NCERT Notes Class 7 Social science (Geography) Chapter 9: From the Rulers to the Ruled: Types of Goverments के अंतर्गत सरकार के विभिन्न रूपों—जैसे राजतंत्र (Monarchy), तानाशाही (Dictatorship), अल्पतंत्र (Oligarchy) और लोकतंत्र (Democracy)—की मूलभूत विशेषताओं, उनकी कार्यप्रणाली और उनके बीच के अंतर को स्पष्ट करता है। इसके साथ ही, यह लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के आधारभूत स्तंभों, जैसे प्रतिनिधि चुनने का अधिकार (सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार), कानून का शासन (Rule of Law), उत्तरदायित्व, और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा में संविधान की भूमिका पर गहराई से प्रकाश डालता है।
सरकार क्या है? इसके कार्य क्या हैं?
- सरकार की भूमिका: किसी भी संगठित समाज के सुचारू संचालन और नागरिकों के कल्याण के लिए सरकार एक प्राथमिक संस्था है।
सरकार के प्रमुख कार्य
- कानून और व्यवस्था (Law & Order): समाज में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखना।
- राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश नीति: देश की सीमाओं की रक्षा करना और अन्य देशों के साथ संबंधों का प्रबंधन।
- आवश्यक वस्तुएं व सेवाएं: शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का विकास।
- आर्थिक प्रबंधन: अर्थव्यवस्था को विनियमित करना और व्यापारिक गतिविधियों का संचालन।
- जन कल्याण: समाज के सभी वर्गों के जीवन स्तर में सुधार और कल्याणकारी योजनाएं लागू करना।
शासन के स्वरूप
- लोकतांत्रिक व्यवस्था (Democracy): भारत सहित विश्व के कई देशों में लोकतांत्रिक सरकारें हैं।
- व्यवस्थाओं में भिन्नता: सभी लोकतांत्रिक सरकारें एक समान नहीं होती हैं; उनके कामकाज और संरचना में भिन्नता होती है।
- अन्य शासन प्रणालियाँ: दुनिया में लोकतंत्र के अलावा अन्य प्रकार की शासन प्रणालियाँ (जैसे राजतंत्र, तानाशाही आदि) भी मौजूद हैं।
सरकार के कार्यों का त्वरित अवलोकन
| कार्य का क्षेत्र | मुख्य उद्देश्य | व्यावहारिक उदाहरण |
| सुरक्षा व रक्षा | बाह्य व आंतरिक खतरों से सुरक्षा | सेना, पुलिस, सीमा सुरक्षा |
| सामाजिक-आर्थिक विकास | बुनियादी सुविधाओं का निर्माण | स्कूल, अस्पताल, सड़कें, आर्थिक नीतियां |
| अंतर्राष्ट्रीय संबंध | वैश्वीकरण और कूटनीति | द्विपक्षीय संधियाँ, विदेश नीति |
लोकतंत्र क्या है? (What is Democracy?)
- मूल परिभाषा: ‘लोकतंत्र’ का सरल अर्थ है ‘जनता का शासन’ (Rule of the People)।
- सत्ता का स्रोत: लोकतांत्रिक व्यवस्था में शक्ति और अधिकार का अंतिम स्रोत देश की जनता होती है।
स्कूल का उदाहरण (प्रतिनिधित्व की समझ)
- प्रशासनिक आवश्यकता: एक स्कूल में कई दैनिक कार्य (समय सारणी, खेल आयोजन, मध्याह्न भोजन/Mid-day Meal, नो-बैग डे गतिविधियाँ) प्रबंधित करने होते हैं।
- छात्र समिति का प्रस्ताव: प्रधानाध्यापक ने नियमों को बनाने और लागू करने के लिए छात्रों की एक समिति बनाने का विचार रखा।
समिति गठन के 3 विकल्प
- प्रत्यक्ष भागीदारी (Direct Participation): स्कूल का हर छात्र समिति का हिस्सा बने।
- समस्या: अत्यधिक संख्या के कारण निर्णय लेना और लागू करना कठिन होगा।
- मनोनयन (Nomination): प्रधानाध्यापक स्वयं छात्रों को चुनें।
- समस्या: अधिकांश छात्रों की आवाज और जरूरतें समिति तक नहीं पहुँच पाएंगी।
- प्रतिनिधि लोकतंत्र (Representative Democracy – सर्वोत्तम विकल्प):
- छात्र मतदान (Voting) के माध्यम से अपनी कक्षा से प्रतिनिधि चुनें।
- चुने गए प्रतिनिधि समिति में अपनी कक्षा की माँगों और समस्याओं को रखेंगे।
- यही तरीका प्रतिनिधि लोकतंत्र (Representative Democracy) का आधार बनता है।
स्कूल प्रतिनिधि बनाम विधायक/सांसद
| विशेषता | स्कूल छात्र प्रतिनिधि | सांसद (MP) / विधायक (MLA) |
| निर्वाचन क्षेत्र | एक कक्षा या वर्ग | विशाल भौगोलिक क्षेत्र (संसदीय/विधानसभा क्षेत्र) |
| संवैधानिक शक्तियाँ | सीमित (स्कूल गतिविधियों तक) | व्यापक (कानून निर्माण, बजट और कार्यपालिका पर नियंत्रण) |
| जवाबदेही | सहपाठियों और प्रधानाध्यापक के प्रति | संपूर्ण जनता और संविधान के प्रति |
सरकार के कार्य (Functions of Government)
- मूल ढांचा: जिस तरह स्कूल समिति नियम बनाती और लागू करती है, उसी तरह सरकार देश चलाने के लिए तीन मुख्य कार्य करती है।
- तीन प्रमुख अंग: सरकार के कार्यों को विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में विभाजित किया जाता है।
सरकार के तीन प्राथमिक कार्य
- विधायिका का कार्य (Legislative Function):
- काम: नियमों और कानूनों का निर्माण करना।
- महत्व: ये कानून देश के संचालन का वैधानिक ढांचा (Framework) तय करते हैं।
- कार्यपालिका का कार्य (Executive Function):
- काम: बने हुए कानूनों को लागू करना।
- महत्व: तय नियमों के अनुसार देश का दैनिक प्रशासन चलाना।
- न्यायपालिका का कार्य (Judicial Function):
- काम: यह सुनिश्चित करना कि कानूनों का पालन हो रहा है या नहीं।
- महत्व: विवादों का निपटारा करना और न्याय कायम रखना।
लोकतंत्रीय प्रतिनिधित्व (Democratic Representation)
- जनता द्वारा चुनाव: लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनती है, जो सरकार चलाते हैं।
- विविध प्रणालियाँ: हर देश में प्रतिनिधियों को चुनने का तरीका एक जैसा नहीं होता है। इसमें अंतर हो सकता है।
अब्राहम लिंकन की परिभाषा
- 19वीं सदी की परिभाषा: अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने लोकतंत्र की ऐतिहासिक परिभाषा दी थी।
- प्रसिद्ध कथन: लोकतंत्र “जनता की, जनता द्वारा और जनता के लिए सरकार” (Government of the people, by the people, for the people) है।
- चित्र साक्ष्य: 1896 में चित्रकार वेडर द्वारा अमेरिका के ‘लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस’ में ‘गवर्नमेंट’ नाम का भित्तिचित्र (Mural) बनाया गया था।
सरकार के अंगों का संक्षिप्त विवरण
| सरकार का अंग | मुख्य दायित्व | संविधान |
| विधायिका (Legislature) | कानून बनाना | संसद एवं राज्य विधानमंडल |
| कार्यपालिका (Executive) | कानून लागू करना | राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद व नौकरशाही |
| न्यायपालिका (Judiciary) | कानून की व्याख्या व न्याय | सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय व अधीनस्थ अदालतें |
सरकारें किस प्रकार एक-दुसरे से भिन्न होती है? (What Makes Governments Different?)
- ऐतिहासिक व सांस्कृतिक प्रभाव: हर देश का अपना इतिहास, संस्कृति और आकांक्षाएं होती हैं, जिससे समय के साथ उनकी सरकार का स्वरूप अलग विकसित होता है।
- चार मुख्य आधार: किसी भी शासन प्रणाली की विशिष्टता को समझने के लिए चार प्रमुख प्रश्न महत्वपूर्ण होते हैं।
सरकारों के बीच मुख्य अंतर
- सत्ता का स्रोत (Source of Authority):
- सवाल: यह कौन तय करता है कि ‘यही सरकार है’?
- अंतर: भारत जैसे लोकतंत्र में जनता सत्ता का मूल स्रोत है। वहीं, धर्मतंत्र (Theocracy) में धार्मिक मान्यताएं और धर्मगुरु सत्ता के स्रोत होते हैं।
- सरकार का गठन (Formation of Government):
- सवाल: सरकार का गठन कैसे होता है?
- अंतर: लोकतंत्र में सरकार का गठन चुनावों से होता है। राजतंत्र (Monarchy) में राजा या रानी के परिवार का कोई सदस्य वंशानुगत रूप से शासन संभालता है।
- सरकार के अंग और कार्य (Structure & Functions):
- सवाल: सरकार के कौन से अंग हैं और वे क्या करते हैं?
- अंतर:
- लोकतंत्र: विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका स्वतंत्र निकाय के रूप में काम करते हैं। इनका संचालन संविधान (मूलभूत नियमों की पुस्तिका) के अनुसार होता है।
- राजतंत्र: तीनों कार्य एक ही संस्था या सम्राट द्वारा नियंत्रित हो सकते हैं।
- लक्ष्य और उद्देश्य (Goals & Objectives):
- सवाल: सरकार किसके लिए काम कर रही है?
- अंतर: भारत की सरकार सभी नागरिकों की समानता और समृद्धि के लिए काम करती है। कुछ सरकारें केवल विशिष्ट परिवारों या समूहों के हित के लिए काम करती हैं।
शासन प्रणालियों का तुलनात्मक ढांचा
| अंतर का आधार | लोकतंत्र (Democracy) | धर्मतंत्र (Theocracy) | राजतंत्र (Monarchy) |
| सत्ता का स्रोत | देश की जनता | धार्मिक ग्रंथ व धर्मगुरु | वंशानुगत अधिकार |
| गठन का तरीका | निष्पक्ष चुनाव | धार्मिक नेतृत्व का चयन | उत्तराधिकार |
| नियमों का आधार | लिखित संविधान | धार्मिक नियम | राजा/रानी के आदेश |
| मुख्य उद्देश्य | जन-कल्याण व समानता | धार्मिक नियमों का पालन | राजवंश या विशिष्ट वर्ग का हित |
विश्व में लोकतांत्रिक सरकारें (Democratic Governments around the World)
- लोकप्रियता: आधुनिक विश्व में लोकतंत्र सबसे लोकप्रिय शासन प्रणाली है।
- इवोल्यूशन: लोकतांत्रिक सिद्धांत समय के साथ विकसित हुए हैं।
लोकतंत्र के मौलिक सिद्धांत
- समानता (Equality): अवसर, सेवाओं (स्वास्थ्य व शिक्षा) और कानून के समक्ष बराबरी।
- स्वतंत्रता (Freedom): अभिव्यक्ति और अपने निर्णय लेने का अधिकार।
- प्रतिनिधि भागीदारी (Representative Participation): चुनाव द्वारा प्रतिनिधि चुनना।
- सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (Universal Adult Franchise): एक तय आयु के सभी नागरिकों को वोट का अधिकार।
- ऐतिहासिक संदर्भ: भारत ने 1950 में शुरुआत से ही यह अधिकार दिया, जबकि स्विट्जरलैंड में महिलाओं को यह अधिकार 1971 में मिला।
- मौलिक अधिकार (Fundamental Rights): समानता, वाक्-अभिव्यक्ति और शोषण के विरुद्ध अधिकार का संरक्षण।
- स्वतंत्र न्यायपालिका (Independent Judiciary): अधिकारों की रक्षा और विधि का शासन लागू करना।
लोकतांत्रिक सरकारों के विभिन्न रूप
1. प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct democracy)
- प्रक्रिया: नागरिक सभी नियमों और निर्णयों में सीधे भाग लेते हैं।
- उदाहरण: स्विट्जरलैंड (कुछ स्तरों पर)।
- सीमा: बड़ी आबादी वाले देशों में इसे व्यावहारिक रूप से लागू करना बेहद कठिन है।
2. प्रतिनिधि लोकतंत्र (Representative democracy)
- प्रक्रिया: जनता वयस्क मताधिकार द्वारा प्रतिनिधि चुनती है, जो सरकार चलाते हैं।
- जवाबदेही (Accountability): सरकार जनता के प्रति उत्तरदायी होती है।
- नियमित चुनाव: भारत में हर 5 वर्ष और अमेरिका (USA) में हर 4 वर्ष में चुनाव होते हैं।
लोकतंत्र का विकासक्रम
- यूके में प्रभावी वयस्क मताधिकार 1928 में मिला।
- अमेरिका (USA) में यह अधिकार पूरी तरह 1965 में लागू हो सका।
लोकतंत्र स्थापना वर्ष
- USA: 1787
- स्विट्जरलैंड: 1848
- भारत: 1947
- जर्मनी: 1949
- केन्या: 1964
- नेपाल: 2008
प्रतिनिधि लोकतंत्र के दो मुख्य रूप
a. संसदात्मक लोकतंत्र (Parliamentary democracy)
- कार्यपालिका व विधायिका का संबंध: कार्यपालिका के सदस्य विधायिका के भी सदस्य होते हैं (जैसे भारत में प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद)।
- उत्तरदायित्व: मंत्रिपरिषद तब तक बनी रहती है जब तक उसे विधायिका (लोकसभा) का विश्वास प्राप्त हो।
b. अध्यक्षात्मक लोकतंत्र (Presidential democracy)
- प्रथक्करण: कार्यपालिका विधायिका से स्वतंत्र होकर काम करती है।
- राष्ट्रपति: जनता द्वारा निर्वाचित होता है और इसे पद पर बने रहने के लिए विधायिका के विश्वास की आवश्यकता नहीं होती (उदा. USA)।
विभिन्न लोकतांत्रिक देशों की तुलना
| देश | कार्यपालिका (Executive) | विधायिका (Legislature) | न्यायपालिका (Judiciary) |
| भारत | प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद | निचला सदन (लोकसभा) निचले सदन से अधिक शक्तिशाली | स्वतंत्र (शक्तियों का पृथक्करण) |
| USA | राष्ट्रपति | दोनों सदनों (सिनेट व प्रतिनिधि सभा) को समान शक्ति | स्वतंत्र (शक्तियों का पृथक्करण) |
| दक्षिण कोरिया | राष्ट्रपति | एकसदनीय (नेशनल असेंबली) | स्वतंत्र (शक्तियों का पृथक्करण) |
| ऑस्ट्रेलिया | प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद | दोनों सदनों (सिनेट व प्रतिनिधि सभा) को समान शक्ति | स्वतंत्र (शक्तियों का पृथक्करण) |
इतिहास की एक झलक (A Peek into History)
प्राचीन गणराज्य (Early republics)
- गणतंत्र की परिभाषा: शासन की ऐसी प्रणाली जहाँ देश का प्रमुख निर्वाचित होता है, न कि कोई वंशानुगत राजा।
- भारत के प्राचीन महाजनपद:
- वज्जि (वृजि) महाजनपद: यहाँ विशेष रूप से लिच्छवी वंश सामूहिक निर्णय प्रक्रिया अपनाता था।
- योग्यता आधारित चयन: नेताओं का चुनाव जन्म के बजाय योग्यता के आधार पर होता था।
- नियमित बैठकें: विभिन्न कुलों के प्रतिनिधि नियमित रूप से मिलकर जन-कल्याण के मुद्दों पर चर्चा और समाधान निकालते थे।
- उत्तरमेरूर अभिलेख (10वीं शताब्दी CE):
- स्थान: तमिलनाडु में स्थित वैकुंठ पेरुमल मंदिर की दीवारों पर चोलकालीन अभिलेख अंकित हैं।
- स्थानीय स्वशासन: ये अभिलेख ग्राम सभा के सदस्यों के चुनाव की विस्तृत प्रक्रिया बताते हैं।
- चुनावी पारदर्शिता: इसमें सीलबंद मतपेटी, सदस्यों की योग्यताएँ और उनके कर्तव्यों का विवरण है।
- कठोर बर्खास्तगी नियम: यदि कोई सदस्य भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता था, तो उसे तुरंत पद से हटा दिया जाता था।
- वैश्विक संदर्भ में प्राचीन गणराज्य:
- 5वीं और 4थी शताब्दी ईसा पूर्व (BCE) में रोम और ग्रीस (यूनान) में गणराज्य मौजूद थे।
- सीमित मताधिकार: ग्रीस के कुछ हिस्सों में केवल स्वतंत्र पुरुषों को वोट देने का अधिकार था; महिलाओं, श्रमिकों और दासों को इससे बाहर रखा गया था।
- विशिष्ट वर्ग का नियंत्रण: कुछ क्षेत्रों में निर्णय लेने या वोट देने का अधिकार केवल एक छोटे, विशेषाधिकार प्राप्त समूह के पास ही था।
शासन के अन्य रूप (Other Forms of Government)
1. राजतंत्र (Monarchy)
- प्राचीन भारत में राजतंत्र:
- महाजनपदों में राजा सभा व समिति से सलाह लेते थे।
- राजा की शक्ति सीमित थी और उन्हें राजधर्म (प्रजा कल्याण और धर्म के अनुसार शासन) का पालन करना होता था।
- महाभारत (शांति पर्व): भीष्म ने युधिष्ठिर को सिखाया कि राजा का सर्वोच्च कर्तव्य प्रजा का कल्याण है। कानून बिना पक्षपात के लागू होना चाहिए।
- राजतरंगिणी (कल्हण, 12वीं शताब्दी CE): राजा चंद्रापीड़ ने मंदिर निर्माण के लिए एक मोची की झोपड़ी हटाने के बजाय उससे सम्मानपूर्वक अनुमति ली और मुआवजा दिया।
- वैश्विक संदर्भ: कई देशों में राजा खुद को दैवीय शक्तियों का प्रतिनिधि मानते थे और उनके पास असीमित शक्तियाँ थीं।
2. वर्तमान राजतंत्र
- निरंकुश राजतंत्र (Absolute Monarchy):
- राजा के पास कानून बनाने, लागू करने और न्याय करने की पूर्ण शक्ति होती है।
- उदाहरण: सऊदी अरब। यहाँ राजा इस्लामिक कानूनों के अनुसार शासन करता है और उसकी सहायता के लिए नियुक्त परिषद की सलाह मानने के लिए वह बाध्य नहीं है।
- संवैधानिक राजतंत्र (Constitutional Monarchy):
- राजा/रानी केवल नाममात्र (Nominal) के राष्ट्राध्यक्ष होते हैं।
- वास्तविक कार्यपालिका शक्ति प्रधानमंत्री और विधायिका शक्ति चुनी हुई संसद के पास होती है।
- उदाहरण: यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन)।

3. धर्मतंत्र (Theocracy)
- परिभाषा: ऐसा शासन जो धार्मिक नियमों और धार्मिक नेताओं द्वारा चलाया जाता है।
- उदाहरण:
- ईरान (इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान): यहाँ धर्मतंत्र और लोकतंत्र का अनूठा मिश्रण है। सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) का चयन इस्लामिक मौलवी करते हैं, जो आजीवन पद पर रहते हैं। दैनिक शासन के लिए निर्वाचित राष्ट्रपति और संसद होते हैं।
- अन्य उदाहरण: अफगानिस्तान और वेटिकन सिटी।
4. तानाशाही (Dictatorship)
- परिभाषा: शासन का वह रूप जहाँ किसी एक व्यक्ति या छोटे समूह के पास बिना किसी संवैधानिक सीमा के निरंकुश शक्ति होती है।
- प्रमुख ऐतिहासिक उदाहरण:
- अडोल्फ हिटलर (जर्मनी, 1933): विपक्षी दलों को समाप्त कर पूर्ण शक्ति हथियाई। यह द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) और लगभग 60 लाख यहूदियों के नरसंहार (होलोकॉस्ट) का कारण बना।
- इदी अमीन (युगांडा): सैन्य तानाशाह, जिसने हज़ारों लोगों की हत्या करवाई और भारतीय मूल के लोगों को देश छोड़ने पर मजबूर किया।
- समकालीन उदाहरण (उत्तर कोरिया): व्यक्तिगत स्वतंत्रता, इंटरनेट, कपड़ों और हेयर स्टाइल तक पर पूर्ण सरकारी नियंत्रण (अधिनायकवादी शासन)।
5. अल्पतंत्र (Oligarchy)
- उत्पत्ति: ग्रीक शब्द oligos (कुछ) और arkho (शासन) से बना है।
- परिभाषा: जब समाज का एक छोटा, शक्तिशाली और धनी वर्ग सभी महत्वपूर्ण निर्णय लेता है।

- आधुनिक संदर्भ: जब लोकतंत्र में भी कुछ धनी व्यापारी और राजनेता अत्यधिक प्रभाव बना लेते हैं, तो वह ‘अल्पतंत्र’ के लक्षण दर्शाने लगता है।
शासन प्रणालियों का तुलनात्मक ढांचा
| शासन प्रणाली | शक्ति का केंद्र | निर्णय लेने का आधार | प्रमुख उदाहरण |
| गणतंत्र (Republic) | निर्वाचित प्रतिनिधि | संविधान व जनप्रतिनिधि | भारत, प्राचीन वज्जि |
| निरंकुश राजतंत्र | राजा/सम्राट | राजा का आदेश/धार्मिक नियम | सऊदी अरब |
| संवैधानिक राजतंत्र | निर्वाचित संसद (नाममात्र का राजा) | लिखित संविधान | यूनाइटेड किंगडम (UK) |
| धर्मतंत्र (Theocracy) | धार्मिक नेता / सर्वोच्च धार्मिक पद | धार्मिक ग्रंथ व नियम | ईरान, वेटिकन सिटी |
| तानाशाही (Dictatorship) | एक व्यक्ति या सैन्य समूह | शासक की स्वेच्छाचारिता | हिटलर (जर्मनी), उत्तर कोरिया |
| अल्पतंत्र (Oligarchy) | धनी व प्रभावशाली समूह | विशिष्ट समूह का हित | प्राचीन ग्रीस के कुछ क्षे |
लोकतंत्र क्यों महत्वपूर्ण है? (Why Democracy Matters)
- सर्वोत्तम विकल्प: दुनिया में शासन के कई रूप हैं, लेकिन लोकतंत्र को अन्य सभी प्रणालियों की तुलना में सबसे बेहतर माना जाता है।
- जनता की स्वतंत्रता: वास्तविक लोकतंत्र में नागरिकों को बोलने, पहनने, सोचने और जीवन जीने की स्वतंत्रता होती है, जब तक कि वह दूसरों के अधिकारों का हनन न करे।
- सरकार की जवाबदेही (Accountability): सरकार जनता के अधिकारों की रक्षा और बुनियादी ज़रूरतों की पूर्ति के लिए जिम्मेदार होती है।
- सदा सतर्क नियंत्रण (Check & Balance): यदि सरकार सही काम न करे, तो जनता चुनावों के ज़रिए उसे बदल सकती है।
- वैश्विक स्वीकार्यता: दुनिया के आधे से अधिक देशों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपनाया है।
विभिन्न शासन प्रणालियों की तुलना
| विशेषताएँ (Characteristics) | लोकतंत्र (Democracy) | तानाशाही (Dictatorship) | निरंकुश राजतंत्र (Absolute Monarchy) | अल्पतंत्र (Oligarchy) |
| सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार | हाँ (Yes) | नहीं (No) | नहीं (No) | नहीं (No) |
| नागरिकों में समानता | हाँ (Yes) | नहीं (No) | नहीं (No) | नहीं (No) |
| अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता | हाँ (Yes) | नहीं (No) | नहीं (No) | नहीं (No) |
| शक्तियों का पृथक्करण | हाँ (Yes) | नहीं (No) | नहीं (No) | नहीं (No) |
| सभी नागरिकों का कल्याण व समृद्धि | हाँ (Yes) | नहीं (No) | नहीं (No) | नहीं (No) |