2 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
2 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत वैश्विक परमाणु जोखिम को कम करने वाली सेमीपलाटिंस्क संधि (अंतर्राष्ट्रीय परमाणु परीक्षण विरोधी दिवस और CANWFZ), क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाले 26वें SCO शिखर सम्मेलन 2026 (बिश्केक घोषणापत्र एवं भारत का दृष्टिकोण), जलवायु कार्रवाई को गति प्रदान करने वाले चतुर्थ भारत-जर्मनी पर्यावरण मंच 2026 (द्विपक्षीय जलवायु सहयोग एवं आर्द्रभूमि समझौता, कृषि उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने हेतु प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) की प्रगति समीक्षा, सार्वजनिक प्रशासन में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने हेतु राजधर्म और सुशासन (EPFO अधिकारियों के लिए नैतिक ढांचा), तथा वरिष्ठ नागरिकों व युवाओं के बीच सामाजिक समरसता के लिए सामाजिक न्याय मंत्रालय और रामकृष्ण मिशन के बीच MoU का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। सेमीपलाटिंस्क संधि: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु परीक्षण विरोधी दिवस और CANWFZ चर्चा में क्यों? 29 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय परमाणु परीक्षण विरोधी दिवस’ (International Day Against Nuclear Tests) के अवसर पर सेमीपलाटिंस्क संधि चर्चा में रही। वर्ष 2026 में 8 सितंबर को इस ऐतिहासिक संधि के हस्ताक्षर की 20वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। सेमीपलाटिंस्क संधि (CANWFZ) के मुख्य पहलू 1. क्या है यह संधि? 2. संधि का मुख्य उद्देश्य 3. संधि की अनोखी संरचनात्मक विशेषताएं 29 अगस्त: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु परीक्षण विरोधी दिवस पहलू विवरण प्रारंभकर्ता कज़ाकिस्तान के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा 2009 में घोषित। महत्व 29 अगस्त 1991 को कज़ाकिस्तान में सोवियत संघ के सेमीपलाटिंस्क परमाणु परीक्षण स्थल को आधिकारिक रूप से बंद किया गया था। उद्देश्य परमाणु हथियारों के परीक्षणों के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और वैश्विक निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देना। प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य संधि का स्थान सेमे (पूर्व नाम- सेमीपलाटिंस्क), कज़ाकिस्तान सदस्य देश 5 मध्य एशियाई देश (C5: कज़ाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज़्बेकिस्तान) 2026 अध्यक्षता कज़ाकिस्तान (CANWFZ की घूर्णी अध्यक्षता) वैश्विक स्थिति उत्तरी गोलार्द्ध का पहला परमाणु-मुक्त क्षेत्र संबंधित अन्य संधि CTBT (व्यापक परमाणु-परीक्षण-प्रतिबंध संधि – 1996) 26वां SCO शिखर सम्मेलन 2026: बिश्केक घोषणापत्र एवं भारत का दृष्टिकोण चर्चा में क्यों? भारतीय प्रधानमंत्री ने 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के दौरान बिश्केक (किर्गिज़ गणराज्य) में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 26वीं बैठक में भाग लिया। वर्ष 2026 में SCO की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस अवसर पर सदस्य देशों ने अगले 25 वर्षों के लिए क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि का रोडमैप तैयार किया। मुख्य बिंदु: सम्मेलन के प्रमुख पहलू और भारत का पक्ष 1. सुरक्षा और आतंकवाद पर सख्त रुख 2. संप्रभुता-आधारित कनेक्टिविटी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर 3. सांस्कृतिक विनिमय और भारत की प्रमुख पहलें सम्मेलन के प्रमुख परिणाम प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजन तिथि एवं स्थान 31 अगस्त – 1 सितंबर 2026, बिश्केक (किर्गिज़स्तान) आयोजन की विशेषता SCO स्थापना की 25वीं वर्षगांठ SCO का मुख्य अंग काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट (सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था) मुख्यालय / सचिवालय बीजिंग (चीन) आतंकवाद विरोधी संस्था RATS (Regional Anti-Terrorist Structure) – ताशकंद (उज़्बेकिस्तान) चतुर्थ भारत-जर्मनी पर्यावरण मंच 2026: द्विपक्षीय जलवायु सहयोग एवं आर्द्रभूमि समझौता चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में चौथे भारत-जर्मनी पर्यावरण मंच (4th Indo-German Environment Forum – IGEF) का आयोजन किया गया। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और जर्मनी के पर्यावरण मंत्री कार्सटन श्नाइडर ने की। इस मंच का मुख्य विषय “Together For More Resilience” (अधिक लचीलेपन के लिए एक साथ) था। इस वर्ष भारत और जर्मनी अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष भी पूरे कर रहे हैं। मुख्य बिंदु: मंच के प्रमुख पहलू और महत्वपूर्ण समझौते 1. आर्द्रभूमि संरक्षण पर संयुक्त घोषणा पत्र (JDI on Wetlands) 2. सर्कुलर इकोनॉमी और आर्थिक क्षमता 3. भारी उद्योगों का डीकार्बोनाइजेशन 4. हरित संक्रमण में व्यापारिक सहयोग मंच की संरचना एवं कार्य समूह प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मंच का नाम 4th Indo-German Environment Forum (IGEF) 2026 आयोजन का विषय (Theme) Together For More Resilience नया द्विपक्षीय समझौता JDI on Conservation and Wise Use of Wetlands सर्कुलर इकोनॉमी लक्ष्य 2050 तक 2 Trillion बाज़ार मूल्य एवं 10 Million नए जॉब्स द्विपक्षीय संबंधों का मील का पत्थर भारत-जर्मनी रणनीतिक एवं राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष IGEF की शुरुआत वर्ष 2008 प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY): प्रगति समीक्षा एवं प्रमुख निष्कर्ष चर्चा में क्यों? केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली के कृषि भवन में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) की प्रगति की समीक्षा की। अक्टूबर 2026 में यह योजना अपने क्रियान्वयन का 1 वर्ष पूरा करने जा रही है। समीक्षा में देखा गया कि चिन्हित 100 जिलों का औसत प्रदर्शन स्कोर अप्रैल 2026 के 22.54 से बढ़कर जुलाई 2026 में 38.85 हो गया है। मुख्य बिंदु: योजना का क्रियान्वयन और प्रगति 1. योजना का उद्देश्य और आधार 2. 36 योजनाओं का अभिसरण 3. डेटा-आधारित निगरानी ढांचा 4. क्षमता निर्माण एवं विस्तार सेवाएँ प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय कैबिनेट स्वीकृति एवं लॉन्च स्वीकृति: 16 जुलाई 2025 | औपचारिक शुभारंभ: 11 अक्टूबर 2025 कवरेज देश के 100 कृषि-पिछड़े जिले अभिसरण (Convergence) 11 मंत्रालयों की 36 योजनाएँ निगरानी मानक 121 इंडिकेटर्स (74 आउटपुट + 47 आउटकम) राजधर्म और सुशासन: EPFO अधिकारियों के लिए मार्गदर्शन एवं नैतिक ढांचा चर्चा में क्यों? कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (PDUNASS) के तत्त्वावधान में “Reimagining Governance: Discourse for Excellence (RGDE)” सत्र आयोजित किया गया। इस व्याख्यान में केरल के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने सार्वजनिक पदों पर आसीन अधिकारियों के लिए ‘राजधर्म’ को एक निरंतर चलने वाली नैतिक जिम्मेदारी बताया। मुख्य बिंदु: राजधर्म, सामाजिक सुरक्षा और समकालीन शासन 1. राजधर्म की अवधारणा और लोक सेवक का आचरण 2. प्रौद्योगिकी और मानवीय मूल्यों में संतुलन 3. सामाजिक सुरक्षा के संदर्भ में राजधर्म 4. सभ्यतागत ज्ञान और आधुनिक प्रशासन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम Reimagining Governance: Discourse for Excellence (RGDE) आयोजक संस्था EPFO एवं PDUNASS PDUNASS का पूर्ण रूप पंडित दीनदयाल उपाध्याय