NCERT Notes Class 7 Science Chapter 7: Heat Transfer in Nature
NCERT Notes Class 7 Science Chapter 7: Heat Transfer in Nature के अंतर्गत ऊष्मा स्थानांतरण (Heat Transfer) की तीन मूलभूत विधियों—चालन (Conduction), संवहन (Convection) और विकिरण (Radiation)—के बीच के वैज्ञानिक अंतरों को स्पष्ट करता है। इसमें तरल और गैसीय माध्यमों में संवहन धाराओं (Convection Currents) के निर्माण को समझाया गया है, जो प्राकृतिक घटनाओं जैसे समुद्री समीर (Sea Breeze) और थल समीर (Land Breeze) के पीछे का मुख्य कारण हैं। इसके साथ ही, यह भी रेखांकित करता है कि किस प्रकार पृथ्वी द्वारा सौर विकिरण को अवशोषित व परावर्तित करने की प्रक्रिया वैश्विक वायुमंडलीय परिसंचरण (Atmospheric Circulation), पवन प्रणालियों और वर्षा के पैटर्न को निर्धारित करती है। ऊष्मा का चालन (Conduction of Heat) धातु की पट्टी में ऊष्मा स्थानांतरण पदार्थों का वर्गीकरण क्र.सं. पदार्थ (Material) ऊष्मा का चालक (Good/Poor Conductor) 1. स्टील Good conductor (सुचालक) 2. लकड़ी (Wood) Poor conductor (कुचालक) 3. हवा (Air) Poor conductor (कुचालक) वायु और ऊष्मारोधन का नियम पारंपरिक और आधुनिक वास्तुकला में ऊष्मारोधन संवहन (Convection) गैसों और द्रवों (तरल पदार्थों) में ऊष्मा का स्थानांतरण संवहन (Convection) विधि द्वारा होता है। संवहन के प्रमुख सिद्धांत और प्रयोग थल समीर और समुद्र समीर तटीय क्षेत्रों में भूमि और जल के विषम तापन (Differential Heating) के कारण संवहन धाराएँ बनती हैं। थल समीर और समुद्र समीर की तुलना कारक समुद्र समीर (Sea Breeze) थल समीर (Land Breeze) समय दिन के समय (Daytime) रात के समय (Nighttime) क्रिया विधि भूमि तेजी से गर्म होती है – गर्म हवा ऊपर उठती है – समुद्र से ठंडी हवा भूमि की ओर आती है भूमि तेजी से ठंडी होती है – समुद्र का पानी गर्म रहता है – भूमि से ठंडी हवा समुद्र की ओर चलती है दिशा समुद्र से स्थल की ओर (Sea to Land) स्थल से समुद्र की ओर (Land to Sea) अनुप्रयोग तटीय मकानों की खिड़कियाँ समुद्र की ओर बनाई जाती हैं तटीय हवाओं की दिशा रात में पूरी तरह बदल जाती है विकिरण (Radiation) ऊष्मा स्थानांतरण की तीसरी मुख्य विधि विकिरण (Radiation) है। कपड़ों के रंग और ऊष्मा का अवशोषण तीन विधियों का एक साथ अवलोकन जब एक बर्तन में पानी गर्म किया जाता है, तो तीनों विधियाँ एक साथ काम करती हैं: ऊष्मा स्थानांतरण की तीनों विधियों का सारांश चालन, संवहन और विकिरण की तुलना आधार चालन (Conduction) संवहन (Convection) विकिरण (Radiation) कणों की गति कण अपना स्थान नहीं छोड़ते। कण स्वयं एक स्थान से दूसरे स्थान गति करते हैं। कणों की कोई भूमिका नहीं होती। माध्यम की आवश्यकता माध्यम अनिवार्य है (मुख्यतः ठोस)। माध्यम अनिवार्य है (द्रव व गैस)। किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं। मुख्य उदाहरण धातु के चम्मच का गर्म होना। पानी का उबलना, थल/समुद्र समीर। सूर्य की धूप, अलाव की सेक। बुखारी और ऊष्मा का अनुप्रयोग जल चक्र (Water Cycle) प्रकृति में जल ठोस (बर्फ/ग्लेशियर), द्रव (समुद्र/नदियाँ) और गैस (जलवाष्प) – इन तीन अवस्थाओं में मौजूद रहता है। वराहमिहिर और मौसमी पूर्वानुमान भूजल रिसाव और जलभृत वर्षा का जल मिट्टी और चट्टानों से होकर ज़मीन के नीचे रिसता है, जिसे हम कुओं या हैंडपंपों के माध्यम से बाहर निकालते हैं। मृदा के प्रकार और जल रिसाव की दर कणों का प्रकार रिसाव की गति (Seepage Rate) कारण (Particle Spacing) बजरी (Gravel) सबसे तेज़ (Fastest) कणों के बीच बड़े, खुले व जुड़े हुए छिद्र होते हैं। रेत (Sand) मध्यम (Slow) बजरी की तुलना में छोटे छिद्र होते हैं। चिकनी मिट्टी (Clay) सबसे धीमी (Slowest) कण अत्यधिक बारीक और सघन होते हैं। आइस स्तूप और जल संरक्षण NCERT Class 7, Social Science Ch-8 यहाँ पढ़ें:-