24 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
24 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत की वायु रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने वाली स्वदेशी ‘कुशा’ LR-SAM (लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस शील्ड) परियोजना, दक्षिणी नौसेना कमान कोच्चि में संपन्न ‘ऑपरेशन साउदर्न रेडीनेस 26-2’, और महान स्वतंत्रता सेनानी तिरु सुब्रमण्य शिव की पुण्यतिथि पर उन्हें दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने हेतु पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन, भारत की अध्यक्षता में आयोजित 16वीं ब्रिक्स (BRICS) स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के सफल समापन, तथा देश की अमूर्त विरासत को सहेजने के उद्देश्य से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण-संवर्धन एवं संग्रहालयों व अभिलेखागारों के व्यापक डिजिटलीकरण की राष्ट्रीय योजनाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। ‘कुशा’ एलआर-एसएएम: भारत का स्वदेशी लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस शील्ड चर्चा में क्यों? रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से अपनी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल ‘कुशा’ (LRSAM) का पहला सफल उड़ान-परीक्षण संपन्न किया। इस ऐतिहासिक परीक्षण के दौरान मिसाइल प्रणाली ने उच्च गति और अधिक ऊंचाई वाले एक इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्य का सटीक रूप से पीछा करते हुए उसे हवा में ही नष्ट कर दिया। यह परीक्षण भारत की राष्ट्रीय वायु रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने और विदेशी प्रणालियों पर निर्भरता समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्य बिंदु: तकनीकी क्षमताएं, स्वदेशीकरण और रणनीतिक महत्व 1. ‘कुशा’ मिसाइल प्रणाली की प्रमुख क्षमताएं 2. स्वदेशी डिजाइन एवं तकनीकी घटक 3. रणनीतिक महत्व एवं आत्मनिर्भरता प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रणाली का नाम ‘कुशा’ LRSAM। प्रकार लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (Surface-to-Air Missile)। परीक्षण स्थल डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (ओडिशा तट)। विकासकर्ता DRDO एवं भारतीय उद्योग साझेदार। मुख्य कार्य लड़ाकू विमान, मिसाइल, UAV और बड़े विमानों को मार गिराना। ऑपरेशन साउदर्न रेडीनेस 26-2: दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि में समापन चर्चा में क्यों? कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में चार दिवसीय बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा प्रशिक्षण अभ्यास ‘ऑपरेशन साउदर्न रेडीनेस 26-2’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अभ्यास भारतीय नौसेना द्वारा कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (CMF) के सहयोग से और भारत के नेतृत्व वाली कंबाइंड टास्क फोर्स 154 (CTF 154) के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। 20 से 23 जुलाई 2026 तक चले इस कार्यक्रम में 27 देशों के 276 कर्मियों, 76 विशेषज्ञों और 4 अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भाग लिया। इस अभ्यास ने क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और भाग लेने वाले देशों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्य बिंदु: प्रशिक्षण क्षेत्र, वैश्विक सहयोग और सामरिक महत्व 1. अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी एवं प्रशिक्षण ढांचा 2. प्रमुख प्रशिक्षण विषय और व्यावहारिक क्षेत्र 3. भारतीय नौसेना और दक्षिणी कमान का रणनीतिक महत्व प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अभ्यास का नाम ऑपरेशन साउदर्न रेडीनेस 26-2 (OSR 26-2)। आयोजन स्थल दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि (20-23 जुलाई 2026)। आयोजक भारतीय नौसेना + कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (CMF) / CTF 154। कुल भागीदार 27 देश, 276 कर्मी, 4 अंतरराष्ट्रीय संगठन (जैसे UNODC, IMO IMLI)। CTF 154 का नेतृत्व भारतीय नौसेना (कमोडोर मिलिंद एम. मोकाशी – कमांडर CTF 154)। मुख्य सूचना नोड IFC-IOR (भारत) और JMIC (CMF)। स्वतंत्रता सेनानी तिरु सुब्रमण्य शिव: पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि चर्चा में क्यों? भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने महान स्वतंत्रता सेनानी तिरु सुब्रमण्य शिव की पुण्यतिथि पर उन्हें उपराष्ट्रपति भवन में पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने तिरु सुब्रमण्य शिव के अटूट राष्ट्रप्रेम, वन्दे मातरम के जन-जागरण अभियान और ब्रिटिश जेल में कुष्ठ रोग से पीड़ित होने के बावजूद स्वतंत्रता संग्राम में उनके अप्रतिम योगदान को याद किया। यह श्रद्धांजलि भारत के उन महान नायकों के प्रति सम्मान प्रकट करती है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। मुख्य बिंदु: जीवन परिचय, योगदान और ऐतिहासिक संदर्भ 1. प्रारंभिक जीवन और राष्ट्रवादी कार्य 2. वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई (VOC) के साथ सहयोग 3. संघर्ष, बीमारी और अदम्य साहस प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य व्यक्तित्व तिरु सुब्रमण्य शिव। जन्मस्थान वटलुगुंडु, तमिलनाडु। प्रमुख सहयोगी तिरु वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई। मुख्य नारा/विचार ‘वन्दे मातरम’ का प्रचार और भारत माता की भक्ति। ऐतिहासिक संघर्ष ब्रिटिश जेल में कारावास और कुष्ठ रोग से ग्रसित होने के बावजूद निरंतर राष्ट्र सेवा। पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और छात्रों के हित की सुरक्षा के लिए एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणालियों की पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस कड़े संदेश के तुरंत बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्प्लेक्स में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत दर्ज मुकदमों की विशेष सुनवाई के लिए पहली फास्ट-ट्रैक अदालत भी अधिसूचित कर दी है। मुख्य बिंदु: निर्णय का उद्देश्य, न्यायिक तंत्र और कानूनी ढांचा 1. घोषणा का मूल उद्देश्य एवं प्रशासनिक निर्देश 2. फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन और अधिकार क्षेत्र 3. पृष्ठभूमि एवं लोक परीक्षा अधिनियम, 2024 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य हालिया घोषणा पेपर लीक मामलों की सुनवाई हेतु फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स (FTC) का गठन। संबद्ध अधिनियम लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024। गठन का अधिकार राज्य सरकारें / केंद्र शासित प्रदेश, संबंधित उच्च न्यायालय के परामर्श से। पहली विशेष अदालत राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली (दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा अधिसूचित)। कानूनी प्रावधान 3 से 10 साल का कारावास और ₹1 करोड़ तक का जुर्माना। 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक: भारत की अध्यक्षता में सफल समापन चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत चंडीगढ़ में ’16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक’ का सफल समापन हुआ। “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण” (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) विषय के अंतर्गत आयोजित इस बैठक में ब्रिक्स देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों और