17 August 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत साइबर खतरों और एआई-आधारित चुनौतियों से निपटने के लिए आयोजित ‘साइबर कुश्ती 2026’ (राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एवं AI हैकाथॉन), डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना के तहत निर्मित भारत की स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप ‘विहान’, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अनुभव का लाभ उठाने हेतु राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार 2026 व पेंशनधारक कल्याण पहलों, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीकों के हस्तांतरण को गति देने वाले RSVC-AMRIT प्लेटफॉर्म, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री की प्रमुख घोषणाओं (AI मिशन, ऊर्जा स्वतंत्रता और नागरिक सुरक्षा ढांचा), तथा भारत की वैश्विक सॉफ्ट पावर को दर्शाने वाले ‘सूर्यपथ तिरंगा’ (वैश्विक ध्वज रिले) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
साइबर कुश्ती 2026: राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एवं AI हैकाथॉन
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय पहलें (साइबर कुश्ती 2026, NCCDFI 2026), MeitY, NIELIT, CERT-In, ISAC Foundation।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभाव, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आंतरिक सुरक्षा।
चर्चा में क्यों?
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) ने ‘साइबर कुश्ती 2026’ राष्ट्रीय हैकाथॉन लॉन्च किया। यह राष्ट्रीय हैकाथॉन साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में केवल कमियां ढूंढने के बजाय प्रतिभागियों की निर्णय क्षमता (Human Judgment) और प्राथमिकताओं के सटीक मूल्यांकन पर केंद्रित है। इस प्रतियोगिता का आयोजन ISAC फाउंडेशन और CERT-In (नॉलेज पार्टनर) के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें ‘अखाड़ा’, ‘दंगल’ और ‘केसरी’ नाम से तीन प्रगतिशील चरण शामिल हैं।
मुख्य बिंदु: हैकाथॉन का अनूठा प्रारूप, तीन चरण और पुरस्कार
1. निर्णय क्षमता पर फोकस
- पारंपरिक हैकाथॉन से अलग: यह पारंपरिक CTF (Capture The Flag) हैकाथॉन से भिन्न है। इसमें केवल खामियां ढूंढना पर्याप्त नहीं है।
- सिक्योरिटी एसेसमेंट पैकेज: हर टीम को AI-जनरेटेड गलत और सही निष्कर्षों का पैकेज दिया जाएगा। प्रतिभागियों को झूठे दावों को खारिज करने और असली खतरों की प्राथमिकता तय करने पर अंक मिलेंगे।
- समान अवसर: महंगे सुरक्षा उपकरणों पर निर्भरता खत्म की गई है। प्रतिभागी किसी भी AI टूल का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं।
2. प्रतियोगिता के तीन प्रमुख चरण
- अखाड़ा (Round 1): 15 सितंबर 2026 को ऑनलाइन राउंड। इसमें से 50 टीमें आगे बढ़ेंगी।
- दंगल (Round 2): 24 सितंबर 2026 को ऑनलाइन राउंड। इससे 10 फाइनलिस्ट चुनें जाएंगे।

- केसरी (Final Round): 9 अक्टूबर 2026 को डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली (NCCDFI 2026) में इन-पर्सन फाइनल।
3. सम्मान और पुरस्कार
- मुख्य खिताब: विजेता टीम को ‘साइबर केसरी 2026’ और पारंपरिक ‘गदा’ दी जाएगी।
- उपविजेता: उपविजेता टीमों को ‘रुस्तम’ और ‘पहलवान’ की उपाधि मिलेगी।
- विशेष पुरस्कार: सबसे स्पष्ट और तार्किक गलत उत्तर देने वाली टीम को भी अलग से पुरस्कृत किया जाएगा।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| आयोजक निकाय | NIELIT (MeitY के तहत डीम्ड यूनिवर्सिटी)। |
| नॉलेज पार्टनर | CERT-In (भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम)। |
| सहयोगी संस्था | ISAC Foundation (National Security Database के तहत)। |
| आयोजन का मुख्य मंच | 3rd NCCDFI 2026 (9-10 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली)। |
| भाग लेने की पात्रता | 3 छात्रों या शोधकर्ताओं की टीमें (मुफ्त पंजीकरण)। |
स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप ‘विहान’: DLI योजना के तहत बड़ी सफलता
- प्रारंभिक परीक्षा: DLI योजना, C2S कार्यक्रम, ‘विहान’ चिप, VEGA माइक्रोप्रोसेसर, सेमीकॉन 2.0।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 3): सूचना प्रौद्योगिकी (IT), सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र, स्वदेशी तकनीक का विकास, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर।
चर्चा में क्यों?
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक महत्वपूर्ण सफलता की घोषणा की। ‘डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव’ (DLI) योजना से समर्थित चेन्नै की ‘अहीसा डिजिटल इनोवेशन’ ने अपनी ब्रॉडबैंड चिप ‘विहान’ का सफल परीक्षण किया। यह नेटवर्क सिस्टम-ऑन-चिप (SoC) स्वदेशी VEGA माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित है। इसने ‘फर्स्ट-पास सिलिकॉन सक्सेस’ हासिल कर ली है। अब यह वर्ष 2027 तक व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ेगी।
मुख्य बिंदु: तकनीक, निवेश और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम
1. ‘विहान’ चिप और अहीसा की उपलब्धि
- मुख्य उद्देश्य: ऑप्टिकल फाइबर ब्रॉडबैंड नेटवर्किंग को तेज बनाना। यह भारतीय घरों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाएगी।
- स्वदेशी आधार: इसे पूरी तरह भारत के VEGA माइक्रोप्रोसेसर (C-DAC द्वारा विकसित) का उपयोग करके डिजाइन किया गया है।
- समयसीमा: गणतंत्र दिवस पर इसका डिजाइन टेप-आउट हुआ था। स्वतंत्रता दिवस पर परीक्षण सफल रहा। वर्ष 2027 में इसका व्यावसायिक उत्पादन (Production Tape-out) शुरू होगा।
2. वित्तीय प्रोत्साहन और निवेशक विश्वास
- निजी निवेश: अहीसा ने ‘तमिलनाडु इमर्जिंग सेक्टर सीड फंड’ (TNESSF) और अन्य निवेशकों से ₹40 करोड़ जुटाए हैं।
- DLI योजना का प्रभाव: DLI योजना के तहत समर्थित कंपनियों ने अब तक कुल 100 मिलियन डॉलर से अधिक का जोखिम पूंजी (VC) निवेश हासिल किया है।
- डिजाइन क्षमता: DLI समर्थित स्टार्टअप्स ने विभिन्न फाउंड्रीज में 35 से अधिक चिप डिजाइन टेप-आउट सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।
3. सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में भारत की बढ़त
- डिजाइन का महत्व: सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में चिप डिजाइनिंग की हिस्सेदारी 50% तक होती है। यह इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के बिल ऑफ मटेरियल्स (BOM) की लागत का 15–35% बनाती है।
- सेमीकॉन 2.0: जुलाई 2026 में ₹1,27,500 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ ‘सेमीकॉन 2.0’ को मंजूरी दी गई। इसका लक्ष्य केवल डिजाइन नहीं, बल्कि निर्माण, पैकेजिंग, उपकरण और अनुसंधान का संपूर्ण इकोसिस्टम बनाना है।
4. DLI और C2S योजना के अन्य प्रमुख परिणाम
- टूल्स की उपलब्धता: देश भर के 455 संस्थानों (350 शैक्षणिक संस्थान और 105 स्टार्टअप) को आधुनिक चिप-डिजाइन टूल्स प्रदान किए गए।
- चिप्स टू स्टार्टअप (C2S) प्रोग्राम: 71 शैक्षणिक संस्थानों द्वारा 245 चिप डिजाइन टेप-आउट किए जा चुके हैं।
- अन्य हालिया सफल चिप्स:
- Vervesemi: BLDC मोटर कंट्रोलर चिप का सफल परीक्षण (Incore के स्वदेशी प्रोसेसर द्वारा)।
- Netrasemi: 12nm विजन SoC (वीडियो एनालिटिक्स हेतु)।
- OptoML: 12nm ‘कंप्यूट-इन-मेमोरी’ SoC (AI प्रोसेसिंग हेतु)।
- Mindgrove Technologies: CCTV कैमरों के लिए PRAMA इंडिया से साझेदारी।
- IndieSemiC: ब्लूटूथ (BLE 6) चिप मॉड्यूल को वैश्विक प्रमाणन मिला।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| विहान | अहीसा द्वारा निर्मित स्वदेशी ब्रॉडबैंड SoC चिप। |
| मूल प्रोसेसर | VEGA (C-DAC द्वारा विकसित स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर)। |
| DLI योजना | सेमीकंडक्टर डिजाइन स्टार्टअप्स को वित्तीय व तकनीकी सहायता (MeitY)। |
| C2S कार्यक्रम | ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ – छात्रों/शोधकर्ताओं द्वारा चिप डिजाइनिंग हेतु। |
| सेमीकॉन 2.0 | ₹1.27 लाख करोड़ का बजट, जुलाई 2026 में स्वीकृत। |
राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार 2026 और पेंशनधारक कल्याण पहलें
- प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार, ‘अनुभव’ पोर्टल, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) अभियान, पेंशन मित्र योजना।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2): सुशासन (Good Governance), प्रशासनिक सुधार, ई-गवर्नेस, संस्थागत ज्ञान का संरक्षण और डिजिटल सार्वजनिक सेवाएं।
चर्चा में क्यों?
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 9वें ‘राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार 2026’ समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा इसका आयोजन किया जा रहा है। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस समारोह में 15 चयनित विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। इसी मंच से 60वीं सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श (Pre-Retirement Counselling) कार्यशाला भी आयोजित होगी।
मुख्य बिंदु: ‘अनुभव’ पोर्टल, राष्ट्रीय पुरस्कार और पेंशन कल्याण पहलें
1. ‘अनुभव’ पोर्टल और पुरस्कार
- उद्देश्य: केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त होने वाले/सेवानिवृत्त कर्मचारियों, 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) को अपने कार्य अनुभवों को साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करना।
- संस्थागत स्मृति का संरक्षण: इसका लक्ष्य प्रशासनिक ज्ञान और अनुभवों का लाभ उठाकर भविष्य के सुशासन में सुधार करना है।
- वर्ष 2026 के पुरस्कार विजेता: 15 विजेताओं को राष्ट्र निर्माण और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
- प्रमुख योगदान क्षेत्र: पासपोर्ट सेवा केंद्र, पुराने नियमों को निरस्त कर नए नियम बनाना, प्रशासन और लेखांकन में तकनीकी अनुकूलन तथा ऊर्जा संरक्षण।
2. सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श कार्यशाला
- 60वां संस्करण: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में तैनात सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए आयोजित।
- मुख्य ध्यान: सेवानिवृत्ति लाभों के समय पर और सुचारू भुगतान के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं की सटीक जानकारी प्रदान करना।
3. डिजिटल गवर्नेस एवं पेंशन सुधार
- पेंशन मित्र हैंडबुक: पेंशनभोगियों को सहायता प्रदान करने वाले प्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों के मार्गदर्शन हेतु जारी।
- DLC अभियान 5 (Nation-wide DLC Campaign 5): जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) को डिजिटल और बायोमेट्रिक तरीके से जमा करने हेतु राष्ट्रव्यापी अभियान के पांचवें चरण के दिशा-निर्देश जारी।
- बैंक प्रदर्शनी: 17 पेंशन वितरण बैंकों द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए विशेष उत्पादों और सेवाओं की प्रदर्शनी।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| आयोजक विभाग | पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW), कार्मिक मंत्रालय। |
| अनुभव पोर्टल | सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों के कार्य अनुभवों का डिजिटल संग्रह। |
| पुरस्कार विजेताओं की संख्या | 15 (वर्ष 2026 के लिए)। |
| DLC Campaign 5 | डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण) जमा करने का राष्ट्रव्यापी अभियान। |
| पार्टिसिपेटिंग एंटिटीज | केंद्रीय कर्मचारी, CPSEs और 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक। |
RSVC-AMRIT प्लेटफॉर्म: ग्रामीण नवाचार और तकनीक हस्तांतरण
- प्रारंभिक परीक्षा: RSVC-AMRIT प्लेटफॉर्म, नाबार्ड, RuTAGe, OPSA (मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय)।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2 & 3): ग्रामीण विकास, ई-गवर्नेंस, समावेशी विकास, कृषि व ग्रामीण उद्यमों में तकनीकी हस्तांतरण (Lab to Land)।
चर्चा में क्यों?
80वें स्वतंत्रता दिवस पर भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) प्रो. अजय कुमार सूद ने RSVC-AMRIT प्लेटफॉर्म का आधिकारिक शुभारंभ किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय (OPSA) के सहयोग से तैयार किया है। यह ‘रूरागे स्मार्ट विलेज सेंटर’ (RSVC) का डिजिटल ढांचा है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक पहुंचाने का काम करेगा।
मुख्य बिंदु: AMRIT प्लेटफॉर्म और RSVC इकोसिस्टम
1. AMRIT प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य
- डिजिटल रीढ़ (Digital Backbone): यह प्रयोगशालाओं में तैयार तकनीकों को सीधे गांवों तक पहुंचाने का काम करेगा।
- सत्यापन और ट्रैकिंग: यह केवल एक सूचना केंद्र नहीं है। यह तकनीकी खोज से लेकर उसके जमीनी क्रियान्वयन और निगरानी तक में मदद करेगा।
- सभी हितधारक एक मंच पर: नवोन्मेषक (Innovators), स्टार्टअप्स, शोध संस्थान, फंडिंग एजेंसियां और ग्रामीण समुदाय एक साथ जुड़ सकेंगे।

2. RuTAGe स्मार्ट विलेज सेंटर (RSVC) मॉडल
- सस्ती तकनीक का हस्तांतरण: शोध संस्थानों से उपयोगी और किफायती तकनीकों को सीधे ग्रामीण तकनीकी केंद्रों (RSVC) तक पहुंचाया जाएगा।
- प्रमुख क्षेत्र: कृषि, ग्रामीण उद्यम, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा, पेयजल, स्वच्छता और नागरिक सेवाएं।
- क्रियान्वयन और फंडिंग: नाबार्ड वर्तमान में 8 केंद्रों को सहायता दे रहा है। इसे कॉर्पोरेट CSR फंड और NABFOUNDATION (नाबार्ड की गैर-लाभकारी शाखा) के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।
3. राष्ट्रीय ज्ञान कोष
- सर्वोत्तम प्रथाओं का संग्रह: यह ग्रामीण तकनीकों, सफल केस स्टडीज और नवाचारों का देशव्यापी डेटाबेस बनेगा।
- उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence): नाबार्ड ने अपने मुंबई मुख्यालय में RSVCs के लिए विशेष उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की है।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| घटक / बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
| प्लेटफॉर्म का नाम | RSVC-AMRIT |
| विकासकर्ता निकाय | NABARD और OPSA (मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय) |
| कार्यान्वयन एजेंसी | NABFOUNDATION (नाबार्ड की सहायक संस्था) |
| वित्तपोषण (Funding) | नाबार्ड सहायता एवं कॉर्पोरेट CSR |
| लक्ष्य | ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी पहुंच और ‘विकसित भारत 2047’ को गति देना |
80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की प्रमुख घोषणाएं: AI, ऊर्जा और नागरिक सुरक्षा
- प्रारंभिक परीक्षा: लखपति दीदी योजना, 100 GW परमाणु ऊर्जा लक्ष्य, सिविल डिफेंस नेटवर्क, सेमीकंडक्टर मिशन।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2 & 3): मानव संसाधन विकास, आंतरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस), ऊर्जा सुरक्षा (परमाणु ऊर्जा), महिला सशक्तिकरण और मेक इन इंडिया (सेमीकंडक्टर)।
चर्चा में क्यों?
80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने देश के विकास और सुरक्षा से जुड़े कई दूरगामी राष्ट्रीय लक्ष्यों की घोषणा की। इनमें 1 करोड़ युवाओं को AI कौशल प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क और 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता जैसे बड़े लक्ष्य शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने, 5-15 वर्ष के बच्चों के लिए स्पोर्ट्स टैलेंट हंट और आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए वाइब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क के गठन का ऐलान भी किया।
मुख्य बिंदु: 80वें स्वतंत्रता दिवस की प्रमुख राष्ट्रीय घोषणाएं
1. युवा कौशल, शिक्षा और खेल पहल
- 1 करोड़ युवाओं को AI कौशल: अगले 1 वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में प्रशिक्षित किया जाएगा।
- मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क: डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के माध्यम से गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क बनेगा।
- स्पोर्ट्स टैलेंट हंट (5-15 वर्ष): गांवों, शहरों और स्कूलों से 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों की खेल प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें ओलंपिक स्तर की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
2. आंतरिक सुरक्षा: आधुनिक वाइब्रेंट सिविल डिफेंस
- बदलते युद्ध का स्वरूप: युद्ध अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है। रिफाइनरी, बैंकिंग क्षेत्र, डेटा सेंटर और फैकल्टीज भी निशाने पर हैं।
- नया वॉलिंटियर बल: पुरानी सिविल डिफेंस प्रणाली को बदलकर आधुनिक तकनीकी चुनौतियों से निपटने में सक्षम नागरिक स्वयंसेवक बल (Civil Defence Force) तैयार किया जाएगा।
3. प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता
- नए प्लांट्स की योजना: वर्तमान में 3 सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और निर्यात भी जारी है। अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट्स स्थापित करने का लक्ष्य है।
4. ऊर्जा सुरक्षा: परमाणु ऊर्जा 100 GW लक्ष्य
- 2047 तक लक्ष्य: चिप्स, AI और डेटा सेंटरों की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए वर्ष 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा गया है।
- नए रिएक्टर्स: इसी दशक में 5 नए परमाणु रिएक्टर्स शुरू किए जाएंगे।
- फास्ट ब्रीडर तकनीक: भारत ने इस वर्ष फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है।
5. महिला सशक्तिकरण: 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’
- नया लक्ष्य: 3 करोड़ लखपति दीदी का पुराना लक्ष्य पूरा हो चुका है। अब इस लक्ष्य को बढ़ाकर 6 करोड़ लखपति दीदी कर दिया गया है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| क्षेत्र / योजना | महत्वपूर्ण तथ्य |
| AI Skilling | 1 वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण |
| Sports Talent Hunt | 5 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रीय अभियान |
| परमाणु ऊर्जा क्षमता | वर्ष 2047 तक 100 GW (इसी दशक में 5 नए रिएक्टर्स) |
| लखपति दीदी योजना | नया विस्तारित लक्ष्य: 6 करोड़ महिलाएं |
| सेमीकंडक्टर निर्माण | अगले 7-8 वर्षों में 5-8 नए प्लांट्स |
सूर्यपथ तिरंगा: भारत का ऐतिहासिक वैश्विक ध्वज रिले
- प्रारंभिक परीक्षा: सूर्यपथ तिरंगा, हर घर तिरंगा अभियान, वंदे मातरम के 150 वर्ष।
- मुख्य परीक्षा (GS Paper 2): भारतीय प्रवासी (Indian Diaspora), सॉफ्ट पावर, अंतर्राष्ट्रीय संबंध और सांस्कृतिक कूटनीति।
चर्चा में क्यों?
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा 2026’ के तहत ‘सूर्यपथ तिरंगा’ नामक एक अनोखी वैश्विक पहल आयोजित की गई। यह पहल उगते सूर्य के मार्ग का अनुसरण करते हुए फिजी से शुरू होकर सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) तक पहुँची। इसने 19 से अधिक घंटों में दुनिया भर के 54 भारतीय मिशनों और दूतावासों को एक सांस्कृतिक सूत्र में बांधा।
मुख्य बिंदु: सूर्यपथ तिरंगा रिले और इसका महत्व
1. सूर्य की किरणों के साथ तिरंगे की यात्रा
- अवधारणा: सूर्य की गति के साथ-साथ दुनिया के अलग-अलग टाइम ज़ोन में तिरंगा फहराया गया।
- शुरुआत और समापन: इसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार (IST) रात 1:30 बजे सूवा (फिजी) से हुई। समापन रात 8:30 बजे सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में हुआ।
- भौगोलिक विस्तार: इसने प्रशांत महासागर, एशिया, मध्य पूर्व, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका के 54 राजनयिक मिशनों को जोड़ा।
2. सांस्कृतिक कूटनीति और ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष
- सामूहिक राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत: सभी दूतावासों में भारतीय समुदाय ने एक साथ ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ का गायन किया।
- ऐतिहासिक संदर्भ: यह वर्ष भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य के रूप में भी मनाया जा रहा है।
- प्रवासी जुड़ाव: इस अभियान ने भारतीय प्रवासियों (Indian Diaspora) के साथ देश के भावनात्मक संबंधों और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत किया।
3. ‘हर घर तिरंगा 2026’ का वैश्विक रूप
- थीम: “एक तिरंगा, एक यात्रा” (One Tiranga, One Journey)।
- वैश्विक सॉफ्ट पावर: भारत की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति और सांस्कृतिक विविधता में एकता को प्रदर्शित करने के लिए यह पहल आयोजित की गई।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| पहलू / मापदंड | महत्वपूर्ण तथ्य |
| पहल का नाम | सूर्यपथ तिरंगा – प्रथम संस्करण |
| मूल अभियान | हर घर तिरंगा 2026 (Har Ghar Tiranga 2026) |
| समय व कवरेज | 19+ घंटे, 54 भारतीय मिशन / दूतावास |
| आरंभिक व अंतिम बिंदु | फिजी (सूवा) से शुरू – अमेरिका (सैन फ्रांसिस्को) पर समापन |
| विशेष वर्षगांठ | ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष का स्मरणोत्सव |