25 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
25 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत देश की खाद्य सुरक्षा और बीज आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाले भारत के पहले स्वदेशी गैर-जीएमओ पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज, छोटे शहरों में नवाचार को गति देने वाले GENESIS Entrepreneur-in-Residence (EIR) Cohort-3 (टायर-II एवं III शहरों में स्टार्टअप क्रांति), असंगठित खाद्य उद्योग को मजबूत करने वाले PMFME कॉन्क्लेव 2026 और ‘PMFME बाजार’, ‘गर्भिणी मित्र’ पाठ्यक्रम, युवाओं में डिजिटल उत्तरदायित्व बढ़ाने वाली पहल The Fifth Space, मृदा स्वास्थ्य व जलवायु अनुकूलन के लिए पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture), तथा रणनीतिक क्षेत्रों में पूंजी प्रवाह को सुगम बनाने वाले संशोधित एफडीआई ढांचे (सीमावर्ती देशों से गैर-नियंत्रित निवेश में तेजी) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारत का पहला स्वदेशी गैर-जीएमओ पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज चर्चा में क्यों? उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसूनूरु में भारत के पहले गैर-जीएमओ (Non-GMO), उच्च-प्रसार (High-Expansion) पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। निजी उपक्रम ‘गुरमे पॉपकॉर्निका’ द्वारा विकसित यह बीज कृषि क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्य बिंदु: तकनीक, किसान साझेदारी और आयात प्रतिस्थापन 1. विदेशी निर्भरता में कमी 2. गैर-जीएमओ तकनीक (Non-GMO Hybrid) 3. व्यापक किसान-उद्यम साझेदारी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य नया उत्पाद भारत का पहला Non-GMO High-Expansion Popcorn Maize Hybrid लॉन्च स्थल मुसूनूरु, एलुरु जिला (आंध्र प्रदेश) उद्घाटनकर्ता उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन संबद्ध संस्था/कंपनी गुरमे पॉपकॉर्निका प्रौद्योगिकी का प्रकार नॉन-जीएमओ (गैर-आनुवंशिक रूप से संशोधित हाइब्रिड) संबद्ध सरकारी योजनाएं PM-KISAN, PM फसल बीमा योजना, नमो ड्रोन दीदी GENESIS Entrepreneur-in-Residence (EIR) Cohort-3: टायर-II एवं III शहरों में स्टार्टअप क्रांति चर्चा में क्यों? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ‘MeitY Startup Hub’ (MSH) के माध्यम से GENESIS Entrepreneur-in-Residence (EIR) Cohort 3 लॉन्च किया। इसे ‘GENESIS NextGen Startup Summit’ के कोयंबटूर (तमिलनाडु) संस्करण के दौरान लॉन्च किया गया। इस योजना का उद्देश्य देश के छोटे शहरों (Tier-II और Tier-III) के नए उद्यमियों, शोधकर्ताओं और छात्रों को अपने विचारों को तकनीक-आधारित स्टार्टअप में बदलने के लिए शुरुआती वित्तीय सहायता देना है। मुख्य बिंदु: वित्तीय सहायता, ध्यान केंद्रित क्षेत्र और पात्रता 1. GENESIS योजना और वित्तीय सहायता 2. प्रमुख तकनीक क्षेत्र 3. पात्रता मानदंड प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम GENESIS EIR Cohort 3.0 संबंधित मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) कार्यान्वयन एजेंसी MeitY Startup Hub (MSH) कुल योजना बजट ₹490 करोड़ (GENESIS स्कीम हेतु) अधिकतम वित्तीय अनुदान ₹10 लाख प्रति स्टार्टअप PMFME कॉन्क्लेव 2026 और ‘PMFME बाजार’: सूक्ष्म खाद्य संस्करण क्षेत्र में नई क्रांति चर्चा में क्यों? खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) द्वारा 24-25 अगस्त 2026 को इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में PMFME कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया गया। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘PMFME बाजार’ प्रदर्शनी की भी शुरुआत की। इस बाजार में 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सूक्ष्म उद्यमियों ने अपने पारंपरिक व स्थानीय खाद्य उत्पादों का प्रदर्शन किया। मुख्य बिंदु: बाजार संपर्क, डिजिटल समझौते और PMFME 2.0 की राह 1. सूक्ष्म खाद्य उद्यमों का सशक्तिकरण 2. तीन प्रमुख समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर 3. प्रमुख प्रकाशन और नई पहलें प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य आयोजित कार्यक्रम PMFME कॉन्क्लेव 2026 एवं PMFME बाजार आयोजन स्थल इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली आयोजक मंत्रालय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) एमओयू साझेदार APEDA (निर्यात), ONDC (डिजिटल बाजार), NABKISAN (वित्त) ‘गर्भिणी मित्र’ पाठ्यक्रम: आयुर्वेद आधारित मातृ स्वास्थ्य सहायता की नई पहल चर्चा में क्यों? आयुष मंत्रालय के तहत नई दिल्ली स्थित स्वायत्त संस्थान ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) ने शैक्षणिक सत्र 2026–2027 के लिए ‘गर्भिणी मित्र’ पाठ्यक्रम शुरू किया है। यह एक कौशल विकास कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य गर्भावस्था और प्रसवोत्तर (postnatal) अवधि में महिलाओं को आयुर्वेद-आधारित स्वास्थ्य शिक्षा, जीवन शैली मार्गदर्शन और सामुदायिक सहायता प्रदान करना है। मुख्य बिंदु: आयुर्वेद सिद्धांत, कौशल विकास और सुरक्षा ढांचा 1. आयुर्वेद के पारंपरिक सिद्धांतों पर आधारित 2. व्यावहारिक प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम का दायरा 3. पात्रता और रोजगार के अवसर प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रोग्राम का नाम गर्भिणी मित्र पाठ्यक्रम नोडल संस्थान ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA), नई दिल्ली संबद्ध मंत्रालय आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) पाठ्यक्रम की अवधि 6 महीने (ऑफलाइन) मुख्य वैज्ञानिक आधार गर्भिणी परिचर्या, सूतिका परिचर्या और गर्भाधान विधि The Fifth Space: शिक्षा और डिजिटल जिम्मेदारी का संगम चर्चा में क्यों? डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC), नई दिल्ली में “द फिफ्थ स्पेस – व्हेयर एजुकेशन मीट्स रिस्पॉन्सिबिलिटी” (The Fifth Space – Where Education Meets Responsibility) नामक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने स्कूली छात्रों से सीधे बातचीत की और शिक्षा, डिजिटल जिम्मेदारी, तथा मानव गरिमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। मुख्य बिंदु: डिजिटल जिम्मेदारी, बाल अधिकार और ‘फिफ्थ स्पेस’ 1. ‘फिफ्थ स्पेस’ की अवधारणा 2. ‘दृष्टि से अंतर्दृष्टि की ओर’ 3. सहयोगात्मक पहल और प्रमुख मुद्दे प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कार्यक्रम का नाम The Fifth Space – Where Education Meets Responsibility आयोजन स्थल डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC), नई दिल्ली आयोजक संस्थाएं NCW, DAIC, UNESCO नई दिल्ली, और माउंट आबू पब्लिक स्कूल फिफ्थ स्पेस का दायरा घर, स्कूल, समाज, नागरिकता, ज्ञान और डिजिटल जगत का एकीकरण प्रमुख सहभागी निकाय NCPCR (राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग) और NCW पुनर्योजी कृषि : समृद्ध और जलवायु-सक्षम भारतीय कृषि की ओर चर्चा में क्यों? भारत सरकार द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों (मार्च 2026 तक) के अनुसार, देश में पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture) और सतत तकनीकों को अपनाने की गति में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 8.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर हो चुका है, जबकि सूक्ष्म सिंचाई (PDMC) के तहत 109 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि लाई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, देश में 25.89 करोड़ से अधिक ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड’ (Soil Health Cards) भी जारी किए जा चुके हैं। मुख्य बिंदु: अवधारणा, अभ्यास, लाभ एवं सरकारी पहलें 1. पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture) क्या है? 2. पुनर्योजी