2 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सुदृढ़ करने और युवा भागीदारी को बढ़ावा देने वाले ‘प्रोजेक्ट सारथी’ (अस्पतालों में युवा स्वयंसेवकों का सहयोग), युवाओं को भविष्य की तकनीकों से लैस करने हेतु स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) एवं AI कौशल विकास पहल, शहरी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत भलस्वा डंपसाइट निरीक्षण और लेगेसी वेस्ट रेमेडिएशन (Legacy Waste Remediation), राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को प्रदान किए गए लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026, तथा भारत को वैश्विक खेल शक्ति बनाने के लक्ष्य हेतु खेलो इंडिया योजना व राष्ट्रीय खेल परिसंघों (NSFs/ANSF) में ढांचागत सुधारों के रोडमैप का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
प्रोजेक्ट सारथी: अस्पतालों में युवा स्वयंसेवकों का सहयोग
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएं, स्वास्थ्य क्षेत्र की सरकारी पहलें, ‘माय भारत’ पोर्टल।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2): स्वास्थ्य से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन; ई-गवर्नेंस एवं डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (ABHA ID); नागरिक सहभागिता (Community Participation)।
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा और युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के प्रमुख अस्पतालों में प्रोजेक्ट सारथी का विस्तार करना था। यह पहल पीजीआईएमईआर (PGIMER), चंडीगढ़ में एक सफल मॉडल साबित हुई है। अब इसे केंद्र सरकार के सभी बड़े अस्पतालों (जैसे AIIMS, RML, सफदरजंग, LHMC) में लागू करने की योजना है।
मुख्य बिंदु: उद्देश्य, कार्यप्रणाली और प्रभाव
1. प्रोजेक्ट सारथी क्या है?
- मूल अवधारणा: यह एक युवा-नेतृत्व वाली मरीज सहायता पहल है।
- उद्देश्य: अस्पतालों में प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों के जरिए मरीजों को गैर-चिकित्सकीय सहायता (Non-clinical support) प्रदान करना।
- सीधा फायदा: इससे मरीज को अस्पताल में भटकना नहीं पड़ता और डॉक्टर केवल इलाज पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।
2. स्वयंसेवकों की भूमिका
- नेविगेशन व व्हीलचेयर सहायता: मरीज को सही विभाग तक पहुंचाना और व्हीलचेयर/स्ट्रैचर की व्यवस्था करना।
- लैब व डायग्नोस्टिक मार्गदर्शन: टेस्ट और जांच केंद्रों की जानकारी देना।
- डिजिटल मदद: मरीजों के लिए आभा आईडी बनाने में सहायता करना।
- सुरक्षा नियम: ये स्वयंसेवक कोई भी डॉक्टरी या प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे।
3. PGIMER चंडीगढ़ मॉडल के परिणाम
- स्वयंसेवक सहभागिता: 2,500 से अधिक स्वयंसेवकों ने 1.5 लाख से अधिक घंटे की सेवा दी।
- समय की बचत: कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अध्ययन के अनुसार, सहायता प्राप्त मरीजों का नेविगेशन समय 26% कम हो गया।
4. ‘माय भारत’ के साथ एकीकरण
- यह योजना युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के MY Bharat प्लेटफॉर्म से जुड़ी है।
- डिजिटल माध्यम से ही स्वयंसेवकों का पंजीकरण, उपस्थिति और मरीजों का फीडबैक दर्ज किया जाएगा।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| पहल का नाम | प्रोजेक्ट सारथी। |
| संबद्ध मंत्रालय | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय + युवा मामले एवं खेल मंत्रालय। |
| संबद्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म | माय भारत और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)। |
| सफल पायलट मॉडल | PGIMER, चंडीगढ़। |
| प्रमुख कार्य | गैर-चिकित्सकीय मार्गदर्शन, ABHA ID निर्माण और व्हीलचेयर सहायता। |
| मरीज समय बचत | अस्पताल नेविगेशन समय में 26% की कमी। |
स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) और AI कौशल विकास पहल
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएं, ई-गवर्नेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), और प्रमुख सरकारी योजनाएं।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2 & 3): मानव संसाधन, कौशल विकास से जुड़े सामाजिक मुद्दे, भारतीय अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन, और उभरती प्रौद्योगिकियां (AI/ML) का प्रयोग।
चर्चा में क्यों?
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने राज्यसभा में स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) की प्रगति और AI कौशल विकास पहलों की जानकारी साझा की। सरकार के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि देश का कौशल ढांचा अब पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और AI-रेडी बनने की राह पर है।
मुख्य बिंदु: SIDH का ढांचा, SOAR और PMKVY 4.0 के तहत AI प्रशिक्षण
1. स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) क्या है?
- लॉन्च तिथि: इसे 13 सितंबर 2023 को लॉन्च किया गया था।
- मूल पहचान: यह कौशल पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) है।
- एकीकृत मंच: यह ट्रेनिंग, असेसमेंट, सर्टिफिकेशन, रोजगार और उद्यमिता सेवाओं को एक जगह लाता है।
- मोबाइल-फर्स्ट अप्रोच: इसे मोबाइल-फर्स्ट प्लेटफॉर्म के रूप में बनाया गया है।
- इंटरऑपरेबिलिटी: यह नेशनल करियर सर्विस (NCS), ई-श्रम, डिजीलॉकर और भाषिणी (BHASHINI) जैसे सरकारी प्लेटफार्मों से सीधे जुड़ा है।
2. पारदर्शिता और सार्वजनिक पहुंच
- नामांकन से लेकर प्रमाण पत्र जारी करने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल है।
- जनता की पहुंच के लिए SIDH पर विभिन्न योजनाओं के सार्वजनिक डैशबोर्ड उपलब्ध हैं।
3. SOAR पहल (Skilling for AI Readiness)
- MSDE ने जुलाई 2025 में ‘SOAR’ पहल शुरू की थी।
- उद्देश्य: शिक्षार्थियों और शिक्षकों में AI के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
- चरण-II विस्तार: इसके दूसरे चरण में NSQF-अलाइन 50 AI पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं, जिनमें कई क्षेत्रों में 35 क्रेडिट-लिंक्ड माइक्रो-क्रेडेंशियल शामिल हैं।
4. PMKVY 4.0 में AI का एकीकरण
- PMKVY 4.0 के तहत मशीन लर्निंग, जनरेटिव AI, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन और डेटा एनालिटिक्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- 30 जून 2026 तक का रिपोर्ट कार्ड: 53,449 उम्मीदवार नामांकित हुए, 39,104 प्रशिक्षित हुए, 28,345 का मूल्यांकन हुआ और 25,466 उम्मीदवार प्रमाणित किए गए।
5. ITIs और NSTIs में तकनीकी साझेदारी
- महानिदेशालय प्रशिक्षण (DGT) ने ‘भारत स्किल्स’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से AI ट्रेनिंग देने के लिए माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी प्रमुख टेक कंपनियों के साथ साझेदारी की है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| प्लेटफॉर्म का नाम | स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH)। |
| नोडल मंत्रालय | कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE)। |
| लॉन्च वर्ष | 13 सितंबर 2023 (DPI के रूप में)। |
| संबंधित AI पहल | SOAR (Skilling for AI Readiness – जुलाई 2025)। |
| प्रमुख इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म | NCS, eShram, DigiLocker, BHASHINI। |
| निजी भागीदार (DGT) | माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और आईबीएम (IBM)। |
भलस्वा डंपसाइट निरीक्षण और लेगेसी वेस्ट रेमेडिएशन
- प्रारंभिक परीक्षा: पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U 2.0), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): पर्यावरण प्रदूषण, क्षरण और अपशिष्ट प्रबंधन; शहरीकरण की चुनौतियां और सतत विकास।
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली स्थित भलस्वा डंपसाइट का ऑन-साइट निरीक्षण कर लेगेसी वेस्ट (पुराने कचरे) के निस्तारण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सूचित किया कि 31 जुलाई 2026 तक साइट पर 99.07 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का सफलतापूर्वक बायो-रेमेडिएशन किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य कचरे के मुख्य ढेर को 15 अक्टूबर 2026 तक और मार्च 2026 तक जमा हुए अवशेषों को 31 दिसंबर 2026 तक पूरी तरह साफ करने का है।
मुख्य बिंदु: भलस्वा डंपसाइट की स्थिति और निर्देश
1. लेगेसी वेस्ट की वर्तमान स्थिति
- 31 जुलाई 2026 तक की प्रगति: भलस्वा में 99.07 लाख मीट्रिक टन (MT) लेगेसी वेस्ट का सफल निस्तारण किया जा चुका है।
- अंतिम समय सीमा (Deadline): कचरे के बचे हुए ढेर को 15 अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह साफ करने की योजना है।
- मार्च 2026 तक जमा कचरा: मार्च 2026 तक एकत्र हुए कचरे का निस्तारण 31 दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
2. ताजा कचरे के प्रसंस्करण पर निर्देश
- केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि लैंडफिल साइट पर रोजाना आने वाले ताजा कचरे के प्रोसेसिंग कार्य में तेजी लाई जाए।
- नए कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण तुरंत होने से लेगेसी वेस्ट सफाई का काम बिना किसी रुकावट के तेजी से पूरा हो सकेगा।
3. स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 का लक्ष्य
- आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) का लक्ष्य शहरों को डंपसाइट-मुक्त (Garbage-Free Cities) बनाना है।
- भलस्वा जैसे विशाल कचरे के पहाड़ों को समाप्त करना दिल्ली और एनसीआर में वायु व भूमि प्रदूषण को रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| स्थल का नाम | भलस्वा डंपसाइट (उत्तरी दिल्ली)। |
| नोडल मंत्रालय | आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA)। |
| कार्यान्वयन एजेंसी | दिल्ली नगर निगम (MCD)। |
| निस्तारित लेगेसी वेस्ट | 99.07 लाख मीट्रिक टन (31 जुलाई 2026 तक)। |
| मुख्य लक्ष्य तिथि | 15 अक्टूबर 2026 (मुख्य कचरा ढेर सफाई हेतु)। |
| संबंधित राष्ट्रीय मिशन | स्वच्छ भारत मिशन – शहरी 2.0 (SBM-U 2.0)। |
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026: अजीत डोभाल सम्मानित
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की घटनाएं, प्रमुख व्यक्तित्व और पुरस्कार, आधुनिक भारतीय इतिहास (स्वतंत्रता संग्राम)।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 1 & 3): आधुनिक भारतीय इतिहास: लोकमान्य तिलक का योगदान; भारत की आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा चुनौतियां; राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र और बहु-एजेंसी केंद्र (MAC)।
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुणे (महाराष्ट्र) में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को ‘लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया। यह अवसर लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि का था। पुरस्कार समारोह के दौरान गृह मंत्री ने सुरक्षा तंत्र में डोभाल के योगदान और तिलक महाराज के ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ के विचारों को रेखांकित किया।
मुख्य बिंदु: लोकमान्य तिलक का विचार, अजीत डोभाल का योगदान और सुरक्षा तंत्र
1. लोकमान्य तिलक का राष्ट्रवाद और वैचारिक योगदान
- सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: स्वतंत्रता आंदोलन में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की नींव रखी और पूर्ण स्वराज के लिए जन-जागरण किया।
- पत्रकारिता एवं शिक्षा: ‘केसरी’ (मराठी) और ‘द मराठा’ (अंग्रेजी) समाचार पत्रों का संपादन किया। पुणे में डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी और फर्ग्यूसन कॉलेज की स्थापना की।
- भगवद्गीता का व्यावहारिक संदेश: गीता की व्यावहारिक व्याख्या प्रस्तुत कर युवाओं को कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
2. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का योगदान
- सबसे लंबा कार्यकाल: भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA)।
- मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC): भारत के आंतरिक सुरक्षा तंत्र की रीढ़ कहे जाने वाले ‘मल्टी एजेंसी सेंटर’ (MAC) के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में मजबूत नींव रखी।

- पूर्वोत्तर, J&K और खुफिया सेवाएं: पूर्वोत्तर, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और पाकिस्तान (6 वर्ष) में खुफिया अधिकारी के रूप में असाधारण सेवाएं दीं।
- सैन्य आधुनिकीकरण: सशस्त्र बलों में आधुनिक तकनीक, रक्षात्मक क्षमता और आक्रामक तैयारियों को एकीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
3. अन्य महत्वपूर्ण संदर्भ
- गृह मंत्री ने प्रसिद्ध समाज सुधारक और लेखक अन्नाभाऊ साठे की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| पुरस्कार का नाम | लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026। |
| पुरस्कार प्राप्तकर्ता | अजीत डोभाल (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार)। |
| आयोजन स्थल व तिथि | पुणे, महाराष्ट्र (1 अगस्त 2026 – तिलक जी की 106वीं पुण्यतिथि)। |
| तिलक जी के समाचार पत्र | केसरी (मराठी) एवं द मराठा (अंग्रेजी)। |
| तिलक जी द्वारा स्थापित संस्थान | डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी, फर्ग्यूसन कॉलेज, न्यू इंग्लिश स्कूल। |
| सुरक्षा संस्थान (MAC) | मल्टी एजेंसी सेंटर (स्थापना में अजीत डोभाल की मुख्य भूमिका)। |
खेलो इंडिया योजना और ANSF में सुधार: भारत को ग्लोबल स्पोर्ट्स पावरहाउस बनाने का रोडमैप
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएं, खेल नीति, सरकारी योजनाएं और पहल।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2 & 3): मानव संसाधन विकास, खेल नीति (Khelo Bharat Niti 2025), युवा विकास, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और गवर्नेंस में डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग।
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पुनर्गठित खेलो इंडिया योजना और राष्ट्रीय खेल संघों को सहायता (ANSF) योजना के विस्तार को मंजूरी दे दी है। वर्ष 2026-27 से 2030-31 के लिए कुल ₹36,441 करोड़ का वित्तीय परिव्यय आवंटित किया गया है। यह फैसला स्वतंत्रता के बाद का भारत का सबसे बड़ा खेल विकास कार्यक्रम है। यह योजना भारत की ‘खेलो भारत नीति 2025’, NEP 2020 और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी से सीधे जुड़ी है।
मुख्य बिंदु: रणनीतिक स्तंभ, नई पहलें और संस्थागत ढांचा
1. वित्तीय परिव्यय और दृष्टिकोण
- बजट विस्तार: नया बजट पिछली खेलो इंडिया योजना से लगभग 8 गुना अधिक है।
- विज़न: 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और भविष्य के ओलंपिक/पैरालिंपिक खेलों के लिए खिलाड़ियों की मजबूत पौध तैयार करना।
2. एथलीट विकास और नई पहलें
- E-KIAs श्रेणी: मौजूदा ‘खेलो इंडिया एथलीट्स’ (KIAs) के साथ ‘इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट्स’ (E-KIAs) नामक नई श्रेणी जोड़ी गई है। इससे एथलीट पूल 10 गुना तक बढ़ जाएगा।
- स्कूल-स्तरीय एकीकरण: स्कूल खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए दो नए संस्थान- खेलो इंडिया फीडर स्कूल्स (KIFS) और खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय (KIUV) शुरू किए जा रहे हैं।
- स्पष्ट प्रगति मार्ग (Progression Pathway): जमीनी प्रतियोगिताओं से खेलो इंडिया और फिर सीधे TOPS (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) तक पहुंचने का एक पारदर्शी रास्ता तैयार किया गया है।
3. संस्थागत व तकनीकी ढांचा
- कोचिंग मानक: कोचों की योग्यता और गुणवत्ता मानकीकृत करने के लिए राष्ट्रीय कोच प्रत्यायन बोर्ड (NCAB) की स्थापना की जाएगी।
- एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म: एथलीट डेटाबेस, कोचिंग रिसोर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट असेसमेंट के लिए एक ही डिजिटल डेटा प्लेटफॉर्म बनेगा।
- संबद्ध संस्थाएं: इसमें नेशनल सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (NCOEs), खेलो इंडिया सेंटर्स (KICs) और सशस्त्र बलों की यूथ स्पोर्ट्स कंपनियां (YSCs) मिलकर काम करेंगी।
4. समावेशी खेल और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग (ANSF)
- महिला एथलीटों, पैरा-एथलीटों, पारंपरिक/स्वदेशी खेलों (Indigenous Sports) और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच पर विशेष जोर।
- ANSF योजना के तहत ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के साथ खेल सहयोग बढ़ाना और भारतीय स्वदेशी खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना शामिल है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| कुल आवंटित बजट | ₹36,441 करोड़ (2026-27 से 2030-31 तक)। |
| संबंधित नीतियां | खेलो भारत नीति 2025 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020। |
| नया एथलीट वर्ग | इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट्स (E-KIAs)। |
| स्कूली खेल पहलें | Khelo India Feeder Schools (KIFS) और Khelo India Utkrishta Vidyalayas (KIUV)। |
| कोचिंग नियामक संस्था | राष्ट्रीय कोच प्रत्यायन बोर्ड (NCAB)। |
| शीर्ष ओलंपिक योजना | TOPS (Target Olympic Podium Scheme)। |