30 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
30 June 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के संकलन में ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित ऐतिहासिक ‘राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन’ के बड़े निर्णयों, जैसे मनरेगा (MGNREGS) का स्थान लेने वाली नई ‘VB-GRAM-G’ योजना और महिला सशक्तिकरण हेतु ‘SHE LEAPS’ प्लेटफॉर्म के साथ-साथ पंचायती राज मंत्रालय द्वारा ग्राम सभाओं में कम भागीदारी पर जारी राष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्ट को शामिल किया गया है। सुमन रोडमैप 2030: मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सुरक्षा रणनीति Why in News? (चर्चा में क्यों?) केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद (CCHFW) के 16वें सम्मेलन के दौरान ‘सुमन रोडमैप 2030’ लॉन्च किया है। यह नीतिगत ढांचा वर्ष 2030 तक मातृ और नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को प्राप्त करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रोडमैप के मुख्य स्तंभ और रणनीतिक दृष्टिकोण 1. जीवन-चक्र दृष्टिकोण (Life-Cycle Approach) यह रोडमैप RMNCHA+N (प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल, किशोर स्वास्थ्य और पोषण) फ्रेमवर्क के तहत काम करता है। यह गर्भावस्था से पहले (Pre-pregnancy), गर्भावस्था के दौरान, प्रसव और प्रसव के तुरंत बाद की अवधि के हस्तक्षेपों को एक साथ जोड़ता है। 2. उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था का 4-चरणीय प्रबंधन जटिलताओं को रोकने के लिए हाई-रिस्क प्रेगनेंसी की ट्रैकिंग चार स्तरों पर होगी: 3. लक्षित भौगोलिक दृष्टिकोण (Differentiated Strategy) प्रमुख नीतिगत हस्तक्षेप और तकनीकी नवाचार उच्च-फोकस राज्यों के लिए विशेष पैकेज सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सामान्य रणनीतियाँ रोडमैप के मुख्य लक्ष्य (2030) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु मुख्य परीक्षा और प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य योजना / रोडमैप सुमन रोडमैप 2030 नोडल प्रभाग मातृ स्वास्थ्य प्रभाग, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय मूल फ्रेमवर्क RMNCHA+N (प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल, किशोर स्वास्थ्य और पोषण) MMR का लक्ष्य वर्ष 2030 तक < 70 प्रति एक लाख जीवित जन्म निगरानी पोर्टल जननी पोर्टल (डिजिटल ट्रैकिंग और रिपोर्टिंग हेतु) सामुदायिक जुड़ाव सुमन पंचायत और मदर्स पिकनिक पहलें शिशु सुरक्षा अवधि SSBSK के तहत जन्म से लेकर 36 महीने तक निरंतर घर पर देखभाल राष्ट्रीय बाघ पुनर्परिचय कार्यशाला और भविष्य का रोडमैप Why in News? (चर्चा में क्यों?) 28 जून 2026 को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने राजस्थान के अलवर में “बाघ पुनर्परिचय: अवसर और चुनौतियाँ” (Tiger Reintroduction: Opportunities & Challenges) पर राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में देश के 12 मुख्य वन्यजीव प्रतिपालकों (Chief Wildlife Wardens) और 18 फील्ड निदेशकों ने बाघ-कमी वाले क्षेत्रों (Tiger-deficient Landscapes) में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए एक वैज्ञानिक रोडमैप पर विचार-विमर्श किया। कार्यशाला के मुख्य निष्कर्ष और रणनीतिक रोडमैप 1. वैज्ञानिक पुनर्परिचय और स्टॉक पुनर्प्राप्ति ढांचा 2. शिकार आधार में वृद्धि (Prey Augmentation) 3. कम बाघ घनत्व वाले रिज़र्व की तैयारी देश के जिन टाइगर रिज़र्व में बाघों का घनत्व बहुत कम है, उन्हें भविष्य की रिकवरी के लिए तैयार किया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: प्रोजेक्ट चीता से सीख कार्यशाला में ‘प्रोजेक्ट चीता’ पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इसे दुनिया का पहला अंतर-महाद्वीपीय बड़े मांसाहारी जीव पुनर्परिचय कार्यक्रम (World’s first inter-continental large carnivore reintroduction) माना जाता है। इस प्रोजेक्ट से मिले अनुभवों और पाठों (जैसे सैटेलाइट ट्रैकिंग, सुरक्षा व्यवस्था और अनुकूलन प्रबंधन) का उपयोग अब भारत में बाघों और अन्य वन्यजीवों के भावी स्थानांतरण और पुनर्प्राप्ति कार्यक्रमों को सुरक्षित बनाने में किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु मुख्य तथ्य (Quick Pointers for Prelims) आयोजन स्थल अलवर, राजस्थान (इसके बाद प्रतिभागियों ने सरिस्का टाइगर रिजर्व का दौरा किया) आयोजक संस्था राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और MoEFCC तकनीकी भागीदार भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII – Wildlife Institute of India) शिकार संवर्धन जीव गौर (Gaur) और बारासिंघा (Prey Augmentation हेतु स्थानान्तरण) कम घनत्व वाले लक्षित रिज़र्व बुक्सा (WB), अचानकमार, उदंती-सीतानदी, इंद्रावती (Chhattisgarh), पलामू (Jharkhand) केस स्टडीज वाले रिज़र्व सरिस्का, मुकुंदरा हिल्स, पन्ना, वीरांगना दुर्गावती, सतकोसिया, सिमलीपाल, राजाजी, सह्याद्रि, नवेगांव-नागझिरा किसान सारथी प्लेटफॉर्म और डिजिटल कृषि कूटनीति Why in News? भारत के सबसे बड़े एकीकृत डिजिटल कृषि-सलाहकार प्लेटफॉर्म ‘किसान सारथी’ ने देश के कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। जुलाई 2021 में लॉन्च होने के बाद से 25 जून 2026 तक इस प्लेटफॉर्म ने देश के 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 768 जिलों और 6.63 लाख गांवों को अपने नेटवर्क में शामिल कर लिया है। किसान सारथी प्लेटफॉर्म क्या है? यह भारतीय किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में सही समय पर प्रामाणिक और वैज्ञानिक कृषि सलाह प्रदान करने वाला एक अग्रणी डिजिटल प्लेटफॉर्म है। प्लेटफ़ॉर्म की तकनीकी संरचना और कार्यप्रणाली 1. IIDS तकनीक (Interactive Information Dissemination System) किसान सारथी प्लेटफॉर्म की रीढ़ IIDS तकनीक है, जो किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच द्वि-मार्गी संचार (Two-way Communication) सुनिश्चित करती है। 2. अन्य राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकरण किसानों को अलग-अलग सेवाओं के लिए भटचना न पड़े, इसलिए किसान सारथी को भारत के 5 बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकृत किया गया है: कृषि हितधारकों को मिलने वाले लाभ 1. किसानों के लिए (For Farmers) 2. वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं के लिए (For Policymakers & Experts) प्रगति और लाभार्थी कवरेज (25 जून 2026 तक के आंकड़े) प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य घटक / बिंदु मुख्य तथ्य (Quick Pointers for Prelims) प्लेटफ़ॉर्म का नाम किसान सारथी (Kisan Sarathi) – जुलाई 2021 में लॉन्च। संबद्ध मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) + कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय। कार्यान्वयनकर्ता IASRI और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (DIC)। मुख्य तकनीक IIDS (Interactive Information Dissemination System) और KYF दृष्टिकोण। भाषा समर्थन 13 क्षेत्रीय भाषाओं में लाइव संवाद (भाषिनी प्लेटफॉर्म के सहयोग से)। योजनाओं की उपलब्धता कुल 610 योजनाएं (102 केंद्रीय और शेष राज्य/UT की योजनाएं)। पहुंच के माध्यम कॉल सेंटर, CSC, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप (WhatsApp) और मोबाइल ऐप। TRL कम्पास प्लेटफॉर्म और भारत का डीप-टेक इनोवेशन इकोसिस्टम Why in News? (चर्चा में क्यों?) 29 जून 2026 को भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय (OPSA) ने ‘डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया’ (DSCI) के सहयोग से ‘TRL कम्पास प्लेटफॉर्म’ (TRL Compass Platform) लॉन्च किया है। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) प्रो. अजय कुमार सूद की