13 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
13 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत संपन्न हुई ‘तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक’ और नागपुर घोषणापत्र, भारतीय कपड़ा उद्योग को सस्टेनेबल बनाने के लिए ‘चक्रीय वस्त्र अर्थव्यवस्था रोडमैप’, केरल के महान समाज सुधारक मन्नत पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण व नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) का ऐतिहासिक योगदान, तटीय सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगामी ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ अभियान 2026, तथा देश में वनीकरण को जन-आंदोलन बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘वृक्ष मित्र अभियान’ और मिशनLiFE जैसे परीक्षा-उपयोगी विषयों का व्यावहारिक व नीतिगत विश्लेषण। तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक: नागपुर घोषणापत्र और लॉजिस्टिक्स कूटनीति Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत महाराष्ट्र के नागपुर में तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक (3rd BRICS Transport Ministers’ Meeting) सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में सदस्य देशों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और परिवहन क्षेत्र को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सर्वसम्मति से एक ऐतिहासिक मंत्रिस्तरीय घोषणापत्र (Nagpur Ministerial Declaration) को अपनाया है। घोषणापत्र के प्रमुख स्तंभ और सहयोग के क्षेत्र इस रणनीतिक बैठक में ब्रिक्स देशों के बीच परिवहन कूटनीति को नया आयाम देने के लिए छह मुख्य प्राथमिकताओं पर सहमति बनी है: 1. परिवहन डीकार्बोनाइजेशन 2. सतत विमानन ईंधन (Sustainable Aviation Fuel – SAF) 3. बुनियादी ढांचे में चक्रीयता 4. शहरी गतिशीलता हब 5. लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग 6. ब्रिक्स रेलवे अनुसंधान नेटवर्क प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य विशिष्ट घटक / तथ्य महत्वपूर्ण तथ्य बैठक का स्थल तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक नागपुर, महाराष्ट्र में आयोजित की गई। ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 वर्ष 2026 के लिए ब्रिक्स (BRICS) समूह की अध्यक्षता भारत के पास है। अडॉप्टेड फ्रेमवर्क परिवहन मंत्रियों की बैठक से ठीक पहले 9-10 जुलाई को परिवहन कार्य समूह (Transport Working Group – TWG) के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरे एजेंडे को अंतिम रूप दिया था। सतत विमानन ईंधन (SAF) यह कृषि अपशिष्ट, प्रयुक्त खाना पकाने के तेल और ठोस कचरे से बनने वाला ईंधन है, जो विमानन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को 80% तक कम कर सकता है। भारत के कपड़ा क्षेत्र में चक्रीय अर्थव्यवस्था Why in News? (चर्चा में क्यों?) वैश्विक स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल (Sustainable) उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच भारत सरकार ने कपड़ा मूल्य श्रृंखला (Textile Value Chain) में चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया है। राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी 2025 के अनुसार, कपड़ा क्षेत्र भारत के जीडीपी में लगभग 2% और विनिर्माण जीवीए (Manufacturing GVA) में 11% का योगदान देता है। भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक है। 4.5 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देने वाले इस क्षेत्र को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए अब कच्चे माल से लेकर कचरा प्रबंधन (Waste Management) तक पूरी श्रृंखला को सस्टेनेबल बनाया जा रहा है। कपड़ा क्षेत्र में चक्रीयता के मुख्य आंकड़े भारत की पारंपरिक संसाधन-सचेत संस्कृति के कारण देश के कपड़ा क्षेत्र में रीसाइक्लिंग और पुनरुत्पादन का एक मजबूत ढांचा पहले से मौजूद है: स्थानीय कपड़ा कचरा रिकवरी के तीन सफल मॉडल 1. नवी मुंबई मॉडल 2. पानीपत हब (डाउनस्ट्रीम रीसाइक्लिंग) 3. मंगोलपुरी का कतरन बाजार उत्पादन के विभिन्न चरणों में सरकारी पहल उत्पादन का चरण प्रमुख सरकारी योजना/पहल मुख्य उद्देश्य एवं तथ्य इनपुट चरण (कच्चा माल) राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) इसके तहत जैविक कपास फाइबर (Organic Cotton) के प्रमाणीकरण मानकों को विनियमित किया जाता है, जिसे यूरोपीय आयोग द्वारा भी मान्यता प्राप्त है। जूट-ICARE (लॉन्च: 2015) जूट की उन्नत और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना। वर्ष 2024-25 तक इसका कवरेज बढ़कर 10 राज्यों के 2.15 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। न्यू एज फाइबर मिशन (MM-III) सिंथेटिक फाइबर के विकल्प के रूप में रामी, सिसाल और फ्लैक्स जैसे नए जमाने के प्राकृतिक फाइबर के उत्पादन को बढ़ावा देना। विनिर्माण चरण (उत्पादन) पीएम मित्रा (PM MITRA) पार्क इसके तहत ₹4,445 करोड़ के परिव्यय से 7 मेगा टेक्सटाइल पार्क (तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, मप्र, यूपी, महाराष्ट्र) स्वीकृत किए गए हैं, जहाँ वेस्ट-वाटर रीसाइक्लिंग अनिवार्य है। दिसंबर 2025 तक ₹27,434 करोड़ के निवेश समझौते हो चुके हैं। MSE-GIFT और MSE-SPICE (2023) कपड़ा क्षेत्र के MSMEs को हरित प्रौद्योगिकियां अपनाने के लिए 2% ब्याज सबवेन्शन (GIFT) तथा चक्रीय समाधानों के लिए 25% पूंजीगत सब्सिडी (SPICE) प्रदान करना। भारतीय कार्बन बाजार (ICM) कपड़ा क्षेत्र को कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS) के तहत अनिवार्य अनुपालन तंत्र में शामिल किया गया है, जिसके तहत कंपनियों को अपने स्कोप-1 और स्कोप-2 ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का खुलासा करना होगा। पोस्ट-प्रोडक्शन (कचरा प्रबंधन) ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी इन नियमों के तहत औद्योगिक इकाइयों (जैसे सीमेंट प्लांट) के लिए अपने ईंधन में कपड़ा कचरे से बने रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (RDF) का उपयोग 6 वर्षों में 5% से बढ़ाकर 15% करना अनिवार्य है। बाजार और प्रचार चरण इको-मार्क योजना, 2024 पर्यावरणीय मानदंडों को पूरा करने वाले कपड़ा उत्पादों के लिए 13 भारतीय मानक श्रेणियों के तहत ‘इको मार्क’ प्रमाणीकरण प्रदान करना। प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य मन्नाथु पद्मनाभन प्रतिमा अनावरण और मन्नम स्मृति मंडपम का उद्घाटन Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के द्वारका स्थित मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में महान समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी मन्नाथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण किया और ‘मन्नम स्मृति मंडपम’ का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन नायर सर्विस सोसाइटी (NSS), दिल्ली द्वारा किया गया था। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत एक पौधा भी लगाया। मन्नाथु पद्मनाभन: जीवन और सामाजिक योगदान केरल की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण इस आयोजन के दौरान उपराष्ट्रपति ने दिल्ली-एनसीआर में केरल की समृद्ध सांस्कृतिक और पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करने में नायर सर्विस सोसाइटी के प्रयासों की सराहना की। इसमें तीन प्रमुख कला रूप शामिल हैं: प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य विशिष्ट घटक / शब्दावली महत्वपूर्ण तथ्य मन्नाथु पद्मनाभन केरल के महान समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और नायर सर्विस सोसाइटी (1914) के संस्थापक। श्री सी. पी. राधाकृष्णन वर्तमान