NCERT Notes Class 6 Social science (Geography) Chapter 10: Grassroots Democracy – Part 1 Governance के अंतर्गत भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली के सबसे निचले और महत्वपूर्ण स्तर—‘स्थानीय स्वशासन’ (Local Self-Government) या ‘तृणमूल लोकतंत्र’ की संरचना को समझने का मुख्य आधार है। लोकतंत्र केवल नई दिल्ली या राज्यों की राजधानियों से नहीं चलता, बल्कि इसकी वास्तविक ताकत देश के गांवों और कस्बों में निहित है। अध्याय इस बात पर प्रकाश डालता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक समस्याओं (जैसे पानी, सड़क, बिजली और स्वच्छता) के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर शासन व्यवस्था कैसे काम करती है। इसमें ग्राम सभा, ग्राम पंचायत और उनके विभिन्न स्तरों के साथ-साथ लोकतांत्रिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में आम नागरिकों की भागीदारी के महत्व को बहुत ही सरल और प्रभावी ढंग से समझाया गया है।
प्रस्तावना (Introduction)
- सामुदायिक जीवन की वास्तविकता: मनुष्य लंबे समय से समुदायों में रहता आया है। जब बड़ी संख्या में लोग एक साथ रहते हैं, तो आपसी असहमति और अव्यवस्था (Disagreements and disorder) होना स्वाभाविक है।
- नियमों की आवश्यकता: समाज में व्यवस्था और सामंजस्य (Order and harmony) बनाए रखने के लिए नियम अनिवार्य हैं। इसके बिना समाज का सुचारू रूप से कार्य करना असंभव है।
- विभिन्न स्तरों पर नियमों के उदाहरण:
- घर: परिवार द्वारा तय किए गए बुनियादी नियम।
- स्कूल: छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए विशिष्ट नियम।
- परीक्षा: उच्च कक्षाओं के छात्रों के लिए कड़े नियम।
- सड़क: वाहन चालकों के लिए यातायात (Traffic) नियम।
- रोजगार: नियोक्ताओं (Employers) और कर्मचारियों (Employees) के बीच आपसी प्रतिबद्धता और कार्यस्थल के नियम।
शासन और सरकार की मूल अवधारणाएँ
- शासन (Governance): निर्णय लेने, विभिन्न नियमों के माध्यम से समाज के जीवन को व्यवस्थित करने और यह सुनिश्चित करने की प्रक्रिया कि उन नियमों का पालन हो रहा है, ‘शासन’ कहलाती है।
- सरकार (Government): व्यक्तियों का वह समूह या वह प्रणाली (System) जो नियम बनाती है और उन्हें लागू करना सुनिश्चित करती है, ‘सरकार’ कहलाती है।
- कानून (Laws): समाज को व्यवस्थित करने वाले कुछ सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य नियमों को ‘कानून’ कहा जाता है।
- परिवर्तनशीलता: नियम और कानून कभी भी स्थायी नहीं होते। जैसे घर या स्कूल में नियमों को बदलने की चर्चा होती है, ठीक वैसे ही लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को भी समाज को नियंत्रित करने वाले नियमों और कानूनों में बदलाव की मांग करने या राय देने का अधिकार होता है।
सरकार के तीन अंग (Three Organs of Government)
- बदलते आयाम और साइबर अपराध: डिजिटल तकनीकों ने बैंकिंग (मनी ऑर्डर/डिमांड ड्राफ्ट से तत्काल ट्रांसफर) को आसान बनाया है, लेकिन इसने साइबर अपराध (Cybercrime) जैसी नई चुनौतियाँ भी खड़ी की हैं। इन चुनौतियों से निपटने में सरकार के तीनों अंग मिलकर काम करते हैं:

1. विधायिका (Legislature)
- कार्य: नए कानून बनाना, पुराने कानूनों में संशोधन करना या उन्हें हटाना।
- संरचना: यह जनता के प्रतिनिधियों की एक सभा (Assembly) होती है।
2. कार्यपालिका (Executive)
- कार्य: विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों को लागू (Implement) करना।
- संरचना: इसमें राज्य के प्रमुख (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री), मंत्री और कानून-व्यवस्था लागू करने वाली एजेंसियां (जैसे साइबर पुलिस) शामिल होती हैं।
3. न्यायपालिका (Judiciary)
- कार्य: यह अदालतों (Courts) की एक प्रणाली है जो यह तय करती है कि किसी ने कानून तोड़ा है या नहीं, और दोषी को सजा देती है।
- न्यायिक समीक्षा (Judicial Review – निहित अर्थ): न्यायपालिका यह भी जांच करती है कि कार्यपालिका का निर्णय सही है या नहीं, अथवा विधायिका द्वारा पारित कानून निष्पक्ष और न्यायसंगत है या नहीं।
शक्तियों का पृथक्करण (Separation of Powers): एक सुदृढ़ शासन व्यवस्था में इन तीनों अंगों को एक-दूसरे से अलग रखा जाता है। यह व्यवस्था ‘नियंत्रण और संतुलन’ (Checks and Balances) का सिद्धांत प्रदान करती है, जिससे कोई भी अंग अपनी निर्धारित सीमाओं का उल्लंघन नहीं कर पाता।
सरकार के तीन स्तर (Three Levels of Government)
भारत में शासन व्यवस्था त्रि-स्तरीय ढाँचे पर काम करती है, जिसे बाढ़ जैसी आपदा के उदाहरण से समझा जा सकता है (छोटा संकट = स्थानीय स्तर, मध्यम संकट = राज्य स्तर, विशाल संकट = केंद्र स्तर):
- केंद्रीय या संघ सरकार (Central / Union Government): राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत।
- राज्य सरकार (State Government): राज्य या क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत।
- स्थानीय सरकार (Local Government): शहर (नगरपालिका) या गाँव (पंचायत) के स्तर पर कार्यरत।

राष्ट्रीय और राज्य स्तर के अंगों का तुलनात्मक ढांचा
| अंग (Organ) | राष्ट्रीय स्तर (National Level) | राज्य स्तर (State Level) | मुख्य कार्य व विषय (Key Subjects) |
| विधायिका | संसद: दो सदन (लोकसभा और राज्यसभा) | राज्य विधानसभा (Vidhan Sabha): अधिकांश राज्यों में एक सदन, कुछ में दो। | कानून निर्माण और नीतियों का निर्धारण। |
| कार्यपालिका | राष्ट्रपति (नाममात्र प्रमुख/सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर) एवं प्रधानमंत्री (वास्तविक कार्यकारी प्रमुख)। | राज्यपाल (नाममात्र प्रमुख) एवं मुख्यमंत्री (वास्तविक कार्यकारी प्रमुख)। | केंद्र: रक्षा, विदेश मामले, परमाणु ऊर्जा, संचार, मुद्रा, अंतर्राज्यीय वाणिज्य। राज्य: पुलिस (कानून-व्यवस्था), सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सिंचाई, स्थानीय सरकार। |
| न्यायपालिका | सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) | उच्च न्यायालय (High Court) | कानूनों की व्याख्या और न्याय प्रशासन (All India Structure)। |
- नोट (नाममात्र प्रमुख – Nominal Head): राष्ट्रपति और राज्यपाल केवल नाममात्र के प्रमुख होते हैं। वे सामान्य परिस्थितियों में शासन के दैनिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करते हैं।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (Dr. A.P.J. Abdul Kalam)
- जीवन परिचय: तमिलनाड के रामेश्वरम में 1931 में एक साधारण परिवार में जन्म। भारत के अंतरिक्ष, मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका के कारण उन्हें ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ कहा गया।
- संवैधानिक पद: उन्होंने 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में सेवा की।
- महत्व (UPSC Ethics/Essay Context): उन्होंने साबित किया कि राष्ट्रपति का पद नाममात्र का होने के बावजूद, अपनी सादगी, शिक्षा और नवाचार के प्रति समर्पण से करोड़ों युवाओं को प्रेरित कर समाज पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डाला जा सकता है।
कलाम के मुख्य प्रेरक विचार
- असफलता पर: “FAIL का अर्थ है- First Attempt In Learning (सीखने का पहला प्रयास)। END का अर्थ है- Effort Never Dies (प्रयास कभी नहीं मरता)। NO का अर्थ है- Next Opportunity (अगला अवसर)।”
- सफलता के चार नियम: महान लक्ष्य (Great aim), ज्ञान अर्जन (Acquiring knowledge), कड़ी मेहनत (Hard work), और दृढ़ता (Perseverance)।
- सपनों पर: “सपने वो नहीं जो आप सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो आपको सोने नहीं देते।”
लोकतंत्र (Democracy)
- शाब्दिक अर्थ: ‘डेमोक्रेसी’ शब्द की उत्पत्ति दो ग्रीक शब्दों से हुई है:
- डेमोस: इसका अर्थ है ‘लोग’ (People)।
- क्रैटोस: इसका अर्थ है ‘शासन’ या ‘शक्ति’ (Rule or Power)।
- निष्कर्ष: इसका सीधा और लिटरल अर्थ है ‘जनता का शासन’ (Rule of the people)।
1. प्रतिनिधि लोकतंत्र (Representative Democracy)
- मूल सिद्धांत: चूंकि व्यावहारिक रूप से सभी लोग एक साथ सीधे शासन नहीं चला सकते (जैसे स्कूल प्रिंसिपल से मिलने पूरी क्लास के बजाय एक ‘क्लास मॉनिटर’ या प्रतिनिधि जाता है), इसलिए जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनती है।
- प्रमुख जनप्रतिनिधि:
- राज्य स्तर पर: इन्हें विधानसभा सदस्य या विधायक (MLA – Member of Legislative Assembly) कहा जाता है।
- राष्ट्रीय स्तर पर: इन्हें संसद सदस्य या सांसद (MP – Member of Parliament) कहा जाता है।
- कार्यप्रणाली: ये चुने हुए प्रतिनिधि अपनी-अपनी सभाओं (Assemblies) में बहस, संवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से कानून बनाते हैं और समस्याओं का समाधान ढूंढते हैं।
- भारतीय संदर्भ: भारत एक प्रतिनिधि लोकतंत्र है। इसके साथ ही यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। वर्ष 2024 के आम चुनावों में भारत में लगभग 970 मिलियन (97 करोड़) पंजीकृत मतदाता थे।
- मताधिकार की पात्रता: भारत में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को चुनावों में भाग लेने (मतदान करने) का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
2. प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy)
- मूल सिद्धांत: जब किसी निर्णय को लेने के लिए बीच में किसी प्रतिनिधि की आवश्यकता नहीं होती और समाज या समूह का प्रत्येक व्यक्ति सीधे अपनी राय या वोट देता है, तो उसे प्रत्यक्ष लोकतंत्र कहते हैं।
- उदाहरण: कक्षा में पिकनिक स्थल (स्थान A या B) चुनने के लिए सभी छात्रों द्वारा सीधे हाथ उठाकर (Voting) बहुमत से फैसला करना इसका व्यावहारिक उदाहरण है।
3. ग्रासरूट डेमोक्रेसी (जमीनी लोकतंत्र)
- परिभाषा: यह एक ऐसी शासन प्रणाली है जो पिरामिड के सबसे निचले स्तर पर मौजूद आम नागरिकों की सीधी भागीदारी को सक्षम और प्रोत्साहित करती है।
- महत्व: इसमें नागरिकों को उन सभी निर्णयों में अपनी बात रखने का सीधा अधिकार होता है जो उनके दैनिक जीवन और स्थानीय क्षेत्र को प्रभावित करते हैं (जैसे पंचायती राज और स्थानीय निकाय)।
त्वरित प्रीलिम्स रिवीजन
| लोकतंत्र का प्रकार | कोर फैक्ट / अर्थ | भारत में व्यावहारिक रूप |
| Representative Democracy | जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों (MPs/MLAs) के माध्यम से शासन। | भारत का राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विधायी ढांचा। |
| Direct Democracy | नीतिगत निर्णयों में प्रत्येक नागरिक की सीधी और तत्काल भागीदारी। | ग्राम सभा की बैठकें (स्थानीय स्तर पर आंशिक रूप)। |
| Grassroots Democracy | पिरामिड के सबसे निचले स्तर (आम जनता) का सशक्तिकरण। | 73वें और 74वें संविधान संशोधन द्वारा स्थापित स्थानीय स्वशासन। |
| Universal Suffrage | बिना किसी भेदभाव के 18 वर्ष से ऊपर सभी को मतदान का हक। | भारतीय लोकतांत्रिक चुनावों का मुख्य आधार स्तंभ। |