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New NCERT Notes Class 6 Social Science (Geography) Chapter 2: महासागर और महाद्वीप(Oceans and Continent)। हिंदी नोट्स PDF

New NCERT Notes Class 6 Social Science: भूगोल (Geography) पाठ्यक्रम में पृथ्वी की मौलिक संरचना के अंतर्गत Oceans and Continents को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस लेख में, हम पूरी तरह प्रामाणिक स्रोतों के आधार पर पृथ्वी पर जल और स्थल के वितरण, महाद्वीपों की विभिन्न भौगोलिक गणनाओं, महत्वपूर्ण द्वीप समूहों, अंटार्कटिका में भारत के वैज्ञानिक अभियानों और वर्तमान में समुद्री पर्यावरण के समक्ष खड़े प्रदूषण जैसे गंभीर संकटों का विस्तृत विश्लेषण करेंगे। सामान्य परिचय: नीला ग्रह (The Blue Planet) अंतरिक्ष या चंद्रमा से देखने पर पृथ्वी का रंग मुख्य रूप से नीला दिखाई देता है। इस विशिष्ट रंग के कारण ही प्रारंभिक अंतरिक्ष यात्रियों ने इसे ‘नीला ग्रह’ नाम दिया था। जल के प्रकार और उनका वितरण पृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी गोलार्धों (Northern and Southern Hemispheres) के बीच महासागरों और महाद्वीप का वितरण समान रूप से नहीं है। वैश्विक जल संसाधनों को मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया जा सकता है: विश्व के महासागर और समुद्री पारिस्थितिकी (Oceans & Marine Ecology) मानचित्र पर भौगोलिक रूप से पाँच महासागरों को चिह्नित किया गया है, जो प्राकृतिक रूप से एक-दूसरे से पूरी तरह अलग न होकर आपस में जुड़े हुए हैं। इनके बीच की सीमाएं केवल प्रशासनिक या व्यावहारिक परंपराओं पर आधारित हैं। आकार के अनुसार महासागरों का क्रम (घटते क्रम में): समुद्री जैव विविधता: महासागरों का जल निरंतर एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में प्रवाहित होता रहता है, जिससे एक समृद्ध समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण होता है। हिंद महासागर की भौगोलिक स्थिति और भारत: महासागर और प्राकृतिक आपदाएं (Oceans and Disasters) महासागर जहाँ एक ओर पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं, वहीं दूसरी ओर ये कई विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं के केंद्र भी हैं। मानसून और चक्रवात: अंतरिक्ष से दिखने वाले बादलों के बड़े समूह महाद्वीपों पर वर्षा लाते हैं। भारत में हर गर्मी में आने वाली मानसूनी बारिश की उत्पत्ति महासागरों से ही होती है, जिसके बिना कृषि और जीवन चक्र का चलना असंभव है। इसके विपरीत, महासागर तीव्र हवाओं और अत्यधिक वर्षा वाले हिंसक चक्रवातों (Cyclones) को भी जन्म देते हैं, जो तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचाते हैं। सुनामी (Tsunami): यह एक विशाल और अत्यंत शक्तिशाली समुद्री लहर होती है, जो सामान्यतः महासागर की तलहटी में आने वाले शक्तिशाली भूकंप या ज्वालामुखी विस्फोट के कारण उत्पन्न होती है। ये लहरें हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर तटीय क्षेत्रों को जलमग्न कर देती हैं। आपदा प्रबंधन और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Disaster Management) जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए आपदाओं से पहले और उनके बाद किए जाने वाले उपायों को आपदा प्रबंधन (Disaster Management) के तहत संभाला जाता है। महाद्वीप: गणना के विभिन्न दृष्टिकोण (Continents and Their Counts) ग्लोब पर महाद्वीपों की संख्या का निर्धारण इस बात पर निर्भर करता है कि हम भूभागों (Landmasses) को किस प्रकार देखते हैं। भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोणों के कारण महाद्वीपों की संख्या 4 से लेकर 7 तक मानी जा सकती है। महाद्वीपों की गणना की तालिका (वर्णानुक्रम में): महाद्वीपों की संख्या महाद्वीपों के नाम चार महाद्वीप अंटार्कटिका, अफ्रीका-यूरेशिया, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया पाँच महाद्वीप अंटार्कटिका, अफ्रीका, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरेशिया छह महाद्वीप अंटार्कटिका, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरेशिया सात महाद्वीप अंटार्कटिका, अफ़्रीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप मुख्य तथ्य: व्यावहारिक और सामान्य उपयोग में सात महाद्वीपों वाली प्रणाली को ही वैश्विक स्तर पर सबसे व्यापक रूप से अपनाया और स्वीकार किया गया है। द्वीप (Islands) महाद्वीपों के अतिरिक्त पृथ्वी पर भूमि के ऐसे छोटे हिस्से भी मौजूद हैं जो चारों ओर से पूरी तरह जल से घिरे हुए हैं। इन्हें द्वीप (Islands) कहा जाता है। चूंकि महाद्वीप आकार में बहुत बड़े होते हैं, इसलिए चारों तरफ पानी से घिरे होने के बावजूद उन्हें द्वीप नहीं माना जाता है। अंटार्कटिका और भारतीय वैज्ञानिक अनुसंधान (Indian Antarctica Programme) अंटार्कटिका एक अत्यंत ठंडा महाद्वीप है जो मुख्य रूप से बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ है। यहाँ का पर्यावरण और जलवायु बेहद विषम है। महासागर और जीवन का अंतर्संबंध (Oceans and Life) महासागर पृथ्वी के पर्यावरण का एक अनिवार्य हिस्सा हैं जो अदृश्य रूप से मानव जीवन के लगभग सभी पहलुओं को नियमित और प्रभावित करते हैं। विशेष तथ्य (Don’t Miss Out): विश्व महासागर दिवस संयुक्त राष्ट्र (United Nations) द्वारा प्रत्येक वर्ष 8 जून को ‘विश्व महासागर दिवस’ के रूप में घोषित किया गया है। इसका उद्देश्य हमारे दैनिक जीवन में महासागरों की प्रमुख भूमिका, जैवमंडल (Biosphere) में उनके महत्व और दवा व भोजन के स्रोत के रूप में उनकी उपयोगिता के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है। महासागरीय प्रदूषण और संरक्षण की आवश्यकता (Marine Pollution) वैज्ञानिक अध्ययनों से स्पष्ट हुआ है कि मानवीय गतिविधियों के कारण वर्तमान में समुद्री पर्यावरण पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। Quick Revision Points

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