8 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
8 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत भारत की डिजिटल कूटनीति की बड़ी सफलता के रूप में भारत के ONDC मॉडल पर आधारित इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) की शुरुआत, प्रधानमंत्री को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतंग अदिपूर्णा’, शिक्षा मंत्रालय की ऐतिहासिक UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट, राज्यों व जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI 2.0 और PGI-D) का विमोचन, तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में पूर्वोत्तर भारत को वैश्विक पहचान दिलाने वाली मिजोरम के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम को भारत का 21वां नामित रिपोजिटरी घोषित किए जाने की अधिसूचना। कामराजार पोर्ट बना 18-मीटर ड्राफ्ट क्षमता वाला देश का दूसरा प्रमुख बंदरगाह Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7 जुलाई 2026 को पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, कामराजार पोर्ट लिमिटेड (KPL) ने अपने ‘कैपिटल ड्रेजिंग चरण-VI’ (Capital Dredging Phase VI) प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इस विकास के साथ ही यह बंदरगाह अब 18.0 मीटर के परिचालन ड्राफ्ट (Operational Draft) की क्षमता हासिल करने वाला विशाखापत्तनम पोर्ट के बाद देश का दूसरा ‘मेजर पोर्ट’ बन गया है। प्रोजेक्ट के मुख्य वित्तीय और तकनीकी घटक बंदरगाह की परिचालन क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं: रणनीतिक और आर्थिक महत्व (Economic & Strategic Impacts) यह परियोजना ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ और ‘मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य बंदरगाह / घटक महत्वपूर्ण तथ्य कामराजार पोर्ट यह तमिलनाडु के चेन्नई (एन्नोर) में स्थित है. यह भारत का पहला कॉरपोरेटाइज्ड मेजर पोर्ट (कंपनी के रूप में पंजीकृत सरकारी बंदरगाह) है। 18-मीटर ड्राफ्ट वाले भारत के मेजर पोर्ट पहला: विशाखापत्तनम पोर्ट (आंध्र प्रदेश), दूसरा: कामराजार पोर्ट (तमिलनाडु)। Capesize Vessels ये वे बहुत बड़े मालवाहक जहाज होते हैं जो स्वेज या पनामा नहरों से नहीं गुजर सकते और उन्हें ‘केप ऑफ गुड होप’ या ‘केप हॉर्न’ से होकर जाना पड़ता है. इनके लिए गहरा ड्राफ्ट (कम से कम 18 मीटर) अनिवार्य होता है। डेडवेट टनेज (DWT) यह किसी जहाज की कुल सुरक्षित वजन उठाने की क्षमता (कार्गो, ईंधन, चालक दल आदि सहित) का माप है। कपास उत्पादकता मिशन (कपास कांति) — भारतीय कपड़ा क्षेत्र में नई क्रांति Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7 जुलाई 2026 को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन को कपास उत्पादकता मिशन (कपास कांति) की प्रगति और रूपरेखा के बारे में विस्तृत जानकारी दी. उपराष्ट्रपति ने इस मिशन के समग्र दृष्टिकोण की सराहना करते हुए नई तकनीकों को तेजी से अपनाने और वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया। मिशन के तीन सबसे महत्वपूर्ण घटक मिशन की रणनीतिक आवश्यकता और मुख्य एजेंडा प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य संगठन / पहल महत्वपूर्ण तथ्य मिशन का नाम कपास उत्पादकता मिशन (कपास कांति)। संबंधित मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त पहल। कस्तूरी कॉटन भारतीय कपास की ब्रांडिंग, ट्रेसेबिलिटी और प्रीमियम गुणवत्ता प्रमाणन के लिए भारत सरकार की फ्लैगशिप पहल। किसान कपास ऐप कपास किसानों की बाजार तक पहुंच और डिजिटल सहायता सुनिश्चित करने वाला ऐप। राज्यों और जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI 2.0 और PGI-D) रिपोर्ट 2025-26 Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2.0 (PGI-S) और जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI-D) की संयुक्त रिपोर्ट (वर्ष 2025-26) जारी की है. भारत की विशाल स्कूली शिक्षा प्रणाली (14.67 लाख से अधिक स्कूल, 1.03 करोड़ शिक्षक और लगभग 24.72 करोड़ छात्र) की गुणवत्ता और प्रशासनिक कमियों को ट्रैक करने के लिए यह रिपोर्ट एक मार्गदर्शक का काम करती है। परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI-S 2.0): राज्यों की ग्रेडिंग PGI-S का मुख्य उद्देश्य राज्यों को रैंक देने के बजाय उन्हें ‘समान प्रदर्शन बैंड’ या ग्रेड में रखकर एक स्वस्थ और रचनात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI-D) राज्यों के बाद शासन की सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई यानी जिला स्तर पर शिक्षा की वास्तविक स्थिति को मापने के लिए शिक्षा मंत्रालय PGI-D सूचकांक जारी करता है. इसका मुख्य फोकस शैक्षिक नीतियों के परिणाम आधारित मापन (Outcome Measurement) पर है। प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य सूचकांक / घटक महत्वपूर्ण तथ्य नोडल मंत्रालय केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग)। PGI-S 2.0 (राज्यों के लिए) कुल 1000 अंक, 2 मुख्य श्रेणियां और 6 डोमेन पर आधारित। PGI-D (जिलों के लिए) कुल 600 अंक, 6 श्रेणियां और 11 डोमेन पर आधारित। मुख्य डेटा प्रदाता UDISE+ (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस) और परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024। मिजोरम का नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम बना भारत का 21वां नामित रिपोजिटरी Why in News? (चर्चा में क्यों?) हाल ही में 7 जुलाई 2026 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, मिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम (NHM) को जैव विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 39 के तहत ‘नामित रिपोजिटरी’ (Designated Repository) घोषित किया गया है. 19 जून 2026 को जारी इस आधिकारिक अधिसूचना के बाद यह म्यूजियम भारत का 21वां नामित रिपोजिटरी बन गया है, जो उत्तर-पूर्वी भारत की समृद्ध जैविक संपदा के संरक्षण में एक बड़ा मील का पत्थर है। नामित रिपोजिटरी (Designated Repository) क्या है और इसका महत्व? भारत के जैव विविधता शासन ढांचे (Biodiversity Governance Framework) में इनका स्थान बेहद महत्वपूर्ण होता है: मिजोरम नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम (NHM) की विशेषताएं वैश्विक और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ाव प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / शब्दावली महत्वपूर्ण तथ्य 21वां नामित रिपोजिटरी नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम (NHM), मिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल। वैधानिक प्रावधान जैव विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 39 के तहत केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित (राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण – NBA की सिफारिश पर)। Leptobrachella tamdil मिजोरम में खोजी गई एक स्थानिक उभयचर (Amphibian) प्रजाति। बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट मिजोरम भारत के इंडो-बर्मा हॉटस्पॉट का हिस्सा है। Ex-situ Conservation जीवों या वनस्पतियों को उनके प्राकृतिक आवास से दूर (जैसे म्यूजियम, जीन बैंक,