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5 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

5 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करने वाले ISRO द्वारा GSLV-F17 से EOS-05 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए ‘डिस्ट्रिक्ट्स एज एक्सपोर्ट हब्स’ (DEH) पहल, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों में सुशासन और कानूनी अनुपालन सुगम बनाने वाले ‘कॉर्पोरेट मित्र’ पाठ्यक्रम, राजमार्गों के पर्यावरण-अनुकूल विकास हेतु NHAI का ‘ग्रीन हाईवे एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026’, वेस्ट हीट रिकवरी में क्रांतिकारी खोज स्कैंडियम नाइट्राइड (ScN) में रिकॉर्ड थर्मोइलेक्ट्रिक प्रभाव, स्मार्ट ड्रग डिलीवरी व मेमोरी तकनीक में जाम्ड सिस्टम और माइक्रोगेल कण, जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के लिए ‘पीएम-जनमन’ और ‘DA-JGUA’ पहलों की प्रगति समीक्षा, तथा बायोमेडिकल डिवाइसेस हेतु पेप्टाइड आधारित पीजोइलेक्ट्रिक बायोमटेरियल्स का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। ISRO की बड़ी उपलब्धि: GSLV-F17 द्वारा EOS-05 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ISRO के GSLV-F17/EOS-05 मिशन के सफल प्रक्षेपण की सराहना करते हुए इसे देश के लिए एक गर्व का क्षण बताया। यह प्रक्षेपण सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC-SHAR), श्रीहरिकोटा के द्वितीय लॉन्च पैड से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मुख्य बिंदु: EOS-05 मिशन और अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार 1. जिओसिंक्रोनस कक्षा से पहला इमेजिंग सैटेलाइट 2. ISRO और भारतीय उद्योग की बढ़ती भागीदारी उपग्रह एवं प्रक्षेपण यान: घटक विवरण प्रक्षेपण यान (Launch Vehicle) GSLV-F17 (GSLV Mk-II की 19वीं उड़ान) पेलोड / उपग्रह EOS-05 (भार: लगभग 2,367 किग्रा) कक्षा (Orbit) सब-जिओसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (Sub-GTO) प्राथमिक उद्देश्य आपदा प्रबंधन, कृषि विश्लेषण और भू-भाग की निरंतर उच्च-गुणवत्ता इमेजिंग ‘डिस्ट्रिक्ट्स एज एक्सपोर्ट हब्स’ (DEH) पहल: भारत के हर जिले को निर्यात का केंद्र बनाने की रणनीति चर्चा में क्यों? वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (PIB दिल्ली) ने ‘Districts as Export Hubs (DEH)’ पहल की प्रगति और इसके कार्यान्वयन की रूपरेखा पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य देश के प्रत्येक जिले की अनूठी उत्पादन और सेवा क्षमताओं को पहचानकर उन्हें सीधे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना है। यह पहल भारत के पारंपरिक निर्यात मॉडल को, जो केवल कुछ बड़े शहरों और बंदरगाहों तक सीमित था, बदलकर विकेंद्रीकृत और समावेशी विकास को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत छोटे व्यापारियों, एमएसएमई (MSMEs), स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों को सीधे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ा जा रहा है। मुख्य बिंदु: जिला-स्तरीय निर्यात मॉडल और इसका क्रियान्वयन 1. ODOP से DEH तक का सफर 2. तीन-स्तरीय संस्थागत संरचना 3. डिजिटलीकरण, अवसंरचना और क्षमता निर्माण प्रमुख जिला उत्पाद मैपिंग (DEH Product Mapping) जिला राज्य संभावित निर्यात उत्पाद साबरकांठा गुजरात सिरामिक एवं टाइल्स, आलू अरावली गुजरात खनिज, कृषि प्रसंस्करण, कांच एवं टाइल्स जलगाँव महाराष्ट्र जलगाँव केला, जलगाँव भरीत बैंगन आगर मालवा मध्य प्रदेश संतरा बस्तर छत्तीसगढ़ बस्तर आयरन क्राफ्ट, चावल, ज्वार, मक्का जामताड़ा झारखंड बांस शिल्प, काजू कॉर्पोरेट मित्र पाठ्यक्रम: MSME अनुपालन और क्षमता निर्माण के लिए नई पहल चर्चा में क्यों? कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs – MCA) के मार्गदर्शन में ICAI, ICSI और ICoAI द्वारा ‘कॉर्पोरेट मित्र पाठ्यक्रम’ के पहले बैच की औपचारिक शुरुआत की गई। इस योजना के तहत कॉर्पोरेट मित्र लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) भी लॉन्च किया गया है, जिसके पहले बैच में कुल 2,879 शिक्षार्थियों (Learners) ने अपना पंजीकरण कराया है। इसका प्राथमिक उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए व्यावसायिक और नियामक अनुपालन को आसान और सुलभ बनाना है। मुख्य बिंदु: कॉर्पोरेट मित्र पहल की रूपरेखा और उद्देश्य 1. पृष्ठभूमि और बजटीय घोषणा 2. बहु-संस्थानीय सहयोग और तकनीकी साझेदारी 3. पाठ्यक्रम की संरचना और प्रशिक्षण मॉडल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पहल का नाम कॉर्पोरेट मित्र पाठ्यक्रम प्रथम बैच पंजीकरण 2,879 शिक्षार्थी (Learners) प्रशासनिक मंत्रालय कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) बजटीय संदर्भ केंद्रीय बजट 2026-27 प्रशिक्षण अवधि 12 महीने (6 महीने अकादमिक + 6 महीने ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग) मुख्य लक्ष्य MSMEs के लिए अनुपालन (Compliance) को आसान बनाना और पैरा-प्रोफेसनल्स तैयार करना NHAI का ‘ग्रीन हाईवे एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026’: राष्ट्रीय राजमार्गों पर पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा चर्चा में क्यों? भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने ‘ग्रीन हाईवे एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026’ के विजेताओं की घोषणा की। इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर वृक्षारोपण और सौंदर्यकरण की सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देना है। यह पहल राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता को जोड़ने की NHAI की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसके माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ राजमार्गों के निर्माण के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों, ठेकेदारों, एनजीओ और निजी एजेंसियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्य बिंदु: पुरस्कार की श्रेणियां और मूल्यांकन ढांचा 1. पुरस्कार की प्रमुख श्रेणियां और विजेता NHAI द्वारा यह पुरस्कार तीन अलग-अलग श्रेणियों में प्रदान किए गए हैं: 2. नामांकन और मूल्यांकन प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार का नाम ग्रीन हाईवे एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026 आयोजक संस्था भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) स्थापना वर्ष वर्ष 2025 (हरित राजमार्ग नीति, 2015 के तहत) मूल्यांकन का मुख्य आधार पौधों की जीवित रहने की दर (Survival-rate Data) विशेष तकनीक/पार्क नागपुर में ऑक्सीजन बर्ड पार्क एवं लखनऊ में मियावाकी तकनीक पुरस्कार श्रेणियां एवेन्यू प्लांटेशन, मीडियन प्लांटेशन और लैंड पार्सल स्कैंडियम नाइट्राइड (ScN) में रिकॉर्ड थर्मोइलेक्ट्रिक प्रभाव: ताप से बिजली बनाने की सदी पुरानी सीमा टूटी चर्चा में क्यों? जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR), सिडनी विश्वविद्यालय और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बैंगलोर के वैज्ञानिकों की एक संयुक्त टीम ने एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की। उन्होंने एक विशेष क्रिस्टलीय सेमीकंडक्टर विकसित किया है जो तापमान के अंतर को सामान्य से लगभग 1,000 गुना अधिक विद्युत वोल्टेज में बदल देता है। यह खोज ठोस पदार्थों में तापीय ऊर्जा से बिजली बनाने (Seebeck Effect) की सदी पुरानी भौतिक सीमा को तोड़ती है। मुख्य बिंदु: खोज का विवरण, सीबेक प्रभाव और व्यावहारिक अनुप्रयोग 1. सीबेक प्रभाव और ऐतिहासिक सीमा का टूटना 2. सामग्री और निर्माण तकनीक (HDHC ScN) 3. प्रोटोटाइप सेंसर और भविष्य के अनुप्रयोग जाम्ड सिस्टम और माइक्रोगेल कण: तापीय आघात से मेमोरी इरेज़र और ड्रग डिलीवरी में नया मोड़ चर्चा में क्यों? रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI), बैंगलोर के वैज्ञानिकों ने जाम्ड सिस्टम्स में संरचनात्मक पुनर्प्राप्ति पर एक महत्वपूर्ण अध्ययन प्रकाशित किया। उन्होंने साबित किया है कि ग्लास जैसे ठोस पदार्थों को अचानक तापीय आघात देकर उनके अंदर

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4 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

4 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत वैश्विक रक्षा साझेदारी को दिशा देने वाले ‘रक्षा’ कूटनीति दस्तावेज (अगले 10 वर्षों का विजन), भारत के बंदरगाहों को हरित बनाने हेतु भारत का ग्रीन शिपिंग विजन (शून्य-उत्सर्जन गलियारे और हरित बंदरगाह), नेशनल लीडरशिप डायलॉग और एजेंटिक एआई स्किलिंग प्रोग्राम, भारतीय संगीत जगत की महान हस्ती प्रसिद्ध गुजराती संगीतकार गौरांग व्यास का निधन, जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देने वाले BIO-NIVESH (बायोटेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स के लिए निवेश मंच), भारत का एफटीए उपयोग अभियान (वैश्विक व्यापार में नई छलांग), तथा रीसाइक्लिंग तकनीक से टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण हेतु NH-716 पर 60% RAP तकनीक का सफल प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। ‘रक्षा’ कूटनीति दस्तावेज: अगले 10 वर्षों का विजन चर्चा में क्यों? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में ‘रक्षा’ (RAKSHA – Strategic Roadmap for Defence Diplomacy) नाम से एक व्यापक दस्तावेज जारी किया। यह दस्तावेज अगले 10 वर्षों (2026-2036) के लिए भारत की रक्षा कूटनीति, वैश्विक रणनीतिक साझेदारियों और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करता है। मुख्य बिंदु: रणनीतिक रोडमैप के 4 मुख्य स्तंभ 1. रणनीतिक साझेदारियों का विस्तार 2. क्षमता निर्माण और संयुक्त अभ्यास 3. स्वदेशी रक्षा निर्यात 4. समुद्री सुरक्षा (Maritime Security in IOR) ‘RAKSHA’ दस्तावेज के प्रमुख स्तंभ स्तंभ मुख्य उद्देश्य 1. रणनीतिक साझेदारियां सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना और वैश्विक नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखना। 2. क्षमता निर्माण प्रशिक्षण, संयुक्त सैन्य अभ्यास और ज्ञान साझाकरण। 3. स्वदेशी निर्यात भारत को विश्वसनीय रक्षा निर्यात हब बनाना (‘मेक इन इंडिया’)। 4. समुद्री सुरक्षा हिंद महासागर क्षेत्र में ‘Net Security Provider’ और ‘First Responder’ बनना। प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य दस्तावेज का नाम RAKSHA (Defence Diplomacy Document) जारीकर्ता रक्षा मंत्रालय (रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह) समय अवधि अगले 10 वर्ष (2026 से 2036) मुख्य लक्ष्य रणनीतिक स्वायत्तता, रक्षा निर्यात और समुद्री सुरक्षा भारत का ग्रीन शिपिंग विजन: शून्य-उत्सर्जन गलियारे और हरित बंदरगाह चर्चा में क्यों? केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने टेरी के ग्वाल पहाड़ी परिसर (गुरुग्राम) का दौरा किया। उन्होंने भारत के बंदरगाहों को हरित ईंधन (Green Fuel) के लिए तैयार करने, शून्य-उत्सर्जन नौवहन गलियारों (Zero-Emission Shipping Corridors) के निर्माण और समुद्री डीकार्बोनाइजेशन की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य बिंदु: ग्रीन शिपिंग और बंदरगाहों की तैयारी 1. NCoEGPS और अनुसंधान साझेदार 2. प्रमुख बंदरगाहों की हरित पहल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मंत्रालय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) NCoEGPS केंद्र TERI ग्वाल पहाड़ी कैंपस (गुरुग्राम, हरियाणा) ग्रीन बैंकरिंग हब वाले पोर्ट्स दीनदयाल (गुजरात), पारादीप (ओडिशा), V.O. चिदंबरनार (तमिलनाडु) शोर पावर तकनीक कामरजार पोर्ट (तमिलनाडु) के कोयला टर्मिनलों पर लागू वैश्विक लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों के अनुरूप नेशनल लीडरशिप डायलॉग और एजेंटिक एआई स्किलिंग प्रोग्राम चर्चा में क्यों? नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में NIELIT (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) और Intel India ने “Preparing the Future Workforce for the Agentic AI Era” विषय पर नेशनल लीडरशिप डायलॉग का आयोजन किया। इसी अवसर पर देश भर के युवाओं को AI के अगले चरण के लिए कुशल बनाने हेतु एजेंटिक एआई स्किलिंग प्रोग्राम लॉन्च किया गया। मुख्य बिंदु: एजेंटिक एआई और नया स्किलिंग फ्रेमवर्क 1. एजेंटिक एआई क्या है? 2. लॉन्च किए गए 2 प्रमुख कौशल कार्यक्रम NIELIT और इंटेल इंडिया ने संयुक्त रूप से दो स्तरों पर ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए हैं: 3. इंडिया एआई मिशन और विज़न प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम Agentic AI Skilling Initiative आयोजक NIELIT (MeitY) एवं Intel India मुख्य विषय Preparing the Future Workforce for the Agentic AI Era शुरू किए गए कोर्स 1. Agentic AI for Everyone2. Engineering Agentic AI Systems प्रसिद्ध गुजराती संगीतकार गौरांग व्यास का निधन चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजराती संगीत जगत के दिग्गज और जाने-माने संगीतकार श्री गौरांग व्यास के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने गुजराती सुगम संगीत और क्षेत्रीय सिनेमा में अपने अद्वितीय योगदान से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया। मुख्य बिंदु: गौरांग व्यास का संगीत क्षेत्र में योगदान 1. सांस्कृतिक संगीत विरासत को आगे बढ़ाना 2. गुजराती सिनेमा और संगीत में योगदान प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नाम गौरांग व्यास क्षेत्र संगीत रचना एवं निर्देशन (गुजराती संगीत) संबद्ध राज्य गुजरात पिता का योगदान अविनाश व्यास (गुजरात के प्रसिद्ध संगीतकार, पद्म श्री प्राप्तकर्ता) परीक्षा हेतु प्रासंगिकता भारतीय कला एवं संस्कृति (क्षेत्रीय संगीत रूप और व्यक्तित्व) BIO-NIVESH: बायोटेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स के लिए निवेश मंच चर्चा में क्यों? केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में ‘BIO-NIVESH’ नाम के एक रणनीतिक प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। यह पहल जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) क्षेत्र के इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स और प्राइवेट इन्वेस्टर्स को एक मंच पर लाती है। इसका मुख्य उद्देश्य लैब में तैयार नई खोजों को बाजार और बड़े पैमाने पर उत्पादन (Scale-up) तक पहुँचाने के लिए निजी पूंजी जुटाना है। मुख्य बिंदु: BIO-NIVESH और भारत का बायोटेक विजन 1. “Big Five in Five Years” का दृष्टिकोण 2. औद्योगिक क्रांति 4.0 से देर से न जुड़ने की सीख 3. ₹1 लाख करोड़ का RDI फंड और BIRAC की भूमिका प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पहल का नाम BIO-NIVESH नोडल मंत्रालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MoST) कार्यान्वयन एजेंसी BIRAC (Biotechnology Industry Research Assistance Council) रणनीतिक लक्ष्य ‘Big Five in Five Years’ (बायोटेक में 5 बड़ी एंकर कंपनियाँ बनाना) संबंधित राष्ट्रीय फंड ₹1 लाख करोड़ का RDI फंड भारत का एफटीए उपयोग अभियान: वैश्विक व्यापार में नई छलांग चर्चा में क्यों? वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में आयोजित “Leveraging FTAs: An Outreach Programme” राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत के सभी 780 जिलों में मुक्त व्यापार समझौतों (Free Trade Agreements – FTAs) के अधिकतम उपयोग के लिए एक राष्ट्रव्यापी आउटरीच अभियान का आह्वान किया। मुख्य बिंदु: वैश्विक व्यापार नेटवर्क और भारत का विजन 1. वैश्विक व्यापार तक पहुंच और टैरिफ लाभ 2. निर्यात लक्ष्य और आर्थिक प्रदर्शन 3. प्रमुख नीतियां और संस्थागत तंत्र प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम National Workshop

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3 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

3 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत के मजबूत आर्थिक संकेतकों को दर्शाने वाले भारत की सॉवरन क्रेडिट रेटिंग में सुधार (जापानी रेटिंग एजेंसी JCR द्वारा ‘A-‘ दर्जा), बाघ परिदृश्यों व जैव-अर्थव्यवस्था के संरक्षण हेतु अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला एवं IBCA-ADB समझौता, युवाओं को साहसिक गतिविधियों में प्रेरित करने वाले तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 की घोषणा, जैव प्रौद्योगिकी और क्वांटम तकनीक के एकीकरण हेतु क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी पर राष्ट्रीय सम्मेलन, कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा अधिकारों को सुदृढ़ करने वाली EPFO एमनेस्टी योजना 2026 (पीएफ ट्रस्टों का नियमितीकरण), तथा भू-राजनीतिक स्थिरता व ऊर्जा परिवर्तन पर आधारित 6ठें अंतर्राष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन 2026 का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारत की सॉवरन क्रेडिट रेटिंग में सुधार: जापानी रेटिंग एजेंसी JCR ने दिया ‘A-‘ का दर्जा चर्चा में क्यों? जापान की प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Japan Credit Rating Agency (JCR) ने भारत की फॉरेन करेंसी और लोकल करेंसी लॉन्ग-टर्म इश्यूअर रेटिंग्स को ‘BBB+’ से बढ़ाकर ‘A-’ कर दिया है। इसके साथ ही JCR ने भारत के आउटलुक को ‘स्थिर’ (Stable) रखा है और कंट्री सीलिंग को भी बढ़ाकर ‘A’ कर दिया है। यह सुधार वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद को दर्शाता है। मुख्य बिंदु: रेटिंग में सुधार के मुख्य कारण और आर्थिक आधार 1. मजबूत और लचीली जीडीपी वृद्धि (GDP Growth) 2. राजकोषीय घाटे में कमी और गुणवत्तापूर्ण व्यय 3. वित्तीय प्रणाली और बैंकिंग क्षेत्र में सुधार 4. मजबूत बाह्य क्षेत्र भारत की रेटिंग अपग्रेड का इतिहास क्रेडिट रेटिंग एजेंसी रेटिंग अपग्रेड का समय Morningstar DBRS मई 2025 S&P Global Ratings अगस्त 2025 Rating and Investment Information, Inc. (R&I), जापान सितंबर 2025 Japan Credit Rating Agency (JCR) सितंबर 2026 अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला: ‘टाइगर लैंडस्केप, बायोइकोनॉमी और इकोटूरिज्म’ एवं IBCA-ADB समझौता चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में ‘टाइगर लैंडस्केप: संरक्षण, बायोइकोनॉमी और इकोटूरिज्म’ विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA), एशियाई विकास बैंक (ADB) और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसी अवसर पर IBCA और ADB के बीच प्राकृतिक परिदृश्य संरक्षण और वित्तपोषण के लिए एक MoU पर भी हस्ताक्षर किए गए। मुख्य बिंदु: कार्यशाला के प्रमुख पहलू और भारत का दृष्टिकोण 1. पारिस्थितिक संरक्षण का मूल आधार: ‘सामंजस्य एवं मानव-प्रकृति सह-अस्तित्व’ 2. पारंपरिक ज्ञान का नीतियों में समावेश 3. IBCA और ADB के बीच ऐतिहासिक समझौता (MoU) सहभागी अंतर्राष्ट्रीय निकाय एवं संस्थागत ढांचा प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यशाला का विषय Tiger Landscapes: Conservation, Bioeconomy and Ecotourism आयोजक संस्थाएँ IBCA, ADB एवं NTCA (MoEFCC) नया द्विपक्षीय समझौता IBCA और ADB के बीच प्रकृति-अनुकूल वित्तपोषण हेतु MoU भागीदार रेंज देश बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, मलेशिया, नेपाल और वियतनाम ADB-भारत साझेदारी वर्ष 2026 (40 वर्ष पूरे) IBCA द्वारा संरक्षित 7 प्रजातियाँ बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024: विजेताओं की घोषणा चर्चा में क्यों? युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (MoYA&S) ने वर्ष 2024 के लिए तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार (TNNAA) की घोषणा की। ये पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के साथ राष्ट्रपति भवन में प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक कांस्य प्रतिमा, एक प्रमाण पत्र और 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। मुख्य बिंदु: पुरस्कार का उद्देश्य और 2024 के विजेता 1. पुरस्कार का उद्देश्य और महत्व 2. तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 के विजेता क्र. सं. विजेता का नाम श्रेणी (Category) 1. सुश्री बलजीत कौर थल साहस (Land Adventure) 2. श्री स्कालज़ांग रिग्ज़िन थल साहस (Land Adventure) 3. श्री रिमो साहा जल साहस (Water Adventure) 4. श्री शिव प्रसाद चमोली जीवन पर्यंत उपलब्धि (Life Time Achievement) नोट: इस वर्ष ‘वायु साहस’ (Air Adventure) श्रेणी में कोई पुरस्कार घोषित नहीं किया गया है। संस्थागत ढांचा एवं चयन प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार का नाम तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार (TNNAA) 2024 मंत्रालय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (MoYA&S) पुरस्कार राशि 15 लाख रुपये (प्रति विजेता) पुरस्कार की श्रेणियां (4) Land, Water, Air, and Life Time Achievement प्रदानकर्ता भारत के राष्ट्रपति (राष्ट्रपति भवन) ऐतिहासिक पृष्ठभूमि तेनज़िंग नोर्गे (एडमंड हिलेरी के साथ 1953 में एवरेस्ट फतह करने वाले प्रथम व्यक्ति) के सम्मान में नामित। क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी पर राष्ट्रीय सम्मेलन: भारत का रोडमैप चर्चा में क्यों? IIT बॉम्बे परिसर में क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी पर राष्ट्रीय सम्मेलन (National Conference on Quantum Biotechnology) का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन Qmet Tech Foundation द्वारा किया गया, जो राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत IIT बॉम्बे में स्थापित क्वांटम सेंसिंग एंड मेट्रोलॉजी का थीमेटिक हब (T-Hub) है। इसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) का समर्थन प्राप्त है। मुख्य बिंदु: क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी और इसके अनुप्रयोग 1. क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी क्या है? 2. मुख्य अनुप्रयोग क्षेत्र 3. उद्योग और अकादमिक क्षेत्र का एकीकरण संस्थागत ढांचा एवं हितधारक संस्था / निकाय भूमिका और योगदान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) नोडल मंत्रालय और नीतिगत दिशा-निर्देश Qmet Tech Foundation (IIT Bombay) क्वांटम सेंसिंग एवं मेट्रोलॉजी के लिए NQM का T-Hub जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) जीवन विज्ञान क्षेत्र के अनुप्रयोगों में तकनीकी सहयोग प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य सम्मेलन का नाम National Conference on Quantum Biotechnology आयोजन स्थल IIT बॉम्बे (PC Saxena Auditorium) आयोजक हब Qmet Tech Foundation (T-Hub for Quantum Sensing & Metrology) संबद्ध राष्ट्रीय मिशन राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission – NQM) सहयोगी विभाग DST (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) एवं DBT NQM का दायरा 2023 से 2031 तक संचालित 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का राष्ट्रीय मिशन EPFO एमनेस्टी योजना 2026: पीएफ ट्रस्टों की छूट स्थिति का नियमितीकरण चर्चा में क्यों? अधिसूचित कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना 2026 के तहत एक संक्रमणकालीन उपाय के रूप में एमनेस्टी प्रावधान पेश किए गए हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने संभावित पात्र भविष्य निधि (PF) ट्रस्टों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह योजना 29 जून 2026 से छह महीने की अवधि के लिए लागू है और इसकी अंतिम तिथि 28 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। मुख्य बिंदु: एमनेस्टी योजना की आवश्यकता, लाभ और क्रियान्वयन 1. योजना का मुख्य उद्देश्य 2. पीएफ ट्रस्टों को

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2 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

2 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत वैश्विक परमाणु जोखिम को कम करने वाली सेमीपलाटिंस्क संधि (अंतर्राष्ट्रीय परमाणु परीक्षण विरोधी दिवस और CANWFZ), क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाले 26वें SCO शिखर सम्मेलन 2026 (बिश्केक घोषणापत्र एवं भारत का दृष्टिकोण), जलवायु कार्रवाई को गति प्रदान करने वाले चतुर्थ भारत-जर्मनी पर्यावरण मंच 2026 (द्विपक्षीय जलवायु सहयोग एवं आर्द्रभूमि समझौता, कृषि उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने हेतु प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) की प्रगति समीक्षा, सार्वजनिक प्रशासन में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने हेतु राजधर्म और सुशासन (EPFO अधिकारियों के लिए नैतिक ढांचा), तथा वरिष्ठ नागरिकों व युवाओं के बीच सामाजिक समरसता के लिए सामाजिक न्याय मंत्रालय और रामकृष्ण मिशन के बीच MoU का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। सेमीपलाटिंस्क संधि: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु परीक्षण विरोधी दिवस और CANWFZ चर्चा में क्यों? 29 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय परमाणु परीक्षण विरोधी दिवस’ (International Day Against Nuclear Tests) के अवसर पर सेमीपलाटिंस्क संधि चर्चा में रही। वर्ष 2026 में 8 सितंबर को इस ऐतिहासिक संधि के हस्ताक्षर की 20वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। सेमीपलाटिंस्क संधि (CANWFZ) के मुख्य पहलू 1. क्या है यह संधि? 2. संधि का मुख्य उद्देश्य 3. संधि की अनोखी संरचनात्मक विशेषताएं 29 अगस्त: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु परीक्षण विरोधी दिवस पहलू विवरण प्रारंभकर्ता कज़ाकिस्तान के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा 2009 में घोषित। महत्व 29 अगस्त 1991 को कज़ाकिस्तान में सोवियत संघ के सेमीपलाटिंस्क परमाणु परीक्षण स्थल को आधिकारिक रूप से बंद किया गया था। उद्देश्य परमाणु हथियारों के परीक्षणों के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और वैश्विक निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देना। प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य संधि का स्थान सेमे (पूर्व नाम- सेमीपलाटिंस्क), कज़ाकिस्तान सदस्य देश 5 मध्य एशियाई देश (C5: कज़ाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज़्बेकिस्तान) 2026 अध्यक्षता कज़ाकिस्तान (CANWFZ की घूर्णी अध्यक्षता) वैश्विक स्थिति उत्तरी गोलार्द्ध का पहला परमाणु-मुक्त क्षेत्र संबंधित अन्य संधि CTBT (व्यापक परमाणु-परीक्षण-प्रतिबंध संधि – 1996) 26वां SCO शिखर सम्मेलन 2026: बिश्केक घोषणापत्र एवं भारत का दृष्टिकोण चर्चा में क्यों? भारतीय प्रधानमंत्री ने 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के दौरान बिश्केक (किर्गिज़ गणराज्य) में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 26वीं बैठक में भाग लिया। वर्ष 2026 में SCO की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस अवसर पर सदस्य देशों ने अगले 25 वर्षों के लिए क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि का रोडमैप तैयार किया। मुख्य बिंदु: सम्मेलन के प्रमुख पहलू और भारत का पक्ष 1. सुरक्षा और आतंकवाद पर सख्त रुख 2. संप्रभुता-आधारित कनेक्टिविटी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर 3. सांस्कृतिक विनिमय और भारत की प्रमुख पहलें सम्मेलन के प्रमुख परिणाम प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन तिथि एवं स्थान 31 अगस्त – 1 सितंबर 2026, बिश्केक (किर्गिज़स्तान) आयोजन की विशेषता SCO स्थापना की 25वीं वर्षगांठ SCO का मुख्य अंग काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट (सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था) मुख्यालय / सचिवालय बीजिंग (चीन) आतंकवाद विरोधी संस्था RATS (Regional Anti-Terrorist Structure) – ताशकंद (उज़्बेकिस्तान) चतुर्थ भारत-जर्मनी पर्यावरण मंच 2026: द्विपक्षीय जलवायु सहयोग एवं आर्द्रभूमि समझौता चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में चौथे भारत-जर्मनी पर्यावरण मंच (4th Indo-German Environment Forum – IGEF) का आयोजन किया गया। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और जर्मनी के पर्यावरण मंत्री कार्सटन श्नाइडर ने की। इस मंच का मुख्य विषय “Together For More Resilience” (अधिक लचीलेपन के लिए एक साथ) था। इस वर्ष भारत और जर्मनी अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष भी पूरे कर रहे हैं। मुख्य बिंदु: मंच के प्रमुख पहलू और महत्वपूर्ण समझौते 1. आर्द्रभूमि संरक्षण पर संयुक्त घोषणा पत्र (JDI on Wetlands) 2. सर्कुलर इकोनॉमी और आर्थिक क्षमता 3. भारी उद्योगों का डीकार्बोनाइजेशन 4. हरित संक्रमण में व्यापारिक सहयोग मंच की संरचना एवं कार्य समूह प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मंच का नाम 4th Indo-German Environment Forum (IGEF) 2026 आयोजन का विषय (Theme) Together For More Resilience नया द्विपक्षीय समझौता JDI on Conservation and Wise Use of Wetlands सर्कुलर इकोनॉमी लक्ष्य 2050 तक 2 Trillion बाज़ार मूल्य एवं 10 Million नए जॉब्स द्विपक्षीय संबंधों का मील का पत्थर भारत-जर्मनी रणनीतिक एवं राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष IGEF की शुरुआत वर्ष 2008 प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY): प्रगति समीक्षा एवं प्रमुख निष्कर्ष चर्चा में क्यों? केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली के कृषि भवन में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) की प्रगति की समीक्षा की। अक्टूबर 2026 में यह योजना अपने क्रियान्वयन का 1 वर्ष पूरा करने जा रही है। समीक्षा में देखा गया कि चिन्हित 100 जिलों का औसत प्रदर्शन स्कोर अप्रैल 2026 के 22.54 से बढ़कर जुलाई 2026 में 38.85 हो गया है। मुख्य बिंदु: योजना का क्रियान्वयन और प्रगति 1. योजना का उद्देश्य और आधार 2. 36 योजनाओं का अभिसरण 3. डेटा-आधारित निगरानी ढांचा 4. क्षमता निर्माण एवं विस्तार सेवाएँ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय कैबिनेट स्वीकृति एवं लॉन्च स्वीकृति: 16 जुलाई 2025 | औपचारिक शुभारंभ: 11 अक्टूबर 2025 कवरेज देश के 100 कृषि-पिछड़े जिले अभिसरण (Convergence) 11 मंत्रालयों की 36 योजनाएँ निगरानी मानक 121 इंडिकेटर्स (74 आउटपुट + 47 आउटकम) राजधर्म और सुशासन: EPFO अधिकारियों के लिए मार्गदर्शन एवं नैतिक ढांचा चर्चा में क्यों? कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (PDUNASS) के तत्त्वावधान में “Reimagining Governance: Discourse for Excellence (RGDE)” सत्र आयोजित किया गया। इस व्याख्यान में केरल के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने सार्वजनिक पदों पर आसीन अधिकारियों के लिए ‘राजधर्म’ को एक निरंतर चलने वाली नैतिक जिम्मेदारी बताया। मुख्य बिंदु: राजधर्म, सामाजिक सुरक्षा और समकालीन शासन 1. राजधर्म की अवधारणा और लोक सेवक का आचरण 2. प्रौद्योगिकी और मानवीय मूल्यों में संतुलन 3. सामाजिक सुरक्षा के संदर्भ में राजधर्म 4. सभ्यतागत ज्ञान और आधुनिक प्रशासन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम Reimagining Governance: Discourse for Excellence (RGDE) आयोजक संस्था EPFO एवं PDUNASS PDUNASS का पूर्ण रूप पंडित दीनदयाल उपाध्याय

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1 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

1 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत स्थायी कृषि और जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले ‘ग्रीन फोर्ज’ परिसर और BioE3 नीति, सेवा क्षेत्र की वास्तविक वृद्धि दरों को मापने हेतु सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP – जून 2026), अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता के क्षेत्र में मिसाल बने ‘मिशन ज़ीरो’ (देपालपुर मॉडल), काकेशस क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक पकड़ मजबूत करने वाली भारत-आर्मेनिया द्विपक्षीय बैठक, सोन नदी जल बंटवारा समझौता (बिहार और झारखंड), लक्षद्वीप क्षेत्र में आजीविका व समुद्री पारिस्थितिकी को गति देने वाले अगत्ती मत्स्य आउटरीच कार्यक्रम और मिशन रंगीन मछली 2031, UPI के उज़्बेकिस्तान में विस्तार (NIPL व NIPC समझौता) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। ‘ग्रीन फोर्ज’ परिसर और BioE3 नीति: कृषि-बायोटेक में भारत की नई क्रांति चर्चा में क्यों? केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पंजाब के मोहाली में ‘राष्ट्रीय कृषि-खाद्य और जैव-विनिर्माणी संस्थान’ (BRIC-NABI) में अपनी तरह के पहले ‘ग्रीन फोर्ज’ परिसर का उद्घाटन किया। यह सुविधा BioE3 (Biotechnology for Economy, Environment and Employment) राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान शुरू की गई। इसे जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फसलों के अनुसंधान और जलवायु-लचीली कृषि के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। मुख्य बिंदु: ग्रीन फोर्ज, BioE3 नीति और बायो-इकोनॉमी 1. ‘ग्रीन फोर्ज’ परिसर क्या है? 2. BioE3 नीति और बायोफैंड्री नेटवर्क 3. भारत की बायो-इकोनॉमी और कृषि अपशिष्ट प्रबंधन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य सुविधा का नाम ग्रीन फोर्ज परिसर स्थान BRIC-NABI, मोहाली (पंजाब) मूल नीति/पहल BioE3 नीति (Biotechnology for Economy, Environment and Employment) तकनीकी विशेषताएं नियंत्रित पर्यावरण सिमुलेशन, AI इंटीग्रेशन, GM फसल परीक्षण भारत की बायो-इकोनॉमी 200 बिलियन डॉलर सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) जून 2026: आर्थिक वृद्धि का नया पैमाना चर्चा में क्यों? सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने जून 2026 के लिए 19 उप-क्षेत्रों (Sub-sectors) का उप-क्षेत्रीय प्रायोगिक सेवा उत्पादन सूचकांक (Sub-Sectoral Trial Index of Services Production – ISP) जारी किया है। इस सूचकांक का आधार वर्ष (Base Year) 2024–25 तय किया गया है। यह डेटा भारत के सेवा क्षेत्र की मासिक प्रगति को ट्रैक करने में मदद करता है। मुख्य बिंदु: ISP जून 2026 के प्रमुख निष्कर्ष और संरचना 1. विकास दर के प्रमुख आँकड़े 2. सबसे तेज़ बढ़ने वाले शीर्ष उप-क्षेत्र 3. प्रयोग के आधार पर प्रकाशन सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP): प्रदर्शन तालिका (जून 2026) उप-क्षेत्र (Broad Sub-Sector) ISP जून 2026 वार्षिक वृद्धि (%) रियल एस्टेट 119.0 24.7% खुदरा व्यापार 138.0 18.0% थोक व्यापार 122.8 15.1% प्रशासनिक व सहायता सेवाएँ 121.7 14.4% IT एवं कंप्यूटर सेवाएँ 130.8 13.5% भंडारण (Warehousing) 128.3 11.8% बैंकिंग 121.3 11.4% आवास एवं भोजन (Accommodation & Food) 141.2 10.2% हवाई परिवहन (Air Transport) 91.2 -6.0% ‘मिशन ज़ीरो’: देपालपुर ने लिगेसी वेस्ट से पाई मुक्ति चर्चा में क्यों? मध्य प्रदेश का देपालपुर नगर परिषद ‘स्वच्छ शहर जोड़ी’ (Swachh Shehar Jodi) पहल के तहत “ज़ीरो लिगेसी वेस्ट” का लक्ष्य हासिल करने वाला देश का पहला शहर बन गया है। इंदौर नगर निगम की देखरेख और मार्गदर्शन में देपालपुर ने 5 वर्षों से जमा 1,250 मीट्रिक टन पुराने कचरे (Legacy Waste) का 100% वैज्ञानिक उपचार किया। मुख्य बिंदु: स्वच्छ शहर जोड़ी और देपालपुर मॉडल 1. स्वच्छ शहर जोड़ी (Swachh Shehar Jodi) पहल क्या है? 2. अपशिष्ट प्रबंधन और लिगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग 3. अन्य संबद्ध पहलें प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पहला ज़ीरो लिगेसी वेस्ट शहर देपालपुर (मध्य प्रदेश) प्रमुख पहल स्वच्छ शहर जोड़ी (Swachh Shehar Jodi) मूल योजना स्वच्छ भारत मिशन – शहरी 2.0 (SBM-U 2.0) मेंटरशिप मॉडल ‘ईच वन टीच वन’ (72 मेंटर + 200 मेंटी शहर) मंत्रालय आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय (MoHUA) RDF का उपयोग सीमेंट कारखानों में ईंधन (Co-processing) के रूप में भारत-आर्मेनिया द्विपक्षीय बैठक: मध्य एशिया और काकेशस क्षेत्र में नई साझेदारी चर्चा में क्यों? किर्गिज़ गणराज्य के बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के इतर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। जून में आर्मेनिया में हुए आम चुनावों के बाद प्रधानमंत्री पाशिनयान के पुनर्नियुक्त होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी। मुख्य बिंदु: बैठक के प्रमुख आयाम और सहयोग के क्षेत्र 1. द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार 2. क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दे भारत-आर्मेनिया संबंध: सहयोग क्षेत्र मुख्य तथ्य / विवरण रणनीतिक स्थान दक्षिण काकेशस क्षेत्र (भू-राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्त्वपूर्ण) रक्षा निर्यात भारत आर्मेनिया को पिनाका रॉकेट सिस्टम और आकाश एयर डिफेंस सप्लाई करता है कनेक्टिविटी अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) का संभावित मार्ग कूटनीतिक रुख आर्मेनिया ने कश्मीर मुद्दे पर हमेशा भारत के रुख का समर्थन किया है सोन नदी जल बंटवारा समझौता: बिहार और झारखंड के बीच अंतर-राज्यीय जल विवाद का समाधान चर्चा में क्यों? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते ने दोनों राज्यों के बीच लगभग 25 वर्ष पुराने जल विवाद को समाप्त कर दिया है। यह इस वर्ष (2026 में) अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) की पहल पर सुलझाया गया चौथा बड़ा जल विवाद है। मुख्य बिंदु: सोन नदी जल समझौते और हालिया अंतर-राज्यीय जल विवादों का विश्लेषण 1. बिहार-झारखंड सोन जल समझौता 2. वर्ष 2026 में सुलझे अन्य 3 ऐतिहासिक जल विवाद वर्ष 2026 के प्रमुख अंतर-राज्यीय जल समझौते समझौता / परियोजना सहभागी राज्य मुख्य उद्देश्य / समाधान सोन नदी जल समझौता बिहार और झारखंड 25 साल पुराने विवाद का अंत; सिंचाई व पेयजल आपूर्ति नर्मदा अवॉर्ड settlement महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, MP सरदार सरोवर परियोजना बकाया लागत का एकमुश्त समाधान यमुना जल परियोजना राजस्थान और हरियाणा 580 MCM पानी भूमिगत पाइपलाइन से राजस्थान भेजना किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना HP, UK, दिल्ली, UP, HR, राजस्थान 90:10 केंद्र-राज्य फंडिंग पैटर्न पर जल व ऊर्जा बंटवारा ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा: अगत्ती में मत्स्य आउटरीच कार्यक्रम और मिशन रंगीन मछली 2031 चर्चा में क्यों? भारत के उपराष्ट्रपति ने लक्षद्वीप के अगत्ती (Agatti) द्वीप में आयोजित राष्ट्रीय ‘मत्स्य आउटरीच कार्यक्रम’ में शिरकत की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लक्षद्वीप के समृद्ध समुद्री संसाधनों, विशेषकर टुना मछली और सीवीड के सतत दोहन के माध्यम से नीली अर्थव्यवस्था (Blue

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31 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

31 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतगर्त सजावटी मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर तटीय आजीविका को सशक्त बनाने वाले मिशन रंगीन मछली 2031 (सजावटी मत्स्य पालन और ‘ब्लू इकोनॉमी’ की नई दिशा), ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प को दर्शाने वाले आारणमुला उथ्रिटाथी वल्लमकली, एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (iFMS – डेटा-संचालित उर्वरक प्रबंधन), मध्य एशियाई क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक पहुंच को मजबूत करने वाले ‘ओलीय दरजाली दोस्ती’ पुरस्कार और भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त वक्तव्य 2026 (द्विपक्षीय संबंधों का नया अध्याय), तथा सूक्ष्म सिंचाई के माध्यम से कृषि जल दक्षता बढ़ाने वाले प्रति बूंद अधिक फसल (PDMC – Per Drop More Crop) कार्यक्रम का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। मिशन रंगीन मछली 2031: सजावटी मत्स्य पालन और ‘ब्लू इकोनॉमी’ की नई दिशा चर्चा में क्यों? केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा अगाती (लक्षद्वीप) में एक विशेष आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति ने सजावटी मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत और वैज्ञानिक विकास के लिए “मिशन रंगीन मछली 2031” रणनीतिक कार्य योजना का शुभारंभ किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत के विशाल समुद्री व द्वीप संसाधनों का उपयोग कर सजावटी मत्स्य पालन में मानकीकृत SOPs, जैव-सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण लागू करना है। मुख्य बिंदु: मिशन रंगीन मछली 2031 और नीली अर्थव्यवस्था 1. मिशन रंगीन मछली 2031 की मुख्य विशेषताएं 2. लक्षद्वीप का रणनीतिक महत्त्व और क्लस्टर मॉडल 3. भारत का समुद्री मत्स्य परिदृश्य प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नया मिशन मिशन रंगीन मछली 2031 (सजावटी मत्स्य क्षेत्र हेतु) शुभारंभ स्थल अगाती (Agatti), लक्षद्वीप भारत की तटरेखा ~11,099 किमी भारत का कुल EEZ ~2.2 से 2.4 मिलियन वर्ग किमी लक्षद्वीप का EEZ व लैगून क्षेत्र EEZ: ~4 लाख वर्ग किमी (भारत के कुल EEZ का 17%) | लैगून: 4,200 वर्ग किमी सीवीड क्लस्टर लक्षद्वीप को समर्पित सीवीड क्लस्टर घोषित किया गया है प्रमुख मछली प्रजातियां (लक्षद्वीप) येलोफिन ट्यूना, स्किपजैक ट्यूना सीफूड निर्यात (FY 2025-26) ₹73,890 करोड़ आारणमुला उथ्रिटाथी वल्लमकली: केरल की सांस्कृतिक विरासत और ‘विकास भी, विरासत भी’ की भावना चर्चा में क्यों? भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने केरल में पम्पा नदी के तट पर आयोजित ऐतिहासिक आरणमुला उथ्रिटाथी वल्लमकली नौका दौड़ का आधिकारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह उत्सव केरल की जीवंत परंपराओं, समर्पण, सामूहिक भावना और देश के ‘विकास भी, विरासत भी’ के दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। मुख्य बिंदु: सांस्कृतिक महत्त्व और प्रमुख परंपराएं 1. आरणमुला वल्लमकली (नौका दौड़) का महत्त्व 2. पम्पा नदी और श्री पार्थसारथी मंदिर 3. आरणमुला कन्नडी (Aranmula Kannadi – GI Tag) 4. राज्य का नामकरण और सांस्कृतिक एकता प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य उत्सव का नाम आरणमुला उथ्रिटाथी वल्लमकली (नौका दौड़) स्थान व नदी आरणमुला, पम्पा नदी (केरल) पारंपरिक नौकाएं पल्लीयोडम (स्नेक बोट्स) संबद्ध मंदिर श्री पार्थसारथी मंदिर (भगवान कृष्ण) प्रसिद्ध हस्तशिल्प आरणमुला कन्नडी (धातु का दर्पण – GI Tag प्राप्त) राष्ट्रीय दृष्टिकोण ‘विकास भी, विरासत भी’ (PM का विज़न) एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (iFMS): डेटा-संचालित उर्वरक प्रबंधन का नया चरण Why in News? (चर्चा में क्यों? रासायनिक एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग ने एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (iFMS) को अधिक पारदर्शी और डेटा-संचालित बनाने के लिए नई डिजिटल पहलों की शुरुआत की है। iFMS का हरियाणा के ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ (MFMB) और राष्ट्रीय स्तर के ‘AgriStack’ प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य नकली मांग को रोकना और किसानों को उनकी भूमि व फसल की आवश्यकता के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराना है। मुख्य बिंदु: iFMS का नया स्वरूप और प्रमुख डिजिटल पहलें 1. iFMS का व्यापक विस्तार और क्षमता 2. उर्वरक बिक्री ढांचा (Framework for Fertilizer Sale – FFS) 3. वाहन स्थान ट्रैकिंग प्रणाली (VLTS) 4. इलेक्ट्रॉनिक सब्सिडी प्रसंस्करण (e-Bill & PFMS) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रणाली का नाम एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (iFMS) तकनीकी भागीदार राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) वार्षिक सब्सिडी कवरेज लगभग ₹2 लाख करोड़ वार्षिक बिक्री मात्रा लगभग 7 करोड़ मीट्रिक टन प्रमुख डिजिटल एकीकरण Meri Fasal Mera Byora (हरियाणा), AgriStack, PFMS/e-Bill ‘ओलीय दरजाली दोस्ती’ पुरस्कार: भारत-उज्बेकिस्तान संबंध और रणनीतिक साझेदारी चर्चा में क्यों? उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ओलीय दरजाली दोस्ती’ ऑर्डर से सम्मानित किया। यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, रणनीतिक साझेदारी और ऐतिहासिक दोस्ती को मजबूत करने में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया है। मुख्य बिंदु: भारत-उज्बेकिस्तान संबंध और पुरस्कार का महत्त्व 1. पुरस्कार का महत्त्व 2. द्विपक्षीय और रणनीतिक जुड़ाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार का नाम ‘ओलीय दरजाली दोस्ती’ ऑर्डर प्रदान करने वाला देश उज्बेकिस्तान (राष्ट्रपति: शौकत मिर्ज़ियोयेव) प्राप्तकर्ता भारत के प्रधानमंत्री पुरस्कार की श्रेणी विदेशी नेताओं हेतु उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान साझेदारी का प्रकार व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त वक्तव्य 2026: द्विपक्षीय संबंधों का नया अध्याय चर्चा में क्यों? भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान की आधिकारिक राजकीय यात्रा (State Visit) की। इस दौरान राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों देशों ने अपने संबंधों को मजबूत करते हुए एक विस्तृत संयुक्त वक्तव्य (Joint Statement) जारी किया और रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम देने पर सहमति व्यक्त की। मुख्य बिंदु: भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त वक्तव्य के प्रमुख स्तंभ 1. राजनीतिक व सुरक्षा सहयोग 2. व्यापार, निवेश व संपर्क (Trade & Connectivity) 3. ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स व डिजिटल तकनीक 4. स्वास्थ्य, पर्यावरण व सांस्कृतिक संबंध प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य संयुक्त सैन्य अभ्यास दस्तलिक – भारत और उज्बेकिस्तान ताशकंद IT Park मॉडल Software Technology Parks of India (STPI) के सहयोग से विकसित अरल सागर पुनर्वास सहायता भारत द्वारा 1 मिलियन डॉलर (Grant-in-Aid) संरक्षित बौद्ध स्थल फायाज तेपा और कराटेपा उज्बेकिस्तान का संसद नाम ओलीय मज्लिस प्रति बूंद अधिक फसल (PDMC): जल-कुशल कृषि और सूक्ष्म सिंचाई क्रांति चर्चा में क्यों? ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ (Per Drop More Crop – PDMC) योजना के तहत भारत में 115 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सूक्ष्म सिंचाई (Micro-Irrigation) के दायरे में लाया जा चुका है। सरकार

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NCERT Notes Class 7 Science Chapter 4: The World of Metals and Non-metals

NCERT Notes Class 7 Science Chapter 4: The World of Metals and Non-metals के अंतर्गत धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणधर्मों—जैसे आघातवर्धनीयता (Malleability), तन्यता (Ductility), विद्युत और ऊष्मा की चालकता (Conductivity), दुकान/ध्वानिकता (Sonorousness) और कठोरता—के बीच के अंतर को स्पष्ट करता है। तथा यह वायु (ऑक्सीजन), जल, और अम्लों के साथ धातुओं व अधातुओं की रासायनिक अभिक्रियाओं (Chemical Reactions) के नियमों को समझाता है। और लोहे में जंग लगने (Corrosion/Rusting) की प्रक्रिया और उससे बचाव के उपायों (जैसे यशदलेपन) के साथ-साथ मानव शरीर, कृषि और उद्योगों में अधातुओं की अपरिहार्य भूमिका पर भी गहराई से प्रकाश डाला गया है। सामग्रियों के गुणधर्म (Properties of Materials) आघातवर्धनीयता (Malleability) अपवाद (Exceptions in Metals) सभ्यता के विकास पर लोहे का प्रभाव तन्यता (Ductility) ध्वानिकता (Sonority) ऊष्मा का चालन (Conduction of heat) विद्युत का चालन (Conduction of electricity) धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणों की तुलना गुणधर्म (Property) धातुएँ (Metals) अधातुक / अधातुएँ (Non-metals) चमक (Lustre) धात्विक चमक होती है चमकहीन (Dull) होती हैं कठोरता (Hardness) सामान्यतः कठोर (अपवाद: Na, K) कोमल या भंगुर आघातवर्धनीयता (Malleability) पाई जाती है (चादरें बनती हैं) नहीं (भंगुर – टुकड़ों में टूटते हैं) तन्यता (Ductility) पाई जाती है (तार बनते हैं) नहीं पाई जाती ध्वन्यात्मकता (Sonority) गूंजने वाली ध्वनि बनाती हैं मंदी/धीमी ध्वनि चालकता (Conduction) ऊष्मा व विद्युत की सुचालक ऊष्मा व विद्युत की कुचालक धातुओं पर वायु और जल का प्रभाव: लोहा (Effect of Air and Water on Metals: Iron) लोहे पर जंग लगने के लिए वायु और नमी का एक साथ होना अनिवार्य है। प्रयोग और निष्कर्ष प्रयोग में तीन अलग-अलग परिस्थितियों का परीक्षण किया गया: निष्कर्ष: लोहे में जंग (Rusting) लगने के लिए आर्द्र वायु (Moist Air) यानी जल और वायु दोनों की उपस्थिति आवश्यक है। संक्षारण और इसके बचाव (Corrosion and Prevention) प्रयोग का त्वरित अवलोकन बोतल जल की उपस्थिति वायु की उपस्थिति अवलोकन (Observation) A नहीं हाँ (शुष्क) जंग नहीं लगा B हाँ नहीं जंग नहीं लगा C हाँ हाँ भूरे रंग का जंग लगा अन्य धातुओं पर वायु और जल का प्रभाव (Effect of Air and Water on Other Metals) धातुएँ वायु में मौजूद ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके धात्विक ऑक्साइड बनाती हैं। मैग्नीशियम फीते का दहन सोडियम धातु की क्रियाशीलता (Reactivity of Sodium) धातुओं की वायु से अभिक्रिया धातु (Metal) अभिक्रिया का प्रकार बना उत्पाद (Product) ऑक्साइड की प्रकृति मैग्नीशियम (Mg) वायु में जलकर सफेद ज्वाला देना मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) क्षारीय (Basic) सोडियम (Na) हवा व पानी से तीव्र विस्फोट/ऊष्मा सोडियम ऑक्साइड (Na_2O) क्षारीय (Basic) धातुओं से भिन्न व्यवहार करने वाले पदार्थ अधातुएँ वायु और जल के साथ धातुओं से बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया दर्शाती हैं। प्रयोग और अवलोकन अधातुओं के भौतिक व रासायनिक गुणधर्म धातुओं और अधातुओं के व्यवहार की तुलना विशेषता धातुएँ (Metals) अधातुएँ (Non-metals) ऑक्साइड की प्रकृति क्षारीय (Basic) अम्लीय (Acidic) हवा से सुरक्षा हेतु भंडारण सोडियम को केरोसिन में रखते हैं फॉस्फोरस को पानी में रखते हैं भौतिक बनावट कठोर, चमकदार, तन्य, आघातवर्धनीय कोमल, चमकहीन, अतन्य, भंगुर क्या अधातुएँ देनिक जीवन में महत्वपूर्ण हैं? (Are Non-metals Essential in Everyday Life?) धातुओं की चमक और मजबूती के बावजूद, जीवन के अस्तित्व और दैनिक गतिविधियों के लिए अधातुएँ (Non-metals) अत्यंत आवश्यक हैं। 1. प्रमुख अधातुएँ और उनके व्यावहारिक उपयोग आधुनिक तकनीक और सतत विकास में धातुओं का योगदान प्रमुख अधातुएँ अधातु (Non-metal) मुख्य कार्य / अनुप्रयोग क्षेत्र / उपयोगिता ऑक्सीजन श्वसन क्रिया और दहन जीवन रक्षा कार्बन जैविक अणुओं (Carbs, Fats) का निर्माण जीवन का आधार नाइट्रोजन उर्वरक निर्माण कृषि व पादप वृद्धि क्लोरीन जल का कीटाणुशोधन पेयजल स्वच्छता आयोडीन एंटीसेप्टिक घोल चिकित्सा NCERT Class 7, Science Ch-3 यहाँ पढ़ें:-

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29 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

29 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत ऊर्जा सुरक्षा और हरित परिवर्तन को गति देने वाले भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम (अनुप्रयोग, सुरक्षा ढांचा और भविष्य का खाका), केरल के सामाजिक पुनर्जागरण में युगांतरकारी योगदान देने वाले श्री नारायण गुरु और महात्मा अय्यंकाली का दर्शन व कार्य, संक्रामक रोगों पर नियंत्रण हेतु भारत में मलेरिया उन्मूलन लक्ष्य 2030 (समीक्षा और प्रगति रिपोर्ट), देश को एआई के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने वाले स्वदेशी AI स्टैक ‘ज्ञाना अर्थ’ तथा सामाजिक न्याय, शिक्षा के अधिकार और दलित सशक्तीकरण के लिए समर्पित महात्मा अय्यंकाली के ऐतिहासिक योगदान का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारत का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम: अनुप्रयोग, सुरक्षा और भविष्य का खाका चर्चा में क्यों? विकसित भारत के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन’ के तहत वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रिपोर्ट में परमाणु तकनीक के बहु-क्षेत्रीय अनुप्रयोगों जैसे कैंसर उपचार, उन्नत कृषि किस्मों, खाद्य संरक्षण, सेमीकंडक्टर सामग्री और ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन में भारत की प्रगति को प्रमुखता से दर्शाया गया है। देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की उपलब्धियों, बहु-क्षेत्रीय अनुप्रयोगों, उन्नत सुरक्षा उपायों और ‘विकसित भारत के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन’ के रोडमैप का खाका प्रस्तुत किया गया है। मुख्य बिंदु: क्षमता विस्तार, अनुप्रयोग और सुरक्षा मानक 1. वर्तमान क्षमता और लक्षित मील के पत्थर (Capacity & Vision) 2. बिजली से इतर परमाणु तकनीक के प्रमुख अनुप्रयोग 3. सुरक्षा ढांचा और आपदा तैयारी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कुल वर्तमान क्षमता 8.78 GW (24 संचालित रिएक्टर) 2047 का लक्ष्य 100 GW (विकसित भारत मिशन) 2070 का लक्ष्य शुद्ध शून्य उत्सर्जन (Net Zero Emission) SMR हेतु बजट (2025-26) ₹20,000 करोड़ पहला न्यूक्लियर-हाइड्रोजन प्लांट कल्पक्कम (तमिलनाडु), 2026 बोरॉन-11 संवर्धन केंद्र तालचर (ओडिशा) – सेमीकंडक्टर हेतु श्री नारायण गुरु और महात्मा अय्यंकाली: केरल के महान समाज सुधारक चर्चा में क्यों? केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने केरल के दो महान समाज सुधारकों—श्री नारायण गुरु और महात्मा अय्यंकाली—को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इन दोनों विचारकों ने शिक्षा, आध्यात्मिकता और सामाजिक न्याय के माध्यम से केरल में दलित एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान तथा जातिगत भेदभाव के उन्मूलन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। मुख्य बिंदु: जीवन दर्शन और प्रमुख योगदान 1. श्री नारायण गुरु (1856 – 1928) 2. महात्मा अय्यंकाली (1863 – 1941) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु श्री नारायण गुरु महात्मा अय्यंकाली मुख्य क्षेत्र केरल (सामाजिक-धार्मिक सुधार) केरल (दलित उत्थान व शिक्षा) प्रसिद्ध संस्था SNDP योगम (1903) साधु जन परिपालन संगम् (1907) ऐतिहासिक घटना अरुविप्पुरम आंदोलन (1888) विल्लुवंडी (बैलगाड़ी) आंदोलन (1893) मुख्य दर्शन/आह्वान “एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर” दलितों की शिक्षा व श्रम अधिकार संबद्ध सत्याग्रह वैकोम सत्याग्रह समर्थन स्कूल प्रवेश आंदोलन भारत में मलेरिया उन्मूलन लक्ष्य 2030: समीक्षा और प्रगति रिपोर्ट चर्चा में क्यों? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की मिशन निदेशक की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में 2030 तक भारत से मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य की प्रगति की समीक्षा की गई। पिछले एक दशक (2015–2025) में भारत में मलेरिया के मामलों और मौतों में लगभग 80% की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है। समीक्षा में देश के 33 उच्च-भार वाले जिलों में क्षेत्र-विशिष्ट रणनीतियों, ‘टेस्ट, ट्रीट और ट्रैक’ दृष्टिकोण को मजबूत करने तथा पंचायती राज व स्थानीय निकायों के साथ अंतर-विभागीय समन्वय पर विशेष बल दिया गया। मुख्य बिंदु: 2015-2025 की उपलब्धियां और रणनीतिक कदम 1. 10 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां (2015–2025) 2. 33 उच्च-भार वाले जिले और राज्य 3. प्रमुख रणनीतिक निर्देश प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य राष्ट्रीय उन्मूलन लक्ष्य 2030 (सतत विकास लक्ष्य 3.3 के अनुरूप) मामलों व मौतों में कमी (2015-25) लगभग 80% की गिरावट उच्च-भार वाले जिले 155 से घटकर 33 (9 राज्यों/UTs में) मलेरिया-मुक्त जिले (2022-25) 160 जिले (शून्य स्थानीय मामले) मुख्य नोडल संस्था NCVBDC (नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल) स्वदेशी AI स्टैक ‘ज्ञाना अर्थ’: भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता का नया अध्याय चर्चा में क्यों? भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में स्वदेशी AI स्टैक ‘ज्ञाना अर्थ’ का आधिकारिक शुभारंभ किया। GNANI AI द्वारा विकसित इस स्टैक में ‘Evon 3.3’ नामक लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) और एआई को व्यावहारिक कार्यों से जोड़ने वाला ‘Plexus’ प्लेटफॉर्म शामिल है। यह पहल भारत की डिजिटल संप्रभुता को सुदृढ़ करने और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ‘उपभोक्ता’ के बजाय ‘निर्माता’ बनने के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को गति प्रदान करती है। मुख्य बिंदु: स्वदेशी AI, संप्रभुता और तकनीकी क्षमता 1. ‘ज्ञाना अर्थ’ के दो मुख्य घटक 2. संप्रभु AI (Sovereign AI) और आत्मनिर्भरता का महत्त्व 3. प्रशासनिक एवं सार्वजनिक क्षेत्र में AI का उपयोग 4. राष्ट्रीय AI पारिस्थितिकी तंत्र प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य उत्पाद नाम ‘ज्ञाना अर्थ’ – स्वदेशी AI स्टैक डेवलपर संस्था GNANI AI (CEO: गणेश गोपालन, CTO: अनंत नागराज) घटक 1: Evon 3.3 स्वदेशी लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) घटक 2: Plexus एआई को वास्तविक संस्थागत कार्यों से जोड़ने वाला प्लेटफॉर्म संसद में प्रयोग 8 भाषाओं में रीयल-टाइम AI अनुवाद (लक्ष्य: सभी 22 भाषाएं) महात्मा अय्यंकाली: केरल में सामाजिक न्याय और दलित सशक्तीकरण के अग्रदूत चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के महान समाज सुधारक महात्मा अय्यंकाली की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने सामाजिक न्याय, वंचित वर्गों के लिए शिक्षा की व्यवस्था, और कृषि मजदूरों के कल्याण के लिए उनके द्वारा किए गए ऐतिहासिक संघर्षों को याद किया। मुख्य बिंदु: समाज सुधार और ऐतिहासिक आंदोलन 1. पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन (1863 – 1941) 2. विल्लुवंडी आंदोलन (Bullock Cart Race – 1893) 3. साधु जन परिपालन संगम् (SJPS – 1907) 4. कृषि श्रम आंदोलन और पहली संगठित हड़ताल 5. महात्मा गांधी द्वारा प्रशंसा प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नाम एवं कार्यक्षेत्र महात्मा अय्यंकाली (केरल) जन्म एवं समुदाय 28 अगस्त 1863 (पुलाया समुदाय) प्रमुख संस्था साधु जन परिपालन संगम् (SJPS, 1907) प्रसिद्ध आंदोलन विल्लुवंडी आंदोलन (1893) – सार्वजनिक सड़क अधिकार ऐतिहासिक योगदान भारत की पहली संगठित दलित कृषि श्रम हड़ताल गांधी जी द्वारा उपाधि ‘भारत का महान पुत्र’ (Great Son of India) NCERT

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NCERT Notes Class 7 Science Chapter 3: Electricity: Circuits and their Components

NCERT Notes Class 7 science Chapter 3: Electricity: Circuits and their Components के अंतर्गत विद्युत परिपथ (Electric Circuits) के प्रमुख घटकों—जैसे विद्युत सेल (Electric Cell), बल्ब, स्विच (Switch), संयोजक तार (Connecting Wires) और फ्यूज (Fuse)—की पहचान, उनके प्रतीकों (Symbols) और परिपथ आरेखों (Circuit Diagrams) को स्पष्ट करता है। तथा यह विद्युत धारा के तापीय प्रभाव (Heating Effect of Current) और विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effect of Current) की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं पर गहराई से प्रकाश डालता है। यह भी समझाया गया है कि किस प्रकार सुरक्षा उपकरण जैसे फ्यूज और एमसीबी (MCB) अत्यधिक विद्युत प्रवाह से होने वाले नुकसान से हमारी रक्षा करते हैं। टॉर्च-लाइट टॉर्चलाइट (या टॉर्च) विद्युत ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में बदलने वाला एक सरल उपकरण है। टॉर्च के घटकों का कार्य घटक कार्य ऊर्जा रूपांतरण इलेक्ट्रिक सेल रासायनिक ऊर्जा प्रदान करना रासायनिक – विद्युत ऊर्जा स्विच परिपथ को नियंत्रित करना – बल्ब/लैंप प्रकाश और ऊष्मा उत्पन्न करना विद्युत – प्रकाश व ऊष्मा ऊर्जा एक सरल विद्युत परिपथ (A Simple Electrical Circuit) विद्युत परिपथ ऊर्जा स्रोत (सेल) और उपभोग केंद्र (बल्ब) को जोड़ने वाला मार्ग है। विधुत सेल (Electric cell) बैटरी बैटरी शब्द का प्रयोग विधुत लैंप 1. इंकैंडिसेंट लैंप: 2. LED लैंप (Light Emitting Diode): सेल से लैंप जलाना प्रकाश स्रोतों की तुलना (Incandescent vs LED) गुण / विशेषता इंकैंडिसेंट लैंप LED (Light Emitting Diode) फिलामेंट उपस्थित (पतला तार) अनुपस्थित टर्मिनल पहचान धातु केस और मेटल टिप लंबा तार (+ve), छोटा तार (-ve) कार्य सिद्धांत फिलामेंट का गर्म होकर चमकना अर्धचालक (Semiconductor) प्रकाश उत्सर्जन ऊर्जा खपत अधिक (ऊष्मा का क्षय ज्यादा) बहुत कम (ऊर्जा-दक्ष) एक विद्युत परिपथ (An electrical circuit) विद्युत परिपथ विद्युत धारा के प्रवाह के लिए एक पूर्ण और बंद मार्ग (Closed path) प्रदान करता है। बल्ब का फ्यूज होना सेलों का समानांतर/पाश्व संयोजन LED को परिपथ में जोड़ना इंकैंडिसेंट बल्ब के विपरीत, LED में धारा प्रवाह की दिशा बहुत महत्वपूर्ण होती है। इंकैंडिसेंट लैंप बनाम LED परिपथ संयोजन घटक ध्रुवीयता (Polarity) निर्भरता धारा प्रवाह की दिशा फ्यूज/विफलता का कारण इंकैंडिसेंट लैंप नहीं (किसी भी दिशा में जोड़ें) दोनों दिशाओं से संभव फिलामेंट का टूटना LED लैंप हाँ (+ से +, – से -) केवल एक ही दिशा में गलत ध्रुवीयता संयोजन विधुत स्विच (Electric switch) स्विच का निर्माण और परीक्षण ‘ON’ और ‘OFF’ अवस्था में अंतर अवस्था परिपथ की स्थिति (Circuit Status) धारा का प्रवाह (Current Flow) बल्ब/लैंप की स्थिति ‘ON’ स्थिति बंद परिपथ (Closed Circuit) धारा (+ से – टर्मिनल तक) बहती है बल्ब जलता है ‘OFF’ स्थिति खुला परिपथ (Open Circuit) धारा का प्रवाह रुक जाता है बल्ब नहीं जलता परिपथ आरेख (Circuit Diagrams) विद्युत घटक और उनके प्रतीक मानक प्रतीक और अंतरराष्ट्रीय संगठन विद्युत व इलेक्ट्रॉनिक प्रतीकों के वैश्विक मानकीकरण का कार्य अंतरराष्ट्रीय संगठन करते हैं: प्रमुख विद्युत घटक और उनके मानक प्रतीक घटक (Component) प्रतीक की मुख्य विशेषता दर्शाया गया मान / दिशा इलेक्ट्रिक सेल लंबी और छोटी रेखाएँ लंबी = +ve, छोटी = -ve बैटरी सेलों का संयोजन श्रेणीबद्ध संयोजन (+ से -) LED त्रिभुज + बाहर निकलते 2 तीर धारा की दिशा और प्रकाश उत्सर्जन संयोजक तार (Wire) सीधी रेखा धारा का प्रवाह मार्ग विद्युत चालक और रोधक (Electrical Conductors and Insulators) 1. चालक और कुचालक (Conductors & Insulators) चालकता और उपयोगिता मानव शरीर और सुरक्षा AC बनाम DC धारा (AC vs DC Current) विद्युत धारा के प्रकार (AC vs DC Comparison) विशेषता दिष्ट धारा (Direct Current – DC) प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current – AC) मुख्य स्रोत बैटरी, सेल, सोलर पैनल पॉवर प्लांट, वॉल सॉकेट उपयोग छोटे/पोर्टेबल उपकरण (मोबाइल, टॉर्च) भारी घरेलू उपकरण (AC, टीवी, पंखे) सुरक्षा स्तर सामान्यतः कम वोल्टेज (सुरक्षित) उच्च वोल्टेज (जोखिम भरा) NCERT Class 7, Social Science Ch-12 यहाँ पढ़ें:-

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28 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

28 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत आवश्यक वस्तुओं की मूल्य स्थिरता और बाज़ार संतुलन के लिए मूल्य स्थिरता और प्याज की निर्बाध आपूर्ति हेतु सरकारी हस्तक्षेप, भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण में भारत की वैश्विक भूमिका को दर्शाते हुए भूमि शासन में भारत का DPI और अफ़्रीकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा, उच्च हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए हिम तेंदुए (Snow Leopard) के संरक्षण पर भारत-रूस गोलमेज बैठक, नौसेना की रसद और सहायता क्षमताओं को सशक्त बनाने वाले पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत (MPV) ‘समर्थक’, तथा देश के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधा पहुँचाने वाली प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के 12 वर्ष (वित्तीय समावेशन की महाक्रांति) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। मूल्य स्थिरता और प्याज की निर्बाध आपूर्ति हेतु सरकारी हस्तक्षेप चर्चा में क्यों? उपभोक्ता मामले विभाग (DoCA) ने आम जनता को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया। सरकार ने बाजार हस्तक्षेप नीति के तहत दिल्ली-NCR में बफर स्टॉक से 35 रुपये प्रति किग्रा की रियायती दर पर प्याज की खुदरा बिक्री शुरू की है। मुख्य बिंदु: बफर स्टॉक और लॉजिस्टिक्स तंत्र 1. मूल्य स्थिरता और खुदरा बिक्री 2. ‘कांदा एक्सप्रेस’ पहल और आपूर्ति विस्तार 3. वैज्ञानिक भंडारण और बहु-मॉडल परिवहन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नोडल विभाग उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs – DoCA) कार्यान्वयन एजेंसियां NCCF, NAFED और CWC कांदा एक्सप्रेस बफर प्याज के त्वरित रेल परिवहन हेतु लॉजिस्टिक्स पहल बफर प्याज दर ₹35 प्रति किग्रा (दिल्ली-NCR) भंडारण भागीदार केंद्रीय भंडारण निगम (Central Warehousing Corporation – CWC) भूमि शासन में भारत का DPI और अफ़्रीकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा चर्चा में क्यों? अफ़्रीकी संघ आयोग, 6 अफ़्रीकी देशों (इथियोपिया, मलावी, रवांडा, सिएरा लियोन, जाम्बिया) और UNDP के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भूमि संसाधन विभाग (DoLR) का दौरा किया। इस अध्ययन दौरे का मुख्य उद्देश्य भूमि शासन में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), ‘भारत लैंड स्टैक’ और भू-आधार मॉडल का अध्ययन करना था। मुख्य बिंदु: भूमि शासन में भारत की क्रांति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग 1. ‘भारत लैंड स्टैक’ और भू-आधार (ULPIN) 2. DILRMP की प्रमुख राष्ट्रीय उपलब्धियां 3. ‘नक्शा’ कार्यक्रम और शहरी मैपिंग प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नोडल विभाग भूमि संसाधन विभाग (DoLR), ग्रामीण विकास मंत्रालय भू-आधार (ULPIN) 14-अंकों की यूनिक आईडी (40.58 करोड़+ जारी) मुख्य कार्यक्रम DILRMP (डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम) शहरी योजना NAKSHA (ड्रोन एवं LiDAR आधारित शहरी मैपिंग) पंजीकरण प्रणाली NGDRS (राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली) हिम तेंदुए (Snow Leopard) के संरक्षण पर भारत-रूस गोलमेज बैठक चर्चा में क्यों? मास्को (रूस) स्थित सेवर्टसोव इंस्टीट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन में ‘हिम तेंदुए के अध्ययन और संरक्षण पर भारत-रूस गोलमेज बैठक’ आयोजित की गई। इस बैठक में भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया और भारत की वैज्ञानिक तकनीकों को साझा किया। मुख्य बिंदु: वैज्ञानिक तकनीकें और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग 1. अंतर्राष्ट्रीय सहयोग ढांचा 2. भारत द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक पहलें प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन स्थल मास्को (रूस) – सेवर्टसोव इंस्टीट्यूट (RAS) मुख्य भागीदार संस्थाएं MoEFCC, WII, IBCA और एसोसिएशन ‘Irbis’ IBCA की शुरुआत भारत द्वारा अप्रैल 2023 में (7 बिग कैट्स के संरक्षण हेतु) हिम तेंदुए की स्थिति (IUCN) संवेदनशील (Vulnerable भारतीय नौसेना को मिला ‘समर्थक’: पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत (MPV) चर्चा में क्यों? लार्सन एंड टुब्रो (L&T) कट्टुपल्ली शिपयार्ड ने भारतीय नौसेना को पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत (Multi-Purpose Vessel – MPV) सौंपा। इस पोत का नाम ‘समर्थक’ रखा गया है, जो भारत के रक्षा निर्माण क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्य बिंदु: विशेषताएं और सामरिक भूमिका 1. स्वदेशीकरण और निर्माण 2. प्रमुख परिचालन कार्य प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पोत का नाम ‘समर्थक’ श्रेणी बहुउद्देश्यीय पोत (Multi-Purpose Vessel – MPV) निर्माता शिपयार्ड L&T कट्टुपल्ली (तमिलनाडु) स्वदेशी सामग्री प्रतिशत 75% से अधिक प्राथमिक भूमिका परीक्षण/मूल्यांकन, समुद्री गश्त और HADR प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के 12 वर्ष: वित्तीय समावेशन की महाक्रांति चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) ने 28 अगस्त 2026 को अपने सफल 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह विश्व का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन कार्यक्रम बन चुका है, जिसने देश के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की है। इस योजना ने देश भर में 59 करोड़ से अधिक बुनियादी बचत बैंक खाते खोलकर वंचित और ग्रामीण वर्गों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है। जन धन-आधार-मोबाइल (JAM) ट्रिनिटी के माध्यम से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिये के सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाना संभव हुआ है। मुख्य बिंदु: 12 वर्षों की उपलब्धियां और मुख्य विशेषताएं 1. योजना की मुख्य विशेषताएं 2. 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां (19 अगस्त 2026 तक के आंकड़े) 3. JAM ट्रिनिटी और डिजिटल परिवर्तन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना की शुरुआत 28 अगस्त 2014 नोडल मंत्रालय वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवाएं विभाग – DFS) कुल खोले गए खाते 59.09 करोड़ महिला खाताधारक 56% (32.92 करोड़) ग्रामीण/अर्ध-शहरी खाते 78% (45.95 करोड़) दुर्घटना बीमा (RuPay) ₹2 लाख ओवरड्राफ्ट (OD) सीमा ₹10,000 तक NCERT Class 7, Social Science Ch-12 यहाँ पढ़ें:-

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