1 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf
1 July 2026 PIB Summary for UPSC in Hindi Pdf के अंतर्गत गृह मंत्रालय द्वारा पारदर्शिता और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए FCRA 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई (e-OCI) कार्ड जैसी अत्याधुनिक डिजिटल पहलों की शुरुआत की गई है। कृषि क्षेत्र को टिकाऊ बनाने के लिए जहां ‘खेत बचाओ अभियान’ को राष्ट्रीय मिशन का रूप दिया गया है, वहीं अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान में भारतीय वैज्ञानिकों ने सौर तूफानों (ICMEs) के थर्मल सिग्नेचर की खोज कर वैश्विक स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। GCC कॉन्क्लेव ऑन इनोवेशन 2026: स्टार्टअप और उद्योग सहयोग को नई उड़ान Why in News? (चर्चा में क्यों?) 30 जून 2026 को अटल इनोवेशन मिशन (AIM), नीति आयोग ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ मिलकर बेंगलुरु में ‘GCC कॉन्क्लेव ऑन इनोवेशन 2026’ का आयोजन किया। इसका उद्देश्य भारत के जमीनी स्तर के नवाचार (ग्रासरूट इनोवेशन) और स्टार्टअप्स को वैश्विक दिग्गजों (Global Leaders) से जोड़ना है। इसमें वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCCs), अनुसंधान एवं विकास (R&D) प्रमुखों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। कॉन्क्लेव के मुख्य बिंदु और रणनीतिक कदम 1. भारत का GCC इकोसिस्टम (एक महाशक्ति के रूप में) 2. तीन-स्तरीय नवाचार चक्र इस कॉन्क्लेव में AIM के तीन प्रमुख स्तंभों को वैश्विक उद्योग (GCC) से जोड़ने पर रणनीति बनी: 3. ‘AACESS’ पहल: औद्योगिक विस्तार का नया मंच सहयोग के 4 मुख्य विषय सम्मेलन में चार रणनीतिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई: अध्याय: खेत बचाओ अभियान और हरियाणा का कृषि मॉडल Why in News? (चर्चा में क्यों?) 30 जून 2026 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल स्थित कृषि महाविद्यालय में ‘खेत बचाओ अभियान‘ (Save the Farm Campaign) का समापन समारोह और ‘हरियाणा किसान उत्पादक संगठन (FPO) मिशन’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायाब सिंह सaini ने भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने ‘खेत बचाओ अभियान’ को एक राष्ट्रव्यापी दीर्घकालिक मिशन बनाने की घोषणा की। अभियान के मुख्य नीतिगत बिंदु और रणनीतिक घोषणाएं 1. ‘खेत बचाओ अभियान’ अब एक राष्ट्रीय मिशन 2. हरियाणा का कृषि मॉडल: देश के लिए मार्गदर्शक केंद्रीय मंत्री ने अन्य राज्यों को हरियाणा के निम्नलिखित सफल कृषि और प्रशासनिक सुधारों को अपनाने की सलाह दी: 3. ‘मृदा स्वास्थ्य’ (Soil Health) और संतुलित उर्वरक पर चिंता 4. कृषि में तकनीकी नवाचार: मोबाइल आधारित सॉइल कार्ड जलवायु परिवर्तन और अल नीनो से निपटने की तैयारी मौसम विभाग द्वारा कम वर्षा के अनुमानों को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर निम्नलिखित रणनीतियों पर काम कर रही हैं: प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष त्वरित तथ्य घटक / बिंदु प्रारंभिक परीक्षा हेतु त्वरित तथ्य अभियान का नाम खेत बचाओ अभियान (Save the Fields, Save the Earth) आयोजन स्थल कृषि महाविद्यालय, बावल (रेवाड़ी जिला, हरियाणा) नई पहल की शुरुआत हरियाणा किसान उत्पादक संगठन (FPO) मिशन का शुभारंभ प्रोत्साहन राशि धान से दलहन की ओर शिफ्ट करने पर ₹8,000 प्रति एकड़ (हरियाणा सरकार) तकनीकी समाधान सॉइल हेल्थ कार्ड को सीधे मोबाइल एप्लीकेशन से जोड़ने की योजना प्रमुख नारा “संतुलित उर्वरक ही स्वस्थ पृथ्वी की कुंजी है” तथा “खेत बचाओ, भविष्य बचाओ” राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 और ‘सरस शक्ति’ पहल Why in News? (चर्चा में क्यों?) ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन (RGVS) 2026 का समापन 29 जून 2026 को हुआ। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित ग्राम, विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को गति देना था। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए ‘सरस शक्ति’ (SARAS Shakti) कलेक्शन और एक कॉफी टेबल बुक लॉन्च की। सम्मेलन के मुख्य बिंदु और रणनीतिक निर्णय 1. ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय मजबूत करने तथा ग्रामीण विकास की निम्नलिखित फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा पर बल दिया गया: 2. स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का सशक्तिकरण 3. ‘सारस आजीविका’ और ‘सारस शक्ति’ लॉन्च सरस आजीविका गैलरी: क्षेत्रीय कला का प्रदर्शन सम्मेलन के दौरान प्रदर्शित गैलरी में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और हस्तशिल्प विविधता को दिखाया गया, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं: सौर तूफानों के थर्मल सिग्नेचर और अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान Why in News? (चर्चा में क्यों?) 30 जून 2026 को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत एक स्वायत्त संस्थान, भारतीय ताराभौतिकी संस्थान (IIA), बेंगलुरु के खगोल वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। शोधकर्ताओं ने पृथ्वी की ओर आने वाले बड़े सौर विस्फोटों, जिन्हें इंटरप्लेनेटरी कोरोनल मास इजेक्शन (ICMEs) कहा जाता है, के ‘थर्मल व्यवहार’ (तापमान में बदलाव) का पहला दीर्घकालिक सांख्यिकीय अध्ययन किया है। यह शोध प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘मंथली नोटिसेज ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी’ (MNRAS) में प्रकाशित हुआ है। क्या होते हैं ICMEs और उनके प्रभाव? शोध के मुख्य निष्कर्ष यह अध्ययन 1995 से 2024 तक (लगभग 29 वर्षों और तीन सौर चक्रों- 23, 24, 25) के डेटा पर आधारित है, जिसे नासा (NASA) के ओम्नी (OMNI) डेटाबेस से लिया गया था। 1. पॉलीट्रोपिक इंडेक्स वैज्ञानिकों ने प्रत्येक ICME के भीतर दबाव/तापमान और घनत्व के संबंध को मापने के लिए पॉलीट्रोपिक इंडेक्स की गणना की। इससे प्लाज्मा के गर्म या ठंडे होने की अवस्था का पता चलता है। 2. सौर तूफान अंतरिक्ष में ठंडे नहीं, ‘थर्मिकली एक्टिव’ होते हैं 3. सौर चक्रों के साथ बदलाव शोध में पाया गया कि सौर चक्र-23 (Solar Cycle 23) के दौरान सौर तूफान अधिक गर्म अवस्था में थे, जबकि सौर चक्र-24 में वे अधिक ठंडे (Cooling-dominated) अवस्था में बदल गए। यह दर्शाता है कि सौर चक्र का चुंबकीय वातावरण इन तूफानों के तापमान को नियंत्रित करता है। 4. सबसे विनाशकारी तूफानों की पहचान पृथ्वी पर आने वाले सबसे गंभीर और प्रभावी (Geoeffective) सौर तूफान उन ICMEs के कारण आते हैं जो गर्म अवस्था (कम पॉलीट्रोपिक इंडेक्स-में होते हैं। इनमें मजबूत चुंबकीय क्षेत्र और तीव्र विस्तार गति (Expansion Speed) होती है। अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान में भारत का अगला कदम: आदित्य-L1 IIA के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस थर्मल मॉडल को भविष्य में भारत के आदित्य-L1 मिशन से मिलने वाले आंकड़ों के साथ जोड़ा जाएगा। आदित्य-L1 पर लगे कोरोनोग्राफ और