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NCERT Notes Class 6 Social science (Geography) Chapter 12: Grassroots Democracy – Part 3 Local Government in Urban Areas

NCERT Notes Class 6 Social science (Geography) Chapter 12: Grassroots Democracy – Part 3 Local Government in Urban Areas भारतीय शहरों और कस्बों के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करता है। बड़े शहरों में नगर निगम (Municipal Corporation) और छोटे शहरों में नगरपालिका (Municipality) जैसे संस्थान कैसे काम करते हैं, इसका विस्तृत और सरल विवरण यहाँ मिलता है। शहरी क्षेत्रों को ‘वार्डों’ में कैसे विभाजित किया जाता है, निर्वाचित वार्ड पार्षदों की क्या भूमिका होती है, और प्रशासनिक कार्यों को लागू करने के लिए सरकार द्वारा नियुक्त मुख्यायुक्त / कमिश्नर (Municipal Commissioner) और प्रशासनिक कर्मचारी कैसे काम करते हैं। प्रस्तावना (Introduction) शासन का पिरामिड ढांचा (The Pyramid Structure of Indian Governance) भारतीय शासन प्रणाली को एक पिरामिड के रूप में समझा जा सकता है, जिसमें सत्ता का प्रवाह नीचे से ऊपर की ओर होता है: ग्रामीण बनाम शहरी प्रशासनिक तुलनात्मक (Rural vs Urban Local Bodies) भारतीय शासन व्यवस्था को तीन मुख्य स्तरों और दो समानांतर विंग्स (ग्रामीण और शहरी) में विभाजित किया गया है: शासन का स्तर (Levels of Government) ग्रामीण विंग (Panchayati Raj Institutions) शहरी विंग (Urban Local Bodies) 1. राष्ट्रीय स्तर (National Level) संघ सरकार / केंद्र सरकार (Union Government) संघ सरकार / केंद्र सरकार (Union Government) 2. प्रांतीय स्तर (State Level) राज्य सरकार (State Government) राज्य सरकार (State Government) 3. स्थानीय स्तर (Local Level) ग्रामीण स्थानीय निकाय: शहरी स्थानीय निकाय: शीर्ष स्थानीय स्तर (T जिला पंचायत नगर निगम (Municipal Corporation) मध्यवर्ती स्थानीय स्तर ( पंचायत समिति नगरपालिका परिषद (Municipal Council) जमीनी स्थानीय स्तर ( ग्राम पंचायत नगर पंचायत / शहर परिषद (City Council) मूल मतदाता समूह ग्राम सभा वार्ड समिति (Ward Committee) / वार्ड के लोग शहरी स्थानीय निकाय (Urban Local Bodies) शहरी निकायों के मुख्य कार्य यह व्यवस्था एक सहभागी लोकतंत्र (Participatory Democracy) है, जहाँ कुशल कामकाज के लिए नागरिकों को भी अपने कर्तव्यों का पालन करना होता है (जैसे कचरा अलग-अलग करना या पानी के रिसाव की तुरंत सूचना देना)। इनके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं: शहरी निकायों का जनसंख्या-आधारित वर्गीकरण (Population-Based Classification) इंदौर मॉडल त्वरित प्रीलिम्स रिवीजन शहरी निकाय का प्रकार जनसंख्या मानदंड (Population Criteria) प्रशासनिक पदानुक्रम (Hierarchy Level) नगर निगम 10 लाख से अधिक (> 10 Lakhs) महानगर/बड़े शहरों का शीर्ष निकाय। नगरपालिका परिषद 1 लाख से 10 लाख (1 – 10 Lakhs) मध्यम शहरों का प्रशासनिक निकाय। नगर पंचायत छोटी आबादी/कस्बा (< 1 Lakh) ग्रामीण से शहरी क्षेत्र में परिवर्तित हो रहे छोटे क्षेत्र। वार्ड समिति वार्ड स्तर पर निर्वाचित/नामित निकाय जमीनी स्तर पर नागरिकों की भागीदारी और त्वरित शिकायत निवारण। Chapter 11 यहाँ पढ़ें:-

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NCERT Notes Class 6 Social science (Geography) Chapter 11: Grassroots Democracy – Part 2 Local Government in Rural Areas

NCERT Notes Class 6 Social science (Geography) Chapter 11: Grassroots Democracy – Part 2 Local Government in Rural Areas भारत की त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (Three-tier Panchayati Raj System) के व्यावहारिक और जमीनी स्तर के कामकाज को समझने का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है। यह अध्याय ग्रामीण स्थानीय सरकार की वास्तविक कार्यप्रणाली और उसकी आंतरिक संरचना की गहराइयों में ले जाता है। इसके अंतर्गत छात्र यह सीखते हैं कि एक गाँव को विभिन्न ‘वार्डों’ में कैसे विभाजित किया जाता है, वार्ड सदस्य (पंच) और सरपंच का चुनाव किस प्रकार होता है, तथा ‘ग्राम सभा’ और ‘ग्राम पंचायत’ के बीच क्या अंतर और संबंध है। पंचायती राज व्यवस्था त्रि-स्तरीय संरचना (Three-Tier System) यह प्रणाली नीचे से ऊपर की ओर (Bottom-Up Approach) तीन स्तरों पर काम करती है: पंचायती राज संस्थाओं के कार्यक्षेत्र (Key Responsibilities) प्रीलिम्स रिवीजन पंचायती राज का स्तर प्रशासनिक नाम (Institutional Name) मुख्य उत्तरदायित्व शीर्ष स्तर (District) जिला परिषद पूरे जिले के विकास कार्यों का समन्वय और आर्थिक नियोजन। मध्यवर्ती स्तर (Block) पंचायत समिति / मंडल परिषद ब्लॉक स्तर पर ग्राम पंचायतों के बीच कड़ी के रूप में कार्य करना। जमीनी स्तर (Village) ग्राम पंचायत स्थानीय बुनियादी ढांचा, कृषि, प्राथमिक शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाएं। दृष्टिकोण (Approach) बॉटम-अप (नीचे से ऊपर) आम जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित कर लोकतंत्र का विकेंद्रीकरण। ग्राम पंचायत अनुकरणीय सरपंच और केस स्टडीज 1. ज्ञानेश्वर कांबले – सामाजिक समावेशन 2. वंदना बहादुर मैदा – पितृसत्तात्मक मानदंडों को चुनौती 3. पोपटराव बागुजी पवार – पर्यावरणीय कायाकल्प प्रशासनिक सहायता तंत्र (Administrative Support System) ग्राम पंचायत के प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए निम्नलिखित अधिकारी नियुक्त होते हैं: त्वरित प्रीलिम्स रिवीजन प्रशासनिक पद / निकाय / व्यक्ति प्रकृति / संबद्धता प्रीलिम्स कोर फैक्ट्स ग्राम सभा (Gram Sabha) स्थायी निकाय गाँव के सभी पंजीकृत वयस्क मतदाताओं का समूह; प्रत्यक्ष लोकतंत्र का उदाहरण। पंचायत सचिव प्रशासनिक अधिकारी बैठकों का आयोजन और आधिकारिक रिकॉर्ड का प्रबंधन। पटवारी (Patwari) राजस्व/भूमि अधिकारी ग्रामीणों के भूमि रिकॉर्ड और ऐतिहासिक मानचित्रों का संधारण। हिवरे बाजार मॉडल जल संरक्षण मॉडल वर्षा जल संचयन और वॉटरशेड प्रबंधन से सूखे से मुक्ति (पोपटराव पवार को पद्म श्री)। बाल-हितेषी पंचायत की पहल (Child-Friendly Panchayat Initiative) विभिन्न राज्यों की अनुकरणीय केस स्टडीज मुख्य परीक्षा के उत्तरों में मूल्य संवर्धन के लिए आप इन तीन वास्तविक उदाहरणों का सीधा उपयोग कर सकते हैं: 1. महाराष्ट्र (बाल श्रम और बाल विवाह उन्मूलन) 2. सिक्किम (बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण) 3. राजस्थान (चिल्ड्रन्स पार्लियामेंट – बाल संसद) त्वरित प्रीलिम्स रिवीजन पहल / केस स्टडी संबद्ध राज्य / संस्था मुख्य प्रशासनिक सीख बाल पंचायत मॉडल महाराष्ट्र बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ पीयर-टू-पीयर (Peer-to-Peer) प्रभाव का सफल उपयोग। सांगखू राधू खांडू मॉडल पश्चिम सिक्किम स्थानीय स्तर पर पोषण (Midday meal) और सुरक्षा (स्कूलों की दीवारें) में सुधार के लिए बजटीय प्राथमिकता। चिल्ड्रन्स पार्लियामेंट (बाल संसद) राजस्थान / बेयरफुट कॉलेज 8-14 वर्ष के वंचित बच्चों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता (Leadership skills) और नागरिक चेतना का विकास। पुरस्कार व मान्यता वैश्विक स्तर (2001) स्थानीय स्तर पर किए गए जमीनी नवाचारों को वैश्विक मंचों पर मान्यता मिलना (World’s Children’s Award)। पंचायत समिति और जिला परिषद 1. पंचायत समिति 2. जिला परिषद पंचायती राज में समावेशी प्रावधान निर्णय लेने की प्रक्रिया में समाज के हर वर्ग की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए तीनों स्तरों पर विशेष नियम बनाए गए हैं: कौटिल्य के अर्थशास्त्र में प्राचीन प्रशासनिक संरचना प्राचीन नाम (कौटिल्य के अनुसार) प्रशासनिक पैमाना (गाँवों की संख्या) आधुनिक समकक्ष स्तर (Modern Equivalent) संग्रहण प्रत्येक 10 गाँव पर एक मुख्यालय उप-तहसील / ग्रामों का समूह (Sub-district / Cluster) कार्वटिक प्रत्येक 100 गाँव पर एक मुख्यालय तहसील / उप-खंड स्तर (Sub-division / Tehsil) द्रोणमुख प्रत्येक 400 गाँव पर एक मुख्यालय ब्लॉक / बड़ा प्रशासनिक क्षेत्र (Block / Division) स्थानीय प्रत्येक 800 गाँव पर एक प्रांतीय मुख्यालय जिला स्तर (District Headquarters) Chapter 7 यहाँ पढ़ें:-

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4 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

4 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत बिहार के मुंगेर में मिला वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित देश का सबसे पुराना 700 वर्ष प्राचीन बरगद वृक्ष; भारतीय सशस्त्र बलों की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) द्वारा ₹52,000 करोड़ के अत्याधुनिक प्रस्तावों को मंजूरी; और मिशन कर्मयोगी के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के लिए शुरू किया गया ‘दक्ष’ (DAKSH) नेतृत्व कार्यक्रम। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में लिए गए इस निर्णय के तहत थल सेना के लिए ‘आकाश तरंग’ एंटी-ड्रोन सिस्टम, नौसेना के लिए अत्याधुनिक समुद्री बारूदी सुरंगें, तथा वायु सेना के लिए ‘हाई एल्टीट्यूड सूडो सैटेलाइट’ (FW-HAPS) जैसे फिफ्थ-जनरेशन सैन्य उपकरणों को शामिल किया गया है, पशुजन्य युद्ध अभ्यास (PYA) 2026 — ज़ूनोटिक रोगों के खिलाफ भारत का ‘वन हेल्थ’ सुरक्षा कवच Why in News? (चर्चा में क्यों?) 3 जुलाई 2026 को केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के खारी गांव में ‘पशुजन्य युद्ध अभ्यास’ (PYA) नामक 5-दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक संपन्न किया। 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक चला यह अभ्यास भारत के ‘राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन’ के तहत तीसरा आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यास था, जिसका उद्देश्य पशुधन से इंसानों में फैलने वाली महामारियों (Zoonotic Diseases) से निपटने के लिए भारत की जमीनी तैयारियों को परखना था। क्या है पशुजन्य युद्ध अभ्यास (PYA) और ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण? सरल शब्दों में कहें तो, कोविड-19 या बर्ड फ्लू जैसी बीमारियों ने हमें सिखाया है कि जानवरों, इंसानों और पर्यावरण का स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। इसी को ‘वन हेल्थ’ कहा जाता है। पशुजन्य युद्ध अभ्यास (PYA) कोई सैन्य अभ्यास नहीं है, बल्कि यह एक स्वास्थ्य रक्षा अभ्यास (Health Mock Drill) है जिसमें इंसानों, पशुओं और वन्यजीवों के डॉक्टरों के साथ-साथ जिला प्रशासन ने मिलकर महामारी को रोकने का अभ्यास किया। मॉक ड्रिल की कार्यप्रणाली और सिमुलेशन अभ्यास में शामिल प्रमुख हितधारक और एजेंसियां यह अभ्यास नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम (NJORT) के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें भारत के शीर्ष वैज्ञानिक और प्रशासनिक संस्थानों ने एक साथ काम किया: CCRAS की 5वीं कार्यकारी समिति की बैठक — आयुर्वेद अनुसंधान में तीन नई पहलें Why in News? (चर्चा में क्यों?) 3 जुलाई 2026 को आयुष मंत्रालय के तहत शीर्ष अनुसंधान निकाय केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) की 5वीं कार्यकारी समिति (Executive Committee) की बैठक आयोजित की गई। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भारत के ‘साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद अनुसंधान’ (Evidence-based Ayurveda Research) पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए तीन बड़े राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक पहलों की शुरुआत की गई। लॉन्च की गई तीन ऐतिहासिक पहलें (Three Landmark Initiatives) बैठक के दौरान आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान, वैज्ञानिक संचार और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित तीन पहलों को लॉन्च किया गया: 1. रिसर्च मेथोडोलॉजी टेक्स्टबुक (आयुर्वेद प्रबोधिनी ग्रंथमाला) 2. CCRAS प्रयत्न 2026-27 3. CCRAS डिजिटल इकोसिस्टम डैशबोर्ड CCRAS की अन्य हालिया उपलब्धियां प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य संस्था का नाम केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) — आयुष मंत्रालय के तहत शीर्ष निकाय। प्रयत्न (PRAYATNA) 2026-27 आयुर्वेद शोधार्थियों के लिए वैज्ञानिक लेखन और प्रकाशन कौशल सुधारने की पहल। आयुर्वेद प्रबोधिनी ग्रंथमाला NCISM के नए पाठ्यक्रम के अनुसार MD/MS/PhD हेतु तैयार रिसर्च मेथोडोलॉजी पुस्तक श्रृंखला। डिजिटल डैशबोर्ड dashboard.ccras.org.in (अनुसंधान डेटा को पारदर्शी और सुलभ बनाने हेतु)। नियामक ढांचा NCISM (National Commission for Indian System of Medicine) — आयुष शिक्षा का नियामक। फिक्की मर्सिडीज-बेंज भारत इनोवेशन चैलेंज — स्टार्टअप्स के लिए नया संबल Why in News? (चर्चा में क्यों?) 3 जुलाई 2026 को उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने ‘फिक्की मर्सिडीज-बेंज भारत इनोवेशन एंड बिजनेस आइडियाज चैलेंज प्रोग्राम’ (FICCI Mercedes-Benz Bharat Innovation & Business Ideas Challenge) के तहत चयनित स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल संवाद में भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और विनिर्माण, संधारणीयता (Sustainability) एवं ऑटोमोटिव जैसे उभरते क्षेत्रों में काम कर रहे उच्च क्षमता वाले भारतीय स्टार्टअप्स को सीधे कॉर्पोरेट और सरकारी सहयोग प्रदान करना है। चैलेंज कार्यक्रम के मुख्य बिंदु और सहायता तंत्र यह कार्यक्रम निजी क्षेत्र (मर्सिडीज-बेंज), उद्योग निकाय (FICCI) और भारत सरकार (DPIIT) के बीच एक उत्कृष्ट त्रिपक्षीय सहयोग का उदाहरण है, जो स्टार्टअप्स को केवल वित्तीय मदद ही नहीं बल्कि एक संपूर्ण व्यावसायिक सुरक्षा तंत्र प्रदान करता है। 1. प्रमुख फोकस क्षेत्र इस चैलेंज के तहत उन स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी गई है जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप निम्नलिखित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं: 2. वित्तीय और रणनीतिक सहायता 3. पोस्ट-फंडिंग मेंटरिंग ढांचा (Mentoring Framework) फंडिंग प्राप्त करने के बाद स्टार्टअप्स अक्सर तकनीकी या विनियामक बाधाओं के कारण विफल हो जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए चयनित स्टार्टअप्स को एक ‘स्ट्रक्चर्ड पोस्ट-फंडिंग मेंटरिंग और हैंडहोल्डिंग सपोर्ट’ दिया जाएगा, जिसके तहत निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलेगा: 4. ‘साउंडिंग बोर्ड’ और ‘डेमो डेज़’ (Innovative Platforms) मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड (MIF) पर उद्योग परामर्श — नीली अर्थव्यवस्था को वित्तीय संबल Why in News? (चर्चा में क्यों?) 3 जुलाई 2026 को पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) ने सागरमाला फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (SMFCL) और SBI वेंचर्स लिमिटेड (SVL) के सहयोग से मुंबई में मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड (MIF) पर एक महत्वपूर्ण ‘उद्योग परामर्श’ (Industry Consultation) बैठक बुलाई। मंत्रालय के सचिव श्री विजय कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए इस महत्वाकांक्षी फंड के डिजाइन, रणनीति और कार्यान्वयन के तौर-तरीकों पर चर्चा करना था। मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड (MIF): संरचना और महत्व यह फंड भारत सरकार के व्यापक मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड (MDF) के तहत स्थापित एक प्रमुख स्तंभ है, जो भारतीय जहाजरानी (Shipping) और बंदरगाह (Port) क्षेत्र में दीर्घकालिक पूंजी की भारी कमी को दूर करने का काम करेगा। 1. वित्तीय संरचना और कोष (Fund Structure & Corpus) 2. ‘पेशेंट कैपिटल’ और इक्विटी फाइनेंसिंग गैप समुद्री बुनियादी ढांचा (जैसे नए बंदरगाह बनाना या शिपयार्ड का आधुनिकीकरण) बहुत अधिक समय लेने वाली और जोखिम भरी परियोजनाएं होती हैं। पारंपरिक बैंक इसके लिए आसानी से लोन नहीं देते। 3. भविष्य

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NCERT Notes Class 6 Social science (Geography) Chapter 10: Grassroots Democracy – Part 1 Governance

NCERT Notes Class 6 Social science (Geography) Chapter 10: Grassroots Democracy – Part 1 Governance के अंतर्गत भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली के सबसे निचले और महत्वपूर्ण स्तर—‘स्थानीय स्वशासन’ (Local Self-Government) या ‘तृणमूल लोकतंत्र’ की संरचना को समझने का मुख्य आधार है। लोकतंत्र केवल नई दिल्ली या राज्यों की राजधानियों से नहीं चलता, बल्कि इसकी वास्तविक ताकत देश के गांवों और कस्बों में निहित है। अध्याय इस बात पर प्रकाश डालता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक समस्याओं (जैसे पानी, सड़क, बिजली और स्वच्छता) के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर शासन व्यवस्था कैसे काम करती है। इसमें ग्राम सभा, ग्राम पंचायत और उनके विभिन्न स्तरों के साथ-साथ लोकतांत्रिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में आम नागरिकों की भागीदारी के महत्व को बहुत ही सरल और प्रभावी ढंग से समझाया गया है। प्रस्तावना (Introduction) शासन और सरकार की मूल अवधारणाएँ सरकार के तीन अंग (Three Organs of Government) 1. विधायिका (Legislature) 2. कार्यपालिका (Executive) 3. न्यायपालिका (Judiciary) शक्तियों का पृथक्करण (Separation of Powers): एक सुदृढ़ शासन व्यवस्था में इन तीनों अंगों को एक-दूसरे से अलग रखा जाता है। यह व्यवस्था ‘नियंत्रण और संतुलन’ (Checks and Balances) का सिद्धांत प्रदान करती है, जिससे कोई भी अंग अपनी निर्धारित सीमाओं का उल्लंघन नहीं कर पाता। सरकार के तीन स्तर (Three Levels of Government) भारत में शासन व्यवस्था त्रि-स्तरीय ढाँचे पर काम करती है, जिसे बाढ़ जैसी आपदा के उदाहरण से समझा जा सकता है (छोटा संकट = स्थानीय स्तर, मध्यम संकट = राज्य स्तर, विशाल संकट = केंद्र स्तर): राष्ट्रीय और राज्य स्तर के अंगों का तुलनात्मक ढांचा अंग (Organ) राष्ट्रीय स्तर (National Level) राज्य स्तर (State Level) मुख्य कार्य व विषय (Key Subjects) विधायिका संसद: दो सदन (लोकसभा और राज्यसभा) राज्य विधानसभा (Vidhan Sabha): अधिकांश राज्यों में एक सदन, कुछ में दो। कानून निर्माण और नीतियों का निर्धारण। कार्यपालिका राष्ट्रपति (नाममात्र प्रमुख/सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर) एवं प्रधानमंत्री (वास्तविक कार्यकारी प्रमुख)। राज्यपाल (नाममात्र प्रमुख) एवं मुख्यमंत्री (वास्तविक कार्यकारी प्रमुख)। केंद्र: रक्षा, विदेश मामले, परमाणु ऊर्जा, संचार, मुद्रा, अंतर्राज्यीय वाणिज्य।राज्य: पुलिस (कानून-व्यवस्था), सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सिंचाई, स्थानीय सरकार। न्यायपालिका सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) उच्च न्यायालय (High Court) कानूनों की व्याख्या और न्याय प्रशासन (All India Structure)। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (Dr. A.P.J. Abdul Kalam) कलाम के मुख्य प्रेरक विचार लोकतंत्र (Democracy) 1. प्रतिनिधि लोकतंत्र (Representative Democracy) 2. प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy) 3. ग्रासरूट डेमोक्रेसी (जमीनी लोकतंत्र) त्वरित प्रीलिम्स रिवीजन लोकतंत्र का प्रकार कोर फैक्ट / अर्थ भारत में व्यावहारिक रूप Representative Democracy जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों (MPs/MLAs) के माध्यम से शासन। भारत का राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विधायी ढांचा। Direct Democracy नीतिगत निर्णयों में प्रत्येक नागरिक की सीधी और तत्काल भागीदारी। ग्राम सभा की बैठकें (स्थानीय स्तर पर आंशिक रूप)। Grassroots Democracy पिरामिड के सबसे निचले स्तर (आम जनता) का सशक्तिकरण। 73वें और 74वें संविधान संशोधन द्वारा स्थापित स्थानीय स्वशासन। Universal Suffrage बिना किसी भेदभाव के 18 वर्ष से ऊपर सभी को मतदान का हक। भारतीय लोकतांत्रिक चुनावों का मुख्य आधार स्तंभ। Chapter 9 यहाँ पढ़ें:-

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3 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

3 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक न्याय को मजबूत करने वाले ‘मानस’ (MANAS) डिजिटल कवच, बुनियादी ढांचे को गति देने वाले कोयला ब्लॉक आवंटन (संशोधन) नियम 2026, सुशासन को ‘ह्यूमन-लेड AI’ से जोड़ने वाले 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (जयपुर घोषणा पत्र), पर्यावरण संरक्षण को समर्पित 3रे वैश्विक प्लास्टिक रीसाइक्लिंग कॉन्क्लेव (GCPRS), कृषि-जैव विविधता के मील का पत्थर बोरजुली जैव विविधता विरासत स्थल (BHS) और युवा नीति-निर्माण से जुड़ी सांसद लीड फेलोशिप को व्यापक रूप से शामिल किया गया है। कला संस्कृति विकास योजना (KSVY) — अनुदान वर्ष 2026-27 Why in News? (चर्चा में क्यों?) 2 जुलाई 2026 को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने ‘कला संस्कृति विकास योजना (KSVY)’ के विभिन्न प्रमुख घटकों के तहत अनुदान वर्ष 2026-27 के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पहल के तहत देश भर के पात्र सांस्कृतिक संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), कलाकारों, शोधकर्ताओं और प्रतिष्ठित संस्थानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने प्रस्ताव जमा करने को कहा गया है ताकि कला के विभिन्न रूपों को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा सके। योजना के मुख्य उद्देश्य और विभिन्न घटक 1. प्रमुख घटक और उनकी विधाएं (Scheme Components) 2. आवेदन और कार्यान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य योजना का नाम कला संस्कृति विकास योजना (KSVY) नोडल मंत्रालय संस्कृति मंत्रालय (Ministry of Culture), भारत सरकार। योजना की प्रकृति यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) है जो वित्तीय सहायता/अनुदान पर आधारित है। लक्षित समूह कलाकार, सांस्कृतिक NGO, शोधकर्ता, और राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक संस्थान। प्रमुख विशेष फैलोशिप टैगोर राष्ट्रीय फैलोशिप (TNFCR) — यह विशेष रूप से सांस्कृतिक अनुसंधान के लिए दी जाती है। कार्यान्वयन वर्ष वर्तमान आवेदन चक्र अनुदान वर्ष 2026-27 के लिए शुरू किया गया है। एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग द्वारा सुपरअलॉय बाई-मेटालिक संरचनाओं में ऐतिहासिक सफलता Why in News? (चर्चा में क्यों?) 2 जुलाई 2026 को जारी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शोधकर्ताओं ने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3D प्रिंटिंग) तकनीक का उपयोग करके एक दरार-मुक्त (Crack-free) ‘बाई-मेटालिक संरचना’ विकसित करने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। हैदराबाद स्थित ARCI के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित यह स्वदेशी तकनीक महंगे सुपरअलॉय के समग्र उपयोग को कम करके भारत की आयात निर्भरता को काफी हद तक कम कर सकती है। क्या है यह तकनीक और क्यों है यह एक ‘ब्रेकथ्रू’? एयरोस्पेस, परमाणु रिएक्टर और थर्मल पावर प्लांट के कुछ हिस्से (जैसे गैस टर्बाइन) 2000°C जैसे अत्यधिक तापमान का सामना करते हैं, जबकि उनके ठीक बगल वाले हिस्से कम तापमान पर काम करते हैं। ऐसे में एक ही घटक (Component) में दो अलग-अलग धातुओं को जोड़ना तकनीकी रूप से बेहद फायदेमंद होता है—जैसे स्टेनलेस स्टील (जो मजबूत और संक्षारण प्रतिरोधी है) और निकल-आधारित सुपरअलॉय (जो उच्च तापमान और तनाव झेल सकता है)। पारंपरिक विनिर्माण बनाम नई तकनीक यांत्रिक गुण और सफलता के प्रमाण महत्वपूर्ण औद्योगिक अनुप्रयोग 16वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन (संयुक्त वक्तव्य) Why in News? (चर्चा में क्यों?) जापान की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री महामहिम सुश्री ताकाइची सानाए 1-3 जुलाई 2026 तक भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर रहीं। इस दौरान नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री के बीच 16वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। दोनों नेताओं ने भारत-जापान ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ (Special Strategic and Global Partnership) को मजबूत करने के लिए तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों—रक्षा और सुरक्षा; आर्थिक साझेदारी (आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा लचीलापन, प्रौद्योगिकी); और पीपल-टू-पीपल एक्सचेंज—पर विस्तृत संयुक्त वक्तव्य जारी किया। शिखर सम्मेलन के मुख्य रणनीतिक और नीतिगत निर्णय 1. रक्षा और सुरक्षा सहयोग (Defence & Security) 2. आर्थिक सुरक्षा और उच्च तकनीक (Economic Security & High Tech) 3. ऊर्जा सुरक्षा और लचीलापन (Energy Security) 4. कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा (Connectivity & Infrastructure) 5. अंतरिक्ष और विज्ञान-प्रौद्योगिकी (Space & Sci-Tech) 6. क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे (Regional & Global Issues) प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य बैठक का नाम 16वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन, नई दिल्ली (जुलाई 2026)। जापानी प्रधानमंत्री सुश्री ताकाइची सानाए (भारत की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा)। नया द्विपक्षीय विजन ‘साझा क्षितिज का भारत-जापान वर्ष’ (India-Japan Year of Shared Horizons) — राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में। लॉन्च की गई प्रमुख पहल भारत-जापान सहकारी बायोगैस विकास पहल (CBG Initiative)। साझेदारी दस्तावेज आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर भारत-जापान संयुक्त घोषणा। संयुक्त चंद्र मिशन LUPEX (ISRO और JAXA का संयुक्त चंद्र ध्रुवीय अन्वेषण मिशन)। बुलेट ट्रेन का लक्ष्य मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल के प्राथमिकता वाले खंड का वाणिज्यिक संचालन 2027 में शुरू होगा (ट्रेन श्रृंखला: E10)। पारस्परिक UNSC समर्थन वर्ष गैर-स्थायी सीट हेतु वर्ष 2028-29 और 2033-34 के लिए आपसी समर्थन। मानस (MANAS) — ड्रग्स के खिलाफ एक डिजिटल सुरक्षा कवच Why in News? (चर्चा में क्यों?) 2 जुलाई 2026 को जारी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार की राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस’ नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी से निपटने में देश का एक प्रभावी डिजिटल कवच बनकर उभरी है। यह सुरक्षित, तकनीक-संचालित मंच नागरिकों को ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों की गोपनीय रिपोर्ट करने और पुनर्वास सहायता प्राप्त करने की शक्ति देकर ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार कर रहा है। MANAS क्या है और इसका ढांचा कैसा है? सरल और सीधे शब्दों में कहें तो, भारत सरकार नशीली दवाओं के दुरुपयोग को केवल एक कानूनी समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट मानती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नागरिकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच की दूरी को पाटने के लिए MANAS (Madak Padarth Nishedh Asoochna Kendra) को लॉन्च किया गया था। भारत में मादक पदार्थों के दुरुपयोग का पैमाना (Magnitude of the Problem) MANAS की प्रमुख विशेषताएं और कार्यप्रणाली यह डिजिटल प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से तीन स्तंभों—रिपोर्टिंग, परामर्श (Counselling) और जागरूकता—पर काम करता है: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य MANAS का पूरा नाम मादक पदार्थ निषेध आसूचना केंद्र केंद्रीय नोडल मंत्रालय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) — नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB)। तकनीकी भागीदार डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (DIC)। समर्पित हेल्पलाइन नंबर 1933 (परामर्श ट्रांसफर हेतु सामाजिक न्याय मंत्रालय का नंबर: 14446)। डिजिटल पहुंच वेब पोर्टल, ईमेल और

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NCERT Notes Class 6 Social science (Geography) Chapter 9: Family and Community

NCERT Notes Class 6 Social science (Geography) Chapter 9: Family and Community के अंतर्गत भारतीय समाज में ग्रामीण और शहरी दोनों ही स्तरों पर विभिन्न परिवार प्रणालियाँ (जैसे संयुक्त और एकल परिवार) और समुदाय कैसे एक-दूसरे पर अंतर्निर्भर (Interdependent) हैं। यह अंतर्निर्भरता न केवल आर्थिक गतिविधियों को सुचारू बनाती है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, सांस्कृतिक निरंतरता और सामूहिक सहयोग की भावना को भी मजबूत करती है। परिवार (Family) भाषाई और सांस्कृतिक विशेषताएँ (Linguistic and Cultural Features) भूमिकाएँ एवं दायित्व (Roles and Responsibilities) भारतीय संस्कृति के मूल सिद्धांत और मूल्य भारतीय समाज में विविधता 1: केरल का एक कस्बा (साझा सहभागिता और त्याग) 2: मेघालय का एक गाँव (लैंगिक समानता और सामुदायिक सेवा) पारिवारिक आयाम / मूल्य व्यावहारिक उदाहरण मुख्य परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण त्याग और सहभागिता (Sharing) शालिनी द्वारा सिल्क के बजाय सूती ड्रेस स्वीकार करना। व्यक्तिगत हितों पर सामूहिक पारिवारिक हितों को प्राथमिकता देना। बदलती लैंगिक गतिशीलता तेनजिंग के पिता द्वारा घरेलू काम और रसोई संभालना। पारंपरिक रूढ़िवादिता को तोड़कर श्रम का लैंगिक विभाजन कम करना। सामाजिक पूंजी (Social Capital) तेनजिंग के दादा द्वारा पड़ोसियों की मदद करना। परिवार नागरिक समाज (Civil Society) और सामुदायिक एकजुटता की नींव है। भविष्य की वित्तीय सुरक्षा अप्रत्याशित जरूरतों के लिए बचत की आपसी चर्चा। भारतीय परिवारों में आर्थिक नियोजन और मितव्ययिता (Frugality) का मूल्य। Chapter-4 यहाँ पढ़ें:- समुदाय (Community) 1. ग्रामीण संदर्भ में समुदाय (Community in Rural Context) 2. शहरी संदर्भ में समुदाय Community in Urban Context 3. समुदायों के नए और विविध रूप Chapter 8 यहाँ पढ़ें:-

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2 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

2 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग (NPC) विधेयक, 2026 का नया संशोधित मसौदा पेश किया गया है, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से ‘गगन’ (GAGAN) प्रणाली, पूर्वोत्तर भारत के कृषि विकास से ‘अरोमा मिशन और नागालैंड’, तथा देश की आंतरिक सुरक्षा व जनसांख्यिकी से ‘जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर उच्च स्तरीय समिति’ को शामिल किया गया है। यह लेख पूरी तरह से आपकी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के प्रासंगिक सिलेबस के अनुरूप, बिना किसी अतिरिक्त जटिलता के, सीधे मेंटर-प्रारूप में तैयार किया गया है राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग विधेयक, 2026 (संशोधित मसौदा) Why in News? (चर्चा में क्यों?) 1 जुलाई 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया के दौरान प्राप्त सुझावों की गहन समीक्षा करने के बाद ‘राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग (NPC) विधेयक, 2026′ का एक नया संशोधित मसौदा आधिकारिक तौर पर जारी किया है। सरकार ने इस प्रस्तावित कानून को अधिक समावेशी और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से 31 जुलाई 2026 तक देश के आम नागरिकों और सभी संबंधित हितधारकों (Stakeholders) से ईमेल या पोस्ट के माध्यम से उनके अंतिम विचार और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। विधेयक के मुख्य उद्देश्य और संरचनात्मक सुधार प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य विधेयक का नाम राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग (NPC) विधेयक, 2026 (संशोधित मसौदा) प्रस्तावक मंत्रालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार। किस कानून को बदलेगा? यह फार्मेसी अधिनियम, 1948 को पूरी तरह निरस्त कर देगा। नई नियामक संस्था भारतीय फार्मेसी परिषद (PCI) के स्थान पर राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग (NPC) बनेगा। सुझाव भेजने की अंतिम तिथि आम जनता और हितधारक 31 जुलाई 2026 तक अपनी टिप्पणियां भेज सकते हैं। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम Why in News? (चर्चा में क्यों?) 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में ऐतिहासिक ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G अधिनियम, 2025 आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को चिह्नित करने के लिए 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावारीपल्ले गांव (ओबुलावारिपल्ले मंडल) में एक राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उप-मुख्यमंत्री श्री कोनिडेला पवन कल्याण शामिल होंगे। अधिनियम के प्रमुख प्रावधान और नई मजदूरी दरें राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण (2 जुलाई 2026) प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु वैधानिक और व्यावहारिक तथ्य अधिनियम का नाम विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025 लागू होने की तिथि 1 जुलाई 2026 से देशव्यापी रोलआउट रोजगार की कानूनी सीमा प्रति पात्र ग्रामीण परिवार 125 दिन का वैधानिक रोजगार राष्ट्रीय औसत मजदूरी ₹327.4 प्रति दिन (पहले ₹298.8 थी) देश में न्यूनतम बेस रेट किसी भी अधिसूचित क्षेत्र में दैनिक मजदूरी ₹300 से कम नहीं होगी राष्ट्रीय लॉन्च स्थल मुक्कावारीपल्ले गांव, तिरुपति जिला, आंध्र प्रदेश (2 जुलाई 2026) ‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ और भारत की संगीत विरासत Why in News? (चर्चा में क्यों?) 1 जुलाई 2026 को आकाशवाणी ने अपनी स्थापना के 90 वर्ष पूरे होने और 2027 में भारत में रेडियो प्रसारण के शताब्दी वर्ष (100 साल) के उपलक्ष्य में नई दिल्ली में एक विशेष फोटो गैलरी ‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ का उद्घाटन किया है। इस दीर्घा का उद्घाटन प्रसिद्ध बांसुरी वादक पद्म विभूषण पं. हरिप्रसाद चौरसिया द्वारा आकाशवाणी रंग भवन ऑडिटोरियम में किया गया। इसका उद्देश्य आकाशवाणी से जुड़े रहे देश के महान संगीतकारों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करना और उसे संजोना है। ‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ के मुख्य बिंदु और सांस्कृतिक महत्व 1. आकाशवाणी की सांस्कृतिक विरासत 2. गैलरी में शामिल प्रमुख संगीतज्ञ और उनकी विधा 3. मैहर घराना चर्चा में क्यों? इस उद्घाटन समारोह के दौरान पं. हरिप्रसाद चौरसिया के शिष्य पंडित रूपक कुलकर्णी ने बांसुरी वादन की प्रस्तुति दी। पं. कुलकर्णी मैहर घराने के एक अग्रणी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित प्रतिपादक (Exponent) हैं, जो परीक्षा के दृष्टिकोण से इस घराने को प्रासंगिक बनाता है। 4. आकाशवाणी के समर्पित डिजिटल चैनल प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी के अनुसार, पारंपरिक संगीत को बढ़ावा देने के लिए आकाशवाणी के दो समर्पित डिजिटल चैनल 24 घंटे उपलब्ध हैं: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य पहल का नाम स्वर प्रेरणा वीथिका आयोजक संस्था आकाशवाणी (प्रसार भारती), भारत का लोक सेवा प्रसारक। अवसर आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने और 2027 में रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष के उपलक्ष्य में। पहले चरण में शामिल भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजे गए 20 महान संगीतकार। चर्चा में रहा घराना मैहर घराना — पंडित रूपक कुलकर्णी (बांसुरी वादक) इसी घराने से संबद्ध हैं। डिजिटल चैनल ‘रागम’ (शास्त्रीय संगीत) और ‘आराधना’ (भक्ति संगीत)। 12वीं भारत-मलेशिया सैन्य सहयोग उप-समिति बैठक Why in News? (चर्चा में क्यों?) 1 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में भारत और मलेशिया के बीच सैन्य सहयोग पर 12वीं उप-समिति की बैठक (SCMC) आयोजित की गई। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री अमिताभ प्रसाद और मलेशियाई सशस्त्र बलों के रक्षा संचालन और प्रशिक्षण के सहायक मुख्य कर्मचारी मेजर जनरल आमेर महमूद बिन अब्दुल रहमान ने की। बैठक के मुख्य निष्कर्ष और रणनीतिक क्षेत्र यह उप-समिति दोनों देशों के बीच सैन्य-से-सैन्य परामर्श का मुख्य तंत्र है, जो आगामी ‘रक्षा सचिव’ स्तर की भारत-मलेशिया रक्षा सहयोग बैठक का आधार तैयार करती है। बैठक के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु तथ्य बैठक का नाम 12वीं भारत-मलेशिया सैन्य सहयोग उप-समिति बैठक (SCMC) आयोजन स्थल और तिथि नई दिल्ली, 1 जुलाई 2026 मुख्य विजन इंडो-पैसिफिक में नौवहन की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना साझेदारी का स्तर यह भारत-मलेशिया ‘उन्नत रणनीतिक साझेदारी’ (Enhanced Strategic Partnership) का एक प्रमुख स्तंभ है। बहुपक्षीय ढांचा ADMM-Plus (आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस) के तहत सहयोग को सुदृढ़ करना। गगन प्रणाली: भारतीय आकाश में सटीक नौवहन Why in News? (चर्चा में क्यों?) 1 जुलाई 2026 को जारी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की स्वदेशी उपग्रह आधारित संवर्द्धन प्रणाली ‘गगन’ देश के विमानन और गैर-विमानन

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NCERT Notes Class 6 Social science (Geography) Chapter 8: Unity in Diversity, or ‘Many in the One’

NCERT Notes Class 6 Social science (Geography) Chapter 8: Unity in Diversity, or ‘Many in the One’ के अंतर्गत भारतीय समाज, भूगोल और राजव्यवस्था (Polity) की सबसे बुनियादी और खूबसूरत विशेषता—“विविधता में एकता” को समझने की नींव रखता है। भारत एक ऐसा विशाल उपमहाद्वीप है जहाँ कदम-कदम पर भूगोल, जलवायु, भाषा, खान-पान, वेशभूषा और धार्मिक प्रथाओं में भिन्नता पाई जाती है। इसके बावजूद, एक अदृश्य और मजबूत धागा इन सभी विविधताओं को एक राष्ट्रीय चेतना में पिरोता है। एक समृद्ध विविधता (A Rich Diversity) सभी के लिए भोजन (Food for All) प्रमुख खाद्यान्न वर्गीकरण अनाज का प्रकार उदाहरण (Examples) मुख्य प्रीलिम्स फैक्ट खाद्यान्न / अनाज (Cereals) चावल (जैसे बासमती, सोना मसूदी, पोन्नी, कोल्लम), जौ (Barley), गेहूँ और मक्का। यह अधिकांश भारतीयों का मुख्य आधार भोजन (Staple food) है। मोटे अनाज (Millets / श्रीअन्न) बाजरा (Pearl millet), ज्वार (Sorghum), रागी (Finger millet)। शुष्क और कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण पोषण का स्रोत। दलहन (Pulses / Grams) अरहर, मूंग, मसूर, चना, राजमा, सफेद लोबिया। भारतीय भोजन में प्रोटीन का मुख्य स्रोत। साझा मसाले (Common Spices) हल्दी (Turmeric), जीरा (Cumin), इलायची (Cardamom), अदरक (Ginger)। ये मसाले भौगोलिक सीमाओं से परे पूरे उपमहाद्वीप के व्यंजनों में समान रूप से उपयोग किए जाते हैं। वस्त्र और परिधान (Textiles and Clothing) 1 . साड़ी का ऐतिहासिक संदर्भ 2 . बुनाई, डिज़ाइन और भौगोलिक विविधता साड़ी को अलग-अलग क्षेत्रों में पहनने के तरीके (Draping styles) भिन्न हैं, लेकिन मूल रूप से यह एक ही परिधान है। इसके डिज़ाइनों को कपड़े की बुनाई के दौरान या बुनने के बाद छपाई (Printing) के माध्यम से उभारा जाता है, जिसमें विभिन्न प्रकार के रंजक (Pigments) उपयोग होते हैं। प्रमुख सिल्क साड़ी और उनके क्षेत्र रेशम साड़ी का प्रकार (Silk Sari Type) प्रमुख विशेषता / भौगोलिक क्षेत्र बनारसी (Banarasi) वाराणसी, उत्तर प्रदेश (अपनी भारी जरी और कढ़ाई के लिए प्रसिद्ध)। कांजीवरम (Kanjivaram) तमिलनाडु (कांचीपुरम क्षेत्र की प्रसिद्ध रेशमी साड़ी)। पैठणी (Paithani) महाराष्ट्र (इसके पल्लू पर मोर की आकृति और सोने के धागों का काम होता है)। पाटन पटोला (Patan Patola) पाटन, गुजरात (यह डबल इकत बुनाई – Double Ikkat की एक दुर्लभ कला है)। मूंगा (Muga) असम (मूंगा सिल्क अपनी प्राकृतिक सुनहरी चमक के लिए जाना जाता है)। मैसूर (Mysore) कर्नाटक (शुद्ध रेशम और न्यूनतम सोने के काम के लिए प्रसिद्ध)। त्योहारों की विविधता (Festivals Galore) मकर संक्रांति के विभिन्न क्षेत्रीय नाम त्योहार का नाम (Festival Name) संबद्ध राज्य / क्षेत्र (State / Region) लोहड़ी / माघी (Lohri / Maghi) पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत उत्तरायण (Uttarayan) गुजरात खिचड़ी पर्व (Khichdi Parv) उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तर भारत माघ बिहू (Magh Bihu) असम और पूर्वोत्तर भारत पौष संक्रांति (Poush Songkranti) पश्चिम बंगाल शिशुर संक्रांत (Shishur Saenkraat) जम्मू और कश्मीर / हिमालयी क्षेत्र मकर संक्रांत (Makar Sankraat) राजस्थान / मध्य भारत पेड्डा पांडुगा (Pedda Panduga) आंध्र प्रदेश और तेलंगाना मकर संकमण (Makara Sankramana) कर्नाटक पोंगल (Pongal) तमिलनाडु मकर विलक्कू (Makara Vilakku) केरल (सबरीमाला मंदिर में विशेष उत्सव) महाकाव्य का विस्तार (An Epic Spread) 1. पंचतंत्र 2. भारत के दो महाकाव्य (India’s Two Epics) जनजातीय जुड़ाव और पुरातात्विक साक्ष्य (Tribal Connections & Field Evidence) साहित्यिक कृतियाँ / साक्ष्य संबद्ध जनजाति / क्षेत्र फैक्ट्स पंचतंत्र वैश्विक (50+ भाषाएँ) 2,200 वर्ष पुराना संस्कृत ग्रंथ, व्यावहारिक जीवन कौशल पर आधारित। इरुला जनजाति नीलगिरि, तमिलनाडु ‘पंच पांडवर’ नामक नक्काशीदार पत्थर के मंदिर का संरक्षण करते हैं। महाभारत के लोक संस्करण तमिलनाडु अकेले एक राज्य में लगभग 100 लोक स्वरूप मौजूद हैं। शास्त्रीय कला और वास्तुकला संपूर्ण भारत इनमें भी विविधता के साथ अंतर्निहित एकता (Underlying Unity) दिखाई देती है। Chapter 7 यहाँ पढ़ें:-

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1 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf

1 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत गृह मंत्रालय द्वारा पारदर्शिता और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए FCRA 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई (e-OCI) कार्ड जैसी अत्याधुनिक डिजिटल पहलों की शुरुआत की गई है। कृषि क्षेत्र को टिकाऊ बनाने के लिए जहां ‘खेत बचाओ अभियान’ को राष्ट्रीय मिशन का रूप दिया गया है, वहीं अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान में भारतीय वैज्ञानिकों ने सौर तूफानों (ICMEs) के थर्मल सिग्नेचर की खोज कर वैश्विक स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। GCC कॉन्क्लेव ऑन इनोवेशन 2026: स्टार्टअप और उद्योग सहयोग को नई उड़ान Why in News? (चर्चा में क्यों?) 30 जून 2026 को अटल इनोवेशन मिशन (AIM), नीति आयोग ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ मिलकर बेंगलुरु में ‘GCC कॉन्क्लेव ऑन इनोवेशन 2026’ का आयोजन किया। इसका उद्देश्य भारत के जमीनी स्तर के नवाचार (ग्रासरूट इनोवेशन) और स्टार्टअप्स को वैश्विक दिग्गजों (Global Leaders) से जोड़ना है। इसमें वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCCs), अनुसंधान एवं विकास (R&D) प्रमुखों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। कॉन्क्लेव के मुख्य बिंदु और रणनीतिक कदम 1. भारत का GCC इकोसिस्टम (एक महाशक्ति के रूप में) 2. तीन-स्तरीय नवाचार चक्र इस कॉन्क्लेव में AIM के तीन प्रमुख स्तंभों को वैश्विक उद्योग (GCC) से जोड़ने पर रणनीति बनी: 3. ‘AACESS’ पहल: औद्योगिक विस्तार का नया मंच सहयोग के 4 मुख्य विषय सम्मेलन में चार रणनीतिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई: अध्याय: खेत बचाओ अभियान और हरियाणा का कृषि मॉडल Why in News? (चर्चा में क्यों?) 30 जून 2026 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल स्थित कृषि महाविद्यालय में ‘खेत बचाओ अभियान‘ (Save the Farm Campaign) का समापन समारोह और ‘हरियाणा किसान उत्पादक संगठन (FPO) मिशन’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायाब सिंह सaini ने भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने ‘खेत बचाओ अभियान’ को एक राष्ट्रव्यापी दीर्घकालिक मिशन बनाने की घोषणा की। अभियान के मुख्य नीतिगत बिंदु और रणनीतिक घोषणाएं 1. ‘खेत बचाओ अभियान’ अब एक राष्ट्रीय मिशन 2. हरियाणा का कृषि मॉडल: देश के लिए मार्गदर्शक केंद्रीय मंत्री ने अन्य राज्यों को हरियाणा के निम्नलिखित सफल कृषि और प्रशासनिक सुधारों को अपनाने की सलाह दी: 3. ‘मृदा स्वास्थ्य’ (Soil Health) और संतुलित उर्वरक पर चिंता 4. कृषि में तकनीकी नवाचार: मोबाइल आधारित सॉइल कार्ड जलवायु परिवर्तन और अल नीनो से निपटने की तैयारी मौसम विभाग द्वारा कम वर्षा के अनुमानों को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर निम्नलिखित रणनीतियों पर काम कर रही हैं: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य अभियान का नाम खेत बचाओ अभियान (Save the Fields, Save the Earth) आयोजन स्थल कृषि महाविद्यालय, बावल (रेवाड़ी जिला, हरियाणा) नई पहल की शुरुआत हरियाणा किसान उत्पादक संगठन (FPO) मिशन का शुभारंभ प्रोत्साहन राशि धान से दलहन की ओर शिफ्ट करने पर ₹8,000 प्रति एकड़ (हरियाणा सरकार) तकनीकी समाधान सॉइल हेल्थ कार्ड को सीधे मोबाइल एप्लीकेशन से जोड़ने की योजना प्रमुख नारा “संतुलित उर्वरक ही स्वस्थ पृथ्वी की कुंजी है” तथा “खेत बचाओ, भविष्य बचाओ” राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 और ‘सरस शक्ति’ पहल Why in News? (चर्चा में क्यों?) ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन (RGVS) 2026 का समापन 29 जून 2026 को हुआ। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित ग्राम, विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को गति देना था। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए ‘सरस शक्ति’ (SARAS Shakti) कलेक्शन और एक कॉफी टेबल बुक लॉन्च की। सम्मेलन के मुख्य बिंदु और रणनीतिक निर्णय 1. ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय मजबूत करने तथा ग्रामीण विकास की निम्नलिखित फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा पर बल दिया गया: 2. स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का सशक्तिकरण 3. ‘सारस आजीविका’ और ‘सारस शक्ति’ लॉन्च सरस आजीविका गैलरी: क्षेत्रीय कला का प्रदर्शन सम्मेलन के दौरान प्रदर्शित गैलरी में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और हस्तशिल्प विविधता को दिखाया गया, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं: सौर तूफानों के थर्मल सिग्नेचर और अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान Why in News? (चर्चा में क्यों?) 30 जून 2026 को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत एक स्वायत्त संस्थान, भारतीय ताराभौतिकी संस्थान (IIA), बेंगलुरु के खगोल वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। शोधकर्ताओं ने पृथ्वी की ओर आने वाले बड़े सौर विस्फोटों, जिन्हें इंटरप्लेनेटरी कोरोनल मास इजेक्शन (ICMEs) कहा जाता है, के ‘थर्मल व्यवहार’ (तापमान में बदलाव) का पहला दीर्घकालिक सांख्यिकीय अध्ययन किया है। यह शोध प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘मंथली नोटिसेज ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी’ (MNRAS) में प्रकाशित हुआ है। क्या होते हैं ICMEs और उनके प्रभाव? शोध के मुख्य निष्कर्ष यह अध्ययन 1995 से 2024 तक (लगभग 29 वर्षों और तीन सौर चक्रों- 23, 24, 25) के डेटा पर आधारित है, जिसे नासा (NASA) के ओम्नी (OMNI) डेटाबेस से लिया गया था। 1. पॉलीट्रोपिक इंडेक्स वैज्ञानिकों ने प्रत्येक ICME के भीतर दबाव/तापमान और घनत्व के संबंध को मापने के लिए पॉलीट्रोपिक इंडेक्स की गणना की। इससे प्लाज्मा के गर्म या ठंडे होने की अवस्था का पता चलता है। 2. सौर तूफान अंतरिक्ष में ठंडे नहीं, ‘थर्मिकली एक्टिव’ होते हैं 3. सौर चक्रों के साथ बदलाव शोध में पाया गया कि सौर चक्र-23 (Solar Cycle 23) के दौरान सौर तूफान अधिक गर्म अवस्था में थे, जबकि सौर चक्र-24 में वे अधिक ठंडे (Cooling-dominated) अवस्था में बदल गए। यह दर्शाता है कि सौर चक्र का चुंबकीय वातावरण इन तूफानों के तापमान को नियंत्रित करता है। 4. सबसे विनाशकारी तूफानों की पहचान पृथ्वी पर आने वाले सबसे गंभीर और प्रभावी (Geoeffective) सौर तूफान उन ICMEs के कारण आते हैं जो गर्म अवस्था (कम पॉलीट्रोपिक इंडेक्स-में होते हैं। इनमें मजबूत चुंबकीय क्षेत्र और तीव्र विस्तार गति (Expansion Speed) होती है। अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान में भारत का अगला कदम: आदित्य-L1 IIA के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस थर्मल मॉडल को भविष्य में भारत के आदित्य-L1 मिशन से मिलने वाले आंकड़ों के साथ जोड़ा जाएगा। आदित्य-L1 पर लगे कोरोनोग्राफ और

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NCERT Notes Class 6 Social science (Geography) Chapter 7: India’s Cultural Roots

NCERT Notes Class 6 Social science (Geography) Chapter 7: India’s Cultural Roots के अंतर्गत प्राचीन भारत में केवल भौतिक सीमाओं का विस्तार नहीं हुआ, बल्कि ज्ञान, सहिष्णुता, और सार्वभौमिक कल्याण (वसुधैव कुटुंबकम) के सिद्धांतों का जन्म हुआ। इसमें वैदिक काल के विचार मंतव्यों, उपनिषदों के आध्यात्मिक चिंतन, तथा जैन और बौद्ध धर्म के रूप में उभरे सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों का बुनियादी और सटीक विवरण मिलता है। यह अध्याय केवल ऐतिहासिक तथ्यों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह वर्तमान भारतीय समाज के नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों के मूल स्रोतों (Roots) को तलाशने का एक गंभीर प्रयास है। वेद और वैदिक संस्कृति (The Vedas and Vedic Culture) 1. वेद क्या हैं? (What are the Vedas?) 2. वैदिक समाज (Vedic society) 3. वैदिक विचारधाराएं/दर्शन बौद्ध धर्म (Buddhism) 1. सिद्धार्थ गौतम का जीवन और ज्ञानोदय 2. बुद्ध की शिक्षाएँ और संगठन उपनिषदों की कहानियाँ 1. श्वेतकेतु और वास्तविकता का बीज 2. नचिकेता और उसकी खोज 3. गार्गी और याज्ञवल्क्य का शास्त्रार्थ जैन धर्म (Jainism) जैन धर्म के तीन मुख्य स्तंभ/शिक्षाएँ: जातक कथाएँ और जैन कहानियाँ 1. जातक कथाएँ 2. रोहिणेय की जैन कहानी भिक्षु, गुफाएं और अन्य दर्शन लोक और जनजातीय जड़ें (Folk and Tribal Roots) 1. सांस्कृतिक आत्मसात और आदान-प्रदान के उदाहरण (Cultural Exchange Examples) 2. प्रकृति पूजा और चेतना (Nature Worship and Consciousness) 3. जनजातीय समाज में ‘सर्वोच्च ईश्वर’ की अवधारणा (Concept of Supreme Divinity) कई देवी-देवताओं की पूजा के बावजूद, विभिन्न जनजातियों में एक ‘सर्वोच्च सत्ता’ या ‘परमेश्वर’ की स्पष्ट अवधारणा मिलती है: जनजाति / क्षेत्र सर्वोच्च देवता (Supreme Deity) विशेषता अरुणाचल प्रदेश की जनजातियाँ दोन्यी-पोलो सूर्य (Donyi) और चंद्रमा (Polo) का संयुक्त रूप, जिन्हें सर्वोच्च भगवान का दर्जा प्राप्त है। मध्य भारत (Central India) खंडोबा मध्य भारत के कुछ हिस्सों में पूजे जाने वाले प्रमुख देव। पूर्वी भारत (Munda & Santhal) सिंगबोंगा मुंडा और संथाल जनजातियों के सर्वोच्च देवता, जिन्होंने इस पूरे संसार की रचना की। Chapter-3 यहाँ पढ़ें:-

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