भारत के विशाल भू-भाग का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा इसके Indian Islands and Island Groups (भारतीय द्वीप एवं द्वीप समूह) हैं, जो बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में मोतियों की तरह बिखरे हैं। इनमें जहाँ बंगाल की खाड़ी में स्थित अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह अपनी विवर्तनिक और पर्वतीय उत्पत्ति के साथ भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी समेटे हुए है, वहीं अरब सागर का लक्षद्वीप समूह अपनी अद्भुत प्रवाल भित्तियों (मूंगे के द्वीपों) के लिए विश्व प्रसिद्ध है। सामरिक, सांस्कृतिक और जैविक दृष्टि से समृद्ध ये द्वीप समूह भारत की तटीय और समुद्री सीमा को अद्वितीय विविधता प्रदान करते हैं।
द्वीप, द्वीप समूह एवं भारतीय द्वीप
बुनियादी परिभाषाएँ
- द्वीप समूह: किसी सागर, महासागर या झील में स्थित द्वीपों की श्रृंखला को ‘द्वीप समूह’ कहते हैं। भारत के अण्डमान-निकोबार व लक्षद्वीप इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
- द्वीप: स्थलमण्डल के ऐसे भाग होते हैं जिनके चारों ओर सागरीय जल का प्रसार होता है। ये मुख्य रूप से समुद्र में जलमग्न पर्वतों के भाग होते हैं।
भारत के द्वीपीय भाग: एक विहंगम दृष्टि
- कुल संख्या: भारत में कुल 1000 से अधिक द्वीप हैं जो बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में स्थित हैं।
- भौगोलिक उत्पत्ति के आधार पर वर्गीकरण:
- बंगाल की खाड़ी के द्वीप: म्यांमार की अराकान योमा की विस्तारित निमज्जित (डूबी हुई) श्रेणी के शिखर हैं।
- अरब सागर के द्वीप: ये प्रवाल भित्तियों (Coral Reefs) के जमाव हैं, जो ज्वालामुखी द्वीपों पर संग्रहीत हैं।
- अपतटीय द्वीप (Offshore Islands): इसके अतिरिक्त गंगा के मुहाने, मन्नार की खाड़ी एवं पूर्वी और पश्चिमी तटों के सहारे डेल्टा जमाओं से निर्मित कई अपतटीय द्वीप स्थित हैं।
1. अण्डमान निकोबार द्वीप समूह (बंगाल की खाड़ी)
स्थिति, विस्तार एवं क्षेत्रफल
- भौगोलिक स्थिति: यह द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी में 6° उत्तरी अक्षांश से 14° उत्तरी अक्षांश व 92° पूर्वी देशांतर से 94° पूर्वी देशांतर के मध्य, कोलकाता से 1248 कि.मी. दूर स्थित है।
- उत्पत्ति: ये द्वीप समूह उस निमग्न पर्वत श्रेणी की उभरी हुई चोटियाँ हैं, जो किसी समय अराकानयोमा को सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) की मध्यवर्ती श्रेणी से मिलाती थी।
- आकार व विस्तार: इसका विस्तार चापाकार आकृति में लगभग 590 कि.मी. लम्बाई एवं 58 कि.मी. चौड़ाई में है।
- कुल क्षेत्रफल: 8326.85 वर्ग कि.मी.
प्रमुख चोटियाँ, संख्या एवं प्रशासनिक केंद्र
- सर्वोच्च चोटियाँ:
- सैडल पीक: उत्तरी अण्डमान में स्थित, ऊँचाई 738 मीटर (सर्वोच्च चोटी)।
- माउंट थुलियर: ग्रेट निकोबार में स्थित, ऊँचाई 642 मीटर (दूसरी सर्वोच्च चोटी)।
- द्वीपों की संख्या व आवास: इस समूह में कुल 572 छोटे-बड़े द्वीप हैं, जिनमें से केवल 38 पर ही मानव अधिवास है।
- राजधानी: अण्डमान-निकोबार की राजधानी ‘पोर्ट ब्लेयर’ है, जो दक्षिणी अण्डमान द्वीप पर स्थित है। यहीं पर प्रसिद्ध सेल्युलर जेल अवस्थित है।
प्रादेशिक विभाजन
- अण्डमान के चार मुख्य भाग: (i) उत्तरी अण्डमान, (ii) मध्य अण्डमान, (iii) दक्षिण अण्डमान, (iv) लिटिल अण्डमान।
- निकोबार के तीन मुख्य भाग: (i) कार निकोबार, (ii) लिटिल निकोबार, (iii) ग्रेट निकोबार।
विशिष्ट भौगोलिक तथ्य एवं चैनल
- ज्वालामुखी द्वीप:
- बैरन द्वीप: मध्य अण्डमान के पूर्व में स्थित, जो भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है।
- नारकोंडम द्वीप: अण्डमान के उत्तर-पूर्व में स्थित एक सुषुप्त ज्वालामुखी द्वीप है।
- प्रमुख समुद्री चैनल (जल-मार्ग):
- 10° चैनल (दस डिग्री चैनल): अण्डमान को निकोबार से अलग करता है।
- कोको चैनल: अण्डमान द्वीप समूह को म्यांमार के कोको द्वीप से अलग करता है।
- डंकन पास: दक्षिणी अण्डमान और लिटिल अण्डमान (छोटा अण्डमान) के बीच स्थित है।
- अंतिम बिंदु:
- इन्दिर प्वाइंट (6°7′ उ. अक्षांश व 93°8′ पू. देशांतर): ग्रेट निकोबार में स्थित यह बिंदु भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु है।
- लैंडफॉल द्वीप: यह अण्डमान-निकोबार द्वीप समूह का सबसे उत्तरी द्वीप है।
- अन्य प्रमुख द्वीप (नया नामकरण): हैबलॉक द्वीप (स्वराज द्वीप), नील द्वीप (शहीद द्वीप), रॉस द्वीप (नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप)।
2. लक्षद्वीप समूह (अरब सागर)
स्थिति, क्षेत्रफल एवं उत्पत्ति
- भौगोलिक स्थिति: यह समूह अरब सागर में 8°12’20” उत्तरी अक्षांश तथा 71°45’74” पूर्वी देशांतर के मध्य स्थित है। यह भारत के पश्चिमी तट से लगभग 200 से 320 कि.मी. की दूरी पर स्थित है।
- अर्थ एवं संरचना: लक्षद्वीप का शाब्दिक अर्थ ‘एक लाख द्वीप’ है। यह कुल 36 द्वीपों का समूह है, जिसमें से केवल 10 द्वीपों पर ही मानव अधिवास पाया जाता है।
- उत्पत्ति: ऐसा अनुमान है कि यह अरावली पर्वतमाला के ही अवशेष हैं, जो प्राचीन काल में हिमालय के पश्चिमी भाग से लगातार यहाँ तक फैली थी। ये एक डूबे हुए पर्वत के अंश हैं जिनका जन्म प्रवाल भित्तियों (मूंगे) के जमाव से हुआ है।
- क्षेत्रफल एवं ऊँचाई: इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 32.62 वर्ग कि.मी. (मूल पाठानुसार: 108.78 वर्ग कि.मी.) है तथा इसकी औसत ऊँचाई 3 से 5 मीटर है।
भौगोलिक विभाजन एवं चैनल
- अमीनीदीव समूह: लक्षद्वीप का सबसे उत्तरी भाग।
- लकादीव समूह: मध्यवर्ती भाग के द्वीपों को सामूहिक रूप से ‘लकादीव’ कहा जाता है; जिसमें एण्ड्रोट (सबसे बड़ा द्वीप), कावारत्ती, अगत्ती एवं कालपेनी प्रमुख हैं।
- कवारत्ती: यह लक्षद्वीप की राजधानी है। यहाँ का एकमात्र द्वीप अगत्ती है, जिस पर हवाई अड्डा बना हुआ है।
- मिनिकॉय द्वीप: यह लक्षद्वीप का सबसे दक्षिणी द्वीप है।
- चैनल व्यवस्था:
- 9° चैनल (नौ डिग्री चैनल): लकादीव को मिनिकॉय द्वीप से पृथक करता है।
- 8° channel (आठ डिग्री चैनल): मिनिकॉय द्वीप को मालदीव से अलग करता है।
जनजीवन, संस्कृति एवं जैव-विविधता
- पक्षी अभ्यारण्य: यहाँ के ‘पिट्टी द्वीप’ (पाठानुसार: चिट्टी द्वीप) को पक्षी अभ्यारण्य घोषित किया गया है।
- अर्थव्यवस्था: नारियल यहाँ का मुख्य कृषि उत्पाद है तथा मत्स्ययन (मछली पकड़ना) यहाँ के निवासियों का मुख्य पेशा है।
- भाषा: यहाँ मुख्य रूप से ‘मलयालम’ भाषा बोली जाती है। मिनिकॉय एकमात्र अपवाद है जहाँ ‘महल’ (Mahl) भाषा बोली जाती है, जो ‘दिवेही’ (Divehi) लिपि में लिखी जाती है।
प्रवाल क्या हैं?: प्रवाल कम समय तक जीवित रहने वाले सूक्ष्म प्राणी हैं, जो समूह में रहते हैं। इनका विकास छिछले तथा गर्म जल में होता है। इनसे कैल्शियम कार्बोनेट का स्राव होता है। प्रवाल स्राव तथा प्रवाल अस्थियाँ टीले के रूप में निक्षेपित होकर द्वीपों का रूप लेती हैं।
3. भारतीय द्वीप एवं द्वीप समूह (वर्गीकृत सारणी)
सरकारी/आधिकारिक तौर पर भारत में कुल द्वीपों की संख्या (विभिन्न आकारों को मिलाकर) 1,308 तक विस्तृत है। इन्हें अध्ययन की दृष्टि से तीन भागों में बांटा जाता है: 1. तटीय द्वीप, 2. लक्षद्वीप समूह, और 3. अण्डमान-निकोबार द्वीप समूह।
(A) पश्चिमी तट पर उपस्थित प्रमुख द्वीप (अरब सागर क्षेत्र)
| क्रम | द्वीप का नाम | अवस्थिति / भौगोलिक विशेषता |
| 1 | भेट | कच्छ की खाड़ी |
| 2 | नोरा | कच्छ की खाड़ी |
| 3 | कारूम्भर | कच्छ की खाड़ी |
| 4 | बेदी | कच्छ की खाड़ी |
| 5 | पीरोटिन | कच्छ की खाड़ी |
| 6 | शियाल | खंभात की खाड़ी |
| 7 | पिरम | खंभात की खाड़ी |
| 8 | पाचम | कच्छ का रण |
| 9 | खादिर | कच्छ का रण |
| 10 | बेला | कच्छ का रण |
| 11 | दीव | केंद्रशासित क्षेत्र (गुजरात के निकट) |
| 12 | साल्सेट | अरब सागर। इसी द्वीप पर मुंबई महानगर बसा हुआ है। यह द्वीप सात द्वीपों का समूह है (माहिम, वर्ली, परेल, मज़गांव, बॉम्बे, कोलाबा, लिटिल कोलाबा)। |
| 13 | एलीफैंटा | मुंबई के निकट |
| 14 | बसीन | महाराष्ट्र का तट |
| 15 | दिवोर | गोवा तट |
| 16 | अंजो | गोवा तट |
| 17 | पटकल | कर्नाटक तट |
| 18 | क्रोकोडायल | कर्नाटक तट |
| 19 | विलिंग्टन | केरल तट |
| 20 | मुनरो | केरल तट |
(B) पूर्वी तट पर उपस्थित प्रमुख द्वीप (बंगाल की खाड़ी क्षेत्र)
| क्रम | द्वीप का नाम | अवस्थिति / भौगोलिक विशेषता |
| 1 | न्यूमूर | बंगाल की खाड़ी (सुंदरवन के नजदीक) |
| 2 | फुल्य | हुगली के मुहाने पर |
| 3 | गंगा सागर | हुगली के मुहाने पर |
| 4 | पारीकुद | बंगाल की खाड़ी (चिल्का झील एवं बंगाल की खाड़ी के बीच) |
| 5 | डॉ. कलाम (व्हीलर द्वीप) | ओडिशा तट पर |
| 6 | ब्रेकफास्ट | ओडिशा तट पर |
| 7 | कालोजल | ओडिशा तट पर |
| 8 | होप | आंध्र प्रदेश तट पर |
| 9 | भवानी | आंध्र प्रदेश तट पर |
| 10 | श्रीहरिकोटा | आंध्र प्रदेश तट पर (यहीं से हमारे उपग्रहों का प्रक्षेपण सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से होता है) |
| 11 | कच्चा तिबु | बंगाल की खाड़ी (आदम पुल एवं मन्नार की खाड़ी इसे श्रीलंका से अलग करते हैं) |
| 12 | पम्बन | तमिलनाडु तट (इसी द्वीप पर प्रसिद्ध रामेश्वरम् नामक धार्मिक व ऐतिहासिक नगर अवस्थित है) |