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29 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

29 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को एनीमिया मुक्त बनाने के लिए जहां एक ओर नई व्यापक ‘7x7x7 रणनीति’ की शुरुआत की गई है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण विकास में पारदर्शिता के लिए देश का पहला AI-सक्षम लेखापरीक्षा पोर्टल लॉन्च किया गया है। इसके अतिरिक्त, वैश्विक मंच पर भारत की ‘ब्लू इकोनॉमी’ और ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI)’ कूटनीति को सेशेल्स और मॉरीशस के साथ रणनीतिक वार्ताओं में नई मजबूती मिली है। समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (SSBSK): बाल स्वास्थ्य और देखभाल का नया एकीकृत ढांचा Why in News? (चर्चा में क्यों?) SSBSK की प्रमुख विशेषताएं और रणनीतियां 1. कार्यक्रम का विज़न और एकीकरण 2. जोखिम-स्तरीकृत दृष्टिकोण 3. जमीनी समन्वय और सामुदायिक शिविर 4. मातृ मानसिक स्वास्थ्य और स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण 5. डिजिटल ट्रैकिंग और शहरी फोकस प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य योजना और तकनीकी मैट्रिक्स अवयव / पोर्टल मुख्य भूमिका और तथ्य (Core Facts) SSBSK का लक्ष्य समूह जन्म से लेकर 36 महीने (3 वर्ष) तक के बच्चे। योजनाओं का विलय HBNC (नवजात देखभाल) + HBYC (छोटे बच्चों की देखभाल) = SSBSK Baal-ABHA ID बच्चों की विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान, जिससे उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड और टीकाकरण को ट्रैक किया जाएगा। डिजिटल लिंकेज U-WIN (टीकाकरण), POSHAN Tracker (पोषण), और JANANI पोर्टल के साथ सीधा जुड़ाव। नवाचार (Innovation) बच्चों के लिए ‘जोखिम-स्तरीकृत देखभाल’ (Risk-stratified care) और माताओं के लिए ‘प्रसवोत्तर मानसिक स्वास्थ्य जांच’ की शुरुआत। दीक्षा और भारत का डिजिटल शिक्षा इकोसिस्टम Why in News? (चर्चा में क्यों?) दीक्षा प्लेटफॉर्म क्या है? यह स्कूली शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर है। इसे 2017 में लॉन्च किया गया था। इसे शिक्षा मंत्रालय के तहत NCERT और CIET (केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान) द्वारा संचालित किया जा रहा है। 1. प्रमुख विशेषताएं और समावेशन 2. प्लेटफॉर्म की संरचना: फेडेरेटेड आर्किटेक्चर यह प्लेटफॉर्म किसी एक केंद्रीकृत नियंत्रण पर काम नहीं करता, बल्कि एक विकेंद्रीकृत (Federated) ढांचे पर आधारित है: 3. भाषा और ऑफलाइन पहुंच की बाधाएं दूर प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य बिंदु मुख्य तथ्य (Quick Pointers) पूरा नाम Digital Infrastructure for Knowledge Sharing (DIKSHA) प्रशासनिक मंत्रालय शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) मुख्य नोडल निकाय NCERT और CIET केंद्रीय योजना यह PM e-Vidya का एक प्रमुख हिस्सा है। भाषा दायरा कुल 135 भाषाओं का समर्थन; 22 अनुसूचित भाषाओं में NCERT किताबें उपलब्ध। तकनीकी अवयव ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म, सनबर्ड रजिस्ट्री, चैटबॉट और क्यूआर-कोडेड टेक्स्टबुक्स। एनीमिया मुक्त भारत अभियान – नए परिचालन दिशानिर्देश (2026) Why in News? (चर्चा में क्यों?) एनीमिया मुक्त भारत अभियान की मुख्य रणनीतियाँ 1. 6x6x6 से 7x7x7 रणनीति में बदलाव पहले से चल रही 6x6x6 रणनीति का विस्तार करते हुए अब इसमें एक नया लाभार्थी समूह, एक नया हस्तक्षेप (Intervention) और एक नया संस्थागत तंत्र जोड़ा गया है: 2. T3 से T4 दृष्टिकोण (Approach) यह अभियान अब पुरानी T3 रणनीति (Test, Treat, Talk) से आगे बढ़कर T4 दृष्टिकोण पर काम करेगा: 3. गंभीर एनीमिया के लिए नैदानिक हस्तक्षेप (Clinical Interventions) 4. मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम (Digital Integration) अलग-अलग लाभार्थी समूहों के लिए हीमोग्लोबिन परीक्षण और उपचार के रिकॉर्ड को एकीकृत करने के लिए विभिन्न पोर्टलों का संयोजन किया जाएगा: 5. राष्ट्रव्यापी जन भागीदारी अभियान प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक (Component) मुख्य तथ्य (Quick Pointers for Prelims) नोडल मंत्रालय केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय। रणनीति का नया नाम 7x7x7 फ्रेमवर्क (7 लाभार्थी, 7 हस्तक्षेप, 7 संस्थागत तंत्र)। नया जोड़ा गया लाभार्थी समूह कम जन्म वजन वाले (Low Birth Weight) शिशु (0–6 महीने)। नया दृष्टिकोण T4 (Test, Treat, Talk and Track)। गंभीर मामलों के लिए दवा फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज़ (FCM) और आयरन सुक्रोज़ (इंट्रावेनस थेरेपी)। एकीकृत डिजिटल पोर्टल जननी (JANANI), RBSK और U-WIN का AMB अभियान पोर्टल में विलय। भारत-सेशल्स संबंध और वैश्विक पर्यावरण नेतृत्व (2026) Why in News? (चर्चा में क्यों?) सम्मान के मुख्य कारण और भारत का नेतृत्व यह पुरस्कार प्रधानमंत्री के ‘हरित नेतृत्व’ (Green Leadership) और वैश्विक मंच पर विकासशील देशों तथा छोटे द्वीपीय देशों के हितों को आगे बढ़ाने के लिए दिया गया है। इसके केंद्र में निम्नलिखित विषय हैं: 1. ब्लू इकोनॉमी और महासागर प्रबंधन 2. भारत की वैश्विक पर्यावरणीय पहलें यह पुरस्कार भारत द्वारा शुरू किए गए वैश्विक पर्यावरण आंदोलनों और संगठनों के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है: सेशल्स के लिए भारत का महत्व प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार एवं पर्यावरण पहल मैट्रिक्स घटक / तथ्य (Component) मुख्य विवरण (Core Facts for Prelims) पुरस्कार का नाम ‘गार्जियन ऑफ द बीच होराइजन’ (Guardian of the Blue Horizon) प्रदाता देश सेशल्स (Seychelles) — हिंद महासागर का एक रणनीतिक द्वीपीय देश। राजनयिक मील का पत्थर वर्ष 2026 में भारत और सेशल्स के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हुए। पूर्व में मिले वैश्विक पर्यावरण पुरस्कार * एफएओ (FAO) द्वारा एग्रिकोला मेडल (Agricola Medal)* संयुक्त राष्ट्र का ‘चैंपियन ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार (UN Champion of the Earth)* सियोल शांति पुरस्कार। पीएम फैमिली केयर ट्रैकर और कल्याणकारी योजनाओं का सुदृढ़ीकरण Why in News? (चर्चा में क्यों?) पीएम फैमिली केयर ट्रैकर के मुख्य बिंदु 1. विज़न और उद्देश्य 2. कार्यप्रणाली और तकनीकी ढांचा 3. सामाजिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में एकीकरण 4. कल्याणकारी शासन में बदलाव (Welfare Governance) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु मुख्य तथ्य (Quick Pointers for Prelims) परियोजना का नाम पीएम फैमिली केयर ट्रैकर (PM Family Care Tracker) प्रायोगिक चरण (Pilot Project) की शुरुआत गांधीनगर, गुजरात से। मूल अवधारणा ‘एकत्रित डेटाबेस’ के माध्यम से प्रत्येक बच्चे को एक यूनीक आईडी देना। डेटा का आधार जन्म और मृत्यु पंजीकरण डेटा का वास्तविक समय (Real-time) एकीकरण। मुख्य तकनीकी लाभ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का सुदृढ़ीकरण और स्वचालित लाभार्थी पहचान। भारत-मॉरीशस संबंध और ‘महासागर’ विज़न Why in News? (चर्चा में क्यों?) द्विपक्षीय बैठक के मुख्य बिंदु 1. विशेष आर्थिक पैकेज की समीक्षा 2. नीतिगत अभिसरण (Policy Convergence) दोनों देशों के बीच की साझेदारी भारत की दो प्रमुख विदेश नीतियों के तहत संचालित हो रही है: 3. ग्लोबल साउथ और क्षेत्रीय स्थिरता प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य बिंदु मुख्य तथ्य (Quick Pointers for Prelims) बैठक का स्थान विक्टोरिया, माहे (सेशेल्स) – सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह के इतर। मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम (Dr. Navinchandra Ramgoolam)। मुख्य विज़न / नीति विज़न महासागर (MAHASAGAR) और नेबरहुड

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चलने के अधिकार’ (Right to Walk) को एक मौलिक अधिकार (Fundamental Right) की मान्यता

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में पैदल यात्रियों के जीवन को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षित फुटपाथों पर चलने की स्वतंत्रता अब मात्र एक सुविधा नहीं, बल्कि एक मौलिक अधिकार है। ‘Right to Walk’ को अनुच्छेद 21 और 19 के अंतर्गत मान्यता दी गई है। यह लेख UPSC के दृष्टिकोण से इस निर्णय के महत्व, मोटर वाहन अधिनियम की कमियों और सुरक्षित शहरी नियोजन पर इसके प्रभावों का संपूर्ण विश्लेषण करता है। चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने मनियार इलियाज़ उर्फ शेख रियाज़ बनाम पी. अय्यप्पन व अन्य (2026) मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ‘चिह्नित और सुरक्षित फुटपाथों पर चलने के अधिकार’ (Right to Walk on Safe and Demarcated Footpaths) को एक मौलिक अधिकार (Fundamental Right) घोषित किया है। यह निर्णय देश में बढ़ते सड़क हादसों और पैदल यात्रियों की असुरक्षा को देखते हुए एक बड़ा प्रशासनिक और विधिक (Legal) मील का पत्थर है। पैदल यात्रियों की मौतों में अप्रत्याशित वृद्धि (The Grim Statistics) न्यायालय ने इस फैसले को देश में पैदल यात्रियों की बढ़ती संवेदनशीलता और जान के खतरे के संदर्भ में रेखांकित किया। हालिया आंकड़ों के अनुसार: सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मुख्य बिंदु (Core Principles of the Judgment) 1. बहुआयामी संवैधानिक आधार (Constitutional Foundations) सुप्रीम कोर्ट ने ‘राइट टू वॉक’ को संविधान के भाग III के कई अनुच्छेदों के एक एकीकृत मिश्रण के रूप में स्थापित किया है: 2. वाहनों के विशेषाधिकार पर पूर्ण प्राथमिकता (Absolute Priority over Vehicles) न्यायालय ने स्पष्ट किया कि हालांकि चलने की स्वतंत्रता पर युक्तियुक्त निर्बंधन (Reasonable Restrictions) लागू हो सकते हैं, लेकिन: 3. कानूनी रूप से लागू करने योग्य कर्तव्य (Enforceable Correlative Duty) 4. मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की तीखी आलोचना सर्वोच्च न्यायालय ने मौजूदा कानून की सीमाओं को उजागर करते हुए कहा कि: न्यायालय का सुओ मोटो हस्तक्षेप और निर्देश न्यायालय ने इस फैसले के व्यावहारिक क्रियान्वयन के लिए अपनी रजिस्ट्री को सीधे निर्देश दिए हैं कि निर्णय की प्रति निम्नलिखित को भेजी जाए: पूर्व के महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय (Past Supreme Court Verdicts) मामला (Case Law) न्यायिक सिद्धांत और निर्णय ओल्गा टेलिस बनाम बॉम्बे नगर निगम (1985) कोर्ट ने माना था कि फुटपाथ प्राथमिक रूप से पैदल यात्रियों के चलने के लिए हैं और बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के वहां रहने वालों को अचानक बेदखल नहीं किया जा सकता क्योंकि आजीविका का अधिकार (अनुच्छेद 21) महत्वपूर्ण है। सोदान सिंह बनाम नई दिल्ली नगर पालिका समिति (1989) कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फुटपाथों पर व्यापार करने का अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(g)) पूर्ण नहीं है। पैदल यात्रियों के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन का अधिकार सर्वोपरि है। ‘न्यायिक विस्तार’ (Judicial Expansion) और न्यायिक सक्रियता न्यायिक विस्तार का औचित्य: यह क्यों आवश्यक है? (Arguments in Favour) न्यायपालिका द्वारा मौलिक अधिकारों के दायरे को बढ़ाने के पीछे ठोस सामाजिक और विधिक तर्क रहे हैं: 2न्यायिक विस्तार की चुनौतियाँ और आलोचना (Counter-Arguments / Criticisms) अधिकारों के इस निरंतर विस्तार को लेकर विधि विशेषज्ञों और आलोचकों द्वारा कई गंभीर चिंताएं भी जताई जाती हैं: पूर्व के कुछ प्रमुख विस्तारवादी निर्णय (Milestone Judgments) न्यायपालिका ने दशकों से इन अनुच्छेदों का दायरा बढ़ाया है: मामला (Case) विस्तारित अधिकार (Expanded Right) संबद्ध अनुच्छेद मेनका गांधी वाद (1978) विदेश यात्रा का अधिकार और “विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया” को “न्यायोचित और निष्पक्ष” होना चाहिए। अनुच्छेद 21 के.एस. पुट्टास्वामी वाद (2017) निजता का अधिकार (Right to Privacy) को मौलिक अधिकार माना गया। अनुच्छेद 21 अनुराधा भसीन वाद (2020) इंटरनेट तक पहुंच और इंटरनेट के माध्यम से व्यापार/अभिव्यक्ति को मौलिक अधिकार का हिस्सा माना गया। अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(g) मनियार इलियाज़ वाद (2026) चिह्नित और सुरक्षित फुटपाथ पर चलने का अधिकार। अनुच्छेद 19(1)(d) और 21 आगे की राह (Way Forward) न्यायिक विस्तारवाद अपने आप में त्रुटिपूर्ण नहीं है, बशर्ते वह एक सीमा के भीतर हो। निष्कर्ष: न्यायपालिका द्वारा किया गया यह विस्तार भारतीय नागरिकों को बदलते समय के खतरों से सुरक्षा कवच प्रदान करता है। हालांकि, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कार्यपालिका इन अधिकारों को कितनी संजीदगी से नीतिगत स्तर पर लागू करती है। PIB SUMMARY पढ़ें

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28 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

28 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अन्तर्गत इस व्यापक विश्लेषण में हम मध्यकालीन इतिहास और सतत शहरी नियोजन के प्रतीक नादप्रभु श्री केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती, तकनीकी मोर्चे पर डिजिटल इंडिया के ऐतिहासिक 11 वर्ष (इंडियाएआई और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0), तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने वाले स्वदेशी पोत आईसीजीएस अक्षय, मध्य प्रदेश के आर्थिक गौरव जीआई-टैग प्राप्त रीवा के सुंदरजा आम का पहला कमर्शियल एक्सपोर्ट, स्वास्थ्य क्षेत्र की डिजिटल क्रांति आरोग्य सेतु 2.0 तथा भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 पर सरकार के नए रोडमैप का संपूर्ण विश्लेषण करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई (MSME) दिवस 2026: ‘विकसित भारत @2047’ और डिजिटल पहलों का शुभारंभ चर्चा में क्यों? (Why in News?) भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने 27 जून 2026 को डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026’ (International MSME Day 2026) समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने देश के आर्थिक विकास में एमएसएमई के योगदान की सराहना करते हुए इस क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए कई बड़ी डिजिटल पहलों (Major Digital Initiatives) का शुभारंभ किया। मुख्य बिंदु: एमएसएमई का विकास और भविष्य का रोडमैप 1. ‘विकसित भारत @2047’ का मुख्य इंजन 2. दीर्घकालिक सफलता के तीन स्तंभ (Three Pillars of Success) एमएसएमई के वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए तीन तत्वों को अनिवार्य बताया गया है: 3. एआई (AI) और आधुनिक तकनीक: खतरे नहीं, अवसर प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) एमएसएमई और वैश्विक मंच (Fact Matrix) आरोग्य सेतु 2.0 और डिजिटल स्वास्थ्य पहलें: भारत के ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ का नया विस्तार चर्चा में क्यों? (Why in News?) केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा 29 जून 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आरोग्य सेतु 2.0 (Aarogya Setu 2.0) और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई अन्य डिजिटल पहलों को आधिकारिक तौर पर लॉन्च करेंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर EHR स्टैंडर्ड्स (NRCeS) के तत्वावधान में विकसित ये पहलें देश के डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम को अत्यधिक सुदृढ़, इंटरऑपरेबल (Interoperable – विभिन्न प्रणालियों के बीच डेटा साझा करने की क्षमता) और नागरिक-केंद्रित बनाएंगी। मुख्य बिंदु: डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम और नई पहलें 1. आरोग्य सेतु 2.0: पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड (PHR) एप्लीकेशन कोविड-19 महामारी के दौरान बने भरोसे का लाभ उठाते हुए इस ऐप को अब नागरिकों के लिए एक व्यापक व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड प्लेटफॉर्म के रूप में अपग्रेड किया गया है, जो निम्नलिखित सुविधाएं देगा: 2. आयुष्मान ऐप (Ayushman App) एवं आयुष्मान सारथी (Ayushman Sarathi) 3. प्रदाता और बीमा-केंद्रित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर 4. डिजिटल स्वास्थ्य की साझा भाषा (Standardization Tools) डेटा की सटीकता और नैदानिक निर्णयों को बेहतर बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण मानक जारी किए गए हैं: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) विनियामक और विधिक अवयव (Regulatory Matrix) पहल / निकाय प्रमुख विनियामक और तकनीकी भूमिका (Core Function) राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) और PM-JAY के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी। NRCeS नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर EHR स्टैंडर्ड्स – भारत में स्वास्थ्य डेटा मानकीकरण (जैसे CLCI और BHTS) विकसित करने वाली संस्था। ABHA आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (Ayushman Bharat Health Account) – नागरिकों की विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान। NHCX नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज – अस्पताल और बीमा कंपनियों के बीच दावों के निपटान का डिजिटल हाईवे। CLCI कॉमन लोइंक कोड्स फॉर इंडिया – भारत के लिए प्रयोगशाला और नैदानिक जांच रिपोर्टों का मानक। रीवा के ‘सुंदरजा आम’ का पहला कमर्शियल एक्सपोर्ट: जीआई टैग और कृषि निर्यात को नई उड़ान चर्चा में क्यों? (Why in News?) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत कार्यरत अपेक्स बॉडी ‘एपीडा’ (APEDA) ने मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक भौगोलिक उपदर्शन (GI)-टैग प्राप्त ‘रीवा के सुंदरजा आम’ के पहले व्यावसायिक निर्यात (First Commercial Export) को सफलतापूर्वक सुगम बनाया है। 26 जून 2026 को हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई एक मीट्रिक टन की यह पहली अंतरराष्ट्रीय खेप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भेजी गई है, जो भारतीय स्वदेशी कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। मुख्य बिंदु: वैश्विक बाजार में सुंदरजा आम और आर्थिक निहितार्थ 1. वैश्विक पहचान और विशिष्ट विशेषताएं (Unique Traits) 2. निर्यात अवसंरचना और संस्थागत समन्वय इस ऐतिहासिक शिपमेंट को धरातल पर उतारने के लिए एपीडा ने एक जटिल और बहुस्तरीय वैल्यू चेन का समन्वय किया: 3. किसानों को सीधा आर्थिक लाभ (Premium Pricing) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) विनियामक और भौगोलिक अवयव (Fact Matrix) डिजिटल इंडिया के 11 वर्ष: एआई, सेमीकंडक्टर और फ्रंटियर टेक्नोलॉजी से ‘विकसित भारत’ की ओर चर्चा में क्यों? (Why in News?) 1 जुलाई 2015 को लॉन्च हुए ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ (Digital India Mission) के सफलतापर्वक 11 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस ऐतिहासिक मील के पत्थर पर जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत अब डिजिटल समावेशन (Digital Inclusion) के बुनियादी चरण से आगे बढ़कर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर निर्माण, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और मजबूत डेटा गवर्नेंस के नए युग में प्रवेश कर चुका है। मुख्य बिंदु: डिजिटल इंडिया का नया चरण और कोर पिलर्स 1. इंडियाएआई (IndiaAI) मिशन: स्वदेशी एआई इकोसिस्टम 2. भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM): नीति से उत्पादन तक 3. इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और यूपीआई (UPI) की वैश्विक धाक 4. डिजिटल अवसंरचना का विस्तार 5. डिजिटल गवर्नेंस और डेटा सुरक्षा का विनियामक ढांचा 6. नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) डिजिटल इंडिया प्रगति मैट्रिक्स (Fact Matrix) नादप्रभु श्री केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती: ऐतिहासिक विरासत और सतत शहरी नियोजन चर्चा में क्यों? (Why in News?) 27 जून 2026 को बेंगलुरु के संस्थापक नादप्रभु श्री केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती (517th Birth Anniversary) मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति ने उन्हें एक दूरदर्शी प्रशासक, कुशल नगर निर्माता, पर्यावरणविद् और समाज सुधारक के रूप में याद किया, जिनके ऐतिहासिक आदर्श आज के ‘विकसित भारत’ के संकल्प और आधुनिक सतत शहरी विकास के लिए बेहद प्रासंगिक हैं। मुख्य बिंदु: केम्पेगौड़ा का ऐतिहासिक व प्रशासनिक योगदान 1. बेंगलुरु की स्थापना और ‘मिनी भारत’ की परिकल्पना 2. सतत शहरी नियोजन (Sustainable Urban Planning) 3. सामाजिक सुधार और सांस्कृतिक सद्भाव 4. राष्ट्र निर्माण और उपराष्ट्रपति का संदेश प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) तथ्य/पहलू विवरण

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27 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

27 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत हम परिवहन क्षेत्र में सहकारिता की नई क्रांति ‘भारत टैक्सी’, फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज में भारत की छलांग और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, ग्रामीण महिला उद्यमिता को वैश्विक मंच देने वाली सरस आजीविका पहल, सामाजिक न्याय के प्रणेता राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती और पर्यावरण संरक्षण के मोर्चे पर राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) द्वारा संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए जारी किए गए नए SOP का संपूर्ण विश्लेषण करेंगे। एससीओ महिला मंच 2026: ‘महिला-नीत विकास’ और भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता चर्चा में क्यों? (Why in News?) किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक (Bishkek) में आयोजित ‘एससीओ महिला मंच (SCO Women’s Forum) 2026’ में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। एक विशेष वीडियो संदेश के माध्यम से इस मंच को संबोधित करते हुए भारत ने शंघाई सहयोग संगठन के बुनियादी सिद्धांतों जैसे आपसी सम्मान, समानता और आम सहमति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया तथा आर्थिक विकास में महिलाओं की भूमिका पर विशेष बल दिया। मुख्य बिंदु: आर्थिक विकास में महिलाओं की भूमिका और भारतीय मॉडल (Key Notes) 1. ‘महिला-नीत विकास’ (Women-Led Development) का दृष्टिकोण 2. स्वयं सहायता समूह (SHGs) और ‘लखपति दीदी’ की सफलता 3. प्रमुख नीतिगत स्तंभ: मिशन शक्ति और मिशन पोषण 2.0 4. क्षेत्रीय सहयोग के लिए भारत की तत्परता 10वीं शीर्ष स्तरीय NCORD बैठक: ‘विज़न डॉक्यूमेंट ऑन ड्रग कंट्रोल (2026-2029)’ और नशामुक्त भारत का रोडमैप चर्चा में क्यों? (Why in News?) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में नार्को-समन्वय केंद्र (NCORD) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में नशीली दवाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए ‘विज़न डॉक्यूमेंट ऑन ड्रग कंट्रोल (2026-2029)’ और ‘एनसीबी वार्षिक रिपोर्ट-2025’ जारी की गई। साथ ही, ड्रग्स निपटान पाक्षिक अभियान’ (Online Drugs Disposal Fortnight Campaign) की शुरुआत की गई, जिसके तहत ₹6,000 करोड़ मूल्य के 2,09,500 किलोग्राम नशीले पदार्थों को नष्ट करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य बिंदु: भारत की नई नार्को-कंट्रोल रणनीति 1. उभरता हुआ नार्को-आतंकवाद इकोसिस्टम (Evolving Narco-Terrorism Ecosystem) 2. त्रि-स्तरीय रणनीति: ‘Detect, Disrupt, and Destroy’ 3. रोडमैप के 4 मुख्य स्तंभ (Four Pillars) यह रणनीति सरकार और समाज के सामूहिक प्रयास (Whole of Government & Whole of Society Approach) पर आधारित है: 4. प्रशासनिक और संस्थागत सुधार (Institutional Reforms) 10 वर्षों में मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की प्रगति (Comparative Data) मापदंड / अवधि 2004 – 2014 2014 – 2026 जब्त दवाओं का मूल्य ₹40,000 करोड़ (26 लाख किग्रा) ₹1,84,000 करोड़ (1.18 करोड़ किग्रा) नष्ट की गई दवाएं ₹8,000 करोड़ (3.26 लाख किग्रा) ₹89,896 करोड़ (42.47 लाख किग्रा) दर्ज किए गए मामले 1,73,000 मामले 8,75,000 मामले की गई गिरफ्तारियां 1,95,000 गिरफ्तारियां 10,97,000 गिरफ्तारियां अवैध अफीम खेती नष्ट की 10,000 एकड़ (2020 में) 42,282 एकड़ (2025 में) छत्रपति शाहू जी महाराज: सामाजिक न्याय और आधुनिक सुधारों के प्रणेता चर्चा में क्यों? (Why in News?) 26 जून 2026 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने महान सामाजिक सुधारक और कोल्हापुर रियासत के दूरदर्शी राजा, राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए उनके द्वारा किए गए जीवनपर्यंत संघर्ष और आदर्शों को याद करते हुए उन्हें देश का मार्गदर्शक बताया। मुख्य बिंदु: शाहू जी महाराज का योगदान और ऐतिहासिक महत्व (Key Historical Notes) शाहू जी महाराज (1874-1922) कोल्हापुर के छत्रपति भोंसले राजवंश के एक ऐसे राजा थे, जिन्होंने अपने राजपाट का उपयोग केवल सत्ता चलाने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति के लिए किया: 1. सामाजिक न्याय और आरक्षण के जनक 2. शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार 3. डॉ. बी.आर. आंबेडकर के संरक्षक और सहयोगी 4. उपाधि ‘राजर्षि’ (Rajarshi) का इतिहास ऐतिहासिक घटक (Component) परीक्षा उपयोगी त्वरित तथ्य (Exam Facts) नाम और जीवनकाल राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज (26 जून 1874 – 6 मई 1922)। संबद्ध रियासत कोल्हापुर रियासत (मराठा भोंसले राजवंश)। ऐतिहासिक कदम (1902) प्रशासन और नौकरियों में पिछड़े वर्गों के लिए 50% आरक्षण की घोषणा करने वाले पहले भारतीय शासक। ‘राजर्षि’ उपाधि वर्ष 1919 में कानपुर की कुर्मी क्षत्रिय सभा द्वारा प्रदान की गई। डॉ. आंबेडकर से जुड़ाव डॉ. आंबेडकर की शिक्षा और उनके समाचार पत्र ‘मूकनायक’ (1920) को वित्तीय सहायता दी। प्रमुख सुधार अंतर्जातीय और विधवा विवाह को कानूनी मान्यता दी, बंधुआ मजदूरी और अस्पृश्यता को प्रतिबंधित किया। फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज: भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और आर्थिक संवृद्धि का नया रोडमैप चर्चा में क्यों? (Why in News?) केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक प्रमुख मीडिया कॉन्क्लेव में घोषणा की कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), परमाणु (Nuclear), अंतरिक्ष (Space) और क्वांटम (Quantum) प्रौद्योगिकियां ही भारत के भविष्य की आर्थिक संवृद्धि और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को तय करेंगी। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि वर्ष 2023 में लॉन्च हुए भारत के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission) ने अपने शुरुआती तीन वर्षों के भीतर ही अपने निर्धारित लक्ष्यों में से आधे से अधिक परिणाम समय से पहले हासिल कर लिए हैं। मुख्य बिंदु: फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज और भारत का बढ़ता प्रभाव 1. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) की ऐतिहासिक प्रगति 2. नीतिगत सुधार और ट्रिपल-इंजन ग्रोथ (Space, Nuclear & AI) 3. अनुसंधान मॉडल में संरचनात्मक बदलाव (Structural Shift in R&D) 4. एनईपी 2020: नए इनोवेटर्स की नींव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / मिशन (Component) परीक्षा उपयोगी त्वरित तथ्य (Exam Facts) राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) वर्ष 2023 में लॉन्च किया गया था। (वर्तमान में इसे संचालित होते हुए 3 वर्ष हो चुके हैं)। मुख्य फोकस क्षेत्र क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम सेंसिंग और मौसम विज्ञान। प्राथमिक सफलता (2026) डिफेंस और रणनीतिक महत्व के लिए क्वांटम-सुरक्षित संचार लक्ष्यों की समय से पहले प्राप्ति। नवाचार का नया ढांचा सरकार-केंद्रित मॉडल से बदलकर “अकादमिक + उद्योग + स्टार्टअप” का पीपीपी मॉडल। लक्षित वर्ष वर्ष 2047 तक भारत को नवाचार-संचालित विकसित अर्थव्यवस्था बनाना। ‘भारत टैक्सी’: सहकारिता आधारित मोबिलिटी मॉडल और आर्थिक सशक्तिकरण चर्चा में क्यों? (Why in News?) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 27 जून 2026 को महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर, गांधीनगर (गुजरात) से देश की पहली सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा “भारत टैक्सी” (Bharat Taxi) को आधिकारिक तौर

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26 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

26 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के इस व्यापक सारांश में हम उत्तर बंगाल की समृद्ध भवाईया लोक संगीत परंपरा और कोच राजबंशी समुदाय के इतिहास पर चर्चा करेंगे, जो आपके मुख्य परीक्षा के कला एवं संस्कृति खंड के लिए बेहद प्रासंगिक है। इसके साथ ही, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) योजना का बजट विस्तार, भारतीय वायुसेना को स्वदेशी ‘नेत्र’ (Netra) AEW&C प्रणाली की अंतिम परिचालन मंजूरी (FOC), सामाजिक न्याय मंत्रालय का वृद्धजनों के लिए विशेष ‘शतायु’ (SHATAYU) डैशबोर्ड, वेनेजुएला में आया भीषण भूकंप और आपदा के समय अरुणाचल प्रदेश में चालू की गई इंट्रा-सर्किल रोमिंग (ICR) तकनीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का गहन विश्लेषण शामिल है। सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट योजना (REPM Scheme) चर्चा में क्यों? (Why in News?) भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries – MHI) ने REPM योजना के तहत जारी वैश्विक निविदा (Global Tender) की समय-सीमा को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब बोली जमा करने की अंतिम तिथि 29 जून 2026 से बढ़ाकर 29 जुलाई 2026 कर दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक वैश्विक कंपनियों को इस बोली प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर देना है। इस खबर का मुख्य बैकग्राउंड (Background) REPM योजना क्या है और यह क्यों जरूरी है? (The Core Scheme) यह भारत में अपनी तरह की पहली अनूठी पहल है। इसका सीधा लक्ष्य भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) क्या होते हैं? (Actionable Tech Knowledge) यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली चुंबकों में से होते हैं। इनका उपयोग निम्नलिखित आधुनिक और रणनीतिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर किया जाता है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) घटक / टर्म परीक्षा उपयोगी त्वरित तथ्य (Exam Facts) संबंधित मंत्रालय भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries – MHI) कुल बजट (Outlay) ₹7,280 करोड़ उत्पादन क्षमता का लक्ष्य 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) प्रमुख कच्चा माल NdPr ऑक्साइड (Neodymium-Praseodymium Oxide) मुख्य अनुप्रयोग (Uses) इलेक्ट्रिक वाहन (EV), विंड टर्बाइन, डिफेंस सिस्टम, एयरोस्पेस पोर्टल का नाम सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट (CPP) पोर्टल (जहाँ संशोधन जारी हुआ है परमाणु ऊर्जा से हाइड्रोजन उत्पादन: भारत ने रचा इतिहास, कल्पक्कम में दुनिया के पहले कॉपर-क्लोरीन थर्मोकेमिकल प्लांट का उद्घाटन चर्चा में क्यों? (Why in News?) परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) ने 26 जून 2026 को इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR), कल्पक्कम में फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (FBTR) से उत्पन्न परमाणु प्रक्रिया ऊष्मा (Nuclear Process Heat) का उपयोग करने वाले दुनिया के पहले कॉपर-क्लोरीन (Cu–Cl) थर्मोकेमिकल चक्र आधारित हाइड्रोजन उत्पादन सुविधा का उद्घाटन किया है। परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती द्वारा आईजीसीएआर के निदेशक श्री श्रीकुमार जी. पिल्लई की उपस्थिति में लॉन्च किया गया यह तकनीकी प्रदर्शक (Technology Demonstrator) भारत को कार्बन-मुक्त स्वच्छ हाइड्रोजन उत्पादन के वैश्विक मंच पर सबसे आगे खड़ा करता है। परमाणु-सहायता प्राप्त हाइड्रोजन और भारत की वैज्ञानिक सफलता 1. कॉपर-क्लोरीन (Cu–Cl) थर्मोकेमिकल चक्र: क्यों है यह खास? विश्व भर में स्वच्छ ऊर्जा के रूप में हाइड्रोजन उत्पादन की विभिन्न तकनीकों पर शोध चल रहा है, लेकिन भारत द्वारा अपनाई गई यह प्रणाली तकनीकी रूप से सबसे उन्नत मानी जा रही है: 2. स्वदेशी अनुसंधान और संस्थागत अभिसरण (Institutional Synergy) यह ऐतिहासिक उपलब्धि देश के दो सबसे बड़े परमाणु अनुसंधान संस्थानों के चार दशकों के तकनीकी कौशल और संयुक्त प्रयासों का परिणाम है: 3. भारत के तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम को गति प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य परमाणु और हाइड्रोजन अवयव मैट्रिक्स भवाईया लोक परंपरा (Bhawaiya Folk Tradition) चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के उपराष्ट्रपति भवन में एक नई पुस्तक का विमोचन किया है। इस पुस्तक का नाम “संस्कृतिर रत्न भंडार: भवाईयार इतिब्रित्तो” (Sanskritir Ratna Bhandar: Bhaowaiyar Itibritto) है। यह पुस्तक भवाईया लोक परंपरा के इतिहास और उसकी यात्रा को रेखांकित करती है। मुख्य बिंदु: पुस्तक और उसके लेखक भवाईया संगीत क्या है? (What is Bhawaiya?) उपराष्ट्रपति के संबोधन के मुख्य विचार (Mains Perspective) “सांस्कृतिक आत्मविश्वास के बिना विकास अधूरा है।” — श्री सी. पी. राधाकृष्णन (उपराष्ट्रपति) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) घटक / टर्म विवरण / परीक्षा उपयोगी तथ्य भवाईया (Bhawaiya) उत्तरी बंगाल और असम का पारंपरिक लोक संगीत। कोच राजबंशी (Koch Rajbanshi) उत्तरी बंगाल और असम के क्षेत्रों से संबंधित समुदाय, जिसकी संस्कृति भवाईया संगीत से जुड़ी है। नाट्यशास्त्र (Natya Shastra) भरत मुनि द्वारा रचित ग्रंथ, जिसे कला और संगीत का प्राचीनतम प्रामाणिक स्रोत माना जाता है। सामवेद (Sama Veda) वह वेद जो मुख्य रूप से संगीत, मंत्रों और धुन से संबंधित है। महाकवि सुब्रमण्यम भारती तमिल भाषा के महान कवि और स्वतंत्रता सेनानी, जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक एकता पर बल दिया। मिशन LiFE (Lifestyle for Environment) भारत द्वारा शुरू की गई वैश्विक पर्यावरण पहल, जिसका उल्लेख उपराष्ट्रपति ने योग के साथ किया। वेनेजुएला में भूकंप और आपदा कूटनीति (Earthquake in Venezuela) चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप के कारण जान-माल की भारी तबाही हुई है। इस दुखद घटना पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने भारत के नागरिकों की ओर से वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की है। मुख्य बिंदु: भारत का रुख और वैश्विक एकजुटता Geographical & Strategic Perspective प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) घटक / टर्म परीक्षा उपयोगी त्वरित तथ्य (Exam Facts) वेनेजुएला (Venezuela) दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप का एक देश, जिसकी राजधानी काराकास (Caracas) है। भूकंप का कारण कैरेबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेट्स की आपसी हलचल। वैश्विक स्थिति यह देश ओपेक (OPEC) का संस्थापक सदस्य है और यहाँ दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है। भारत की नीति आपदा के समय त्वरित सहायता प्रदान करना (HADR – Humanitarian Assistance and Disaster Relief)। स्वदेशी ‘नेत्र’ AEW&C प्रणाली (Indigenous ‘Netra’ AEW&C System) चर्चा में क्यों? (Why in News?) 25 जून 2026 को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने भारतीय वायुसेना (IAF) को स्वदेशी ‘नेत्र’ (Netra) एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम का फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस (FOC) प्रमाण पत्र सौंप दिया

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25 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

आज का 25 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi यूपीएससी (UPSC) परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों को समेटे हुए है। इसमें सतत विकास के लिए क्लीन कोल टेक्नोलॉजी और अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (URMP), प्रशासन में सुधार हेतु ‘VIP कल्चर इन इंडिया’ पुस्तक विमोचन, आर्थिक संकेतकों में सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP), तथा युवाओं और कृषि को वैश्विक मंच देने वाले यूथ को:लैब चैलेंज व ‘भारती’ (BHARATI) कार्यक्रम शामिल हैं। VIP कल्चर इन इंडिया (पुस्तक विमोचन और नागरिक-केंद्रित शासन) चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में “VIP Culture in India: Power, Privilege and the Distance from Democracy” नामक पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक भारतीय लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन में ‘वीआईपी संस्कृति’ के प्रभावों की पड़ताल करती है। मुख्य बिंदु पुस्तक के बारे में और उसके संदर्भ लोकतंत्र बनाम वीआईपी संस्कृति (Vice-President’s Observations) नागरिक-प्रथम शासन (Citizen-First Governance) के उदाहरण उपराष्ट्रपति ने वर्तमान सरकार द्वारा वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने के लिए उठाए गए कदमों और उदाहरणों का उल्लेख किया: क्लीन कोल टेक्नोलॉजी और कोल गैसीफिकेशन (BRICS Side Event) चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में कोयला मंत्रालय (Ministry of Coal) ने ‘क्लीन कोल टेक्नोलॉजी’ (Clean Coal Technologies) पर एक BRICS साइड इवेंट का आयोजन किया, जिसका मुख्य फोकस कोल गैसीफिकेशन (Coal Gasification – कोयला गैसीकरण) पर था। इस कार्यक्रम में भारत सहित रूस, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया। मुख्य बिंदु व तकनीकी तथ्य कोल गैसीकरण क्या है और इसका महत्व? भारत सरकार का लक्ष्य और नीतिगत प्रयास चुनौतियाँ (Challenges in India) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (URMPs) और गंगा बेसिन शहर चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) के सहयोग से नदी-केंद्रित शहरी नियोजन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसके तहत पहले चरण में 13 शहरों के लिए अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (URMPs – शहरी नदी प्रबंधन योजना) पूरे कर लिए गए हैं। अब इसका विस्तार गंगा बेसिन के 63 शहरों (प्रथम चरण में 27 और द्वितीय चरण में 33 नए शहर) तक किया जा रहा है। मुख्य बिंदु पृष्ठभूमि और दृष्टिकोण URMP फ्रेमवर्क के तीन मुख्य स्तंभ और 10-सूत्रीय एजेंडा यह योजना तीन मुख्य स्तंभों—पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक पर टिकी है। इसके 10-सूत्रीय एजेंडे में निम्नलिखित शामिल हैं: राज्यों के अनुसार प्रमुख रणनीतियाँ और केस स्टडीज यह योजना उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार लागू की जा रही है: राज्य शामिल शहर (प्रमुख) मुख्य फोकस क्षेत्र व नवीन पहलें उत्तराखंड हल्द्वानी-काठगोदाम, रामनगर, ऋषिकेश • रामनगर: कोसी नदी को कॉर्बेट इको-टूरिज्म कॉरिडोर से जोड़ना (एवियन पार्क और वॉच टॉवर)।• ऋषिकेश: हिमालयी शहरों में पर्यावरण, सीवरेज अपग्रेड और अध्यात्म का सह-अस्तित्व। उत्तर प्रदेश गोरखपुर, शाहजाहनपुर, बिजनौर, प्रयागराज • गोरखपुर: बाढ़ से निपटने के लिए ‘ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर’ (स्पंज पार्क, बायोस्वैल्स)।• शाहजाहनपुर: “मेरी नदी, मेरा शहर” जन अभियान।• प्रयागराज: नदियों को “लिविंग हेरिटेज कॉरिडोर” के रूप में विकसित करना। बिहार बक्सर, छपरा, गया • छपरा: बाढ़ और नदी के बदलते मार्ग (Morphology) के लिए फ्लडप्लेन ज़ोनिंग।• गया: फाल्गु नदी के हाइड्रो-इकोलॉजी को बहाल करने के लिए भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge)। कानपुर पायलट प्रोजेक्ट और जमीनी क्रियान्वयन योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखकर जमीन पर उतारने के लिए प्रदर्शन परियोजनाएं (Demonstration Projects) शुरू की गई हैं: प्रोत्साहन प्रणाली (Incentive Mechanism) यूथ को:लैब नेशनल इनोवेशन चैलेंज 2026 (सतत युवा स्टार्टअप) चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में टी-हब (T-Hub), हैदराबाद में आयोजित एक समारोह में भारत के 6 युवा नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को ‘यूथ को:लैब’ नेशनल इनोवेशन चैलेंज 2026 (Youth Co:Lab National Innovation Challenge 2026) के आठवें संस्करण के विजेताओं के रूप में सम्मानित किया गया है। मुख्य बिंदु यूथ को:लैब (Youth Co:Lab) क्या है? इनोवेशन चैलेंज 2026 के प्रमुख विषय (Thematic Areas) इस वर्ष देश के 28 राज्यों से आए 350 से अधिक आवेदकों में से स्टार्टअप्स को मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण पर्यावरण-अनुकूल क्षेत्रों में उनके काम के लिए चुना गया: विजेता कड़े मूल्यांकन के बाद शीर्ष 6 स्टार्टअप्स को वित्तीय अनुदान (Seed Grant) और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान की गई। भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में असमानताएँ (Distribution Challenges) नीति आयोग (AIM) के अनुसार, वर्तमान में भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में ‘वितरण की समस्या’ (Distribution Problem) है, जिसे यूथ को:लैब जैसे कार्यक्रम ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं: प्रमुख संगठन 1. यूथ को:लैब (Youth Co:Lab) 2. अटल इनोवेशन मिशन (AIM) 3. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) 4. सिटी फाउंडेशन (Citi Foundation) 5. टी-हब (T-Hub) सेवा उत्पादन सूचकांक (Index of Services Production – ISP) चर्चा में क्यों? (Why in News?) सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) जुलाई 2026 में एक नया व्यापक आर्थिक संकेतक— सेवा उत्पादन सूचकांक (Index of Services Production – ISP) लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। यह सूचकांक सेवा क्षेत्र (Services Sector) में अल्पकालिक विकास और बदलावों को मापने का काम करेगा। मुख्य बिंदु व आर्थिक तथ्य ISP क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों है? संस्थागत ढांचा और क्रियान्वयन टाइमलाइन कवरेज और डेटा स्रोत (सकारात्मक व नकारात्मक सूची) ISP मुख्य रूप से तीन प्रमुख डेटा स्रोतों— प्रशासनिक डेटा, GST डेटा और ASISSE पर निर्भर करेगा। कार्यप्रणाली: संकेतक और डिफ्लेटर (Deflator) चूंकि सेवाएं अमूर्त (Intangible) होती हैं, इसलिए उनके उत्पादन को मापना जटिल होता है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims Facts) भारती (BHARATI) कार्यक्रम और कृषि-खाद्य निर्यात चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत संचालित कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने अपने प्रमुख निर्यात त्वरण कार्यक्रम ‘भारती’ (BHARATI) के पहले बैच (First Cohort) का सफलतापूर्वक समापन किया है। मुख्य बिंदु भारती (BHARATI) कार्यक्रम क्या है? पहले बैच (Inaugural Cohort) की विशेषताएं कार्यक्रम के तहत दर्ज की गई प्रमुख निर्यात सफलताएं (Case Studies) कार्यक्रम शुरू होने के मात्र 3 महीनों के भीतर भारतीय स्टार्टअप्स और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs/FPCs) ने वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं: प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Prelims & Mains Facts) 24 June 2026 PIB

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24 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf 

24 June 2026 PIB Summary for UPSC प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विकास को समाहित करता है। आज के प्रमुख घटनाक्रमों में भारत के ‘क्रिटिकल मिनरल मिशन’ के तहत रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी, वस्त्र मंत्रालय द्वारा कपड़ा निर्यात को 2030 तक $100 बिलियन पहुंचाने का रोडमैप, और IEPFA द्वारा लावारिस वित्तीय संपत्तियों को अनलॉक करने की नई पहल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, INCOIS द्वारा जारी भारत का पहला विशेष ‘एल नीनो बुलेटिन’ हमारी ब्लू इकोनॉमी और तटीय सुरक्षा के लिए नए नीतिगत आयाम प्रस्तुत करता है। INCOIS द्वारा पहला एल नीनो बुलेटिन जारी: भारतीय समुद्री क्षेत्र पर प्रभाव चर्चा में क्यों? (Why in News?) 22 जून 2026 को संसद सदस्य श्री कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी द्वारा INCOIS का पहला विशेष एल नीनो बुलेटिन जारी किया गया। इस एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य चालू एल नीनो (El Niño) इवेंट के कारण भारत के समुद्री क्षेत्रों और तटीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों के प्रति सचेत करना है। मुख्य चेतावनी: वर्तमान एल नीनो नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच अपने चरम (Peak) पर होगा, जिसके प्रभावस्वरूप हिंद महासागर में समुद्र की सतह का तापमान (SST) अप्रैल/मई 2027 तक सामान्य से अधिक बना रहेगा। समुद्री क्षेत्रों पर एल नीनो का प्रभाव (Impacts of El Niño) बुलेटिन के अनुसार, उत्तर हिंद महासागर (अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों) का समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र आगामी महीनों में, विशेष रूप से मार्च-मई 2027 के दौरान, भारी थर्मल स्ट्रेस (तापीय तनाव) से गुजरेगा। 24 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf  क) मरीन इकोसिस्टम और मत्स्य पालन पर प्रभाव ख) तटीय और समुद्री स्थिति (Sea State Indicator) समुद्री परिस्थितियों को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका को देखें: क्षेत्र / तट संभावित समुद्री स्थिति (Sea State) आर्थिक और सुरक्षा प्रभाव बंगाल की खाड़ी / पूर्वी तट अत्यधिक अशांत (Rough) मानसून तटीय क्षरण (Coastal Erosion) और बाढ़/जलभराव का खतरा अधिक। अरब सागर / पश्चिमी तट सामान्य से अधिक शांत (Calmer) समुद्री ऑपरेटरों के लिए बेहतर वर्किंग विंडो; तटीय क्षरण का कम खतर INCOIS के बारे में (About INCOIS) VOC पोर्ट बना हरित समुद्री विकास का मॉडल: कार्बन उत्सर्जन में 45% की कमी चर्चा में क्यों? (Why in News?) 23 जून 2026 को केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी (VOCPA – तूतीकोरिन, तमिलनाडु) में हरित ऊर्जा, डिजिटल नवाचार और सामाजिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई दूरगामी परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर पोर्ट की पहली ‘सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट’ जारी की गई, जिसमें बताया गया कि बंदरगाह ने अपने नेट कार्बन उत्सर्जन में 45% की ऐतिहासिक कमी दर्ज की है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ ऊर्जा और कम कार्बन वाले ऑपरेशन्स को सफलतापूर्वक अपनाने के कारण इसे आधिकारिक तौर पर ‘स्कोप-2 एमिशन फ्री पोर्ट’ (Scope-2 Emission Free Port) के रूप में मान्यता दी गई है, जो भारतीय समुद्री क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर है। मुख्य आकर्षण और उपलब्धियां (Key Highlights & Achievements) VOC पोर्ट ने पिछले चार वर्षों के भीतर पर्यावरण, तकनीक और समाज के मोर्चे पर व्यापक बदलाव किए हैं, जिन्हें नीचे वर्गीकृत किया गया है: क) पर्यावरण और हरित ऊर्जा संक्रमण (Green Energy Transition) ख) डिजिटल और सामाजिक बुनियादी ढांचा (Digital & Social Infrastructure) 24 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf  VOC पोर्ट (VOCPA at a Glance) विशेषता विवरण अवस्थिति (Location) तूतीकोरिन (Thoothukudi), तमिलनाडु (पूर्वी तट)। प्रकृति (Nature) यह भारत के 12 प्रमुख बंदरगाहों (Major Ports) में से एक है और पूरी तरह एक कृत्रिम बंदरगाह (Artificial Port) है। रणनीतिक महत्व मन्नार की खाड़ी में स्थित होने के कारण यह पूर्व-पश्चिम अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों के अत्यंत निकट है। भारत का ‘क्रिटिकल मिनरल मिशन’ तेज: 56 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों और 11 अन्वेषण लाइसेंसों की सफल नीलामी चर्चा में क्यों? (Why in News?) 23 जून 2026 को खान मंत्रालय (Ministry of Mines) ने भारत की खनिज सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित सातवें दौर (Seventh Tranche) की नीलामी के तहत 10 नए क्रिटिकल और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों को सफलतापूर्वक नीलाम किया गया है। इसके साथ ही, देश में अब तक सफलतापूर्वक नीलाम किए जा चुके महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की कुल संख्या बढ़कर 56 हो गई है। इसके अलावा, अन्वेषण पारिस्थितिकी तंत्र (Exploration Ecosystem) को गति देने के लिए अन्वेषण लाइसेंस (Exploration Licence – EL) के दूसरे दौर के तहत 11 ब्लॉकों की नीलामी भी पूरी कर ली गई है। मुख्य विशेषताएं और भौगोलिक विस्तार (Key Highlights) खनिज क्षेत्र में किए गए इन हालिया सुधारों और नीलामियों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: क) महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक (Critical Mineral Blocks) ख) अन्वेषण लाइसेंस (EL) फ्रेमवर्क का विस्तार महत्वपूर्ण खनिज: रणनीतिक उपयोग (Critical Minerals & Strategic Sectors) महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) प्रमुख रणनीतिक अनुप्रयोग (Strategic Applications) दुर्लभ मृदा तत्व (REE) और वेनेडियम इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण, उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing)। ग्रेफाइट और टाइटेनियम इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरी, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियां, एयरोस्पेस। रॉक फॉस्फेट और ग्लौकोनाइट कृषि क्षेत्र (उर्वरक उत्पादन) और औद्योगिक रसायन। वस्त्र मंत्रालय द्वारा “ग्लोबल मार्केट्स के लिए टेक्सटाइल” पर विभागीय शिखर सम्मेलन का आयोजन चर्चा में क्यों? (Why in News?) 23 जून 2026 को वस्त्र मंत्रालय (Ministry of Textiles) ने नई दिल्ली में दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया, जिसका मुख्य विषय “Textiles for Global Markets: Strategy for Achieving USD 100 Billion Exports by 2030” है। यह सम्मेलन कैबिनेट सचिवालय की ‘विभागीय शिखर सम्मेलन’ पहल के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसका प्राथमिक उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत करके भारत के कपड़ा निर्यात को वर्तमान के लगभग 37 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 100 बिलियन डॉलर करना है। शिखर सम्मेलन के मुख्य बिंदु और रणनीतिक स्तंभ (Key Highlights & Strategies) यह शिखर सम्मेलन 36 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों और लगभग 200 जिला-स्तरीय परामर्शों के बाद आयोजित किया गया है, जिसके तहत 36 राज्य निर्यात कार्य योजना (SEAPs) और 200 जिला निर्यात कार्य योजना (DEAPs) तैयार की गई हैं। सम्मेलन की रणनीतियों को तीन मुख्य स्तंभों में विभाजित किया गया है: क) पीएम का ‘5F’ विजन (The 5F Vision) यह पूरा रोडमैप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5F दृष्टिकोण पर आधारित है:

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23 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

23 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के इस अंक में भारत की बहुआयामी उपलब्धियों का सार है। इसमें UNCTAD 2025 के अनुसार भारत का वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण (HKC) में शीर्ष स्थान, न्याय तक पहुँच के लिए ‘दिशा 2.0’ व अनुच्छेद 39A का विश्लेषण, राखीगढ़ी के मानव कंकालों पर AnSI का शोध और भारत के उभरते प्रौद्योगिकी (AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम) इकोसिस्टम के नवीनतम डेटा को शामिल किया गया है। भारत बना दुनिया का नंबर-1 शिप रीसाइक्लिंग देश: UNCTAD रिपोर्ट चर्चा में क्यों है? संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्ष 2025 में दुनिया का शीर्ष जहाज पुनर्चक्रण (Ship Recycling) देश बन गया है। भारत ने अपने ‘मैरिटाइम इंडिया विज़न (MIV) 2030’ के लक्ष्य को तय समय से 5 साल पहले ही हासिल कर लिया है। मुख्य आंकड़े पैरामीटर वर्ष 2024 वर्ष 2025 विकास / प्रभाव वैश्विक हिस्सेदारी 30.1% 35.4% दुनिया में सबसे ज्यादा रीसाइक्लिंग वॉल्यूम 1.86 मिलियन GT 2.99 मिलियन GT लगभग 60% की भारी वृद्धि भविष्य की संभावना (BIMCO) – – अगले दशक में भारत हर साल 500-600 जहाजों को रीसायकल करेगा। सरकार की 5 प्रमुख पहलें भारत को इस मुकाम तक पहुँचाने में सरकार की इन रणनीतिक पहलों का सबसे बड़ा हाथ रहा है: हांगकांग कन्वेंशन (HKC) हांगकांग कन्वेंशन (Hong Kong Convention – HKC) जहाजों को रीसायकल (यानी पुराने जहाजों को तोड़ने और उनके पार्ट्स का दोबारा इस्तेमाल करने) से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय समझौता (Global Treaty) है। इसे 2009 में इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) द्वारा अपनाया गया था, और यह 26 जून 2025 से पूरी दुनिया में कानूनी रूप से लागू हो चुका है। मुख्य उद्देश्य जहाजों को तोड़ना दुनिया के सबसे खतरनाक कामों में से एक है। पुराने जहाजों में एस्बेस्टस, भारी धातुएं (Heavy Metals) और कई तरह के जहरीले रसायन होते हैं। इसका उद्देश्य दो चीजों को सुरक्षित करना है: भारत दुनिया का सबसे बड़ा शिप रीसाइक्लिंग हब है (गुजरात का अलंग-सोसैया यार्ड दुनिया का सबसे बड़ा जहाज तोड़ने वाला यार्ड है)। भारत ने 2019 में इस कन्वेंशन की पुष्टि (Ratify) की थी। सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) और ब्लू इकोनॉमी: जहाजों को तोड़कर जो स्टील और अन्य कीमती धातुएं निकलती हैं, उन्हें रीसायकल करके दोबारा इस्तेमाल किया जाता है। इससे नए खनन (Mining) की जरूरत कम होती है, पर्यावरण बचता है, और तटीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होता है। आगे की राह (Way Forward) नंबर-1 बनने के बाद अब भारत के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं जिन पर काम करना होगा: दिशा 2.0 (DISHA 2.0): न्याय तक समग्र पहुँच के लिए केंद्रीय योजना को मंजूरी चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय ने केंद्रीय क्षेत्र की योजना ‘डिजाइनिंग इनोवेटिव सॉल्यूशंस फॉर होलिस्टिक एक्सेस टू जस्टिस (DISHA)’ के पुनर्गठित और अपग्रेड संस्करण ‘DISHA 2.0’ को अगले 5 वर्षों के लिए मंजूरी दे दी है। योजना के मुख्य तथ्य 23 June 2026 PIB Summary for UPSC DISHA 2.0 के 4 प्रमुख घटक (Four Core Components) पहले इस योजना में 3 घटक थे, लेकिन DISHA 2.0 में एक नया तकनीकी घटक जोड़ा गया है। घटक (Component) मुख्य कार्य और लक्ष्य तकनीक/पहुँच 1. टेली-लॉ (Tele-Law) मुकदमों से पहले मुफ्त कानूनी सलाह देना। देश के 36 राज्यों/UTs के 784 जिलों में 2,50,000 कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSCs) का नेटवर्क। आकांक्षी ब्लॉकों में ‘न्याय सहायक’ घर-घर जाकर मदद करेंगे। 2. न्याय बंधु (Nyaya Bandhu) वकीलों और लॉ स्टूडेंट्स में मुफ्त कानूनी सहायता (Pro-Bono) की संस्कृति को बढ़ावा देना। कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत पात्र लोगों को मुफ्त अदालती प्रतिनिधित्व देना और लॉ कॉलेजों में ‘प्रो-बोनो क्लब’ बनाना। 3. कानूनी साक्षरता और जागरूकता (LLLAP) मंत्रालयों, गैर-सरकारी संगठनों (CSOs) और लॉ यूनिवर्सिटीज के साथ मिलकर आम जनता में कानूनी जागरूकता फैलाना। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से देशव्यापी अभियान चलाना। 4. विधि-संजीवनी (VIDHI-Sanjeevani)(नया घटक) पूरे कार्यक्रम की निगरानी और डेटा-संचालित निर्णय लेने के लिए एक सेंट्रलाइज्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म। ‘भाषिणी’ (BHASHINI) के सहयोग से विकसित एआई-संचालित बहुभाषी ‘न्याय सेतु’ (Nyaya Setu) चैटबॉट को शामिल किया गया है, जो कानूनी सवालों के तुरंत जवाब देगा। संवैधानिक और वैश्विक जुड़ाव यह योजना केवल एक डिजिटल पोर्टल नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के बड़े विज़न्स को पूरा करती है: 1. संवैधानिक जनादेश (Constitutional Mandate): यह भारतीय संविधान की प्रस्तावना (सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय), अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता), अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) और विशेष रूप से अनुच्छेद 39A (सभी के लिए समान न्याय और मुफ्त कानूनी सहायता) को जमीन पर उतारती है। 2. ईज ऑफ जस्टिस (Ease of Justice): प्रधानमंत्री के विज़न के अनुसार, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ तब तक अधूरे हैं जब तक देश के गरीब से गरीब नागरिक को ‘ईज ऑफ जस्टिस’ (आसानी से न्याय) न मिले। 3. वैश्विक लक्ष्य (SDG-16): यह संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-16 (SDG-16: शांति, न्याय और मजबूत संस्थाएं) और भारत के ‘विकसित भारत @ 2047’ के संकल्प को सीधा समर्थन देती है। पुराना ट्रैक रिकॉर्ड (DISHA 1.0: 2021-26) अनुच्छेद 39A (Article 39A): समान न्याय और मुफ्त कानूनी सहायता यह अनुच्छेद राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) का हिस्सा है। इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था। नालसा (NALSA) की संगठनात्मक संरचना अनुच्छेद 39A के उद्देश्यों को कानूनी रूप देने के लिए संसद ने कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (Legal Services Authorities Act, 1987) पास किया। इसी एक्ट के तहत 1995 में NALSA (National Legal Services Authority – राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण) का गठन हुआ। इसकी संगठनात्मक संरचना शीर्ष से लेकर जमीनी स्तर तक एक पिरामिड की तरह काम करती है: प्रमुख पद (Composition): NALSA के मुख्य कार्य (Core Functions) 23 June 2026 PIB Summary for UPSC मुफ्त कानूनी सहायता के लिए कौन पात्र है? (Section 12 of the Act) हर कोई NALSA के तहत मुफ्त वकील का दावा नहीं कर सकता। अधिनियम की धारा 12 के तहत निम्नलिखित लोग इसके पात्र हैं: राखीगढ़ी से मिले मानव कंकाल: वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए AnSI को सौंपे गए चर्चा में क्यों? (Why in News?) हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हरियाणा के राखीगढ़ी पुरास्थलीय उत्खनन (2025-26 सीजन) से मिले मानव कंकालों को विस्तृत वैज्ञानिक

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21 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi 

21 June 2026 PIB Summary for UPSC में भारत की वैश्विक सॉफ्ट पावर और पर्यावरण नीतियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम शामिल हैं। मुख्य आकर्षणों में कोलकाता में आयोजित ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम पर आधारित 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, जैव विविधता अधिनियम के तहत स्थानीय समुदायों को लाभ पहुंचाने वाला सफल एबीएस (ABS) फ्रेमवर्क, और पश्चिम बंगा दिवस के अवसर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान का स्मरण प्रमुख हैं। ‘निर्भय चेतना’ अभियान (Nirbhay Chetna) यह टॉपिक UPSC Civil Services Examination के GS Paper II (Governance, Panchayati Raj Institutions) और GS Paper III (Issues Related to Women & Gender Equality) के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चर्चा में क्यों है? हाल ही में, पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) ने नई दिल्ली में 17-19 जून 2026 तक ‘निर्भय चेतना’ (Nirbhay Chetna) के तहत तीन दिवसीय ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ (ToT) कार्यक्रम का आयोजन किया। यह जमीनी स्तर पर लैंगिक समानता और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुरुषों को संवेदनशील बनाने की अपनी तरह की पहली वैश्विक पहल है। ‘निर्भय चेतना’ (Nirbhay Chetna) क्या है? यह निर्भया फंड (Nirbhaya Fund) के तहत पंचायती राज मंत्रालय की एक अनूठी राष्ट्रीय पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर शासन को जेंडर-रिस्पॉन्सिव (Gender-Responsive Governance) बनाना है। ‘निर्भय रहो’ (Nirbhay Raho) पहल के तीन स्तंभ ‘निर्भय चेतना’ वास्तव में पंचायती राज मंत्रालय द्वारा 11 मार्च 2026 को शुरू की गई ‘निर्भय रहो’ व्यापक योजना का एक हिस्सा है। इस योजना के तीन प्रमुख घटक (Components) हैं: घटक का नाम मुख्य फोकस / कार्य 1. निर्भय नेत्री (Nirbhay Netri) निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों (EWRs) की क्षमता निर्माण (Capacity Building) और उन्हें कानूनी रूप से जागरूक बनाना। 2. निर्भय चेतना (Nirbhay Chetna) निर्वाचित पुरुष प्रतिनिधियों को जेंडर इक्वलिटी और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर संवेदनशील बनाना। 3. निर्भय दृष्टि (Nirbhay Drishti) तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पंचायतों के रणनीतिक ग्रामीण स्थानों पर CCTV कैमरे लगाना। इस पहल के बड़े लक्ष्य (Data & Targets) मुख्य विषय और कार्यप्रणाली (Themes & Methodology) इस कार्यक्रम में केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया गया है: पश्चिम बंगा दिवस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यह टॉपिक UPSC Civil Services Examination के GS Paper I (Modern Indian History & Post-Independence Consolidation) और Prelims (Important Personalities) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। चर्चा में क्यों है? 20 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘पश्चिम बंगा दिवस’ (Paschimbanga Divas) के अवसर पर पश्चिम बंगाल के नागरिकों को बधाई दी। इसके साथ ही, उन्होंने भारत के एकीकरण में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अमूल्य योगदान को याद किया। आपको बता दें कि वर्ष 2026 डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती (125th Jayanti) का वर्ष भी है। पश्चिम बंगा दिवस (20 जून) का ऐतिहासिक महत्व UPSC प्रीलिम्स और मेन्स दोनों के लिए इस तारीख का बैकग्राउंड समझना जरूरी है: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और उनका योगदान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आधुनिक भारत के इतिहास में एक बेहद प्रभावशाली व्यक्तित्व रहे हैं। क्षेत्र महत्वपूर्ण तथ्य / योगदान जन्म एवं प्रारंभिक जीवन उनका जन्म 1901 में हुआ था (वर्ष 2026 उनकी 125वीं जयंती है)। वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति (Vice-Chancellor) बने थे। बंगाल विभाजन में भूमिका उन्होंने मुस्लिम लीग के पूरे बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने के प्लान का कड़ा विरोध किया और हिंदू बहुल क्षेत्रों के लिए पश्चिम बंगाल राज्य की स्थापना सुनिश्चित की। राजनीतिक करियर वे स्वतंत्र भारत की पहली कैबिनेट (1947) में उद्योग और आपूर्ति मंत्री (Minister for Industry and Supply) बने। इस्तीफा और नई पार्टी जवाहरलाल नेहरू के साथ ‘लियाकत-नेहरू समझौते’ (1950) पर वैचारिक मतभेद के कारण उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 1951 में उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की। जम्मू-कश्मीर मुद्दा उन्होंने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 का पुरजोर विरोध किया और ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का नारा दिया। पश्चिम बंगाल का भारत में योगदान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 (International Day of Yoga) यह टॉपिक UPSC Civil Services Examination के GS Paper I (Indian Culture – Ancient Knowledge Traditions), GS Paper II (Social Sector – Health & Governance) और Prelims के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चर्चा में क्यों है? 21 जून 2026 को दुनिया भर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY 2026) मनाया गया। इस वर्ष का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित किया गया। 2015 में अपनी शुरुआत के बाद से, यह आयोजन अब एक वार्षिक उत्सव से आगे बढ़कर प्रिवेंटिव हेल्थकेयर (बीमारियों से बचाव वाली स्वास्थ्य प्रणाली) का दुनिया का सबसे बड़ा जन-आंदोलन बन चुका है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम (Theme) थीम: ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ (Yoga for Healthy Ageing) योग का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सफर (Historical Legacy) कॉमन योग प्रोटोकॉल (Common Yoga Protocol – CYP) दुनिया भर के लोग एक साथ, एक ही लय में योग कर सकें, इसके लिए आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) ने शीर्ष योग गुरुओं के साथ मिलकर इसे तैयार किया है। योग दिवस 2026 से जुड़े प्रमुख मील के पत्थर (Key Highlights) इस वर्ष योग दिवस की तैयारियों को देश की संस्कृति और वैश्विक मंच से जोड़ने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए: आयोजन / अभियान मुख्य विशेषता / स्थान मुख्य राष्ट्रीय समारोह कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में आयोजित। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड 14 जून 2026 को एक विशेष लाइव सत्र में 4 लाख से अधिक लोगों ने एक साथ भाग लेकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। 100 दिवसीय काउंटडाउन इसकी शुरुआत विज्ञान भवन (नई दिल्ली) से हुई। इसके बाद 75वें दिन लोनार क्रेटर (महाराष्ट्र), 50वें दिन कान्हा शांति वनम (हैदराबाद) और 25वें दिन खजुराहो के स्मारकों में योग कार्यक्रम हुए। विशेष अभियान ‘100 दिन, 100 शहर, 100 संगठन’ अभियान के जरिए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। स्वस्थ उम्र बढ़ने (Healthy Ageing) में योग की भूमिका उम्र बढ़ने के साथ शरीर में होने वाले बदलावों को रोकने में योग विज्ञान बेहद व्यावहारिक भूमिका निभाता है: भारत का ABS फ्रेमवर्क और जैव विविधता संरक्षण यह टॉपिक UPSC Civil Services Examination के GS Paper III (Environment & Biodiversity – Conservation, Environmental Impact Assessment) और Prelims के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चर्चा में क्यों है? हाल ही

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22 june 2026 PIB Summary for upsc in hindi 

22 june 2026 PIB Summary for upsc in hindi : आज के व्यापक पीआईबी (PIB) विश्लेषण में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक, रक्षा और कूटनीतिक विकासों को कवर किया गया है। इसमें जीएस पेपर-3 (विज्ञान, प्रौद्योगिकी व रक्षा) के तहत भारतीय नौसेना में तीन स्वदेशी युद्धपोतों—अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट INS दूनागिरी, सबसे उन्नत हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण पोत INS संशोधक और एंटी-सबमरीन वारफेयर क्राफ्ट INS अग्रय के शामिल होने का रक्षा विश्लेषण प्रस्तुत है; साथ ही, ‘भारी जल बोर्ड बड़ौदा’ में नई परमाणु सुविधाओं का उद्घाटन भी शामिल है। जीएस पेपर-2 (अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्गत भारत की अध्यक्षता में गुरुग्राम में होने वाली 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक और आगरा में संपन्न हुए पहले ब्रिक्स एमएसएमई फोरम (BRICS MSME Forum) के मुख्य निष्कर्षों को रेखांकित किया गया है। अंत में, कला और संस्कृति के तहत मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF 2026) में प्रदर्शित भारतीय महिला नायिकाओं पर आधारित एनीमेशन श्रृंखला ‘भारती और बीबो’ का यूपीएससी-उन्मुख विश्लेषण शामिल है। भारती और बीबो (MIFF 2026) चर्चा में क्यों है? पाठ्यक्रम (UPSC Syllabus) श्रृंखला की विशेषताएं यह एडुटेनमेंट (शिक्षा और मनोरंजन) श्रृंखला युवा ‘भारती’ और उसके जादुई साथी ‘बीबो’ (जो भारत का स्त्री रूप है) के माध्यम से देश की चार महान महिला नायिकाओं की वास्तविक जीवन गाथाओं को प्रदर्शित करती है: विशेष दृष्टिकोण: यह श्रृंखला केवल एक मातृसत्तात्मक ढांचे के बजाय एक संतुलित नारीवादी दृष्टिकोण को अपनाती है। इसमें रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए महिलाओं को चालकों, किसानों, कलाकारों और वैज्ञानिकों के रूप में भी दिखाया गया है। Prelims current affairs based Question प्रश्न. हाल ही में चर्चा में रही एनिमेशन श्रृंखला ‘भारती और बीबो’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (A) केवल 1 और 2 (B) केवल 2 और 3 (C) केवल 1 और 3 (D) 1, 2 और 3 उत्तर: (C) केवल 1 और 3 व्याख्या: कथन 2 गलत है क्योंकि इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के अलावा पर्यावरणविद् (सालुमारदा थिम्मक्का) और मध्यकालीन व आधुनिक भारत की प्रशासनिक व सामाजिक सुधारक महिलाओं को भी शामिल किया गया है। INS दुनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय स्रोत: पीआईबी (PIB) सिलेबस: GS Paper 3: बुनियादी ढांचा, सुरक्षा, और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) तथा प्रारंभिक परीक्षा के लिए। चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून 2026 (अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस) को श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में भारतीय नौसेना के तीन स्वदेशी युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित किया। नव-कमीशन किए गए युद्धपोत और उनकी विशेषताएं भारतीय नौसेना की युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो (Warship Design Bureau) द्वारा डिजाइन किए गए और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता द्वारा निर्मित इन तीनों जहाजों में 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। युद्धपोत का नाम प्रकार/श्रेणी मुख्य भूमिका और सामरिक महत्व INS दुनागिरी (INS Dunagiri) एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट (Project 17A) दुश्मन के रडार से बचने की क्षमता, तटीय सुरक्षा और आक्रामक अभियानों में सहायक। INS संशोधक (INS Sanshodhak) सर्वे वेसल – लार्ज (SVL) गहरे समुद्र में हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण, महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा स्रोतों की खोज और मानचित्रण। INS अग्रय (INS Agray) एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW SWC) तटीय जल में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम। भारत की समुद्री और रक्षा क्षमता नौसैनिक और समुद्री क्षेत्र से जुड़े नीतिगत सुधार “शांति की रक्षा के लिए शक्ति आवश्यक है, समृद्धि की सुरक्षा के लिए सुरक्षा जरूरी है, और भविष्य के निर्माण के लिए आत्मनिर्भरता अनिवार्य है।” भारत वर्तमान में रक्षा क्षेत्र में ‘क्रेता’ (Buyer) से ‘निर्माता’ (Producer) बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। हाल ही में ख़बरों में रहे ‘INS दुनागिरी’, ‘INS संशोधक’ और ‘INS अग्रय’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 और 3 (c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3 उत्तर: (a) व्याख्या: कथन 1 और 2 बिल्कुल सही हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि INS संशोधक एक ‘सर्वे वेसल – लार्ज’ (जल सर्वेक्षण पोत) है, जबकि एंटी-सबमरीन वारफेयर क्राफ्ट ‘INS अग्रय’ है। GS Paper 3 – (बुनियादी ढांचा और सुरक्षा) भारत के बढ़ते रक्षा विनिर्माण और निर्यात ग्राफ को रेखांकित करते हुए समझाइए कि ‘सागरमाला परियोजना’ और ‘ब्लू इकोनॉमी’ (नीली अर्थव्यवस्था) नीतियां किस प्रकार देश को वैश्विक मंच पर एक निर्णायक विनिर्माण केंद्र (Manufacturing Hub) के रूप में स्थापित कर सकती हैं? (150 शब्द, 10 अंक) 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक: भारत करेगा मेजबानी 22 June 2026 PIB Notes for UPSC: भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Chairship 2026) के तहत 25-26 जून 2026 को गुरुग्राम, हरियाणा में 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करने जा रहा है। यह चौथा मौका है जब भारत ब्रिक्स की कमान संभाल रहा है। सिलेबस: अंतर्राष्ट्रीय संबंध (GS Paper 2) और बुनियादी ढांचा व ऊर्जा (GS Paper 3)। बैठक की थीम और मुख्य एजेंडा ब्रिक्स (BRICS) का नया स्वरूप और ताकत विस्तार के बाद ब्रिक्स में अब 11 सदस्य देश शामिल हैं: सदस्य देश: ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)। ये 11 देश मिलकर दुनिया की लगभग आधी आबादी और वैश्विक जीडीपी (GDP) का 40% हिस्सा संभालते हैं। इनमें प्रमुख तेल उत्पादक (जैसे सऊदी अरब, यूएई, ईरान) और सबसे बड़े उपभोक्ता (भारत, चीन) दोनों शामिल हैं, जो इस मंच को वैश्विक ऊर्जा नीतियों के लिए सबसे पावरफुल बनाते हैं। भारत का ‘ऊर्जा परिवर्तन’ इस बैठक में भारत वैश्विक मंच पर अपनी उन बड़ी उपलब्धियों को सामने रखेगा, जो विकसित भारत 2047 के विजन का आधार हैं: क्षेत्र/पहल भारत की उपलब्धि और लक्ष्य सौर ऊर्जा पिछले एक दशक में भारत ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता को 50 गुना से अधिक बढ़ाया है। स्मार्ट मीटर देश भर में अब तक 6 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। ऊर्जा भंडारण साल 2032 तक 410 GWh ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है। बायोफ्यूल्स भारत ने 20% एथेनॉल सम्मिश्रण का लक्ष्य पा लिया है और अब 80-85% एथेनॉल वाले E85 ईंधन को रोलआउट किया जा रहा है। वैश्विक नेतृत्व भारत इंटरनेशनल सोलर एलायंस (ISA) और ग्लोबल

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