NCERT Notes Class 6 science Chapter 7: Temperature and its Measurement के अंतर्गत मानव शरीर का तापमान मापने वाले क्लिनिकल थर्मामीटर और वैज्ञानिक प्रयोगों में प्रयुक्त होने वाले प्रयोगशाला (Laboratory) थर्मामीटर—के कार्य सिद्धांतों और उनके उपयोग की सावधानियों को समझाता है। इसके साथ ही, यह पारे (Mercury) के तापीय विस्तार और सेल्सियस (C) जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत पैमानों के बुनियादी नियमों को भी स्पष्ट करता है
गर्म या ठंडा? (Hot or Cold?)
- स्पर्श इंद्रियों की सीमाएं (Limitations of Sense of Touch): हम आमतौर पर किसी वस्तु को छूकर यह अनुमान लगाते हैं कि वह गर्म है या ठंडी। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से हमारी स्पर्श इंद्रियाँ (Sense of touch) तापमान का सटीक और विश्वसनीय मापन नहीं कर सकतीं।
- भ्रम का वैज्ञानिक कारण: जब हम अपने एक हाथ को गर्म पानी (पात्र A) में और दूसरे हाथ को बर्फ जैसे ठंडे पानी (पात्र C) में 2 मिनट तक रखते हैं, और फिर दोनों हाथों को एक साथ सामान्य नल के पानी (पात्र B) में डालते हैं, तो:
- दायाँ हाथ (जो गर्म पानी में था): उसे वही सामान्य पानी ठंडा महसूस होता है।
- बायाँ हाथ (जो ठंडे पानी में था): उसे वही सामान्य पानी गर्म महसूस होता है।
- निष्कर्ष: एक ही समय पर एक ही पानी हमारे दोनों हाथों को अलग-अलग महसूस होता है। इससे प्रमाणित होता है कि केवल छूकर किसी व्यक्ति के बुखार या किसी वस्तु के सटीक तापमान का सही निर्णय नहीं लिया जा सकता।
ऊष्मा की अनुभूति और व्यावहारिक उदाहरण
| स्थिति / माध्यम (Medium) | तापमान की सापेक्षिक स्थिति (Relative Temperature) | व्यावहारिक पक्ष |
| मटके का पानी | ठंडा (Cool) | मिट्टी के घड़े के सूक्ष्म छिद्रों से होने वाले वाष्पीकरण (Evaporation) के कारण पानी ठंडा रहता है। |
| गर्मियों में नल का पानी | गर्म (Hotter) | वायुमंडलीय उच्च तापमान और सौर विकिरण के सीधे संपर्क के कारण। |
| रेफ्रिजरेटर का पानी | अत्यधिक ठंडा (Cold) | कृत्रिम शीतलन (Artificial cooling) प्रणाली द्वारा ऊष्मा को बाहर निकालने के कारण। |
तापमान (Temperature)
- परिभाषा: किसी वस्तु के गर्म होने (या ठंडे होने) के विश्वसनीय माप को उसका ‘तापमान’ कहा जाता है। गर्म वस्तु का तापमान ठंडी वस्तु की तुलना में अधिक होता है।
- तापमापी (Thermometer): तापमान मापने वाले उपकरण को थर्मामीटर कहते हैं। यह मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है:
- क्लिनिकल थर्मामीटर: मानव शरीर का तापमान मापने के लिए।
- प्रयोगशाला थर्मामीटर: वैज्ञानिक अनुसंधान और अन्य औद्योगिक/प्रायोगिक कार्यों के लिए।
तापमान का मापन (Clinical thermometer)
- डिजिटल क्लिनिकल थर्मामीटर: ये थर्मामीटर बैटरी से चलते हैं और तापमान को डिजिटल स्क्रीन पर दिखाते हैं। इनमें तापमान का निर्धारण ऊष्मा सेंसर (Heat sensors) की मदद से किया जाता है।

- पारे (Mercury) का प्रतिस्थापन: पहले पारे वाले थर्मामीटर का उपयोग होता था, लेकिन पारा (Hg) एक अत्यंत विषाक्त (Toxic) पदार्थ है, जिसके टूटने पर सुरक्षित निपटान कठिन होता है। डिजिटल थर्मामीटर में ऐसा कोई जोखिम नहीं होता और इसे पढ़ना भी आसान होता है।
- इन्फ्रारेड/नॉन-कॉन्टैक्ट थर्मामीटर: कोविड-19 महामारी के दौरान लोकप्रिय हुए ये थर्मामीटर बिना शरीर को छुए दूरी से ही अवरक्त विकिरणों (Infrared rays) की मदद से तापमान माप लेते हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाता है।
मानव शरीर का तापमान और तकनीकी बारीकियां (Human Body Temperature)
| मापन पैरामीटर | वैज्ञानिक मान / तथ्य | व्यावहारिक एवं जैविक कारक (Biological Factors) |
| सामान्य तापमान | 37.0 C या 98.6 F | यह बड़ी संख्या में स्वस्थ लोगों का औसत (Average) है। एक स्वस्थ व्यक्ति का तापमान इससे थोड़ा कम या अधिक हो सकता है। |
| मानव शरीर की सीमा | 35 C से 42 C | सामान्य परिस्थितियों में मानव शरीर का तापमान इस सीमा से बाहर नहीं जाता है। |
| बगल (Armpit) से मापन | 0.5 C से 1 C कम | छोटे बच्चों या बुजुर्गों के लिए जीभ के स्थान पर बगल से मापने पर तापमान वास्तविक शरीर के तापमान से थोड़ा कम आता है। |
| तापमान को प्रभावित करने वाले कारक | आयु, दिन का समय, शारीरिक गतिविधि | सामान्यतः छोटे बच्चों का तापमान वयस्कों से थोड़ा अधिक और वृद्धों का थोड़ा कम हो सकता है। |
तापमान के पैमाने और अंतर्राष्ट्रीय मानक नियम
- तीन प्रमुख पैमाने: सेल्सियस C, फ़ारेनहाइट Fऔर केल्विन K।
- एस.आई. इकाई (SI Unit): तापमान की मानक अंतर्राष्ट्रीय (SI) इकाई केल्विन है, जिसका प्रतीक चिन्ह K है।
- केल्विन पैमाने का नियम: केल्विन K के साथ कभी भी डिग्री का चिन्ह नहीं लगाया जाता (जैसे: 273 K सही है, 273 K लिखना गलत है)।
- इकाई रूपांतरण सूत्र (Conversion Formula): Temperature in Kelvin (K)} = Temperature in Celsius C+ 273.15
- लेखन मानक (Writing Rules):
- पूर्ण नाम लिखते समय ‘kelvin’ का ‘k’ हमेशा छोटा (lower-case) होगा, जबकि ‘degree Celsius’ और ‘degree Fahrenheit’ में ‘C’ और ‘F’ बड़े (capital) होंगे।
- प्रतीकों K C F के बाद कोई फुल स्टॉप नहीं लगाया जाता।
- संख्या और इकाई के बीच एक स्पेस छोड़ना अनिवार्य है (जैसे: 37 C न कि 37C।
प्रयोगशाला थर्मामीटर (Laboratory thermometer)
- संरचना (Structure): यह एक लंबी, संकीर्ण और समान व्यास वाली सीलबंद कांच की नली होती है, जिसके एक सिरे पर बल्ब (Bulb) होता है जिसमें द्रव भरा रहता है।
- उपयोग किए जाने वाले द्रव (Liquids Used): इसमें सामान्यतः अल्कोहल (जिसे आसानी से देखने के लिए लाल रंग से रंगा जाता है) या पारा (Mercury) भरा जाता है।
- तापमान सीमा (Range): प्रयोगशाला थर्मामीटर की सामान्य तापमान सीमा 10 C से 110 C तक होती है।
- अल्पतमांक (Least Count): यदि मुख्य पैमानों (जैसे 0 C और 10 C के बीच 10 उप-विभाजन (Divisions) हैं, तो इसका अल्पतमांक (सबसे छोटा माप) 1 C होगा।
प्रयोगशाला थर्मामीटर के उपयोग के मानक नियम
| उपयोग के चरण / सावधानियां | वैज्ञानिक प्रक्रिया | महत्वपूर्ण कारण |
| सीधा रखना (Orientation) | थर्मामीटर को हमेशा बिल्कुल लंबवत (Vertically) सीधा पकड़ें, इसे कभी झुकाएं नहीं। | झुकाने से नली में द्रव के स्तंभ (Liquid column) का पाठ्यांक प्रभावित हो सकता है। |
| बल्ब की स्थिति (Bulb Placement) | थर्मामीटर का बल्ब बर्तन के तल (Bottom) या दीवारों (Sides) को नहीं छूना चाहिए। | यदि बल्ब बर्तन की सतह को छुएगा, तो यह द्रव के बजाय सीधे पात्र का तापमान मापने लगेगा। |
| रीडिंग का समय (Reading Protocol) | तापमान का पाठ्यांक हमेशा द्रव में डूबे रहने के दौरान ही लें। | जैसे ही थर्मामीटर को पानी से बाहर निकाला जाता है, हवा के संपर्क में आने से द्रव का स्तर तुरंत गिरने लगता है। |
| दृष्टि रेखा (Line of Sight) | पाठ्यांक लेते समय आँख को द्रव स्तंभ के ठीक समानांतर (Direct line) रखना चाहिए। | टेढ़ा देखने से लंबन त्रुटि (Parallax Error) होती है, जिससे पाठ्यांक अशुद्ध हो जाता है। |
अवस्था परिवर्तन और ऊष्मागतिकी के नियम
- अवस्था परिवर्तन के दौरान नियत तापमान (Constant Temperature):
- बर्फ के पिघलने (Melting of ice) के दौरान उसका तापमान लगातार स्थिर बना रहता है।
- पानी के उबलने (Boiling of water) के दौरान भी उसका तापमान तब तक स्थिर रहता है जब तक वह पूरी तरह वाष्प में न बदल जाए।

- वैज्ञानिक कारण (UPSC Core): इसे गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) कहा जाता है, जहाँ दी जाने वाली ऊष्मा तापमान बढ़ाने के बजाय अणुओं के बीच के बंधनों को तोड़ने (अवस्था बदलने) में खर्च होती है।
वायु का तापमान (Air temperature)
- कमरे का तापमान (Room Temperature): स्कूलों, प्रयोगशालाओं, और अस्पतालों की दीवारों पर टंगे थर्मामीटर कमरे के औसत वायु तापमान (Ambient temperature) का अनुमान प्रदान करते हैं।
- मौसम रिपोर्ट (Weather Reports): दैनिक मौसम रिपोर्टों में प्रतिदिन का अधिकतम (Maximum) और न्यूनतम (Minimum) वायु तापमान दर्ज किया जाता है।
- दिन का अधिकतम तापमान सामान्यतः दोपहर के समय और न्यूनतम तापमान सुबह तड़के (Early morning) दर्ज किया जाता है।
🇮🇳 वैज्ञानिक योगदान: अन्ना मणि
- परिचय: अन्ना मणि (1918-2001) एक महान भारतीय भौतिक विज्ञानी और मौसम विज्ञानी थीं, जिन्हें ‘वेदर वुमन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है।
- स्वदेशीकरण: उन्होंने मौसम संबंधी मापन के लिए दर्जनों उपकरणों का आविष्कार और स्वदेशी निर्माण किया। इससे भारत की मौसम उपकरणों के आयात के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता समाप्त हुई (आत्मनिर्भर भारत की प्रारंभिक नींव)।
- अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy): उन्होंने भारत में पवन ऊर्जा (Wind energy) और सौर ऊर्जा (Solar energy) की व्यावहारिक संभावनाओं का गहन अध्ययन किया। उनके इसी प्रारंभिक शोध और डेटाबेस के कारण आज भारत अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक लीडर्स में से एक है।