी के दो समर्पित डिजिटल चैनल 24 घंटे उपलब्ध हैं: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य पहल का नाम स्वर प्रेरणा वीथिका आयोजक संस्था आकाशवाणी (प्रसार भारती), भारत का लोक सेवा प्रसारक। अवसर आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने और 2027 में रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष के उपलक्ष्य में। पहले चरण में शामिल भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजे गए 20 महान संगीतकार। चर्चा में रहा घराना मैहर घराना — पंडित रूपक कुलकर्णी (बांसुरी वादक) इसी घराने से संबद्ध हैं। डिजिटल चैनल ‘रागम’ (शास्त्रीय संगीत) और ‘आराधना’ (भक्ति संगीत)। 12वीं भारत-मलेशिया सैन्य सहयोग उप-समिति बैठक Why in News? (चर्चा में क्यों?) 1 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में भारत और मलेशिया के बीच सैन्य सहयोग पर 12वीं उप-समिति की बैठक (SCMC) आयोजित की गई। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री अमिताभ प्रसाद और मलेशियाई सशस्त्र बलों के रक्षा संचालन और प्रशिक्षण के सहायक मुख्य कर्मचारी मेजर जनरल आमेर महमूद बिन अब्दुल रहमान ने की। बैठक के मुख्य निष्कर्ष और रणनीतिक क्षेत्र यह उप-समिति दोनों देशों के बीच सैन्य-से-सैन्य परामर्श का मुख्य तंत्र है, जो आगामी ‘रक्षा सचिव’ स्तर की भारत-मलेशिया रक्षा सहयोग बैठक का आधार तैयार करती है। बैठक के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य बैठक का नाम 12वीं भारत-मलेशिया सैन्य सहयोग उप-समिति बैठक (SCMC) आयोजन स्थल और तिथि नई दिल्ली, 1 जुलाई 2026 मुख्य विजन इंडो-पैसिफिक में नौवहन की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना साझेदारी का स्तर यह भारत-मलेशिया ‘उन्नत रणनीतिक साझेदारी’ (Enhanced Strategic Partnership) का एक प्रमुख स्तंभ है। बहुपक्षीय ढांचा ADMM-Plus (आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस) के तहत सहयोग को सुदृढ़ करना। गगन प्रणाली: भारतीय आकाश में सटीक नौवहन Why in News? (चर्चा में क्यों?) 1 जुलाई 2026 को जारी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की स्वदेशी उपग्रह आधारित संवर्द्धन प्रणाली ‘गगन’ देश के विमानन और गैर-विमानन

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1 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

1 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत गृह मंत्रालय द्वारा पारदर्शिता और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए FCRA 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई (e-OCI) कार्ड जैसी अत्याधुनिक डिजिटल पहलों की शुरुआत की गई है। कृषि क्षेत्र को टिकाऊ बनाने के लिए जहां ‘खेत बचाओ अभियान’ को राष्ट्रीय मिशन का रूप दिया गया है, वहीं अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान में भारतीय वैज्ञानिकों ने सौर तूफानों (ICMEs) के थर्मल सिग्नेचर की खोज कर वैश्विक स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। GCC कॉन्क्लेव ऑन इनोवेशन 2026: स्टार्टअप और उद्योग सहयोग को नई उड़ान Why in News? (चर्चा में क्यों?) 30 जून 2026 को अटल इनोवेशन मिशन (AIM), नीति आयोग ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ मिलकर बेंगलुरु में ‘GCC कॉन्क्लेव ऑन इनोवेशन 2026’ का आयोजन किया। इसका उद्देश्य भारत के जमीनी स्तर के नवाचार (ग्रासरूट इनोवेशन) और स्टार्टअप्स को वैश्विक दिग्गजों (Global Leaders) से जोड़ना है। इसमें वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCCs), अनुसंधान एवं विकास (R&D) प्रमुखों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। कॉन्क्लेव के मुख्य बिंदु और रणनीतिक कदम 1. भारत का GCC इकोसिस्टम (एक महाशक्ति के रूप में) 2. तीन-स्तरीय नवाचार चक्र इस कॉन्क्लेव में AIM के तीन प्रमुख स्तंभों को वैश्विक उद्योग (GCC) से जोड़ने पर रणनीति बनी: 3. ‘AACESS’ पहल: औद्योगिक विस्तार का नया मंच सहयोग के 4 मुख्य विषय सम्मेलन में चार रणनीतिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई: अध्याय: खेत बचाओ अभियान और हरियाणा का कृषि मॉडल Why in News? (चर्चा में क्यों?) 30 जून 2026 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल स्थित कृषि महाविद्यालय में ‘खेत बचाओ अभियान‘ (Save the Farm Campaign) का समापन समारोह और ‘हरियाणा किसान उत्पादक संगठन (FPO) मिशन’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायाब सिंह सaini ने भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने ‘खेत बचाओ अभियान’ को एक राष्ट्रव्यापी दीर्घकालिक मिशन बनाने की घोषणा की। अभियान के मुख्य नीतिगत बिंदु और रणनीतिक घोषणाएं 1. ‘खेत बचाओ अभियान’ अब एक राष्ट्रीय मिशन 2. हरियाणा का कृषि मॉडल: देश के लिए मार्गदर्शक केंद्रीय मंत्री ने अन्य राज्यों को हरियाणा के निम्नलिखित सफल कृषि और प्रशासनिक सुधारों को अपनाने की सलाह दी: 3. ‘मृदा स्वास्थ्य’ (Soil Health) और संतुलित उर्वरक पर चिंता 4. कृषि में तकनीकी नवाचार: मोबाइल आधारित सॉइल कार्ड जलवायु परिवर्तन और अल नीनो से निपटने की तैयारी मौसम विभाग द्वारा कम वर्षा के अनुमानों को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर निम्नलिखित रणनीतियों पर काम कर रही हैं: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य अभियान का नाम खेत बचाओ अभियान (Save the Fields, Save the Earth) आयोजन स्थल कृषि महाविद्यालय, बावल (रेवाड़ी जिला, हरियाणा) नई पहल की शुरुआत हरियाणा किसान उत्पादक संगठन (FPO) मिशन का शुभारंभ प्रोत्साहन राशि धान से दलहन की ओर शिफ्ट करने पर ₹8,000 प्रति एकड़ (हरियाणा सरकार) तकनीकी समाधान सॉइल हेल्थ कार्ड को सीधे मोबाइल एप्लीकेशन से जोड़ने की योजना प्रमुख नारा “संतुलित उर्वरक ही स्वस्थ पृथ्वी की कुंजी है” तथा “खेत बचाओ, भविष्य बचाओ” राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 और ‘सरस शक्ति’ पहल Why in News? (चर्चा में क्यों?) ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन (RGVS) 2026 का समापन 29 जून 2026 को हुआ। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित ग्राम, विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को गति देना था। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए ‘सरस शक्ति’ (SARAS Shakti) कलेक्शन और एक कॉफी टेबल बुक लॉन्च की। सम्मेलन के मुख्य बिंदु और रणनीतिक निर्णय 1. ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय मजबूत करने तथा ग्रामीण विकास की निम्नलिखित फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा पर बल दिया गया: 2. स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का सशक्तिकरण 3. ‘सारस आजीविका’ और ‘सारस शक्ति’ लॉन्च सरस आजीविका गैलरी: क्षेत्रीय कला का प्रदर्शन सम्मेलन के दौरान प्रदर्शित गैलरी में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और हस्तशिल्प विविधता को दिखाया गया, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं: सौर तूफानों के थर्मल सिग्नेचर और अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान Why in News? (चर्चा में क्यों?) 30 जून 2026 को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत एक स्वायत्त संस्थान, भारतीय ताराभौतिकी संस्थान (IIA), बेंगलुरु के खगोल वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। शोधकर्ताओं ने पृथ्वी की ओर आने वाले बड़े सौर विस्फोटों, जिन्हें इंटरप्लेनेटरी कोरोनल मास इजेक्शन (ICMEs) कहा जाता है, के ‘थर्मल व्यवहार’ (तापमान में बदलाव) का पहला दीर्घकालिक सांख्यिकीय अध्ययन किया है। यह शोध प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘मंथली नोटिसेज ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी’ (MNRAS) में प्रकाशित हुआ है। क्या होते हैं ICMEs और उनके प्रभाव? शोध के मुख्य निष्कर्ष यह अध्ययन 1995 से 2024 तक (लगभग 29 वर्षों और तीन सौर चक्रों- 23, 24, 25) के डेटा पर आधारित है, जिसे नासा (NASA) के ओम्नी (OMNI) डेटाबेस से लिया गया था। 1. पॉलीट्रोपिक इंडेक्स वैज्ञानिकों ने प्रत्येक ICME के भीतर दबाव/तापमान और घनत्व के संबंध को मापने के लिए पॉलीट्रोपिक इंडेक्स की गणना की। इससे प्लाज्मा के गर्म या ठंडे होने की अवस्था का पता चलता है। 2. सौर तूफान अंतरिक्ष में ठंडे नहीं, ‘थर्मिकली एक्टिव’ होते हैं 3. सौर चक्रों के साथ बदलाव शोध में पाया गया कि सौर चक्र-23 (Solar Cycle 23) के दौरान सौर तूफान अधिक गर्म अवस्था में थे, जबकि सौर चक्र-24 में वे अधिक ठंडे (Cooling-dominated) अवस्था में बदल गए। यह दर्शाता है कि सौर चक्र का चुंबकीय वातावरण इन तूफानों के तापमान को नियंत्रित करता है। 4. सबसे विनाशकारी तूफानों की पहचान पृथ्वी पर आने वाले सबसे गंभीर और प्रभावी (Geoeffective) सौर तूफान उन ICMEs के कारण आते हैं जो गर्म अवस्था (कम पॉलीट्रोपिक इंडेक्स-में होते हैं। इनमें मजबूत चुंबकीय क्षेत्र और तीव्र विस्तार गति (Expansion Speed) होती है। अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान में भारत का अगला कदम: आदित्य-L1 IIA के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस थर्मल मॉडल को भविष्य में भारत के आदित्य-L1 मिशन से मिलने वाले आंकड़ों के साथ जोड़ा जाएगा। आदित्य-L1 पर लगे कोरोनोग्राफ और

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30 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

30 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के संकलन में ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित ऐतिहासिक ‘राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन’ के बड़े निर्णयों, जैसे मनरेगा (MGNREGS) का स्थान लेने वाली नई ‘VB-GRAM-G’ योजना और महिला सशक्तिकरण हेतु ‘SHE LEAPS’ प्लेटफॉर्म के साथ-साथ पंचायती राज मंत्रालय द्वारा ग्राम सभाओं में कम भागीदारी पर जारी राष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्ट को शामिल किया गया है। सुमन रोडमैप 2030: मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सुरक्षा रणनीति Why in News? (चर्चा में क्यों?) केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद (CCHFW) के 16वें सम्मेलन के दौरान ‘सुमन रोडमैप 2030’ लॉन्च किया है। यह नीतिगत ढांचा वर्ष 2030 तक मातृ और नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को प्राप्त करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रोडमैप के मुख्य स्तंभ और रणनीतिक दृष्टिकोण 1. जीवन-चक्र दृष्टिकोण (Life-Cycle Approach) यह रोडमैप RMNCHA+N (प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल, किशोर स्वास्थ्य और पोषण) फ्रेमवर्क के तहत काम करता है। यह गर्भावस्था से पहले (Pre-pregnancy), गर्भावस्था के दौरान, प्रसव और प्रसव के तुरंत बाद की अवधि के हस्तक्षेपों को एक साथ जोड़ता है। 2. उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था का 4-चरणीय प्रबंधन जटिलताओं को रोकने के लिए हाई-रिस्क प्रेगनेंसी की ट्रैकिंग चार स्तरों पर होगी: 3. लक्षित भौगोलिक दृष्टिकोण (Differentiated Strategy) प्रमुख नीतिगत हस्तक्षेप और तकनीकी नवाचार उच्च-फोकस राज्यों के लिए विशेष पैकेज सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सामान्य रणनीतियाँ रोडमैप के मुख्य लक्ष्य (2030) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु मुख्य परीक्षा और प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य योजना / रोडमैप सुमन रोडमैप 2030 नोडल प्रभाग मातृ स्वास्थ्य प्रभाग, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय मूल फ्रेमवर्क RMNCHA+N (प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल, किशोर स्वास्थ्य और पोषण) MMR का लक्ष्य वर्ष 2030 तक < 70 प्रति एक लाख जीवित जन्म निगरानी पोर्टल जननी पोर्टल (डिजिटल ट्रैकिंग और रिपोर्टिंग हेतु) सामुदायिक जुड़ाव सुमन पंचायत और मदर्स पिकनिक पहलें शिशु सुरक्षा अवधि SSBSK के तहत जन्म से लेकर 36 महीने तक निरंतर घर पर देखभाल राष्ट्रीय बाघ पुनर्परिचय कार्यशाला और भविष्य का रोडमैप Why in News? (चर्चा में क्यों?) 28 जून 2026 को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने राजस्थान के अलवर में “बाघ पुनर्परिचय: अवसर और चुनौतियाँ” (Tiger Reintroduction: Opportunities & Challenges) पर राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में देश के 12 मुख्य वन्यजीव प्रतिपालकों (Chief Wildlife Wardens) और 18 फील्ड निदेशकों ने बाघ-कमी वाले क्षेत्रों (Tiger-deficient Landscapes) में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए एक वैज्ञानिक रोडमैप पर विचार-विमर्श किया। कार्यशाला के मुख्य निष्कर्ष और रणनीतिक रोडमैप 1. वैज्ञानिक पुनर्परिचय और स्टॉक पुनर्प्राप्ति ढांचा 2. शिकार आधार में वृद्धि (Prey Augmentation) 3. कम बाघ घनत्व वाले रिज़र्व की तैयारी देश के जिन टाइगर रिज़र्व में बाघों का घनत्व बहुत कम है, उन्हें भविष्य की रिकवरी के लिए तैयार किया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: प्रोजेक्ट चीता से सीख कार्यशाला में ‘प्रोजेक्ट चीता’ पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इसे दुनिया का पहला अंतर-महाद्वीपीय बड़े मांसाहारी जीव पुनर्परिचय कार्यक्रम (World’s first inter-continental large carnivore reintroduction) माना जाता है। इस प्रोजेक्ट से मिले अनुभवों और पाठों (जैसे सैटेलाइट ट्रैकिंग, सुरक्षा व्यवस्था और अनुकूलन प्रबंधन) का उपयोग अब भारत में बाघों और अन्य वन्यजीवों के भावी स्थानांतरण और पुनर्प्राप्ति कार्यक्रमों को सुरक्षित बनाने में किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु मुख्य तथ्य (Quick Pointers for Prelims) आयोजन स्थल अलवर, राजस्थान (इसके बाद प्रतिभागियों ने सरिस्का टाइगर रिजर्व का दौरा किया) आयोजक संस्था राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और MoEFCC तकनीकी भागीदार भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII – Wildlife Institute of India) शिकार संवर्धन जीव गौर (Gaur) और बारासिंघा (Prey Augmentation हेतु स्थानान्तरण) कम घनत्व वाले लक्षित रिज़र्व बुक्सा (WB), अचानकमार, उदंती-सीतानदी, इंद्रावती (Chhattisgarh), पलामू (Jharkhand) केस स्टडीज वाले रिज़र्व सरिस्का, मुकुंदरा हिल्स, पन्ना, वीरांगना दुर्गावती, सतकोसिया, सिमलीपाल, राजाजी, सह्याद्रि, नवेगांव-नागझिरा किसान सारथी प्लेटफॉर्म और डिजिटल कृषि कूटनीति Why in News? भारत के सबसे बड़े एकीकृत डिजिटल कृषि-सलाहकार प्लेटफॉर्म ‘किसान सारथी’ ने देश के कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। जुलाई 2021 में लॉन्च होने के बाद से 25 जून 2026 तक इस प्लेटफॉर्म ने देश के 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 768 जिलों और 6.63 लाख गांवों को अपने नेटवर्क में शामिल कर लिया है। किसान सारथी प्लेटफॉर्म क्या है? यह भारतीय किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में सही समय पर प्रामाणिक और वैज्ञानिक कृषि सलाह प्रदान करने वाला एक अग्रणी डिजिटल प्लेटफॉर्म है। प्लेटफ़ॉर्म की तकनीकी संरचना और कार्यप्रणाली 1. IIDS तकनीक (Interactive Information Dissemination System) किसान सारथी प्लेटफॉर्म की रीढ़ IIDS तकनीक है, जो किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच द्वि-मार्गी संचार (Two-way Communication) सुनिश्चित करती है। 2. अन्य राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकरण किसानों को अलग-अलग सेवाओं के लिए भटचना न पड़े, इसलिए किसान सारथी को भारत के 5 बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकृत किया गया है: कृषि हितधारकों को मिलने वाले लाभ 1. किसानों के लिए (For Farmers) 2. वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं के लिए (For Policymakers & Experts) प्रगति और लाभार्थी कवरेज (25 जून 2026 तक के आंकड़े) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु मुख्य तथ्य (Quick Pointers for Prelims) प्लेटफ़ॉर्म का नाम किसान सारथी (Kisan Sarathi) – जुलाई 2021 में लॉन्च। संबद्ध मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) + कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय। कार्यान्वयनकर्ता IASRI और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (DIC)। मुख्य तकनीक IIDS (Interactive Information Dissemination System) और KYF दृष्टिकोण। भाषा समर्थन 13 क्षेत्रीय भाषाओं में लाइव संवाद (भाषिनी प्लेटफॉर्म के सहयोग से)। योजनाओं की उपलब्धता कुल 610 योजनाएं (102 केंद्रीय और शेष राज्य/UT की योजनाएं)। पहुंच के माध्यम कॉल सेंटर, CSC, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप (WhatsApp) और मोबाइल ऐप। TRL कम्पास प्लेटफॉर्म और भारत का डीप-टेक इनोवेशन इकोसिस्टम Why in News? (चर्चा में क्यों?) 29 जून 2026 को भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय (OPSA) ने ‘डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया’ (DSCI) के सहयोग से ‘TRL कम्पास प्लेटफॉर्म’ (TRL Compass Platform) लॉन्च किया है। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) प्रो. अजय कुमार सूद की

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