Give The Best…..Take The Best

Author name: Nirmanias

करेंट अफेयर्स

25 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

25 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत नई दिल्ली में संपन्न आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर तीसरी ब्रिक्स (BRICS) मंत्रिस्तरीय बैठक के नीतिगत निष्कर्षों, लघु व मध्यम उद्योगों के वाणिज्यिक विवादों के त्वरित निपटारे हेतु एमएसएमई ऑनलाइन विवाद समाधान (ODR) पोर्टल, रसायन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट द्वारा स्वीकृत ‘भव्य रसायन’ (Chemical Parks) योजना, इसके अतिरिक्त, कृषि क्षेत्र को डिजिटल मजबूती देने वाले WINDS सिस्टम और PMFBY (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना) में तकनीकी सुधारों, स्वास्थ्य एवं जनसांख्यिकी संकेतकों पर प्रकाश डालने वाले NFHS-6 (राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण) के आंकड़ों तथा अनुसंधात्मक नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के तहत अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) फंड का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर तीसरी ब्रिक्स मंत्रिस्तरीय बैठक: नई दिल्ली में सफल आयोजन चर्चा में क्यों? नई दिल्ली में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) पर तीसरी ब्रिक्स मंत्रिस्तरीय बैठक’ का सफल आयोजन किया गया। गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने की। सम्मेलन का मुख्य आकर्षण ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर ब्रिक्स संयुक्त वक्तव्य’ (BRICS Joint Statement on DRR) को सर्वसम्मति से अपनाना रहा, जिससे सदस्य देशों के बीच आपदा प्रबंधन और सतत विकास के लिए द्विपक्षीय व बहुपक्षीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी। मुख्य बिंदु: रणनीतिक प्राथमिकताएं, ज्ञान उत्पाद और भावी रोडमैप 1. ऐतिहासिक विकासक्रम और थीम 2. भारत के 5 रणनीतिक प्राथमिकता क्षेत्र और 10-सूत्रीय एजेंडा 3. प्रमुख उच्च-स्तरीय संवाद एवं 6 फ्लैगशिप ज्ञान उत्पाद 4. भावी कार्ययोजना प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य बैठक का नाम आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर 3री ब्रिक्स मंत्रिस्तरीय बैठक (24 जुलाई 2026, नई दिल्ली)। आयोजक संस्था राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), गृह मंत्रालय। अध्यक्षता भारत (गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय)। ऐतिहासिक संदर्भ उदयपुर घोषणापत्र (2016) और कज़ान घोषणापत्र (2024)। मुख्य परिणाम ब्रिक्स संयुक्त वक्तव्य को अपनाना और 6 फ्लैगशिप ज्ञान उत्पादों का शुभारंभ। मुख्य कार्य योजना ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य योजना (2025–2028)। एमएसएमई ऑनलाइन विवाद समाधान (ODR) पोर्टल: वाणिज्यिक विवाद समाधान की नई दिशा चर्चा में क्यों? सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय ने राष्ट्रीय ओडीआर (Online Dispute Resolution) ढांचे के सफल कार्यान्वयन का विवरण साझा किया। ‘रैंप’ कार्यक्रम के तहत शुरू किए गए इस डिजिटल पोर्टल ने विलंबित भुगतान और वाणिज्यिक विवादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया है। मुंबई की ‘ज़ीडिजाइन इंजीनियरिंग’ द्वारा 24 घंटे में ₹21.06 लाख और कोलकाता की ‘शिवा केमिकल्स’ द्वारा ₹4.99 लाख की त्वरित रिकवरी इसके प्रभावी होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह कदम व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) और एमएसएमई की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ कर रहा है। मुख्य बिंदु: डिजिटल तंत्र, कार्यप्रणाली और रणनीतिक लाभ 1. एमएसएमई ओडीआर पोर्टल की मूल विशेषताएं 2. प्री-MSEFC वार्ता और डिजिटल गाइडेड पाथवे 3. सुगम पहुंच और डिजिटल इंडिया से जुड़ाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पोर्टल का नाम एमएसएमई ऑनलाइन विवाद समाधान (ODR) पोर्टल। नोडल मंत्रालय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of MSME)। संबंधित कार्यक्रम RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance)। वैधानिक निकाय MSEFC (MSMED अधिनियम, 2006 के अंतर्गत स्थापित)। तकनीकी सुविधा प्री-MSEFC नेगोशिएशन एवं ‘डिजिटल गाइडेड पाथवे’। केमिकल पार्क्स योजना: ‘भव्य रसायन’ को कैबिनेट की मंजूरी चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में तीन समर्पित केमिकल पार्क्स की स्थापना के लिए ‘भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन’ (BHAVYA Rasayan) को मंजूरी दी है। इस योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2026–27 में की गई थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य भारत के रसायन उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना, लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना और सतत व पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन को बढ़ावा देना है। यह पहल देश के रसायन क्षेत्र में घरेलू और विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्य बिंदु: वित्तीय आवंटन, चयन प्रक्रिया और आर्थिक व पर्यावरण प्रभाव 1. वित्तीय आवंटन और वित्त पोषण का ढांचा 2. चयन प्रक्रिया एवं ‘प्लग-एंड-प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर 3. आर्थिक, पर्यावरणीय एवं रणनीतिक महत्व प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का पूरा नाम भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (BHAVYA Rasayan)। कुल बजट ₹3,030 करोड़ (5 वर्षों के लिए: FY 2026-27 से 2030-31)। प्रस्तावित केमिकल पार्क 3 समर्पित केमिकल पार्क्स। सहायता राशि (प्रति पार्क) केंद्र का अनुदान: अधिकतम ₹1,000 करोड़; राज्य का न्यूनतम अंशदान: ₹500 करोड़। चयन विधि चैलेंज रूट। भूमि की न्यूनतम शर्त न्यूनतम 8 वर्ग किमी (2,000 एकड़) की निरंतर भूमि। WINDS सिस्टम और PMFBY में तकनीकी सुधार: भारतीय कृषि का डिजिटल कायाकल्प चर्चा में क्यों? केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने राज्यसभा में ‘वेदर इंफॉर्मेशन नेटवर्क एंड डेटा सिस्टम’ (WINDS) के प्रसार तथा ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ (PMFBY) के तहत दावा निपटान में तेजी लाने के लिए किए गए तकनीकी सुधारों का ब्योरा साझा किया। सरकार ने फसल नुकसान के सटीक आकलन के लिए ‘यस-टेक’ और पारदर्शी भुगतान के लिए ‘डिजीक्लेम’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म को अनिवार्य कर दिया है। यह पहल फसल बीमा, कृषि सलाह और आपदा प्रबंधन के लिए हाइपरलोकल मौसम डेटा उत्पन्न करने में क्रांतिकारी साबित हो रही है। मुख्य बिंदु: कृषि और फसल बीमा में डिजिटल नवाचार 1. WINDS सिस्टम: हाइपरलोकल मौसम डेटा नेटवर्क 2. YES-TECH: रिमोट सेंसिंग से उपज का सटीक आकलन 3. त्वरित दावा निपटान हेतु वित्तीय व तकनीकी सुधार प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य पहल / टूल महत्वपूर्ण तथ्य WINDS पहल AWS और ARG का राष्ट्रीय नेटवर्क (हाइपरलोकल डेटा हेतु)। YES-TECH उपग्रह/रिमोट सेंसिंग आधारित फसल उपज अनुमान प्रणाली। Digiclaim NCIP और PFMS के एकीकरण से त्वरित DBT दावा भुगतान। CLAP App व्यक्तिगत खेतों में स्थानीय आपदा नुकसान के त्वरित आकलन हेतु ऐप। 12% पेनल्टी नियम बीमा कंपनियों व राज्यों द्वारा देरी पर 12% ऑटो-कैलकुलेटेड दंड। CCE-Agri App फसल कटाई प्रयोगों (CCEs) का डिजिटल डेटा अपलोड करने हेतु। NFHS-6 आंकड़े: मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार और जीवनशैली बीमारियों की चुनौती चर्चा में क्यों? केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6: 2023-24) के प्रमुख आंकड़ों का विश्लेषण साझा किया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि NFHS-5 (2019-21)

करेंट अफेयर्स

24 July 2026 The Hindu Notes In Hindi Pdf

“सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में ‘द हिंदू’ (The Hindu) अखबार की भूमिका सर्वोपरि मानी जाती है। हालांकि, अंग्रेजी भाषा में होने के कारण कई हिंदी माध्यम के छात्रों को इसे समझने और इसके नोट्स बनाने में कठिनाई होती है। The Hindu Notes In Hindi इसी समस्या का एक प्रभावी समाधान है। डन्यूब नदी का सूखा (Danube River Drought) पृष्ठभूमि   डन्यूब नदी (Danube River) डन्यूब नदी (Danube) यूरोप की दूसरी सबसे लंबी नदी है (वोल्गा नदी के बाद)। यह मध्य और पूर्वी यूरोप की एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक नदी है। उद्गम और मुहाना (Source and Mouth) प्रवाहित होने वाले देश (10 देश) डन्यूब नदी दुनिया की ऐसी नदी है जो सबसे अधिक देशों (10 देशों) से होकर गुजरती है या उनकी अंतरराष्ट्रीय सीमा बनाती है: जर्मनी, ऑस्ट्रिया, स्लोवाकिया, हंगरी, क्रोएशिया, सर्बिया, बुल्गारिया, रोमानिया, मोल्दोवा और यूक्रेन प्रमुख राजधानियाँ यह नदी यूरोप की चार प्रमुख राष्ट्रीय राजधानियों से होकर गुजरती है: मुख्य विशेषताएँ एवं महत्व  पिकएक्स माउंटेन और बंकर बस्टर गैंबल भौगोलिक और रणनीतिक पृष्ठभूमि तकनीकी एवं सामरिक चुनौतियाँ  Foreign Currency Non-Resident [Bank] or FCNR (B) Deposits जमा योजना परिचय एवं पृष्ठभूमि (Introduction & Context) योजना की मुख्य विशेषताएँ और RBI का हस्तक्षेप (Design Features) Bank credit-deposit ratio at a 62-year high   CD रेशियो (क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात): वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में भारतीय बैंकों का CD रेशियो 62 साल के उच्चतम स्तर 82.6% पर पहुंच गया।   लोन और डिपॉजिट की वृद्धि (Q1):   वृद्धि में अंतर (Variance): लोन और डिपॉजिट की वृद्धि के बीच का अंतर 5 प्रतिशत अंक (percentage points) था (जून तिमाही, FY24 के बाद से सबसे ज्यादा)।   CD रेशियो में तेजी के कारण (विश्लेषकों के अनुसार): क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) अनुपात वह वित्तीय माप है जो यह बताता है कि बैंक अपनी कुल जमा राशि (डिपॉजिट) का कितना हिस्सा कर्ज (क्रेडिट) देने में उपयोग कर रहे हैं। इसका सूत्र कुल ऋण को कुल जमा से भाग देकर 100 से गुणा करना है। उच्च अनुपात (>85%): यह अधिक ऋण मांग और लाभ को दिखाता है, लेकिन बैंक की तरलता (लिक्विडिटी) पर जोखिम बढ़ा सकता है।कम अनुपात (<70%): यह सुरक्षित होता है, लेकिन संकेत देता है कि बैंक अपने पैसों का पूरा उपयोग कर्ज देने के लिए नहीं कर रहे हैं। ई-कॉमर्स सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नियमों में एक बड़ा बदलाव विरोध(Protest) करने का अधिकार और पुलिस शक्तियों की सीमाएँ संवैधानिक और कानूनी ढांचा सीजेपी (CJP) मार्च और कानून की स्थिति पुलिस कार्रवाई के मानक और नियम सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले नाटो (NATO) का अंकारा शिखर सम्मेलन (2026) और भू-राजनीतिक प्रभाव अंकारा शिखर सम्मेलन का परिचय रणनीतिक रोडमैप की चार मुख्य प्रतिबद्धताएं नाटो का विस्तार और रूस की प्रतिक्रिया नाटो के बदलाव और रक्षा उत्पादन की चुनौतियाँ भारत के लिए निहितार्थ और आत्म-निर्भरता की आवश्यकता

करेंट अफेयर्स

24 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

24 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत की वायु रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने वाली स्वदेशी ‘कुशा’ LR-SAM (लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस शील्ड) परियोजना, दक्षिणी नौसेना कमान कोच्चि में संपन्न ‘ऑपरेशन साउदर्न रेडीनेस 26-2’, और महान स्वतंत्रता सेनानी तिरु सुब्रमण्य शिव की पुण्यतिथि पर उन्हें दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने हेतु पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन, भारत की अध्यक्षता में आयोजित 16वीं ब्रिक्स (BRICS) स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के सफल समापन, तथा देश की अमूर्त विरासत को सहेजने के उद्देश्य से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण-संवर्धन एवं संग्रहालयों व अभिलेखागारों के व्यापक डिजिटलीकरण की राष्ट्रीय योजनाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। ‘कुशा’ एलआर-एसएएम: भारत का स्वदेशी लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस शील्ड चर्चा में क्यों? रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से अपनी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल ‘कुशा’ (LRSAM) का पहला सफल उड़ान-परीक्षण संपन्न किया। इस ऐतिहासिक परीक्षण के दौरान मिसाइल प्रणाली ने उच्च गति और अधिक ऊंचाई वाले एक इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्य का सटीक रूप से पीछा करते हुए उसे हवा में ही नष्ट कर दिया। यह परीक्षण भारत की राष्ट्रीय वायु रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने और विदेशी प्रणालियों पर निर्भरता समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्य बिंदु: तकनीकी क्षमताएं, स्वदेशीकरण और रणनीतिक महत्व 1. ‘कुशा’ मिसाइल प्रणाली की प्रमुख क्षमताएं 2. स्वदेशी डिजाइन एवं तकनीकी घटक 3. रणनीतिक महत्व एवं आत्मनिर्भरता प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रणाली का नाम ‘कुशा’ LRSAM। प्रकार लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (Surface-to-Air Missile)। परीक्षण स्थल डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (ओडिशा तट)। विकासकर्ता DRDO एवं भारतीय उद्योग साझेदार। मुख्य कार्य लड़ाकू विमान, मिसाइल, UAV और बड़े विमानों को मार गिराना। ऑपरेशन साउदर्न रेडीनेस 26-2: दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि में समापन चर्चा में क्यों? कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में चार दिवसीय बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा प्रशिक्षण अभ्यास ‘ऑपरेशन साउदर्न रेडीनेस 26-2’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अभ्यास भारतीय नौसेना द्वारा कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (CMF) के सहयोग से और भारत के नेतृत्व वाली कंबाइंड टास्क फोर्स 154 (CTF 154) के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। 20 से 23 जुलाई 2026 तक चले इस कार्यक्रम में 27 देशों के 276 कर्मियों, 76 विशेषज्ञों और 4 अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भाग लिया। इस अभ्यास ने क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और भाग लेने वाले देशों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्य बिंदु: प्रशिक्षण क्षेत्र, वैश्विक सहयोग और सामरिक महत्व 1. अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी एवं प्रशिक्षण ढांचा 2. प्रमुख प्रशिक्षण विषय और व्यावहारिक क्षेत्र 3. भारतीय नौसेना और दक्षिणी कमान का रणनीतिक महत्व प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य अभ्यास का नाम ऑपरेशन साउदर्न रेडीनेस 26-2 (OSR 26-2)। आयोजन स्थल दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि (20-23 जुलाई 2026)। आयोजक भारतीय नौसेना + कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (CMF) / CTF 154। कुल भागीदार 27 देश, 276 कर्मी, 4 अंतरराष्ट्रीय संगठन (जैसे UNODC, IMO IMLI)। CTF 154 का नेतृत्व भारतीय नौसेना (कमोडोर मिलिंद एम. मोकाशी – कमांडर CTF 154)। मुख्य सूचना नोड IFC-IOR (भारत) और JMIC (CMF)। स्वतंत्रता सेनानी तिरु सुब्रमण्य शिव: पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि चर्चा में क्यों? भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने महान स्वतंत्रता सेनानी तिरु सुब्रमण्य शिव की पुण्यतिथि पर उन्हें उपराष्ट्रपति भवन में पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने तिरु सुब्रमण्य शिव के अटूट राष्ट्रप्रेम, वन्दे मातरम के जन-जागरण अभियान और ब्रिटिश जेल में कुष्ठ रोग से पीड़ित होने के बावजूद स्वतंत्रता संग्राम में उनके अप्रतिम योगदान को याद किया। यह श्रद्धांजलि भारत के उन महान नायकों के प्रति सम्मान प्रकट करती है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। मुख्य बिंदु: जीवन परिचय, योगदान और ऐतिहासिक संदर्भ 1. प्रारंभिक जीवन और राष्ट्रवादी कार्य 2. वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई (VOC) के साथ सहयोग 3. संघर्ष, बीमारी और अदम्य साहस प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य व्यक्तित्व तिरु सुब्रमण्य शिव। जन्मस्थान वटलुगुंडु, तमिलनाडु। प्रमुख सहयोगी तिरु वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई। मुख्य नारा/विचार ‘वन्दे मातरम’ का प्रचार और भारत माता की भक्ति। ऐतिहासिक संघर्ष ब्रिटिश जेल में कारावास और कुष्ठ रोग से ग्रसित होने के बावजूद निरंतर राष्ट्र सेवा। पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और छात्रों के हित की सुरक्षा के लिए एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणालियों की पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस कड़े संदेश के तुरंत बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्प्लेक्स में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत दर्ज मुकदमों की विशेष सुनवाई के लिए पहली फास्ट-ट्रैक अदालत भी अधिसूचित कर दी है। मुख्य बिंदु: निर्णय का उद्देश्य, न्यायिक तंत्र और कानूनी ढांचा 1. घोषणा का मूल उद्देश्य एवं प्रशासनिक निर्देश 2. फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन और अधिकार क्षेत्र 3. पृष्ठभूमि एवं लोक परीक्षा अधिनियम, 2024 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य हालिया घोषणा पेपर लीक मामलों की सुनवाई हेतु फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स (FTC) का गठन। संबद्ध अधिनियम लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024। गठन का अधिकार राज्य सरकारें / केंद्र शासित प्रदेश, संबंधित उच्च न्यायालय के परामर्श से। पहली विशेष अदालत राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली (दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा अधिसूचित)। कानूनी प्रावधान 3 से 10 साल का कारावास और ₹1 करोड़ तक का जुर्माना। 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक: भारत की अध्यक्षता में सफल समापन चर्चा में क्यों? भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत चंडीगढ़ में ’16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक’ का सफल समापन हुआ। “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण” (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) विषय के अंतर्गत आयोजित इस बैठक में ब्रिक्स देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों और

करेंट अफेयर्स

23 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

23 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत दूरसंचार क्षेत्र में अगली पीढ़ी की तकनीक हेतु ‘भारत 6G एलायंस’ व स्पेक्ट्रम रोडमैप, मौसम पूर्वानुमान को अधिक सटीक बनाने वाले 6 किमी रिज़ॉल्यूशन वाले ‘भारत फॉरकास्ट सिस्टम’ और देश में पवन ऊर्जा क्षमता द्वारा 57,443 मेगावाट का आंकड़ा पार, बाल स्वास्थ्य को समर्पित नीतिगत सिफारिशों वाली ‘लेट्स फिक्स अवर फूड’ (LFOF) पहल, बाल कल्याण हेतु ‘मिशन वात्सल्य’ का एकीकृत ढांचा, ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु परमाणु ऊर्जा मिशन का दीर्घकालिक रोडमैप तथा ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ प्रथम त्रि-सेवा महिला नौकायन अभियान का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारत 6G एलायंस और भारत में 6G स्पेक्ट्रम रोडमैप चर्चा में क्यों? संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने लोकसभा में 6G तकनीक पर विस्तृत जानकारी साझा की। भारत में 6G सेवाओं को तेजी से विकसित करने के लिए ‘भारत 6G एलायंस’ (B6GA) का विस्तार 90 सदस्यों तक हो चुका है। इसके साथ ही, दूरसंचार विभाग (DoT) ने भारत के 6G विजन को साकार करने के लिए ‘स्पेक्ट्रम रोडमैप फॉर 6G इन इंडिया’ जारी किया है। मुख्य बिंदु: 6G एलायंस, टेस्टबेड और वैश्विक मानक 1. भारत 6G एलायंस (B6GA) का विस्तार 2. 6G टेराहर्ट्ज (THz) टेस्टबेड प्रोजेक्ट 3. वैश्विक मानकों में भारत का योगदान (ITU और 3GPP) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य B6GA की प्रकृति उद्योग और अकादमिक क्षेत्र का संयुक्त मंच (90 सदस्य)। 6G टेस्टबेड केंद्र SAMEER (कोलकाता) + IIT मद्रास, गुवाहाटी, पटना। वित्त पोषण फंड डिजिटल भारत निधि का TTDF (Telecom Technology Development Fund)। अंतर्राष्ट्रीय निकाय ITU (IMT-2030 फ्रेमवर्क), 3GPP, oneM2M। सहायता योजना TDIP योजना – स्टार्टअप्स/MSMEs को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स बैठकों के लिए फंडिंग। स्पेक्ट्रम रोडमैप DoT द्वारा आधिकारिक रूप से 6G सेवाओं हेतु जारी। भारत फॉरकास्ट सिस्टम (BharatFS): 6 किमी रिज़ॉल्यूशन वाला मौसम मॉडल चर्चा में क्यों? केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में ‘भारत फॉरकास्ट सिस्टम’ (BharatFS) पर आधिकारिक जानकारी दी। भारत 6 किमी के उच्च रिज़ॉल्यूशन पर रीयल-टाइम वैश्विक मौसम पूर्वानुमान मॉडल चलाने वाला दुनिया का एकमात्र देश बन गया है। यह उपलब्धि भारत को वैश्विक मौसम विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर खड़ा करती है। मुख्य बिंदु: तकनीकी क्षमताएं, लाभ और रणनीतिक महत्व 1. उन्नत तकनीक और सुपरकंप्यूटिंग 2. व्यावहारिक लाभ (कृषि और आपदा प्रबंधन) 3. रणनीतिक और क्षेत्रीय महत्व प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य मॉडल का नाम भारत फॉरकास्ट सिस्टम (BharatFS)। रिज़ॉल्यूशन क्षमता 6 किलोमीटर (विश्व में सबसे सटीक)। ग्रिड तकनीक ट्रायंगुलर क्युबिक ऑक्टाहेड्रल (TCo) ग्रिड। प्रयुक्त सुपरकंप्यूटर अर्क (पुणे) और अरुणिका (नोएडा)। नोडल मंत्रालय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences)। मुख्य लक्ष्य पंचायत स्तर पर मौसम अलर्ट और आपदा प्रबंधन। भारत में पवन ऊर्जा क्षमता: 57,443 मेगावाट का आंकड़ा पार Why in News? (चर्चा में क्यों? केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने लोकसभा में देश के पवन ऊर्जा क्षेत्र की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट पेश की। इस आधिकारिक संसदीय वक्तव्य के अनुसार, 30 जून 2026 तक भारत की कुल स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता बढ़कर 57,443 MW हो गई है। इसके साथ ही, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 6,057 MW की नई क्षमता जुड़ने से कुल वार्षिक उत्पादन 106 अरब यूनिट (BU) तक पहुंच गया है। GWEC (ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल) रिपोर्ट 2026 के मुताबिक भारत वैश्विक स्तर पर पवन ऊर्जा की कुल क्षमता में चौथे स्थान पर मजबूती से कायम है। मुख्य बिंदु: क्षमता, राज्यवार स्थिति और सरकारी पहलें 1. भारत की वैश्विक स्थिति और वार्षिक वृद्धि 2. राज्यवार स्थिति (शीर्ष राज्य) 3. पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली प्रमुख सरकारी नीतियां प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य कुल स्थापित क्षमता 57,443 MW (30 जून 2026 तक)। ग्लोबल रैंकिंग GWEC रिपोर्ट के अनुसार भारत विश्व में चौथे (4th) स्थान पर। शीर्ष राज्य (क्षमता में) 1. गुजरात (16,086 MW) 2. तमिलनाडु 3. कर्नाटक। वित्त वर्ष 2025-26 उत्पादन 106 बिलियन यूनिट (BU)। FDI सीमा ऑटोमैटिक रूट से 100% FDI की अनुमति। ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस 100 kW या उससे अधिक की मांग वाले उपभोक्ताओं के लिए लागू। लेट्स फिक्स अवर फूड (LFOF): बच्चों में स्वस्थ खान-पान के लिए नीतिगत सिफारिशें चर्चा में क्यों? ICMR-NIN के नेतृत्व वाले ‘लेट्स फिक्स अवर फूड’ (LFOF) कन्सोर्टियम ने एक नया नीतिगत दस्तावेज जारी किया। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. एम. श्रीनिवास ने नई दिल्ली में इसे लॉन्च किया। इसका शीर्षक “Priority Policy Actions to Promote Healthier Diets and Food Environments for Children and Adolescents in India” है। इसका मुख्य मकसद बच्चों और किशोरों में बढ़ते मोटापे और खान-पान से जुड़ी बीमारियों को रोकना है। मुख्य बिंदु: LFOF पहल, सिफारिशें और नए टूलकिट 1. ‘लेट्स फिक्स अवर फूड’ (LFOF) क्या है? 2. नीतिगत दस्तावेज की मुख्य सिफारिशें 3. नए लॉन्च किए गए संसाधन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य LFOF का नेतृत्व ICMR – राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN)। लॉन्चकर्ता डॉ. एम. श्रीनिवास (सदस्य-स्वास्थ्य, नीति आयोग)। लक्ष्य समूह बच्चे और किशोर (Children and Adolescents)। NEAT-S टूलकिट स्कूलों में पोषण माहौल का आकलन करने का टूल। HFSS Foods High in Fat, Salt, and Sugar (अस्वास्थ्यकर जंक फूड)। मुख्य लक्ष्य मोटापा और गैर-संचारी रोगों (NCDs) को नियंत्रित करना। मिशन वात्सल्य: बाल देखभाल और संरक्षण ढांचा चर्चा में क्यों? महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने संसद में ‘मिशन वात्सल्य’ की समीक्षा रिपोर्ट साझा की। मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित बैठकों के जरिए इस योजना की निगरानी करता है। हाल ही में नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) ने भी इस योजना की उच्च प्रासंगिकता और दक्षता को देखते हुए इसे जारी रखने की सिफारिश की है। मुख्य बिंदु: योजना की संरचना, कानून और कार्यान्वयन 1. मिशन वात्सल्य की मूल संरचना 2. किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के प्रमुख कानूनी प्रावधान 3. वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का प्रकार केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme)। संबंधित मंत्रालय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय। वैधानिक कानून किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015। पंजीकरण नियम धारा 41 (अनिवार्य पंजीकरण) एवं धारा 42 (दंडनीय अपराध)। मूल्यांकन रिपोर्ट DMEO

करेंट अफेयर्स

22 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

22 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत कपड़ा मंत्रालय की ‘ग्रेट’ योजना के तहत तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में स्टार्टअप्स और नवाचार को दिए जा रहे प्रोत्साहन, पश्चिमी घाट में खोजे गए ‘एलोग्राफा’ कवक की 5 नई प्रजातियों के पारिस्थितिकीय महत्व तथा स्थानीय शासन को पारदर्शी बनाने वाली ‘मेरी समिति मेरा पटल’ पहल, CDSCO द्वारा भारत की पहली डेंगू वैक्सीन ‘Qdenga®’ को मिली तकनीकी मंजूरी, तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2025 के ऑनलाइन नामांकन, ‘मिशन golden स्पाइस’ के अंतर्गत मेघालय की उच्च-करक्यूमिन लाकाडोंग हल्दी के कायाकल्प, अल्पसंख्यक समुदायों हेतु PM VIKAS योजना, बहुराष्ट्रीय वायुसेना युद्धाभ्यास ‘पिच ब्लैक 2026’ और वस्त्र उद्योग में परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाली ‘टैक्स-इको’ पहल का विस्तृत विश्लेष्ण किया गया है। ग्रेट योजना: तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में इनोवेशन और स्टार्टअप्स को बढ़ावा चर्चा में क्यों? वस्त्र राज्य मंत्री श्री पवित्र मार्गेरिटा ने लोकसभा में बताया कि वस्त्र मंत्रालय वर्ष 2023 से राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (NTTM) के तहत ‘ग्रेट’ योजना को सफलतापूर्वक लागू कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य युवा अन्वेषकों और वैज्ञानिकों को तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में अपने विचारों को व्यावसायिक उत्पादों में बदलने में मदद करना है। योजना की प्रमुख विशेषताएं और कार्यान्वयन रणनीति 1. ग्रेट योजना का परिचय और वित्तीय सहायता 2. राज्यवार स्टार्टअप प्रदर्शन 3. नवोन्मेष के प्रमुख तकनीक क्षेत्र 4. आउटरीच और क्षमता निर्माण प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य योजना का नाम ग्रेट – GREAT (Grant for Research and Entrepreneurship across Aspiring Innovators in Technical Textiles)। मूल मिशन राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन – NTTM (वस्त्र मंत्रालय)। शुरुआत वर्ष 2023। वित्तीय मदद सीमा प्रति स्वीकृत स्टार्टअप अधिकतम 50 लाख रुपये। सब्सिडी का दायरा केवल तकनीकी वस्त्र क्षेत्र (स्मार्ट टेक्सटाइल, मेडिकल, डिफेंस व बायो-कंपोजिट)। पश्चिमी घाट में ‘एलोग्राफा’ कवक की 5 नई प्रजातियों की खोज चर्चा में क्यों? विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान, MACS आगरकर अनुसंधान संस्थान (पुणे) के वैज्ञानिकों ने भारत के जैव-विविधता समृद्ध क्षेत्र ‘पश्चिमी घाट’ से लाइकेन बनाने वाले कवक के ‘एलोग्राफा’ वंश की 5 नई प्रजातियों की खोज की घोषणा की है। खोज की प्रमुख विशेषताएं और पारिस्थितिक महत्व 1. एलोग्राफा क्या है और इसका महत्व 2. खोजी गई 5 नई प्रजातियां 3. शोध पद्धति और वैज्ञानिक तकनीक प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य खोज का नाम एलोग्राफा वंश की 5 नई कवक (Lichen) प्रजातियां। खोज का स्थान पश्चिमी घाट (उष्णकटिबंधीय वन आवास)। अनुसंधान संस्थान MACS आगरकर अनुसंधान संस्थान (ARI), पुणे (DST के अंतर्गत)। पारिस्थितिक कार्य वन स्वास्थ्य, प्रदूषण और पर्यावरण परिवर्तन के जैव-सूचक (Bio-indicators)। इस्तेमाल किए गए DNA मार्कर्स mtSSU, nrLSU, और RPB2। ‘मेरी समिति मेरा पटल’ पहल चर्चा में क्यों? केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर देते हुए ‘मेरी समिति मेरा पटल’ पहल की वर्तमान प्रगति रिपोर्ट पेश की। इस उत्तर के माध्यम से सरकार ने संसद के पटल पर यह स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सहकारिता प्रशिक्षण परिषद (NCCT) के तहत RICM चंडीगढ़ द्वारा शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल किस प्रकार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के सशक्तीकरण, प्रशिक्षण और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाने में प्रभावी भूमिका निभा रही है। पहल के मुख्य प्रावधान, उद्देश्य और लाभ 1. ‘मेरी समिति मेरा पटल’ पहल क्या है? 2. डिजिटल प्रोफाइलिंग और पारदर्शिता 3. कार्यान्वयन का क्षेत्र और भावी योजना प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पहल का नाम मेरी समिति मेरा पटल। शुरुआत करने वाली संस्था RICM चंडीगढ़ (NCCT के अंतर्गत)। लक्ष्य निकाय प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) और MPCS। कवर किए गए क्षेत्र पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, J&K, दिल्ली, चंडीगढ़, और लेह-लद्दाख। प्रमुख कार्य PACS का डिजिटल प्रोफाइलिंग, रियल-टाइम डेटा पारदर्शिता और शासन में सुधार। CDSCO ने भारत की पहली डेंगू वैक्सीन ‘Qdenga®’ को दी मंजूरी चर्चा में क्यों? स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने भारत की पहली डेंगू वैक्सीन ‘Qdenga®’ को देश में विपणन स्वीकृति दे दी है। इस मंजूरी से भारत में डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण संबंधी राष्ट्रीय प्रयासों को अत्यधिक मजबूती मिलेगी। जर्मनी की प्रसिद्ध कंपनी ‘टकेडा जीएमबीएच’ द्वारा विकसित और भारत में आयात की जाने वाली इस ‘लाइव एटेन्यूएटेड टेट्रावेलेंट’ वैक्सीन को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत कड़े वैज्ञानिक मूल्यांकन, गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता मानकों की पुष्टि के बाद अनुमोदित किया गया है। वैक्सीन के तकनीकी पहलू, प्रभावकारिता और महत्व 1. Qdenga® वैक्सीन की तकनीकी संरचना 2. खुराक और उपयोग की आयु-सीमा 3. वैश्विक साख और नैदानिक परीक्षण 4. राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में भूमिका प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य वैक्सीन का नाम Qdenga® (Dengue Tetravalent Vaccine – Live, Attenuated)। स्वीकृति देने वाली संस्था केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO)। निर्माता कंपनी टकेडा जीएमबीएच (Takeda GmbH), जर्मनी। तकनीक रीकॉम्बीनेंट डीएनए तकनीक (GMO आधारित)। उपयुक्त आयु सीमा 4 से 60 वर्ष। खुराक अनुसूची (Dosage Schedule) 2 खुराकें (3 महीने के अंतराल पर) – सबक्यूटेनियस इंजेक्शन। वैश्विक स्थिति WHO प्री-क्वालिफाइड; 42 देशों में स्वीकृत। तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2025: ऑनलाइन नामांकन शुरू चर्चा में क्यों? युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने ‘तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार (TNNAA) 2025’ के लिए ऑनलाइन नामांकन आमंत्रित किए हैं। यह भारत में साहसिक गतिविधियों और एडवेंचर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है। इसके लिए गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (awards.gov.in) पर 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं। मुख्य बिंदु: पुरस्कार के नियम, श्रेणियां और पात्रता 1. पुरस्कार की श्रेणियां और उद्देश्य 2. पुरस्कार की विशेषताएं और समकक्षता 3. पात्रता और आवेदन प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य पुरस्कार का नाम तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2025। नोडल मंत्रालय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय। नामांकन पोर्टल गृह मंत्रालय का राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (awards.gov.in)। पुरस्कार की श्रेणियां 4 (स्थल, जल, वायु और लाइफटाइम अचीवमेंट)। पुरस्कार राशि व सम्मान ₹15 लाख, कांस्य प्रतिमा, प्रमाण पत्र और ब्लेज़र/साड़ी। समकक्षता अर्जुन पुरस्कार के समकक्ष। ‘मिशन गोल्डन स्पाइस’: मेघालय की लाकाडोंग हल्दी का कायाकल्प चर्चा में क्यों? केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने संयुक्त

करेंट अफेयर्स

21 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

21 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ‘स्माइल’ योजना की समीक्षा, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व नीली अर्थव्यवस्था के तहत भारत द्वारा WTO मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते की स्वीकृति, ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग द्वारा गोवा में संचालित ‘नक्शा’ पायलट प्रोजेक्ट पर जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी कोर उद्योगों के सूचकांक (ICI) की नई श्रृंखला और भारत की समृद्ध अमूर्त विरासत के संरक्षण के लिए संस्कृति मंत्रालय के ‘नेशनल मिशन ऑन कल्चरल मैपिंग’ (NMCM) एवं ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ (MGMD) पोर्टल के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई है। स्माइल (SMILE) योजना: ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत’ की दिशा में कदम चर्चा में क्यों? 20 जुलाई 2026 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने ‘स्माइल’ (SMILE) योजना की प्रगति साझा की। मंत्रालय के अनुसार, यह योजना वर्तमान में देश के 216 शहरों में लागू है और अब तक 10,200 से अधिक व्यक्तियों का पुनर्वास किया जा चुका है। योजना की प्रमुख विशेषताएं और कार्यान्वयन रणनीति 1. स्माइल योजना का परिचय और उद्देश्य 2. योजना का विस्तार और भावी लक्ष्य (2026-31) 3. समग्र पुनर्वास रणनीति 4. डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता प्रारंभिक परीक्षा के लिए त्वरित तथ्य घटक / बिंदु त्वरित तथ्य योजना का नाम स्माइल – SMILE (Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise)। संबंधित मंत्रालय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय। योजना का स्वरूप केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme)। लक्ष्य (2030-31 तक) 295 शहरों को कवर करना और 35,000 व्यक्तियों का पुनर्वास। डिजिटल पोर्टल स्माइल-बेगरी नेशनल पोर्टल (SMILE-Beggary National Portal)। भारत ने डब्ल्यूटीओ (WTO) मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते को दी स्वीकृति चर्चा में क्यों? भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के ‘मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते‘ (Agreement on Fisheries Subsidies – AFS) की औपचारिक स्वीकृति का दस्तावेज (Instrument of Acceptance) जमा कर दिया है। वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने इसे WTO की महानिदेशक को सौंपा, जिसके साथ ही भारत आधिकारिक रूप से इस समझौते का पक्षकार बन गया है। मुख्य बिंदु: शोध के प्रमुख निष्कर्ष और वैज्ञानिक महत्व 1. डब्ल्यूटीओ मत्स्य पालन सब्सिडी समझौता क्या है? 2. समझौते का दायरा 3. पारंपरिक और छोटे मछुआरों की सुरक्षा व वैश्विक लाभ 4. भारत का घरेलू ढांचा और नीतिगत सुरक्षा प्रारंभिक परीक्षा के लिए त्वरित तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य समझौते का नाम WTO मत्स्य पालन सब्सिडी समझौता (Agreement on Fisheries Subsidies – AFS)। स्वीकृति की तिथि 20 जुलाई 2026 (भारत 123वां सदस्य बना)। समझौते का मुख्य उद्देश्य अवैध (IUU) और अत्यधिक मत्स्यन को मिलने वाली हानिकारक सब्सिडी को समाप्त करना। दायरे से बाहर (Exclusions) जलकृषि (Aquaculture/झींगा पालन) और अंतर्देशीय (Inland) मत्स्य पालन। सहायक राष्ट्रीय योजनाएं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) तथा EEZ/High Seas नियम 2025। गोवा में ‘नक्शा’ पायलट प्रोजेक्ट पर भूमि संसाधन विभाग का स्पष्टीकरण चर्चा में क्यों? ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत भूमि संसाधन विभाग (DoLR) ने गोवा के निपटान और भूमि रिकॉर्ड निदेशालय (DSLR) के साथ मिलकर ‘नक्शा’ पायलट प्रोजेक्ट के संबंध में फैली अफवाहों का आधिकारिक खंडन किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस सर्वेक्षण से मूल भूमि रिकॉर्ड, कानूनी स्वामित्व और संपत्ति की सीमाओं पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा और सभी मौजूदा रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। शोध के प्रमुख निष्कर्ष 1. नक्शा प्रोजेक्ट क्या है और इसका उद्देश्य क्या है? 2. अनिवासी (NRI) और अनुपस्थित भू-स्वामियों के अधिकारों की सुरक्षा 3. मैपिंग अभ्यास बनाम भूमि अधिग्रहण और कर 4. आगामी औपचारिक जांच प्रक्रिया और नागरिक मार्गदर्शन प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रोजेक्ट का नाम नक्शा – NAKSHA (National Geospatial Knowledge-based Land Survey of Urban Habitations)। मूल योजना डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP)। संबंधित मंत्रालय व विभाग भूमि संसाधन विभाग (DoLR), ग्रामीण विकास मंत्रालय और गोवा सरकार का DSLR। प्रोजेक्ट की प्रकृति जीआईएस आधारित शहरी भूमि पार्सल मैपिंग पहल। जांच अवधि 16 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक (ISLR कार्यालय, मडगांव, गोवा)। कोर उद्योगों के सूचकांक (ICI) की नई श्रृंखला: आधार वर्ष 2022-23 जारी चर्चा में क्यों? उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के आर्थिक सलाहकार कार्यालय (OEA) ने कोर उद्योगों के सूचकांक (ICI) का नया आधार वर्ष 2022-23 घोषित किया है। यह नई श्रृंखला पुराने आधार वर्ष 2011-12 का स्थान लेगी। जून 2026 के लिए इस नई श्रृंखला के तहत पहला अनंतिम सूचकांक जारी किया गया है। योजना की प्रमुख विशेषताएं और कार्यान्वयन रणनीति 1. नई ICI श्रृंखला (आधार वर्ष 2022-23) के मुख्य बदलाव 2. जून 2026 में कोर उद्योगों का प्रदर्शन प्रारंभिक परीक्षा के लिए त्वरित तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य नया आधार वर्ष 2022-23 (पुराना: 2011-12)। जारीकर्ता संस्था आर्थिक सलाहकार कार्यालय (OEA), DPIIT, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय। कोर उद्योगों की संख्या 9 (नया जुड़ा उद्योग: लौह अयस्क)। सर्वाधिक भार वाले क्षेत्र 1. बिजली (30.93%), 2. रिफाइनरी उत्पाद (22.57%), 3. स्टील (17.58%)। न्यूनतम भार वाले क्षेत्र उर्वरक (2.731%), प्राकृतिक गैस (3.841%), सीमेंट (4.41%)। फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार और आरबीआई के प्रयास चर्चा में क्यों? वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में फिनटेक क्षेत्र, डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म और पेमेंट एग्रीगेटर्स को सुरक्षित व पारदर्शी बनाने के लिए कई नियामकीय कदम उठाए हैं। फिनटेक नियामक ढांचा एवं उपभोक्ता सुरक्षा उपाय 1. फिनटेक क्षेत्र के लिए नियामकीय ढांचा 2. डिजिटल भुगतान सुरक्षा और एआई का उपयोग 3. डेटा सुरक्षा और साइबर अपराध नियंत्रण 4. उपभोक्ता जागरूकता और शिकायत निवारण प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य SRO-FT ढांचा फिनटेक कंपनियों में स्व-नियमन और पारदर्शिता के लिए आरबीआई द्वारा मई 2024 में जारी। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 (नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल – गृह मंत्रालय द्वारा संचालित)। शिकायत निवारण पोर्टल सचेत (SACHET) – अवैध रूप से पैसे जुटाने वाली संस्थाओं की रिपोर्ट करने के लिए। डेटा संरक्षण ढांचा डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम 2023 (MeitY द्वारा अधिसूचित)। eBAAT कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक-बैंकिंग अवेयरनेस एंड ट्रेनिंग (आरबीआई का धोखाधड़ी जागरूकता कार्यक्रम)। नेशनल मिशन ऑन कल्चरल मैपिंग (NMCM) और ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ चर्चा में क्यों? केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने

करेंट अफेयर्स

19 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

19 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों (2024) की आधिकारिक घोषणा और देश के निजी अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र (Private Space Sector) स्काईरूट एयरोस्पेस के ‘विक्रम-1’ (Vikram-1) रॉकेट के ‘मिशन आगमन’ और भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 के तहत किए गए बड़े संरचनात्मक व एफडीआई (FDI) सुधारों को प्रस्तुत किया गया है। श्वेत क्रांति 2.0 और ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को गति देते हुए कोलकाता (हावड़ा फूड पार्क) में स्थापित होने वाले विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र (अमुल बंगाल डेयरी परियोजना) के भूमि पूजन तथा e-RCS पोर्टल के लॉन्च का विश्लेषण है। सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) द्वारा ‘जीरो मैनुअल स्कैवेंजिंग’ और सीवर सफाई के पूर्ण यंत्रीकरण के प्रशासनिक निर्देशों की समीक्षा की गई है। विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण: भारतीय निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में ऐतिहासिक क्रांति चर्चा में क्यों? भारत की निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की अग्रणी स्टार्टअप कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपने बहुप्रतीक्षित रॉकेट विक्रम-1 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है। इस ऐतिहासिक तकनीकी मील के पत्थर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट की पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे भारतीय अंतरिक्ष यात्रा का एक ‘परिवर्तनकारी और निर्णायक क्षण’ (Defining Moment) करार दिया है, जो देश के अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में निजी क्षेत्र की बढ़ती और मजबूत होती भूमिका को रेखांकित करता है। विक्रम-1 का महत्व और निजी अंतरिक्ष क्षेत्र का भविष्य 1. विक्रम-1 रॉकेट क्या है? 2. इस प्रक्षेपण का रणनीतिक और व्यावहारिक महत्व प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य प्रक्षेपण यान का नाम विक्रम-1, जिसका नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। विकासकर्ता कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस – हैदराबाद स्थित एक भारतीय निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप। रॉकेट की श्रेणी यह एक लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (Small Satellite Launch Vehicle) है जो पेलोड को अंतरिक्ष में ले जाने में सक्षम है। सहयोगी नियामक संस्था इन-स्पेस – भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र, जो निजी कंपनियों को अंतरिक्ष गतिविधियों की अनुमति देता है। ऐतिहासिक संदर्भ इससे पहले स्काईरूट ने नवंबर 2022 में भारत का पहला निजी रॉकेट ‘विक्रम-एस’ उप-कक्षीय (Sub-orbital) मिशन के तहत लॉन्च किया था। कोलकाता में विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र का भूमि पूजन: ‘सहकार से समृद्धि’ की ओर कदम चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के दृष्टिकोण और श्वेत क्रांति 2.0 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह कोलकाता में ‘अमुल बंगाल डेयरी परियोजना’ के तहत विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र का भूमि पूजन करेंगे। यह कदम पश्चिम बंगाल के डेयरी क्षेत्र, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और डिजिटल सहकारी प्रशासन को मजबूत करने के लिए एक बड़े अभियान का हिस्सा है। मुख्य बिंदु: अमुल बंगाल डेयरी परियोजना और सहकारिता पहल 1. अमुल बंगाल डेयरी परियोजना 2. सामाजिक-आर्थिक प्रभाव और किसानों को लाभ 3. डिजिटल गवर्नेंस और अन्य महत्वपूर्ण पहल प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य विश्व का सबसे बड़ा दही संयंत्र हावड़ा फूड पार्क, पश्चिम बंगाल में अमुल द्वारा स्थापित (दैनिक क्षमता: 10 लाख किलोग्राम दही)। श्वेत क्रांति 2.0 इसका उद्देश्य देश में दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करना, दूध उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण आय को दोगुना करना है। e-RCS पोर्टल सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार कार्यालय के डिजिटल संचालन और पारदर्शिता के लिए लॉन्च किया गया एक ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म। सहकार से समृद्धि विजन भारत सरकार द्वारा देश में सहकारिता आंदोलन को बढ़ावा देने और इसके लिए एक अलग सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation) के गठन का मूल मंत्र। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) द्वारा स्वच्छता और कल्याण सुविधाओं की समीक्षा चर्चा में क्यों? राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) ने सफाई कर्मचारियों की कार्य स्थितियों, सुरक्षा और समग्र कल्याण को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की है। NCSK के सदस्य श्री करम सिंह कर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ‘जीरो मैनुअल स्कैवेंजिंग’ (शून्य हाथ से मैला उठाना) के लक्ष्य को प्राप्त करने और सफाई कर्मियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण यंत्रीकरण अपनाने पर विशेष बल दिया गया। समीक्षा बैठक के प्रमुख निष्कर्ष और प्रशासनिक निर्देश 1. मुख्य प्राथमिकताएं: सुरक्षा और पूर्ण यंत्रीकरण 2. महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्देश और समय-सीमा प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य NCSK (राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग) यह 1993 में एक अधिनियम के तहत गठित एक वैधानिक निकाय के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन वर्तमान में यह सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत एक गैर-वैधानिक निकाय (Non-Statutory Body) के रूप में कार्य कर रहा है (जिसका कार्यकाल समय-समय पर बढ़ाया जाता है)। बैठक का मुख्य फोकस सीवर और नालों की सफाई का पूर्ण मशीनीकरण करना ताकि इंसानों को जानलेवा जोखिमों से बचाया जा सके। संबद्ध स्थानीय निकाय NDMC (नई दिल्ली नगरपालिका परिषद) – जिसने राजधानी को स्वच्छ रखने के साथ-साथ कार्यबल की सुरक्षा के लिए उच्च-स्तरीय तकनीकी निगरानी प्रणालियों को अपनाने की प्रतिबद्धता जताई है। संबंधित वैधानिक अधिकार सफाई कर्मचारियों को EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) और ESI (कर्मचारी राज्य बीमा) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं प्रदान करना कानूनन अनिवार्य है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (2024) चर्चा में क्यों? वर्ष 2024 के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की गई है। यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा में फीचर फिल्मों, गैर-फीचर फिल्मों और सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन की श्रेणियों में उत्कृष्ट कलात्मक प्रदर्शन को मान्यता देने के लिए दिए जाते हैं। मुख्य विजेता एवं पुरस्कार श्रेणियां भारतीय सिनेमा के इस सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार के अंतर्गत विभिन्न भाषाओं और शैलियों की फिल्मों को सम्मानित किया गया है। 1. फीचर फिल्म खंड 2. गैर-फीचर और वृत्तचित्र खंड प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य श्रेणी / पुरस्कार घटक महत्वपूर्ण तथ्य सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म ‘श्रीकांत’ – निर्देशक: तुषार हीराचंदानी। संविधान की 8वीं अनुसूची से बाहर की फिल्में गढ़वाली भाषा: फिल्म ‘धोली’ और तुलु भाषा: फिल्म ‘इम्बू‘ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला। सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ पुस्तक ‘नानिरुवुदे निमगागी नादिरुवुदे ननगागी: कन्नड़ सिनेमादा थथवा मथु राजकीया’ (कन्नड़) – लेखक: केंचनूरु प्रदीप कुमार शेट्टी। सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक संजीव श्रीवास्तव (हिंदी भाषा के लिए स्वर्ण कमल)। फीचर फिल्म जूरी के अध्यक्ष

NCERT

NCERT Notes Class 6 science Chapter 12: Beyond Earth

NCERT Notes Class 6 science Chapter 12: Beyond Earth के अंतर्गत सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव में परिक्रमा करने वाले विभिन्न ग्रहों, उपग्रहों और क्षुद्रग्रहों के बुनियादी भौतिक गुणों को समझाया गया है। यह पृथ्वी के एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा की बदलती कलाओं (Phases of the Moon), रात के आकाश में दिखने वाले विभिन्न तारा-मंडलों (Constellations) की पहचान और आकाशगंगा की विशालता के वैज्ञानिक नियमों को स्पष्ट करता है। यह आधुनिक उपग्रह संचार, मौसम पूर्वानुमान और सुदूर संवेदन (Remote Sensing) जैसी उन्नत तकनीकों को समझने का एक अनिवार्य वैज्ञानिक आधार स्तंभ है। तारे और तारा-मंडल (Stars and Constellations) तारामंडल की आधुनिक परिभाषा और वैश्विक वर्गीकरण प्राचीन काल में तारों के पैटर्न को तारामंडल कहा जाता था, लेकिन आधुनिक खगोल विज्ञान में इसकी परिभाषा बदल चुकी है: प्रमुख तारामंडल और उनसे जुड़े खगोलीय तथ्य: तारामंडल का नाम सांस्कृतिक/काल्पनिक रूप प्रमुख तारे व विशेषताएं ओरियन एक शिकारी (Hunter) के रूप में इसके मध्य में तीन तारे शिकारी की बेल्ट को दर्शाते हैं। इसमें बैटलग्यूस नामक मुख्य तारा स्थित है। कैनिस मेजर शिकारी के कुत्ते के रूप में इसमें सीरियस तारा शामिल है, जो रात्रि के आकाश का सबसे चमकीला तारा है। टॉरस एक बैल (Bull) के रूप में इसमें प्लीएड्स तारों का समूह और एल्डेबरन तारा स्थित हैं। भारतीय खगोल विज्ञान और जनजातीय लोककथाएँ भारतीय संस्कृति और खगोल विज्ञान में तारों को विशिष्ट नाम दिए गए हैं: रात्रि-आकाश का अवलोकन (Night Sky Watching) डार्क स्काई रिजर्व और खगोलीय अवलोकन की तकनीक खगोलीय अवधारणा / उपकरण मुख्य कार्यप्रणाली और विशेषताएँ महत्वपूर्ण तथ्य डार्क स्काई रिजर्व ऐसे पार्क/क्षेत्र जहाँ प्रकाश प्रदूषण को कृत्रिम रूप से कड़ा नियंत्रित किया जाता है। रात के आकाश को प्राकृतिक रूप से संरक्षित रखकर वैज्ञानिक अनुसंधान और खगोल-पर्यटन को बढ़ावा देना। खगोलीय विजिबिलिटी स्थान और समय के आधार पर तारों की दृश्यता का बदलना। ध्रुव तारा पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध (Southern Hemisphere) से कभी दिखाई नहीं देता। डिजिटल मैपिंग टूल्स आकाश के मानचित्रण और पिंडों की सटीक पहचान करने वाले सॉफ्टवेयर। Sky Map और Stellarium प्रमुख मोबाइल/कंप्यूटर ऐप्स हैं जो दिशा, तारे और ग्रहों की सटीक पहचान कराते हैं। रात्रि आकाश दर्शन की तैयारी आकाश दर्शन को वैज्ञानिक रूप से सफल बनाने के लिए निम्नलिखित चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाई जाती है: प्रमुख आकाशीय पिंडों को खोजना हमारा सौर परिवार (Our Solar System) सूर्य (The Sun) ग्रह (Planets) सौर मंडल के 8 ग्रहों का वर्गीकरण (दूरी के बढ़ते क्रम में): श्रेणी ग्रहों के नाम मुख्य भौतिक विशेषताएं पारंपरिक भारतीय नाम आंतरिक ग्रह (Inner Planets) बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल आकार में छोटे, चट्टानी और ठोस सतह वाले होते हैं। बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल बाह्य ग्रह (Outer Planets) बृहस्पति, शनि, अरुण (Uranus), वरुण (Neptune) आकार में बहुत बड़े (गैस और बर्फ से निर्मित)। इनके चारों ओर धूल और चट्टानों के वलय (Rings) होते हैं। बृहस्पति (गुरु), शनि ग्रहों से जुड़े विशेष खगोलीय तथ्य: प्राकृतिक उपग्रह और चंद्रमा भारत के चंद्र मिशन: क्षुद्रग्रह और धूमकेतु मंदाकिनी आकाश गंगा (The Milky Way Galaxy) ब्रह्मांड (The Universe) खगोलीय संकल्पनाओं का वर्गीकरण खगोलीय इकाई / शब्दावली मूल वैज्ञानिक परिभाषा मुख्य वैज्ञानिक महत्व आकाशगंगा अरबों तारों, गैस और धूल के कणों का एक विशाल गुरुत्वाकर्षण-बद्ध तंत्र। हमारा सौर मंडल इसके शिकारी बाहु (Orion Arm) के एक हिस्से में स्थित है। एक्सोप्लेनेट्स हमारे सूर्य के अलावा किसी अन्य तारे के चारों ओर परिक्रमण करने वाले बाहरी सौर-मंडलीय ग्रह। ब्रह्मांड में पृथ्वी से इतर जीवन की उपस्थिति और ‘रहने योग्य क्षेत्र’ (Habitable Zone) की खोज का प्राथमिक आधार। ब्रह्मांड संपूर्ण अंतरिक्ष, समय और उसमें उपस्थित समस्त पदार्थ (गैलेक्सी, तारे, परमाणु) का कुल योग। वर्तमान तकनीकी स्तर पर वैज्ञानिकों को अभी तक पृथ्वी के बाहर जीवन का कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला है। NCERT Class 6, Science Ch-9 यहाँ पढ़ें:-

करेंट अफेयर्स

18 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

18 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) द्वारा स्पाइसजेट पर ‘डार्क पैटर्न्स’ (भ्रामक डिजिटल डिज़ाइन) के उपयोग के लिए लगाया गया ₹1 लाख का जुर्माना डिजिटल गवर्नेंस और उपभोक्ता अधिकारों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार कार्यालय (OEA) ने कोर उद्योगों के सूचकांक (ICI) में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए आधार वर्ष को 2022-23 कर दिया है और ‘लौह अयस्क‘ को 9वें मूल उद्योग के रूप में शामिल किया है। कौशल विकास मंत्रालय द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्र (NER) के लिए ‘पीएम-नैप्स’ योजना के तहत अतिरिक्त ₹1,500 मासिक प्रोत्साहन के साथ विस्तार किया गया है। नीति आयोग सूचकांक: इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI) चर्चा में क्यों? नीति आयोग ने आधिकारिक तौर पर “इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स” IFI रिपोर्ट जारी की है। यह सूचकांक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के स्तर पर व्यापार और निवेश के माहौल को बेहतर बनाने, सुधारों को गति देने तथा ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक डेटा-संचालित (Data-Driven) ढांचा प्रदान करता है। सूचकांक का ढांचा, कार्यप्रणाली और महत्व 1. पृष्ठभूमि और विकास 2. सूचकांक के 8 प्रमुख स्तंभ यह इंडेक्स कुल 84 संकेतकों पर आधारित है, जिसमें प्राथमिक निवेशक सर्वेक्षण और द्वितीयक डेटा दोनों को शामिल किया गया है। मूल्यांकन इन 8 स्तंभों के तहत होता है: 3. राज्यों का वर्गीकरण और रैंकिंग प्रदर्शन विविधता को ध्यान में रखते हुए राज्यों को तीन सहकर्मी समूहों (Peer Groups) में बांटा गया है: समूह प्रथम स्थान (Rank 1) द्वितीय स्थान (Rank 2) तृतीय स्थान (Rank 3) बड़े राज्य (Large States) गुजरात महाराष्ट्र तमिलनाडु पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी राज्य उत्तराखंड असम हिमाचल प्रदेश केंद्र शासित प्रदेश और सिटी स्टेट गोवा दिल्ली चंडीगढ़ 4. इस सूचकांक का वास्तविक महत्व और लाभ प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य जारीकर्ता संस्था नीति आयोग द्वारा तैयार और जारी। घोषणा वर्ष केंद्रीय बजट 2025-26 में इस इंडेक्स को विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया था। कुल संकेतक कुल 84 संकेतक और 8 स्तंभों के आधार पर राज्यों का मूल्यांकन किया जाता है। समग्र शीर्ष राज्य समग्र रैंकिंग में गुजरात पहले, महाराष्ट्र दूसरे और तमिलनाडु तीसरे स्थान पर है। पहाड़ी राज्यों में शीर्ष उत्तराखंड पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी राज्यों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य है। ईपीएफओ ‘विश्वास, 2026’ योजना: विवाद समाधान की नई पहल चर्चा में क्यों? श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत कार्यरत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं (Employers) के लिए एक बड़ी राहत देते हुए “विश्वास, 2026” नामक एकमुश्त विवाद समाधान योजना (One-time Dispute Resolution Initiative) की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य नियोक्ताओं पर लगाए गए हर्जाने/जुर्माने से जुड़े पुराने विवादों का सौहार्दपूर्ण और त्वरित निपटारा करना है। मुख्य बिंदु: योजना का ढांचा, रियायतें और संचालन प्रक्रिया 1. विधिक पृष्ठभूमि और कार्यान्वयन अवधि 2. शामिल होने वाले मामलों की 4 श्रेणियां 3. वित्तीय रियायतें 14 जून 2024 से पहले की चूक या डिफ़ॉल्ट अवधि के लिए हर्जाने की गणना अब बेहद कम और रियायती दरों पर की जाएगी: डिफ़ॉल्ट की अवधि संशोधित रियायती दर 2 महीने तक की देरी पर 0.25% प्रति माह 2 से 4 महीने तक की देरी पर 0.50% प्रति माह 4 महीने से अधिक की देरी पर 1.00% प्रति माह 4. लाभ उठाने की अनिवार्य शर्तें और अपवर्जन 5. पूर्णतः डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु त्वरित तथ्य नोडल संगठन व मंत्रालय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार। योजना की प्रकृति एकमुश्त विवाद समाधान योजना, जो कुल 6 महीने के लिए खुली है। कट-ऑफ तिथि 14 जून 2024 से पहले की डिफ़ॉल्ट अवधियों के लिए ही रियायती दरों पर हर्जाने की गणना का लाभ मिलेगा। धारा 14B और धारा 7Q धारा 14B ईपीएफओ को डिफ़ॉल्ट पर हर्जाना (Damages) लगाने का अधिकार देती है, जबकि धारा 7Q विलंबित भुगतान पर ब्याज (Interest) से संबंधित है। मुख्य उद्देश्य मुकदमों (Litigation) को कम करना, व्यापार सुगमता बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा प्रशासन को सुदृढ़ करना। सूर्य के वायुमंडल में ‘मैग्नेटिक ट्री’ और प्लाज्मा प्रवाह की खोज चर्चा में क्यों? विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES) के नेतृत्व में भारतीय और वैश्विक वैज्ञानिकों ने सूर्य की दृश्य सतह और उसकी ऊपरी परतों के बीच एक छिपे हुए जुड़ाव की खोज की है। इस शोध ने पहली बार सूर्य के ऊपरी वायुमंडल में मध्याह्न प्रवाह (Meridional Flow) की मौजूदगी के पुख्ता सबूत दिए हैं, जो पृथ्वी पर उपग्रहों, वैश्विक संचार प्रणालियों, जीपीएस नेविगेशन नेटवर्क और पावर ग्रिड को प्रभावित करने वाले अंतरिक्ष मौसम (Space Weather) की सटीक समझ विकसित करने में मदद करेगा। शोध के प्रमुख निष्कर्ष और वैज्ञानिक महत्व 1. मध्याह्न प्रवाह क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है? 2. अनुसंधान की अनोखी कार्यप्रणाली और डेटा 3. ‘मैग्नेटिक ट्री’ (चुंबकीय वृक्ष) परिकल्पना की वास्तविक पुष्टि 4. इस खोज का व्यावहारिक और रणनीतिक महत्व प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु महत्वपूर्ण तथ्य प्रमुख सहयोगी शोध संस्थान ARIES (नैनीताल) के नेतृत्व में फिजिकल रिसर्च लैबोरेटरी (PRL), IIT दिल्ली, IIST और नासा का गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर। ऊपरी क्रोमोस्फीयर यह सूर्य की दृश्य सतह (प्रकाशमंडल/Photosphere) से लगभग 3,000 किलोमीटर ऊपर स्थित वायुमंडलीय क्षेत्र है, जहाँ यह प्रवाह खोजा गया है। प्लाज्मा प्रवाह की गति ऊपरी क्रोमोस्फीयर में प्लाज्मा प्रवाह की गति 5 से 15 मीटर प्रति सेकंड दर्ज की गई है। मुख्य डेटा स्रोत जापान का नोबेयामा रेडियोहेलियोग्राफ। शोध का प्रकाशन यह ऐतिहासिक खगोलीय शोध प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका ‘The Astrophysical Journal’ में प्रकाशित हुआ है। समाधान पोर्टल 2.0 और डिजिटल श्रम प्रशासन चर्चा में क्यों? श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों के लिए ‘समाधान पोर्टल 2.0’ पर एक व्यापक जागरूकता सत्र का सफल आयोजन किया है। नई दिल्ली के ‘श्रमेव जयते भवन’ में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से श्रमिक संघों को सशक्त बनाना तथा औद्योगिक विवादों के त्वरित निवारण तंत्र को मजबूत करना है। समाधान पोर्टल 2.0, विशेषताएं और महत्व 1. समाधान पोर्टल क्या है? 2. पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं 3.

NCERT

NCERT Notes Class 6 science Chapter 11: Nature’s Treasures

NCERT Notes Class 6 science Chapter 11: Nature’s Treasures के अंतर्गत हमारी पृथ्वी पर उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों की विशाल संपदा और मानव जीवन में उनकी अपरिहार्यता का एक तार्किक और संवेदनशील विश्लेषण प्रस्तुत करता है। हमारे भौतिक परिवेश में बिखरी हवा, पानी, मिट्टी, वन और खनिज केवल उपभोग की वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि ये प्रकृति के वे अमूल्य खजाने हैं जो पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व और संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) का आधार हैं। यह वायु और जल जैसी जीवनदायिनी संपदाओं की चक्रण प्रक्रियाओं, मृदा निर्माण के बुनियादी सिद्धांतों तथा नवीकरणीय (Renewable) और अनवीकरणीय (Non-renewable) संसाधनों के बीच के अंतर को बहुत ही व्यावहारिक स्पष्ट करता है। वायु (Air) वायु का संघटन (Composition of air) गैस का नाम (Name of Gas) वायुमंडल में प्रतिशत मात्रा (%) मुख्य तथ्य नाइट्रोजन 78% वायु में सर्वाधिक मात्रा में पाई जाने वाली अक्रिय गैस। ऑक्सीजन 21% सजीवों के जीवित रहने और श्वसन के लिए अनिवार्य गैस। आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड व अन्य 1% आर्गन एक अक्रिय गैस है, जबकि CO_2 ग्रीनहाउस गैस है। पवन ऊर्जा भारत के प्रमुख पवन ऊर्जा फार्म: जल (Water) मीठे पानी (Freshwater) की उपलब्धता और पहुँच मीठे पानी का स्रोत (Source) उपलब्धता का स्वरूप मानवीय पहुँच की स्थिति (Accessibility) हिमनद और बर्फ की चादरें ग्लेशियर और बर्फबारी के रूप में अत्यधिक कठिन (Agri-Domestic उपयोग से दूर) भूजल (Underground Water) भूगर्भीय परतों के नीचे कठिन और सीमित (पंपिंग की आवश्यकता) सतही जल निकाय नदियां, झीलें, तालाब और कुएँ आसानी से सुलभ (कुल जल का एक बहुत छोटा हिस्सा) जल की बर्बादी और संरक्षण के उपाय (Wastage and Solutions) जल प्रदूषण और संकट (Water Pollution and Scarcity) पारंपरिक जल संचयन: भारत की प्राचीन विरासत बावड़ियों की वैज्ञानिक कार्यप्रणाली: सूर्य से ऊर्जा (Energy from the Sun) खाद्य श्रृंखला और सौर ऊर्जा की निर्भरता पारिस्थितिकी (Ecology) के दृष्टिकोण से पृथ्वी पर ऊर्जा का प्रवाह पूरी तरह सौर ऊर्जा पर टिका हुआ है: आधुनिक सौर प्रौद्योगिकी और अनुप्रयोग सूर्य की ऊर्जा को दो रूपों में सीधे प्रयोग में लाया जा सकता है: वन (Forests) भारत में वन संरक्षण के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रयास भारत में प्राचीन काल से ही वनों का आदर, संरक्षण और संवर्धन करने की एक मजबूत समृद्ध परंपरा रही है: संरक्षण का प्रकार / आंदोलन काल और स्थान मुख्य विशेषता पवित्र उपवन प्राचीन काल से संपूर्ण भारत में सांस्कृतिक व धार्मिक आस्था के आधार पर संरक्षित वनों के वे छोटे हिस्से जहाँ इंसानी हस्तक्षेप और कटाई पूरी तरह वर्जित होती है। चिपको आंदोलन वर्ष 1970 के दशक की शुरुआत, उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) पर्यावरण संरक्षण के लिए आम जनता, विशेषकर स्थानीय महिलाओं का ऐतिहासिक सामूहिक प्रयास, जिसमें वे पेड़ों को कटने से बचाने के लिए उनसे चिपक (hug) जाती थीं। वन महोत्सव प्रतिवर्ष जुलाई महीने के प्रथम सप्ताह में देश भर में मनाया जाने वाला एक सप्ताह लंबा वन उत्सव, जिसका मुख्य उद्देश्य वृक्षारोपण को बढ़ावा देना और हरित आवरण (Green cover) में वृद्धि करना है। वनों में मृदा संरक्षण और प्राकृतिक पुनर्चक्रण जंगल की जमीन पर गिरने वाली सूखी पत्तियों और गीली मिट्टी का एक गहरा वैज्ञानिक चक्र होता है: मृदा, चट्टानें और खनिज (Soil, Rocks and Minerals) चट्टानों (Rocks) के प्रकार और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग चट्टान का नाम मुख्य विशेषता / अनुप्रयोग परीक्षा हेतु महत्व लैटेराइट इसका उपयोग ईंटों (Bricks) की तरह भवन निर्माण में किया जाता है। उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में निर्मित होने वाली अत्यधिक निक्षालित (Leached) मिट्टी/चट्टान। स्लेट छतों के निर्माण (Roofing) में परतदार संरचना के रूप में उपयोगी। यह एक रूपांतरित (Metamorphic) चट्टान है। ग्रेनाइट, बलुआ पत्थर व संगमरमर मकानों, मंदिरों, इमारतों, बांधों, सड़कों और टेबल टॉप के निर्माण में। बलुआ पत्थर (Sandstone) अवसादी है, जबकि संगमरमर (Marble) का खनन रूपांतरित चट्टान के रूप में होता है। प्राचीन पाषाण उपकरण हस्त-कुठार और बाणाग्र बनाने में। मानव इतिहास में हजारों साल पहले (पुरापाषाण/मध्यपाषाण काल) पत्थरों से औजार बनाए जाते थे। खनिज और धातुओं का निष्कर्षण (Minerals) जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के विभिन्न रूप व उनके उपयोग ईंधन का नाम (Fuel) स्रोत / प्राप्ति (Source) मुख्य उपयोग व पर्यावरणीय प्रभाव पेट्रोल और डीजल पेट्रोलियम (क्रूड ऑयल) से प्राप्त वाहनों (यातायात) में सबसे व्यापक रूप से उपयोग होने वाला प्राथमिक ईंधन। केरोसिन (मिट्टी का तेल) पेट्रोलियम से प्राप्त मुख्य रूप से प्रकाश और घरेलू ईंधन के रूप में प्रयुक्त। LPG (तरल पेट्रोलियम गैस) पेट्रोलियम रिफाइनिंग का उत्पाद स्वच्छ घरेलू खाना पकाने के ईंधन के रूप में कोयला, लकड़ी और उपले (Dung cakes) का स्थान ले चुका है। CNG (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) प्राकृतिक गैस का संपीड़ित रूप वाहनों में पेट्रोल/डीजल की तुलना में उपयोग होने वाला एक अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन (Cleaner Fuel)। कोयला (Coal) कार्बनिक अवशेषों का ठोस रूप भारत में मुख्य रूप से विद्युत उत्पादन (Thermal Power) में सर्वाधिक प्रयुक्त। पर्यावरणीय चुनौतियाँ और संरक्षण के उपाय प्राकृतिक संसाधन: नवीकरणीय और गैर-नवीकरणीय (Natural Resources: Renewable and Non-renewable) नवीकरणीय बनाम गैर-नवीकरणीय संसाधन: एक तुलनात्मक विश्लेषण संसाधन का प्रकार वैज्ञानिक परिभाषा मुख्य उदाहरण महत्वपूर्ण तथ्य नवीकरणीय संसाधन (Renewable) वे संसाधन जो एक उचित समय सीमा के भीतर प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा स्वतः नवीकृत, पुनर्स्थापित या पुनः भर जाते हैं। वायु (Air), जल (Water), वन (Forest) इनका अत्यधिक दोहन या प्रदूषण इनके चक्र को बाधित कर सकता है, इसलिए विवेकपूर्ण उपयोग अनिवार्य है। गैर-नवीकरणीय संसाधन (Non-renewable) वे संसाधन जो प्रकृति में सीमित मात्रा में हैं और एक बार समाप्त होने के बाद उचित समय में पुनः निर्मित नहीं हो सकते। कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, खनिज (Minerals), मिट्टी (Soil), चट्टानें (Rocks) इनके निर्माण में लाखों वर्ष लगते हैं। एक बार समाप्त होने पर ये हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे। संसाधन जिनका हम उपयोग करते हैं सतत विकास और गांधीवादी दर्शन “पृथ्वी हर मनुष्य की आवश्यकता (Need) को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन किसी भी मनुष्य के लालच (Greed) को पूरा करने के लिए नहीं।” – महात्मा गांधी NCERT Class 6, Science Ch-7 यहाँ पढ़ें:-

Scroll to Top