3 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत के मजबूत आर्थिक संकेतकों को दर्शाने वाले भारत की सॉवरन क्रेडिट रेटिंग में सुधार (जापानी रेटिंग एजेंसी JCR द्वारा ‘A-‘ दर्जा), बाघ परिदृश्यों व जैव-अर्थव्यवस्था के संरक्षण हेतु अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला एवं IBCA-ADB समझौता, युवाओं को साहसिक गतिविधियों में प्रेरित करने वाले तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 की घोषणा, जैव प्रौद्योगिकी और क्वांटम तकनीक के एकीकरण हेतु क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी पर राष्ट्रीय सम्मेलन, कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा अधिकारों को सुदृढ़ करने वाली EPFO एमनेस्टी योजना 2026 (पीएफ ट्रस्टों का नियमितीकरण), तथा भू-राजनीतिक स्थिरता व ऊर्जा परिवर्तन पर आधारित 6ठें अंतर्राष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन 2026 का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
भारत की सॉवरन क्रेडिट रेटिंग में सुधार: जापानी रेटिंग एजेंसी JCR ने दिया ‘A-‘ का दर्जा
- प्रारंभिक परीक्षा: भारतीय अर्थव्यवस्था, सरकारी नीतियां, विदेशी मुद्रा भंडार, सॉवरन रेटिंग।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, संवृद्धि, विकास तथा रोज़गार से संबंधित मुद्दे; राजकोषीय नीति और बैंकिंग प्रणाली।
चर्चा में क्यों?
जापान की प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Japan Credit Rating Agency (JCR) ने भारत की फॉरेन करेंसी और लोकल करेंसी लॉन्ग-टर्म इश्यूअर रेटिंग्स को ‘BBB+’ से बढ़ाकर ‘A-’ कर दिया है। इसके साथ ही JCR ने भारत के आउटलुक को ‘स्थिर’ (Stable) रखा है और कंट्री सीलिंग को भी बढ़ाकर ‘A’ कर दिया है। यह सुधार वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद को दर्शाता है।
मुख्य बिंदु: रेटिंग में सुधार के मुख्य कारण और आर्थिक आधार
1. मजबूत और लचीली जीडीपी वृद्धि (GDP Growth)
- सतत संवृद्धि: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8% रही।
- तिमाही प्रदर्शन: वैश्विक मंदी के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में भी भारत ने 7.8% की मजबूत वृद्धि दर बनाए रखी।
- मुख्य चालक: मजबूत निजी उपभोग (Private Consumption) और सार्वजनिक निवेश (Public Investment) ने इस संवृद्धि को संभाला है।
2. राजकोषीय घाटे में कमी और गुणवत्तापूर्ण व्यय
- राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2024-25 के 4.7% से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में 4.4% पर आ गया।
- कैपेक्स पर जोर: सरकार ने बुनियादी ढाँचे पर ध्यान केंद्रित करते हुए पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को ऊंचे स्तर पर बनाए रखा है।
3. वित्तीय प्रणाली और बैंकिंग क्षेत्र में सुधार
- एनपीए में कमी: दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (Insolvency and Bankruptcy Code – IBC), सरकार द्वारा पूंजी निवेश और आरबीआई (RBI) की सख्त निगरानी से बैंकों की संपत्ति गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
- गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs): एनबीएफसी क्षेत्र की परिसंपत्ति गुणवत्ता और पूंजी पर्याप्तता (Capital Adequacy) में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
4. मजबूत बाह्य क्षेत्र
- चालू खाता घाटा (CAD): सेवाओं के निर्यात में सरप्लस रहने से भारत का चालू खाता घाटा नियंत्रण में है।
- विदेशी मुद्रा भंडार: पर्याप्त फॉरेक्स रिजर्व के कारण भारत अल्पकालिक विदेशी ऋण के जोखिम से पूरी तरह सुरक्षित है।
भारत की रेटिंग अपग्रेड का इतिहास
| क्रेडिट रेटिंग एजेंसी | रेटिंग अपग्रेड का समय |
| Morningstar DBRS | मई 2025 |
| S&P Global Ratings | अगस्त 2025 |
| Rating and Investment Information, Inc. (R&I), जापान | सितंबर 2025 |
| Japan Credit Rating Agency (JCR) | सितंबर 2026 |
अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला: ‘टाइगर लैंडस्केप, बायोइकोनॉमी और इकोटूरिज्म’ एवं IBCA-ADB समझौता
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की समसामयिक घटनाएँ, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी, जैव विविधता, प्रोजेक्ट टाइगर, IBCA।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन, मानव-जीव वन्यजीव संघर्ष, सतत विकास एवं बायोइकोनॉमी।
चर्चा में क्यों?
नई दिल्ली में ‘टाइगर लैंडस्केप: संरक्षण, बायोइकोनॉमी और इकोटूरिज्म’ विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA), एशियाई विकास बैंक (ADB) और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसी अवसर पर IBCA और ADB के बीच प्राकृतिक परिदृश्य संरक्षण और वित्तपोषण के लिए एक MoU पर भी हस्ताक्षर किए गए।
मुख्य बिंदु: कार्यशाला के प्रमुख पहलू और भारत का दृष्टिकोण
1. पारिस्थितिक संरक्षण का मूल आधार: ‘सामंजस्य एवं मानव-प्रकृति सह-अस्तित्व’
- प्राकृतिक पूंजी के रूप में टाइगर लैंडस्केप: बाघों का अस्तित्व जंगलों, घास के मैदानों, नदियों, शिकार प्रजातियों और कॉरिडोर से जुड़ा है। ये लैंडस्केप जल सुरक्षा, कार्बन पृथक्करण और जलवायु नियमन जैसी महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी सेवाएँ (Ecosystem Services) प्रदान करते हैं।
- लैंडस्केप प्रबंधन: केवल प्रजाति-केंद्रित संरक्षण के बजाय एकीकृत लैंडस्केप प्रबंधन (Integrated Landscape Management) पर जोर दिया गया, जो पारिस्थितिक सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक विकास दोनों को संतुलित करता है।
2. पारंपरिक ज्ञान का नीतियों में समावेश
- ग्लोबल साउथ का स्वदेशी ज्ञान: पर्यावरण मंत्री ने आह्वान किया कि IBCA को ग्लोबल साउथ के स्थानीय समुदायों के पारंपरिक और देशी ज्ञान (Native Wisdom) को संकलित कर उसे संरक्षण नीतियों का हिस्सा बनाना चाहिए।
- मृदा क्षरण और मरुस्थलीकरण: मरुस्थलीकरण और मिट्टी की नमी में कमी जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में टाइगर लैंडस्केप का संरक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
3. IBCA और ADB के बीच ऐतिहासिक समझौता (MoU)
- सहयोग के क्षेत्र: परिदृश्य संरक्षण, क्षमता निर्माण, ज्ञान का आदान-प्रदान, सतत विकास और प्रकृति-अनुकूल वित्तपोषण (Nature-positive Financing)।

- ADB-भारत साझेदारी के 40 वर्ष: वर्ष 2026 में भारत और एशियाई विकास बैंक (ADB) की साझेदारी के 40 वर्ष पूरे हो रहे हैं। ADB भारत के समृद्ध संरक्षण अनुभवों को अन्य बिग कैट रेंज देशों (जैसे बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, मलेशिया, नेपाल, वियतनाम) के साथ साझा करने में सहायता करेगा।
सहभागी अंतर्राष्ट्रीय निकाय एवं संस्थागत ढांचा
- IBCA (International Big Cat Alliance): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत गठित, जो विश्व की 7 बड़ी बिल्ली प्रजातियों (बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, प्यूमा, जगुआर, चीता) के संरक्षण के लिए एक वैश्विक मंच है।
- NTCA (National Tiger Conservation Authority): वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय, जो भारत में ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ का संचालन करता है।
- ADB (Asian Development Bank): एक क्षेत्रीय विकास बैंक, जिसका उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| कार्यशाला का विषय | Tiger Landscapes: Conservation, Bioeconomy and Ecotourism |
| आयोजक संस्थाएँ | IBCA, ADB एवं NTCA (MoEFCC) |
| नया द्विपक्षीय समझौता | IBCA और ADB के बीच प्रकृति-अनुकूल वित्तपोषण हेतु MoU |
| भागीदार रेंज देश | बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, मलेशिया, नेपाल और वियतनाम |
| ADB-भारत साझेदारी वर्ष | 2026 (40 वर्ष पूरे) |
| IBCA द्वारा संरक्षित 7 प्रजातियाँ | बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा |
तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024: विजेताओं की घोषणा
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, पुरस्कार एवं सम्मान, खेल और साहसिक गतिविधियां।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2): युवा मामले, सरकारी नीतियां, मानव संसाधन का विकास और युवाओं का सशक्तीकरण।
चर्चा में क्यों?
युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (MoYA&S) ने वर्ष 2024 के लिए तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार (TNNAA) की घोषणा की। ये पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के साथ राष्ट्रपति भवन में प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक कांस्य प्रतिमा, एक प्रमाण पत्र और 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
मुख्य बिंदु: पुरस्कार का उद्देश्य और 2024 के विजेता
1. पुरस्कार का उद्देश्य और महत्व
- युवाओं में भावना का विकास: यह पुरस्कार युवाओं में साहस, सहनशीलता, टीम वर्क, त्वरित निर्णय लेने और जोखिम उठाने की क्षमता को बढ़ावा देता है।
- साहसिक गतिविधियों को प्रोत्साहन: देश में साहसिक खेल (Adventure Sports) के प्रति युवाओं की भागीदारी बढ़ाना।
2. तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 के विजेता
| क्र. सं. | विजेता का नाम | श्रेणी (Category) |
| 1. | सुश्री बलजीत कौर | थल साहस (Land Adventure) |
| 2. | श्री स्कालज़ांग रिग्ज़िन | थल साहस (Land Adventure) |
| 3. | श्री रिमो साहा | जल साहस (Water Adventure) |
| 4. | श्री शिव प्रसाद चमोली | जीवन पर्यंत उपलब्धि (Life Time Achievement) |
नोट: इस वर्ष ‘वायु साहस’ (Air Adventure) श्रेणी में कोई पुरस्कार घोषित नहीं किया गया है।
संस्थागत ढांचा एवं चयन प्रक्रिया
- चयन निकाय: राष्ट्रीय चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार द्वारा अंतिम मंजूरी दी जाती है।
- शीर्ष दर्जा: यह साहसिक गतिविधियों के क्षेत्र में दिया जाने वाला भारत का सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार है, जो खेल क्षेत्र के ‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न’ के समकक्ष माना जाता है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| पुरस्कार का नाम | तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार (TNNAA) 2024 |
| मंत्रालय | युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (MoYA&S) |
| पुरस्कार राशि | 15 लाख रुपये (प्रति विजेता) |
| पुरस्कार की श्रेणियां (4) | Land, Water, Air, and Life Time Achievement |
| प्रदानकर्ता | भारत के राष्ट्रपति (राष्ट्रपति भवन) |
| ऐतिहासिक पृष्ठभूमि | तेनज़िंग नोर्गे (एडमंड हिलेरी के साथ 1953 में एवरेस्ट फतह करने वाले प्रथम व्यक्ति) के सम्मान में नामित। |
क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी पर राष्ट्रीय सम्मेलन: भारत का रोडमैप
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की समसामयिक घटनाएँ, सामान्य विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और क्वांटम तकनीक।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं उनके अनुप्रयोग और दैनिक जीवन पर प्रभाव; आईटी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-प्रौद्योगिकी, जैव-प्रौद्योगिकी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरूकता।
चर्चा में क्यों?
IIT बॉम्बे परिसर में क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी पर राष्ट्रीय सम्मेलन (National Conference on Quantum Biotechnology) का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन Qmet Tech Foundation द्वारा किया गया, जो राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत IIT बॉम्बे में स्थापित क्वांटम सेंसिंग एंड मेट्रोलॉजी का थीमेटिक हब (T-Hub) है। इसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) का समर्थन प्राप्त है।
मुख्य बिंदु: क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी और इसके अनुप्रयोग
1. क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी क्या है?
- अंतर-विषयक क्षेत्र: यह क्वांटम सेंसिंग, क्वांटम इमेजिंग और क्वांटम कंप्यूटिंग का जैव विज्ञान (Life Sciences) के साथ एकीकरण है।
- पारंपरिक सीमाओं से परे: यह ऐसी जैविक प्रक्रियाओं और मापों को अनलॉक करता है जहाँ पारंपरिक उपकरण विफल हो जाते हैं।
2. मुख्य अनुप्रयोग क्षेत्र
- निदान (Diagnostics): अत्यधिक सटीक बायो-सेंसिंग तकनीक से शुरुआती चरण में बीमारियों की पहचान।
- बायोमेडिकल इमेजिंग: कोशिकाओं और ऊतकों का क्वांटम स्तर पर सूक्ष्म अवलोकन।
- दवा खोज (Drug Discovery): क्वांटम कंप्यूटिंग के माध्यम से जटिल आणविक संरचनाओं का त्वरित विश्लेषण।
- प्रिसिजन मेडिसिन: व्यक्तिगत स्तर पर सटीक लक्षित उपचार।
3. उद्योग और अकादमिक क्षेत्र का एकीकरण
- तकनीकी हस्तांतरण: प्रयोगशाला में विकसित क्वांटम सेंसर्स को वास्तविक नैदानिक (Clinical) और व्यावसायिक उपयोग में बदलना।
- स्टार्टअप्स और क्षमता निर्माण: NQM का मुख्य लक्ष्य भारत में क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी के लिए विनिर्माण, परीक्षण क्षमता और कुशल कार्यबल (Talent) तैयार करना है।
संस्थागत ढांचा एवं हितधारक
| संस्था / निकाय | भूमिका और योगदान |
| विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) | नोडल मंत्रालय और नीतिगत दिशा-निर्देश |
| Qmet Tech Foundation (IIT Bombay) | क्वांटम सेंसिंग एवं मेट्रोलॉजी के लिए NQM का T-Hub |
| जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) | जीवन विज्ञान क्षेत्र के अनुप्रयोगों में तकनीकी सहयोग |
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| सम्मेलन का नाम | National Conference on Quantum Biotechnology |
| आयोजन स्थल | IIT बॉम्बे (PC Saxena Auditorium) |
| आयोजक हब | Qmet Tech Foundation (T-Hub for Quantum Sensing & Metrology) |
| संबद्ध राष्ट्रीय मिशन | राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission – NQM) |
| सहयोगी विभाग | DST (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) एवं DBT |
| NQM का दायरा | 2023 से 2031 तक संचालित 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का राष्ट्रीय मिशन |
EPFO एमनेस्टी योजना 2026: पीएफ ट्रस्टों की छूट स्थिति का नियमितीकरण
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, सरकारी नीतियां, सामाजिक सुरक्षा।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2 & 3):
- GS Paper 2: सरकारी नीतियां और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप, सामाजिक सुरक्षा निकाय (EPFO)।
- GS Paper 3: भारतीय अर्थव्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा ढांचा और श्रम सुधार।
चर्चा में क्यों?
अधिसूचित कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना 2026 के तहत एक संक्रमणकालीन उपाय के रूप में एमनेस्टी प्रावधान पेश किए गए हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने संभावित पात्र भविष्य निधि (PF) ट्रस्टों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह योजना 29 जून 2026 से छह महीने की अवधि के लिए लागू है और इसकी अंतिम तिथि 28 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है।
मुख्य बिंदु: एमनेस्टी योजना की आवश्यकता, लाभ और क्रियान्वयन
1. योजना का मुख्य उद्देश्य
- पिछली तारीख से नियमितीकरण (Retrospective Regularization): यह योजना उन पीएफ ट्रस्टों के लिए एकमुश्त अवसर (One-time Opportunity) प्रदान करती है जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त हैं, लेकिन उनके पास EPF एवं MP अधिनियम, 1952 की धारा 17 या सामाजिक सुरक्षा संहिता (CoSS), 2020 की धारा 143 के तहत औपचारिक छूट आदेश (Formal Exemption Order) नहीं है।
2. पीएफ ट्रस्टों को मिलने वाली प्रमुख छूट और लाभ
- सख्त शर्तों में छूट: एमनेस्टी योजना के तहत आवेदन करने वाले पीएफ ट्रस्टों को सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की तीन कठिन शर्तों से राहत दी गई है:
- न्यूनतम कर्मचारियों की संख्या (Minimum Employee Headcount)।
- न्यूनतम कॉर्पस आकार।
- 3-वर्षीय अनुपालन नियम (3-Year Compliance Rule)।
- भविष्य का विकल्प: भूतलक्षी नियमितीकरण के बाद प्रतिष्ठान के पास यह विकल्प होगा कि वह छूट प्राप्त (Exempt) या गैर-छूट प्राप्त (Unexempt) प्रतिष्ठान के रूप में अपना अनुपालन जारी रखे।
3. EPFO का आउटरीच और हितधारक जुड़ाव
- ICAI के साथ साझेदारी: EPFO ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) से संपर्क किया है। सीए (CAs) वैधानिक और आयकर ऑडिट करते हैं, जिससे वे ऐसे पात्र पीएफ ट्रस्टों की पहचान आसानी से कर सकते हैं।

- आयकर विभाग से समन्वय: EPFO ने आयकर विभाग से आईटी अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्टों का विवरण मांगा है। साथ ही, बिना औपचारिक छूट वाले पीएफ ट्रस्टों की मान्यता जांचने का अनुरोध किया है।
- जागरूकता अभियान: यूपी और कोलकाता जैसे जोनल कार्यालयों के माध्यम से कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं।
एमनेस्टी योजना का मुख्य ढांचा
| पहलू | विवरण / प्रावधान |
| अधिसूचना तिथि | 29 जून 2026 |
| वैधता अवधि | 6 महीने (28 दिसंबर 2026 तक) |
| संबद्ध कानून | EPF & MP अधिनियम 1952, IT अधिनियम 1961, CoSS 2020 |
| प्रमुख नोडल एजेंसी | कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) |
| संस्थागत भागीदार | ICAI और आयकर विभाग (Income Tax Dept.) |
ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा: 6ठें अंतर्राष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन 2026 के मुख्य बिंदु
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी, परमाणु ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, स्टार्टअप इकोसिस्टम।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): बुनियादी ढांचा: ऊर्जा; सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-प्रौद्योगिकी, जैव-प्रौद्योगिकी और परमाणु क्षेत्र में जागरूकता; संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण; उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव।
चर्चा में क्यों?
नई दिल्ली में PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) द्वारा 6ठें अंतर्राष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया। इसका मुख्य विषय ‘भारत का ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा मिशन’ था। संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि ऊर्जा सुरक्षा अब केवल एक आर्थिक मुद्दा नहीं है। यह सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक मजबूती से जुड़ी है।
मुख्य बिंदु: ऊर्जा संक्रमण, परमाणु लक्ष्य और निजी भागीदारी
1. एआई युग और किफायती स्वच्छ ऊर्जा
- डाटा सेंटर की बढ़ती मांग: एआई-संचालित युग में डाटा सेंटर्स की ऊर्जा खपत तेजी से बढ़ रही है। भारत को अधिकतम लाभ उठाने के लिए सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा की सख्त जरूरत है।
- बहु-आयामी दृष्टिकोण: भारत को अपनी आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए स्वदेशी, सस्ती और तकनीक-संचालित ऊर्जा समाधान अपनाने होंगे।
2. परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव
- 100 GW का लक्ष्य: भारत ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
- निजी क्षेत्र के लिए द्वार खुले: परमाणु क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी को मंजूरी दी गई है।
- स्मॉल मॉड्युलर रिएक्टर्स (SMRs): वर्ष 2033 तक 5 स्मॉल मॉड्युलर रिएक्टर्स स्थापित करने की योजना है, जो भविष्य के स्वच्छ ऊर्जा ढाँचे को मजबूती देंगे।
3. हरित हाइड्रोजन, सर्कुलर इकोनॉमी और बायोफ्यूल्स
- हरित हाइड्रोजन ट्रेन: हाल ही में भारत की पहली ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई, जो परिवहन क्षेत्र में हरित क्रांति का संकेत है।
- अगली औद्योगिक क्रांति: सर्कुलर इकोनॉमी, एथेनॉल और सस्टेनेबल फ्यूल्स अगली औद्योगिक क्रांति के प्रमुख चालक (Drivers) बनेंगे।
4. अनुसंधान, विकास और निजी निवेश को बढ़ावा
- ₹1 लाख करोड़ RDI फंड: निजी क्षेत्र को रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने हेतु 1 लाख करोड़ रुपये के RDI फंड की घोषणा की गई है।
- Anusandhan NRF में भागीदारी: अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) का लक्ष्य कुल संसाधनों का 50–60% हिस्सा गैर-सरकारी स्रोतों से जुटाना है।

- स्टार्टअप इकोसिस्टम: भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम 350 से बढ़कर लगभग 2.4 लाख तक पहुँच गया है, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर आ गया है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| कार्यक्रम का नाम | 6ठा अंतर्राष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन 2026 |
| आयोजक संस्था | PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) |
| परमाणु ऊर्जा लक्ष्य 2047 | 100 GW |
| SMR लक्ष्य 2033 | 5 स्मॉल मॉड्युलर रिएक्टर्स |
| RDI फंड आवंटन | ₹1 लाख करोड़ |
| ग्लोबल स्टार्टअप रैंकिंग | भारत दुनिया में 3rd स्थान पर (लगभग 2.4 लाख स्टार्टअप्स) |