10 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
10 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत-ऑस्ट्रेलिया PACTS साझेदारी, तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन 2026 की बड़ी उपलब्धियां, और कपड़ा क्षेत्र में MSMEs के विकास के लिए ITADCs व ATUFS योजना की विस्तृत। आंतरिक आर्थिक सुधारों के मोर्चे पर, यह बुलेटिन केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय द्वारा ग्रामीण और लघु उद्योगों के विकास के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत करता है, जिसके अंतर्गत पुराने पावरलूम सेंटर्स को अत्याधुनिक ‘एकीकृत कपड़ा और परिधान विकास केंद्रों’ (ITADCs) के रूप में बदलने और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने वाली ATUFS योजना के स्वतंत्र प्रभाव आकलन के शानदार आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है, SC-NBWL की 91वीं बैठक: विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन Why in News? (चर्चा में क्यों?) केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में तमिलनाडु के कोयंबटूर में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (SC-NBWL) की 91वीं बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जहां एक ओर 100 से अधिक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचागत विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई, वहीं दूसरी ओर देश की सबसे संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण के लिए कई बड़े नीतिगत निर्णय लिए गए। बैठक के प्रमुख नीतिगत निर्णय और रणनीतिक स्तंभ 1. समाधान-आधारित नीतिगत हस्तक्षेप बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव संरक्षण केवल कानूनी दायरा नहीं बल्कि वैज्ञानिक नियोजन का हिस्सा होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने तीन प्रमुख स्तंभों को एकीकृत करने की बात कही: 2. 100 से अधिक विकास परियोजनाओं की समीक्षा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत समिति ने देश भर के 100 से अधिक विकास प्रस्तावों का मूल्यांकन किया। 3. संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए दीर्घकालिक रणनीतियाँ बैठक के दौरान भारत की तीन सबसे महत्वपूर्ण और खतरे में पड़ी प्रजातियों के संरक्षण के लिए विशिष्ट रोडमैप पर चर्चा की गई और वैज्ञानिक प्रकाशन जारी किए गए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य विशिष्ट संस्था / प्रजाति / प्रणाली महत्वपूर्ण तथ्य राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) यह वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) है। भारत के प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं। NBWL की स्थायी समिति (SC-NBWL) इसकी अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री करते हैं। यही समिति व्यावहारिक रूप से वन्यजीव अभ्यारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास विकास परियोजनाओं को मंजूरी देती है। राइनो डीएनए इंडेक्सिंग (RhinoDGIS) यह गैंडों के डीएनए का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने की तकनीक है, जिससे शिकार किए गए सींगों की फोरेंसिक जांच कर अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलती है। पिग्मी हॉग वैज्ञानिक नाम: Porcula salvania। यह दुनिया का सबसे छोटा जंगली सुअर है जो मुख्य रूप से असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान के ऊंचे घास के मैदानों (Terai Grasslands) में पाया जाता है। IUCN स्थिति: Critically Endangered। ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) यह राजस्थान का राज्य पक्षी है और मुख्य रूप से डेजर्ट नेशनल पार्क में पाया जाता है। IUCN स्थिति: Critically Endangered। यह भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे भारी उड़ने वाले पक्षियों में से एक है। प्रजाति सुधार कार्यक्रम (Species Recovery Programme) यह एकीकृत वन्यजीव आवास विकास (IDWH) योजना के तहत एक केंद्रीय घटक है, जिसके तहत अत्यधिक संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाने के लिए विशेष वित्तीय सहायता दी जाती है। भारत PACTS साझेदारी: साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन Why in News? (चर्चा में क्यों?) 9 जुलाई 2026 को भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को आगे बढ़ाते हुए ‘ऑस्ट्रेलिया-भारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन साझेदारी’ (PACTS) की घोषणा की है। यह नया समझौता वर्ष 2020 के पुराने फ्रेमवर्क व्यवस्था का स्थान लेगा और हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में दोनों देशों की तकनीकी प्राथमिकताओं को एक नया रणनीतिक आयाम देगा। PACTS के तहत सहयोग के 5 प्रमुख स्तंभ यह साझेदारी सरकार, निजी क्षेत्र, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए निम्नलिखित पांच स्तंभों पर केंद्रित है: 1. आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन और विविधीकरण 2. क्रिटिकल टेक्नोलॉजी 3. साइबर सुरक्षा 4. डिजिटल लचीलापन 5. रक्षा अनुसंधान सहयोग गवर्नेंस और प्रशासनिक ढांचा इस साझेदारी की प्रभावी निगरानी के लिए एक मजबूत द्विपक्षीय संरचना तैयार की गई है: विभागीय नेतृत्व: स्तंभ भारतीय नेतृत्व ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व 1. सप्लाई चेन लचीलापन राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) साइबर मामलों और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के राजदूत का कार्यालय 2. क्रिटिकल टेक्नोलॉजी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) साइबर मामलों और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के राजदूत का कार्यालय 3. साइबर सुरक्षा साइबर कूटनीति प्रभाग, विदेश मंत्रालय (MEA) साइबर मामलों और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के राजदूत का कार्यालय 4. डिजिटल लचीलापन ओशिनिया प्रभाग, विदेश मंत्रालय (MEA) साइबर मामलों और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के राजदूत का कार्यालय 5. रक्षा अनुसंधान रक्षा मंत्रालय (MoD) रक्षा विभाग (Department of Defence) प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष प्रमुख तथ्य महत्वपूर्ण शब्दावली प्रमुख तथ्य PACTS इसका पूरा नाम Australia-India Partnership on Cyber, Critical Technologies and Supply Chains है, जिसने 2020 के पुराने फ्रेमवर्क का स्थान लिया है। DPI (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर) यह डिजिटल पहचान, भुगतान प्रणाली और डेटा विनिमय के खुले, इंटरऑपरेबल नेटवर्क को संदर्भित करता है। भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में इसके विस्तार के लिए अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अंडरसी केबल्स महासागरों के तल पर बिछाई गई फाइबर-ऑप्टिक केबल जो दुनिया का 95% से अधिक इंटरनेट डेटा ट्रांसफर करती हैं। रणनीतिक रूप से यह बेहद संवेदनशील बुनियादी ढांचा है। क्रिटिकल मिनरल्स ऐसे खनिज (जैसे कोबाल्ट, लिथियम, रेयर अर्थ एलिमेंट्स) जो आधुनिक तकनीक, ग्रीन एनर्जी और रक्षा उपकरणों के लिए अनिवार्य हैं, और जिनकी सप्लाई चेन पर चीन का दबदबा है। तीसरा भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन: रणनीतिक संबंधों को मिली नई ऊंचाई Why in News? (चर्चा में क्यों?) प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज द्वारा आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। यह बैठक दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के सफल 6 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की और सुरक्षा से लेकर संस्कृति तक कई ऐतिहासिक समझौतों पर मुहर लगाई। शिखर सम्मेलन के प्रमुख बिंदु और द्विपक्षीय कूटनीति 1. आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी (CECA की दिशा में कदम) 2. रणनीतिक एवं बहुपक्षीय सहयोग 3. सांस्कृतिक पुरावशेषों की वापसी ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों द्वारा भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े