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करेंट अफेयर्स

11 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

11 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत मध्य गंगा के मैदानी इलाकों में प्राचीन जल चक्र और जलवायु परिवर्तन के अध्ययन हेतु बखीरा झील के तलछट (जल संसाधन प्रबंधन की कुंजी), भारत और मलेशिया के बीच समुद्री सुरक्षा व अंतर-संचालनशीलता को बढ़ावा देने वाले अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ का चौथा संस्करण, विकेंद्रीकृत ऊर्जा उत्पादन को गति देने वाले लघु जलविद्युत क्षेत्र (भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण का आधार), वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था और गगनयान विजन को साझा करने वाले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन 2026, तथा देश के अनौपचारिक क्षेत्र और रोजगार सृजन की वास्तविक स्थिति दर्शाने वाली असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र पर NSO की पहली जिला-स्तरीय रिपोर्ट (ASUSE 2025) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। बखीरा झील के तलछट: मध्य गंगा मैदान में जल संसाधन प्रबंधन की कुंजी चर्चा में क्यों? बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज (BSIP), लखनऊ के शोधकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश की बखीरा झील के तलछट (Sediments) का विश्लेषण किया है। Palaeogeography, Palaeoclimatology, Palaeoecology पत्रिका में प्रकाशित यह अध्ययन पिछले 25,000 वर्षों के दौरान भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून (ISM) के उतार-चढ़ाव और जलवायु घटनाओं का निरंतर रिकॉर्ड प्रस्तुत करता है। मुख्य बिंदु: तकनीक, पुराजलवायु घटनाक्रम और महत्व 1. अध्ययन पद्धति और तकनीक 2. चिह्नित प्रमुख ऐतिहासिक जलवायु घटनाएं 3. व्यावहारिक और रणनीतिक उपयोगिता प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अध्ययन संस्थान बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज (BSIP), लखनऊ (DST का स्वायत्त संस्थान) झील की स्थिति घाघरा-राप्ती जलोढ़ प्रणाली, संत कबीर नगर जिला (उत्तर प्रदेश) झील का प्रकार राप्ती नदी के मार्ग बदलने से बनी गोखुर/बाढ़ के मैदान की आर्द्रभूमि (Oxbow Wetland) रामसर स्थल दर्जा 2022 में अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि घोषित समय अवधि (Timeframe) 25,000 वर्ष (अंतिम हिमनद अधिकतम/LGM से वर्तमान तक) अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ का चौथा संस्करण: भारत और मलेशिया का नौसैनिक अभ्यास चर्चा में क्यों? भारतीय नौसेना का निर्देशित मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत ‘INS मैसूर’ मलेशिया के लुमुट बंदरगाह पहुंचा। यह पोत रॉयल मलेशियाई नौसेना के साथ द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ के चौथे संस्करण में भाग ले रहा है। इस अभ्यास में बंदरगाह और समुद्री दोनों चरणों के तहत क्रॉस-डेक विजिट, परिचालन बैठकें तथा खेलकूद गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जिसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता को बेहतर बनाना है। यह यात्रा भारत सरकार के ‘महासागर’ विज़न और ‘आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष 2026’ के रणनीतिक लक्ष्यों के सर्वथा अनुकूल है। मुख्य बिंदु: अभ्यास के घटक, रणनीतिक महत्व और भारत का दृष्टिकोण 1. अभ्यास के प्रमुख घटक और गतिविधियां 2. द्विपक्षीय संबंध और रक्षा सहयोग 3. वैश्विक एवं क्षेत्रीय विज़न प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अभ्यास का नाम ‘समुद्र लक्ष्मण’ – 4वां संस्करण भागीदार देश भारत और मलेशिया (नौसेना) आयोजन स्थल लुमुट, मलेशिया भारतीय नौसेना का पोत INS मैसूर संबद्ध रणनीतिक विज़न MAHASAGAR विज़न लघु जलविद्युत क्षेत्र: भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण का नया आधार चर्चा में क्यों? नई एवं नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत राज्य मंत्री श्री श्रीपाद येसो नाइक ने नई दिल्ली में आयोजित ‘भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026’ के लिए आयोजित कर्टेन रेज़र कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि 2 से 5 नवंबर 2026 तक भारत मंडपम में आयोजित होने वाले आगामी एक्सपो में लघु जलविद्युत (Small Hydro Power – SHP) क्षेत्र पर एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। मुख्य बिंदु: भारत की क्षमता, प्रस्तावित योजना और चुनौतियां 1. भारत में SHP की वर्तमान स्थिति और क्षमता 2. लघु जलविद्युत विकास योजना (2026-27 से 2030-31) 3. SHP के लाभ और रणनीतिक महत्व 4. प्रमुख चुनौतियां और समाधान प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य लघु जलविद्युत (SHP) सीमा भारत में 25 MW तक की जलविद्युत परियोजनाओं को SHP माना जाता है भारत में कुल आकलित क्षमता ~21 GW (7,100 से अधिक स्थल) वर्तमान में स्थापित क्षमता ~5.2 GW प्रस्तावित नई योजना परिव्यय ₹2,584.60 करोड़ (2026-27 से 2030-31) आगामी एक्सपो का आयोजन स्थल भारत मंडपम, नई दिल्ली (2-5 नवंबर 2026) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन 2026: वैश्विक अंतरिक्ष सहयोग और भारत का रोडमैप चर्चा में क्यों? पेरिस (फ्रांस) में आयोजित पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन (International Space Summit 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के निमंत्रण पर आयोजित इस सम्मेलन में भारत ने सुरक्षित, टिकाऊ और समावेशी अंतरिक्ष खोज के लिए वैश्विक सहयोग का आह्वान किया। मुख्य बिंदु: वैश्विक दृष्टिकोण, ISRO की उपलब्धियां और भविष्य का रोडमैप 1. वैश्विक अंतरिक्ष अभिशासन के लिए तीन प्रमुख सिद्धांत 2. ISRO का वैश्विक योगदान और भारत-फ्रांस साझेदारी 3. भारत के प्रमुख अंतरिक्ष मिशन और भविष्य के लक्ष्य प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन स्थल पेरिस, फ्रांस (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा संबोधन) मेजबान नेता इमैनुएल मैक्रॉन (राष्ट्रपति, फ्रांस) भारतीय प्रक्षेपण रिकॉर्ड 34 देशों के 430 से अधिक पेलोड भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की समयसीमा वर्ष 2035 तक मानवयुक्त चंद्रमा मिशन की समयसीमा वर्ष 2040 तक असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र पर NSO की पहली जिला-स्तरीय रिपोर्ट (ASUSE 2025) चर्चा में क्यों? सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने पहली बार असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र (Unincorporated Non-Agricultural Sector) के लिए जिला-स्तरीय आंकड़े जारी किए हैं। यह डेटा ‘वार्षिक असंगठित क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण 2025’ (ASUSE 2025) पर आधारित है। यह पहल भारत में स्थानीय नीति निर्माण को अधिक सटीक और डेटा-आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्य बिंदु: आर्थिक संकेंद्रण, उत्पादकता और महिला सहभागिता 1. आर्थिक संकेंद्रण 2. आर्थिक उत्पादकता (GVA per Worker) 3. महिला उद्यमिता और कार्यबल में भागीदारी प्रमुख राज्यों के शीर्ष योगदानकर्ता जिले राज्य / यूटी उच्चतम प्रतिष्ठानों वाला जिला राज्य के भीतर योगदान (%) उत्तर प्रदेश प्रयागराज 5.77% महाराष्ट्र पुणे 9.14% पश्चिम बंगाल उत्तर 24 परगना 15.99% गुजरात सूरत 19.43% कर्नाटक बेंगलुरु (शहरी) 12.83% बिहार पटना 8.23% दिल्ली डेटा उपलब्ध नहीं (अति-लघु ग्रामीण नमूने के कारण एकल स्ट्रैटम) — सर्वेक्षण पद्धति (ASUSE 2025) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य जारीकर्ता संस्था NSO (सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय – MoSPI) मूल सर्वेक्षण ASUSE 2025 (Annual Survey of Unincorporated Sector Enterprises) राष्ट्रीय औसत GVA प्रति कार्यकर्ता ₹1,56,539 शीर्ष 50 जिलों का योगदान कुल GVA, कार्यबल और प्रतिष्ठानों का ~33%

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NCERT Notes Class 7 Science Chapter 6: Adolescence: A Stage of Growth and Change

NCERT Notes Class 7 Science Chapter 6: Adolescence: A Stage of Growth and Change के अंतर्गत यौवनारंभ (Puberty) की प्रक्रिया और इसके पीछे जिम्मेदार अंतःस्रावी ग्रंथियों (Endocrine Glands) तथा उनसे स्रावित होने वाले हार्मोन (Hormones) की भूमिका को स्पष्ट करता है। इसमें लंबाई में वृद्धि, शारीरिक बनावट में बदलाव, स्वर में परिवर्तन (Adam’s Apple) और द्वितीयक लैंगिक लक्षण (Secondary Sexual Characters) के विकसित होने की जैविक प्रक्रियाओं का गहन विश्लेषण दिया गया है। इसके अतिरिक्त, किशोरों के लिए संतुलित आहार (Nutritional Needs), व्यक्तिगत स्वच्छता, शारीरिक व्यायाम और नशे की लत से बचाव जैसे प्रजनन स्वास्थ्य (Reproductive Health) एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी वैज्ञानिक प्रकाश डालता है। आयु के साथ वृद्धि – किशोरावस्था के वर्ष (Growing With Age: The Teenage Years) बाल्यावस्था और प्रौढ़ावस्था के बीच का विकास काल किशोरावस्था (Adolescence) कहलाता है। शारीरिक बदलावों का अवलोकन किशोरावस्था के प्रमुख लक्षण (Adolescence: A Stage of Growth and Change) किशोरावस्था के दौरान शरीर में कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष शारीरिक परिवर्तन होते हैं। 1. ऊँचाई में वृद्धि 2. शारीरिक बनावट और भार में बदलाव 3. आवाज में परिवर्तन 4. शरीर पर बालों का आना 5. मुहांसे (Acne and Pimples) व्यक्तिगत भिन्नता का नियम द्वितीयक लैंगिक लक्षण और यौवनारंभ किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तनों का त्वरित अवलोकन परिवर्तन का प्रकार लड़कों में लक्षण लड़कियों में लक्षण स्वरयंत्र ‘एडम्स एप्पल’ स्पष्ट, आवाज भारी/करकश स्वरयंत्र छोटा, आवाज में मामूली बदलाव शारीरिक बनावट कंधे और सीना चौड़ा होना स्तनों का विकास चेहरे व शरीर के बाल दाढ़ी, मूंछ, सीने पर बाल कांख और जघन क्षेत्र में बाल द्वितीयक लैंगिक लक्षण दाढ़ी-मूंछ, भारी आवाज स्तनों का विकास प्रजनन क्षमता को दर्शाने वाले परिवर्तन किशोरावस्था में बाहरी परिवर्तनों के साथ-साथ आंतरिक अंगों का परिपक्व (Mature) होना भी शुरू होता है। माहवारी और जनन स्वास्थ्य सामाजिक भ्रांतियाँ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण संवेगात्मक और व्यावहारिक परिवर्तन किशोरावस्था केवल शारीरिक या लैंगिक बदलावों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तीव्र भावनात्मक और व्यावहारिक परिवर्तनों की अवस्था भी है। भावात्मक परिवर्तनों के प्रभाव और समाधान किशोरावस्था में संवेग (Emotions) बचपन की तुलना में अधिक तीव्र होते हैं, जो व्यवहार और जीवन के निर्णयों को प्रभावित करते हैं। भावनात्मक बदलाव, उनके प्रभाव और सकारात्मक विकास के उपाय मुख्य भावनात्मक बदलाव व्यवहार पर संभावित प्रभाव सकारात्मक विकास के उपाय मूड स्विंग्स व्यवहार में अचानक बदलाव संगीत, नृत्य या खेलों में संलग्न होना तीव्र भावनाएँ (Strong Emotions) नई जिज्ञासा और ऊर्जा आत्म-खोज, रचनात्मकता और नवाचार में ऊर्जा लगाना अत्यधिक संवेदनशीलता (Increased Sensitivity) दूसरों के प्रति जुड़ाव या असंतोष करुणा, सहानुभूति और सामाजिक कार्यों में सहभागिता किशोरावस्था को सुखद अनुभव बनाना पोषण संबंधी आवश्यकताएँ पोषण स्रोत और उनके कार्य खाद्य स्रोत पोषक तत्व मुख्य कार्य दूध, बाजरा, दही, पनीर कैल्शियम, प्रोटीन, वसा हड्डियों का विकास पालक, राजमा, किशमिश, अंजीर आयरन रक्त निर्माण (हीमोग्लोबिन) दालें, सोयाबीन, अंडे प्रोटीन शारीरिक वृद्धि, शक्ति व ऊर्जा स्तर में सुधार लौह और B12 की कमी तथा सरकारी प्रयास डोरोथी हॉजकिन व्यक्तिगत स्वच्छता मासिक धर्म स्वच्छता योजनाएँ शारीरिक गतिविधियाँ संतुलित सामाजिक जीवन और साइबर सुरक्षा मादक पदार्थों से बचाव नशा मुक्त भारत अभियान किशोरावस्था में परिवर्तनों का कारण किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक, जैविक और व्यावहारिक बदलावों का मुख्य कारण शरीर में बनने वाले विशेष रसायन हैं। मुख्य तथ्य किशोरावस्था में हार्मोनल नियंत्रण की प्रक्रिया चरण प्रक्रिया परिणाम 1. मस्तिष्क से संकेत (Brain Signals) पिट्यूटरी ग्रंथि को हार्मोन स्राव का निर्देश मिलता है 2. हार्मोन का स्राव (Hormone Release) टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन जैसे रसायन स्रावित होते हैं 3. शारीरिक व मानसिक बदलाव यौवनारंभ, द्वितीयक लैंगिक लक्षण और मूड स्विंग्स दिखाई देते हैं NCERT Class 7, Science Ch-5 यहाँ पढ़ें:-

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10 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

10 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत मेक इन इंडिया और औद्योगिक गलियारों को बल देने वाले INNOPROM इंडिया 2026 (भारत-रूस औद्योगिक सहयोग और NICDC की भूमिका), ग्रामीण महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता हेतु ‘स्किल मंथन’ (महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका का निर्माण), समुद्री पारिस्थितिकी व संसाधनों के अध्ययन हेतु स्वदेशी ओशन रिसर्च वेसल ‘ORV सागर मंथन’, वित्तीय पारदर्शिता व एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग हेतु FIU-IND द्वारा 15 वर्चुअल डिजिटल एसेट संस्थाओं को नोटिस (PMLA का उल्लंघन), कम लागत में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन हेतु ऑर्गेनिक मॉलिक्यूल्स का सेल्फ-असेंबली (ग्रीन हाइड्रोजन की नई राह), तथा नीली अर्थव्यवस्था के तहत समुद्री जैव-विविधता वर्गीकरण के लिए इंटरनेशनल डीप-सी मैक्रोफ़ौना टैक्सोनॉमी स्कूल (कोच्चि) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। INNOPROM इंडिया 2026: भारत-रूस औद्योगिक सहयोग और NICDC की भूमिका चर्चा में क्यों? भारत मंडपम, नई दिल्ली में पहले INNOPROM इंडिया 2026 का आयोजन किया गया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के DPIIT के तहत कार्यरत NICDC (नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) ने इसमें भारत के अगली पीढ़ी के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदर्शित किया। इसका मुख्य उद्देश्य भारत-रूस विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को विनिर्माण और निवेश के क्षेत्र में मजबूत करना है। मुख्य बिंदु: भारत-रूस व्यापार लक्ष्य, NICDP और डिजिटल पहल 1. भारत-रूस आर्थिक सहयोग और द्विपक्षीय लक्ष्य 2. राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (NICDP) 3. NICDC की अन्य प्रमुख परियोजनाएं और डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन प्रथम INNOPROM इंडिया 2026 (नई दिल्ली) भारत-रूस व्यापार लक्ष्य 100 बिलियन (₹9.45 लाख करोड़) वर्ष 2030 तक नोडल संस्था NICDC (DPIIT, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय) NICDP दायरा 11 औद्योगिक गलियारे, 20 स्मार्ट सिटी, 13 राज्य विकसित 4 स्मार्ट सिटी धोलेरा (GJ), AURIC (MH), ग्रेटर नोएडा (UP), विक्रम उद्योगपुरी (MP) ‘स्किल मंथन’: महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका का निर्माण चर्चा में क्यों? कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने ‘स्किल मंथन’ की पहली बैठक का आयोजन किया। इस बैठक का मुख्य विषय “महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका का निर्माण” (Building Sustainable Livelihoods for Women) था। इसका उद्देश्य जिला-स्तरीय सफल मॉडलों को उजागर करना और देश भर में साझा करना है। मुख्य बिंदु: जिला-स्तरीय मॉडल, अति-स्थानीय कौशल और महिला सशक्तिकरण 1. जिला-संचालित योजनाएं और ‘हाइपरलोकल’ दृष्टिकोण 2. जिला स्तरीय तीन प्रमुख सफल मॉडल 3. राष्ट्रीय दृष्टिकोण और ‘विकसित भारत@2047’ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक मंत्रालय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) कार्यक्रम का नाम स्किल मंथन मुख्य विषय महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका का निर्माण मेरठ मॉडल खेल सामग्री (बैडमिंटन रैकेट व शटलकॉक) विनिर्माण विदुर प्रेरणा स्वदेशी बिजनौर (UP) – ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए ब्रांडिंग/मार्केट प्लेटफॉर्म ओशन रिसर्च वेसल ‘ORV सागर मंथन’: भारत का स्वदेशी समुद्री अनुसंधान जहाज चर्चा में क्यों? कोलकाता स्थित ऋषि बंकिम शिपयार्ड में भारत के सबसे उन्नत ओशन रिसर्च वेसल (Yard 3041) ‘ORV सागर मंथन’ का जलावतरण (Launch) किया गया। इसे रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने NCPOR (राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र) के लिए तैयार किया है। मुख्य बिंदु: तकनीकी क्षमताएं, दीप ओशन मिशन और रणनीतिक महत्व 1. दीप ओशन मिशन और ‘ORV सागर मंथन’ 2. प्रमुख तकनीकी विशेषताएं और उपकरण 3. वैज्ञानिक और रणनीतिक प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य जहाज का नाम ORV सागर मंथन (Yard 3041) निर्माता संस्था GRSE (गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, कोलकाता) उपयोगकर्ता एजेंसी NCPOR (गोवा) / पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) मूल योजना दीप ओशन मिशन (DOM) परियोजना लागत लगभग ₹840 करोड़ किसका स्थान लेगा? ORV सागर कन्या (1983, जर्मनी निर्मित) FIU-IND ने 15 वर्चुअल डिजिटल एसेट संस्थाओं को जारी किया नोटिस: PMLA का उल्लंघन चर्चा में क्यों? वित्तीय खुफिया इकाई-भारत (FIU-IND) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 13 के तहत गैर-अनुपालन के कारण 15 वर्चुअल डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स (VDA SPs) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के अंतर्गत इन गैर-पंजीकृत कंपनियों के मोबाइल ऐप्स और यूआरएल (URLs) को भारत में बंद करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्य बिंदु: FIU-IND की कार्रवाई, VDA विनियम और PMLA दायित्व 1. अवैध गतिविधियों और ऐप्स पर प्रतिबंध का आदेश 2. VDA सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए PMLA दायित्व 3. उपभोक्ताओं के लिए जोखिम चेतावनी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्रवाई करने वाली संस्था FIU-IND (वित्तीय खुफिया इकाई – भारत) मूल अधिनियम PMLA 2002 की धारा 13 और IT अधिनियम 2000 की धारा 79 VDA SPs को AML/CFT के तहत कब लाया गया? मार्च 2023 कुल प्रभावित संस्थाएं 15 VDA सर्विस प्रोवाइडर्स FIU-IND का प्रशासनिक ढांचा वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत नोडल एजेंसी मुख्यालय नई दिल्ली ऑर्गेनिक मॉलिक्यूल्स का सेल्फ-असेंबली: ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की नई राह चर्चा में क्यों? विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान CeNS (बेंगलुरु) के वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक एस्पार्टिक एसिड (अमीनो एसिड) को पेरिलीन डिइमाइड (PDI) नामक कार्बनिक अणु के साथ मिलाकर एक धातु-मुक्त (metal-free) उत्प्रेरक तैयार किया है। सुप्रामॉलिक्यूलर सेल्फ-असेंबली की प्रक्रिया द्वारा निर्मित यह उत्प्रेरक पानी में 2D नैनोशीट्स बनाता है, जिससे सौर जल-विभाजन में 18% अधिक फोटोकरंट उत्पन्न होता है। रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री के Journal of Materials Chemistry A में प्रकाशित यह अध्ययन हरित हाइड्रोजन उत्पादन, कृत्रिम प्रकाश संश्लेषण और सौर ईंधन उपकरणों के लिए एक सस्ता, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प प्रदान करता है। मुख्य बिंदु: तकनीक, क्रियाविधि और लाभ 1. नई तकनीक और इसकी कार्यप्रणाली 2. इस तकनीक के प्रमुख लाभ 3. भविष्य के अनुप्रयोग प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अनुसंधान संस्थान CeNS (सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज), बेंगलुरु मूल मंत्रालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) तकनीक का नाम सुप्रामॉलिक्यूलर सेल्फ-असेंबली उपयोग किए गए मुख्य तत्व एस्पार्टिक एसिड (अमीनो एसिड) + PDI (पेरिलीन डिइमाइड) मुख्य आउटपुट धातु-मुक्त 2D नैनोशीट्स फोटोकैटलिस्ट इंटरनेशनल डीप-सी मैक्रोफ़ौना टैक्सोनॉमी स्कूल: कोच्चि में वैश्विक वैज्ञानिक पहल चर्चा में क्यों? भारत के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन CMLRE (कोच्चि) में 5-दिवसीय “इंटरनेशनल डीप-सी मैक्रोफ़ौना टैक्सोनॉमी स्कूल” का आयोजन किया जा रहा है। यह अंतर्राष्ट्रीय क्षमता-निर्माण कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय सीबेड अथॉरिटी (ISA) के ‘सस्टेनेबल सीबेड नॉलेज इनिशिएटिव’ (SSKI) प्लेटफॉर्म के तहत आयोजित

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NCERT Notes Class 7 Science Chapter 5: Changes Around Us: Physical and Chemical

NCERT Notes Class 7 Science Chapter 5: Changes Around Us: Physical and Chemical के अंतर्गत परिवर्तनों के दो मुख्य वर्गों—भौतिक परिवर्तन (Physical Changes) और रासायनिक परिवर्तन (Chemical Changes)—के बीच के मूलभूत अंतरों को स्पष्ट करता है। इसमें यह समझाया गया है कि कैसे आकार, रूप, रंग या अवस्था में होने वाले परिवर्तन, जिनमें कोई नया पदार्थ नहीं बनता, भौतिक परिवर्तन कहलाते हैं और प्रायः उत्क्रमणीय (Reversible) होते हैं; जबकि नए पदार्थों के निर्माण और रासायनिक संगठन में बदलाव वाले परिवर्तन रासायनिक परिवर्तन कहलाते हैं। और लोहे में जंग लगने की प्रक्रिया, जंग से बचाव के वैज्ञानिक तरीकों (जैसे यशदलेपन/Galvanisation) और शुद्ध अवस्था में क्रिस्टल प्राप्त करने की क्रिस्टलीकरण विधि को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ उजागर करता है। पदार्थ का रूप बदल सकता है, लेकिन पदार्थ वही रहता है! (A Substance May Change in Appearance but Remain the Same!) भौतिक परिवर्तनों में पदार्थ की केवल बाहरी बनावट बदलती है, उसकी आंतरिक रासायनिक पहचान नहीं। A, B, C गतिविधियों के अवलोकन भौतिक परिवर्तन (Physical Changes) भौतिक परिवर्तनों का त्वरित अवलोकन गतिविधि / प्रक्रिया परिवर्तित भौतिक गुण क्या नया पदार्थ बना? परिवर्तन का प्रकार कागज मोड़ना आकार (Shape) नहीं भौतिक परिवर्तन गुब्बारा फुलाना/फोड़ना आकार व माप (Size) नहीं भौतिक परिवर्तन चौक को पीसना माप (Size) नहीं भौतिक परिवर्तन बर्फ का पिघलना अवस्था (State) नहीं भौतिक परिवर्तन रासायनिक परिवर्तन: नया पदार्थ बनना (A Substance May Change in Appearance and Not Remain the Same!) जब किसी परिवर्तन में एक या एक से अधिक नए पदार्थ बनते हैं, तो उसे रासायनिक परिवर्तन कहते हैं। चूने के पानी में फूंक मारने का प्रयोग CO_2 का परीक्षण: चूने के पानी का दूधिया होना कार्बन डाइऑक्साइड गैस की पहचान का मानक परीक्षण (Standard Test) है। सिरका और बेकिंग सोडा की अभिक्रिया भौतिक और रासायनिक परिवर्तन में अंतर गुणधर्म भौतिक परिवर्तन (Physical Change) रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change) नया पदार्थ नहीं बनता बनता है प्रकृति सामान्यतः उत्क्रमणीय (Reversible) सामान्यतः अनुत्क्रमणीय (Irreversible) उदाहरण पानी से बर्फ बनना, बेकिंग सोडा + जल सिरका + बेकिंग सोडा, CO_2 का चूने के पानी को दूधिया करना रासायनिक परिवर्तनों वाली अन्य प्रक्रियाएँ (Some Other Processes Involving Chemical Changes) जंग लगना (Rusting) दहन (Combustion) दहन के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता आग पर नियंत्रण और सुरक्षा बायोलुमिनिसेंस दहन के लिए आवश्यक शर्तें केवल दाह्य पदार्थ और हवा का होना पर्याप्त नहीं है; दहन शुरू करने के लिए निश्चित तापमान आवश्यक है। ज्वलन ताप (Ignition Temperature) दहन के लिए 3 अनिवार्य तत्व क्रम आवश्यक घटक भूमिका 1. दाह्य पदार्थ (ईंधन / Fuel) जलने वाला मुख्य पदार्थ (कागज, लकड़ी, आदि) 2. ऑक्सीजन दहन में सहायक वायुमंडलीय घटक 3. ऊष्मा (Heat) ईंधन को उसके ज्वलन ताप तक पहुँचाने वाली ऊष्मा क्या एक ही प्रक्रिया में भौतिक और रासायनिक परिवर्तन दोनों हो सकते हैं? (Can Physical and Chemical Changes Occur in the Same Process?) मोमबत्ती का जलना इसका सबसे सटीक उदाहरण है, जहाँ भौतिक और रासायनिक दोनों परिवर्तन एक साथ होते हैं। मोमबत्ती जलने के अवलोकन माइकल फैराडे का योगदान मोमबत्ती जलने में दोनों परिवर्तनों की तुलना परिवर्तन का प्रकार शामिल प्रक्रियाएँ क्या नया पदार्थ बनता है? भौतिक परिवर्तन (Physical) मोम का पिघलना, जमना और वाष्पीकृत होना नहीं (केवल अवस्था बदलती है) रासायनिक परिवर्तन (Chemical) मोम की वाष्प का जलना (Combustion) हाँ (ऊष्मा, रोशनी, CO_2, जलवाष्प) क्या परिवर्तन स्थायी होते हैं? (Are Changes Permanent?) परिवर्तनों को उनकी प्रकृति के आधार पर दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा जाता है: उत्क्रमणीय (Reversible) और अनुत्क्रमणीय (Irreversible)। उत्क्रमणीय एवं अनुत्क्रमणीय परिवर्तन परिवर्तनों का वर्गीकरण क्र.सं. परिवर्तन (Change) मूल अवस्था वापस पाई जा सकती है? (Yes/No) परिवर्तन का प्रकार 1. बर्फ के टुकड़ों का पिघलना Yes उत्क्रमणीय (Reversible) 2. सब्जियों को काटना No अनुत्क्रमणीय (Irreversible) 3. पानी का उबलना Yes उत्क्रमणीय (Reversible) 4. मक्के से पॉपकॉर्न बनना No अनुत्क्रमणीय (Irreversible) क्या सभी परिवर्तन वांछनीय होते हैं? मानव और पर्यावरण के दृष्टिकोण से परिवर्तनों को वांछनीय (Desirable) और अवांछनीय (Undesirable) में वर्गीकृत किया जाता है। 1. वांछनीय परिवर्तन (Desirable Changes) 2. अवांछनीय परिवर्तन (Undesirable Changes) 3. परिस्थिति-आधारित परिवर्तन (Context-Dependent Changes) 4. पर्यावरण पर दीर्घकालिक प्रभाव (Long-term Environmental Impact) कुछ धीमी प्राकृतिक प्रक्रियाएँ (Some Slow Natural Changes) पृथ्वी की सतह पर परिवर्तन लाने वाली ये प्राकृतिक प्रक्रियाएँ अत्यंत धीमी, निरंतर और सामान्यतः अनुत्क्रमणीय (Irreversible) होती हैं। चट्टानों का अपक्षय (Weathering of rocks) अपरदन (Erosion) अपक्षय और अपरदन में मुख्य अंतर प्रक्रिया मुख्य क्रिया भौतिक/रासायनिक प्रकृति मुख्य परिणाम अपक्षय (Weathering) चट्टानों का अपने स्थान पर टूटना भौतिक व रासायनिक दोनों मृदा (Soil) का निर्माण अपरदन (Erosion) पदार्थों का एक स्थान से स्थानांतरण मुख्यतः भौतिक परिवर्तन अवसादी चट्टानें व चिकने पत्थर NCERT Class 7, Social Science Ch-12 यहाँ पढ़ें:-

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9 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

9 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा को मजबूत करने वाले फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (FRI), सामाजिक न्याय और जनसेवा पुरस्कारों से जुड़े राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम पुरस्कार 2026, वानिकी व सतत वन प्रबंधन हेतु भारत-जापान वन संयुक्त कार्य समूह की 7वीं बैठक, मानव रहित हवाई प्रणालियों में आत्मनिर्भरता दर्शाने वाले IAF ड्रोनॉथॉन 2026, डॉ. भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती पर विशेष श्रद्धांजलि, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने वाले 7वें ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026, सामरिक रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ करने वाले भारत-जापान संयुक्त वायु सेना अभ्यास ‘वीर गार्जियन-2026’, तथा ICAR द्वारा AI से ‘पहाड़ों की गाय’ (मिथुन) की निगरानी का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। साइबर फ्रॉड पर नकेल: फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (FRI) का प्रभाव चर्चा में क्यों? संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा लॉन्च किए गए फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (FRI) ने अपनी शुरुआत के 15 महीनों के भीतर (अगस्त 2026 तक) देश के नागरिकों के ₹5,000 करोड़ से अधिक की धनराशि को साइबर धोखाधड़ी में डूबने से बचाया है। यह तकनीक नागरिकों के पैसे को धोखाधड़ी वाले खातों में स्थानांतरित होने से पहले ही रोक देती है। इससे जांच, FIR दर्ज करने और बैंक खातों को फ्रीज करने जैसी लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। मुख्य बिंदु: तकनीक, तंत्र और अंतर-मंत्रालयी सहयोग 1. FRI क्या है और यह कैसे काम करता है? 2. रीएक्टिव मॉडल से प्रिवेंटिव मॉडल की ओर बदलाव 3. जन-भागीदारी और DoT के अन्य प्रमुख टूल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नोडल विभाग दूरसंचार विभाग (DoT), संचार मंत्रालय मूल प्लेटफॉर्म डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP – 2024 में लॉन्च) FRI लॉन्च तिथि 22 मई 2025 प्रमुख नोडल पोर्टल संचार साथी और चक्षु जोखिम श्रेणियां 3 श्रेणियां: मध्यम, उच्च, अत्यधिक उच्च साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार 2026 चर्चा में क्यों? राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना को “डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार 2026” से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। यह सम्मान आयोग के सामाजिक न्याय और अनुसूचित जाति के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा में दिए गए उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जा रहा है। 9 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 16वें संसद रत्न पुरस्कार समारोह के दौरान नागरिक समाज द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। मुख्य बिंदु: पुरस्कार का महत्व, संस्थागत भूमिका और NCSC का संवैधानिक ढांचा 1. पुरस्कार और आयोजक संस्था 2. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) का संवैधानिक ढांचा 3. NCSC की शक्तियां और कार्य प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार का नाम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जन सेवा पुरस्कार 2026 पुरस्कार प्राप्तकर्ता श्री किशोर मकवाना (अध्यक्ष, NCSC) समारोह 16वां संसद रत्न पुरस्कार समारोह 2026 संवैधानिक अनुच्छेद अनुच्छेद 338 (Article 338) संबंधित संशोधन 89वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 भारत-जापान वन संयुक्त कार्य समूह की 7वीं बैठक: मुख्य बिंदु चर्चा में क्यों? बेंगलुरु में भारत और जापान के बीच वन क्षेत्र में सहयोग पर 7वीं संयुक्त कार्य समूह (JWG) बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों देशों ने 2015 के समझौता ज्ञापन (MoC) के तहत वर्ष 2027–2031 के लिए एक रोडमैप को अंतिम रूप दिया और इसे मंजूरी दी। मुख्य बिंदु: सहयोग के तीन प्रमुख स्तंभ और अध्ययन दौरा 1. सहयोग के मुख्य विषय 2. प्रतिनिधिमंडल और प्रमुख संस्थागत दौरे प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य बैठक का नाम भारत-जापान वन संयुक्त कार्य समूह (7वीं बैठक) आयोजन स्थल बेंगलुरु, कर्नाटक (8 सितंबर 2026) मूल समझौता 2015 का समझौता ज्ञापन (MoC) स्वीकृत रोडमैप 2027–2031 की अवधि के लिए प्रमुख शोध संस्थान काष्ठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (IWST), बेंगलुरु भारतीय वायु सेना (IAF) ड्रोनॉथॉन 2026: स्वदेशी ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन चर्चा में क्यों? भारतीय वायु सेना (IAF) 14 से 16 सितंबर 2026 तक जैसलमेर के पोखरन रेंज में ‘ड्रोनॉथॉन 2026’ आयोजन कर रही है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य घरेलू निर्माताओं को मानव रहित हवाई प्रणालियों (UAS) और काउंटर मानव रहित हवाई प्रणालियों (CUAS) में अपनी तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन करने का अवसर देना है। मुख्य बिंदु: रणनीतिक उद्देश्य, तकनीक और ‘आत्मनिर्भर भारत’ 1. आयोजन का मुख्य उद्देश्य 2. फोकस वाले प्रमुख तकनीकी क्षेत्र 3. ‘आत्मनिर्भर भारत’ और रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजक संस्था भारतीय वायु सेना (IAF) आयोजन स्थल पोखरन रेंज, जैसलमेर (राजस्थान) आयोजन की तिथियां 14 से 16 सितंबर 2026 मुख्य तकनीकें UAS, CUAS, Swarm Drones, Electronic Warfare संबंधित राष्ट्रीय पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान डॉ. भूपेन हजारिका: 100वीं जयंती पर विशेष श्रद्धांजलि चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान गायक, संगीतकार और गीतकार डॉ. भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती (100th Birth Anniversary) पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भूपेन दा की आवाज ने असम की आत्मा और पूर्वोत्तर की भावना को पूरे देश तक पहुंचाया। उनके शताब्दी समारोह की शुरुआत पिछले साल गुवाहाटी में हुई थी। मुख्य बिंदु: बहुमुखी प्रतिभा, योगदान और राष्ट्रीय सम्मान 1. पूर्वोत्तर की आवाज और सांस्कृतिक दूत 2. कलात्मक यात्रा और जन-सामाजिक सरोकार प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नाम / उपाधि डॉ. भूपेन हजारिका (‘ब्रह्मपुत्र का बार्ड’) जन्म / जयंती 8 सितंबर 1926 (वर्ष 2026 में 100वीं जयंती) जन्म स्थान सादिया, असम सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न (2019 में मरणोपरांत) अन्य प्रमुख पुरस्कार पद्म विभूषण (2012), दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (1992), संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1987) प्रसिद्ध रचनाएं ‘दिल हूम हूम करे’ (फिल्म: रुदाली), ‘ओ गंगा बहती हो क्यों’ 7वां ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026: भारत का डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय भविष्य चर्चा में क्यों? मुंबई में 7वें ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF 2026) का आयोजन किया जा रहा है। वर्ष 2020 में अपनी शुरुआत के बाद से, GFF दुनिया के सबसे बड़े फिनटेक सम्मेलनों में से एक बन गया है। यह आयोजन डिजिटल फाइनेंस और फिनटेक इनोवेशन में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभुत्व को दर्शाता है। मुख्य बिंदु: थीम, तकनीक, वित्तीय समावेशन और नियामक ढांचा 1. GFF 2026 की मुख्य थीम और

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8 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

8 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन घटाने हेतु नीति आयोग द्वारा PACT और ZET मार्केटप्लेस का शुभारंभ (भारत में माल ढुलाई क्षेत्र का विद्युतीकरण), देश के प्रमुख पारंपरिक उद्योग और इसके आर्थिक लाभों पर आधारित जूट: भारत का ‘गोल्डन फाइबर’ और इसका आर्थिक महत्व, मत्स्य पालन में जल दक्षता बढ़ाने वाली अगली पीढ़ी की एक्वाकल्चर तकनीकें (RAS और बायो-फ्लॉक), नवाचार व एआई क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूती देने वाले भारत-स्वीडन AI और डिजिटल सहयोग (SITAC संवाद), वायु गुणवत्ता प्रबंधन की प्रगति दर्शाने वाले स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार 2026 और NCAP की समीक्षा, तथा नगर निकायों और जन-भागीदारी का नया रोडमैप का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारत में माल ढुलाई क्षेत्र का विद्युतीकरण: नीति आयोग द्वारा PACT और ZET मार्केटप्लेस का शुभारंभ चर्चा में क्यों? नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने 5वें e-FAST India Summit 2026 के दौरान दो ऐतिहासिक प्लेटफॉर्म लॉन्च किए: PACT (Platform for Aggregating Clean Transport) और ZET Marketplace (Zero Emission Truck Marketplace)। इसका प्राथमिक लक्ष्य भारत के फ्रेट सेक्टर (माल ढुलाई) को तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर स्थानांतरित करना और राष्ट्रीय नेट ज़ीरो 2070 लक्ष्य को गति देना है। मुख्य बिंदु: रणनीतिक महत्व, बाजार की चुनौतियां और निवारक समाधान 1. माल ढुलाई क्षेत्र की स्थिति और चुनौतियां 2. नई पहलों की भूमिका (PACT और ZET Marketplace) 3. समर्थित राष्ट्रीय योजनाएं प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन मंच 5वां e-FAST India Summit 2026 आयोजक संस्था नीति आयोग (NITI Aayog) लॉन्च की गई पहलें PACT और ZET Marketplace e-FAST का पूर्ण रूप Electric Freight Accelerator for Sustainable Transport जूट: भारत का ‘गोल्डन फाइबर’ और इसका आर्थिक महत्व चर्चा में क्यों? भारत दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा जूट (Raw Jute) और जूट उत्पादों का उत्पादक देश बन गया है। वर्ष 2025-26 में भारत ने 94.03 लाख गांठ (Bales) कच्चे जूट का उत्पादन किया। जूट उद्योग देश के लगभग 40 लाख किसान परिवारों और 3.70 लाख मिल श्रमिकों की आजीविका को सहारा देता है। मुख्य बिंदु: जूट क्षेत्र का महत्व, नीतियां और नई तकनीकें 1. फसल की भौगोलिक आवश्यकताएं और इतिहास 2. जूट के बहुआयामी उपयोग 3. प्रमुख सरकारी नीतियां और योजनाएं 4. डिजिटल और तकनीकी पहलें प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य वैश्विक स्थिति भारत दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा जूट और जूट सामान उत्पादक है (वैश्विक उत्पादन का 75%) शीर्ष उत्पादक राज्य पश्चिम बंगाल (कुल 120 में से 89 जूट मिलें यहीं हैं) कच्चे जूट का MSP (2026-27) ₹5,925 प्रति क्विंटल MSP नोडल एजेंसी भारतीय जूट निगम (JCI) डिजिटल निगरानी उपकरण BHUVAN JUMP ऐप और PATSAN वेब पोर्टल (ISRO द्वारा निर्मित) अनिवार्य पैकेजिंग नियम 100% खाद्यान्न और 20% चीनी भारत में अगली पीढ़ी की एक्वाकल्चर: RAS और बायो-फ्लॉक तकनीक का विकास चर्चा में क्यों? भारत के मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर क्षेत्र ने रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत आधुनिक तकनीकों जैसे रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) और बायो-फ्लॉक टेक्नोलॉजी (Bio-floc) के बड़े पैमाने पर अपनाए जाने से भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन गया है। मुख्य बिंदु: वैश्विक स्थिति, उन्नत तकनीकें और रणनीतिक लाभ 1. भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति 2. अगली पीढ़ी की तकनीकें: RAS और बायो-फ्लॉक 3. क्षेत्रीय विस्तार और निर्यात रणनीति प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य वैश्विक रैंकिंग दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक (8% वैश्विक हिस्सेदारी) झींगा उत्पादन भारत दुनिया का सबसे बड़ा झींगा उत्पादक और निर्यातक है मुख्य योजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) सार्वजनिक निवेश 2015 से अब तक ₹39,272 करोड़ से अधिक का कुल आवंटन RAS की मुख्य विशेषता 90-95% पानी का पुनर्चक्रण (Recycle) स्वीकृत आधुनिक यूनिट्स 9,467 RAS और 4,573 बायो-फ्लॉक यूनिट्स सीफूड निर्यात (2025-26) ₹73,890 करोड़ का रिकॉर्ड स्तर भारत-स्वीडन AI और डिजिटल सहयोग: SITAC संवाद चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत ‘इंडिया-AI मिशन’ ने नई दिल्ली में स्वीडन के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की। यह बैठक स्वीडन-इंडिया टेक्नोलॉजी एंड AI कॉरिडोर (SITAC) के तहत आयोजित की गई थी। मुख्य बिंदु: रणनीतिक साझेदारी और AI पारिस्थितिकी तंत्र 1. दोनों देशों के मुख्य योगदान 2. इंडिया-AI मिशन के मुख्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र 3. प्रमुख भाग लेने वाली स्वीडिश व भारतीय कंपनियां 4. सहयोग के संभावित क्षेत्र प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मुख्य मंच स्वीडन-इंडिया टेक्नोलॉजी एंड AI कॉरिडोर (SITAC) आयोजक मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) कार्यान्वयन एजेंसी इंडिया-AI मिशन स्वीडिश प्रतिनिधि संस्था बिजनेस स्वीडन और स्वीडिश दूतावास प्राथमिकता विषय इंडस्ट्रियल AI, सेफ AI, कम्प्यूट कैपेसिटी और डेटा गवर्नेंस स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार 2026 और NCAP की समीक्षा चर्चा में क्यों? ‘अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस’ पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा आयोजित ‘स्वच्छ वायु दिवस 2026‘ कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत 5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर देश के 130 NCAP शहरों में सड़क की धूल, कचरा प्रबंधन, वाहन और औद्योगिक उत्सर्जन नियंत्रण जैसे 8 प्रमुख मापदंडों पर जमीनी प्रयासों का मूल्यांकन कर 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में लखनऊ को प्रथम, इंदौर को द्वितीय तथा जबलपुर को तृतीय स्थान दिया गया। मुख्य बिंदु: सर्वेक्षण मानदंड, प्रगति और प्रमुख दिशा-निर्देश 1. स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार 2026 की मुख्य बातें 2. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) की उपलब्धियां (2025-26) 3. NGT और MoEFCC के प्रमुख दिशा-निर्देश प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य विशेष दिवस स्वच्छ वायु दिवस (7 सितंबर 2026) आयोजक मंत्रालय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) अवार्ड का नाम 5वां स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार ट्रैकिंग पोर्टल PRANA पोर्टल (Portal for Regulation of Air-pollution in Non-Attainment cities) NCR में वायु प्रदूषण पर नकेल: नगर निकायों और जन-भागीदारी का नया रोडमैप चर्चा में क्यों? ‘अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस’ पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में एक विशेष संवाद आयोजित हुआ। इसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के 63 शहरों के मेयरों और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस ऐतिहासिक

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7 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

7 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत छोटे शहरों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले 6वें RISE सम्मेलन 2026 (कोलकाता में भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्टार्टअप्स पर जोर), पर्यावरणीय शासन और सतत विकास को सुदृढ़ करने वाले राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों के 16वें राष्ट्रीय सम्मेलन, अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस 2026 (संकट से पुनरुद्धार की दिशा में भारत), उद्योग 4.0, रोबोटिक्स और एआई में तकनीकी आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने वाले साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (CPS), तथा पर्वतीय क्षेत्रों में जलवायु जोखिमों से निपटने के लिए हिमालयी राज्यों में GLOF और हिमस्खलन जोखिम प्रबंधन (केंद्रीय गृह सचिव द्वारा समीक्षा) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। 6वां RISE सम्मेलन 2026: कोलकाता में भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्टार्टअप्स पर जोर चर्चा में क्यों? कोलकाता में 6ठे RISE सम्मेलन 2026 का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा किया गया । इस सम्मेलन का उद्देश्य लैब-टू-मार्केट यात्रा को गति देना और छोटे शहरों के स्टार्टअप्स को उद्योग व विज्ञान से जोड़ना है। मुख्य बिंदु: स्टार्टअप इकोसिस्टम, अनुसंधान विकास और नवाचार पहल 1. टियर-2 और टियर-3 शहरों का स्टार्टअप पावरहाउस 2. ‘Whole-of-Science’ दृष्टिकोण और संस्थागत ढांचा 3. 4M फ्रेमवर्क और सम्मेलन के प्रमुख परिणाम प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन का नाम 6वां RISE सम्मेलन 2026 (Kolkata Edition) मुख्य थीम Driving Innovation & Entrepreneurship for Viksit Bharat 2047 आयोजक प्रयोगशालाएं CSIR-CGCRI, CSIR-IICB, CSIR-CMERI और CSIR-IMMT मुख्य ढांचा (Framework) 4M (Minerals, Medicine, Materials, Machines) स्थान व तिथि 6-7 सितंबर 2026, CSIR-IICB साल्ट लेक, कोलकाता पूर्ववर्ती संस्करण मुंबई, लखनऊ, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों का 16वां राष्ट्रीय सम्मेलन चर्चा में क्यों? चंडीगढ़ में राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों का 16वां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य और स्थानीय स्तर पर जैव विविधता प्रशासन को मजबूत करना है। मुख्य बिंदु: जैव विविधता प्रशासन, वैधानिक सुधार और स्थानीय भागीदारी 1. कानूनी ढाँचा और संस्थागत सुधार 2. एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग (ABS) फंड 3. अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं और वैश्विक लक्ष्य प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन का नाम राज्य जैव विविधता बोर्डों और UT जैव विविधता परिषदों का 16वां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजक संस्था राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) आयोजन तिथि व स्थान 6–7 सितंबर 2026, चंडीगढ़ कुल BMCs की संख्या 2.76 लाख से अधिक विपरीत लाभ साझाकरण (ABS) कोष ₹200 करोड़ से अधिक का वितरण अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस 2026: संकट से पुनरुद्धार की दिशा में भारत चर्चा में क्यों? पंचकुला (हरियाणा) में ‘अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस’ पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ‘संकट से पुनरुद्धार – भारत के गिद्धों का संरक्षण’ थीम पर इसका उद्घाटन किया। इस दौरान देश में ‘सुरक्षित गिद्ध क्षेत्र’ (Vulture Safe Zones) के निर्माण और तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। मुख्य बिंदु: गिद्धों का पारिस्थितिक महत्व, संकट और संरक्षण रणनीतियाँ 1. पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका और संकट के कारण 2. जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र (JCBC), पिंजौर 3. प्रमुख घोषणाएं एवं भावी रणनीति प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन का स्थान पंचकुला, हरियाणा कार्यशाला की थीम संकट से पुनरुद्धार – भारत के गिद्धों का संरक्षण मुख्य भागीदार संस्थाएं केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय (MoEFCC), CZA, हरियाणा वन विभाग, BNHS, JCBC प्रमुख प्रजनन केंद्र जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र (JCBC), पिंजौर विमोचित पुस्तक ‘स्टोरी ऑफ जटायु: सेविंग इंडियाज वल्चर’ साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (CPS): भारत के तकनीकी और आत्मनिर्भर भविष्य का आधार चर्चा में क्यों? विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा संचालित राष्ट्रीय अंतरविषय साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन (NM-ICPS) ने देश में स्वदेशी तकनीक, अनुसंधान और स्टार्टअप्स के माध्यम से एक मजबूत डिजिटल-भौतिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया है। अगस्त 2026 तक इस मिशन ने 1,100 से अधिक तकनीकों, 1,300 से अधिक उत्पादों और भारत जन जैसे स्वदेशी एआई मॉडल को विकसित करने में सफलता प्राप्त की है। मुख्य बिंदु: साइबर-फिजिकल सिस्टम, मिशन की संरचना और वास्तविक अनुप्रयोग 1. साइबर-फिजिकल सिस्टम (CPS) क्या है? 2. राष्ट्रीय अंतरविषय साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन (NM-ICPS) 3. भारत जन पहल 4. विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुप्रयोग प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मिशन का नाम राष्ट्रीय अंतरविषय साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन (NM-ICPS) मंत्रालय / विभाग विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (DST) प्रौद्योगिकी नवाचार हब (TIHs) 25 हब (शीर्ष अकादमिक संस्थानों में स्थापित) रिसर्च पार्क्स (TTRPs) 4 (IIT कानपुर, IISc बेंगलुरु, IIT धनबाद, IIT इंदौर) हिमालयी राज्यों में GLOF और हिमस्खलन जोखिम प्रबंधन: केंद्रीय गृह सचिव द्वारा समीक्षा चर्चा में क्यों? केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) और हिमस्खलन (Snow Avalanches) से निपटने की तैयारियों का मूल्यांकन करना था। मुख्य बिंदु: जोखिम समीक्षा, संस्थागत समन्वय और निवारक रणनीतियाँ 1. शामिल राज्य और प्रमुख तकनीकी संस्थाएं 2. समीक्षा के प्रमुख क्षेत्र और जोखिम प्रबंधन 3. मुख्य दिशा-निर्देश और भविष्य की रणनीति प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मुख्य आपदाएं ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) और हिमस्खलन बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव (गोविंद मोहन) प्रमुख भागीदार राज्य/UTs उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर मुख्य वैज्ञानिक संस्थाएं NDMA, CWC, IMD, और DGRE रणनीतिक ध्यान 2024 की GLOF शमन परियोजना की समीक्षा और अंतिम स्तर तक पूर्व चेतावनी NCERT Class 7, Science Ch-3 यहाँ पढ़ें:-

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5 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

5 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करने वाले ISRO द्वारा GSLV-F17 से EOS-05 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए ‘डिस्ट्रिक्ट्स एज एक्सपोर्ट हब्स’ (DEH) पहल, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों में सुशासन और कानूनी अनुपालन सुगम बनाने वाले ‘कॉर्पोरेट मित्र’ पाठ्यक्रम, राजमार्गों के पर्यावरण-अनुकूल विकास हेतु NHAI का ‘ग्रीन हाईवे एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026’, वेस्ट हीट रिकवरी में क्रांतिकारी खोज स्कैंडियम नाइट्राइड (ScN) में रिकॉर्ड थर्मोइलेक्ट्रिक प्रभाव, स्मार्ट ड्रग डिलीवरी व मेमोरी तकनीक में जाम्ड सिस्टम और माइक्रोगेल कण, जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के लिए ‘पीएम-जनमन’ और ‘DA-JGUA’ पहलों की प्रगति समीक्षा, तथा बायोमेडिकल डिवाइसेस हेतु पेप्टाइड आधारित पीजोइलेक्ट्रिक बायोमटेरियल्स का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। ISRO की बड़ी उपलब्धि: GSLV-F17 द्वारा EOS-05 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ISRO के GSLV-F17/EOS-05 मिशन के सफल प्रक्षेपण की सराहना करते हुए इसे देश के लिए एक गर्व का क्षण बताया। यह प्रक्षेपण सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC-SHAR), श्रीहरिकोटा के द्वितीय लॉन्च पैड से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मुख्य बिंदु: EOS-05 मिशन और अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार 1. जिओसिंक्रोनस कक्षा से पहला इमेजिंग सैटेलाइट 2. ISRO और भारतीय उद्योग की बढ़ती भागीदारी उपग्रह एवं प्रक्षेपण यान: घटक विवरण प्रक्षेपण यान (Launch Vehicle) GSLV-F17 (GSLV Mk-II की 19वीं उड़ान) पेलोड / उपग्रह EOS-05 (भार: लगभग 2,367 किग्रा) कक्षा (Orbit) सब-जिओसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (Sub-GTO) प्राथमिक उद्देश्य आपदा प्रबंधन, कृषि विश्लेषण और भू-भाग की निरंतर उच्च-गुणवत्ता इमेजिंग ‘डिस्ट्रिक्ट्स एज एक्सपोर्ट हब्स’ (DEH) पहल: भारत के हर जिले को निर्यात का केंद्र बनाने की रणनीति चर्चा में क्यों? वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (PIB दिल्ली) ने ‘Districts as Export Hubs (DEH)’ पहल की प्रगति और इसके कार्यान्वयन की रूपरेखा पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य देश के प्रत्येक जिले की अनूठी उत्पादन और सेवा क्षमताओं को पहचानकर उन्हें सीधे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना है। यह पहल भारत के पारंपरिक निर्यात मॉडल को, जो केवल कुछ बड़े शहरों और बंदरगाहों तक सीमित था, बदलकर विकेंद्रीकृत और समावेशी विकास को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत छोटे व्यापारियों, एमएसएमई (MSMEs), स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों को सीधे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ा जा रहा है। मुख्य बिंदु: जिला-स्तरीय निर्यात मॉडल और इसका क्रियान्वयन 1. ODOP से DEH तक का सफर 2. तीन-स्तरीय संस्थागत संरचना 3. डिजिटलीकरण, अवसंरचना और क्षमता निर्माण प्रमुख जिला उत्पाद मैपिंग (DEH Product Mapping) जिला राज्य संभावित निर्यात उत्पाद साबरकांठा गुजरात सिरामिक एवं टाइल्स, आलू अरावली गुजरात खनिज, कृषि प्रसंस्करण, कांच एवं टाइल्स जलगाँव महाराष्ट्र जलगाँव केला, जलगाँव भरीत बैंगन आगर मालवा मध्य प्रदेश संतरा बस्तर छत्तीसगढ़ बस्तर आयरन क्राफ्ट, चावल, ज्वार, मक्का जामताड़ा झारखंड बांस शिल्प, काजू कॉर्पोरेट मित्र पाठ्यक्रम: MSME अनुपालन और क्षमता निर्माण के लिए नई पहल चर्चा में क्यों? कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs – MCA) के मार्गदर्शन में ICAI, ICSI और ICoAI द्वारा ‘कॉर्पोरेट मित्र पाठ्यक्रम’ के पहले बैच की औपचारिक शुरुआत की गई। इस योजना के तहत कॉर्पोरेट मित्र लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) भी लॉन्च किया गया है, जिसके पहले बैच में कुल 2,879 शिक्षार्थियों (Learners) ने अपना पंजीकरण कराया है। इसका प्राथमिक उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए व्यावसायिक और नियामक अनुपालन को आसान और सुलभ बनाना है। मुख्य बिंदु: कॉर्पोरेट मित्र पहल की रूपरेखा और उद्देश्य 1. पृष्ठभूमि और बजटीय घोषणा 2. बहु-संस्थानीय सहयोग और तकनीकी साझेदारी 3. पाठ्यक्रम की संरचना और प्रशिक्षण मॉडल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पहल का नाम कॉर्पोरेट मित्र पाठ्यक्रम प्रथम बैच पंजीकरण 2,879 शिक्षार्थी (Learners) प्रशासनिक मंत्रालय कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) बजटीय संदर्भ केंद्रीय बजट 2026-27 प्रशिक्षण अवधि 12 महीने (6 महीने अकादमिक + 6 महीने ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग) मुख्य लक्ष्य MSMEs के लिए अनुपालन (Compliance) को आसान बनाना और पैरा-प्रोफेसनल्स तैयार करना NHAI का ‘ग्रीन हाईवे एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026’: राष्ट्रीय राजमार्गों पर पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा चर्चा में क्यों? भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने ‘ग्रीन हाईवे एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026’ के विजेताओं की घोषणा की। इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर वृक्षारोपण और सौंदर्यकरण की सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देना है। यह पहल राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता को जोड़ने की NHAI की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसके माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ राजमार्गों के निर्माण के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों, ठेकेदारों, एनजीओ और निजी एजेंसियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्य बिंदु: पुरस्कार की श्रेणियां और मूल्यांकन ढांचा 1. पुरस्कार की प्रमुख श्रेणियां और विजेता NHAI द्वारा यह पुरस्कार तीन अलग-अलग श्रेणियों में प्रदान किए गए हैं: 2. नामांकन और मूल्यांकन प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार का नाम ग्रीन हाईवे एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026 आयोजक संस्था भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) स्थापना वर्ष वर्ष 2025 (हरित राजमार्ग नीति, 2015 के तहत) मूल्यांकन का मुख्य आधार पौधों की जीवित रहने की दर (Survival-rate Data) विशेष तकनीक/पार्क नागपुर में ऑक्सीजन बर्ड पार्क एवं लखनऊ में मियावाकी तकनीक पुरस्कार श्रेणियां एवेन्यू प्लांटेशन, मीडियन प्लांटेशन और लैंड पार्सल स्कैंडियम नाइट्राइड (ScN) में रिकॉर्ड थर्मोइलेक्ट्रिक प्रभाव: ताप से बिजली बनाने की सदी पुरानी सीमा टूटी चर्चा में क्यों? जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR), सिडनी विश्वविद्यालय और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बैंगलोर के वैज्ञानिकों की एक संयुक्त टीम ने एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की। उन्होंने एक विशेष क्रिस्टलीय सेमीकंडक्टर विकसित किया है जो तापमान के अंतर को सामान्य से लगभग 1,000 गुना अधिक विद्युत वोल्टेज में बदल देता है। यह खोज ठोस पदार्थों में तापीय ऊर्जा से बिजली बनाने (Seebeck Effect) की सदी पुरानी भौतिक सीमा को तोड़ती है। मुख्य बिंदु: खोज का विवरण, सीबेक प्रभाव और व्यावहारिक अनुप्रयोग 1. सीबेक प्रभाव और ऐतिहासिक सीमा का टूटना 2. सामग्री और निर्माण तकनीक (HDHC ScN) 3. प्रोटोटाइप सेंसर और भविष्य के अनुप्रयोग जाम्ड सिस्टम और माइक्रोगेल कण: तापीय आघात से मेमोरी इरेज़र और ड्रग डिलीवरी में नया मोड़ चर्चा में क्यों? रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI), बैंगलोर के वैज्ञानिकों ने जाम्ड सिस्टम्स में संरचनात्मक पुनर्प्राप्ति पर एक महत्वपूर्ण अध्ययन प्रकाशित किया। उन्होंने साबित किया है कि ग्लास जैसे ठोस पदार्थों को अचानक तापीय आघात देकर उनके अंदर

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4 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

4 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत वैश्विक रक्षा साझेदारी को दिशा देने वाले ‘रक्षा’ कूटनीति दस्तावेज (अगले 10 वर्षों का विजन), भारत के बंदरगाहों को हरित बनाने हेतु भारत का ग्रीन शिपिंग विजन (शून्य-उत्सर्जन गलियारे और हरित बंदरगाह), नेशनल लीडरशिप डायलॉग और एजेंटिक एआई स्किलिंग प्रोग्राम, भारतीय संगीत जगत की महान हस्ती प्रसिद्ध गुजराती संगीतकार गौरांग व्यास का निधन, जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देने वाले BIO-NIVESH (बायोटेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स के लिए निवेश मंच), भारत का एफटीए उपयोग अभियान (वैश्विक व्यापार में नई छलांग), तथा रीसाइक्लिंग तकनीक से टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण हेतु NH-716 पर 60% RAP तकनीक का सफल प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। ‘रक्षा’ कूटनीति दस्तावेज: अगले 10 वर्षों का विजन चर्चा में क्यों? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में ‘रक्षा’ (RAKSHA – Strategic Roadmap for Defence Diplomacy) नाम से एक व्यापक दस्तावेज जारी किया। यह दस्तावेज अगले 10 वर्षों (2026-2036) के लिए भारत की रक्षा कूटनीति, वैश्विक रणनीतिक साझेदारियों और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करता है। मुख्य बिंदु: रणनीतिक रोडमैप के 4 मुख्य स्तंभ 1. रणनीतिक साझेदारियों का विस्तार 2. क्षमता निर्माण और संयुक्त अभ्यास 3. स्वदेशी रक्षा निर्यात 4. समुद्री सुरक्षा (Maritime Security in IOR) ‘RAKSHA’ दस्तावेज के प्रमुख स्तंभ स्तंभ मुख्य उद्देश्य 1. रणनीतिक साझेदारियां सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना और वैश्विक नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखना। 2. क्षमता निर्माण प्रशिक्षण, संयुक्त सैन्य अभ्यास और ज्ञान साझाकरण। 3. स्वदेशी निर्यात भारत को विश्वसनीय रक्षा निर्यात हब बनाना (‘मेक इन इंडिया’)। 4. समुद्री सुरक्षा हिंद महासागर क्षेत्र में ‘Net Security Provider’ और ‘First Responder’ बनना। प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य दस्तावेज का नाम RAKSHA (Defence Diplomacy Document) जारीकर्ता रक्षा मंत्रालय (रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह) समय अवधि अगले 10 वर्ष (2026 से 2036) मुख्य लक्ष्य रणनीतिक स्वायत्तता, रक्षा निर्यात और समुद्री सुरक्षा भारत का ग्रीन शिपिंग विजन: शून्य-उत्सर्जन गलियारे और हरित बंदरगाह चर्चा में क्यों? केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने टेरी के ग्वाल पहाड़ी परिसर (गुरुग्राम) का दौरा किया। उन्होंने भारत के बंदरगाहों को हरित ईंधन (Green Fuel) के लिए तैयार करने, शून्य-उत्सर्जन नौवहन गलियारों (Zero-Emission Shipping Corridors) के निर्माण और समुद्री डीकार्बोनाइजेशन की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य बिंदु: ग्रीन शिपिंग और बंदरगाहों की तैयारी 1. NCoEGPS और अनुसंधान साझेदार 2. प्रमुख बंदरगाहों की हरित पहल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मंत्रालय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) NCoEGPS केंद्र TERI ग्वाल पहाड़ी कैंपस (गुरुग्राम, हरियाणा) ग्रीन बैंकरिंग हब वाले पोर्ट्स दीनदयाल (गुजरात), पारादीप (ओडिशा), V.O. चिदंबरनार (तमिलनाडु) शोर पावर तकनीक कामरजार पोर्ट (तमिलनाडु) के कोयला टर्मिनलों पर लागू वैश्विक लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों के अनुरूप नेशनल लीडरशिप डायलॉग और एजेंटिक एआई स्किलिंग प्रोग्राम चर्चा में क्यों? नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में NIELIT (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) और Intel India ने “Preparing the Future Workforce for the Agentic AI Era” विषय पर नेशनल लीडरशिप डायलॉग का आयोजन किया। इसी अवसर पर देश भर के युवाओं को AI के अगले चरण के लिए कुशल बनाने हेतु एजेंटिक एआई स्किलिंग प्रोग्राम लॉन्च किया गया। मुख्य बिंदु: एजेंटिक एआई और नया स्किलिंग फ्रेमवर्क 1. एजेंटिक एआई क्या है? 2. लॉन्च किए गए 2 प्रमुख कौशल कार्यक्रम NIELIT और इंटेल इंडिया ने संयुक्त रूप से दो स्तरों पर ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए हैं: 3. इंडिया एआई मिशन और विज़न प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम Agentic AI Skilling Initiative आयोजक NIELIT (MeitY) एवं Intel India मुख्य विषय Preparing the Future Workforce for the Agentic AI Era शुरू किए गए कोर्स 1. Agentic AI for Everyone2. Engineering Agentic AI Systems प्रसिद्ध गुजराती संगीतकार गौरांग व्यास का निधन चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजराती संगीत जगत के दिग्गज और जाने-माने संगीतकार श्री गौरांग व्यास के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने गुजराती सुगम संगीत और क्षेत्रीय सिनेमा में अपने अद्वितीय योगदान से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया। मुख्य बिंदु: गौरांग व्यास का संगीत क्षेत्र में योगदान 1. सांस्कृतिक संगीत विरासत को आगे बढ़ाना 2. गुजराती सिनेमा और संगीत में योगदान प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नाम गौरांग व्यास क्षेत्र संगीत रचना एवं निर्देशन (गुजराती संगीत) संबद्ध राज्य गुजरात पिता का योगदान अविनाश व्यास (गुजरात के प्रसिद्ध संगीतकार, पद्म श्री प्राप्तकर्ता) परीक्षा हेतु प्रासंगिकता भारतीय कला एवं संस्कृति (क्षेत्रीय संगीत रूप और व्यक्तित्व) BIO-NIVESH: बायोटेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स के लिए निवेश मंच चर्चा में क्यों? केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में ‘BIO-NIVESH’ नाम के एक रणनीतिक प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। यह पहल जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) क्षेत्र के इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स और प्राइवेट इन्वेस्टर्स को एक मंच पर लाती है। इसका मुख्य उद्देश्य लैब में तैयार नई खोजों को बाजार और बड़े पैमाने पर उत्पादन (Scale-up) तक पहुँचाने के लिए निजी पूंजी जुटाना है। मुख्य बिंदु: BIO-NIVESH और भारत का बायोटेक विजन 1. “Big Five in Five Years” का दृष्टिकोण 2. औद्योगिक क्रांति 4.0 से देर से न जुड़ने की सीख 3. ₹1 लाख करोड़ का RDI फंड और BIRAC की भूमिका प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पहल का नाम BIO-NIVESH नोडल मंत्रालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MoST) कार्यान्वयन एजेंसी BIRAC (Biotechnology Industry Research Assistance Council) रणनीतिक लक्ष्य ‘Big Five in Five Years’ (बायोटेक में 5 बड़ी एंकर कंपनियाँ बनाना) संबंधित राष्ट्रीय फंड ₹1 लाख करोड़ का RDI फंड भारत का एफटीए उपयोग अभियान: वैश्विक व्यापार में नई छलांग चर्चा में क्यों? वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में आयोजित “Leveraging FTAs: An Outreach Programme” राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत के सभी 780 जिलों में मुक्त व्यापार समझौतों (Free Trade Agreements – FTAs) के अधिकतम उपयोग के लिए एक राष्ट्रव्यापी आउटरीच अभियान का आह्वान किया। मुख्य बिंदु: वैश्विक व्यापार नेटवर्क और भारत का विजन 1. वैश्विक व्यापार तक पहुंच और टैरिफ लाभ 2. निर्यात लक्ष्य और आर्थिक प्रदर्शन 3. प्रमुख नीतियां और संस्थागत तंत्र प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम National Workshop

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3 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

3 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत के मजबूत आर्थिक संकेतकों को दर्शाने वाले भारत की सॉवरन क्रेडिट रेटिंग में सुधार (जापानी रेटिंग एजेंसी JCR द्वारा ‘A-‘ दर्जा), बाघ परिदृश्यों व जैव-अर्थव्यवस्था के संरक्षण हेतु अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला एवं IBCA-ADB समझौता, युवाओं को साहसिक गतिविधियों में प्रेरित करने वाले तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 की घोषणा, जैव प्रौद्योगिकी और क्वांटम तकनीक के एकीकरण हेतु क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी पर राष्ट्रीय सम्मेलन, कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा अधिकारों को सुदृढ़ करने वाली EPFO एमनेस्टी योजना 2026 (पीएफ ट्रस्टों का नियमितीकरण), तथा भू-राजनीतिक स्थिरता व ऊर्जा परिवर्तन पर आधारित 6ठें अंतर्राष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन 2026 का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारत की सॉवरन क्रेडिट रेटिंग में सुधार: जापानी रेटिंग एजेंसी JCR ने दिया ‘A-‘ का दर्जा चर्चा में क्यों? जापान की प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Japan Credit Rating Agency (JCR) ने भारत की फॉरेन करेंसी और लोकल करेंसी लॉन्ग-टर्म इश्यूअर रेटिंग्स को ‘BBB+’ से बढ़ाकर ‘A-’ कर दिया है। इसके साथ ही JCR ने भारत के आउटलुक को ‘स्थिर’ (Stable) रखा है और कंट्री सीलिंग को भी बढ़ाकर ‘A’ कर दिया है। यह सुधार वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद को दर्शाता है। मुख्य बिंदु: रेटिंग में सुधार के मुख्य कारण और आर्थिक आधार 1. मजबूत और लचीली जीडीपी वृद्धि (GDP Growth) 2. राजकोषीय घाटे में कमी और गुणवत्तापूर्ण व्यय 3. वित्तीय प्रणाली और बैंकिंग क्षेत्र में सुधार 4. मजबूत बाह्य क्षेत्र भारत की रेटिंग अपग्रेड का इतिहास क्रेडिट रेटिंग एजेंसी रेटिंग अपग्रेड का समय Morningstar DBRS मई 2025 S&P Global Ratings अगस्त 2025 Rating and Investment Information, Inc. (R&I), जापान सितंबर 2025 Japan Credit Rating Agency (JCR) सितंबर 2026 अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला: ‘टाइगर लैंडस्केप, बायोइकोनॉमी और इकोटूरिज्म’ एवं IBCA-ADB समझौता चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में ‘टाइगर लैंडस्केप: संरक्षण, बायोइकोनॉमी और इकोटूरिज्म’ विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA), एशियाई विकास बैंक (ADB) और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसी अवसर पर IBCA और ADB के बीच प्राकृतिक परिदृश्य संरक्षण और वित्तपोषण के लिए एक MoU पर भी हस्ताक्षर किए गए। मुख्य बिंदु: कार्यशाला के प्रमुख पहलू और भारत का दृष्टिकोण 1. पारिस्थितिक संरक्षण का मूल आधार: ‘सामंजस्य एवं मानव-प्रकृति सह-अस्तित्व’ 2. पारंपरिक ज्ञान का नीतियों में समावेश 3. IBCA और ADB के बीच ऐतिहासिक समझौता (MoU) सहभागी अंतर्राष्ट्रीय निकाय एवं संस्थागत ढांचा प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यशाला का विषय Tiger Landscapes: Conservation, Bioeconomy and Ecotourism आयोजक संस्थाएँ IBCA, ADB एवं NTCA (MoEFCC) नया द्विपक्षीय समझौता IBCA और ADB के बीच प्रकृति-अनुकूल वित्तपोषण हेतु MoU भागीदार रेंज देश बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, मलेशिया, नेपाल और वियतनाम ADB-भारत साझेदारी वर्ष 2026 (40 वर्ष पूरे) IBCA द्वारा संरक्षित 7 प्रजातियाँ बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024: विजेताओं की घोषणा चर्चा में क्यों? युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (MoYA&S) ने वर्ष 2024 के लिए तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार (TNNAA) की घोषणा की। ये पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के साथ राष्ट्रपति भवन में प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक कांस्य प्रतिमा, एक प्रमाण पत्र और 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। मुख्य बिंदु: पुरस्कार का उद्देश्य और 2024 के विजेता 1. पुरस्कार का उद्देश्य और महत्व 2. तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 के विजेता क्र. सं. विजेता का नाम श्रेणी (Category) 1. सुश्री बलजीत कौर थल साहस (Land Adventure) 2. श्री स्कालज़ांग रिग्ज़िन थल साहस (Land Adventure) 3. श्री रिमो साहा जल साहस (Water Adventure) 4. श्री शिव प्रसाद चमोली जीवन पर्यंत उपलब्धि (Life Time Achievement) नोट: इस वर्ष ‘वायु साहस’ (Air Adventure) श्रेणी में कोई पुरस्कार घोषित नहीं किया गया है। संस्थागत ढांचा एवं चयन प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार का नाम तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार (TNNAA) 2024 मंत्रालय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (MoYA&S) पुरस्कार राशि 15 लाख रुपये (प्रति विजेता) पुरस्कार की श्रेणियां (4) Land, Water, Air, and Life Time Achievement प्रदानकर्ता भारत के राष्ट्रपति (राष्ट्रपति भवन) ऐतिहासिक पृष्ठभूमि तेनज़िंग नोर्गे (एडमंड हिलेरी के साथ 1953 में एवरेस्ट फतह करने वाले प्रथम व्यक्ति) के सम्मान में नामित। क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी पर राष्ट्रीय सम्मेलन: भारत का रोडमैप चर्चा में क्यों? IIT बॉम्बे परिसर में क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी पर राष्ट्रीय सम्मेलन (National Conference on Quantum Biotechnology) का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन Qmet Tech Foundation द्वारा किया गया, जो राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत IIT बॉम्बे में स्थापित क्वांटम सेंसिंग एंड मेट्रोलॉजी का थीमेटिक हब (T-Hub) है। इसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) का समर्थन प्राप्त है। मुख्य बिंदु: क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी और इसके अनुप्रयोग 1. क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी क्या है? 2. मुख्य अनुप्रयोग क्षेत्र 3. उद्योग और अकादमिक क्षेत्र का एकीकरण संस्थागत ढांचा एवं हितधारक संस्था / निकाय भूमिका और योगदान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) नोडल मंत्रालय और नीतिगत दिशा-निर्देश Qmet Tech Foundation (IIT Bombay) क्वांटम सेंसिंग एवं मेट्रोलॉजी के लिए NQM का T-Hub जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) जीवन विज्ञान क्षेत्र के अनुप्रयोगों में तकनीकी सहयोग प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य सम्मेलन का नाम National Conference on Quantum Biotechnology आयोजन स्थल IIT बॉम्बे (PC Saxena Auditorium) आयोजक हब Qmet Tech Foundation (T-Hub for Quantum Sensing & Metrology) संबद्ध राष्ट्रीय मिशन राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission – NQM) सहयोगी विभाग DST (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) एवं DBT NQM का दायरा 2023 से 2031 तक संचालित 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का राष्ट्रीय मिशन EPFO एमनेस्टी योजना 2026: पीएफ ट्रस्टों की छूट स्थिति का नियमितीकरण चर्चा में क्यों? अधिसूचित कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना 2026 के तहत एक संक्रमणकालीन उपाय के रूप में एमनेस्टी प्रावधान पेश किए गए हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने संभावित पात्र भविष्य निधि (PF) ट्रस्टों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह योजना 29 जून 2026 से छह महीने की अवधि के लिए लागू है और इसकी अंतिम तिथि 28 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। मुख्य बिंदु: एमनेस्टी योजना की आवश्यकता, लाभ और क्रियान्वयन 1. योजना का मुख्य उद्देश्य 2. पीएफ ट्रस्टों को

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