21 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनाने वाले SEMICON India 2026 (वैश्विक सेमीकंडक्टर हब के रूप में भारत का उभरता स्वरूप), पारंपरिक चिकित्सा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आयुष क्षेत्र का डिजिटल कायाकल्प), अल्ट्रा-हाई परफॉर्मेंस कंक्रीट तकनीक से बने इंदोरा चौक-दिघोरी फ्लाईओवर (UHPFRC तकनीक से बना नागपुर का नया इंफ्रास्ट्रक्चर लैंडमार्क), पर्यावरण एवं जलवायु गतिशीलता पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, पीएम विश्वकर्मा योजना के 3 साल, हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी सुदृढ़ करने वाले SLINEX-26 (भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास), तथा ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम (“विकास भी, विरासत भी” और सुशासन का मॉडल) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
SEMICON India 2026: वैश्विक सेमीकंडक्टर हब के रूप में भारत का उभरता स्वरूप
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सरकारी नीतियां।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास और इसके अनुप्रयोग; आईटी और अंतरिक्ष क्षेत्र में स्वदेशी प्रौद्योगिकी; सेमीकंडक्टर मिशन और औद्योगिक विकास।
चर्चा में क्यों?
यशोभूमि, नई दिल्ली में SEMICON India 2026 के 5वें संस्करण का सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया और मोहाली (CDIL) तथा सूरत (Suchi Semicon) में वाणिज्यिक उत्पादन लाइनों का वर्चुअल उद्घाटन कर देश में सेमीकंडक्टर निर्माण के नए युग की शुरुआत की।
मुख्य बिंदु: आयोजन के प्रमुख आयाम और ‘सेमीकंडक्टर 2.0’
1. आयोजन का दायरा और मुख्य विशेषताएं
- थीम: इस वर्ष का मुख्य विषय “Silicon to Systems: Building the Ecosystem” था।
- वैश्विक भागीदारी: इसमें 52 देशों के प्रतिनिधियों, 300 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों और जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर तथा स्वीडन के 6 कंट्री पवेलियन ने हिस्सा लिया।
- उत्पादन में प्रगति: सेमीकंडक्टर 1.0 के तहत स्वीकृत 12 परियोजनाओं में से अब 5 व्यावसायिक इकाइयां चालू हो चुकी हैं।
2. सेमीकंडक्टर 2.0 का विजन
- वित्तीय परिव्यय: इस नए चरण के लिए सरकार ने ₹1,27,500 करोड़ का बड़ा बजट निर्धारित किया है।

- छह मुख्य स्तंभ: डिजाइन, मशीनें और सामग्रियां (Materials), नए फैब, उन्नत पैकेजिंग (Advanced Packaging), अनुसंधान (R&D) और प्रतिभा विकास (Talent Development)।
3. स्टार्टअप्स, नवाचार और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग
- RISC-V ग्रैंड चैलेंज: ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ कार्यक्रम के तहत स्वदेशी VEGA और SHAKTI चिप्स आधारित समाधानों के लिए युवाओं को पुरस्कृत किया गया।
- कंट्री राउंडटेबल: अमेरिका, जापान, सिंगापुर, यूरोप, दक्षिण कोरिया और मलेशिया के साथ सप्लाई चेन, आरएंडडी और उन्नत पैकेजिंग को लेकर महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चाएं हुईं।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| आयोजन स्थल | यशोभूमि, नई दिल्ली (17–19 सितंबर 2026) |
| संस्करण | 5वां संस्करण (थीम: Silicon to Systems) |
| कुल प्रदर्शक व देश | 600+ प्रदर्शक (300 अंतर्राष्ट्रीय) | 52 देश |
| सेमीकंडक्टर 2.0 परिव्यय | ₹1,27,500 करोड़ (6 मुख्य स्तंभों पर आधारित) |
| चालू वाणिज्यिक इकाइयां | 5 इकाइयां (CDIL मोहाली और Suchi Semicon सहित) |
| महत्वपूर्ण प्रतियोगिता | डिजिटल इंडिया RISC-V ग्रैंड चैलेंज |
पारंपरिक चिकित्सा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: आयुष क्षेत्र का डिजिटल कायाकल्प
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (AI, LLM), आयुष प्रणालियां।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2 & 3): स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र; विज्ञान और प्रौद्योगिकी- विकास और उनके अनुप्रयोग; शासन में ई-गवर्नेंस की भूमिका।
चर्चा में क्यों?
आयुष मंत्रालय ने घोषणा की कि वह आयुष ग्रिड की डिजिटल नींव पर आगे बढ़ते हुए आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को नए स्तंभ के रूप में विकसित कर रहा है।भारत सरकार के इंडिया-एआई और भाषिणी अभियानों के सहयोग से इस दिशा में महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की गई हैं।
मुख्य बिंदु: एआई-संचालित उपकरण, वैश्विक मान्यता और साझेदारी
1. प्रमुख एआई चैटबॉट्स और उनके उपयोग
- MAISP चैटबॉट: आम नागरिकों को आयुष और आयुर्वेद की जानकारी संवाद शैली में देता है।
- ARP रिसर्च असिस्टेंट: जन-एआई पर आधारित यह टूल शोधकर्ताओं को आयुष साहित्य खंगालने में मदद करता है।
- eLMS चैटबॉट: आयुष शिक्षण संस्थानों में छात्र जीवन चक्र प्रबंधन को संभालता है।
- e-CHARAK चैटबॉट: औषधीय पौधों के व्यापार और व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एआई सहायक।
- योग सारथी और निवेश सारथी: योग के सही अभ्यासों के सुझाव और आयुष क्षेत्र में निवेश सुगमता के लिए एआई सहायक।
2. अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय सहयोग
- IndiaAI इंपैक्ट समिट 2026: डब्ल्यूएचओ के सहयोग से जारी ‘हेल्थ केसबुक’ में RAG (Retrieval-Augmented Generation) मॉडल पर आधारित आयुर्वेद डिसीजन सपोर्ट सिस्टम को प्रदर्शित किया गया।
- डब्ल्यूएचओ-आईटीयू-विपो तकनीकी रिपोर्ट (11 जुलाई 2025): पारंपरिक चिकित्सा में एआई के सुरक्षित, प्रमाण-आधारित और सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त उपयोग पर केंद्रित रिपोर्ट जारी की गई।
- भाषिणी एकीकरण: आयुष ग्रिड के सभी पोर्टल अब भारत की सभी 22 अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध हैं।
- AI Kosh पर उपलब्धता: आयुष मंत्रालय के अनुसंधान डेटा को ‘AI Kosh’ पर साझा किया गया है ताकि स्वतंत्र शोधकर्ता इसका उपयोग कर सकें।
3. भविष्य के अनुप्रयोग (IndiaAI इनोवेशन चैलेंज)
- वॉइस-बेस्ड ईएचआर (EHR): डॉक्टरों के लिए बोलकर इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने की सुविधा।
- रोग ट्रेंड पहचान: पारंपरिक चिकित्सा के डेटा से बीमारियों के रुझान को समझना और व्यक्तिगत उपचार (Personalised Care) देना।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| डिजिटल आधार | आयुष ग्रिड |
| तकनीकी दृष्टिकोण | RAG (Retrieval-Augmented Generation) |
| भाषा एकीकरण | भाषिणी पोर्टल (22 अनुसूचित भाषाएं) |
| व्यापारिक चैटबॉट | e-CHARAK (औषधीय पौधों का व्यापार) |
| वैश्विक केसबुक संस्थाएं | आयुष मंत्रालय + WHO (IndiaAI Summit 2026) |
इंदोरा चौक-दिघोरी फ्लाईओवर: UHPFRC तकनीक से बना नागपुर का नया इंफ्रास्ट्रक्चर लैंडमार्क
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं, बुनियादी ढांचा (सड़क एवं परिवहन), नई प्रौद्योगिकियां।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): बुनियादी ढांचा: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़कें, विमानपत्तन, रेलवे आदि; विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण और नई तकनीक का विकास।
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 353D (NH-353D) पर बने लगभग 8.9 किलोमीटर लंबे इंदोरा चौक-दिघोरी फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर इस फ्लाईओवर का नाम संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के नाम पर रखा गया है।
मुख्य बिंदु: निर्माण तकनीक, कनेक्टिविटी और भावी योजनाएं
1. UHPFRC तकनीक का उन्नत उपयोग
- अल्ट्रा-हाई परफॉर्मेंस फाइबर रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट (UHPFRC): इस फ्लाईओवर का निर्माण इस आधुनिक तकनीक से किया गया है।
- कम पिलर की आवश्यकता: UHPFRC तकनीक के कारण दो खंभों (Piers) के बीच बड़े स्पैन का निर्माण संभव हुआ, जिससे पिलरों की संख्या कम हुई और निर्माण कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा हो सका।
2. शहरी कनेक्टिविटी और यातायात में सुधार
- यात्रा समय में कटौती: उत्तर और दक्षिण नागपुर को जोड़ने वाले इस मार्ग पर यात्रा का समय 1 घंटे से घटकर मात्र 10 से 15 मिनट रह गया है।
- निर्माता एजेंसी: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा इसे लगभग ₹1,000 करोड़ की लागत से बनाया गया है।
- मुख्य चौराहे और रैंप: अशोक स्क्वेयर पर यह फ्लाईओवर 5 दिशाओं को जोड़ता है। डागा अस्पताल, रेशमबाग चौक और बड़ा ताजबाग पर रैंप दिए गए हैं, जिससे गांधीबाग और पांचपावली जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक कम होगा। अग्रसेन चौक पर मेट्रो कॉरिडोर के ऊपर से एलिवेटेड रास्ता निकाला गया है।
3. नागपुर का भावी इंफ्रास्ट्रक्चर विजन
- गोल्डन आर्क रिंग रोड: नागपुर के चारों ओर 148 किलोमीटर लंबी रिंग रोड विकसित की जा रही है।
- फ्लाईओवर्स का नेटवर्क: शहर में वर्तमान में 35 फ्लाईओवर चालू हैं तथा 15 नए फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं।
- न्यू नागपुर: निवेश आकर्षित करने के लिए बिजनेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर (CBD) के रूप में ‘न्यू नागपुर’ विकसित किया जा रहा है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| परियोजना का नाम | इंदोरा चौक-दिघोरी फ्लाईओवर |
| नया आधिकारिक नाम | डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार फ्लाईओवर |
| राष्ट्रीय राजमार्ग | NH-353D (नागपुर, महाराष्ट्र) |
| निर्माण तकनीक | UHPFRC (Ultra High Performance Fibre Reinforced Concrete) |
| कुल लंबाई एवं लागत | 8.9 किलोमीटर | ₹1,000 करोड़ |
पर्यावरण एवं जलवायु गतिशीलता पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन: सतत विकास का भारतीय मॉडल
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं, पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जलवायु परिवर्तन।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण और क्षरण, जलवायु परिवर्तन पर भारत की नीतियां और अंतर्राष्ट्रीय मंच (ISA, CDRI, GBA)।
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में “पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य” (The Future of Environment and Climate Dynamics) विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन की आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना था। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने प्राचीन सांस्कृतिक दृष्टिकोण और आधुनिक प्रौद्योगिकियों का समन्वय प्रस्तुत करते हुए वैश्विक जलवायु न्याय और भारत की नवीकरणीय ऊर्जा उपलब्धियों पर जोर दिया।
मुख्य बिंदु: विकास और पर्यावरण का संतुलन एवं प्रमुख उपलब्धियां
1. ऐतिहासिक न्याय और प्रति व्यक्ति उत्सर्जन
- ग्लोबल नैरेटिव को चुनौती: विकसित देश प्रति व्यक्ति उत्सर्जन में भारत की तुलना में 6 गुना अधिक जिम्मेदार हैं।
- वैश्विक औसत से कम: भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत के आधे से भी कम है।
- वैश्विक पहलें: भारत ने ISA (अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन), CDRI (आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन), GBA (वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन), OSOWOG और IBCA (बिग कैट एलायंस) जैसे मंचों का नेतृत्व किया है।
2. स्वच्छ ऊर्जा एवं हरित क्रांति
- COP-21 लक्ष्य: भारत G-20 का एकमात्र ऐसा देश है जिसने पेरिस समझौते (COP-21) के लक्ष्यों को समय से पहले हासिल किया।
- सौर क्रांति: सौर क्षमता 12 वर्षों में 2 गीगावॉट से बढ़कर 160+ गीगावॉट हुई।
- प्रमुख योजनाएं:
- PM सूर्या घर मुफ्त बिजली योजना: 50 लाख से अधिक घरों का सोलराइजेशन (प्रति घर ₹80,000 तक की वित्तीय सहायता)।
- PM-KUSUM योजना: 30 लाख किसानों को सोलर पंप मिले।
- One Nation-One Grid: 200 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन की रोकथाम।
3. क्लीन मोबिलिटी एवं परिवहन ढांचा
- हाइड्रोजन ट्रेन: भारत की पहली और दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ।
- ई-वाहन (EVs): 2014 में 3,000 से कम ईवी की तुलना में पिछले वर्ष 25 लाख ईवी की बिक्री हुई।
- मेट्रो और लॉजिस्टिक्स: 1,000 किमी से अधिक का मेट्रो नेटवर्क (20 से अधिक शहरों में जारी)।
- डीएफसी (DFC): 3,000 किमी लंबा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर स्थापित, जिससे ट्रकों से होने वाला प्रदूषण कम हुआ।
- जलमार्ग: 5,000 किमी अंतर्देशीय जलमार्ग चालू।
4. कृषि, जल और प्राकृतिक संरक्षण
- जल संरक्षण: ‘कैच द रेन’ के तहत 70,000 अमरीक सरोवर और 1.5 करोड़ वर्षा जल संचयन संरचनाएं निर्मित।
- प्राकृतिक खेती: राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 12.5 लाख हेक्टेयर में 24,000 क्लस्टर स्थापित।
- हरित आवरण: पिछले 12 वर्षों में अत्यंत घने जंगलों के क्षेत्र में 22% से अधिक की वृद्धि।
- अपशिष्ट प्रबंधन: सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, गोबरधन योजना के तहत कचरे से धन (Wealth from Waste) मॉडल।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| आयोजन स्थल | विज्ञान भवन, नई दिल्ली (19 सितंबर 2026) |
| आयोजक संस्था | नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) |
| सौर क्षमता में छलांग | 2 GW (2014) से 160+ GW (2026) |
| हाइड्रोजन ट्रेन | भारत की पहली एवं विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन |
| घने वन क्षेत्र में वृद्धि | पिछले 12 वर्षों में 22% से अधिक |
पीएम विश्वकर्मा योजना के 3 साल: पारंपरिक कारीगरों के लिए सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं, सरकारी योजनाएं और नीतियां (MSME एवं कौशल विकास)।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2 & 3): केंद्र एवं राज्यों द्वारा आबादी के संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं; भारतीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और समावेशी विकास।
चर्चा में क्यों?
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के धोनो धान्यो सभागार में पीएम विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ का आयोजन किया। मई 2026 में पश्चिम बंगाल के इस योजना में आधिकारिक रूप से शामिल होने के बाद यह राज्य में MSME मंत्रालय का पहला बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम था। इस अवसर पर योजना के तीन वर्षों की उपलब्धियों का जश्न मनाते हुए पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को प्रमाण पत्र, आधुनिक टूलकिट तथा ₹1 लाख तक के चेक वितरित किए गए।
मुख्य बिंदु: योजना की 3 वर्षों की प्रगति और प्रभाव
1. राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां
- शुरुआत और उद्देश्य: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2023 को पारंपरिक कारीगरों को वित्तीय और तकनीकी सहायता देने के लिए इसे लॉन्च किया था।
- पंजीकरण व प्रशिक्षण: योजना के तहत अब तक 30 लाख लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 24.50 लाख से अधिक को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण दिया गया।
- आधुनिक टूलकिट: इंडिया पोस्ट के माध्यम से 18.15 लाख आधुनिक टूलकिट वितरित किए गए।
- सस्ता ऋण समर्थन: 6.18 लाख विश्वकर्माओं को 5% की रियायती ब्याज दर पर ₹1 लाख तक का ऋण मिला (कुल ₹5,297 करोड़ का ऋण जारी)।
2. पश्चिम बंगाल में विस्तार और क्षेत्रीय प्रभाव
- आवेदन की स्थिति: राज्य में इस योजना के तहत 7 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।

- पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार: पश्चिम बंगाल पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में MSME विकास के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
3. तीन प्रमुख स्तंभ
- मूल मंत्र: यह योजना “सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि” के सिद्धांत पर काम करती है।
- महिला सशक्तिकरण: ग्रामीण महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाकर अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ना इसका प्राथमिक लक्ष्य है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| योजना की शुरुआत | 17 सितंबर 2023 |
| मंत्रालय | MSME मंत्रालय (कौशल विकास व वित्त मंत्रालय के सहयोग से) |
| वित्तीय सहायता (क्रेडिट) | प्रथम चरण में ₹1 लाख तक का ऋण (5% रियायती ब्याज दर पर) |
| टूलकिट वितरण माध्यम | इंडिया पोस्ट |
| कुल पंजीकृत लाभार्थी | 30 लाख (सितंबर 2026 तक) |
| वार्षिकोत्सव स्थल | कोलकाता, पश्चिम बंगाल (3rd Anniversary) |
SLINEX-26: भारत-श्रीलंका वार्षिक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं, प्रमुख सैन्य अभ्यास।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2 & 3): भारत और उसके पड़ोसी संबंध, द्विपक्षीय संबंध, क्षेत्रीय सुरक्षा एवं भारत की समुद्री सुरक्षा नीतियां (MAHASAGAR विजन)।
चर्चा में क्यों?
विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान के तत्वावधान में भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास SLINEX-26 का 13वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है। दो चरणों (हार्बर और सी फेज) में आयोजित इस अभ्यास में भारतीय नौसेना से स्वदेशी एंटी-सबमरीन वॉरफेयर कार्वेट INS कवारत्ती व INS ज्योति तथा श्रीलंका नौसेना से SLNS सिंदुराला भाग ले रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता (Interoperability), परिचालन तालमेल और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना है।
मुख्य बिंदु: अभ्यास के चरण, भाग लेने वाले पोत और रणनीतिक महत्व
1. अभ्यास की संरचना और गतिविधियां
- दो मुख्य चरण: यह अभ्यास दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है:
- हार्बर फेज: इसमें पेशेवर बातचीत, क्रॉस-डेक दौरे, योग, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।
- सी फेज: समुद्र में दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन तालमेल और इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- सुरुआत: SLINEX अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी।
2. भाग लेने वाले प्रमुख नौसैनिक पोत
- भारत (Indian Navy):
- INS कवारत्ती: स्वदेशी रूप से निर्मित एंटी-सबमरीन वॉरफेयर कार्वेट।
- INS ज्योति: भारतीय नौसेना का विशाल Fleet Tanker।
- श्रीलंका (Sri Lanka Navy):
- SLNS सिंदुराला: श्रीलंका नौसेना का गश्ती पोत।
3. रणनीतिक विजन
- ‘महासागर’ विजन: यह अभ्यास भारत के ‘महासागर’ (Mutual Advancement for Health, Assembly and Security Architecture for Growth in the Region) दृष्टिकोण के अनुरूप है।

- सुरक्षित समुद्री माहौल: इसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में सुरक्षा, स्थिरता और समावेशी समुद्री साझेदारी को मजबूत करना है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| अभ्यास का नाम | SLINEX-26 (Sri Lanka-India Naval Exercise) |
| संस्करण व वर्ष | 13वां संस्करण (सितंबर 2026) |
| आयोजन स्थल | विशाखापट्टनम (पूर्वी नौसेना कमान) |
| शुरुआत वर्ष | 2005 |
| भारतीय नौसैनिक जहाज | INS कवारत्ती (Anti-Submarine Corvette), INS ज्योति (Fleet Tanker) |
| श्रीलंकाई जहाज | SLNS सिंदुराला |
| संबद्ध रणनीतिक विजन | MAHASAGAR (हिंद महासागर में सुरक्षा व विकास) |
‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम: “विकास भी, विरासत भी” और सुशासन का मॉडल
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, भारतीय कला, संस्कृति और विरासत।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 1 & 2): भारतीय संस्कृति के मुख्य पहलू, सुशासन (Good Governance), नागरिक-केंद्रित शासन एवं नीतियां।
चर्चा में क्यों?
संस्कृति मंत्रालय ने नई दिल्ली के ऐतिहासिक पुराना किला में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम आयोजित किया। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दीप प्रज्वलित कर इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्र सेवा, जनकल्याण, और “विकास भी, विरासत भी” के संकल्प के साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण व संवर्धन का संदेश देना था।
मुख्य बिंदु: सांस्कृतिक विरासत, सुशासन और राष्ट्रीय संकल्प
1. परिणाम-आधारित सुशासन
- अंतिम व्यक्ति तक प्रभाव: सरकारी योजनाओं का मूल्यांकन केवल फाइलों या आंकड़ों से नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में आए वास्तविक बदलाव से तय होता है।
- सार्वजनिक विश्वास: वर्ष 2014 के बाद से जनभागीदारी के जरिए विकास प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया गया है, जिससे प्रशासन में जनता का भरोसा मजबूत हुआ है।
2. “विकास भी, विरासत भी” का विजन
- सांस्कृतिक स्वाभिमान: विरासत और आधुनिक विकास एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।
- सांस्कृतिक चेतना: भारत की शास्त्रीय, लोक और पारंपरिक कलाएं हमारी सभ्यता की धरोहर हैं। इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना मंत्रालय की पहली प्राथमिकता है।
- वैश्विक पटल पर भारत: वैश्विक मंचों (जैसे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन) पर भारत का बढ़ता प्रभाव और निर्णायक नेतृत्व राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखने की नीति का परिणाम है।
3. सांस्कृतिक भागीदार और प्रस्तुतियां
- कला अकादमियों का योगदान: संगीत नाटक अकादमी, कथक केंद्र, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD), ललित कला अकादमी और क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों (ZCCs) के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
- विरासत संरक्षण साझेदार: कार्यक्रम में राष्ट्रीय संस्कृति कोष (NCF) और ‘Adopt a Heritage’ (अपनी धरोहर, अपनी पहचान) पहल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| कार्यक्रम का नाम | ‘आशीर्वाद का दिया’ (‘सेवा संकल्प अभियान’ का हिस्सा) |
| आयोजन तिथि व स्थल | 17 सितंबर 2026, पुराना किला (नई दिल्ली) |
| आयोजक मंत्रालय | संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार |
| मूल मंत्र / विजन | “विकास भी, विरासत भी” (विकसित भारत 2047 के लिए) |
| प्रमुख सहभागी संस्थाएं | संगीत नाटक अकादमी, ललित कला अकादमी, NSD, कथक केंद्र, ZCCs |
| विरासत संरक्षण पहलें | राष्ट्रीय संस्कृति कोष (NCF) तथा ‘Adopt a Heritage’ योजना |