23 September 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत जल संसाधनों के सतत उपयोग हेतु 9वें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह (IIWW) 2026, जलवायु परिवर्तन के दौर में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले जलवायु-सहनशील जल प्रबंधन, भारत को वैश्विक फिल्म निर्माण हब बनाने हेतु लांच किए गए इंडिया सिने हब (एकीकृत डिजिटल मंच), भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और दादासाहेबा फाल्के सम्मान, एक-सींग वाले गैंडों के संरक्षण के लिए विश्व गैंडा दिवस और प्रोजेक्ट राइनो की शुरुआत, तथा भारत और जापान के बीच सामरिक व वायु रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने वाले एक्सरसाइज वीर गार्जियन 2026 (भारत-जापान संयुक्त वायु सेना अभ्यास) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
9वें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह (IIWW) 2026: जलवायु-सहनशील जल प्रबंधन
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, जल संसाधन, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 1, 2 & 3): भारत के भौतिक भूगोल के पहलू (जल संसाधन), सरकारी नीतियां एवं हस्तक्षेप, जल सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और अंतर-राज्यीय जल विवाद।
चर्चा में क्यों?
भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में 9वें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह (IIWW) 2026 का उद्घाटन किया। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 22 से 26 सितंबर 2026 तक आयोजित इस 5 दिवसीय सम्मेलन का मुख्य विषय (Theme) “जलवायु-सहनशील जल प्रबंधन” (Climate Resilient Water Management) रखा गया है।
मुख्य बिंदु: रणनीतिक ढांचा और प्रमुख पहलें
1. नई तकनीकी पहलें
- SURM फ्रेमवर्क: सम्मेलन के दौरान ‘सस्टेनेबल अर्बन रिवर मैनेजमेंट’ (SURM) फ्रेमवर्क लॉन्च किया गया। इसका उद्देश्य शहरी नदियों का वैज्ञानिक कायाकल्प करना है।
- AI/ML आधारित रिजरवायर सेडीमेंटेशन: जलाशयों में गाद (Sedimentation) प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित इंटीग्रेटेड सिस्टम की शुरुआत की गई।
- तकनीक-संचालित प्रबंधन: प्रतिक्रियात्मक (Reactive) जल प्रबंधन के बजाय भविष्यसूचक (Predictive) और AI/ML जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया है।
2. भारत में जल संसाधन की स्थिति और चुनौतियां
- विषमता: भारत के पास विश्व का 2.4% भू-भाग और 18% आबादी है, लेकिन वैश्विक ताजे पानी (Freshwater) के संसाधन केवल 4% हैं।
- बढ़ते दबाव: जलवायु परिवर्तन, तेजी से होता शहरीकरण और जनसंख्या वृद्धि जल प्रबंधन को जटिल बना रहे हैं।
- मुख्य आवश्यकताएँ: रिवर-बेसिन मैनेजमेंट, भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge), वर्षा जल संचयन और कृषि में सूक्ष्म सिंचाई (Micro-Irrigation) को बढ़ावा देना आवश्यक है।
3. अंतर-राज्यीय सहयोग और जन भागीदारी
- सहयोगी संघवाद (Cooperative Federalism): जल बंटवारे के मुद्दों को सुलझाने के लिए राज्यों के बीच 10 अंतर-राज्यीय समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना: 6 राज्यों के बीच हुआ यह समझौता अंतर-राज्यीय जल सहयोग का प्रमुख उदाहरण है।
- जन आंदोलन: प्रधानमंत्री के “जल संचय जन भागीदारी” के आह्वान के साथ जल संरक्षण को एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन बनाने का संदेश दिया गया। “जल सुरक्षा ही जन सुरक्षा और राष्ट्र सुरक्षा है।”
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| आयोजन तिथि व स्थान | 22-26 सितंबर 2026, भारत मंडपम (नई दिल्ली) |
| आयोजक मंत्रालय | जल शक्ति मंत्रालय (9वां संस्करण) |
| मुख्य थीम (Theme) | Climate Resilient Water Management |
| लॉन्च की गई पहलें | SURM (Sustainable Urban River Management) और AI/ML Integrated Reservoir Sediment Management |
| प्रमुख परियोजना मॉडल | किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना (6 राज्यों के बीच अंतर-राज्यीय समझौता) |
जल सुरक्षा और जलवायु-सहनशील जल प्रबंधन (Climate-Resilient Water Management)
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, जल संसाधन और पर्यावरण संरक्षण।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 1, 2 & 3): भारत के भौतिक भूगोल के पहलू (जल संसाधन), सरकारी नीतियां एवं हस्तक्षेप, जल सुरक्षा, पर्यावरण प्रदूषण/क्षरण और जलवायु परिवर्तन।
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल द्वारा लिखित एक लेख को सोशल मीडिया (X) पर साझा किया। इस लेख में भारत द्वारा जल सुरक्षा (Water Security) और जलवायु-सहनशील जल प्रबंधन हासिल करने के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय अभियानों और रणनीतियों का विस्तृत खाका पेश किया गया है।
मुख्य बिंदु: रणनीतिक स्तंभ और प्रमुख पहलें
1. जल सुरक्षा का मूल मंत्र
- साझा जिम्मेदारी: जल सुरक्षा केवल सरकार का दायित्व नहीं है। यह राज्यों, स्थानीय समुदायों और नागरिकों की एक साझा जिम्मेदारी है।
- त्रिसूत्रीय दृष्टिकोण: भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित करने हेतु तीन चीजें अनिवार्य हैं:
- मजबूत प्रणाली (Stronger Systems): प्रशासनिक व नीतिगत स्तर पर ढांचागत सुधार।
- वैज्ञानिक समाधान (Scientific Solutions): डेटा, तकनीक और इनोवेशन पर आधारित प्रबंधन।
- जन भागीदारी: सामुदायिक स्तर पर जल संरक्षण अभियान।
2. प्रमुख राष्ट्रीय जल मिशन
- जल जीवन मिशन: ग्रामीण घरों तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना और जल स्रोतों का सतत प्रबंधन।
- नमामि गंगे: नदी बेसिन के कायाकल्प, प्रदूषण नियंत्रण और जैव विविधता संरक्षण का एकीकृत मॉडल।
- तकनीक-संचालित समाधान: जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और सिंचाई दक्षता बढ़ाने के लिए आधुनिक डेटा-ड्रिवन टूल्स का प्रयोग।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| मूल अवधारणा | Climate-Resilient Water Management (जलवायु-सहनशील जल प्रबंधन) |
| मुख्य स्तंभ | मजबूत तंत्र + वैज्ञानिक समाधान + जन भागीदारी (Jan Bhagidari) |
| संबंधित प्रमुख मिशन | जल जीवन मिशन (JJM) और नमामि गंगे कार्यक्रम |
| प्रशासनिक नोडल निकाय | जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार |
| कार्यान्वयन स्तर | केंद्र, राज्य और स्थानीय समुदायों का एकीकृत प्रयास |
इंडिया सिने हब: भारत में फिल्म निर्माण का एकीकृत डिजिटल मंच
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की नीतियां, डिजिटल पहल और व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business)।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): भारतीय अर्थव्यवस्था, सेवा क्षेत्र का विकास, ई-गवर्नेस, रोजगार सृजन और पर्यटन क्षेत्र।
चर्चा में क्यों?
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ‘इंडिया सिने हब’ (ICH) की प्रगति रिपोर्ट जारी की, जो देश-विदेश के निर्माताओं को शूटिंग की तमाम मंजूरियां एक ही जगह मुहैया कराता है। यह डिजिटल पोर्टल मल्टी-एजेंसियों के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म कर कागजी प्रक्रियाओं, पुलिस क्लीयरेंस और फिल्म वीजा को बेहद सुलभ बना रहा है। हाल ही में इसके तहत ‘लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल’ (LEDC) को शामिल कर लाइव शो और कंसर्ट की अनुमतियों को भी सिंगल-विंडो सिस्टम से जोड़ दिया गया है। सरकार की इस पहल से भारत में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के साथ-साथ फिल्म पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भारी बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्य बिंदु: नीतिगत ढांचा और मीडिया अर्थव्यवस्था
1. इंडिया सिने हब (ICH) की प्रमुख विशेषताएं
- सिंगल-विंडो पोर्टल: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निर्माताओं को शूटिंग की सभी मंजूरी एक स्थान पर मिलती है।
- अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं: विदेशी दल के लिए फिल्म वीजा और अंतर्राष्ट्रीय सह-उत्पादन (Co-production) समझौतों की प्रोसेसिंग।
- GIS-आधारित डायरेक्टरी: शूटिंग लोकेशनों, स्थानीय वेंडरों (कास्टिंग, सुरक्षा, होटल) और सरकारी प्राधिकारियों का एकीकृत डेटाबेस।
- लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल (LEDC): अब लाइव इवेंट्स की अनुमति के लिए 9 प्रमुख वेन्यू को इस डिजिटल सिस्टम से जोड़ा गया है।
2. NFDC: एकीकृत नोडल संस्था
- स्थापना व विलय: राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) की स्थापना 1975 में हुई थी।
- विलय प्रक्रिया (2020): फिल्म डिवीजन, चिल्ड्रन्स फिल्म सोसाइटी, नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया और फिल्म समारोह निदेशालय का NFDC में विलय कर दिया गया।
- फिल्म बाजार: यह IFFI गोवा के साथ दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सह-उत्पादन बाजार आयोजित करता है।
3. भारतीय फिल्म उद्योग और अर्थव्यवस्था
- राजस्व एवं वृद्धि: FY24 में एंटरटेनमेंट सेक्टर का राजस्व USD 13.1 बिलियन (₹1.09 लाख करोड़) रहा, जिसके FY29 तक USD 17.5-19.7 बिलियन होने का अनुमान है।
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: 5G कवरेज (99.9% जिले), डेटा लागत में भारी कमी (2014 में ₹308/GB से घटकर 2026 में ₹7.51/GB) और 109 करोड़+ इंटरनेट यूजर्स।
- फिल्म पर्यटन: फिल्मों के जरिए पर्यटन बढ़ता है। उदाहरण के लिए, ‘3 इडिएट’ के बाद लद्दाख में पर्यटक 2.4 गुना बढ़े।
4. भारत के प्रमुख फिल्म सिटीज
| फिल्म सिटी | स्थान | क्षेत्रफल व विशेषताएं |
| दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी | गोरेगांव, मुंबई (1977) | 520 एकड़, 42 आउटडोर लोकेशन |
| रामोजी फिल्म सिटी | हैदराबाद (1996) | 2,000 एकड़ (गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया का सबसे बड़ा स्टूडियो) |
| नोएडा फिल्म सिटी | नोएडा, उत्तर प्रदेश | 100 एकड़, 16 स्टूडियो, 350 टीवी चैनल |
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| पोर्टल नाम | इंडिया सिने हब (ICH) |
| नोडल एजेंसी | राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) |
| NFDC स्थापना | 1975 (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत) |
| विश्व की सबसे बड़ी फिल्म सिटी | रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद (2,000 एकड़) |
| इंटरनेट उपभोक्ता (2026) | 109.2 करोड़+ (डेटा दर: ₹7.51/GB) |
| पुरस्कार विजेता राज्य | मध्य प्रदेश (68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट) |
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और दादासाहेबा फाल्के सम्मान
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, कला और संस्कृति (भारतीय सिनेमा व पुरस्कार)।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 1 & 2): भारतीय समाज, सांस्कृतिक विविधता, महिलाओं की भूमिका, सामाजिक समावेशन (Social Inclusion) और जन-कल्याण नीतियां।
चर्चा में क्यों?
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात के केवडिया (एकता नगर) में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए। इस भव्य समारोह में दिग्गज अभिनेता श्री अनंत नाग को वर्ष 2024 के प्रतिष्ठित दादासाहेबा फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
मुख्य बिंदु: पुरस्कार, सामाजिक संदेश और प्रमुख सिफारिशें
1. दादासाहेबा फाल्के पुरस्कार 2024
- सम्मानित व्यक्तित्व: दिग्गज अभिनेता श्री अनंत नाग।
- विशेषता: रंगमंच और सिनेमा के उत्कृष्ट समन्वय के साथ सहज, संयमित और स्वाभाविक अभिनय के लिए जाने जाते हैं।
2. प्रमुख पुरस्कृत फिल्में और उनका सामाजिक संदेश
- आर्टिकल 370: देश की राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा चुनौतियों और उनके संवैधानिक व व्यावहारिक समाधानों का चित्रण।
- स्वातंत्र्य वीर सावरकर: स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के जीवन संघर्ष और योगदान पर आधारित कलात्मक श्रद्धांजलि।
- भक्षक: महिला सुरक्षा और बाल यौन शोषण जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर जन-जागरूकता फैलाना।
- अंगेन: संथाली भाषा की इस फिल्म को राष्ट्रीय पहचान मिलने से सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय सामाजिक समावेशन (Social Inclusion) को बल मिला।
- भंगार (नॉन-फीचर फिल्म): जीवन, मृत्यु और अस्तित्व के अनछुए मानवीय पहलुओं की अभिव्यक्ति।
3. राष्ट्रपति द्वारा दिए गए मुख्य संदेश व सिफारिशें
- जूरी में महिलाओं की भागीदारी: राष्ट्रपति ने निर्देश दिया कि प्रत्येक क्षेत्रीय जूरी में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य होनी चाहिए ताकि सिनेमाई मूल्यांकन में समग्र मानवीय दृष्टिकोण शामिल हो सके।
- अनौपचारिक श्रम बल की सुरक्षा: फिल्म उद्योग के श्रमिकों, छोटे कलाकारों, सहायकों और संघर्षरत कर्मियों को उचित सम्मान और सामाजिक सुरक्षा (Social Security) देने पर बल दिया।
- सेलेब्रिटी एथिक्स (नैतिकता): प्रसिद्ध कलाकारों से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों (जैसे तंबाकू, गुटखा, शराब) का विज्ञापन न करने की अपील की। “सच्चा स्टार वही है जो समाज में प्रकाश फैलाए, अंधेरा नहीं।”
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| पुरस्कार संस्करण | 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (सितंबर 2026) |
| आयोजन स्थल | एकता नगर (केवडिया), गुजरात – स्टैच्यू ऑफ यूनिटी |
| दादासाहेबा फाल्के पुरस्कार 2024 | अनंत नाग (भारतीय सिनेमा में योगदान) |
| राष्ट्रीय एकता पर फिल्म | आर्टिकल 370 |
| जनजातीय सिनेमा | ‘अंगेन’ (संथाली भाषा की सम्मानित फिल्म) |
| नॉन-फीचर फिल्म | भंगार |
विश्व गैंडा दिवस (World Rhino Day) और प्रोजेक्ट राइनो की शुरुआत
- प्रारंभिक परीक्षा: पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी, जैव विविधता, संकटग्रस्त प्रजातियाँ और संरक्षण पहल।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन, जैव विविधता का क्षरण और सरकारी नीतियां।
चर्चा में क्यों?
विश्व गैंडा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सींग वाले गैंडों के संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए ‘प्रोजेक्ट राइनो’ की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की। यह नया राष्ट्रीय प्रोजेक्ट गैंडा-प्रभावित राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता देकर उनके प्राकृतिक आवास प्रबंधन, आनुवंशिक सुधार और आबादी के वैज्ञानिक अध्ययन को मजबूत बनाएगा। भारत में दुनिया की लगभग 80% गैंडा आबादी अकेले असम में निवास करती है, जहाँ काजीरंगा में शिकार पर रोक और यूपी के दुधवा में गैंडों का सफल पुनरावलोकन ऐतिहासिक सफलता साबित हुआ है।
मुख्य बिंदु: रणनीतिक ढांचा और राज्यवार संरक्षण स्थिति
1. प्रोजेक्ट राइनो की मुख्य विशेषताएं
- वित्तीय व तकनीकी सहायता: केंद्र सरकार गैंडा क्षेत्र वाले राज्यों (Range States) को वित्तीय और तकनीकी मदद देगी।
- आवास प्रबंधन (Habitat Management): गैंडों के प्राकृतिक आवासों को बेहतर बनाना और अवैध शिकार (Poaching) पर पूर्ण रोक लगाना।
- आनुवंशिक सुधार (Genetic Improvement): अंतःप्रजनन (Inbreeding) को रोकने के लिए आनुवंशिक विविधता बढ़ाना।
- जनसंख्या गतिशीलता (Population Dynamics): गैंडों की आबादी के रुझानों और उनके व्यवहार का वैज्ञानिक अध्ययन करना।
2. प्रमुख राज्यों में गैंडा संरक्षण की स्थिति
- असम: दुनिया की लगभग 80% गैंडा आबादी अकेले असम में है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान ने शिकार रोकने में वैश्विक मिसाल कायम की है।
- उत्तर प्रदेश: दुधवा राष्ट्रीय उद्यान में गैंडों का सफल पुनरावलोकन एक ऐतिहासिक उपलब्धि रहा है।
- बिहार और पश्चिम बंगाल: इन राज्यों के संरक्षित क्षेत्रों में गैंडों की सुरक्षित वापसी और आबादी में वृद्धि देखी गई है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| दिवस | विश्व गैंडा दिवस (22 सितंबर) |
| प्रजाति | ग्रेटर वन-हॉर्न्ड राइनो |
| IUCN रेड लिस्ट स्थिति | भेदद्य (Vulnerable) |
| वैश्विक आबादी का 80% | असम (मुख्यतः काजीरंगा नेशनल पार्क) |
| प्रमुख रेंज राज्य | असम, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार |
एक्सरसाइज वीर गार्जियन 2026: भारत-जापान संयुक्त वायु सेना अभ्यास
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास और भारत के सुरक्षा पहलू।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2): भारत और उसके पड़ोसी-संबंध, द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह (Quad/Indo-Pacific) तथा भारत के हितों पर प्रभाव।
चर्चा में क्यों?
भारतीय वायु सेना (IAF) और जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स (JASDF) के बीच द्विपक्षीय वायु सेना अभ्यास ‘वीर गार्जियन 2026’ का समापन हुआ। यह 14 दिवसीय संयुक्त सैन्य अभ्यास एयर फोर्स स्टेशन जोधपुर में आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी और अंतर-संचालनीयता (Interoperability) को और मजबूत बनाना है।
मुख्य बिंदु: रणनीतिक ढांचा और वायु रक्षा अभ्यास
1. भाग लेने वाले वायुयान और प्लेटफॉर्म
- भारतीय वायु सेना (IAF): भारत ने अपने फ्रंटलाइन लड़ाकू विमानों का बेड़ा तैनात किया, जिसमें Su-30 MKI, राफेल और स्वदेशी एलसीए तेजस शामिल थे।
- जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स (JASDF): जापानी वायु सेना ने अपने F-2A फाइटर एयरक्राफ्ट के साथ भाग लिया।
2. प्रमुख गतिविधियां और विशेष आकर्षण
- एडवांस फ्लाइंग मिशन: 14 दिनों के दौरान दोनों वायु सेनाओं ने विज़ुअल रेंज कॉम्बैट और मल्टी-एयरक्राफ्ट मिशन जैसी जटिल तकनीकों का अभ्यास किया।
- डिस्टिंग्विशविज़िटर डे: जापानी वायु सेना प्रमुख जनरल ताकेहिरो मोरिता और भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने जोधपुर एयरबेस का दौरा किया। दोनों प्रमुखों ने भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भी भरी।
- ग्राउंड इंटरैक्शन: ग्राउंड स्टाफ के बीच सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट एक्सचेंज, एयरोस्पेस सेफ्टी, मेंटेनेंस और मिशन प्लानिंग जैसे तकनीकी पहलुओं पर अनुभव साझा किए गए।
3. भारत-जापान रणनीतिक महत्व
- हिंद-प्रशांत सुरक्षा: क्वॉड भागीदार होने के नाते भारत और जापान का यह अभ्यास स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम है।
- द्विपक्षीय रक्षा संबंध: यह अभ्यास दोनों मित्र देशों के बीच बढ़ते सैन्य विश्वास, साझा सुरक्षा हितों और रक्षा सहयोग की गहराई को दर्शाता है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| अभ्यास का नाम | वीर गार्जियन 2026 |
| भाग लेने वाले देश | भारत (IAF) और जापान (JASDF) |
| आयोजन स्थल | एयर फोर्स स्टेशन जोधपुर, राजस्थान |
| IAF के विमान | Su-30 MKI, राफेल, LCA तेजस |
| JASDF के विमान | F-2A फाइटर जेट |
| विशेष उपलब्धि | जापानी एयर चीफ जनरल ताकेहिरो मोरिता ने तेजस में उड़ान भरी |