दक्षिण एशिया के केंद्र में स्थित India: A General Introduction (भारत: एक सामान्य परिचय) विश्व की सबसे प्राचीन, जीवंत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध विविधताओं का देश है। उत्तरी-पूर्वी गोलार्द्ध में चतुष्कोणीय आकार में फैला भारत, उत्तर में हिमालय की गगनचुंबी श्रेणियों से लेकर दक्षिण में हिन्द महासागर के विस्तृत जलक्षेत्र तक फैला है। 32,87,263 वर्ग किमी क्षेत्रफल और अनूठे भू-आकृतिक प्रदेशों (मैदान, पठार, मरुस्थल, पर्वत और द्वीप समूह) के साथ, यह महान देश अपनी भौगोलिक संप्रभुता, समृद्ध जैव-संपदा और बेजोड़ जनसांख्यिकीय ताने-बाने के कारण वैश्विक पटल पर ‘भारतीय उपमहाद्वीप’ के रूप में अपनी एक अद्वितीय पहचान रखता है।
भारत : एक सामान्य परिचय (India: A General Introduction)
उत्तर यत समुदस्य, हिमादेश्चैव दक्षिणं। वर्ष तद् भारतं, नाम भारती यत्र संततिः
“अर्थात् समुद्र के उत्तर में और हिमालय के दक्षिण में जो देश स्थित हैं उसका नाम भारत है और उसकी संतानें यानी उसके निवासी भारतीय कहे जाते हैं।”
— विष्णु पुराण
ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि
- भारत विश्व की प्राचीन संस्कृतियों में से एक है। यहाँ की सभ्यता और संस्कृति उतनी ही पुरानी है जितनी की मानव की उत्पत्ति।
- भारत का प्राचीन नाम उत्तर भारत में बसने वाले आर्यों के नाम पर आर्यावर्त पड़ा। इन आर्यों के शक्तिशाली राजा भरत के नाम पर भारत कहलाया।
- वैदिक आर्यों का निवास स्थान सिंधु घाटी में था। इसे ईरानियों (पर्शिया) ने हिन्दू नदी कहा तथा इस देश को हिन्दुस्तान कहा।
- यूनानियों ने सिंधु को इण्डस और इस देश को इंडिया नाम से संबोधित किया।
भौगोलिक अवस्थिति एवं उपमहाद्वीप
- भारत पृथ्वी पर उत्तरी-पूर्वी गोलार्द्ध में दक्षिण एशिया में अवस्थित है।
- भारत के उत्तर में हिमालय पर्वत, उत्तर पश्चिम में हिन्दुकुश व सुलेमान श्रेणियाँ, पश्चिम में पूर्वाचल पहाड़ियाँ, अरब सागर, तथा पूर्व में बंगाल की खाड़ी स्थित है।
- तीन तरफ से हिन्द महासागर इसे सीमांकित करता है व एक वृहद् भौगोलिक इकाई प्रदान करता है। इस कारण इसे भारतीय उपमहाद्वीप के नाम से जाना जाता है।
- इस उपमहाद्वीप में भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश आते हैं।
अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार
- अक्षांशीय विस्तार: 8°4′ उत्तरी अक्षांश से 37°6′ उत्तरी अक्षांश तक।
- देशांतरीय विस्तारः 68°7′ पूर्वी देशांतर से 97°25′ पूर्वी देशांतर तक।
- दक्षिणतम बिंदु (दूरस्थ): भारत का दक्षिणतम बिंदु इंदिरा प्वांइट (ग्रेट निकोबार द्वीप में) 6°45′ उत्तरी अक्षांश पर स्थित है। जिसका नाम पूर्व में ‘पिगमेलियन प्वांइट’ अथवा ‘पाइरस प्वांइट’ था। यह भूमध्य रेखा से 876 कि.मी. की दूरी पर है।
- मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिंदु: जबकि भारत की मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिंदु 8°4′ उत्तरी अक्षांश कन्याकुमारी (तमिलनाडु) पर स्थित है।
कर्क रेखा (Standard Latitude)
- कर्क रेखा 23°30′ उत्तरी अक्षांश भारत के लगभग मध्य से गुजरती है।
- यह 8 राज्यों से होकर गुजरती है:
- गुजरात
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल
- त्रिपुरा
- मिजोरम
भारतीय मानक समय (Indian Standard Time – I.S.T.)
- भारत के मानक समय के निर्धारण के लिए 82°30′ पूर्वी देशांतर रेखा को मानक याम्योत्तर माना गया है।
- यह मानक याम्योत्तर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर (पूर्व में नैनी प्रयागराज माना जाता था) से होकर गुजरती है।
- भारतीय मानक समय (I.S.T.) ग्रीनविच मीन टाइम (G.M.T.) से 5 घंटा 30 मिनट आगे है।
- यह 5 राज्यों से गुजरती है:
- उत्तर प्रदेश
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- ओडिशा
- आंध्र प्रदेश
समय का अंतराल (Time Difference)
- 82°30′ पूर्वी देशांतर रेखा भारत की मानक याम्योत्तर होने के कारण पूरे देश में घड़ियाँ एक ही समय दर्शाती हैं।
- जबकि वास्तव में भारत के पूर्वी और पश्चिमी बिंदु में लगभग 30° देशांतर का अंतर पाया जाता है, जिससे सूर्योदय एवं सूर्यास्त में दोनों बिंदुओं के मध्य लगभग 2 घंटे का अंतराल देखने को मिलता है। (1° = 4 मिनट)
मानक याम्योत्तर के पूरक तथ्य
- विश्व के देशों में आपसी समझ के तहत मानक याम्योत्तर को 7°30′ देशांतर के गुणांक पर चुना गया है।
- नवंबर 1984 में अंतर्राष्ट्रीय मानक समय सम्मेलन-वाशिंगटन डीसी (USA) में संपन्न हुआ जिसमें 0° याम्योत्तर ग्रीनविच (लंदन) को प्रधान मध्य रेखा माना गया।
- भारत में इसे 1 सितंबर 1947 से लागू किया गया।
विस्तार एवं आकार
- भारत का भौगोलिक क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग कि.मी. है जो विश्व के क्षेत्रफल का 2.43% है।
- भारत क्षेत्रफल की दृष्टिकोण से विश्व का सातवां बड़ा देश है जबकि जनसंख्या में चीन के बाद विश्व में दूसरा स्थान है यहाँ विश्व की 17.5% आबादी यहाँ निवास करती है। (जनगणना-2011)
- भारत के भू-भाग की लंबाई (पूर्व से पश्चिम) 2933 कि.मी. तथा चौड़ाई (उत्तर से दक्षिण) 3214 कि.मी. है। इस प्रकार भारत एक चतुष्कोणीय देश है।
- भारत का प्रायद्वीपीय भाग त्रिभुजाकर आकृति में हिन्द महासागर की ओर फैला हुआ है जो इसे दो शाखाओं (अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी) में विभाजित करता है। ये शाखायें भारत की तटीय सीमा बनाती हैं।
भारत के सीमा बिन्दु एवं दूरस्थ बिंदु
भारत के अंतिम सीमा बिंदु निम्नवत हैं:
- उत्तरतम् बिंदु: इंदिरा कॉल (लद्दाख) / दाराकोट (गिलगिट) लद्दाख (POK) — 37°6′ उत्तरी अक्षांश
- दक्षिणतम् बिंदु: इंदिरा प्वाइंट (ग्रेट निकoबार) — 6°45′ उत्तरी अक्षांश
- दक्षिणतम् बिंदु (मुख्य भूमि): कन्याकुमारी (तमिलनाडु) — 8°4′ उत्तरी अक्षांश
- पश्चिमी बिंदु: गोरमोता / नारायण सरोवर (भुज) गुजरात — 68°7′ पूर्वी देशांतर
- पूर्वी बिंदु: किबिथु / काहो (लोहित) (अरुणाचल प्रदेश) — 97°25′ पूर्वी देशांतर
सीमा रेखाओं की लंबाई
- भारत के स्थलसीमा की लंबाई लगभग 15,200 कि.मी. है।
- मुख्य भूमि की तटीय सीमा की लंबाई 6100 कि.मी. है।
- यह तटीय सीमा द्वीप समूहों सहित 7516.6 कि.मी. है।
- इस प्रकार भारत की कुल सीमा की लंबाई 22,716.6 कि.मी. है।
- इसमें गुजरात की तटीय सीमा सर्वाधिक है, क्योंकि इसमें क्रीक सर्वाधिक है।
भारत के समुद्री तटीय राज्य/संघ शासित प्रदेश
| क्र. | राज्य/संघ | तट रेखा (किमी.) |
| 1. | अण्डमान निकोबार द्वीप | 1962.00 |
| 2. | गुजरात | 1214.70 |
| 3. | आंध्र प्रदेश | 973.70 |
| 4. | तमिलनाडु | 960.90 |
| 5. | महाराष्ट्र | 952.60 |
| 6. | केरल | 569.70 |
| 7. | ओडिशा | 476.70 |
| 8. | कर्नाटक | 208.00 |
| 9. | पश्चिम बंगाल | 157.50 |
| 10. | लक्षद्वीप | 132.00 |
| 11. | गोवा | 101.00 |
| 12. | पुडुचेरी | 47.60 |
| 13. | दमन एवं दीव | 42.50 |
| कुल | 7516.6 |
भारत की स्थलीय सीमा एवं पड़ोसी देश
- भारत की सीमा उत्तर-पश्चिम में अफगानिस्तान तथा पाकिस्तान, उत्तर में चीन, भूटान और नेपाल, सुदूर पूर्व में म्यांमार और पूर्व में बांग्लादेश से लगती है।
- पाक जलडमरूमध्य और मन्नार की खाड़ी से निर्मित एक तंग समुद्री चैनल श्रीलंका को भारत से पृथक करता है।
- आदमब्रिज तमिलनाडु एवं श्रीलंका के मध्य स्थित है। पंबन द्वीप इसी का हिस्सा है। रामेश्वरम् पंबन द्वीप पर स्थित है।
- आदमब्रिज के उत्तर में पाक की खाड़ी, दक्षिण में मन्नार की खाड़ी स्थित है।
महत्वपूर्ण सीमा रेखाएँ
- भारत के 17 राज्य पड़ोसी देशों की स्थलीय सीमा से लगे हैं।
- रेडिक्लिफ रेखाः भारत-पाकिस्तान एवं भारत-बांग्लादेश के बीच सीमा रेखा है। इसे 1947 में सर सीरिल रेडिक्लिफ द्वारा निर्धारित किया गया था। उस समय बांग्लादेश पूर्वी पाकिस्तान हुआ करता था।
- मैकमोहन रेखाः भारत-चीन के बीच सीमा रेखा है।
- डुरण्ड रेखाः भारत-अफगानिस्तान के बीच सीमा रेखा है। इसका निर्धारण 1896 में सर मार्टिमर दुरण्ड द्वारा किया गया था। वर्तमान में यह पाकिस्तान और अफगानिस्तान की भी सीमा रेखा है क्योंकि इसके निर्धारण के समय भारत-पाकिस्तान का विभाजन नहीं हुआ था।
- भारत-अफगानिस्तान की सीमा वर्तमान पाक अधिकृत कश्मीर के अंतर्गत है।
पाक अधिकृत कश्मीर (POK) की पृष्ठभूमि
- 1947 में, आजादी के बाद पाकिस्तान ने स्थानीय कबायली लोगों के सहयोग से जम्मू-कश्मीर रियासत पर हमला कर जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया।
- बाद में जम्मू-कश्मीर रियासत ने भारत में विलय की घोषणा की, लेकिन मामला चूँकि UNO चला गया था। अतः भारत ने अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन करते हुए आक्रमण के बजाय शांतिपूर्ण मार्ग द्वारा इसे सुलझाने का प्रयास किया लेकिन यह मुद्दा वर्तमान तक अनसुलझा बना रहा है।
- इस प्रकार जम्मू-कश्मीर का यह हिस्सा भारत का होते हुए भी पाकिस्तान के कब्जे में है जिसे हम पाक अधिकृत कश्मीर के नाम से जानते हैं।
भारत : पड़ोसी राष्ट्रों के साथ सीमा
| क्र.सं. | देश | सीमा की लंबाई (किमी. में) | अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे हुए राज्य |
| 1. | भारत-बांग्लादेश | 4,097.7 | पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम |
| 2. | भारत-चीन | 3,488 | लद्दाख, Himachal प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश। |
| 3. | भारत-पाकिस्तान | 3,323 | जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, राजस्थान, गुजरात। |
| 4. | भारत-नेपाल | 1,751 | उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम। |
| 5. | भारत-म्यांमार | 1643 | अरूणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम |
| 6. | भारत-भूटान | 699 | सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम, अरूणाचल प्रदेश |
| 7. | भारत-अफगानिस्तान | 106 | लद्दाख |
भारत की जलीय सीमा
- भारत हिन्द महासागर में केन्द्रीय अवस्थिति रखता है तथा यह एक मात्र देश है, जिसके नाम पर किसी महासागर का नाम पड़ा है।
- हिन्द महासागर भारत के लिए पर्याप्त भू-राजनीतिक, भू-सामरिक, आर्थिक व व्यापारिक महत्व रखता है।
समुद्री सीमा क्षेत्र (Maritime Zones)
- प्रादेशिक समुद्री सीमा या क्षेत्रीय सागरः तटीय आधार रेखा से समुद्र की ओर 12 समुद्री मील (नॉटिकल मील) तक की दूरी का क्षेत्र। इस क्षेत्र पर भारत को संपूर्ण अधिकार है।
- अविच्छिन मंडल या संलग्न क्षेत्र (Contiguous Zone): प्रादेशिक समुद्री सीमा से आगे 12 समुद्री मील तक का क्षेत्र। इस क्षेत्र में भारत को राजकोषीय अधिकार, प्रदूषण नियंत्रण संबंधी अधिकार तथा प्रवासी कानून लागू करने का अधिकार व सीमा शुल्क वसूलने का भी अधिकार है।
- अनन्य आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone – EEZ): संलग्न क्षेत्र से आगे 200 समुद्री मील तक का क्षेत्र। इस क्षेत्र में, खनिज संपदा, सागरीय जल शक्ति, सागरीय जीवों आदि के सर्वेक्षण, विदोहन, संरक्षण एवं अनुसंधान का अधिकार है। भारत का EEZ 2.02 मिलियन वर्ग किमी. क्षेत्र में फैला है।
- (1 समुद्री मील = 1.85200 किमी.)
- आधार तट रेखा: वस्तुतः टेढ़े-मेढ़े, तट को मिलाने वाली कल्पित सीधी रेखा है। आधार रेखा व स्थलीय भाग के मध्य के जल को आंतरिक जल कहते हैं।
द्वीप समूह (Island Groups)
- बंगाल की खाड़ी में: अंडमान-निकोबार द्वीप समूह।
- अरब सागर में: लक्षद्वीप समूह।
1. अण्डमान निकोबार द्वीप समूह
- प्रमुख द्वीप: उत्तरी अण्डमान, मध्य अण्डमान, दक्षिण अण्डमान, छोटा अण्डमान, कार निकोबार, छोटा निकोबार, बड़ा निकोबार (ग्रेट निकोबार) हैं।
- राजधानी: पोर्ट ब्लेयर दक्षिण अण्डमान द्वीप में स्थित है।
- दक्षिणतम बिंदु: भारत का दक्षिणतम बिंदु इंदिरा प्वाइंट ग्रेट निकोबार द्वीप का दक्षिणी बिंदु है। (2004 की सुनामी में जलमग्न हो गया)
- बैरनद्वीप: भारत का एक मात्र सक्रिय ज्वालामुखी है। यह मध्य अण्डमान के पूर्वी भाग में है।
- नारकोंडम द्वीप: यह उत्तरी अण्डमान के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित एक सुषुप्त ज्वालामुखी द्वीप है।
- 10° चैनल (10° उत्तरी अक्षांश रेखा): अंडमान को निकोबार द्वीप से अलग करता है।
- डंकन मार्ग: दक्षिणी अण्डमान और लघु अण्डमान के बीच है।
- कोको स्ट्रेट: कोको द्वीप समूह (म्यांमार) और उत्तरी अण्डमान के मध्य है।
- अन्य नाम: अंडमान निकोबार द्वीप समूह मरकत द्वीप (एमराल्ड आईलैंड) के नाम से भी जाना जाता है।
2. लक्षद्वीप समूह
- संरचना: यह प्रवालभित्ति द्वारा निर्मित द्वीप है।
- सबसे बड़ा द्वीप: मिनीकॉय लक्षद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप है।
- 8° चैनल (8° उत्तरी अक्षांश रेखा): मिनीकॉय एवं मालदीव के बीच है।
- 9° चैनल: मिनीकॉय को मुख्य लक्षद्वीप समूह से अलग करता है।
भारत की भौगोलिक संरचना (Physical Structure)
भारत की मुख्य भूमि चार भागों में वर्गीकृत है: विस्तृत पर्वतीय प्रदेश, सिंधु और गंगा के मैदान, रेगिस्तान क्षेत्र और दक्षिणी प्रायद्वीप।
- क्षेत्रफल का वर्गीकरण: भारत के कुल क्षेत्रफल का:
- 10.7% भाग पर्वतीय
- 18.6% भाग पहाड़ी
- 27.7% भाग पठारी
- 43% भाग मैदान के अंतर्गत आता है।
1. उत्तर का पर्वतीय प्रदेश (हिमालय)
- उत्तर में हिमालय की तीन श्रृंखलायें हैं, जो लगभग समानान्तर क्रम में फैली हुई हैं। संसार की सर्वोच्च चोटियों में से कुछ इन्हीं पर्वत श्रृंखलाओं में स्थित हैं।
- पर्वतीय भाग पूर्व से पश्चिम की ओर लगभग 2400 किमी. में फैला हुआ है जिसकी चौड़ाई 240 किमी. से 320 किमी. तक है।
- तीनों श्रृंखलायें पठारों और घाटियों द्वारा विभाजित होती हैं। इनको कुछ दर्रों से ही पार किया जा सकता है। जैसे- चुंबी घाटी (दार्जीलिंग पश्चिम बंगाल), जेलेप-ला, नाथु-ला इत्यादि।
- पूर्व में भारत-म्यांमार तथा भारत-बांग्लादेश के बीच पहाड़ी श्रृंखलाओं की ऊँचाई कम है।
2. गंगा-सिंधु का मैदान
- यह मैदान करीब 2400 किमी. लंबा और 320 किमी. चौड़ा है।
- यह मैदान तीन अलग-अलग नदी प्रणालियों यथा सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र द्वारा लाये गये अवसादों के निक्षेपण से बना है।
- यह उपजाऊ प्रदेश विश्व के सर्वाधिक घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है।
3. रेगिस्तानी क्षेत्र
रेगिस्तानी क्षेत्र को दो भागों में बाँटा जा सकता है:
- विशाल रेगिस्तान: कच्छ के रण (गुजरात) से उत्तर की ओर लूनी नदी तक फैला है।
- लघु रेगिस्तान: इसका विस्तार जैसलमेर और जोधपुर के बीच लूनी से उत्तर-पश्चिम तक है।
- इनके बीच में बंजर भूमि क्षेत्र है जिसमें चूना पत्थर की पहाड़ियों से सटी भूमि (चट्टानी) शामिल हैं।
4. दक्षिण प्रायद्वीप का पठार
- गंगा-सिंधु मैदान के दक्षिण में दक्षिण प्रायद्वीप पठार अवस्थित है, जो कि 640 से 1220 मी. तक अलग-अलग ऊँचाई वाले पहाड़ और पर्वतमालाओं से घिरा है। इनमें अरावली, विंध्यन, सतपुड़ा, मैकाल और अजंता प्रमुख हैं।
- प्रायद्वीप के पूर्व की ओर पूर्वी-घाट है जिसकी औसत ऊँचाई लगभग 610 मी. है और पश्चिम की ओर पश्चिमी घाट है जिसकी औसत ऊँचाई 915 मी. से 1220 मी. तक है। यह कहीं-कहीं 2440 मी. तक ऊँची हैं।
- पश्चिमी घाट और अरब सागर के बीच एक संकीर्ण तटवर्ती पट्टी है जबकि पूर्वी घाट और बंगाल की खाड़ी के बीच एक वृहदतर तटवर्ती क्षेत्र है।
- पठार का दक्षिणी बिंदु नीलगिरि पर्वतमाला से निर्मित है, जहाँ पूर्वी और पश्चिमी घाट मिलते हैं। उसके सबसे दक्षिण में कार्डमम की पहाड़ियाँ हैं जिसे पश्चिमी घाट का विस्तार माना जाता है।
भारत की भूगर्भीय संरचना
भारत की भूगर्भीय संरचना को 3 भागों में बांटा गया है, ये क्षेत्र भौगोलिक संरचना का अनुसरण करते हैं:
- हिमालय और उससे जुड़ी पर्वत मालायें
- सिंधु-गंगा का मैदान
- प्रायद्वीपीय पठार
नदी प्रणालियाँ (River Systems)
भारत की नदी प्रणालियों को चार समूहों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
- हिमालयी नदियाँ (बारहमासी हैं): गंगा, सिंधु, ब्रह्मपुत्र इत्यादि।
- दक्षिणी नदियाँ: गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, महानदी इत्यादि।
- तटवर्ती नदियाँ: पश्चिमी तट पर भारत में 600 के लगभग तटवर्ती नदियाँ हैं।
- अंतरदेशीय बरसाती नदियाँ: लूनी, माछु, रूपेन, सरस्वती, बनास, घग्घर इत्यादि।
भारत की जलवायु/ऋतुएँ (Climate & Seasons)
- भारत की जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसूनी प्रकार की है।
- सामान्य प्रतिरूप में लगभग एकरूपता होते हुए भी देश की जलवायु अवस्था में स्पष्ट प्रादेशिक भिन्नता है, इसको हम ऋतुओं के माध्यम से बेहतर रूप से समझ सकते हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चार आधिकारिक ऋतुएँ निर्दिष्ट की हैं:
- शीत ऋतु: दिसंबर से अप्रैल के प्रारंभ तक / उत्तर-पश्चिम में औसत तापमान 10-15°C (50-59°F) और इसी समय दक्षिणी-पूर्व में औसत तापमान 20-25°C (68-77°F) तक होता है।
- ग्रीष्म ऋतु या मानसून पूर्व: अप्रैल से जून तक (उत्तर-पश्चिमी भारत में अप्रैल से जुलाई)। पश्चिम और दक्षिण क्षेत्रों में अप्रैल सबसे गर्म महीना होता है और उत्तरी क्षेत्र में मई। औसत तापमान 32-40°C (90-104°F)।
- मानसूनी या वर्षा ऋतु: जून से सितंबर तक। इस समय मौसम में आर्द्र दक्षिण-पश्चिमी ग्रीष्म मानसून छाया रहता है जो मई के अंत या जून के प्रारंभ में शुरू कर धीरे-धीरे देश भर में फैलता है।
- मानसूनी परवर्ती ऋतु: अक्टूबर से दिसंबर तक।
विशेष नोट: हिमालयी क्षेत्र में अधिक समशीतोष्ण होने के कारण 2 अतिरिक्त ऋतुएँ (पतझड़ और बसंत) हैं।
जैव संपदा : वनस्पति (Bio-Wealth & Vegetation)
- भारत वनस्पति की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार पादप विविधता की दृष्टि से भारत का विश्व में 10वाँ और एशिया में चौथा स्थान है।
- कोलकाता स्थित भारतीय वनस्पति विज्ञान सर्वेक्षण (BSI) के अनुसार अभी तक करीब 70% क्षेत्र में किये गये सर्वेक्षणों में 46,000 पादप प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यहाँ उत्कृष्ट वनस्पतियों की 15,000 किस्में हैं।
- वनस्पतिक भिन्नता को ध्यान में रखकर भारत में चार मुख्य क्षेत्रों को जैवविविधता हॉट स्पॉट घोषित किया गया है। (IUCN द्वारा)
संरक्षित क्षेत्रों का सांख्यिकीय डेटा (Statics of Protected Areas):
देश में अप्रैल 2019 तक का डेटा निम्न प्रकार है:
- राष्ट्रीय उद्यान: 105 घोषित किये जा चुके हैं और अन्य 64 को चिह्नित किया गया है।
- वन्यजीव अभ्यारण्य: 532
- बाघ आरक्षित क्षेत्र (Tiger Reserves): 50
- जैव मण्डल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves): 18
- कुल विस्तार: ये सभी क्षेत्र भारत के कुल भू-भाग के 4.7% क्षेत्र में विस्तारित हैं।
भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2021 (India State of Forest Report)
- पहली भारत वन स्थिति रिपोर्ट 1987 ई. में जारी की गई। तब से प्रत्येक 2 वर्ष में भारत वन स्थिति रिपोर्ट जारी की जाती है।
- 16वीं वन स्थिति रिपोर्ट, 2019 ई. (ISFR-2019) 30 दिसंबर, 2019 ई. को जारी की गई। वन एवं वृक्षास्च्छदन से संबंधित सूचनायें LISS III डाटा, जो कि भारतीय रिमोट सेसिंग सेटेलाइट (रिसोर्ससेट-II) पर आधारित हैं, के आधार पर दी गई है।
- रिपोर्ट के अनुसार 2021 ई. में 21.67% (7,12,249 वर्ग किमी.) वन क्षेत्र मौजूद है जो 2017 ई. में 21.54% था। 2019 ई. के अनुसार भारत में वृक्ष क्षेत्र 2.89% है। जबकि कुल वृक्ष क्षेत्र 24.56% मौजूद है।
- 2019 ई. के मुकाबले इस रिपोर्ट (2019 ई.) तक में कुल 3% वन क्षेत्र की वृद्धि दर्ज हो चुकी है।
- रिपोर्ट के अनुसार मैग्रोव वन क्षेत्र में 54 वर्ग किमी. (1.10%) की वृद्धि दर्ज की गई है। (भारत में कुल मैग्रोव वन क्षेत्र 4,975 वर्ग किमी. है।)
- इस रिपोर्ट के अनुसार:
- अत्यधिक सघन वन: 3.02%
- मध्यम घने वन: 9.3%
- खुले वन: 9.26% मौजूद हैं।
- इस रिपोर्ट के अनुसार तीन बड़े राज्य जहाँ वन क्षेत्र की वृद्धि दर्ज की गई है, ये हैं कर्नाटक, आंध्र प्रदेश तथा केरल।
जैविक हॉट-स्पॉट (Biological Hot-Spots)
वानस्पतिक भिन्नता को ध्यान में रखकर भारत में चार क्षेत्र प्रधान हैं। जिन्हें उनकी विविधता के कारण जैविक हॉट स्पॉट में भी शामिल किया गया है:
- पश्चिमी घाट
- इंडो बर्मा
- हिमालयन
- अंडमान व निकोबार
भारतीय कृषि (Indian Agriculture)
- जलवायु और जैव विविधता की तरह ही भारतीय कृषि में भी विविधता देखने को मिलती है, यह भी भारत की भौतिक विशेषताओं का अनुसरण करती है। देश की अर्थव्यवस्था में कृषि का अहम योगदान है।
- देश की आबादी का लगभग 54.6 प्रतिशत कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों में लगा है।
- देश के सकल मूल्य संवर्द्धन (वर्तमान मूल्य पर) 2016-17 में इसकी हिस्सेदारी 17.4 प्रतिशत है।
भारतीय संस्कृति (Indian Culture)
- भारत की सांस्कृतिक धरोहर बहुत संपन्न है। भारतीय समाज बहुभाषी, बहुधार्मिक तथा मिश्र-सांस्कृतिक है। पारंपरिक भारतीय पारिवारिक मूल्यों को काफी आदर प्राप्त है।
- इसी प्रकार जहाँ हजारों भाषा और बोलियाँ भी प्रचलित हैं।
भारत की जनसांख्यिकी (Demographics of India)
- जनगणना: भारत में 2011 की जनगणना 1872 ई. के बाद 15वीं जनगणना थी। जनगणना के अंतिम आँकड़े 30 अप्रैल 2013 को जारी हुए।
- जनसंख्या: 1 मार्च 2011 को भारत की जनसंख्या 121.00 करोड़ (62.32 करोड़ पुरुष और 58.76 करोड़ महिलायें) थी। यह विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है।
- जनघनत्व: इसे प्रतिवर्ग किमी. क्षेत्र में लोगों की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है। 2011 की जनगणना अनुसार में 17.72% की दशकीय जनसंख्या के साथ भारत का जनघनत्व 382 प्रति व्यक्ति वर्ग किमी. है।
- लिंग अनुपात: इसे प्रति 1000 पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है। 2011 की जनगणानुसार यह 943 था। जबकि बाल-लिंगानुपात 919 है।
- साक्षरता: 2011 की जनगणना अनुसार देश की साक्षरता दर 73% है।
राजनीतिक संरचना (Political Structure)
- राज्यों का संघ: भारत एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य है जिसमें शासन की संसदीय प्रणाली स्वीकृत है।
- यह गणराज्य 26 जनवरी 1949 को संविधान सभा द्वारा स्वीकृत एवं 26 जनवरी 1950 से लागू संविधान की व्यवस्थाओं के अनुसार प्रशासित होता है।
- भारत में 28 राज्य और 8 केंद्रशासित प्रदेश हैं। जिन्हें मुख्य रूप से 6 अंचलों में बाँटा गया है।
- 2 केंद्रशासित प्रदेश क्रमशः जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख नव निर्मित हैं। (नोट- दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को संयुक्त कर एक ही केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया है)
भारत के अंचल (Zones of India)
| अंचल | सम्मिलित राज्य/केंद्रशासित प्रदेश |
| पूर्वी अंचल (East Zone) | बिहार, ओडिशा, झारखंड तथा पश्चिम बंगाल |
| पश्चिम अंचल (West Zone) | राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली। |
| उत्तरी अंचल (North Zone) | जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली तथा चंडीगढ़ |
| दक्षिणी अंचल (South Zone) | आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, लक्षद्वीप, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा पुदुचेरी |
| मध्यवर्ती अंचल (Central Zone) | मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ |
| पूर्वोत्तर अंचल (North-East Zone) | असम, सिक्किम, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड तथा अरूणाचल प्रदेश। |
नोटः सेवेन सिस्टर्स में सिक्किम शामिल नहीं है।
भारत : एक दृष्टि में
| विषय | विवरण / डेटा |
| भौगोलिक स्थिति | उत्तरी-पूर्वी गोलार्द्ध में अवस्थित। |
| अक्षांशीय विस्तार | 8°4′ उत्तरी अक्षांश से 37°6′ उत्तरी अक्षांश |
| देशांतरीय विस्तार | 68°7′ पूर्वी देशांतर से 97°25′ पूर्वी देशांतर |
| मानक समय | 82°30′ पूर्वी देशांतर (मिर्जापुर) |
| भौगोलिक विस्तार | चौड़ाई (उत्तर से दक्षिण 3214 किमी.) एवं लंबाई (पूर्व से पश्चिम 2933 किमी.) |
| स्थलीय सीमा | 15106.7 किमी. |
| जलीय सीमा | 7516.6 किमी. |
| जलवायु | उष्णकटिबंधीय मानसून |
| क्षेत्रफल | 32,87,263 वर्ग किमी. |
| कुल जनसंख्या | 1,21,08,54,977 (विश्व की कुल जनसंख्या का 17.5%) |
| दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर | 17.7% |
| लिंगानुपात | 943 / 1000 |
| जनसंख्या घनत्व | 382 व्यक्ति/वर्ग किमी. |
| कुल साक्षरता | 73.0% (पुरुष साक्षरता 80.9% एवं महिला साक्षरता 64.6%) |
| राज्यों की संख्या | 28 |
| केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या | 8 |
| ज्यामितीय आकार | चतुष्कोणीय |
भौगोलिक एवं भौतिक संरचना का विस्तार
- पर्वतीय क्षेत्र का विस्तार: 27.7%
- पहाड़ी क्षेत्र का विस्तार: 18.6%
- पठारी क्षेत्र का विस्तार: 27.7%
- मैदानी क्षेत्र का विस्तार: 43.0%
- कर्क रेखा पर स्थित राज्य: 8 (गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा एवं मिजोरम)
राष्ट्रीय प्रतीक एवं चरम बिंदु
- राष्ट्रीय नदी: गंगा
- राष्ट्रीय जलीय जीव: गांगेटिक डॉल्फिन
- सर्वोच्च शिखर: माउंट K2 (गॉडविन ऑस्टिन)
- उच्चतम तापमान: जैसलमेर (राजस्थान, 55°C)
- निम्नतम तापमान: द्रास (लद्दाख, -45°C)