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Planets of Solar System Notes in Hindi pdf

अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) की नवीन परिभाषा के अनुसार हमारे Planets of the Solar System (सौरमंडल के ग्रह) सूर्य की परिक्रमा करने वाले वे विशाल पिंड हैं जो एक निश्चित गुरुत्वाकर्षण, आकार और स्वतंत्र कक्षा रखते हैं। आंतरिक चट्टानी ग्रहों (बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल) से लेकर गैसों से बने विशाल बाह्य महाग्रहों (बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण) तक, प्रत्येक ग्रह अपनी अनूठी वायुमंडलीय दशाओं, वलय प्रणालियों और उपग्रहों के कारण विशिष्ट है। इन ग्रहों की भौतिक संरचना, प्राचीन काल से चली आ रही गतियों और आधुनिक अंतरिक्ष अभियानों का अध्ययन ब्रह्मांड विज्ञान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • नवीन परिभाषा (IAU अनुसार): ऐसे पिंड जो सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हों, जिनमें स्वयं का इतना गुरुत्वाकर्षण बल हो कि वे लगभग गोलाकार (निश्चित आकार) हो सकें और उनकी कक्षा किसी अन्य ग्रह की कक्षा को न तो काटती हो और न ही अतिव्यापित (Overlap) करती हो, ग्रह कहलाते हैं।
  • प्रकाश एवं ऊष्मा: इनका अपना प्रकाश नहीं होता; ये सूर्य के प्रकाश से ही प्रकाशित होते हैं और ऊष्मा प्राप्त करते हैं।
  • परिक्रमा की दिशा: सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा पश्चिम से पूर्व दिशा में करते हैं, परन्तु शुक्र (Venus) व अरुण (Uranus) इसके अपवाद हैं—ये सूर्य के चारों ओर पूर्व से पश्चिम दिशा में परिक्रमा करते हैं।
  1. आंतरिक ग्रह (Inner / Terrestrial Planets): इसके अन्तर्गत बुध, शुक्र, पृथ्वी एवं मंगल आते हैं। सूर्य से निकटता के कारण ये भारी पदार्थों से निर्मित हुए हैं।
  2. बाह्य ग्रह (Outer / Jovian Planets): इसके अन्तर्गत बृहस्पति, शनि, अरुण एवं वरुण आते हैं। ये हल्के पदार्थों (गैसों) से बने होते हैं। आकार में बड़े होने के कारण इन्हें ‘ग्रेट प्लैनेट्स’ भी कहा जाता है।
  • यह सौरमंडल का सर्वाधिक छोटा तथा सूर्य से सबसे नजदीक का ग्रह है।
  • परिक्रमण काल: यह सूर्य की परिक्रमा सबसे तेज मात्र 88 दिनों में पूरी करता है और इसकी कक्षीय गति सभी ग्रहों से अधिक है।
  • उपग्रह व वायुमंडल: इसका कोई उपग्रह नहीं है। यहाँ पलायन वेग बहुत कम होने के कारण कोई वायुमंडल नहीं है, जिससे यहाँ दैनिक तापांतर सर्वाधिक होता है।
  • यह पृथ्वी का सबसे निकटतम ग्रह है। अन्य ग्रहों के विपरीत यह सूर्य की परिक्रमा पूर्व से पश्चिम दिशा में करता है।
  • पृथ्वी की बहन (Sister Planet): इसका द्रव्यमान, घनत्व व आकार पृथ्वी के लगभग समान है।
  • उपनाम: सूर्य व चन्द्रमा के बाद यह आकाश में सबसे चमकीला दिखाई देता है। इसे ‘सायंकाल का तारा’ (Evening Star) तथा ‘भोर का तारा’ (Morning Star) भी कहते हैं।
  • प्रेशर कुकर की दशा: इसके वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) की मात्रा बहुत अधिक (90-95%) होने के कारण यहाँ भयंकर ग्रीनहाउस प्रभाव से प्रेशर कुकर जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। यह सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह है।
  • विशेष तथ्य: बुध के समान इसका भी कोई उपग्रह नहीं है। इस ग्रह का सर्वोच्च बिंदु मैक्सवेल है तथा यहाँ स्थित एक पठार का नाम लक्ष्मी पठार रखा गया है।
  • यह सूर्य से दूरी के क्रम में तीसरा और आकार के क्रम में पाँचवाँ सबसे बड़ा ग्रह है। यह शुक्र और मंगल के बीच स्थित है और अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूर्णन करती है।
  • झुकाव व गति: यह अपने अक्ष पर 23.4° झुकी हुई है। यह लगभग 30 km/s की कक्षीय गति से सूर्य की एक परिक्रमा लगभग 365 दिन में पूरी करती है।
  • नीला ग्रह: इसके 71% भाग पर जल और 29% भाग पर स्थल है। जल की अधिकता के कारण अंतरिक्ष से देखने पर यह नीला दिखाई देता है।
  • उपग्रह व जीवन: इसका एकमात्र उपग्रह चंद्रमा है। ज्ञात सभी ग्रहों में यह एकमात्र ऐसा ग्रह है जहाँ जीवन मौजूद है। पृथ्वी के सर्वाधिक निकट का तारा सूर्य है।
विशेषता / प्राचलविवरण / डेटा
आकृतिलगभग गोलाभ (Geoid)
धरातलीय क्षेत्रफल51.1 करोड़ वर्ग किमी.
अनुमानित आयु4.6 बिलियन वर्ष
विषुवतरेखीय व्यास12,756 किमी.
अक्षध्रुवीय व्यास12,714 किमी.
विषुवतरेखीय परिधि40,075 किमी.
ध्रुवीय परिधि40,008 किमी.
सूर्य से न्यूनतम दूरी (उपसौर)14.70 करोड़ किमी.
सूर्य से अधिकतम दूरी (अपसौर)15.21 करोड़ किमी.
सूर्य से माध्य/औसत दूरी14.98 करोड़ किमी.
चन्द्रमा से दूरी3,84,315 किमी.
परिक्रमण समय (सूर्य की परिक्रमा)365 दिन 5 घंटे 48 मिनट 46 सेकण्ड
परिभ्रमण समय (अपने अक्ष पर घूर्णन)23 घंटे 56 मिनट 4 सेकण्ड
पृथ्वी का द्रव्यमान5.9722×10²⁴ kg
समुद्रतल से स्थल की सर्वोच्च ऊँचाई8,850 मीटर (माउंट एवरेस्ट)
समुद्रतल से सागर की सर्वाधिक गहराई11,022 मीटर (मैरियाना ट्रेंच)
  • यह सूर्य से दूरी के क्रम में चौथा ग्रह है, जो सूर्य की परिक्रमा 687 दिनों में पूरी करता है। आयरन ऑक्साइड की अधिकता के कारण इसकी सतह लाल है, इसलिए इसे ‘लाल ग्रह’ भी कहते हैं।
  • पृथ्वी सदृश ग्रह: इसके दिन की लम्बाई तथा अक्षीय झुकाव पृथ्वी के लगभग समान है। यहाँ ध्रुवों पर हिम टोपियाँ (Ice Caps) पाई जाती हैं जो जल और जीवन की संभावना की ओर संकेत करती हैं।
  • उपग्रह व पर्वत: इसके दो उपग्रह हैं—फोबोस (Phobos – अर्थ: भय) तथा डिमोस (Deimos – अर्थ: आतंक)। डिमोस सौरमंडल का सबसे छोटा उपग्रह है। इस ग्रह पर स्थित ‘निक्स ओलंपिया’ पर्वत एवरेस्ट से तीन गुना ऊँचा है।
  • महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशन:
    • Path Finder (1997): मंगल की सतह पर उतरने वाला नासा (NASA) का पहला यान।
    • झू रोंग (Zhurong – 15 मई 2021): चीन ने अपने ‘तिआनवेन-1’ मिशन के तहत इस रोवर को मंगल के दक्षिणी भाग (यूटोपिया मैदान) में सफलतापूर्वक उतारा। चीन, अमेरिका के बाद ऐसा करने वाला दुनिया का दूसरा देश बना।
    • अन्य मिशन: नासा के रोवर ‘क्यूरोसिटी’ (Curiosity) और ‘पर्सीवेरेंस’ (Perseverence); संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का ‘होप प्रोब’ (Hope Probe)। इसरो (ISRO) का भावी मंगल मिशन भी प्रस्तावित है जिसमें फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी (CNES) सहयोगी हो सकती है।
  • यह सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। इसके वायुमंडल में हाइड्रोजन, हीलियम, मीथेन तथा अमोनिया जैसी गैसें पायी जाती हैं।
  • उपग्रह: इसके ज्ञात उपग्रहों की संख्या 79 है, जिनमें गैनीमीड (Ganymede) सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है।
  • तारा सदृश ग्रह: यह तारा एवं ग्रह दोनों के गुणों से युक्त है क्योंकि इसके पास स्वयं की रेडियो ऊर्जा है। इसे “Master of Gods” भी कहा जाता है।
  • स्टिंग ऑफ पर्ल (String of Pearls): इस ग्रह के दक्षिणी गोलार्द्ध में वामावर्त (Counter-clockwise) घूर्णन करने वाले विशाल तूफानों की सफेद अंडाकार आकृतियों की एक श्रृंखला दिखाई देती है। 1986 के बाद से इनकी संख्या 6 से 9 के बीच बदलती रही है, वर्तमान में 8 आकृतियाँ दृश्यमान हैं।
  • मिशन: नासा द्वारा इसकी कक्षा के अध्ययन के लिए ‘जूनो मिशन’ एवं ‘गैलीलियो मिशन’ भेजे गए हैं।
  • वलय प्रणाली (Ring System): इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसके चारों ओर पूर्ण विकसित चमकीले वलयों (छल्लों) का होना है, जो छोटे-छोटे कणों से मिलकर बने हैं और गुरुत्वाकर्षण के कारण इसकी परिक्रमा करते हैं।
  • गैसों का गोला: इसे ‘गैसों का गोला’ भी कहा जाता है और यह पीले तारे के समान दिखाई देता है। यह सौरमंडल का सर्वाधिक चपटा और सबसे कम घनत्व (न्यूनतम औसत घनत्व) वाला ग्रह है।
  • उपग्रह: वर्तमान में इसके उपग्रहों की संख्या 82 है, जिनमें टाइटन (Titan) सबसे बड़ा है। टाइटन पर स्वयं का वायुमंडल तथा गुरुत्वाकर्षण दोनों विद्यमान हैं। नासा के अनुसार यहाँ हाइड्रोकार्बन के विशाल भंडार हैं। इसकी जानकारी के लिए नासा द्वारा ‘कैसिनी’ (Cassini) यान भेजा गया था।
  • विशेष तथ्य: शनि अंतिम ग्रह है जिसे नंगी आँखों से देखा जा सकता है।
  • खोज: इसकी खोज विलियम हर्शेल ने 1781 ई. में की थी। यह सूर्य की परिक्रमा 84 वर्षों में पूरा करता है।इसके ज्ञात उपग्रहों की संख्या 27 है।
  • लेटा हुआ ग्रह: इसका घूर्णन अक्ष इसके कक्षीय अक्ष के अत्यधिक अनुरूप (झुका हुआ) है, इसलिए इसे ‘लेटा हुआ ग्रह’ भी कहते हैं। इसके चारों ओर भी शनि की भाँति वलय पाए जाते हैं।
  • सूर्योदय की दिशा: शुक्र की भाँति यह भी पूर्व से पश्चिम की ओर घूर्णन करता है, जिसके कारण अरुण पर सूर्योदय पश्चिम में तथा सूर्यास्त पूर्व दिशा में होता है।
  • यह सूर्य से सबसे दूर स्थित (दूरस्थ) ग्रह है। इसकी खोज जर्मन खगोलशास्त्री जोहान गाले ने की थी। यह ग्रह हल्का पीला दिखाई देता है।
  • उपग्रह: इसके ज्ञात उपग्रहों की संख्या 13 है, जिसमें ट्राइटन (Triton) व मेरिड प्रमुख हैं।
  • नोट: सभी चारों बाह्य ग्रहों (बृहस्पति, शनि, अरुण एवं वरुण) के वायुमंडल में मुख्य रूप से हाइड्रोजन, हीलियम, मीथेन तथा अमोनिया गैसें पायी जाती हैं।
  • खोज: इसकी खोज क्लाइड टामबौ ने 1930 में की थी। पूर्व में इसे सौरमंडल का सबसे छोटा और 9वाँ ग्रह माना जाता था।
  • ग्रह का दर्जा समाप्त (2006): साल 2006 में International Astronomical Union (IAU) ने इससे ग्रह का दर्जा छीन लिया, क्योंकि इसकी कक्षा वरुण (Neptune) की कक्षा को काटती (Overlap करती) थी। इस प्रकार अब सौरमंडल में केवल आठ ग्रह रह गए हैं।
  • स्थिति: ये मंगल एवं बृहस्पति की कक्षाओं के मध्य क्षेत्र में सूर्य की परिक्रमा करने वाले अपेक्षाकृत छोटे आकाशीय पिंड हैं।
  • उत्पत्ति: खगोलशास्त्रियों के अनुसार इनकी उत्पत्ति ग्रहों के विस्फोट के फलस्वरूप टूटे हुए खंडों से हुई है।
प्राचल / प्रश्नउत्तर (ग्रह / पिंड)
सबसे बड़ा और सर्वाधिक द्रव्यमान वाला ग्रहबृहस्पति
सर्वाधिक तीव्र कक्षीय गति वाला ग्रहबुध
सबसे लम्बा संयुति (Synodic) दिवस वाला ग्रहबुध
सबसे छोटा संयुति दिवस वाला ग्रहबृहस्पति
सर्वाधिक उपग्रहों वाला ग्रहशनि (82 उपग्रह)
सबसे बड़े उपग्रह (गैनीमीड) वाला ग्रहबृहस्पति
सर्वाधिक औसत घनत्व वाला ग्रहपृथ्वी
न्यूनतम औसत घनत्व वाला ग्रहशनि
सर्वोच्च पर्वत (निक्स ओलंपिया) युक्त ग्रहमंगल
सबसे गहरे सागर युक्त ग्रहबृहस्पति
प्रबलतम चुम्बकीय क्षेत्र वाला ग्रहबृहस्पति
सर्वाधिक वृत्ताकार कक्षा वाला ग्रहशुक्र
सबसे गर्म ग्रहशुक्र
चन्द्रमा (उपग्रह) रहित ग्रहबुध और शुक्र
धरातल पर तरल (जल) की सर्वाधिक मात्रा युक्त ग्रहपृथ्वी
सर्वाधिक उत्केन्द्रित कक्षा वाले चन्द्रमा युक्त ग्रहवरुण

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